<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/strait-of-hormuz/tag-72311" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Strait of Hormuz - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/72311/rss</link>
                <description>Strait of Hormuz RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह बंद करने का किया दावा, तेल टैंकरों की आवाजाही प्रभावित; वैश्विक ऊर्जा बाजार में बढ़ी चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान ने अमेरिका पर होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही बाधित करने का आरोप लगाते हुए इस जलमार्ग को समुद्री यातायात के लिए पूरी तरह बंद घोषित कर दिया है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका-इजरायल हमलों के बाद यह कदम उठाया गया, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति और जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iran-claims-to-completely-close-the-strait-of-hormuz-movement/article-164923"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/hormuz1.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। ईरान ने अमेरिका पर होर्मुज जलडमरूमध्य में माल ढुलाई और जहाजों की आवाजाही में बाधा डालने का गंभीर आरोप लगाते हुए बताया है कि यह महत्वपूर्ण जलमार्ग समुद्री यातायात के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। गौरतलब है कि ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने आरोप लगाया है, जबकि सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसेन रेजाई ने पहले कहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य माल ढुलाई के लिए पूरी तरह से बंद है। बघाई ने सोशल मीडिया पर लिखा, “ होर्मुज जलडमरूमध्य 28 फरवरी तक पूरी तरह खुला था, जब तक कि अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमला नहीं किया था। वाशिंगटन ने इस क्षेत्र में एक गैर-कानूनी और बर्बर युद्ध शुरू किया और माल ढुलाई की आवाजाही को बाधित किया। टैंकर रोक दिये गये हैं, व्यापार बाधित हो रहा है और ऊर्जा सहित चीजों की कीमतें बढ़ रही हैं। ”</p>
<p>प्रवक्ता के अनुसार अमेरिका अब अपनी ही हरकतों के नतीजों की कीमत दुनिया से वसूलने की कोशिश कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसेन रेजाई ने कहा था कि इस्लामिक गणराज्य जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर एक प्रतिबंधित क्षेत्र बनाने की घोषणा करेगा। रेजाई के अनुसार ईरानी अधिकारियों की पूर्व अनुमति के बिना इस क्षेत्र में प्रवेश करने वाले किसी भी जहाज को ईरान की प्रतिबंधित सूची में डाल दिया जाएगा। रॉयटर्स ने जहाज ट्रैकिंग डेटा का हवाला देते हुए बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में माल ढुलाई मई के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर आ गयी है।</p>
<p>एजेंसी ने कहा कि पिछले 10 दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य से कच्चे तेल ले जाने वाले औसतन 10 जहाज प्रतिदिन गुजरे हैं, जो मई के बाद से सबसे कम स्तर पर है। केप्लर डेटा का हवाला देते हुए कहा गया कि शुक्रवार को 15 माल ढोने वाले जहाज, शनिवार को 13 जहाज इस जलडमरूमध्य से गुजरे और रविवार को यातायात घटकर 10 रह गया। अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने स्वीकार किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से मौजूदा तेल यातायात, ईरान पर अमेरिकी हमलों से पहले की तुलना में कम है।</p>
<p>इससे पहले अमेरिका की ओर से कहा गया था कि अमेरिकी बलों ने खार्ग द्वीप, जास्क क्षेत्र और ओमान की खाड़ी के पास तीन ईरानी तेल टैंकरों पर हमला किया था। ईरानी बलों ने जवाबी कार्रवाई में होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका से जुड़े तीन तेल टैंकरों पर हमला किया और बाद में रॉयटर्स ने रिपोर्ट दी कि आईआरजीसी ने एक अमेरिकी विमानवाहक पोत और विध्वंसक पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले किये थे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/iran-claims-to-completely-close-the-strait-of-hormuz-movement/article-164923</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/iran-claims-to-completely-close-the-strait-of-hormuz-movement/article-164923</guid>
                <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 16:09:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-07/hormuz1.png"                         length="877482"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>होर्मुज संकट के बीच सीरिया ने खोला तेल का वैकल्पिक रास्ता: ट्रंप ने प्रस्ताव को बताया शानदार, इराक से पाइपलाइन योजना भी तैयार</title>
                                    <description><![CDATA[सीरिया ने होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के बीच भूमध्यसागरीय तट को तेल व माल परिवहन का वैकल्पिक मार्ग बनाने की पेशकश की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस प्रस्ताव की सराहना की। योजना के तहत इराक के बसरा से सीरिया के बनियास बंदरगाह तक $5.7 अरब लागत की 1,000 मील लंबी पाइपलाइन बनाने का प्रस्ताव है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/amidst-the-hormuz-crisis-syria-opened-an-alternative-route-for/article-164652"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/trump-(2)2.png" alt=""></a><br /><p>दमिश्क। सीरिया ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी अनिश्चितता के बीच अपने क्षेत्र और भूमध्यसागरीय तट को तेल एवं माल के वैकल्पिक मार्ग के रूप में पेश किया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रस्ताव की सराहना करते हुए गुरुवार को सोशल मीडिया पर लिखा, "यह शानदार है।" योजना के केंद्र में भूमध्यसागरीय तट पर स्थित बनियास बंदरगाह है। फिलहाल दक्षिणी इराक और बनियास के बीच रोजाना करीब 5,000 तेल टैंकर कच्चा तेल पहुंचा रहे हैं। </p>
<p>इसके अलावा इराक के बसरा से बनियास तक करीब 1,000 मील लंबी पाइपलाइन बनाने की योजना पर भी चर्चा चल रही है। इसकी अनुमानित लागत 5.7 अरब डॉलर है और इसके जरिए प्रतिदिन 20 लाख बैरल तक कच्चा तेल पहुंचाया जा सकता है। पाइपलाइन को पूरा होने में कम से कम ढाई वर्ष लग सकते हैं। सुरक्षा, वित्तपोषण और बुनियादी ढांचे की चुनौतियां भी बनी हुई हैं। सीरिया तेल के अलावा यूरोप को खाड़ी और लाल सागर से जोड़ने वाले परिवहन मार्ग विकसित करने की भी योजना बना रहा है। इससे देश क्षेत्रीय व्यापार में महत्वपूर्ण स्थल मार्ग और रसद केंद्र की भूमिका हासिल कर सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/amidst-the-hormuz-crisis-syria-opened-an-alternative-route-for/article-164652</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/amidst-the-hormuz-crisis-syria-opened-an-alternative-route-for/article-164652</guid>
                <pubDate>Fri, 04 Sep 2026 11:59:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-07/trump-%282%292.png"                         length="653905"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रम्प का दावा: अमेरिकी नौसेना ने नष्ट किए होर्मुज से सभी बारूदी सुरंगे, 'शून्य सहिष्णुता' की नीति लागू </title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिकी नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के मुख्य मार्ग से सभी खदानों को हटा या नष्ट कर दिया है। उन्होंने ईरान को चेतावनी देते हुए 'शून्य सहिष्णुता' की नीति लागू करने और नई खदानें बिछाने वाले किसी भी पोत को तुरंत नष्ट करने की बात कही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/trump-claims-us-navy-destroyed-all-mines-from-hormuz-zero/article-163880"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/trump-(2)1.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका ने घोषणा की है कि उसकी नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के मुख्य नौवहन मार्ग से सभी समुद्री बारूदी सुरंगों को साफ कर दिया है। इसकी जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिये अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दी ओर कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में मौजूद खदानों को हटा दिया गया है या उन्हें नष्ट कर दिया गया है। ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि नयी खदानें बिछाने वाले किसी भी पोत या नाव को तुरंत और पूरी तरह से नष्ट कर दिया जायेगा।</p>
<p>उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिकी स्पेस फोर्स इस पूरे क्षेत्र पर कड़ी नजर रख रही है और खदानें बिछाने के मामले में 'शून्य सहिष्णुता' की नीति लागू है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ईरान-ओमान के बीच के इस मध्य नौवहन मार्ग में युद्ध के दौरान दर्जनों खदानें बिछायी गयी थीं, जो वाणिज्यिक जहाजों के लिए बड़ा खतरा थीं। पिछले कुछ महीनों में अमेरिकी नौसेना के अंडरवाटर ड्रोन और निजी कंपनियों ने 100 से अधिक संदिग्ध खदानों की पहचान कर उन्हें हटाया है।</p>
<p>अब इस मुख्य मार्ग के साफ होने से दोनों दिशाओं में जहाजों की आवाजाही आसान होगी, जिससे वैश्विक बाजारों तक कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ सकेगी। दूसरी ओर, इस मुद्दे पर तेहरान में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और ओमान के विदेश मंत्री बदर अल-बुसैदी के बीच बैठक हुई। दोनों देशों ने होर्मुज जलडमरूमध्य से खदानें हटाने, सुरक्षित नौवहन के लिए अस्थायी संयुक्त गलियारा बनाने और ट्रैफिक प्रबंधन पर तकनीकी चर्चा की है, हालांकि अभी किसी अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर होना बाकी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/trump-claims-us-navy-destroyed-all-mines-from-hormuz-zero/article-163880</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/trump-claims-us-navy-destroyed-all-mines-from-hormuz-zero/article-163880</guid>
                <pubDate>Wed, 26 Aug 2026 10:29:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-07/trump-%282%291.png"                         length="653905"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान का नया फरमान, नियमों का उल्लंघन करने वाले जहाजों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[फारस की खाड़ी जलडमरूमध्य प्राधिकरण (PGSA) ने चेतावनी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए ईरान द्वारा तय नियमों का उल्लंघन करने वाले पोतों पर भविष्य में जुर्माना, जब्ती या जब्तीकरण जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही ऐसी गैर-अनुपालक नौकाओं के साथ सहयोग करने वाले जहाजों पर भी तत्काल प्रतिबंध लागू होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/irans-new-decree-in-the-strait-of-hormuz-warns-of/article-163702"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/iran1.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। फारस की खाड़ी जलडमरूमध्य प्राधिकरण (पीजीएसए) ने चेतावनी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए ईरान द्वारा निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने वाले जहाजों को भविष्य में वहां से गुजरने पर प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा। पीजीएसए ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर जारी कई बयानों में कहा कि कुछ जहाजों द्वारा ईरानी पारगमन व्यवस्था का उल्लंघन किए जाने के मद्देनजर भविष्य में उनके आवागमन पर जुर्माना, हिरासत में लेने या फिर जहाज जब्त करने जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।</p>
<p>प्राधिकरण ने फारस की खाड़ी से आने-जाने वाले माल के मालिकों से भी जहाज किराये पर लेने से पहले 'गैर-अनुपालन करने वाले जहाजों' की सूची की समीक्षा करने का आग्रह किया, ताकि संभावित समस्याओं से बचा जा सके। पीजीएसए ने कहा कि तत्काल प्रभाव से सूची में शामिल जहाजों के साथ एसटीएस (शिप-टू-शिप) हस्तांतरण या अन्य माध्यमों से सहयोग करने वाले किसी भी जहाज को भी इस सूची में शामिल कर दिया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/irans-new-decree-in-the-strait-of-hormuz-warns-of/article-163702</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/irans-new-decree-in-the-strait-of-hormuz-warns-of/article-163702</guid>
                <pubDate>Mon, 24 Aug 2026 14:02:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-08/iran1.png"                         length="1113757"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>समझौते से इनकार पर ईरान के खिलाफ ट्रंप का बड़ा एक्शन, बोले- शुरू करेंगे अभूतपूर्व आर्थिक युद्ध और अलगाव अभियान</title>
                                    <description><![CDATA[अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने समझौते से इनकार करने पर ईरान के खिलाफ अब तक के सबसे सख्त आर्थिक अभियान की घोषणा की है। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान से कारोबार करने या मदद देने वाले देशों को गंभीर आर्थिक परिणामों का सामना करना पड़ेगा। वाशिंगटन ने तेहरान के साथ किसी भी बातचीत से इनकार कर दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/trumps-big-action-against-iran-on-refusal-of-agreement-said/article-163370"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/trump1.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर पहले से लगे कड़े प्रतिबंधों के अलावा और भी ज्यादा आर्थिक दबाव डालने की घोषणा की है। उन्होंने इसे ईरान के खिलाफ इतिहास का सबसे जबरदस्त आर्थिक अभियान बताया है, क्योंकि ईरान ने अमेरिका के साथ समझौता करने से इनकार कर दिया है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान को समझौता करने का जितना बड़ा मौका मैंने दिया, उतना किसी और ने नहीं दिया। दुख की बात है कि वे इसका फायदा नहीं उठा पाए। इसलिए, आज मैं किसी भी देश के खिलाफ अब तक का सबसे जबरदस्त आर्थिक अभियान शुरू करने की घोषणा कर रहा हूँ।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि जो भी देश ईरान को अपने कारोबार और सरकारी संस्थाओं के जरिए मदद देगा, उसे भारी आर्थिक नतीजों का सामना करना पड़ेगा। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, आज मैं यह भी घोषणा कर रहा हूँ कि जो भी देश अपने वित्तीय संस्थानों, कारोबारों, हवाई अड्डों या सरकारी संस्थाओं को ईरान को किसी भी तरह की मदद देने की इजाजत देगा, उसे खुद भारी आर्थिक नतीजों का सामना करना पड़ेगा। तेल की तस्करी, स्वैप लाइन, कैश ट्रांसफर, एक्सचेंज हाउस, जहाजो की रजिस्ट्री, फ्रंट कंपनियाँ-यह सब अभी बंद होना चाहिए।</p>
<p>उन्होंने ईरान के खिलाफ अपने आर्थिक अभियान को अभूतपूर्व स्तर पर अलग-थलग करने वाला कदम बताया और अमेरिकी सहयोगियों से इन उपायों में शामिल होने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, यह अभूतपूर्व स्तर पर आर्थिक युद्ध और अलग-थलग करने वाला कदम होगा। इससे पहले ट्रंप ने मीडिया से कहा था कि अमेरिका पहले से लगे कड़े प्रतिबंधों के अलावा ईरान पर और भी ज्यादा आर्थिक दबाव डाल सकता है।</p>
<p>ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, हमारे पास ऐसी चीजें हैं जिन पर हम प्रतिबंध लगा सकते हैं। हमारे पास बहुत सख्त प्रतिबंध हैं, और देखते हैं क्या होता है। अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया है कि अमेरिकी अधिकारियों ने अपने राजनीतिक सहयोगियों को सूचित किया है कि वे ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के बजाय धीरे-धीरे आर्थिक रूप से उसका दम घोंटने की रणनीति अपना रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि इस हफ़्ते ईरान के खिलाफ प्रतिबंधों का एक नया पैकेज पेश किए जाने की उम्मीद है, जबकि ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रहेगी।   मंगलवार को ट्रंप ने कहा कि वॉशिंगटन तेहरान के साथ कोई बातचीत नहीं कर रहा है और न ही ऐसी कोई योजना बना रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/trumps-big-action-against-iran-on-refusal-of-agreement-said/article-163370</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/trumps-big-action-against-iran-on-refusal-of-agreement-said/article-163370</guid>
                <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 11:35:24 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-07/trump1.png"                         length="1049587"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका-ईरान के बीच 60 दिन का समझौता बेनतीजा: परमाणु मुद्दे पर गतिरोध कायम, होर्मुज जलडमरूमध्य भी नहीं खुला</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका और ईरान के बीच 17 जून को वर्साय में हुए 60-दिन के अस्थायी समझौते की समय सीमा समाप्त हो गई है। दोनों देश होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने, अमेरिकी नाकाबंदी हटाने और परमाणु कार्यक्रम पर व्यापक सहमति बनाने में विफल रहे हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/60-day-agreement-between-america-and-iran-remains-deadlocked-on/article-163178"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/us1.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच 17 जून को हुए 60-दिन के समझौते की समय सीमा सोमवार को समाप्त हो गयी, लेकिन दोनों देश युद्ध समाप्त करने, ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर समझौता करने और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने पर सहमति नहीं बना सके। इससे आगे की बातचीत और क्षेत्र में शांति की संभावनाएं अनिश्चित हो गयी हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच फ्रांस के वर्साय में हुए समझौते का उद्देश्य अस्थायी संघर्ष विराम को स्थायी समझौते में बदलना था। इसके तहत 60 दिनों में ईरान के परमाणु कार्यक्रम, संघर्ष की समाप्ति और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने पर व्यापक समझौता किया जाना था।</p>
<p>इन तीनों प्रमुख उद्देश्यों में से कोई भी पूरा नहीं हो सका। कुछ ही सप्ताह में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाना शुरू कर दिया। प्रत्यक्ष बातचीत भी रुक गयी और ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकाबंदी जारी रही। होर्मुज जलडमरूमध्य में भी सामान्य आवाजाही बहाल नहीं हो सकी। वर्तमान में केवल पांच मालवाहक जहाजों को इसके रास्ते गुजरने की अनुमति है, जबकि सामान्य परिस्थितियों में प्रतिदिन करीब 130 से 140 जहाज इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से गुजरते हैं।</p>
<p>समझौते के तहत ईरान को जलडमरूमध्य खोलने में मदद करनी थी और अमेरिका को तेहरान पर दबाव कम करना था। लेकिन दोनों पक्ष इस बात पर सहमत नहीं हो सके कि जलमार्ग पर यातायात किसके नियंत्रण में और किन शर्तों के तहत संचालित होगा। ईरान ने जलडमरूमध्य खोलने के लिए अमेरिकी नाकाबंदी हटाने की शर्त रखी है, जबकि अमेरिका ने इसे स्वीकार नहीं किया है। तेहरान ने होर्मुज में जहाजों की आवाजाही पर नियंत्रण और संभावित शुल्क वसूलने में भूमिका की भी मांग की है।</p>
<p>तनाव आठ जुलाई को और बढ़ गया, जब श्री ट्रंप ने नाटो सम्मेलन के दौरान समझौते को समाप्त घोषित कर दिया। इसके बाद अमेरिका ने ईरान के सैन्य और तटीय ठिकानों पर हमले किए। इनमें मिसाइल और ड्रोन भंडारण केंद्र, रसद केंद्र, वायु रक्षा एवं निगरानी प्रणालियां तथा नौसैनिक और तटीय ढांचे शामिल थे। ईरान ने जवाबी कार्रवाई में बहरीन, कुवैत, कतर और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और अन्य सैन्य एवं संचार प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया। इसके बाद 60 दिनों के भीतर व्यापक समझौते की उम्मीदें लगभग समाप्त हो गयीं।</p>
<p>इसके बाद अमेरिका ने ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाते हुए उन प्रतिबंधों में मिली छूट वापस ले ली, जिनके तहत संघर्ष विराम के दौरान ईरान सीमित रूप से तेल बेच सकता था। अमेरिका ने ईरान पर रियायतों के लिए दबाव बनाने के उद्देश्य से ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी भी फिर शुरू कर दी। ईरान ने दूसरी ओर होर्मुज को अपने दबाव के प्रमुख साधन के रूप में इस्तेमाल किया है। उसने जलमार्ग को पूरी तरह खोलने के लिए अमेरिकी नाकाबंदी हटाने, ईरान के आसपास से अमेरिकी सैनिकों की वापसी और युद्ध क्षतिपूर्ति की मांग की है।</p>
<p>अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि अमेरिका का पहला उद्देश्य देश में तेल और गैस की कीमतों को कम रखना और दूसरा ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है। ईरान लगातार कहता रहा है कि उसका परमाणु हथियार विकसित करने का कोई इरादा नहीं है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि फिलहाल तेहरान और वाशिंगटन के बीच कोई प्रत्यक्ष बातचीत नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि कतर और पाकिस्तान मध्यस्थ के तौर पर ईरान के साथ संदेशों का आदान-प्रदान कर रहे हैं, लेकिन इसे बातचीत नहीं माना जा सकता।</p>
<p>पाकिस्तान ने जून के समझौते में मध्यस्थ की भूमिका निभायी थी और दोनों पक्षों को फिर बातचीत की मेज पर लाने के प्रयास जारी रखने की बात कही है। 60 दिन की समयसीमा समाप्त होने के साथ समझौता युद्धविराम को स्थायी बनाने, होर्मुज को पूरी तरह खोलने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर व्यापक समझौता कराने में विफल रहा है। प्रत्यक्ष बातचीत बंद होने, अमेरिकी नाकाबंदी जारी रहने और सैन्य तनाव बरकरार रहने के बीच अब यह स्पष्ट नहीं है कि इस विफल समझौते की जगह आगे कौन-सा ढांचा सामने आएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/60-day-agreement-between-america-and-iran-remains-deadlocked-on/article-163178</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/60-day-agreement-between-america-and-iran-remains-deadlocked-on/article-163178</guid>
                <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 18:05:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-08/us1.png"                         length="543924"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका-ईरान वार्ता:  ट्रंप ने की ईरान के साथ बातचीत की घोषणा, डीन्यूक्लियराइजेशन पर समझौता संभव</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ नए सिरे से कूटनीतिक बातचीत शुरू करने का ऐलान किया है। उन्होंने दावा किया कि खाड़ी देशों की अपील पर सप्ताहांत के सैन्य हमले टाल दिए गए हैं। अमेरिका को उम्मीद है कि इस वार्ता से परमाणु निरस्त्रीकरण और होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने पर सहमति बन जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/donald-trump-announces-talks-with-iran-agreement-on-denuclearization-possible/article-161800"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/donald-trump-123.jpg" alt=""></a><br /><p>न्यूयॉर्क। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका और ईरान सोमवार को बातचीत करेंगे। ट्रंप ने कहा, "हम उनसे बातचीत (नेगोशिएशन) कर रहे हैं। यह कल दोपहर शुरू होगी।" अमेरिकी राष्ट्रपति ने भरोसा जताया कि ईरान के परमाणु हथियार खत्म करने (डीन्यूक्लियराइजेशन) पर कोई समझौता हो जाएगा। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि एक समझौता होगा। होर्मुज (जलडमरूमध्य) पर एक समझौता होगा, और फिर परमाणु मुद्दे पर, या जिसे आप ईरान का परमाणु-मुक्त होना कह सकते हैं, उस पर समझौता होगा।"</p>
<p>ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान पर सप्ताहांत में होने वाले हमले को रद्द कर दिया था - कुछ हद तक तेहरान के अनुरोध पर - लेकिन वह किसी भी समय बमबारी फिर से शुरू करने के लिए तैयार है। उन्होंने आगे कहा, "मुझसे सऊदी अरब, यूएई, कतर और ईरान ने कहा था। ईरान ने भी हमसे बहुत ज़ोर देकर कहा था।"</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति ने कुवैत और बहरीन से अमेरिकी सेना को हटाने की खबरों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। श्री ट्रंप ने एयर फ़ोर्स वन में पत्रकारों से कहा, "मैं उस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता।" मीडिया में पहले खबर आई थी कि अमेरिका मध्य पूर्व के कई देशों में मौजूद अपने ठिकानों से कुछ सैनिकों को हटा रहा है, जिन पर ईरान ने हमला किया था।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/donald-trump-announces-talks-with-iran-agreement-on-denuclearization-possible/article-161800</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/donald-trump-announces-talks-with-iran-agreement-on-denuclearization-possible/article-161800</guid>
                <pubDate>Mon, 03 Aug 2026 11:17:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/donald-trump-123.jpg"                         length="575650"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्या टल गया तीसरे विश्व युद्ध का खतरा? अमेरिका-ईरान ने तनाव घटाने पर जताई सहमति, तकनीकी वार्ता जारी</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव के बाद फिलहाल दोनों पक्ष पीछे हटने पर सहमत हुए हैं। ट्रंप प्रशासन के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से वाणिज्यिक जहाजों का आवागमन जारी रखने के लिए अंतरिम व्यवस्था लागू की गई है। हालांकि, क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता और तनाव अभी भी बना हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/has-the-threat-of-third-world-war-been-averted-america-iran/article-158362"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/12200-x-600-px)9.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच हालिया सैन्य हमलों के बाद दोनों पक्षों ने फिलहाल तनाव कम करने पर सहमति जतायी है। ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को कहा कि दोनों पक्ष "फिलहाल पीछे हटेंगे" और होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही जारी रहेगी। इस संबंध में ईरान की ओर से अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गयी है। रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारी ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच एक अंतरिम व्यवस्था लागू है और जहाजों की आवाजाही में बाधा नहीं आएगी। </p>
<p>होर्मुज में वास्तविक स्थिति अभी भी सामान्य नहीं दिख रही है, जिससे वाणिज्यिक जहाजों के संचालकों और चालक दल के बीच अनिश्चितता और सुरक्षा संबंधी चिंताएं बनी हुई हैं। उल्लेखनीय है कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने दावा किया कि अमेरिका द्वारा ईरानी ठिकानों पर हमले किये जाने के बाद उसने कुवैत और बहरीन सहित पड़ोसी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इससे पहले होर्मुज में आवाजाही के कारण अमेरिका-ईरान के बीच हमलों का आदान-प्रदान हुआ था।</p>
<p>एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि ईरान के साथ तकनीकी स्तर की वार्ता निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले चेतावनी दे चुके हैं कि यदि ईरान की ओर से हमले जारी रहे तो अमेरिका और सैन्य कार्रवाई करेगा। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को कहा कि क्षेत्र के देशों को अपनी भूमि अथवा सुविधाओं का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हमलों के लिए नहीं होने देना चाहिये।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/has-the-threat-of-third-world-war-been-averted-america-iran/article-158362</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/has-the-threat-of-third-world-war-been-averted-america-iran/article-158362</guid>
                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 13:04:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/12200-x-600-px%299.png"                         length="1647194"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>होर्मुज जलडमरूमध्य के पास भीषण हादसा : नाव में आग लगने से भारतीय नाविक की मौत, 4 अन्य घायल</title>
                                    <description><![CDATA[होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के बीच 18 भारतीयों वाली एक मालवाहक नाव आग लगने से पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में एक गुजराती नाविक की मौत हो गई और चार घायल हुए। सुरक्षा घेरे और गोलीबारी की खबरों के बीच, भारतीय वाणिज्य दूतावास पीड़ितों को हर संभव सहायता और चिकित्सा उपलब्ध करा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/indian-sailor-dies-4-others-injured-due-to-fire-in/article-153234"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/attack.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान-अमेरिका संघर्ष के केंद्र में स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य में ड्रोन हमले के बीच, शुक्रवार को जलडमरूमध्य के पास आग लगने के बाद 18 भारतीय चालक दल के सदस्यों वाली एक लकड़ी की नाव पलट गई, जिसमें एक भारतीय नाविक की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। सरकार के एक सूत्र ने शनिवार को बताया कि लकड़ी की नाव में सामान्य माल लदा हुआ था और आग लगने के कारण का पता लगाया जा रहा है।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, "होर्मुज जलडमरूमध्य के पास कल सामान्य माल लदा हुआ एक लकड़ी की नाव जिसमें 18 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे, आग लगने के बाद पलट गई। आग लगने के सही कारण का पता लगाया जा रहा है। चालक दल के सदस्यों को पास से गुजर रहे एक जहाज द्वारा बचाया गया। इस घटना में नाव पर सवार एक भारतीय की मौत हो गई, जबकि चार लोग झुलस गए। घायलों का दुबई में इलाज चल रहा है और वे सुरक्षित हैं।"</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, भारतीय वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों ने कल रात बचाए गए भारतीय नागरिकों से मुलाकात की और वाणिज्य दूतावास नाव के मालिक के संपर्क में है और हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है। खबरों के अनुसार, मरने वाला नाविक गुजरात का निवासी था और लकड़ी की नाव का नाम अल फैज़ नूरे सुलेमानी 1 था। यह नाव सात मई को दुबई से रवाना हुई थी और यमन के मुक्कम जा रही थी, जब आठ मई को लगभग एक बजे जलडमरूमध्य को पार करते समय इस पर गोलीबारी हुई। जलडमरूमध्य पर अमेरिका और ईरान दोनों ने नाकाबंदी कर रखी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/indian-sailor-dies-4-others-injured-due-to-fire-in/article-153234</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/indian-sailor-dies-4-others-injured-due-to-fire-in/article-153234</guid>
                <pubDate>Sat, 09 May 2026 14:17:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/attack.png"                         length="585895"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दक्षिण कोरिया का ट्रंप को बड़ा झटका: अमेरिका के 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' में शामिल हो या नहीं, प्रस्ताव की समीक्षा की जा रही </title>
                                    <description><![CDATA[दक्षिण कोरिया होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा के लिए अमेरिका के 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' में शामिल होने पर विचार कर रहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की मुक्त आवाजाही साझा वैश्विक हित में है। ऊर्जा आपूर्ति के लिए खाड़ी पर निर्भर सियोल, ईरान के बढ़ते नियंत्रण के बीच आपूर्ति श्रृंखला और आर्थिक स्थिरता को प्राथमिकता दे रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/south-koreas-big-blow-to-trump-the-proposal-to-join/article-152838"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/south-korea.png" alt=""></a><br /><p>सोल। दक्षिण कोरिया ने कहा है कि वह अमेरिका के नेतृत्व वाले 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' में शामिल होने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है, जिसका उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी प्रतिबंध के बीच सहयोगी देशों के वाणिज्यिक जहाजों को सुरक्षित मार्ग प्रदान करना है। दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा, "अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों में सुरक्षा और मुक्त आवाजाही सभी देशों के साझा हित में है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार संरक्षित किया जाना चाहिए।"</p>
<p>मंत्रालय ने कहा कि इसी सिद्धांत के आधार पर अमेरिका के प्रस्ताव की समीक्षा की जा रही है, जिसमें कोरियाई प्रायद्वीप की सैन्य तैयारी और घरेलू कानूनों को भी ध्यान में रखा जा रहा है। बयान में यह भी कहा गया कि होर्मुज जलडमरूमध्य सहित प्रमुख समुद्री मार्गों के सुरक्षित उपयोग को लेकर दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच करीबी समन्वय बना हुआ है। ईरान द्वारा इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर नियंत्रण कड़ा करने के बाद दक्षिण कोरिया सहित कई एशियाई देशों की समुद्री आपूर्ति प्रभावित हुई है, क्योंकि सियोल अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए खाड़ी क्षेत्र से आने वाले आयात पर काफी निर्भर है।</p>
<p>संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान के संघर्ष के आर्थिक प्रभाव से एशिया-प्रशांत क्षेत्र को सैकड़ों अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है, वैश्विक ईंधन संकट गहरा सकता है और लाखों लोग गरीबी की चपेट में आ सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक विनिर्माण का आधे से अधिक हिस्सा एशिया में होने के कारण इस क्षेत्र में किसी भी आर्थिक झटके का व्यापक असर पूरी दुनिया की आपूर्ति शृंखला पर पड़ेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/south-koreas-big-blow-to-trump-the-proposal-to-join/article-152838</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/south-koreas-big-blow-to-trump-the-proposal-to-join/article-152838</guid>
                <pubDate>Wed, 06 May 2026 14:03:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/south-korea.png"                         length="689506"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>होर्मुज में ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ के बाद तनाव बढ़ा: नए हमलों के बीच ईरान-अमेरिका वार्ता खतरे में, ट्रंप ने दी चेतावनी </title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम टूटने की कगार पर है। 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' और ईरानी ड्रोन हमले के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी जहाजों पर हमला होने पर ईरान को मिटा दिया जाएगा। इस तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी ने वैश्विक नौवहन और शांति के लिए गंभीर संकट पैदा कर दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/tension-increases-after-project-freedom-in-hormuz-iran-us-talks-in/article-152825"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/trump--and-iran.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। ईरान और अमेरिका के बीच हुआ युद्धविराम अब होर्मुज स्ट्रेट को लेकर खतरे में पड़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान के ताजा प्रस्ताव को खारिज करने और होर्मुज से जहाजों के पारगमन में मदद के लिए ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ शुरू करने के बाद तनाव चरम पर है। यूएई के फुजैरा पेट्रोलियम उद्योग क्षेत्र पर ईरान के ड्रोन हमले के बाद स्थिति और भी गंभीर हो गई है। इस हमले में तीन भारतीय नागरिक घायल हुए हैं। इस घटना ने उस शांति को खत्म कर दिया है जो अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम के बाद से बनी हुई थी। </p>
<p>ट्रम्प की चेतावनी : हमारे जहाजों पर हमला किया तो मिटा देंगे : उधर, ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरानी सेना ने होर्मुज या फारस की खाड़ी में कहीं भी अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाने का दुस्साहस किया, तो उन्हें धरती से मिटा दिया जाएगा। ईरान की प्रतिक्रिया भी उतनी ही आक्रामक रही है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालीबाफ ने अमेरिका और उसके सहयोगियों पर युद्धविराम के उल्लंघन और नाकाबंदी कर सुरक्षित नौवहन को खतरे में डालने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के लिए मौजूदा स्थिति को सहन करना असंभव होगा और चेतावनी दी कि ईरान के पास अभी भी कई बड़े विकल्प मौजूद हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/tension-increases-after-project-freedom-in-hormuz-iran-us-talks-in/article-152825</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/tension-increases-after-project-freedom-in-hormuz-iran-us-talks-in/article-152825</guid>
                <pubDate>Wed, 06 May 2026 11:04:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/trump--and-iran.png"                         length="674575"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रंप की बड़ी घोषणा : युद्धविराम टूटा तो होर्मुज जलडमरूमध्य में होंगे लगातार हमले, नौकाओं, बारूदी सुरंग बिछाने वाले जहाजों और अन्य समुद्री संसाधनों को बनाएंगे निशाना</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका ने ईरान के विरुद्ध नई रणनीति तैयार की है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य के समुद्री संसाधनों को निशाना बनाया जाएगा। वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे दबाव के बीच, अमेरिका नौसैनिक नाकेबंदी और विशिष्ट सैन्य ठिकानों पर हमलों पर विचार कर रहा है। क्षेत्र में तनाव चरम पर है क्योंकि ईरान की मिसाइल क्षमता अब भी सक्रिय है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/trumps-big-announcement-if-the-ceasefire-is-broken-there-will/article-151582"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/होर्मुज-जलडमरू.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के सैन्य अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि यदि मौजूदा संघर्षविराम समाप्त होता है तो ईरान की उपस्थिति को लक्ष्य बनाते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य में हमलों की नयी योजनाएं तैयार की जा रही हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रस्तावित योजनाएं पहले की रणनीति से अलग हैं, जिसमें हमले मुख्य रूप से ईरान के अंदरूनी क्षेत्रों तक सीमित थे। नई रणनीति में जलमार्गों पर ध्यान केंद्रित किया गया है, विशेष रूप से तेज गति वाली नौकाओं, बारूदी सुरंग बिछाने वाले जहाजों और अन्य समुद्री संसाधनों को निशाना बनाने पर जोर दिया जा रहा है।</p>
<p>रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान द्वारा जलडमरूमध्य को बंद किए जाने से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है और इससे अमेरिका की आर्थिक नीतियों पर भी दबाव बढ़ा है। सात अप्रैल से लागू युद्धविराम अभी औपचारिक रूप से कायम है। सूत्रों के अनुसार, केवल हवाई हमलों के जरिए जलमार्ग को शीघ्र खोल पाना कठिन हो सकता है, क्योंकि ईरान की तटीय रक्षा प्रणाली का बड़ा हिस्सा अब भी सक्रिय है और उसके पास पर्याप्त संख्या में छोटी नौकाएं मौजूद हैं।</p>
<p>इसके साथ ही अमेरिकी योजनाकार ईरान के ऊर्जा ढांचे और अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर हमलों की संभावना पर भी विचार कर रहे हैं, जिसे संभावित रूप से स्थिति को और गंभीर बना देने वाला कदम माना जा रहा है। एक अन्य विकल्प के तहत कुछ विशिष्ट सैन्य अधिकारियों को निशाना बनाने पर भी विचार किया जा रहा है, जिनमें अहमद वाहिदी का नाम शामिल बताया गया है।</p>
<p>अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने हाल ही में स्वीकार किया था कि युद्धविराम के दौरान ईरान ने अपनी कुछ सैन्य क्षमताओं को पुनर्स्थापित किया है, जिन्हें समझौता विफल होने की स्थिति में निशाना बनाया जा सकता है। अमेरिकी आकलनों के अनुसार, ईरान की लगभग आधी मिसाइल प्रक्षेपण क्षमता और बड़ी संख्या में हमलावर ड्रोन अभी भी सुरक्षित हैं। वर्तमान में क्षेत्र में अमेरिका के 19 नौसैनिक पोत तैनात हैं, जिनमें दो विमानवाहक पोत शामिल हैं, जबकि हिंद महासागर में सात अन्य पोत मौजूद हैं।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, 13 अप्रैल से अमेरिकी बल ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर रहे हैं और कई जहाजों को रोका या उनकी जांच की गई है। विश्लेषकों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के ईरान के कदम का आकलन पहले कम किया गया था, जबकि यह स्थिति क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/trumps-big-announcement-if-the-ceasefire-is-broken-there-will/article-151582</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/trumps-big-announcement-if-the-ceasefire-is-broken-there-will/article-151582</guid>
                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 16:33:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%9C-%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A4%A1%E0%A4%AE%E0%A4%B0%E0%A5%82.png"                         length="1051131"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        