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                <title>असर खबर का : भूतल जल संग्राहक की टूटी छत को अस्थायी रूप से ढ़का, टैंक से 1 लाख से अधिक की आबादी को मिलता है पेयजल </title>
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                        <![CDATA[लापरवाही पर लीपापोती का पैबन्द, खबर के बाद आनन फानन में ढ़की, टूटी हुई छत ।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news--the-broken-roof-of-the-groundwater-reservoir-has-been-temporarily-covered/article-143492"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/12200-x-600-px)-(2).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। एमबीएस परिसर में बने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा शुद्ध पानी के स्टोरेज टेंक को विभाग ने ढकवा दिया है। एमबीएस मुर्दाघर के पास संचालित इस टेंक से नयापुरा से लेकर स्टेशन तक के घरों में पेयजल की सप्लाई की जाती है। दैनिक नवज्योंति के 13 फरवरी को कोटा सिटी अंक के पेज नम्बर 5 पर खतरा बैठा ग्राउंड वाटर टैंक में शीर्षक से टैंक के टूटे हुये ढ़कान से होने वाली संभावित हानियों की ओर सम्बन्धित विभाग व प्रशासन का ध्यान दिलाने की खबर को प्राथमिकता से प्रकाशित किया था।</p>
<p>जलदाय विभाग के अधकारियों को जैसे ही मामले की जानकारी लगी तो पूरे महकमें में हड़कम्प मच गया। खबर प्रकाशन के बाद छत के टूटे हुये हिस्से को लोहे की नालीदार चद्दरों से ढ़क दिया गया। हालांकि जानकार मानते है कि इससे भी पानी शुद्धता पर प्रभाव पड़ने की संभावनायें है। जानकार बताते है कि किसी भी पानी के स्त्रोत को प्लेन चद्दर से ही पूरी तरह ढ़ाका जाना चाहिये जिससे  इसमें किसी भी बाहरी चीज का प्रवेश ही ना हो सके तभी जल की शुद्धता बनी रह सकती है । इस तरह से टूटे हुये हिस्से को ढकान करने से पानी की पूरी तरह सुरक्षा नहीं हो पायेंगी ।</p>
<p><strong>क्यों था अहम</strong><br />21 लाख लीटर क्षमता वाला यह टेंक शहर के दो बड़े अस्पतालों एमबीएस जेके लोन के अलावा सम्पूर्ण नयापुरा,दोस्तपुरा गांवड़ी, खेड़ली फाटक, भीममण्ड़ी,सहित करीब 1 लाख से अधिक की आबादी के घरों तक पेयजल की उपलब्धता करवाने का साधन है । ऐसे में इसके ढ़कान का जर्जर होकर टुट जाने के इसमें रखा जल खुला हो गया था। उपर से जमींन के पास होने के कारण इसमें किसी भी जानवर या उपर से भी किसी प्रकार के बाहरी पदार्थ के गिरने की पूरी पूरी संभावना थी।</p>
<p><strong>खबर के बाद विभाग में मचा हडकम्प लोग सांसत में</strong><br />शहर के बड़े क्षेत्र को पानी की आपूर्ति करने वाले इस वाटर टेंक की हालात की खबर जैसे ही क्षेत्र में फैली लोगों के हलक सुख गये। अस्पताल परिसर के भीतर जलदाय विभाग के कर्मचारयों द्वारा इती बड़ी लापरवाही की खबर को पढ़ने के बाद लोगों ने इसे आम जन के जीवन से खिलवाड़ करने वाला संगीन मामला बताया।</p>
<p>लापरवाही का बड़ा मामला है, विभाग द्वारा जनता के स्वास्थ्य से जुड़े ऐसे कार्यों पर विशेष निगरानी रखनी चाहिये।<br /><strong>-शुभम मेहरा, खेड़ली फाटक</strong></p>
<p>हमारें घरों तक आने वाला पानी शुद्ध् हो सरकारें इसके लियें प्रयासरत है,लेकिन सरकारी कर्मचारियों की अनदेखी का इतना बडा मामला सामने आने के बाद हमारे तो हलक से पानी उतरता भी मुश्किल हो गया।<br /><strong>- रोहित कुमार, दोस्तपुरा</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Feb 2026 14:55:20 +0530</pubDate>
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