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                <title>Legal Battle - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>दिल्ली आबकारी नीति मामला : केजरीवाल के बाद मनीष सिसोदिया ने किया स्वर्णकांता की अदालत में पेश होने से इनकार, बोले-सत्याग्रह के अलावा कोई विकल्प नहीं </title>
                                    <description><![CDATA[अरविंद केजरीवाल के बाद अब मनीष सिसोदिया ने भी न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत का बहिष्कार किया है। उन्होंने पत्र लिखकर कार्यवाही में शामिल होने से इनकार करते हुए इसे 'अंतरात्मा और भरोसे' की लड़ाई बताया। सिसोदिया ने स्पष्ट किया कि निष्पक्ष न्याय की उम्मीद में वे अब सत्याग्रह का मार्ग अपनाएंगे और उच्चतम न्यायालय का रुख करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/delhi-excise-policy-case-after-kejriwal-manish-sisodia-refused-to/article-151925"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/manish_sisodia_630x400.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल के बाद अब दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा को पत्र लिखकर सूचित किया है कि न तो वह और न ही उनके वकील उनकी अदालत में पेश होंगे। मनीष सिसोदिया ने अपने पत्र और सोशल मीडिया 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि 'पूर्ण सम्मान के साथ', उनकी अंतरात्मा उन्हें वर्तमान परिस्थितियों में न्यायमूर्ति के समक्ष कार्यवाही में भाग लेना जारी रखने की अनुमति नहीं देती है। उन्होंने लिखा, "यह किसी व्यक्ति का सवाल नहीं है, बल्कि उस भरोसे का सवाल है जिस पर न्याय व्यवस्था टिकी है कि हर नागरिक को न केवल न्याय मिलना चाहिए, बल्कि न्याय होते हुए दिखना भी चाहिए।"</p>
<p>पूर्व उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका और संविधान में उनकी आस्था 'अटल' है लेकिन जब मन में गंभीर संदेह पैदा होते हैं, तो केवल औपचारिक भागीदारी उचित नहीं होती। उन्होंने कहा, "इसलिए, मेरे पास सत्याग्रह के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।" यह कदम केजरीवाल द्वारा इसी तरह का रुख अपनाने के कुछ ही समय बाद आया है, जिन्होंने अपनी रिक्यूजल याचिका (न्यायाधीश को मामले से हटने की अर्जी) खारिज होने के बाद अदालत में पेश होने से इनकार कर दिया था। ये घटनाक्रम एक दुर्लभ और तीखे टकराव को दर्शाते हैं, जिसमें आम आदमी पार्टी (आप) के दोनों वरिष्ठ नेताओं ने अदालती कार्यवाही का बहिष्कार करने का फैसला किया है। साथ ही उन्होंने संकेत दिया है कि वे उच्चतम न्यायालय के समक्ष कानूनी उपाय अपनायेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 14:34:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>PhysicsWallah को आयकर विवाद में आंशिक राहत,  टैक्स डिमांड घटाकर 263.34 करोड़ रुपये से 192.7 करोड़ रुपये हुई</title>
                                    <description><![CDATA[एडटेक दिग्गज PhysicsWallah को आयकर विभाग से आंशिक राहत मिली है। कंपनी की टैक्स डिमांड ₹263.34 करोड़ से घटकर ₹192.7 करोड़ रह गई है। निवेश को आय मानने के विवाद पर कंपनी ने अपील दायर की है। मजबूत वित्तीय प्रदर्शन के बीच कंपनी का दावा है कि इस कानूनी लड़ाई का उसके बिजनेस पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/physicswallah-gets-relief-in-tax-dispute-income-tax-department-reduces/article-150576"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)10.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। एडटेक कंपनी PhysicsWallah को आयकर विवाद में आंशिक राहत मिली है। आयकर विभाग ने कंपनी पर लगाया गया टैक्स डिमांड घटाकर 263.34 करोड़ रुपये से 192.7 करोड़ रुपये कर दिया है। यह संशोधन कंपनी द्वारा दायर रेक्टिफिकेशन आवेदन के बाद किया गया। कंपनी ने संशोधित आदेश के खिलाफ आयुक्त (अपील) के समक्ष अपील भी दायर कर दी है और कहा है कि शेष मांग को चुनौती देने के लिए उसके पास मजबूत कानूनी आधार हैं। यह आदेश 13 अप्रैल को आयकर अधिनियम की धारा 154 और 143(3) के तहत जारी हुआ।</p>
<p>मामला वित्त वर्ष 2023-24 में प्राप्त निवेश को टैक्सेबल आय मानने से जुड़ा है। हालांकि, कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इस विवाद का उसके कारोबार या वित्तीय स्थिति पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। इस बीच, कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा है और हालिया तिमाही में मुनाफा और राजस्व दोनों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 18:51:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सरकारी ठेकों के मामले में अरूणाचल सीएम खांडू का सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका : सीबीआई जांच के आदेश, पढ़ें पूरा मामला</title>
                                    <description><![CDATA[अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उनके परिवार से जुड़ी कंपनियों को 1,270 करोड़ रुपये के सरकारी ठेके देने के आरोपों की CBI जांच का निर्देश दिया है। 2015 से 2025 के बीच हुई अनियमितताओं की जांच 16 हफ्तों में पूरी होगी, जिससे राज्य की राजनीति में हड़कंप मच गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/arunachal-pradesh-cm-khandu-gets-a-big-blow-from-the/article-149260"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/pema-khandu.png" alt=""></a><br /><p>अरूणाचल प्रदेश। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू पर मुश्किलों के बादल मंडराने लगे है क्योंकि सरकारी ठेका आवंटन से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उनको बड़ा झटका दिया है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने उनके परिवार से जुड़ी कंपनियों को सरकारी ठेके देने के आरोपों की जांच के लिए सीबीआई को निर्देश जारी किए हैं। बता दें कि यह विवाद करीब 1,270 करोड़ रुपये के ठेकों में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है, जिसमें सीएम पेमा खांडू परिवार की चार कंपनियों के शामिल होने का आरोप है। </p>
<p>सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने और जांच एजेंसी के साथ पूरा सहयोग करने का आदेश जारी किया है और साथ ही मुख्य सचिव को समन्वय के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का भी आदेश दिया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी भी तरह का रिकॉर्ड नष्ट नहीं होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, सीबीआई नवंबर 2015 से 2025 के बीच दिए गए ठेकों और उनके क्रियान्वयन की प्रक्रिया की भी शुरूआत से जांच करेगी। कोर्ट ने आगे कहा कि इस दौरान सीबीआई विशेष रूप से उन मामलों की पड़ताल करेगी, जिनमें याचिकाकर्ताओं ने अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। </p>
<p>इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को एक सप्ताह के भीतर आदेश का पालन करने का भी आदेश जारी किया है। याचिका में दावा किया गया है कि इस अवधि में करीब 1,245 करोड़ रुपये के ठेके मुख्यमंत्री की पत्नी, माता और भतीजे से जुड़ी फर्मों को बिना उचित प्रक्रिया के दिए गए। इस याचिका में तवांग से विधायक त्सेरिंग ताशी की कंपनी का भी नाम शामिल है। कोर्ट ने सीबीआई को 16 सप्ताह के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट देने के लिए कहा है, जिससे यह तय किया जा सके कि आगे स्वतंत्र जांच की आवश्यकता है या नहीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 14:28:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मेटा पर लगा 3000 करोड़ रुपए का जुर्माना बच्चों को सेक्सुअल कंटेंट दिखाने का आरोप, मेटा की दलील क्या है?</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका के न्यू मैक्सिको में जूरी ने मेटा पर $375 मिलियन का जुर्माना लगाया है। व्हिसलब्लोअर ओतुर्रो बेहर के खुलासे के बाद कंपनी पर फेसबुक और इंस्टाग्राम पर नाबालिगों को असुरक्षित कंटेंट परोसने और गुमराह करने का दोष सिद्ध हुआ। हालांकि, मेटा ने इन आरोपों को चुनौती देने की बात कही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/meta-fined-rs-3000-crore-for-showing-sexual-content-to/article-147907"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/meta.png" alt=""></a><br /><p>न्यूयार्क। अमेरिकी टेक कंपनी मेटा पर अमेरिका के न्यू मैक्सिको में एक जूरी ने 375 मिलियन डॉलर यानी करीब 3,000 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। वजह है बच्चों की सुरक्षा में बड़ी लापरवाही और प्लेटफॉर्म पर हुए नुकसान। मामला दरअसल 2023 में शुरू हुआ था, जब न्यू मैक्सिको के अटॉर्नी जनरल ने मेटा के खिलाफ केस दायर किया। आरोप था कि कंपनी ने अपने प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप को सिक्योर बताकर यूजर्स को गुमराह किया, जबकि हकीकत में वहां बच्चों को गंभीर खतरे का सामना करना पड़ा।</p>
<p><strong>गलत कंटेंट दिखाए जाने का आरोप</strong></p>
<p>कोर्ट में पेश सबूतों में यह बात सामने आई कि कई मामलों में नाबालिग यूजर्स को गलत कंटेंट दिखा और उन्हें प्रीडेटर्स तक पहुंच मिल गई। जांच में यह भी सामने आया कि कंपनी को इन खतरों की जानकारी थी, लेकिन समय रहते कदम नहीं उठाए गए।  जूरी ने माना कि मेटा ने कंज्यूमर प्रोटेक्शन कानून का उल्लंघन किया और प्लेटफॉर्म की सुरक्षा को लेकर गलत जानकारी दी। इस केस को खास इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि यह पहली बार है जब किसी जूरी ने सीधे तौर पर मेटा को उसके प्लेटफॉर्म पर होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार ठहराया है।</p>
<p><strong>मेटा के ही पूर्व कर्मचारी का आरोप</strong></p>
<p>रिपोर्ट्स के मुताबिक मेटा पर मुकदमा करने वाले शख्स का नाम ओतुर्रो बेहर  है। वो पहले मेटा में इंजीनियरिंग लीडर के तौर पर काम कर रहे थे। 2021 में उन्होंने कंपनी छोड़ी और व्हिसिलब्लोअर बन गए। यानी स्कैम्स और गलतियों को उजागर करना शुरू कर दिया। उन्होंने इंस्टाग्राम पर कई सारे एक्स्पेरिमेंट्स करके टेस्टिफाई किया है कि इंस्टाग्राम पर नाबालिगों को भी कंपनी सेक्सुअल कंटेंट दिखा रही है।</p>
<p>फैसले के बाद मेटा ने कहा है कि वह इस फैसले से सहमत नहीं है और कंपनी इसे चैलेंज करेगी। कंपनी का कहना है कि वह अपने प्लेटफॉर्म को सिक्योर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है और गलत कंटेंट हटाने के लिए बड़े लेवल पर सिस्टम लगा चुकी है। हालांकि एक्सपर्ट्स कहते हैं कि कंपनी जानबूझ कर ऐसा करती है ताकि यूजर्स प्लेटफॉर्म पर बने रहें। सोशल मीडिया को लेकर पहले से ही यह बहस चल रही थी कि क्या ये प्लेटफॉर्म बच्चों के लिए सुरक्षित हैं। अब कोर्ट के इस फैसले ने इस बहस को और तेज कर दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 09:24:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्या बदल जाएगा युवा कांग्रेस कार्यालय का पता? संपदा निदेशालय ने जारी किया 24 अकबर रोड़ स्थित कार्यालय खाली करने का नोटिस, 28 मार्च तक का दिया है समय</title>
                                    <description><![CDATA[संपदा निदेशालय ने कांग्रेस पार्टी को उसके ऐतिहासिक 24 अकबर रोड और युवा कांग्रेस कार्यालय को 28 मार्च तक खाली करने का अल्टीमेटम दिया है। राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने इसे 'अलोकतांत्रिक' करार देते हुए कानूनी लड़ाई के संकेत दिए हैं। पार्टी अब इस बेदखली नोटिस के खिलाफ अदालत का रुख करने की योजना बना रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/will-the-address-of-youth-congress-office-change-directorate-of/article-147839"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/delhi-congress-office.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सरकार ने कांग्रेस पार्टी को उसके 24 अकबर रोड स्थित कार्यालय और पांच रायसीना रोड स्थित युवा कांग्रेस कार्यालय को ख़ाली करने को कहा है। सूत्रों के अनुसार संपदा निदेशालय ने नोटिस भेजकर कांग्रेस से ये दोनों कार्यालय 28 मार्च तक खाली करने को कहा है। कांग्रेस पार्टी ने पिछले वर्ष अपना मुख्यालय इंद्रा भवन में स्थानांतरित कर लिया था लेकिन वह 24 अकबर रोड़ पर अपना कार्यालय बनाये हुये है। नोटिस के संबंध में कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह नोटिस दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। </p>
<p>उन्हाेंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सरकार लोकतांत्रिक नहीं है। पार्टी इस मसले पर वैधानिक और राजनीतिक रूप से चर्चा कर आगे क़दम उठायेगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार कांग्रेस इस मसले पर अदालत का रुख़ अख़्तियार करने की तैयारी कर रही है। गौरतलब है कि करीब 48 वर्षों से 24 अकबर रोड के बंगले में कांग्रेस का मुख्यालय है। इसी कार्यालय से कांग्रेस पार्टी के कई महत्वपूर्ण राजनीतिक निर्णय लिए गए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Mar 2026 15:12:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन उत्पीडऩ का मामला दर्ज करवाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पर जानलेवा हमला, लहूलुहान हालत में पहुंचे प्रयागराज, पुलिस जांच शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला दायर करने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पर रीवा एक्सप्रेस में जानलेवा हमला हुआ। फतेहपुर के पास अज्ञात हमलावर ने धारदार हथियार से उन पर वार किए। घायल ब्रह्मचारी ने प्रयागराज पहुँचकर एफआईआर दर्ज कराई और इस हमले के पीछे साजिश की आशंका जताई है। फिलहाल उनका इलाज जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/deadly-attack-on-ashutosh-brahmachari-who-had-filed-a-case/article-145712"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/ashutosh-brahmachari-attack.png" alt=""></a><br /><p>प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ न्यायालय में यौन उत्पीडऩ का मामला दायर करने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पर रविवार को रीवा एक्सप्रेस ट्रेन में जानलेवा हमला कर दिया गया। हमलावर ने उन पर धारदार हथियार से वार किया, जिसमें वह घायल हो गए।</p>
<p>जानकारी के अनुसार, आशुतोष ब्रह्मचारी गाजियाबाद से रीवा एक्सप्रेस के एच-1 कोच में सवार होकर प्रयागराज आ रहे थे। इसी दौरान फतेहपुर और कौशांबी जिले के सिराथू रेलवे स्टेशन के बीच ट्रेन में उन पर हमला कर दिया गया। आशुतोष ब्रह्मचारी ने बताया कि हमलावर ने धारदार हथियार से उन पर कई वार किए और उनकी नाक काटने की कोशिश भी की। जान बचाने के लिए उन्होंने खुद को ट्रेन के टॉयलेट में बंद कर लिया, जिससे उनकी जान बच सकी। बताया जा रहा है कि हमले में उन्हें कई जगह चोटें आई हैं और वह लहूलुहान हालत में प्रयागराज जंक्शन पहुंचे।</p>
<p>यहां पहुंचने के बाद उन्होंने जीआरपी थाने में मामले की एफआईआर दर्ज कराई। इसके बाद उन्हें मेडिकल परीक्षण के लिए कॉल्विन अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है। फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।</p>
<p>आशुतोष ब्रह्मचारी ने इस हमले के पीछे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर साजिश रचने का शक जताया है। आशुतोष ब्रह्मचारी मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद से जुड़े मामले की सुनवाई के सिलसिले में 12 मार्च को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में पेश होने के लिए प्रयागराज आ रहे थे। इसके अलावा स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर लगाए गए यौन शोषण के आरोप से जुड़े मामले में भी हाईकोर्ट में जवाब दाखिल किया जाना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Mar 2026 15:37:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>कनाडा में रूसी विमान एन-124 की जब्ती का मामला अभी भी अदालतों में चल रहा है: ओलेग स्टेपनोव</title>
                                    <description><![CDATA[कनाडा की अदालत में रूसी मालवाहक विमान एन-124 की जब्ती पर कानूनी जंग जारी है। राजदूत ओलेग स्टेपनोव ने इसे अवैध बताते हुए बिना शर्त विमान की वापसी की मांग की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/the-case-of-seizure-of-russian-aircraft-an-124-in-canada/article-143408"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-600-px)-(20).png" alt=""></a><br /><p>ओटावा। रूसी एयर कार्गो कंपनी वोल्गा-ड्निप्र के मालवाहक विमान संबंधित एन-124  की जब्ती का मामला अभी भी कनाडा की अदालतों में सुना जा रहा है। कनाडा में रूस के राजदूत ओलेग स्टेपनोव ने रूसी संवाद समिति रिया नोवोस्ती को यह जानकारी दी स्टेपनोव ने कहा, यह मामला अभी भी कनाडा की अदालतों में सुना जा रहा है। इसका मालिक वोल्गा-ड्निप्र इसमें एक पक्ष है। हम एक देश के रूप में इस कार्यवाही में शामिल नहीं हैं और चल रहे मामले के कानूनी विवरणों पर टिप्पणी नहीं कर सकते।</p>
<p>राजदूत ने कहा कि रूस कनाडा में सभी कानूनी विकल्प समाप्त होने के बाद ही किसी विशिष्ट कदम को उठाने पर विचार करेगा। उन्होंने  कहा, साथ ही, एकतरफा जब्ती पर हमारा सैद्धांतिक रुख अपरिवर्तित है। कनाडा ने जानबूझकर वोल्गा-ड्निप्र विमान को यहाँ जब्त किया और बाद में गिरफ्तारी और जब्ती के लिए झूठे आधार तैयार किए।</p>
<p>स्टेपनोव ने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह की कार्रवाई अस्वीकार्य और अवैध हैं और विमान को बिना शर्त उसके मालिक को वापस किया जाना चाहिए। गौरतलब है कि, रूसी एयर कार्गो कंपनी वोल्गा-ड्निप्र द्वारा संचालित एन-124 विमान कनाडा सरकार के साथ एक अनुबंध के तहत कोविड-19 रैपिड टेस्ट की खेप लेकर 27 फरवरी, 2022 को चीन से कनाडा पहुँचा था।</p>
<p>विमान को अगले दिन रवाना होना था। हालांकि, 27 फरवरी, 2022 को कनाडा ने रूसी विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया और प्रस्थान की अनुमति को खारिज कर दिया। तब से, विमान टोरंटो हवाई अड्डे पर खड़ा है। कनाडा में रूसी दूतावास ने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि कनाडा को जब्त किए गए एन-124 विमान को उसके मालिकों को बिना शर्त वापस करना चाहिए। इसकी जब्ती अस्वीकार्य और अवैध होगी। राजनयिक मिशन का मानना है कि यह मामला अपनी शुरुआत से ही अत्यधिक राजनीति से प्रेरित रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 17:22:58 +0530</pubDate>
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