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                <title>Transition - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>केंद्र सरकार में बड़ा बदलाव: राष्ट्रपति मुर्मु ने स्वीकार किया जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा, मंत्री पद से तत्काल विदाई</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रधानमंत्री की सलाह पर केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। वह मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री थे। मध्य प्रदेश से राज्यसभा का कार्यकाल 21 जून को समाप्त होने और दोबारा टिकट न मिलने के बाद उन्होंने यह कदम उठाया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-change-in-the-central-government-president-murmu-accepted-george/article-157817"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/025.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। राष्ट्रपति सचिवालय ने मंगलवार को बताया कि प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के अंतर्गत श्री कुरियन का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से त्यागपत्र तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। कुरियन केंद्र सरकार के तीसरे कार्यकाल में अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री थे। उनका राज्यसभा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।</p>
<p>केंद्र सरकार ने उन्हें हाल ही में हुए राज्यसभा के चुनाव में दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया था। वह राज्यसभा में मध्य प्रदेश से चुनकर आए थे और 21 जून को उनका कार्यकाल समाप्त हो गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 13:22:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>दुनिया में बढ़ा भारत का मान: स्लोवाकिया के सर्वोच्च राजकीय सम्मान से नवाजे गए प्रधानमंत्री मोदी, भारत-स्लोवाकिया संबंधों को मिली नई मजबूती </title>
                                    <description><![CDATA[स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के सर्वोच्च राजकीय सम्मान से विभूषित किया है। पीएम मोदी ने इसे 1.4 अरब भारतीयों को समर्पित किया। यह उनका 33वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है। इसके बाद वे जी7 शिखर सम्मेलन के लिए फ्रांस के लिए रवाना होंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/indias-prestige-increased-in-the-world-prime-minister-modi-honored/article-157115"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(5)12.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। स्लोवाकिया ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को देश के सर्वोच्च राजकीय सम्मान "द ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस, फर्स्ट क्लास" से सम्मानित किया है। स्लोवाकिया की तीन दिन की यात्रा पर गए मोदी को राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी ने सोमवार रात एक विशेष समारोह में स्लोवाकिया के सर्वोच्च राजकीय सम्मान, "द ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस, फर्स्ट क्लास" से सम्मानित किया। प्रधानमंत्री ने इस विशिष्ट सम्मान के लिए राष्ट्रपति, स्लोवाकिया की सरकार और जनता के प्रति हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त की। सम्मान स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि यह सम्मान भारत के 1.4 अरब लोगों तथा भारत और स्लोवाकिया के बीच स्थायी मैत्री संबंधों को समर्पित है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने इस सम्मान को भारत और स्लोवाकिया के लोगों को जोड़ने वाली आत्मीयता, विश्वास और स्नेह का प्रमाण बताते हुए आशा व्यक्त की कि यह सम्मान दोनों देशों की भावी पीढ़ियों को उनकी विशेष मित्रता को आगे भी सुदृढ़ बनाए रखने के लिए प्रेरित करेगा। यह प्रधानमंत्री मोदी को मिलने वाला 33वां अंतरराष्ट्रीय या वैश्विक सम्मान है। मोदी जी 7 देशों के 52वें शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए आज फ्रांस के एवियन शहर के लिए रवाना होंगे। भारत इस सम्मेलन में भागीदार देश के रूप में हिस्सा ले रहा है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 14:11:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पीएम मोदी का स्लोवाकिया दौरा: ब्रातिस्लावा में हुआ पारंपरिक स्वागत, अलग अंदाज में सुनाया वंदे मातरम</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी ऐतिहासिक यात्रा पर स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा पहुंचे, जहां ब्रेड और नमक भेंट कर उनका पारंपरिक स्वागत किया गया। पीएम मोदी यहां राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और पीएम रॉबर्ट फिको के साथ व्यापार, निवेश और रक्षा सहयोग मजबूत करने के लिए उच्च स्तरीय बैठकें करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modis-visit-to-slovakia-prime-minister-fico-welcomed-him/article-157034"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/modi.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को स्लोवाकिया की यात्रा पर पहुंचने पर कहा कि इस यात्रा से दोनों देशों के बीच सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे और बढ़ती साझेदारी और गहरी होगी। पीएम मोदी ने स्लोवाकिया की राजधानी में उतरने के तुरंत बाद कहा कि यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ होने वाली बैठकों को लेकर भी उत्सुकता जताई।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "ब्रातिस्लावा पहुंच गया हूं। यह यात्रा भारत-स्लोवाकिया संबंधों को गहरा करने और सहयोग के नए रास्ते तलाशने का अवसर देती है। राष्ट्रपति पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री फिको के साथ फलदायी बैठकों की उम्मीद है।" वहां पहुंचने पर प्रधानमंत्री का औपचारिक स्वागत किया गया, जिसमें स्लोवाकिया की सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार उन्हें ब्रेड और नमक भेंट किया गया। यह अनूठी परंपरा मेहमाननवाजी, सद्भावना और दोस्ती का प्रतीक मानी जाती है।</p>
<p>पीएम मोदी ने इस स्वागत के लिए आभार जताया और कहा, "ब्रातिस्लावा में स्वागत के दौरान ब्रेड और नमक भेंट करने की पारंपरिक प्रथा देखने को मिली। यह स्लोवाकिया की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और वहाँ के लोगों की सद्भावना व दोस्ती की भावना को दर्शाता है।" इस यात्रा के दौरान स्लोवाकिया की लोक परंपराओं को प्रदर्शित करने वाला एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री ने मियावा क्षेत्र के लोक दल 'कोपानिसियारिक' की एक मनमोहक प्रस्तुति देखी। उन्होंने किसी देश के इतिहास और पहचान को बचाए रखने में पारंपरिक कलाओं की भूमिका की सराहना की।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा, "स्लोवाकिया के मियावा क्षेत्र के कोपानिसियारिक दल की एक बेहतरीन प्रस्तुति देखी। इस तरह की लोक परंपराएं अपनी संस्कृति और इतिहास को संजोकर रखने में मदद करती हैं।" ब्रातिस्लावा में पीएम मोदी का स्वागत करने के लिए भारतीय समुदाय के लोग भी बड़ी संख्या में जुटे, जो दोनों देशों के बीच मजबूत होते आपसी रिश्तों को दर्शाता है। उन्होंने इस गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए प्रवासी भारतीयों का आभार व्यक्त किया और कहा कि समुदाय का यह स्नेह भारत और स्लोवाकिया को जोड़ने वाले मजबूत रिश्तों को उजागर करता है।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा, "मैं भारतीय समुदाय के लोगों के इस स्नेह और गर्मजोशी के लिए उनका आभारी हूँ। ऐसे भाव हमारे लोगों को जोड़ने वाले मजबूत रिश्तों को दर्शाते हैं और भारत-स्लोवाकिया की दोस्ती को और मजबूत करते हैं।" प्रधानमंत्री की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत बदलते वैश्विक और आर्थिक हालातों के बीच मध्य और पूर्वी यूरोपीय देशों के साथ अपने संबंधों को बढ़ाना चाहता है। यूरोपीय संघ और नाटो का सदस्य स्लोवाकिया, व्यापार, निवेश, विनिर्माण, रक्षा सहयोग, नवाचार, सूचना प्रौद्योगिकी और आवाजाही जैसे क्षेत्रों में भारत का एक महत्वपूर्ण भागीदार बनकर उभरा है।</p>
<p>राष्ट्रपति पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री फिको के साथ पीएम मोदी की बैठकों में आर्थिक सहयोग बढ़ाने, औद्योगिक साझेदारी को मजबूत करने, तकनीकी सहयोग में सुधार लाने और सांस्कृतिक व शैक्षणिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित होने की उम्मीद है। इसके साथ ही, दोनों देशों के बीच आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। भारत और स्लोवाकिया के बीच दशकों से दोस्ताना राजनयिक संबंध रहे हैं और हाल के वर्षों में दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्तों में लगातार बढ़ोत्तरी हुई है। दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ा है, जबकि भारतीय कंपनियों ने स्लोवाकिया में अपनी उपस्थिति मजबूत की है, खासकर ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में। वहीं स्लोवाकिया की कंपनियों ने भी भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था और विनिर्माण क्षेत्र में रुचि दिखाई है।</p>
<p>ब्रातिस्लावा की यह यात्रा पीएम मोदी के व्यापक यूरोपीय राजनयिक संपर्क का हिस्सा है। उम्मीद है कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच राजनीतिक बातचीत, आर्थिक सहयोग और जनसंपर्क को मजबूत करके भारत-स्लोवाकिया संबंधों को एक नई गति देगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 15:12:01 +0530</pubDate>
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                <title>विकसित भारत का विज़न: नीति आयोग की बैठक में पीएम मोदी का आह्वान, राज्यों के सहयोग और महिला सशक्तिकरण पर जोर</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीति आयोग की 11वीं संचालन परिषद बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि वैश्विक अस्थिरता के बावजूद भारत आगे बढ़ रहा है। पीएम ने 'विकसित भारत' के विज़न के लिए राज्यों से सहयोग, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स का लाभ उठाने और महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास को बढ़ावा देने की अपील की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/niti-aayog-an-important-platform-to-work-together-towards-developed/article-156678"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/modi3.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि नीति आयोग केन्द्र और राज्यों के बीच सहयोग के मंच के तौर पर अहम भूमिका निभाते हुए राज्यों को 'विकसित भारत' के विज़न के लिए मिलकर काम करने के लिए सशक्त बना सकता है। पीएम मोदी ने गुरुवार को यहां नीति आयोग की संचालन परिषद की 11 वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि दुनिया अभी अनिश्चितता के दौर से गुज़र रही है लेकिन भारत विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा, "दुनिया अनिश्चितता और अस्थिरता के दौर से गुज़र रही है, फिर भी भारत आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। जैसे-जैसे भारत 'विकसित राष्ट्र' के विज़न को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, हमारी सामूहिक ज़िम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।" राज्यों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्यों के बीच बातचीत का आधार सहयोग, संवाद और विचारों का आदान-प्रदान होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि विभिन्न देशों के साथ हाल ही में हुए मुक्त व्यापार समझौतों से भी विकास और निर्यात के अवसर बढेंगे।</p>
<p>उन्होंने कहा, "भारत ने विकास और निर्यात के नए अवसर पैदा करने के लिए कई देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं। ये समझौते हमारे एमएसएमई के लिए भी एक बड़ा अवसर साथ लाते हैं, जिससे वे अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करके और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाकर वैश्विक बाज़ारों के लिए तैयार हो सकते हैं।" प्रधानमंत्री ने 'विकसित भारत' के मुख्य स्तंभ के तौर पर महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि खेती, स्टार्टअप, विज्ञान और नवाचार जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में महिलाएं बहुत योगदान दे रही हैं।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया कि देश की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने में महिलाओं की पूरी क्षमता का इस्तेमाल करने के लिए राज्यों को उनकी शिक्षा, कौशल विकास, सुरक्षा और सशक्तिकरण पर ध्यान देना चाहिए। बैठक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उप-राज्यपाल/प्रशासक, केंद्रीय मंत्री और नीति आयोग के उपाध्यक्ष, सदस्य और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 19:00:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>तृणमूल कांग्रेस एक राजनीतिक दल नहीं, गिरोह थी: दिलीप घोष का बड़ा हमला, बोले- जो हो रहा है वह तय था</title>
                                    <description><![CDATA[भाजपा नेता दिलीप घोष ने सिलीगुड़ी में तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए उसे राजनीतिक संगठन के बजाय 'गिरोह' करार दिया। उन्होंने कहा कि अवसरवादी लोग फायदे के लिए टीएमसी में आए थे और अब संकट देखकर पार्टी छोड़ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि सत्ता से बाहर होते ही यह पूरा ढांचा ढह जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%A4%E0%A5%83%E0%A4%A3%E0%A4%AE%E0%A5%82%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B8-%E0%A4%8F%E0%A4%95-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%A6%E0%A4%B2-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82--%E0%A4%97%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%B9-%E0%A4%A5%E0%A5%80--%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%80%E0%A4%AA-%E0%A4%98%E0%A5%8B%E0%A4%B7-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A4%AE%E0%A4%B2%E0%A4%BE--%E0%A4%AC%E0%A5%8B%E0%A4%B2%E0%A5%87--%E0%A4%9C%E0%A5%8B-%E0%A4%B9%E0%A5%8B-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%B5%E0%A4%B9-%E0%A4%A4%E0%A4%AF-%E0%A4%A5%E0%A4%BE/article-156675"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/dilip-ghosh.png" alt=""></a><br /><p>सिलीगुड़ी। पश्चिम बंगाल के पंचायत मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस को एक राजनीतिक संगठन के बजाय ‘गिरोह’ करार दिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में यह पार्टी जिस दौर और संकट से गुजर रही है, वह ‘तय’ था। घोष ने यहां संवाददाताओं से कहा, “ जिस तरह संगठित आपराधिक गिरोह होते हैं, ठीक उसी तरह तृणमूल कांग्रेस का भी एक गिरोह था। आज पार्टी के साथ जो कुछ भी हो रहा है, वह होना ही था। अवसरवादी लोग व्यक्तिगत लाभ के लिए इसमें शामिल हुए थे और अब वे इसे छोड़कर जा रहे हैं। हमने बहुत पहले ही कहा था कि अगर तृणमूल कभी सत्ता से बाहर हुई, तो इसके इर्द-गिर्द बना पूरा ढांचा ढहने लगेगा। आज बिल्कुल वैसा ही हो रहा है।”</p>
<p>दिल्ली में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रमों और तृणमूल कांग्रेस के भीतर आंतरिक कलह की खबरों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के भविष्य को लेकर पूछे गये सवाल पर श्री घोष ने बेहद नपा-तुला जवाब दिया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “ पहले चीजों को सामने आने दीजिए। जब तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी, तब टिप्पणी करने के लिए काफी समय होगा।” घोष इस समय तृणमूल कांग्रेस द्वारा संचालित सिलीगुड़ी महाकुमा परिषद के कामकाज और वहां के बुनियादी ढांचे की समीक्षा करने के लिए सिलीगुड़ी पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि उनके इस दौरे का मुख्य उद्देश्य महाकुमा परिषद की जरूरतों का आकलन करना है। उन्होंने कहा, “ सिलीगुड़ी महाकुमा परिषद में अभी भी बुनियादी ढांचे की भारी कमी है। मैं यहां इसकी आवश्यकताओं को विस्तार से समझने आया हूं।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 18:27:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>टीएमसी को बड़ा झटका: अभिनेत्री कोयल मल्लिक ने राज्यसभा से दिया इस्तीफा, उच्च सदन में तृणमूल के बचे सिर्फ 9 सांसद</title>
                                    <description><![CDATA[तृणमूल कांग्रेस में जारी उथल-पुथल के बीच प्रसिद्ध अभिनेत्री कोयल मल्लिक ने राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। सुखेंदु शेखर रॉय, सुस्मिता देव और प्रकाश चिक बड़ाइक के बाद यह चौथा बड़ा इस्तीफा है। इस सियासी संकट से उच्च सदन में टीएमसी की संख्या घटकर महज 9 रह गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-blow-to-tmc-actress-koel-mallik-resigns-from-rajya/article-156704"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/koel-mullick.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी राजनीतिक अनिश्चितता और उथल-पुथल के बीच मशहूर अभिनेत्री और नेता कोयल मल्लिक ने गुरुवार को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। मल्लिक के इस कदम से पहले राज्यसभा सदस्य सुखेंदु शेखर रॉय और सुस्मिता देव भी उच्च सदन से इस्तीफा दे चुके हैं। वहीं, आज ही सुबह एक और टीएमसी सांसद प्रकाश चिक बड़ाइक ने उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन को अपना औपचारिक इस्तीफा सौंपा था। बड़ाइक के इस्तीफे के बाद उच्च सदन में टीएमसी की सदस्य संख्या घटकर 10 रह गई थी, जो दोपहर बाद कोयल मल्लिक के इस्तीफे के साथ ही अब गिरकर महज 9 पर आ गई है।</p>
<p>बंगाली फिल्म इंडस्ट्री की बेहद लोकप्रिय अभिनेत्री कोयल मल्लिक को टीएमसी नेतृत्व द्वारा विधानसभा चुनावों से ठीक पहले राज्यसभा के लिए नामित किया गया था। इसे पार्टी की एक बड़ी रणनीतिक चाल के रूप में देखा गया था। सांसद बनने के बाद कोयल अपने पिता व दिग्गज अभिनेता रंजित मल्लिक और परिवार के साथ नई दिल्ली में नए संसद भवन भी गई थीं और उन्होंने कई मौकों पर पार्टी के चुनाव प्रचार में सक्रिय भूमिका निभाई थी।</p>
<p>राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कोयल मल्लिक का इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब टीएमसी चौतरफा राजनीतिक चुनौतियों और लगातार लग रहे झटकों का सामना कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, अभिनेत्री पिछले कुछ समय से चल रहे राजनीतिक विवादों से खुद को दूर रखना चाहती थीं और उन्होंने इस बढ़ती सियासी हलचल में उलझने के बजाय गरिमापूर्ण तरीके से पद छोड़ना बेहतर समझा। विधानसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा के बाद से ही टीएमसी के भीतर असंतोष के सुर उभरने लगे थे। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस्तीफों का यह सिलसिला यहीं नहीं रुकने वाला है और आने वाले दिनों में कुछ और सांसद भी इसी राह पर चल सकते हैं। </p>
<p>हालांकि, पार्टी ने अभी तक इन सामूहिक इस्तीफों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। पद छोड़ने वाले अधिकांश नेताओं ने भी अभी तक अपने भविष्य के राजनीतिक पत्तों को नहीं खोला है। सांसद पद की शपथ लेते समय देश सेवा का संकल्प दोहराने वाली कोयल मल्लिक का महज कुछ महीनों के भीतर ही इस्तीफा दे देना, राष्ट्रीय राजनीति में टीएमसी के घटते प्रभाव और पार्टी के भीतर चल रहे गहरे आंतरिक संकट की ओर साफ इशारा कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 18:18:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>भारत-बांग्लादेश संबंधों के नए अध्याय की शुरुआत: ढाका में दिनेश त्रिवेदी की तैनाती, जल बंटवारे से सुरक्षा तक कई मुद्दे अहम</title>
                                    <description><![CDATA[भारत के नए उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी शुक्रवार को ढाका के लिए उड़ान भरेंगे। उनकी यह रवानगी गंगा जल संधि के नवीनीकरण, तीस्ता नदी परियोजना में चीन की दखल और बदलते रणनीतिक समीकरणों के बीच हो रही है। त्रिवेदी का मुख्य फोकस दोनों देशों के बीच व्यापारिक और भू-राजनीतिक मतभेदों को संभालना होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/beginning-of-a-new-chapter-in-india-bangladesh-relations-dinesh-trivedi/article-156663"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/dinesh-trivedi.png" alt=""></a><br /><p>ढाका। बांग्लादेश में भारत के नए उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी शुक्रवार को यहां से बांग्लादेश के लिए उड़ान भरेंगे और उनकी यह रवानगी एक ऐसे संवेदनशील मोड़ पर हो रही है, जब दोनों पक्ष राजनीतिक बदलावों, उभरते रणनीतिक तनाव तथा आने वाले वर्षों में द्विपक्षीय संबंधों को आकार देने वाली कई महत्वपूर्ण वार्ताओं के बीच अपने रिश्तों को नए सिरे से स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। त्रिवेदी ने ढाका रवाना होने से पहले मीडिया से कहा कि दोनों देशों पर लगभग 160 करोड़ लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने की जिम्मेदारी है। उन्होंने भारत एवं बांग्लादेश के रिश्ते को 'विशेष' बताया और कहा कि इसने राजनीतिक बदलावों तथा समय-समय पर पैदा होने वाले तनावों को झेला है। यह मजबूत एवं सुरक्षित नींव पर टिका है।</p>
<p>केंद्र सरकार में रेल मंत्री रह चुके त्रिवेदी ऐसे समय में ढाका पहुंचेंगे जब द्विपक्षीय संबंधों के दो सबसे महत्वपूर्ण स्तंभों (जल बंटवारे और व्यापार) पर नए सिरे से बातचीत शुरू होने वाली है। गंगा के जल बंटवारे की 1996 संधि का नवीनीकरण होना है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में व्यापक स्तर पर फिर से बातचीत करना मुश्किल साबित हो सकता है, जिससे अल्पावधि के लिए इस संधि को कुछ समय के लिए आगे बढ़ा देना ही सबसे संभावित परिणाम दिखाई देता है। विदेश मंत्रालय में पूर्व सचिव पिनाक आर चक्रवर्ती और अन्य रणनीतिक पर्यवेक्षकों ने तर्क दिया है कि पानी को व्यापक संबंधों से अलग करके नहीं देखा जा सकता।</p>
<p>भारतीय नीति निर्माता अब बदलती परिस्थितियों को देखते हुए इस संधि पर दोबारा विचार करना जरूरी समझ रहे हैं। हिमालय में ग्लेशियरों के कम पिघलने से नदियों के प्रवाह पर असर पड़ा है, जबकि जनसंख्या वृद्धि और कृषि मांग ने सीमा के दोनों ओर पानी की आवश्यकताओं को नाटकीय रूप से बढ़ा दिया है। जल बंटवारे पर वार्ता व्यापक आर्थिक चर्चाओं से भी जुड़ी हुई है। बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था, जो अब 510 अरब अमेरिकी डॉलर को पार कर चुकी है, लगातार मध्यम आय वाले देश के दर्जे की ओर बढ़ रही है।</p>
<p>चूंकि बांग्लादेश सबसे कम विकसित देशों की श्रेणी से बाहर निकल रहा है, इसलिए भारत द्वारा पिछले कुछ वर्षों में एकतरफा रूप से दी गई कई व्यापारिक रियायतों और तरजीही व्यवस्थाओं में अनिवार्य रूप से संशोधन की आवश्यकता होगी। इसलिए, दोनों देशों के अधिकारी एक अधिक संतुलित रिश्ते के लिए डिज़ाइन किए गए एक नए व्यापार ढांचे की तलाश कर रहे हैं। इस पृष्ठभूमि में दोनों पक्षों को राजनीतिक रूप से परेशान करने वाले मुद्दों को संभालने की आवश्यकता होगी। जमात-ए-इस्लामी और नेशनल सिटीजंस पार्टी के कुछ धड़ों की भारत-विरोधी बयानबाजी ने भारत में चिंता पैदा की है। इसके बावजूद भारतीय अधिकारी इस बात को स्वीकार करते हैं कि समय-समय पर आने वाले राजनीतिक बयानों को भूगोल, अर्थशास्त्र और लोगों के आपसी रिश्तों पर बने इस रिश्ते को पटरी से उतारने की अनुमति नहीं दी जा सकती। त्रिवेदी के लिए यह चुनौती होगी कि वह दोनों देशों के रिश्तों को राजनीतिक उतार-चढ़ाव से बचाकर रखें।</p>
<p>भारत बांग्लादेश के चीन और पाकिस्तान के साथ बढ़ते रिश्तों को लेकर भी लगातार सावधान है। यह चिंता सबसे ज्यादा नदी से जुड़े मुद्दों में दिख रही है। गंगा नदी के जल बंटवारे पर बातचीत चल रही है, लेकिन बांग्लादेश ने तीस्ता नदी के प्रबंधन और परियोजनाओं में चीन की मदद मांगी है। इस प्रस्ताव से भारत चिंतित है, क्योंकि यह परियोजना सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) के बहुत पास है। सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं सिर्फ चीन तक ही सीमित नहीं हैं। हाल ही में बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य संपर्क—जैसे पायलट प्रशिक्षण पर बातचीत और पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों में बांग्लादेश की रुचि—ने भारत को सतर्क कर दिया है। साथ ही, खुफिया एजेंसियां बांग्लादेश में पाकिस्तान की आईएसआई की बढ़ती गतिविधियों पर भी नजर रख रही हैं।</p>
<p>ये चिंताएं पुराने अनुभवों से भी जुड़ी हैं। भारतीय एजेंसियां लंबे समय से मानती हैं कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों ने पहले पूर्वोत्तर भारत के उग्रवादी समूहों की मदद की थी। 2002 में कोलकाता के अमेरिकन सेंटर पर हुए हमले जैसी घटनाओं की जांच में भी पाकिस्तान और बांग्लादेश के कुछ चरमपंथी संगठनों के संबंध सामने आए थे। फिर भी, इन चिंताओं के बावजूद दोनों देश लंबे समय तक खराब रिश्ते नहीं रख सकते। बांग्लादेश, दक्षिण एशिया में भारत का एक बड़ा व्यापारिक साझेदार है और बंगाल की खाड़ी तक पहुंच का एक महत्वपूर्ण रास्ता भी है। वहीं, भारत भी बांग्लादेश के लिए संपर्क, ऊर्जा और क्षेत्रीय बाजारों तक पहुंच के लिहाज से बहुत जरूरी है। इसलिए त्रिवेदी के लिए असली काम मतभेद खत्म करना नहीं, बल्कि उन्हें संभालकर रिश्तों को आगे बढ़ाना होगा।</p>
<p>आखिर में, इस बातचीत की सफलता इस पर निर्भर करेगी कि क्या भारत और बांग्लादेश राजनीतिक तनाव से ऊपर उठकर बदलती परिस्थितियों के अनुसार अपने रिश्तों को नया रूप दे पाते हैं। दोनों देशों के करोड़ों लोगों की तरक्की एक-दूसरे से जुड़ी हुई है, इसलिए सहयोग बनाए रखना बहुत जरूरी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 15:58:56 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>खरगे का बड़ा हमला: संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा, संविधान बचाने की लड़ाई का आह्वान</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने महंगाई, बेरोजगारी और नीट परीक्षा घोटाले को लेकर केंद्र पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि दशकों में बनी संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है। खरगे ने नेताओं से एकजुट होकर जनता के हक और संविधान की रक्षा के लिए लड़ने का आह्वान किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-attack-by-kharge-constitutional-institutions-are-being-weakened-call/article-156650"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/kharge.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि देश के सामने महंगाई, बेरोजगारी, परीक्षा घोटाले, सामाजिक असमानता जैसी गंभीर चुनौतियों के साथ ही संवैधानिक संस्थाओं और व्यवस्थाओं को भी कमजोर किया जा रहा है जिनके खिलाफ सख्ती से लड़ने की जरूरत है। खरगे ने गुरुवार को यहां इंदिरा भवन में कांग्रेस महासचिवों, विभिन्न राज्यों के प्रभारियों और प्रदेश अध्यक्षों की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि जिन संस्थाओं और व्यवस्थओं को बनाने में दशकों लगे, उन्हें कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की रक्षा करना कांग्रेस की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नीट, विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विवादों ने करोड़ों युवाओं और उनके परिवारों का विश्वास हिला दिया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी स्वयं प्रभावित छात्रों और युवाओं से मिले हैं तथा उनकी आवाज को देश के सामने मजबूती से रखा है।</p>
<p>कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, "आज दुर्भाग्य से हम देखते हैं कि जिन संस्थाओं और व्यवस्थाओं को बनाने में दशकों लगे, उन्हें कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। इसलिए हमारी जिम्मेदारी केवल राजनीतिक संघर्ष की नहीं, बल्कि भारत के संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की रक्षा की भी है।" उन्होंने पार्टी नेताओं से जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाने और संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया। बैठक में मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम, संगठनात्मक रणनीति तथा आगामी कार्यक्रमों पर भी चर्चा की गई। खरगे ने कहा कि कांग्रेस इन मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और जनता के अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 15:01:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>सुस्मिता देव के राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफे से तृणमूल संकट गहराया, सामूहिक दलबदल की अटकलों से बढ़ा गतिरोध</title>
                                    <description><![CDATA[तृणमूल कांग्रेस का आंतरिक संकट गहरा गया है। सुखेंदु शेखर रॉय के बाद सांसद सुस्मिता देव ने भी राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया है। दिल्ली में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से उनकी मुलाकात के बाद सियासी अटकलें तेज हैं। चर्चा है कि टीएमसी के करीब 20 सांसद पाला बदलने की तैयारी में हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/trinamool-crisis-deepens-due-to-susmita-devs-resignation-from-rajya/article-156583"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/susmita.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहा संकट बुधवार को उस समय और गहरा गया, जब पार्टी की वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद सुस्मिता देव ने उच्च सदन से इस्तीफा दे दिया। वह दिग्गज नेता सुखेंदु शेखर रॉय के बाद एक हफ्ते के भीतर इस्तीफा देने वाली तृणमूल की दूसरी सांसद बन गयी हैं। इस घटनाक्रम ने हाल ही में मिले चुनावी झटके के बाद सुश्री बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी के भीतर बढ़ते विद्रोह की अटकलों को तेज कर दिया है, जिससे संसद में बड़े राजनीतिक समीकरण बदलने की संभावना बढ़ गयी है।</p>
<p>जानकारी के अनुसार देव ने उप राष्ट्रपति एवं राज्य सभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन से मुलाकात की और सदन की सदस्यता से अपना औपचारिक इस्तीफा सौंप दिया। उनका यह इस्तीफा सुखेंदु शेखर रॉय की पार्टी और राज्य सभा दोनों से इस्तीफा देने के कुछ दिनों बाद आया है, जिसमें उन्होंने तृणमूल के भीतर 'बेलगाम भ्रष्टाचार' और 'अराजक शासन' का हवाला दिया था। पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में काम कर रहीं देव के इस्तीफे को तृणमूल नेतृत्व के लिए बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है, जो पहले से ही आंतरिक असंतोषों से जूझ रहा है।</p>
<p>महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष रहीं देव साल 2021 में कांग्रेस छोड़कर तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुई थीं। उन्होंने सिलचर से 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन भाजपा उम्मीदवार राजदीप रॉय से हार गयी थीं। तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने के बाद उन्हें राज्य सभा के लिए नामित किया गया और वह राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के प्रमुख चेहरों में से एक बनकर उभरीं। उनके इस्तीफे से जुड़े राजनीतिक संशय को बढ़ाते हुए बुधवार को कुछ तस्वीरें सामने आयीं, जिनमें देव नयी दिल्ली में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से मुलाकात करती दिख रही हैं। इसने उनके भविष्य की राजनीतिक योजनाओं को लेकर अटकलों को हवा दे दी है।</p>
<p>इस मुलाकात के राजनीतिक मायनों पर न तो देव और न ही भाजपा की ओर से तुरंत कोई टिप्पणी की गयी है। ये घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आये हैं, जब तृणमूल के संसदीय दल के भीतर बड़ा विद्रोह पनपने की सूचनाएं आ रही हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, तृणमूल के करीब 20 सांसद संसद में भाजपा नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल होने की इच्छा जताते हुए लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखने पर विचार कर रहे हैं। अभी तक ऐसा कोई औपचारिक पत्र सार्वजनिक नहीं हुआ है, लेकिन इन रिपोर्टों ने दिल्ली-कोलकाता दोनों जगह राजनीतिक सरगर्मियां तेज कर दी हैं।</p>
<p>इस सामूहिक दलबदल की संभावना ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी की एकजुटता पर नये सवाल खड़े कर दिये हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि एक के बाद एक दो वरिष्ठ सांसदों का इस्तीफा और सांसदों के एक धड़े में असंतोष की सूचनाएं, पार्टी के भीतर गहरे संगठनात्मक संकट की ओर इशारा करती हैं। इस हफ्ते की शुरुआत में सुखेंदु शेखर रॉय के इस्तीफे से तृणमूल को पहले ही बड़ा झटका लग चुका है। अपने इस्तीफे में और उसके बाद दिये सार्वजनिक बयानों में इस दिग्गज सांसद ने पार्टी नेतृत्व की तीखी आलोचना की थी और आरोप लगाया था कि संगठन के भीतर भ्रष्टाचार और मनमाना कामकाज पूरी तरह हावी हो चुका है। हालिया चुनावी झटकों के बाद उनके जाने को व्यापक स्तर पर होने वाले विद्रोह के पहले प्रत्यक्ष संकेत के रूप में देखा गया था।</p>
<p>तृणमूल ने अब तक इन इस्तीफों के महत्व को कम कर आंकने की कोशिश की है और उसका दावा है कि बनर्जी के नेतृत्व में पार्टी पूरी तरह एकजुट है। लगातार हुए इन इस्तीफों ने हालांकि भाजपा को एक नया हथियार दे दिया है, जो पश्चिम बंगाल में अपना प्रभाव बढ़ाने और अपनी पार्टियों से असंतुष्ट विपक्षी नेताओं को अपने पाले में लाने की कोशिशों में जुटी है। इस बदलते घटनाक्रम ने संसद में विपक्षी खेमे के भविष्य के स्वरूप पर भी सवाल खड़े कर दिये हैं। यदि तृणमूल सांसदों के एक धड़े के दलबदल की ये सूचनाएं अगर हकीकत में बदलती हैं, तो इससे विपक्ष के संख्या बल पर बड़ा असर पड़ सकता है और संसद के दोनों सदनों में राजग की स्थिति और मजबूत हो सकती है।</p>
<p>राष्ट्रीय स्तर पर खुद को भाजपा के मुख्य चुनौती देने वालों में से एक के रूप में पेश करने वाली तृणमूल कांग्रेस के लिए ये इस्तीफे हाल के वर्षों में सबसे गंभीर आंतरिक चुनौतियों में से एक हैं। आगे और दलबदल होने की अटकलों के बीच, अब पूरा ध्यान इस बात पर है कि क्या तृणमूल नेतृत्व इस संकट को थामने में सफल रहता है या फिर यह मौजूदा गतिरोध आने वाले हफ्तों में एक बड़े राजनीतिक उलटफेर का सबब बनेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 18:32:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बिहार में उद्योग लगाने की प्रक्रिया हुई आसान, 30 दिन में स्वीकृति नहीं मिलने पर मिलेगा'डीम्ड क्लीयरेंस': सम्राट चौधरी</title>
                                    <description><![CDATA[बिहार सरकार ने राज्य में औद्योगिक विकास और निवेश बढ़ाने के लिए स्वीकृति प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया है। अब उद्योगों से जुड़े सभी क्लियरेंस के लिए 30 दिनों की बाध्यकारी समय-सीमा तय की गई है। समय पर फैसला न होने पर निवेशकों को सीधे 'डीम्ड क्लीयरेंस' मिल जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/process-of-setting-up-industry-in-bihar-becomes-easier-if/article-156454"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/samrat-choudhary.png" alt=""></a><br /><p>पटना। बिहार सरकार ने राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए उद्योगों से संबंधित स्वीकृतियों की प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाने का निर्णय लिया है, इसके तहत उद्योगों से जुड़े सभी स्वीकृतियों के लिए 30 दिनों की बाध्यकारी समय-सीमा तय की गई है। मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने कहा कि बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन अधिनियम, 2016 के अंतर्गत राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद (एसआईपीबी) सचिवालय को एकल नोडल एजेंसी के रूप में प्राधिकृत करते हुए उसे व्यापक प्रशासनिक एवं विधिक शक्तियाँ प्रदान करने की स्वीकृति दी गई। राज्य सरकार निवेशकों के लिए उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि एसआईपीबी सचिवालय द्वारा किसी आवेदन की तकनीकी जांच और अनुशंसा किए जाने के बाद संबंधित सक्षम प्राधिकार को 30 दिनों के भीतर अथवा निर्धारित समय-सीमा में स्वीकृति देना अनिवार्य होगा। यह व्यवस्था विधिक रूप से बाध्यकारी होगी।उन्होंने कहा कि यदि कोई विभाग या सक्षम प्राधिकार निर्धारित समय-सीमा के भीतर निर्णय लेने में विफल रहता है तो एसआईपीबी सचिवालय निवेशकों के हितों की रक्षा करते हुए 'डीम्ड क्लीयरेंस' जारी करेगा। यह स्वीकृति संबंधित विभाग के लिए बाध्यकारी होगी।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने बताया कि नई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न तकनीकी एवं विनियामक विभागों के सक्षम अधिकारियों को एसआईपीबी सचिवालय में प्रतिनियुक्त किया जाएगा। ये अधिकारी औद्योगिक विकास आयुक्त के प्रत्यक्ष प्रशासनिक नियंत्रण एवं पर्यवेक्षण में कार्य करेंगे, जिससे सभी निर्णय एक ही मंच पर त्वरित रूप से लिए जा सकेंगे।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों की स्थापना, संचालन एवं विस्तार से संबंधित सभी अनुमतियों के लिए व्यापक मानक संचालन प्रक्रियाएं (एसओपी) भी निर्धारित करेगी। इससे स्वीकृति प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता सुनिश्चित होगी।</p>
<p>मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने कहा कि औद्योगिक विकास राज्य की आर्थिक समृद्धि, रोजगार सृजन और समग्र विकास का आधार है। बिहार को देश और दुनिया के निवेशकों के लिए भरोसेमंद और पसंदीदा निवेश गंतव्य बनाना राज्य सरकार का संकल्प है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 18:05:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>TMC को एक और झटका : सब्यसाची दत्ता गिरफ्तार, जबरन वसूली एवं आपराधिक धमकी के आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[कोलकाता पुलिस ने टीएमसी नेता और पूर्व मेयर सब्यसाची दत्ता को गिरफ्तार कर लिया है। साल्ट लेक के एक व्यवसायी से लाखों रुपये की रंगदारी मांगने और धमकी देने के आरोप में यह कार्रवाई हुई। राजारहाट स्थित आवास पर घंटों पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/trinamool-leader-sabyasachi-dutta-arrested-on-charges-of-extortion-and/article-156442"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/021.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाली की पुलिस ने सोमवार रात को तृणमूल कांग्रेस के नेता और बिधाननगर नगर निगम के पूर्व अध्यक्ष सब्यसाची दत्ता को कथित जबरन वसूली एवं आपराधिक धमकी के मामले में गिरफ्तार किया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, साल्ट लेक के एक व्यवसायी ने दत्ता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, जो वर्तमान में बिधाननगर नगर निगम के वार्ड नंबर 31 के पार्षद हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उन पर कई लाख रुपये देने का दबाव डाला जा रहा था और मांग पूरी न करने पर उन्हें धमकी दी गई।</p>
<p>शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए बिधाननगर उत्तर पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने सोमवार देर रात राजारहाट के रायगाछी इलाके में दत्ता के आवास पर छापा मारा। उन्हें उनके घर से हिरासत में लिया गया और पूछताछ के लिए पुलिस स्टेशन ले जाया गया। सूत्रों के अनुसार, औपचारिक गिरफ्तारी से पहले दत्ता से कई घंटों तक पूछताछ की गई। मंगलवार सुबह उनकी चिकित्सा जांच होने की उम्मीद है और उसके बाद उन्हें बिधाननगर अदालत में पेश किया जाएगा।</p>
<p>दत्ता ने हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में बारासात विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था लेकिन भाजपा उम्मीदवार से हार गए थे। उनकी गिरफ्तारी पूर्व राज्य सरकार के पदाधिकारियों से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच हुई है। इससे पहले सोमवार को पुलिस ने नेपाल सीमा के पास जहांगीर खान को गिरफ्तार किया, जिसे लोकप्रिय रूप से "पुष्पा" के नाम से जाना जाता है।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, कथित तौर पर सीमा मार्ग से भागने की कोशिश करते समय उन्हें राज्य पुलिस विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने गिरफ्तार कर लिया। दत्ता की गिरफ्तारी पूर्व सत्ताधारी दल से जुड़े नेताओं के खिलाफ की गई कार्रवाइयों की श्रृंखला के बाद हुई है। पिछले महीने, पूर्व राज्य मंत्री सुजीत बोस को नगर निगम भर्ती मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद, बोस के करीबी माने जाने वाले कई पार्षदों को संबंधित जांच में पुलिस ने गिरफ्तार किया। पुलिस ने दत्ता के खिलाफ लगे आरोपों के संबंध में अभी तक कोई और जानकारी नहीं दी है और जांच जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 15:40:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>हरे निशान में खुले शेयर बाजार: सेंसेक्स 500 से ज्यादा अंक चढ़कर 74,035 पर खुला, इन स्टॉक्स में दिखेगा एक्शन</title>
                                    <description><![CDATA[घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को शानदार रिकवरी देखी गई। चौतरफा लिवाली के दम पर बीएसई सेंसेक्स 511 अंक की बढ़त के साथ 74,035 पर खुला। ऑटो, बैंकिंग और वित्तीय सेक्टरों में भारी निवेश से बाजार मजबूत हुआ, जबकि ट्रेंट और इंडिगो के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी रही।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/stock-market-opened-in-green-sensex-rose-by-more-than/article-156402"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/share-market2.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। घरेलू शेयर बाजारों में मंगलवार को शुरुआती तेजी देखी गयी और बीएसई का सेंसेक्स 500 अंक से अधिक की बढ़त में खुला। सेंसेक्स 511.15 अंक चढ़कर 74,035.41 अंक पर खुला। खबर लिखे जाते समय यह 356.67 अंक (0.49 प्रतिशत) ऊपर 73,880.93 अंक पर था। बाजार में इस समय चौतरफा लिवाली देखी जा रही है। ऑटो, रसायन, बैंकिंग और वित्तीय कंपनियों में निवेशक ज्यादा विश्वास दिखा रहे हैं।</p>
<p>नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की निफ्टी-50 सूचकांक 136.05 अंक की मजबूती के साथ 23,259.05 अंक पर खुला। खबर लिखे जाते समय यह 105.80 अंक यानी 0.46 प्रतिशत की बढ़त में 23,228.80 अंक पर रहा। सेंसेक्स की कंपनियों में ट्रेंट का शेयर ढाई फीसदी और इंडिगो का डेढ़ फीसदी चढ़ा। एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा और बजाज फिनसर्व के शेयर भी एक प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त में हैं। टाटा स्टील और एनटीपीसी में करीब एक प्रतिशत की गिरावट है। इंफोसिस, पावरग्रिड और एचसीएल टेक्नोलॉजीज के शेयर भी नीचे चल रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 11:20:10 +0530</pubDate>
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