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                <title>कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एमआरआई करवाना जंग जीतने जैसा, मरीज हो रहे परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[एमबीएस , जेके लोन और रामपुरा जैसे बड़े सरकारी अस्पतालों में भी एमआरआई सुविधा नहीं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/getting-an-mri-at-kota-medical-college-hospital-is-like-winning-a-battle/article-140714"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/ेलल्े्.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। संभाग के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों को एमआरआई जांच के लिए एक से 2 महीने तक का लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। स्थिति तब और बदतर हो जाती है, जब मरीजों को शहर के प्रमुख एमबीएस अस्पताल से करीब 10 किलोमीटर का सफर तय कर मेडिकल कॉलेज पहुंचना पड़ता है, लेकिन वहां भी तारीख एक महीने बाद की मिल रही है। शहर के सरकारी स्वास्थ्य क्षेत्र में केवल एक एमआरआई मशीन मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ही उपलब्ध है, जबकि एमबीएस अस्पताल में यह सुविधा ही नहीं है। नतीजतन, मरीजों को निजी डायग्नोस्टिक केंद्रों पर 2000 से 4,000 रुपये खर्च कर एमआरआई करवानी पड़ रही है। ग्रामीण और गरीब तबके के मरीजों की इस पीड़ा को सुनने वाला कोई नहीं है।</p>
<p><strong>हाड़ौतीभर से आते मरीज, हो रहे परेशान</strong><br />मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एमआरआई मशीन की कमी और लंबी प्रतीक्षा सूची ने मरीजों को निजी केंद्रों की ओर धकेल दिया है। लंबी प्रतीक्षा और और अत्यधिक भीड़ के चलते मरीजो को मजबूरन निजी केंद्रो की ओर रुख करना पड़ रहा है, जहां 4 से 5 हजार की चपत लग रही है।</p>
<p><strong>प्रतिदिन 90 से ज्यादा होती है एमआरआई</strong><br />मेडिकल कॉलेज अस्पताल से बाली जानकारी के अनुसार यहां प्रतिदिन 90 से ज्यादा मरी जांच की जाती है गत वर्ष 23 हजार 62 एमआरआई जांचे की गई है। हाडोतीभर से यहां बड़ी संख्या में मरीज आते हैं। निजी केन्द्रों पर महंगे दमों पर यह जांच होने से मरीजों का अत्यधिक भार मेडिकल कॉलेज अस्पताल पर पड़ता है। ऐसे में यहां एमआरआई करवाना चुनौती बना हुआ है।</p>
<p><strong>एक ही मशीन पर सारा भार</strong><br />सरकारी क्षेत्र में एमआरआई की नए अस्पताल में ही मशीन है। यहां कोटा संभागभर से मरीज इलाज के लिए पहुंचते है। सरकार की ओर से नि:शुल्क जांच की सुविधा देने की घोषणा के साथ ही मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है। इससे एक ही मशीन पर सारा भार आ गया है।</p>
<p><strong>मरीज को झेलनी पड़ रही दोहरी मार</strong><br />मेडिकल कॉलेज अस्पताल में केवल एक एमआरआई मशीन होने के कारण मरीजों को समय पर जांच नहीं हो पा रही। इधर एमबीएस अस्पताल, जो कोटा का प्रमुख सरकारी अस्पताल होने के बावजूद एमआरआई मशीन की अनुपस्थिति मरीजों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को शहर में आने-जाने और निजी केंद्रों पर खर्च करने की दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।<br /><strong>- एड. बीटा स्वामी</strong></p>
<p><strong>लंबी प्रतीक्षा और सीमित सुविधाए बनी चुनौती</strong><br />ग्रामीण व आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीज इस स्थिति से सबसे अधिक प्रभावित हैं। कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल शहर में ही है, लेकिन लंबी प्रतीक्षा और सीमित सुविधायें मरीजों के लिए चुनौती बन गई है। स्थानीय निवासियों और सामाजिक कार्यकतार्ओं ने सरकार से मांग की है कि एमबीएस अस्पताल में एमआरआई मशीन स्थापित की जाए ।<br /><strong>- कुशाल सेन, समाजसेवी</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक ही एमआरआई मशीन है, जो काफी पुरानी है। ऐसे में उच्च गुणवत्तायुक्त मशीन स्थापित होनी चाहिए। हालांकि इसके लिए प्रपोजल दिया हुआ है। अस्पताल में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा देने के लगातार प्रयास किया जा रहे हैं।<br /><strong>- डॉ. आशुतोष शर्मा, अधीक्षक मेडिकल कॉलेज अस्पताल</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 Jan 2026 17:22:15 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>एक्सआईएमआई में नए विद्यार्थियों के लिए फ्रेशर्स पार्टी आयोजित, छात्रों को बेहतर अवसरों के लिए निरंतर प्रयास करने की दी प्रेरणा </title>
                                    <description><![CDATA[एक्सआईएमआई जयपुर ने नए छात्रों के स्वागत के लिए 007-एक नई शुरुआत थीम के साथ फ्रेशर्स इवेंट आयोजित किया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/freshers-party-organized-for-new-students-in-ximi-inspired-students/article-127942"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/copy-of-news-(6)6.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। एक्सआईएमआई जयपुर ने नए छात्रों के स्वागत के लिए 007-एक नई शुरुआत थीम के साथ फ्रेशर्स इवेंट आयोजित किया। निदेशक डॉ. मधु शर्मा ने छात्रों का स्वागत करते हुए उन्हें जीवन में उत्कृष्टता प्राप्त करने और बेहतर अवसरों के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा दी।</p>
<p>समारोह में मिसेज इण्डिया-2024 पूनम गिडवानी और सेंट जेवियर्स कॉलेज के समन्वयक डॉ. मीता शर्मा ने छात्रों को सम्मानित किया और उन्हें भविष्य में अपना सर्वश्रेष्ठ देने की शुभकामनाएं दीं। फादर अब्राहम अमल राज ने छात्रों के उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम की मेजबानी लावण्या मणि और मानसी शर्मा ने की, जबकि समन्वयक पूजा गोलानी, किरण चौधरी, पृथ्वी सिंह राठौर और रिंकी गुर्जर ने सक्रिय भूमिका निभाई। डेविड स्टीफन और अंशिका गुर्जर को मिस्टर और मिस फ्रे शर्स चुना गया। समापन एक शानदार डीजे नाइट और जलपान के साथ हुआ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Sep 2025 12:21:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - आयुर्वेद कॉलेज अब तलवंडी में बने नए भवन में शिफ्ट, कलक्टर के हस्तक्षेप से छात्रों की समस्या का किया समाधान</title>
                                    <description><![CDATA[अनुमति के अभाव में कॉलेज को नहीं किया था शिफ्ट । 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news---ayurveda-college-is-now-shifted-to-the-new-building-built-in-talwandi--students--problem-solved-with-the-intervention-of-the-collector/article-126753"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/11-(1)11.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। तलवंडी में स्थित राजकीय आयुर्वेद योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा महाविद्यालय को आखिरकार पुरानी किराए वाली बिल्डिंग से निजात मिल गई। अब  महाविद्यालय को नये परिसर में शिफ्ट कर दिया गया है। 1 सितंबर से कॉलेज का संचालन नए भवन में शुरू हो चुका है। पुराने भवन पर कॉलेज प्रशासन को हर माह करीब सवा दो लाख रुपए किराए के रूप में चुकाने पड़ रहे थे। वहीं बारिश के दिनों में छात्रों को आवागमन और पढ़ाई दोनों में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। दैनिक नवज्योति में 3 अगस्त को अध्ययनरत विद्यार्थियों को आने-जाने में हो रही परेशानी शीर्षक से प्रकाशित खबर के बाद कलक्टर पीयूष समारिया ने मामले का संज्ञान लिया। इसके बाद डॉ. नित्यानंद शर्मा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने कलक्टर से मिलकर छात्रों की समस्याएं रखीं। कलक्टर ने आरएसआरडीसी डायरेक्टर से चर्चा कर कॉलेज के लिए नए भवन में 10 कमरे आवंटित कर दिए। डॉ. नित्यानंद ने बताया कि नए भवन में कुछ कार्य अभी अधूरे हैं, जिन्हें जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। गौरतलब है कि तलवंडी स्थित जिला आयुर्वेद महाविद्यालय का भवन पहले ही तैयार हो चुका था, लेकिन अनुमति के अभाव में कॉलेज को वहां शिफ्ट नहीं किया जा सका। उस दौरान प्राचार्य की ओर से छात्रों की सुविधा को देखते हुए या तो नए भवन में शिफ्ट करने अथवा 10 कमरे उपलब्ध करवाने का प्रस्ताव रखा गया था, जिसे डायरेक्टर अजमेर को भी भेजा गया था।</p>
<p><strong>काउंसलिंग में छात्रों की कोटा पहली च्वॉइस</strong><br />इस महाविद्यालय को 2021 में मान्यता मिली तथा 2022 से बैच लगना शुरू हुआ। काउंसलिंग के दौरान विभिन्न जिलों के छात्र कोटा को ही पहली च्वॉइस रख रहे हैं। इस महाविद्यालय की सीटें 1. बीएएमएस में 60 तथा बीएनवाइएस में 30 सीटें हैं। कुल 90 सीटें हैं, इसमें सेंट्रल की 5 सीटें भी शामिल है। इस महाविद्यालय में हाइरैंक वाले भी अपनी च्वॉइस कोटा रख रहे है। राजस्थान के अधिकांश महाविद्यालय की अपेक्षा कोटा की सीटें जल्द ही भर जाती है। कोटा शिक्षा नगरी के रूप  में विख्यात होने के कारण हाईरैंक वाले भी विद्यार्थी यहां आना पसंद करते है। इस परीक्षा में हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं बैठते है।</p>
<p><strong>150 कर्मचारी रोजाना दे रहे अपनी सेवा</strong><br />इस महाविद्यालय में रोजाना 150 कर्मचारी अपनी सेवा दे रहे है। इस महाविद्यालय में छात्र-छात्राओं को सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई है। अभी प्रशासन की ओर से 10 कमरे आवंटन हुए है। जिनमें विद्यार्थियों की पढ़ाई चल रही है। इस नए भवन में सुव्यवस्थित लाइब्रेरी भी है। जिनमें विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए ज्ञानवर्धक पुस्तकों का भी समावेश है।</p>
<p><strong>ग्राहक पंचायत ने एडीएम को सौंपा ज्ञापन </strong><br />कोटा। अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत कोटा महानगर ने शुक्रवार को न्यू मेडिकल कॉलेज परिसर में अवैध वाहन पार्किंग के नाम पर हो रही मनमानी वसूली को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। महानगर सचिव एडवोकेट सोनल विजयवर्गीय ने बताया कि पिछले 7 माह में मरीजों व तीमारदारों से पार्किंग के जरिये अवैध वसूली की गई। इस दौरान आमजन के साथ अभद्र व्यवहार की शिकायतें भी सामने आईं। इस संबंध में पंचायत प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त  जिला कलक्टर अनिल कुमार सिंघल को ज्ञापन सौंपा। इस पर एडीएम ने शीघ्र ही कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस अवसर पर प्रमोद राठौर, खुशाल गुप्ता, ज्ञानेश लोहमी धीरेन्द्र धाकड़, पुष्पलता शामिल रहे। मालवीय, विधि आयाम प्रमुख दिनेश नाथावत, महिला आयाम प्रमुख भावना जैन, श्वेता विजय, कुंज बिहारी, गजेंद्र मेहता, सलोचना गुर्जर, अबरार खान सहित कई एडवोकेट व पदाधिकारी उपस्थित रहे।<br /> <br /><strong>इन छात्राओं ने बताया कोटा को पहली च्वॉइस</strong><br />कोटा को शिक्षा नगरी के रूप में जाना जाता है। यहां आकर पढ़ाई करना मेरे गर्व की बात है। मैंने काउंसलिंग को प्रथम च्वॉइस बताया।<br /><strong>- खुशबू चौधरी, सीकर</strong></p>
<p>शिक्षा के मामले में कोटा क्षेत्र का काफी नाम है। यहां पढ़ाई के साथ माहौल भी अच्छा मिलता है। काउंसलिंग के दौरान मैंने कोटा को ही चुना।<br /><strong>- तान्या चौधरी, जयपुर</strong></p>
<p>मैं छावनी क्षेत्र कोटा की ही रहने वाली हूं। इसलिए मैंने कोटा को ही अपनी पहली च्वॉइस रखा।<br /><strong>- नसरा अली, छावनी</strong></p>
<p>इस महाविद्यालय में नंबर आना मेरे लिए अच्छा है। मैं कोटा क्षेत्र के बंसत विहार में रहती हूं। कम सीटों में भी मेरा चयन हुआ।<br /><strong>- श्रेया औदिच, कोटा</strong></p>
<p><strong>अब बैच नए भवन में संचालित </strong><br /><strong>नवज्योति को दिया धन्यवाद </strong><br />मैं दैनिक नवज्योति को धन्यवाद दे रहा हूं। उन्होंने छात्रों के हितों को ध्यान में रखकर खबर को प्रकाशित किया था। बारिश के दौरान पुरानी बिल्डिंग में सीलन और पानी टपकने से छात्रों की पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही थी। कई बार कॉलेज प्रबंधन को समस्या से अवगत करवाने के बावजूद समाधान नहीं निकल पाया। आखिरकार छात्रों ने 25 अगस्त को कोटा कलक्टर पीयूष समारिया को ज्ञापन सौंपा। कलक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरएसआरडीसी डायरेक्टर से चर्चा की और कॉलेज के लिए नए भवन में 10 कमरे आवंटित कराए। इसके बाद 1 सितंबर से महाविद्यालय को नए भवन में शिफ्ट कर दिया गया। उन्होंने कहा कि अब बैच नए भवन में संचालित हो रहे हैं और विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण मिल रहा है। <br /><strong>- डॉ. नित्यानंद शर्मा, राजकीय आयुर्वेद योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा महाविद्यालय </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Sep 2025 16:24:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मां वैभवलक्ष्मी महाविद्यालय के छात्र ने की  आत्महत्या </title>
                                    <description><![CDATA[पिछले पांच महीने से कोटा में पीजी में रहकर पढ़ाई कर रहा था।  
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/student-of-maa-vaibhavlakshmi-mahavidyalaya-commits-suicide/article-123284"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/6622-copy331.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । महावीर नगर थाना क्षेत्र में एक कॉलेज छात्र ने रविवार को फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने सोमवार को शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया । पुलिस मामले में मृग दर्ज कर जांच में जुट गई है। मृतक छात्र अभिषेक मीणा (19) बारां जिले  के  मांगरोल स्थित रामपुरा भक्तान  का रहने वाला था और कोटा में  महावीर नगर में एक पीजी में रहता था ।  मांगरोल के मां वैभवलक्ष्मी महाविद्यालय का बीए द्वितीय वर्ष का छात्र था। पिछले चार-पांच महीने से कोटा में पीजी में रहकर तैयारी कर रहा था।  <br />मृतक छात्र अभिषेक मीणा के  ताऊ के लड़के मनीष मीणा ने बताया कि अभिषेक की   14 अगस्त को  परीक्षा थी। रक्षाबंधन पर घर आया था। रविवार सुबह करीब 10-11 बजे गांव से बिना बताए कोटा  अपने कमरे पर आया गया । उसके पिता ने उसे फोन कर पढ़ाई के लिए समझाते हुए कहा  कि बिना बताए चला गया, बताकर जाना चाहिए था। मकान मालिक दोपहर में करीब तीन बजे कमरे की तरफ गया तब वह पंखे से लटका हुआ था। इसके बाद उन्होंने सूचना दी और परिवार के लोग कोटा पहुंचे । माता-पिता की इकलौती बेटा था। पिता खेतीबाड़ी करते हैं। <br /> <br /><strong>खिड़की के कांच तोड़ अंदर  घुसे </strong><br /> भाई ने बताया कि अभिषेक ने अंदर से कुंदी लगा ली थी और पंखे पर लटक गया था। मकान मालिक ने पुलिस को सूचना दी और खिड़की का कांच तोड़कर अंदर घुसे और कुंदी खोली ।एएसआई रविन्द्र सिंह ने बताया कि रविवार को दोपहर में सूचना पर मौके पर पहुंचे और उसे फंदे से उतार कर न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर गए जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित किया।  शव का पोस्टमार्टम करवाया करर परिजनों को सौंप दिया। अनुसंधान के दौरान परिजनों ने बताया कि वह कोटा में पिछले चार - पांच महीने से महावीर नगर में रह कर पढ़ाई कर रहा था। अभी तक परिजनों ने पुलिस को बीएससी एग्रीकल्चर का छात्र बताया गया है।  फिलहाल मृग दर्ज किया गया है।  </p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />अभिषेक मीणा ने जुलाई 2024 में मां वैभवलक्ष्मी महाविद्यालय मांगरोल में बीए प्रथम वर्ष में एडमीशन लिया था और पढ़ाई कर रहा था तथा 31 जुलाई 2025 को क्लास समाप्त हो गई थी। अभिषेक मीणा का 14 अगस्त को बीए द्वितीय सेमिस्टर का एग्जाम है। जुलाई में उसने रेग्यूलर  का फार्म भरा है। कई बार छात्र फार्म भर कर कम ही आते हैं और पढ़ने के लिए दूसरे स्थान पर चले जाते हैं। अप्रैल लास्ट में प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा देने के बाद से नहीं आया है। <br /><strong>-  परवेश मीणा , निदेशक एवं संचालक, मां वैभवलक्ष्मी महाविद्यालय मांगरोल </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/student-of-maa-vaibhavlakshmi-mahavidyalaya-commits-suicide/article-123284</link>
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                <pubDate>Mon, 11 Aug 2025 17:49:43 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>बालिका विद्यालय में तीन सौ छात्राएं फिर भी विज्ञान व वाणिज्य संकाय नहीं </title>
                                    <description><![CDATA[इस सत्र से वाणिज्य और विज्ञान संकाय खुलवाने की मांग।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/three-hundred-poor-in-college-school-but-still-no-science-and-commerce-scholarship/article-116145"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rtroer-(1)3.png" alt=""></a><br /><p>इन्द्रगढ। क्षैत्र का सबसे बड़ा बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय जहां प्रतिवर्ष बोर्ड परीक्षा परिणाम में निरंतर वृद्धि होने के साथ ही गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्राप्त कर छात्राएं कई क्षैत्रों में अपनी सफलता का परचम लहरा रही है। लेकिन इस विद्यालय में कला संकाय के अलावा अन्य कोई संकाय नहीं होने से विद्यार्थियों को काफी असुविधा हो रही है। केवल एक संकाय का विद्यालय होने से प्रतिभावान छात्राएं 10 बोर्ड कक्षा उत्तीर्ण कर विज्ञान व वाणिज्य विषय पढने के लिए अन्यत्र विद्यालय जाने को मजबूर है। हालांकि इस विद्यालय में मात्र एक कला संकाय विषय होने से केवल चित्रकला, गृह विज्ञान, हिन्दी साहित्य, संस्कृत साहित्य, उर्दू साहित्य विषय पढाया जाता है,किन्तु अन्य विषयों के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस सर्वश्रैष्ठ बालिका माध्यमिक विद्यालय में प्रधानाचार्य व सहयोगी अध्यापक अध्यापिकाओं की मदद से बालिकाओं को बोर्ड परीक्षाओं में अच्छे अंक प्राप्त करने को लेकर प्रतिवर्ष विभिन्न प्रकार के नवाचार किए जा रहे है। उनके दम पर छात्राएं अपनी प्रतिभा को निखार रही है। इस वर्ष बोर्ड परीक्षाओं में कई छात्राओं ने 100 मे से 100 अंक हासिल कर विद्यालय का गौरव बढाया है।  इस विद्यालय में कक्षा 6 से 12 तक लगभग 300 छात्राओं का नामांकन है। जिसमें से इस वर्ष कक्षा 10 वीं में 61 छात्राओं ने बोर्ड परीक्षा दी थी, जिसमें 22 छात्राएं प्रथम,37 छात्राएं द्वितीय श्रैणी में उत्तीर्ण रही है। वहीं कक्षा 12 वीं कला संकाय में 54 छात्राओं में से 42 छात्राएं प्रथम,12 छात्राएं द्वितीय श्रैणी में उत्तीर्ण रही है। जिसमें छात्रा साहिन ने 93.80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया है। विद्यालय की छात्राएं शैक्षणिक गतिविधियों के साथ सह शैक्षणिक गतिविधियों व विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं में भी भाग लेकर अपना व अपने अभिभावकों के साथ वि़द्यालय का भी नाम रोशन कर चुकी है।</p>
<p><strong>पर्याप्त लम्बा चौड़ा विद्यालय का भवन</strong><br />बालिका विद्यालय में नए संकाय खोलने के लिए सभी मापदंड पूर्ण है। विद्यालय में भवनों की संख्या साथ ही विज्ञान संकाय में काम आने वाली प्रयोगशालाओं के लिए भी पर्याप्त कमरे उपलब्ध है। साथ ही विद्यालय का वातावरण भी छात्राओं के आगे के अध्ययन के लिए अनुकूल है वहीं विद्यालय का भवन भी नया है तथा सभी सुख सुविधाओं से युक्त है। विद्यालय में आयोजित होने वाली विभिन्न प्रकार की सह शैक्षणिक गतिविधियों के लिए भी विद्यालय का वातावरण अनुकूल है।</p>
<p><strong>दो विषयों के संकाय न होना अफसोस</strong><br />क्षैत्र का सबसे बड़ा बालिका विद्यालय जहां कला संकाय संचालित है। कक्षा 10वीं बोर्ड पास करने के बाद प्रतिभावान छात्राएं या तो इसी विद्यालय में अध्ययन करते हुए बेमन से कला संकाय में प्रवेश लेकर अध्ययन करती है, या फिर भारी मन से विद्यालय को छोड़कर निजी विद्यालय या अन्य शहरों में जाकर विज्ञान संकाय लेकर अध्ययन करती है। छात्राओं के साथ उनके अभिभावकों को भी यही मांग है कि इस विद्यालय में विज्ञान संकाय खुलवाना अतिआवश्यक है। अभिभावक का कहना है कि अपनी बालिकाओं को 10 वीं के बाद विज्ञान संकाय में आगे पढ़ाने के लिए बाहर भेजने का तैयार नहीं है परंतु बालिकाओं के भविष्य को देखते हुए भारी मन से उन्हें यह कदम उठाना पड़ता है।</p>
<p><strong>दोनों संकाय केप्रस्ताव भेजे </strong><br />विद्यालय के प्रधानाचार्य गिर्राज प्रसाद रैगर का कहना है कि बालिकाओं को विज्ञान व वाणिज्य संकाय में प्रवेश लेने के लिए अन्यत्र अध्ययन करने जाते देखकर बहुत दु:ख होता है। काश: हमारे विद्यालय में ही विज्ञान व वाणिज्य संकाय के साथ अन्य विषयों की मान्यता मिल जाए तो बालिकाओं को अन्यत्र अध्ययन के लिए नहीं जाना पड़ेगा। अभिभावकों को भी भारी भरकम फीस से छुटकारा मिलेगा। विद्यालय स्तर पर विज्ञान संकाय खोलने के लिए प्रयास जारी है। राज्य सरकार व शिक्षा विभाग के पास प्रस्ताव बनाकर भेजे जा चुके है। अगर इसी वर्ष से नए संकाय व कला संकाय में भी अन्य विषयों की मान्यता मिल जाती है तो बहुत खुशी की बात होगी। हालांकि विद्यालय में अन्य संकाय खोलने की मांग काफी लम्बे समय से चली आ रही है। इस संदर्भ में दोनों प्रमुख पार्टियों के राजनेताओं ने भी प्रयास किए गए है परंतु अभी तक संकाय खुलने में सफलता प्राप्त नहीं हो पाई है। </p>
<p>बालिका विद्यालय में विज्ञान संकाय व कला संकाय के अतिरिक्त विषयों की मान्यता के लिए लगातार प्रयासरत है। लोेकसभा अध्यक्ष को भी इस बारे में प्रार्थना पत्र दिया जा चुका है। वहीं जल्द ही शिक्षा मंत्री से मिलकर विद्यालय की मांगो को पुरजोर तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा तथा जहां तक संभव है इस शैक्षणिक सत्र में विज्ञान संकाय खुलवानें का पुरजोर प्रयास है। शहर के एक मात्र बालिका वि़द्यालय में विज्ञान संकाय जरूर खुलना चाहिए।<br /><strong>- गिर्राज जैन, भाजपा शहर मंडल अध्यक्ष, इन्द्रगढ़।</strong></p>
<p>बालिका विद्यालय में विज्ञान संकाय नही होने के कारण शहर की प्रतिभावान छात्राओं को अन्यत्र अध्ययन हेतु विद्यालय छोड़कर जाना द:ुख की बात है। जल्द ही विधायक सीएल पे्रमी से मिलकर विद्यालय में विज्ञान संकाय के साथ कला संकाय के भी कुछ विषय की मान्यता के लिए शिक्षा मंत्री के नाम पत्र लिखकर अनुशंसा करवाई जाएगी। विज्ञान संकाय खुलवाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।<br /><strong>- सन्मति हरकारा नगर कांग्रेस अध्यक्ष इन्द्रगढ़।</strong></p>
<p>मेरी बालिका ने कक्षा 10 में अध्ययन करते हुए इसी विद्यालय से 86 प्रतिशत अंक प्राप्त किए है। बेटी को विज्ञान विषय दिलाना है। परंतु विज्ञान संकाय विद्यालय में नहीं होने के कारण भारी मन से विद्यालय छोड़ना पड़ रहा है। क्षैत्र के एक मात्र सर्वश्रैष्ठ बालिका विद्यालय में जल्दी से जल्दी विज्ञान संकाय खुलना चाहिए।<br /><strong>- सुनिल कुमार सैन अभिभावक छात्रा कक्षा 10</strong></p>
<p>विद्यालय में पढ़ाई का बहुत अच्छा वातावरण है। यहां के अध्यापक, अध्यापिकाएं विद्यार्र्थियों के प्रति पूर्णरूप से समर्पित है। विद्यालय में विज्ञान संकाय नही होना हमारे लिए बहुत दु:ख की बात है। विज्ञान व अन्य संकाय में प्रवेश लेने के लिए न चाहते हुए भी आगे अध्ययन के लिए दु:खी मन से विद्यालय छोडना पड रहा है।                        <br /><strong>- साक्षी सैन, छात्रा कक्षा 10</strong></p>
<p>विद्यालय की छात्राएं सर्वश्रैष्ठ विद्यालय स्टॉफ के सानिध्य में निरंतर अच्छा प्रदर्शन कर रही है। बोर्ड परीक्षाओं में साल दर साल उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम दिया जा रहा है। विद्यालय में अन्य विषय व विज्ञान संकाय खोलने के प्रस्ताव विभाग के पास भिजवा रखे है। बस थोडे से प्रयास की जरूरत है अगर सभी के सामूहिक प्रयास से इसी शैक्षणिक सत्र से संकाय खुल जाता है तो बहुत खुशी की बात होगी।<br /><strong>- प्रधानाचार्य गिर्राज प्रसाद रैगर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Jun 2025 15:52:04 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>परिष्कार कॉलेज में इंटर कॉलेज यूथ पार्लियामेंट का समापन </title>
                                    <description><![CDATA[कॉलेज ऑफ ग्लोबल एक्सीलेस की प्रो. सविता पाईवाल ने भारतीय संस्कृति के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि राजनीति वंश एवं परिवारवाद से निकलकर आम जन तक पहुंच रही है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/inter-college-youth-parliament-concludes-in--parishkar-college%C2%A0/article-95167"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/6633-copy111.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। परिष्कार कॉलेज ऑफ ग्लोबल एक्सीलेंस (ऑटोनोमस) में 2 दिवसीय इंटर कॉलेज यूथ पार्लियामेंट-2024 का समापन हुआ, जिसका विषय समान नागरिक संहिता: व्यापक समानता की ओर रहा। परिष्कार इंटरनेशनल कालेज की ममता जादौन ने समान नागरिक संहिता के बारे में जानकारी दी।  </p>
<p>कॉलेज ऑफ ग्लोबल एक्सीलेस की प्रो. सविता पाईवाल ने भारतीय संस्कृति के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि राजनीति वंश एवं परिवारवाद से निकलकर आम जन तक पहुंच रही है। इस मौके पर कार्यक्रम में भाग लेने वालों ने अपने-अपने विचार रखे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 Nov 2024 13:28:49 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>पूर्णिमा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग को मिला ऑटोनोमस स्टेटस</title>
                                    <description><![CDATA[वर्तमान इंडस्ट्री के लिए आवश्यक कौशल पर फोकस करते हुए नए सिरे से रोजगारोन्मुखी यूजी व पीजी कोर्स व सिलेबस डिजाइन किए जाने पर मुख्य फोकस रहेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/purnima-college-of-engineering-gets-autonomous-status/article-85727"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/111u1rer-(6)9.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पूर्णिमा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से ऑटस प्रदान किया गया है। आगामी 10 वर्ष के लिए मान्य यह स्टेटस वर्तमान शैक्षणिक सत्र से प्रभावी हो गया है, जिसके शैक्षणिक गुणवत्ता की दृष्टि से कई लाभ होंगे। आरटीयू कुलपति प्रो. एस.के. सिंह द्वारा कॉलेज के प्रतिनिधियों को आॅटोनोमस स्टेटस का आशय पत्र जारी किया गया। खास बात यह है कि कुछ समय पूर्व नैक की ओर से कॉलेज को ए-प्लस ग्रेड भी दी गई है, जो इसकी शैक्षणिक गुणवत्ता पर मुहर है। कॉलेज की स्थापना के 25वें वर्ष में मिली ये दोनों उपलब्धियां पूर्णिमा कॉलेज को राष्ट्रीय स्तर पर चुनिंदा कॉलेजों में शामिल करती है। पूर्णिमा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के डायरेक्टर डॉ. महेश एम. बुंदेले ने बताया कि ऑटोनोमस का दर्जा मिलने से कॉलेज द्वारा अपने स्तर पर कोर्स शुरू किए जाएंगे। वर्तमान इंडस्ट्री के लिए आवश्यक कौशल पर फोकस करते हुए नए सिरे से रोजगारोन्मुखी यूजी व पीजी कोर्स व सिलेबस डिजाइन किए जाने पर मुख्य फोकस रहेगा।</p>
<p> इससे कॉलेज को यूजीसी से फंडिंग मिलेगी, जिसे संस्थान के एकेडमिक एक्सीलेंस को और अधिक बेहतर करने में उपयोग किया जाएगा। अब कॉलेज स्वयं के स्तर पर परीक्षाएं भी करा सकेगा। आरटीयू से संबद्ध कॉलेजों की क्यूआईवी में पूर्णिमा कॉलेज विगत सात वर्षों से राज्य में दूसरे स्थान पर है। यह ग्रेडिंग इन कॉलेजों के प्लेसमेंट, नैक व एनबीए एक्रिडिएशन, फैकल्टी क्वालिफिकेशन, पेपर पब्लिकेशन, फैकल्टी-स्टूडेंट रेशो, इन टाइम डिग्री, इंफ्रास्ट्रक्चर तथा स्टूडेंट्स के रिजल्ट व उनके डेवलपमेंट के लिए एक्टिविटीज के आधार पर दी है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Jul 2024 10:55:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>परिष्कार ऑटोनोमस कॉलेज में नए कोर्स, ऊंचे प्लेसमेंट</title>
                                    <description><![CDATA[सामान्य कोर्स से न करके अकाउंट्स, फाइनेंस, मैनेजमेंट, बैंकिंग में स्पेशियलाइजेशन के साथ कर रहे हैं और इंटर्नशिप करके बड़ी कंपनियों में ऊंचे जॉब ले रहे हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/new-courses-higher-placements-in-parishkar-autonomous-college/article-82106"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/uu11rer-(9)5.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। परिष्कार कॉलेज ऑफ ग्लोबल एक्सीलेंस को यूजीसी, भारत सरकार ने ऑटोनोमस कॉलेज का स्टेटस दिया है। इसलिए इसने सरकारी नौकरियों के लिए कांपीटीशन की उच्च स्तरीय तैयारी करवाने वाले तथा मल्टीनेशनल कंपनियों में ऊंचे पैकेज के जॉब दिलाने वाले कोर्स बनाए हैं। परिष्कार कॉलेज के निदेशक डॉ. राघव प्रकाश ने बताया कि यहां से बीए. बीएस.सी करके इसी वर्ष दो एल्यूमनाई आई.ए.एस. बन चुके हैं, केवल पिछले बैच में ही आठ आर.ए.एस. बन चुके हैं, इसी प्रकार यहां से पहले भी आइ.ए.एस., आर.ए.एस. बनते रहे हैं। </p>
<p>सैंकड़ों व्याख्याता, शिक्षक, पुलिस, सब-इंस्पेक्टर, पटवार आदि सलेक्ट हो चुके हैं। ऑटोनोमस हो जाने के बाद यहां स्टूडेंड सामान्य बीसीए करने के बजाय अब आर्टिफिशिल इंटेलीजेंस, डेटा साइंस, सोफ्टवेयर-वेब डेवलेपमेंट, साइबर सिक्योरिटी, मल्टीमीडिया, क्लाउड कंप्यूटिंग, डिजिटल मार्केटिंग आदि में स्पेशलाइजेशन करके देश-विदेश में शानदार प्लेसमेंट ले रहे हैं। कॉलेज की प्राचार्य डॉ. सविता पाईवाल ने बताया कि बीएससी भी केवल पीसीएम या बायो में करने के अलावा-बीएस.सी.-सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, नैनोटेक्नोलॉजी, हर्बल साइंस, एप्लाइड माइक्रोबायोलोजी, डेटा साइंस आदि में स्पेशियलाइजेशन के साथ करके देश-विदेश में बड़े पैकेजवाली जॉब की तैयारी कर रहे हैं। बी.कॉम. या बी.बी.ए. भी सामान्य कोर्स से न करके अकाउंट्स, फाइनेंस, मैनेजमेंट, बैंकिंग में स्पेशियलाइजेशन के साथ कर रहे हैं और इंटर्नशिप करके बड़ी कंपनियों में ऊंचे जॉब ले रहे हैं। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Jun 2024 11:48:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उच्च शिक्षा से वंचित हो रही हैं गांवों की बेटियां</title>
                                    <description><![CDATA[ गांव से दूर कॉलेज होने पर अभिभावक बेटियां को बाहर भेजने से है कतराते। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/village-daughters-are-being-deprived-of-higher-education/article-74369"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/uchh-shiksha-s-vanchit-ho-rhi-gaav-ki-betiya...karwar,-bundi-news-03-04-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>करवर। बूंदी जिले के केशवरायपाटन विधानसभा क्षेत्र की बेटियां कॉलेज के अभाव में उच्च शिक्षा से वंचित रह जाती है। अधिकतर अभिभावक बेटियों को घर से दूर नहीं भेजते है। इस वजह से 12 वीं की शिक्षा के बाद लड़कियां उच्च शिक्षा प्राप्त करना सपना बन कर ही रह जाता है। केशवरायपाटन के साथ करवर में  डिग्री कॉलेज नहीं होने से उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। <br /><strong> </strong><br /><strong>उच्च शिक्षा के लिए सैंकड़ों किमी का फासला</strong><br /> छात्र-छात्राएं पलायन कर उच्च शिक्षा के लिए दूसरी जगह पर जाते हैं। कुछ तो सुविधा के अभाव में डिग्री की शिक्षा प्राप्त ही नहीं करते। कारण की आस - पास कोई डिग्री कॉलेज ना होने से उनका मनोबल टूट जाता है। उसके साथ-साथ अभिभावकों को उसके खर्चा न उठाने की स्थिति में उनकी शिक्षा अधूरी रह जाती है। इसके चलते गरीब व प्रतिभाशाली विद्यार्थी शिक्षा से वंचित रह जाते  हैं।</p>
<p><strong>कॉलेज के लिए 100 किमी दूर जाने की मजबूरी</strong><br />केशवराय पाटन विधानसभा  में करवर क्षेत्र की 14 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण क्षेत्र के छात्र छात्राएं को 50 से लेकर 100 किलोमीटर दूर रहकर शिक्षा प्राप्त करना मजबूरी है। करवर क्षेत्र से कोटा की दूरी 100 किमी है। इसी प्रकार बूंदी 65 किमी, टोंक के लिए 75 किमी और सवाई माधोपुर 55 किमी दूर है। ऐसे में विद्यार्थियों को घर परिवार को छोड़ कर दूर जाने को मजबूर है। लेकिन बहुत से विद्यार्थी इस स्थिति में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए  इतना दूर नहीं जा पाते। विशेष रूप से बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए अधिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है और अधिक दूरी होने से ग्रामीण क्षेत्र की कहीं बालिकाएं अपनी उच्च शिक्षा हासिल नहीं कर पाती और अभिभावक भी अपनी लड़कियों को अन्यत्र शिक्षा के लिए भेजने से कतराते हैं अगर करवर कस्बे में डिग्री कॉलेज हो जाए तो इस क्षेत्र में भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा प्राप्त करने में समर्थ और सक्षम हो सकेंगे। कमजोर वर्ग के बच्चे जो पैसों के अभाव में कालेज की। शिक्षा नही ले पाते है वे डिग्री कर सकेंगे।</p>
<p><strong>छात्राओं का क्या है कहना</strong><br />कस्बे में डिग्री कॉलेज का नहीं होना  इस क्षेत्र के  छात्र छात्राओं को परेशानी होती है। इसलिए ग्रामीण क्षेत्र की छात्राएं उच्च शिक्षा से वंचित हो रहीं हैं। <br /><strong>- मनीषा वर्मा,ड्रॉप आउट छात्रा </strong></p>
<p>कॉलेज की मांग को लेकर कस्बे वासी वर्षों से मांग कर रहे हैं , यदि कस्बे में कॉलेज खुलता है तो इस क्षेत्र सहित केशवरायपाटन विधानसभा  क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों के छात्र - छात्राओं  को भी उच्च शिक्षा का लाभ मिलेगा।<br /><strong>- शशि शर्मा, शिक्षाविद शिक्षिका करवर </strong></p>
<p>करवर क्षेत्र का दुर्भाग्य है कि कस्बे में  डिग्री कॉलेज नहीं है,इसलिए यहां के छात्र छात्राओं को बूंदी या कोटा में रहकर उच्च शिक्षा प्राप्त करने की मजबूरी है।<br /><strong>- सोनम फुलवाडीया,छात्रा करवर</strong></p>
<p>करवर कस्बे में महाविद्यालय खुलने से इंदरगढ़ क्षेत्र सहित करवर क्षेत्र की 14 ग्राम पंचायतों की ग्रामीण बेटियां के लिए उच्च शिक्षा की दूरी कम हो जाएगी और  युवाओं को अधिक लाभ मिलेगा।<br /><strong>- प्रेम चंद मेवलिया,समाज सेवी </strong></p>
<p>करवर कस्बे में राजकीय महाविद्यालय खुलना जरुरी है आस - पास कोई महाविद्यालय नहीं होने से ग्रामीण छात्र - छात्राओं को कोटा , बूंदी, टोंक व सवाई माधोपुर जाकर कॉलेज में एडमिशन लेना मजबूरी है।<br /><strong>- जानवी जैन , करवर बी ए प्रथम वर्ष की छात्रा</strong></p>
<p>कस्बे में महाविद्यालय खुलना जरुरी है जिससे क्षेत्र में अन्यत्र पठाई कर रहे छात्र छात्राओं को राहत मिल सके और अभिभावकों को आर्थिक नुकसान से बचा जा सकेञ<br /><strong>- प्रिया वर्मा, छात्रा</strong></p>
<p>विधानसभा क्षेत्र में राजकीय महाविद्यालय खोलने की मांग विधानसभा में कई बार उठाई गई ,लेकिन पूर्व की राज्य सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई क्षेत्र में छात्र हित की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए केशवरायपाटन विधानसभा क्षेत्र में  राजकीय महाविद्यालय खुलना चाहिए उसके लिए प्रयासरत हैं।<br /><strong>- पूर्व विधायक चंद्रकांता मेघवाल</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />केशवरायपाटन विधानसभा में एक कॉलेज स्वीकृत करा लिया गया है। इसके लिए उच्च शिक्षा मंत्री ने हामी भर ली है। अब कौन सी जगह कॉलेज खुलेगा इसका अभी पता नहीं है। अब जो कोटा-बूंदी के सांसद बनेगा वो आगे की कार्रवाई करवाएंगे। <br /><strong>- सीएल प्रेमी, केशवरायपाटन विधायक</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Apr 2024 19:03:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कॉलेज में छात्रों ने किया अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन </title>
                                    <description><![CDATA[थ्रोबिंग बीट्स ने अपने भावपूर्ण गीतों से संगीतमय माहौल बना दिया। इसके बाद डीजे ट्रैपरएक्स का संगीतमय प्रदर्शन हुआ, जिन्होंने अपने प्रदर्शन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/students-give-presentation-of-the-talent-in-college/article-70432"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/113322-copy1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सेंट जेवियर्स कॉलेज में 3 दिवसीय उत्सव-रेजाउंडिंग रीवरब: ट्रैवर्सिंग द वेव्स ऑफ टाइम के दूसरे दिन फैशन, संस्कृति और रचनात्मकता का मिश्रण देखा गया। अन्य प्रतियोगिताओं में सोलो डांस, सोलो सिंगिंग, लैन गेमिंग, जेवियर्स मनी हाइस्ट, मिस्टर एंड मिस जेस्ट और जेवियर्स मास्टरशेफ, गली डांस और वॉर ऑफ डीजे शामिल थे। </p>
<p>इन आयोजनों में 200 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया और छात्रों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और रचनात्मकता का प्रस्तुतियां दी। थ्रोबिंग बीट्स ने अपने भावपूर्ण गीतों से संगीतमय माहौल बना दिया। इसके बाद डीजे ट्रैपरएक्स का संगीतमय प्रदर्शन हुआ, जिन्होंने अपने प्रदर्शन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 18 Feb 2024 17:28:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एक ही कॉलेज में बना डाले दो प्राचार्य, दोनों ही रहीं तनाव में</title>
                                    <description><![CDATA[एक ही कॉलेज में दो प्रिंसिंपल होने से कॉलेज शिक्षा में उथल-पुथल मच गई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/two-principals-were-appointed-in-the-same-college--both-remained-in-tension/article-59097"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/ek-hi-college-me-bna-dale-2-pracharya,-dono-rhe-tanaav-me...kota-news-09-10-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। कॉलेज शिक्षा को लेकर आयुक्तालय कितना गंभीर है, इसका  ताजा उदारहण शुक्रवार रात जारी की गई प्राचार्यों की सूची में देखने को मिला। संभाग के सबसे बड़े राजकीय वाणिज्य महाविद्यालय में आर्ट्स कॉलेज की टैक्सटाइल डाई एंड पैंटिंग्स की प्रोफेसर को प्राचार्य बना दिया। वहीं, जेडीबी कॉमर्स कॉलेज के साथ मजाक कर डाला। यहां प्राचार्य के ऊपर एक और प्राचार्य थोप दिया। एक ही पद पर दो प्राचार्य से न केवल शिक्षक बल्कि विद्यार्थी भी असमंजस में पड़ गए। शिक्षाविद् भी आयुक्तालय के फैसले से हैरान रह गए। दरअसल, जेडीबी वाणिज्य में पहले से ही पूर्णकालिक प्रिंसिपल पदस्थापित हैं, उनके होते हुए गवर्नमेंट आर्ट्स कॉलेज की प्रोफेसर सीमा चौहान को भी प्रिंसिपल बना दिया। जबकि, वर्तमान पदस्थापित प्राचार्य का कहीं अन्य जगह ट्रांसफर नहीं किया गया है। एक ही कॉलेज में दो प्रिंसिंपल होने से कॉलेज शिक्षा में उथल-पुथल मच गई। वहीं, अव्यवहारिक निर्णय से आयुक्तालय की शिक्षा जगत में किरकिरी हो गई। </p>
<p><strong>गलती आयुक्तालय की, दोनों रहीं दुविधा में</strong><br />कॉलेज आयुक्तालय की लापरवाही ाका खामियाजा दोनों ही प्राचार्यों को अनावश्यक मानसिक तनाव के रूप में भुगतना पड़ा। इधर, गवर्नमेंट आर्ट्स कॉलेज की कार्यवाहक प्राचार्य ने आयुक्तालय के आदेश की पालना करते हुए शनिवार सुबह तत्काल प्रभाव से प्रो. सीमा चौहान को रिलीव कर दिया। इसके बाद वह जेडीबी कॉमर्स कॉलेज पदभार ग्रहण करने पहुंची लेकिन यहां पहले से ही पदस्थापित पूर्णकालिक प्राचार्य वंदना आहूजा के सामने असमंजस की स्थिति बन गई कि उनका न तो ट्रांसफर हुआ और न ही उन्हें प्राचार्य पद से हटाया गया फिर नवनियुक्त प्राचार्य चौहान को कैसे कार्यभार सौंपा जाए। ऐसे में वे बिना चार्ज लिए कॉलेज से चलीं गई। </p>
<p><strong>जेडीबी आर्ट्स में होना था ट्रांसफर</strong><br />सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विधानसभा चुनाव को लेकर आचार संहिता लगने की हड़बड़ी में आयुक्तालय ने नवनियुक्त कॉलेज प्राचार्यों की सूची जारी कर दी। जबकि, सूची की ड्रफ्टिंग से लेकर प्राचार्यों व कॉलेजों के नाम की प्रूफ रीडिंग आयुक्तालय के आईएएस व आरएएस स्तर के अधिकारियों की निगरानी में होती है। जिसमें उच्च शिक्षाधिकारियों ने गंभीर लापरवाही बरते हुए खामियां छोड़ दी। गवर्नमेंट आर्ट्स कॉलेज  की प्रो. सीमा चौहान का जेडीबी कला कन्या महाविद्यालय में ट्रांसफर किया जाना था लेकिन आयुक्तालय की गलती की वजह चौहान का ट्रांसफर कॉमर्स में हो गया। </p>
<p><strong>दिनभर छात्राओं व शिक्षकों के बीच चला प्राचार्य कौन</strong><br />राजकीय वाणिज्य कन्या महाविद्यालय में प्राचार्य कौन... की चर्चा सुर्खियों में रही। कनफ्यूजन की स्थिति होने पर छात्राएं व शिक्षक आपस में एक-दूसरे से पूछते रहे कि  अब दोनों में से कौन प्राचार्य है। छात्रा उर्मिला ने बताया कि पहली बार एक ही महाविद्यालय में दो प्राचार्य देखने को मिले हैं। वहीं, दिव्यांशी का कहना था कि एक ही पद दो लोग प्राचार्य नहीं रह सकते। आयुक्तालय को जल्द से जल्द आदेश संशोधित कर कन्फूजन की स्थिति को दूर करनी चाहिए। </p>
<p><strong>...नहीं तो गलती सुधारने के लिए राज्यपाल से लेनी पड़ेगी परमिशन</strong><br />शिक्षाविदों का कहना है कि कॉलेज आयुक्तालय ने आचार संहिता की हड़बड़ी में प्राचार्यों के पदस्थापन में भारी गलती की है। जिसे जल्द से जल्द संशोधित आदेश जारी कर भूल सुधारनी चाहिए। क्योंकि, आचार संहिता लग जाने की स्थिति में आयुक्तालय को अपनी गलती सुधाने के लिए राज्यपाल से परमिशन लेनी पड़ेगी। जिसके बाद ही इस संबंध में कोई संशोधन हो सकेगा। </p>
<p><strong>8 माह बाद होना है रिटायरमेंट</strong><br />वर्तमान में जेडीबी कॉमर्स कॉलेज में पदस्थापित प्राचार्य वंदना आहूजा का रिटायरमेंट अगले वर्ष मई 2024 में होना है। जबकि, डीपीसी के तहत उनका प्राचार्य के पद पर प्रमोशन हुआ था। संभाग में पूर्णकालिक प्रिंसिपल के रूप में सबसे वरिष्ठ हैं। </p>
<p>जब तक की कोई इस संबंध में आदेश नहीं आ जाता तब तक वर्तमान में मैं ही पूर्णकालिक प्राचार्य के पद पर पदस्थापित हूं। <br /><strong>- वंदना आहूजा, प्राचार्य, जेडीबी कॉमर्स कॉलेज </strong></p>
<p>मुझे कार्यभार ग्रहण नहीं कराया गया, हालांकि यह त्रुटिपूर्ण आदेश था, जो संशोधित होकर आ रहा है। इसलिए मैंने ज्वाइन नहीं किया है। <br /><strong>- सीमा चौहान, नवनियुक्त प्राचार्य, जेडीबी कॉमर्स कॉलेज</strong></p>
<p>इस संबंध में शनिवार देर रात संशोधित आॅर्डर जारी होने वाले हैं। संभाग में जहां पद रिक्त हैं, वहां उच्चाधिकारियों द्वारा पोस्टिंग दी जाएगी। <br /><strong>- डॉ. रघुराज सिंह परिहार, क्षेत्रिय सहायक निदेशक, कॉलेज आयुक्तालय कोटा</strong></p>
<p><strong>संभाग का सबसे बड़ा वाणिज्य कॉलेज का मुखिया टैक्सटाइल प्रोफेसर</strong><br />जेडीबी आर्ट्स कॉलेज की ट्रेक्सटाइल प्रोफेसर प्रेरणा सक्सेना को संभाग के सबसे बड़े राजकीय वाणिज्य महाविद्यालय कोटा का प्राचार्य बनाया गया है। इससे उन्हें शुरुआती कुछ महीने वाणिज्य सिलेबस, नई स्ट्रीम व विद्यार्थियों की समस्याएं समझने में समय लगेगा। महाविद्यालय की आवश्यकताएं, कार्ययोजना तैयार करने सहित अन्य गतिविधियों से रुबरू होने के बीच सब्जेक्ट गौण रह जाते हैं। वहीं, प्राचार्य के खुद के 9 पीरियड भी विद्यार्थियों को पढ़ा नहीं सकते। जबकि, कॉमर्स में विषय अध्यापकों के पद रिक्त लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। ऐसे में अन्य विषय के शिक्षक प्रिंसिपल बनते हैं तो प्राचार्य के रूप में मिलने वाली सब्जेक्ट फैकल्टी की कटौती हो जाती है। ऐसे में आयुक्तालय को कॉमर्स में कॉमर्स वाले को ही प्राचार्य बनाया जाना चाहिए ताकि प्राचार्य के रूप में वह अपने 9 पीरियड बच्चों को पड़ा सके। </p>
<p>अच्छा होता कि सब्जेक्ट का ही प्राचार्य लगाया होता। इससे उनके ज्ञान व कौशल का लाभ विद्यार्थियों को मिलता। साथ ही उनके द्वारा अपने विषय की क्लास लेने से शिक्षकों की कमी से राहत मिलती। हालांकि, प्राचार्य का पद एडमिनेस्ट्रेटिव होता है। वह महाविद्यालय का प्रशासन संभालते हैं। इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ता, समय के साथ वे कॉलेज की आवश्यकताओं से वाकिफ हो जाते हैं और बेहतर काम करते हैं।<br /><strong>- डॉ. गोपाल सिंह, शिक्षाविद्</strong></p>
<p>खुद का डिपार्टमेंट कॉलेज में न होना हर प्रिंसिपल के लिए चैलेंजिंग स्थिति होती है। प्रिंसिपल की पोस्ट अकेडमिक न होकर एडमिनेस्ट्रेटिव होती है। मल्टी फैकल्टी कॉलेजों में दिक्कत नहीं होती है लेकिन स्पेशलाइजेशन वाले महाविद्यालयों में परेशानी होती है।  कॉमर्स वाले प्रिंसिपल बनते हैं तो वे इस विषय के हर पहलू से वाकिफ होते हैं। व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करना उनके लिए आसान होता है। हालांकि, अन्य विषय के   प्राचार्य भी बेहतर काम करते हैं। अपनी नॉलेज से विद्यार्थियों की स्कील बढ़ाते हैं।  <br /><strong>- डॉ. सीमा राठौर, पूर्व कार्यवाहक प्राचार्य, गवर्नमेंट कॉमर्स कॉलेज </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Oct 2023 18:30:36 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>रीजनल कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी सीतापुरा में खेल प्रतियोगिता का आयोजन</title>
                                    <description><![CDATA[सभी छात्रों ने एवं फैकल्टी मेम्बर्स ने भी इस आयोजन में उत्साहपूर्वक भाग लिया एवं छात्रों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में छात्रों ने विभिन्न गेम्स जैसे क्रिकेट, वालीबॉल, बैडमिंटन, रेस आदि खेलों में हिस्सा लिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/sports-competition-organized-in-regional-college-of-pharmacy-sitapura/article-28610"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/552.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। रीजनल कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी में आज खेल कूद प्रतियोगिता आयोजित हुई। यह कॉलेज राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ़ हेल्थ साइंस से मान्यता प्राप्त है, एवं 2003 से सीतापुरा में संचालित किया जा रहा है। इस आयोजन का मुख्य उद्द्येश्य छात्रों में पढ़ाई के साथ साथ खेलो को भी प्रोत्साहन देना है। जिससे छात्रों का सर्वांगीण विकास हो सके। सभी छात्रों ने एवं फैकल्टी मेम्बर्स ने भी इस आयोजन में उत्साहपूर्वक भाग लिया एवं छात्रों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में छात्रों ने विभिन्न गेम्स जैसे क्रिकेट, वालीबॉल, बैडमिंटन, रेस आदि खेलों में हिस्सा लिया। अंत में विजेताओं को फार्मेसी प्रिंसिपल डॉ ताराचंद द्वारा मेडल देकर सम्मानित किया गया तथा विजेता क्रिकेट टीम को बधाई दी। </p>
<p>संस्था के वाईस चेयरमैन डॉ अंशु सुराणा ने भी छात्रों को बताया की खेलों का भी छात्र जीवन में बहुत महत्व है, एवं खेल हमे अनुशासन में रहना सिखाते हैं । संस्था के चेयरमैन श्री प्रेम सुराणा ने बताया की रीजनल कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी में बी फार्मेसी एवं डी फार्मेसी प्रोग्राम फार्मेसी कौंसिल ऑफ़ इंडिया से मान्यता प्राप्त है, संस्था द्वारा समय समय के इस प्रकार के आयोजनों से छात्रों का सर्वांगीण विकास होता है जो उनके उज्जवल भविष्य के निर्माण में सहायक होता है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 04 Nov 2022 16:32:30 +0530</pubDate>
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