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                <title>Data Privacy - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Data Privacy RSS Feed</description>
                
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                <title>राज्यसभा में उठा पैक्स सिलिका में शामिल होने से भारत के डेटा की निजता प्रभावित होने का मामला, दिग्विजय सिंह ने जताई नागरिकों की निजता के उल्लंघन की आशंका</title>
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                        <![CDATA[राज्यसभा में दिग्विजय सिंह ने 'पैक्स सिलिका' गठबंधन से डेटा निजता और 'डिजिटल उपनिवेशवाद' का खतरा उठाया। जया बच्चन ने वीआईपी कल्चर से जनता और सांसदों को होने वाली असुविधा पर नाराजगी जताई, जबकि राघव चड्ढा ने मोबाइल डेटा कैरी-फॉरवर्ड के उपभोक्ता अधिकार की मांग की। सदन में महिला सुरक्षा और नकली ऑर्गेनिक उत्पादों पर भी चर्चा हुई।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/issue-of-indias-data-privacy-being-affected-due-to-pax/article-147527"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/digvijay-singh.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। अमेरिका के नेतृत्व में बनाये गये रणनीतिक गठबंधन पैक्स सिलिका में भारत के शामिल होने से भारत और उसके नागरिकों डेटा की निजता की सुरक्षा का मुद्दा सोमवार को राज्यसभा में उठाया गया। कांग्रेस के दिग्विजय सिंह ने शून्यकाल में यह विषय उठाते हुए कहा कि भारत हाल ही में पैक्स सिलिका का सदस्य बना है। उन्होंने कहा कि इस गठबंधन का सदस्य बनने से भारत के डेटा के लीक होने तथा नागरिकों की निजता के उल्लंघन की आशंका है।</p>
<p>कांग्रेस सदस्य ने कहा कि इससे भारत की क़त्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसे क्षेत्रों में स्वायत्तता और संभावनाओं पर भी प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार को उन सेवा शर्तों का सदन में खुलासा करना चाहिए जिनके आधार पर भारत इसका सदस्य बना है। उन्होंने आरोप लगाया कि पैक्स सिलिका डिजिटल उपनिवेशवाद है और इससे भारत के हर नागरिक की निजता की सुरक्षा का सवाल पैदा हो गया है।</p>
<p>उन्होंने इससे अलग एक विषय उठाते हुए देश में अब तक की महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक उपलब्धियों के पड़ावों पर सदन में अल्पकालिक चर्चा कराये जाने की मांग की। भाजपा के डॉ. अजीत माधवराव गोपचड़े ने ऑर्गेनिक के नाम पर देश में बेचे जा रहे नकली खाद्य पदार्थ की ब्रिक्री पर रोक लगाये जाने का मुद्दा उठाया। उन्होने पूरे देश में ऑर्गेनिक खाद्य पदार्थों के लिए एक ही नियम और मानक स्थापित किये जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि रसायन युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन से लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है और साथ ही भारतीय उत्पादों का नाम भी खराब हो रहा है। उन्होंने इस समस्या से निपटने के लिए सख्त कानून बनाये जाने की मांग की । उन्होंने कहा कि इससे देश की प्रतिष्ठा को भी नुकसान हो रहा है।</p>
<p>भाजपा के नबाम रेबिया ने पूर्वोत्तर के छात्रों के साथ राजधानी दिल्ली में नस्लीय भेदभाव और उत्पीड़न का मुद्दा उठाया। उन्होंने इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई किये जाने की मांग की। सभापति ने कहा कि इस विषय पर सारा सदन सहानुभूतिपूर्ण विचार रखता है। कांग्रेस के अखिलेश प्रसाद सिंह ने बिहार के औद्योगिकरण के मामले में पिछड़े होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बिहार देश के सकल घरेलू उत्पाद में केवल तीन प्रतिशत का योगदान देता है क्योंकि वहां पर उद्योग और फैक्ट्री नहीं है। इससे लोगों को पलायन करना पड़ता है। उन्होंने राज्य में औद्योगिक टाउनशिप विकसित किये जाने की मांग की।</p>
<p>समाजवादी पार्टी की जया बच्चन ने देश विशेष रूप से राजधानी दिल्ली में वीआईपी संस्कृति के कारण नागरिकों को होने वाली असुविधा का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यह अफसोस की बात है कि इस संस्कृति के कारण कर देने वाले आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ी है।<br />उन्होंने अपने साथ हुए मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि जब वह और अन्य सांसद पिछले सप्ताह शार्दुल गेट से बाहर निकल रहे थे तो वीआईपी मूवमेंट के चलते को बंद कर दिया गया। </p>
<p>उन्होंने कहा कि यह संसद के इतिहास में पहली बार हुआ कि सांसद के लिए गेट बंद कर दिया गया। इससे सांसदों का अपमान हुआ है। दूसरे मामले का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वीआईपी मूवमेंट के कारण उन्हें राज्यसभा से सेवानिवृत सांसदों की विदायी पार्टी में पहुंचने में एक घंटे से अधिक समय लगा। उन्होंने इस संस्कृति पर रोक लगाये जाने की मांग की। </p>
<p>कांग्रेस की रजनी पाटिल ने निजी स्कूलों में बढ़ती फीस का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि शिक्षा नागरिकों का मौलिक अधिकार है लेकिन भारी भरकम फीस के कारण वह इससे वंचित हैं। आम आदमी पार्टी के राघव चड्डा ने मोबाइल उपभोक्ताओं के फोन रिचार्ज पैकेज में बिना इस्तेमाल के बचे डेटा के समाप्त हो जाने का का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कंपनियों ने डेटा की सीमा हर रोज के हिसाब से तय की है जबकि यह मासिक होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह उपभोक्ता का अधिकार है और उसका बचा हुआ डेटा उपभोक्ता के खाते में जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने बचे हुए डेटा को किसी और को स्थानांतरित किये जाने की व्यवस्था शुरू किये जाने की भी मांग की।</p>
<p>आप पार्टी की स्वाति मालीवाल ने देश में महिला आयोगों को वास्तविक अधिकार दिये जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि अनेक राज्यों में अभी भी महिला आयोग में पदाधिकारियों की नियुक्ति नहीं की गयी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में भी महिला आयोग में अध्यक्ष का पद खाली है।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 16:27:51 +0530</pubDate>
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                <title>भारत के लिए पाकिस्तान ने फिर बंद किया एयरस्पेस: एक महीने और बढ़ाई पाबंदी, भारतीय एयरलाइंस को हो रहा बड़ा घाटा</title>
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                        <![CDATA[केंद्र सरकार ने एआई-जनित डीपफेक को नियंत्रित करने के लिए नए दिशा-निर्देश लागू किए हैं। अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भ्रामक कंटेंट की शिकायत पर उसे 3 घंटे के भीतर हटाना अनिवार्य होगा।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/pakistan-again-closes-airspace-for-india-for-one-more-month/article-143865"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/india-and-pakistan.png" alt=""></a><br /><p>इस्लामाबाद। पाकिस्तान ने भारत में रजिस्टर्ड विमानों के लिए अपने एयरस्पेस को बंद करने की समय सीमा एक महीने बढ़ा दी है। अब यह पाबंदी 23 मार्च 2026 तक लागू रहेगी। इस दौरान भारत में रजिस्टर्ड कोई भी नागरिक या सैन्य विमान पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र का उपयोग नहीं कर सकेगा। पाकिस्तान ने यह ऐलान तब किया है, जब मई 2025 में दोनों देशों के बीच हुए सैन्य झड़प के बाद तनाव चरम पर है। भारत ने भी पाकिस्तान में रजिस्टर्ड विमानों के भारतीय हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने पर रोक लगाई हुई है। इन प्रतिबंधों के कारण दोनों देशों की एयरलाइनों को लंबी रूट से उड़ान भरना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>पाक ने नोटिस जारी कर क्या कहा?</strong></p>
<p>पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ने इस संबंध में एक नया नोटिस टू एयरमेन (नोटम) भी जारी किया है। इसके अनुसार, इस दौरान सभी भारतीय-रजिस्टर्ड सिविल और मिलिट्री विमानों के पाकिस्तान के एयरस्पेस से गुजरने पर रोक रहेगी। यह बैन, जो पहली बार 23 अप्रैल, 2025 को लगाया गया था, अब लगभग 10 महीने से लागू है। पाकिस्तान ने भारतीय एयरलाइंस के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया, जिसके बाद नई दिल्ली ने 30 अप्रैल को पाकिस्तानी एयरलाइनों पर भी इसी तरह की पाबंदियां लगा दीं।</p>
<p><strong>हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध से किसे ज्यादा नुकसान?</strong></p>
<p>हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल पर पाबंदी लगने के कारण दोनों देशों की एयरलाइनों को ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है। इस कारण उनकी ऑपरेशनल कॉस्ट और फ्लाइट रूट बढ़ गए हैं। हालांकि, इसका ज्यादा नुकसान भारत को हो रहा है। इसका प्रमुख कारण भारत में हवाई उड़ानों का बाजार पाकिस्तान से ज्यादा बड़ा होना है। पाकिस्तान भारत के मुकाबले काफी गरीब है और वहां ज्यादातर लोग महंगे किराए के कारण हवाई सफर नहीं कर पाते हैं। भारत के प्रमुख हवाई गंतव्यों में मध्य पूर्व के देश शामिल हैं। ऐसे में पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से होकर जाने में भारतीय एयरलाइंस को कम खर्च करना पड़ता है।</p>
<p><strong>एयर इंडिया को सबसे ज्यादा नुकसान</strong></p>
<p>एयर इंडिया ने पिछले साल भारत सरकार को एक चिट्ठी लिखकर आशंका जताई थी कि अगर पाकिस्तान का हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध 1 साल तक जारी रहता है तो इससे लगभग 600 मिलियन डॉलर का घाटा हो सकता है। उसने भारतीय सरकार से इस नुकसान की भरपाई करने का अनुरोध किया था। एयरलाइन ने सरकार से आर्थिक नुकसान के अनुपात में सब्सिडी मॉडल की मांग की थी।</p>
<p><strong>भारत पाक तनाव अब भी जारी?</strong></p>
<p>भारत और पाकिस्तान आजादी के बाद से ही एक दूसरे के दुश्मन हैं। हालांकि, अप्रैल में पहलगाम हमले के बाद भारत की सैन्य कार्रवाई के बाद हालात और ज्यादा बिगड़ गए हैं। भारत ने न सिर्फ पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों को तहस-नहस कर दिया, बल्कि उन्हें बचाने आई पाकिस्तानी सेना को भी जबरदस्त सबक सिखाया। भारत ने सिंधु जल संधि को भी निलंबित कर दिया है और बाघा-अटारी सीमा के जरिए लोगों की आवाजाही भी प्रतिबंधित की हुई है।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Fri, 20 Feb 2026 11:33:17 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>आज से एआई वीडियो पर सख्ती AI-Generated का लेबल अनिवार्य: नए आईटी एक्ट में एआई वीडियो, फर्जी और डीपफेक कंटेंट पर लगेगी लगाम, सरकार ने 10 फरवरी को जारी किए थे नए नियम</title>
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                        <![CDATA[केंद्र सरकार ने एआई-जनित डीपफेक को नियंत्रित करने के लिए नए दिशा-निर्देश लागू किए हैं। अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भ्रामक कंटेंट की शिकायत पर उसे 3 घंटे के भीतर हटाना अनिवार्य होगा।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/gadgets/from-today-strictness-on-ai-videos-ai-generated-label-mandatory-new/article-143863"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/ai-video.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। डिजिटल दौर में तेजी से बढ़ रहे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित वीडियो, खासकर डीपफेक और मॉर्फ्ड कंटेंट, को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने नए आईटी नियमों के तहत सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ये दिशा-निर्देश मुख्य रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के प्रावधानों और आईटी नियम 2021 में किए गए संशोधनों के आधार पर लागू किए जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य एआई तकनीक के दुरुपयोग, फर्जी खबरों और डीपफेक वीडियो के प्रसार पर रोक लगाना है। भारत सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डीपफेक और भ्रामक कंटेंट के बढ़ते खतरों को देखते हुए आईटी नियम 2021 में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। फरवरी 2026 में जारी नई गाइडलाइंस के तहत एआई से बने वीडियो को लेकर कड़े नियम लागू किए गए हैं। </p>
<p><strong>एआई डीपफेक को लेकर सरकार के नए नियम</strong></p>
<p>केंद्र सरकार ने AI-Generated कंटेंट को लेकर नए दिशानिर्देश जारी किए, जिनका पालन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को करना होगा। सरकार ने 10 फरवरी को नए नियम जारी किए हैं, जो 20 फरवरी से लागू होंगे। केंद्र सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशा-निर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 में संशोधन किया है। इन नियमों के तहत अब अक से बने या बदले गए कंटेंट को भारत के डिजिटल कानूनों के दायरे में औपचारिक रूप से शामिल किया गया है।</p>
<p><strong>3 घंटे में हटेगा फर्जी गलत अक कंटेंट</strong></p>
<p>सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को डीपफेक या भ्रामक अक कंटेंट को तीन घंटे के अंदर हटाना होगा। अब 36 घंटे की जगह, सिर्फ 3 घंटे में एक्शन लेना होगा। इसके अलावा 15 दिन की विंडो घटाकर 7 दिन कर दी गई है और  24 घंटे की डेडलाइन को घटाकर 12 घंटे किया गया है।</p>
<p><strong>किन वीडियो पर यह नियम नहीं लागू होंगे? </strong></p>
<p>सभी एआई वीडियो पर लेबल लगाना जरूरी नहीं है। कुछ मामलों में छूट दी गई है:<br />रूटीन एडिटिंग : वीडियो की क्वालिटी सुधारने, कलर एडजस्टमेंट, बैकग्राउंड नॉइज कम करने, या क्रॉप करने जैसे मामूली बदलावों पर यह नियम लागू नहीं होगा।<br />शैक्षिक/तकनीकी उद्देश्य : यदि एआई का उपयोग केवल सीखने-सिखाने के उद्देश्य, दस्तावेज बनाने या वीडियो के तकनीकी पहलुओं (जैसे सबटाइटल) को बेहतर बनाने के लिए किया गया है और उससे कोई गलतफहमी पैदा नहीं होती है।<br />गैर-भ्रामक सामान्य सुधार: जो बदलाव कंटेंट का अर्थ नहीं बदलते, उन्हें छूट है। <br />फिल्म, वेब सीरीज या मनोरंजन के लिए बनाए गए एआई इफेक्ट्स, यदि स्पष्ट रूप से काल्पनिक हों, तो उन पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा।<br />व्यंग्य, पैरोडी या कलात्मक प्रस्तुति, जिसमें किसी को भ्रमित करने का इरादा न हो, नियमों के दायरे से बाहर मानी जा सकती है।<br />हालांकि, यदि इन श्रेणियों के वीडियो भी किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा, निजता या सार्वजनिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाते हैं, तो उन पर कार्रवाई संभव होगी।</p>
<p><strong>नियम न मानने पर क्या होगा?</strong></p>
<p>यदि कोई प्लेटफॉर्म इन नियमों का पालन नहीं करता है, तो उसे मिलने वाली सेफ हार्बर सुरक्षा (जिसके तहत प्लेटफॉर्म्स पर यूजर के कंटेंट के लिए कानूनी कार्रवाई नहीं होती) छीन ली जा सकती है। सरकार ने यह भी साफ किया है कि अगर प्लेटफॉर्म्स इन नए नियमों के तहत एआई कंटेंट पर कार्रवाई करते हैं, तो धारा 79 के तहत मिलने वाली सुरक्षा उन पर लागू रहेगी यानी वे केवल यूजर के पोस्ट के लिए कानूनी रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराए जाएंगे।</p>
<p><strong>यह क्यों किया जा रहा है? </strong></p>
<p>डीपफेक पर लगाम: मशहूर हस्तियों और सामान्य लोगों के चेहरे/आवाज का इस्तेमाल कर बनाए जा रहे फर्जी वीडियो से देश में अव्यवस्था और बदनामी फैल रही थी।<br />पारदर्शिता: सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि डिजिटल दुनिया में यूजर को यह पता चले कि वह असली वीडियो देख रहा है या एआई से बना नकली। </p>
<p><strong>नए आईटी नियमों (एआई वीडियो के लिए गाइडलाइन) में क्या है? </strong></p>
<p>अनिवार्य लेबलिंग : एआई या किसी अन्य तकनीक से बने फोटो, वीडियो या आॅडियो (जिसे सिंथेटिक कंटेंट कहा गया है) पर अब स्पष्ट और प्रमुख रूप से AI-Generated का लेबल लगाना अनिवार्य है।<br />3 घंटे में हटाया जाएगा : कोई एआई-जनित वीडियो या डीपफेक किसी की मानहानि करता है, अश्लील या भ्रामक है, तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को सरकार या कोर्ट के आदेश के बाद 3 घंटे के भीतर हटाना होगा।<br />यूजर की जवाबदेही: कंटेंट अपलोड करते समय यूजर को खुद बताना होगा कि क्या सामग्री एआई-जनित है। प्लेटफॉर्म्स को भी इसे चेक करना होगा।<br />अनट्रेसेबल मेटा डेटा : प्लेटफॉर्म्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि एआई कंटेंट में ऐसी जानकारी हो जिससे यह पता चले कि यह असली नहीं है। <br />चुनाव, दंगा, सांप्रदायिक तनाव या राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में भ्रामक वीडियो को तुरंत ब्लॉक किया जाए।<br />शिकायत निवारण तंत्र: हर प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को भारत में नोडल अधिकारी नियुक्त करना होगा।<br />डीपफेक पर सख्ती: किसी व्यक्ति की अनुमति के बिना उसकी छवि या आवाज का एआई से उपयोग करने पर कार्रवाई की जाएगी।<br />बच्चों से जुड़ा कंटेंट: नाबालिगों से संबंधित एआई वीडियो पर विशेष निगरानी और त्वरित हटाने की व्यवस्था लागू होगी। बच्चों के मामले में सरकार अधिक संवेदनशील और सख्त है।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>गैजेट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Feb 2026 11:25:35 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>एआई समिट 2026 :'वर्चुअल ट्रायल टेक' से फैशन रिटेल को बदल रहा टीसीएस, भौतिक ट्रायल रूम की आवश्यकता को समाप्त करना उद्देश्य</title>
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                        <![CDATA[टीसीएस ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में उन्नत वर्चुअल ट्रायल समाधान पेश किया। यह एआई-संचालित तकनीक ग्राहकों को बिना कपड़े बदले सटीक फिटिंग और स्टाइलिंग के साथ डिजिटल प्रीव्यू देखने की सुविधा देती है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/ai-summit-2026-tcs-is-transforming-fashion-retail-with-virtual/article-143680"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/tcs.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लेकर बढ़ते उत्साह के बीच, नयी दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में यह प्रदर्शित किया जा रहा है कि एआई किस तरह नीति-स्तरीय चर्चाओं से आगे बढ़कर तेजी से व्यावहारिक और वास्तविक उपयोग के चरण में प्रवेश कर रहा है। स्वास्थ्य, ऊर्जा और रिटेल जैसे क्षेत्रों में कंपनियां ऐसे नवाचार प्रस्तुत कर रही हैं, जो बुद्धिमान प्रणालियों के माध्यम से रोजमर्रा के अनुभवों को बदलने का लक्ष्य रखते हैं। </p>
<p>इसी क्रम में आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विस (टीसीएस) ने फैशन रिटेल को नया आयाम देने वाला एक उन्नत वर्चुअल ट्रायल समाधान पेश किया है। यह तकनीक कंपनी की 'फ्यूचर एक्सपीरियंस स्टोर' परिकल्पना का हिस्सा है और इसका उद्देश्य भौतिक ट्रायल रूम की आवश्यकता को समाप्त करना है।  </p>
<p>इस तकनीक के तहत ग्राहक एक वर्चुअल स्क्रीन के सामने खड़े होते हैं, जहां उनकी सहमति से फोटो ली जाती है। कंप्यूटर विजन के माध्यम से सिस्टम ग्राहक की तस्वीर पर चुने गये परिधान को तुरंत मैप करता है और फोटो से प्राप्त शारीरिक माप के आधार पर सबसे उपयुक्त फिट की सिफारिश करता है। लाइव डेमो के दौरान खरीदारों ने आउटफिट चुने, जिसके बाद सिस्टम ने उनके बॉडी टाइप और साइज का विश्लेषण कर यथार्थवादी प्रीव्यू तैयार किया। प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ता की मूल तस्वीर और एआई-जनरेटेड लुक को साथ-साथ प्रदर्शित किया गया तथा रियल टाइम में व्यक्तिगत सिफारिशें दी गयीं।</p>
<p>इस समाधान में स्वचालित स्टाइलिंग सुझावों की सुविधा भी है। साथ ही, उपयोगकर्ता अपनी तस्वीर को भारतीय कला शैलियों से प्रेरित थीम्ड विजुअल फॉर्मेट में भी बदल सकते हैं। टीसीएस की एक्सपो प्रतिनिधि रोली सितानी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह प्लेटफॉर्म त्वरित और सहज वर्चुअल ट्रायल अनुभव प्रदान करता है तथा भारत में वैश्विक स्तर का रिटेल अनुभव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने उम्मीद जतायी कि यह नवाचार देश के फैशन रिटेल परि²श्य को उल्लेखनीय रूप से बदल देगा।</p>
<p>फोटो की गोपनीयता से जुड़े सवाल पर सितानी ने कहा कि सख्त डेटा सुरक्षा उपाय लागू किये गये हैं। उन्होंने कहा, तस्वीरें केवल उपयोगकर्ता की स्पष्ट सहमति के बाद ली जाती हैं और सारा डेटा रिटेलर के पास ही रहता है। ग्राहक की अनुमति के बिना किसी अन्य उद्देश्य के लिए डेटा का उपयोग नहीं किया जाता।</p>
<p>यह पहल उन्नत एआई और कंप्यूटर विजन तकनीकों को मुख्यधारा के रिटेल में एकीकृत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है, जिससे सुविधा, मानवीकरण और ग्राहक सहभागिता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Feb 2026 17:39:49 +0530</pubDate>
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                <title>एआई शिखर सम्मेलन को लेकर राहुल गांधी का केंद्र पर तीखा हमला; बोलें-सरकार ने सम्मेलन को बना दिया तमाशा, चीन उठा रहा लाभ</title>
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                        <![CDATA[विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए एआई समिट को 'पीआर तमाशा' बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार भारतीय प्रतिभा के बजाय चीन और विज्ञापन को बढ़ावा दे रही है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/rahul-gandhis-sharp-attack-on-the-center-regarding-ai-summit/article-143640"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/rahul.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं लोकसभा विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) शिखर सम्मेलन को लेकर मोदी सरकार पर बुधवार को हमला किया और कहा कि इस वैश्विक मंच का लाभ उठाने की बजाय मोदी सरकार अपने प्रचार के लिए इस्तेमाल कर इसका तमाशा बना रही है।</p>
<p>राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि सम्मेलन से भारतीय प्रतिभाओं को लाभ मिलना चाहिए था, लेकिन सरकार पूरे शिखर सम्मेलन को अव्यस्थित कर इसे जनसंपर्क का तमाशा बना दिया है और सम्मेलन में चीन अब इसका लाभ उठा रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा, भारत की प्रतिभा और डेटा का लाभ उठाने के बजाय, एआई शिखर सम्मेलन एक अव्यवस्थित जनसंपर्क तमाशा बन गया है, भारतीय डेटा बिक्री के लिए पेश किया जा रहा है और चीनी उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Feb 2026 13:25:53 +0530</pubDate>
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