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                <title>Strategic Deployment - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Strategic Deployment RSS Feed</description>
                
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                <title>फिलीपींस ने ताइवान के पास तैनात की ब्रह्मोस मिसाइलें: टेंशन में ड्रैगन, चीन के पास ब्रह्मोस मिसाइलों की तैनाती</title>
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                        <![CDATA[फिलीपींस ने भारत निर्मित ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइलों को रणनीतिक लूजोन स्ट्रेट (ताइवान के करीब) में तैनात कर दिया है। चीनी नौसेना की गतिविधियों पर लगाम लगाने हेतु कोस्टल डिफेंस रेजिमेंट को सक्रिय किया गया है। साथ ही, ब्रह्मोस की सुरक्षा के लिए भारत के आकाश एयर डिफेंस सिस्टम को खरीदने पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/philippines-deploys-brahmos-missiles-near-taiwan-dragon-in-tension-deploys/article-146185"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(7).png" alt=""></a><br /><p>मनीला/बीजिंग। फिलीपींस ने भारत के सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस को चीन की चौखट के पास तैनात कर दिया है। फिलीपींस मीडिया ने बताया है कि देश के सबसे उत्तरी इलाकों में फिलीपीन मरीन कॉर्प्स ब्रह्मोस सुपरसोनिक एंटी-शिप मिसाइल से लैस कोस्टल डिफेंस रेजिमेंट के एक हिस्से को शामिल किया जा रहा है। इस तैनाती के बाद मरीन फोर्स की नई समुद्री स्ट्राइक क्षमताओं की पहुंच रणनीतिक लूजोन स्ट्रेट तक बढ़ जाएगी।</p>
<p>नेवल न्यूज ने बताया है कि फिलीपींस मरीन कॉर्प्स ने अपनी 273वीं मरीन कंपनी को एक्टिव कर दिया है जो खास तौर से ब्रह्मोस एंटी-शिप मिसाइल बटालियन का हिस्सा है। जिस लोकेशन पर ब्रह्मोस मिसाइलों को तैनात किया गया है वो काफी ज्यादा रणनीतिक तौर पर अहमियत रखता है। यह यूनिट कैंप केप बोजेडोर में तैनात की गई है जो लुजोन द्वीप के बिल्कुल उत्तर-पश्चिमी छोर पर स्थित है। यहां से फिलीपींस चीन और ताइवान पर नजर रखता है।</p>
<p>ब्रिगेड के सोशल मीडिया पोस्ट से कोस्टल डिफेंस रेजिमेंट की ब्रह्मोस मिसाइलों के लिए एक बेस बनाने की योजना का संकेत मिलता है। यह बेस ताइवान के काफी नजदीक है। जिससे पता चलता है कि ब्रह्मोस मिसाइलों की तैनाती का मकसद दक्षिण चीन सागर में चीनी नौसेना की गतिविधियों पर लगाम लगाना और संभावित ताइवान युद्ध के असर से अपने देश को बचाना है। नेवल न्यूज ने ये भी बताया है कि यूनिट की एयर-डिफेंस बटालियन ने अपनी ब्रह्मोस बैटरी की सुरक्षा के लिए भारत में बने आकाश सरफेस-टू-एयर मिसाइल सिस्टम पर नजर रखी है। उत्तरी लुजोन में ब्रह्मोस की तैनाती से पता चलता है कि फिलीपींस ने अपनी रणनीति बदल दी है। </p>
<p>इसने चौथी ब्रिगेड को देश के दक्षिणी इलाकों से हटाकर अब उत्तरी इलाकों (ताइवान के करीब) में शिफ्ट कर दिया है। इस बेस पर खास तौर से भारत से खरीदी गई ब्रह्मोस मिसाइलों के लिए स्थायी इंफ्रास्ट्रक्चर और शेल्टर बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा हो सकता है कि आने वाले वक्त में फिलीपींस भारत से आकाश एयर डिफेंस सिस्टम भी खरीदे। आकाश ने पिछले साल पाकिस्तान के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन किया था जिससे फिलीपींस में इसे खरीदने पर विचार किया जा रहा है।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Mar 2026 11:42:08 +0530</pubDate>
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                <title>ईरानी हमलों से बचाव के लिए जार्डन में तैनाती; ईरान को भी मिला इनपुट, चीनी सैटेलाइट्स ने दिखाई अमेरिकी थाड की तैनाती</title>
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                        <![CDATA[चीनी सैटेलाइट तस्वीरों ने जॉर्डन के एयरबेस पर अमेरिकी थाड मिसाइल डिफेंस सिस्टम की गुप्त तैनाती उजागर की है। ईरान से बढ़ते तनाव के बीच यह कदम क्षेत्र में अमेरिकी सुरक्षा को अभेद्य बनाने की रणनीति है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/deployed-in-jordan-to-protect-against-iranian-attacks-iran-also/article-143311"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-600-px)14.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच चीनी कॉमर्शियल सैटेलाइट कंपनी मिजारविजन की तस्वीरों ने बड़ा खुलासा किया है। इनमें जॉर्डन के मुवाफक साल्टी एयर बेस पर अमेरिकी आर्मी की थाड (टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस) मिसाइल डिफेंस सिस्टम की तैनाती साफ दिख रही है। यह बेस अमेरिकी फौजों का मिडिल ईस्ट में सबसे महत्वपूर्ण फॉरवर्ड लोकेशन बनता जा रहा है। ईरान के खिलाफ किसी कार्रवाई से पहले अमेरिका अपनी रक्षा मजबूत करनी करना चाहाता है। </p>
<p><strong>थाड सिस्टम क्या है और क्यों तैनात किया गया?</strong></p>
<p>थाड एक एडवांस एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम है जो ऊंचाई पर आने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराता है। यह वायुमंडल के अंदर और बाहर दोनों जगह काम करता है। अमेरिकी आर्मी के पास सिर्फ 8 थाड बैटरी हैं। इंटरसेप्टर मिसाइलों का स्टॉक बहुत सीमित है।</p>
<p><strong>जॉर्डन में तैनाती का मतलब...</strong></p>
<ul>
<li>अमेरिकी फौजों की बड़ी संख्या को ईरान के संभावित हमलों से बचाना।</li>
<li>अक्टूबर 2024 से इजरायल में भी कम से कम एक बैटरी तैनात है।</li>
<li>जॉर्डन का बेस ईरान के करीब है, इसलिए यह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।</li>
</ul>
<p><strong>चीनी सैटेलाइट्स का रोल और संभावित संकेत</strong></p>
<p>ये तस्वीरें सार्वजनिक होने से पहले यह तैनाती गुप्त थी। अब सवाल उठ रहा है कि क्या चीन जानबूझकर यह जानकारी ईरान तक पहुंचा रहा है? कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि चीनी युद्धपोत पर्सियन गल्फ के पास तैनात हैं, जो अपने सेंसर से अमेरिकी गतिविधियों पर नजर रखकर ईरान को इंटेलिजेंस दे सकते हैं। इससे चीन अमेरिका को संदेश दे रहा हो सकता है कि वह ईरान की मदद करेगा, जिससे अमेरिकी हमले की संभावना कम हो। सैटेलाइट टेक्नोलॉजी की वजह से अब जमीनी तैनाती छिपाना मुश्किल हो गया है। इजरायल ने भी ईरान के हमलों के बाद सैटेलाइट जैमिंग की थी ताकि नुकसान का आकलन न हो सके।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 11:04:19 +0530</pubDate>
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