<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/strait-of-hormuz/tag-72311" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Strait of Hormuz - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/72311/rss</link>
                <description>Strait of Hormuz RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>आईईए का दावा: अमेरिका-इजरायल के ईरान के साथ युद्ध के कारण उत्पन्न वैश्विक ऊर्जा संकट &quot;बेहद गंभीर&quot;, होर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग बंद</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के प्रमुख फातिह बिरोल ने चेतावनी दी है कि ईरान-इजरायल युद्ध से उपजा ऊर्जा संकट 1970 के दशक से भी भयानक है। होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव और ट्रंप की 48 घंटे की सैन्य चेतावनी ने तेल आपूर्ति को खतरे में डाल दिया है। आईईए कीमतों को स्थिर करने हेतु रणनीतिक भंडार से तेल जारी करने को तैयार है।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iea-claims-that-the-global-energy-crisis-caused-by-america-israels/article-147517"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/ie.png" alt=""></a><br /><p>कैनबरा। अमेरिका-इजरायल के ईरान के साथ युद्ध के कारण उत्पन्न वैश्विक ऊर्जा संकट "बेहद गंभीर" है और यह 1970 के दशक केनु तेल संकट से भी बदतर हो गया है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के प्रमुख फातिह बिरोल ने सोमवार को यह चेतावनी दी, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ते तनाव से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को खतरा बना हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी है कि ईरान से जुड़े युद्ध के कारण पैदा हुआ वैश्विक ऊर्जा संकट 1970 के दशक के तेल संकटों से भी अधिक गंभीर हो सकता है।</p>
<p>बिरोल ने कैनबरा के नेशनल प्रेस क्लब में बोलते हुए कहा कि एजेंसी बाजार की स्थितियों पर कड़ी नजर रख रही है और यदि व्यवधान बढ़ता है, तो सदस्य देशों के साथ समन्वय में कार्रवाई करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, "यदि आवश्यक हुआ, तो निश्चित रूप से हम ऐसा करेंगे। हम बाजारों का विश्लेषण करेंगे और सदस्य देशों के साथ परामर्श करेंगे।" इस महीने की शुरुआत में, संघर्ष के कारण वैश्विक कच्चे तेल के बाजारों में आई तेजी के बाद कीमतों को स्थिर करने के लिए एजेंसी के सदस्य रणनीतिक भंडार से रिकॉर्ड 40 करोड़ बैरल तेल जारी करने पर सहमत हुए थे।</p>
<p>यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब भू-राजनीतिक तनाव तब बढ़ गया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को एक सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा कि यदि तेहरान वैश्विक तेल शिपमेंट के लिए महत्वपूर्ण मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से नहीं खोलता है, तो 48 घंटों के भीतर ईरानी बिजली संयंत्रों को "नष्ट और समाप्त" कर दिया जाएगा। ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में कहा कि जलमार्ग तक पहुंच बहाल करने में विफल रहने पर प्रमुख ईरानी बुनियादी ढांचे पर हमले किए जाएंगे। यह चेतावनी तनाव में भारी वृद्धि का संकेत है, विशेष रूप से उनके हालिया बयानों के बाद जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका इस क्षेत्र में सैन्य अभियानों को "कम करने" पर विचार कर रहा है।</p>
<p>अमेरिका इसके बावजूद अपनी सैन्य उपस्थिति को मजबूत करना जारी रखे हुए है और पश्चिम एशिया में अतिरिक्त नौसैनिक बलों को तैनात कर रहा है। इजरायल ने भी अपने अभियान को तेज करने का संकेत दिया है, जिसमें रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने कहा है कि ईरान पर हमले काफी बढ़ जाएंगे। इजरायली सेना ने कहा कि उसने सप्ताहांत में ईरान और लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर समन्वित हमलों में 200 से अधिक स्थानों को निशाना बनाया है।</p>
<p>जमीनी स्तर पर शत्रुता जारी है और ईरानी मिसाइल हमलों ने दक्षिणी इजरायल को निशाना बनाया है। अराद में, कम से कम 74 लोग घायल हुए हैं। एक अन्य मिसाइल डिमोना में एक इमारत से टकराई, जहां इजरायल का परमाणु केन्द्र स्थित है। इस बीच, ईरान ने आंतरिक सुरक्षा उपायों को कड़ा कर दिया है और विदेशी नेटवर्क के साथ हमलों के नुकसान के बारे में जानकारी साझा करने के कम से कम 25 आरोपियों को हिरासत में लिया है।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/iea-claims-that-the-global-energy-crisis-caused-by-america-israels/article-147517</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/iea-claims-that-the-global-energy-crisis-caused-by-america-israels/article-147517</guid>
                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 14:32:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/ie.png"                         length="1414209"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>होर्मुज़ पार करने वाले चुनिंदा ज़हाज़ों को ईरान ने दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम, 18 करोड़ की करेगा वसूली</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने घोषणा की है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को अब $20 लाख (₹18.76 करोड़) शुल्क देना होगा। डोनाल्ड ट्रंप की 48 घंटे की चेतावनी और बिजली संयंत्रों को "मिटाने" की धमकी के बावजूद ईरान ने अपना नियंत्रण सख्त कर लिया है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था में तनाव बढ़ गया है।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-gives-48-hour-ultimatum-to-selected-ships-crossing-hormuz-will/article-147476"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/iran7.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। मीडिल ईस्ट तनाव के बीच ईरान ने बड़ा फैसला करते हुए श्विक अर्थव्यवस्था की जीवन रेखा माने जाने वाले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपना नियंत्रण और भी सख्त कर दिया है। ईरानी राष्ट्रपति ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा है कि इस जलमार्ग से जो भी ज़हाज़ गुजरेगा अब ईरान उससे 20 लाख डॉलर ट्रांजिट शुल्क लेगा और यदि कोई भी देश ऐसा नहीं करेगा तो वो इस मार्ग से नहीं जा सकता है।</p>
<p>गौरतलब है कि, ईरान ने ये सख्त कदम ऐसे समय में उठाया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को जलडमरूमध्य मार्ग को खोलने के लिए 48 घंटों का समय दिया है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा है कि अब से वो होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले कुछ चुनिंदा जहाहों पर 18,76,00,300 रुपये का शुल्क लेगा। इस बात की पुष्टि राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने अपने सोशल मीडिया पर प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के माध्यम से की है।</p>
<p>इससे पहले ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमले के चौथे सप्ताह में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर वह अगले 48 घंटों के भीतर 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को पूरी तरह से नहीं खोलता है, तो अमेरिका ईरानी बिजली संयंत्रों को "मिटा" देगा।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-gives-48-hour-ultimatum-to-selected-ships-crossing-hormuz-will/article-147476</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-gives-48-hour-ultimatum-to-selected-ships-crossing-hormuz-will/article-147476</guid>
                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 10:57:15 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/iran7.png"                         length="1159701"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिकी राष्ट्रपति की ईरान को कड़ी चेतावनी, बोले होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला तो विद्युत संयंत्रों पर होगा हमला, 48 घंटों का दिया समय</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटों में होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के विद्युत संयंत्रों को निशाना बनाएगा। वैश्विक तेल व्यापार के 20% हिस्से वाले इस मार्ग की नाकेबंदी से ऊर्जा बाजारों में भारी अस्थिरता है, जिससे पश्चिम एशिया में युद्ध का खतरा और बढ़ गया है।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-president-gives-stern-warning-to-iran-if-strait-of/article-147419"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/trump.png" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर तेहरान 48 घंटों के भीतर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने में विफल रहता है तो अमेरिका उसके विद्युत संरचना पर नए हमले शुरू करेगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में श्री ट्रंप ने कहा: "अगर ईरान 48 घंटों के भीतर बिना किसी धमकी के होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से नहीं खोलता है तो अमेरिका उनके विभिन्न विद्युत संयंत्रों पर हमला करके उन्हें नष्ट कर देगा, जिसकी शुरुआत सबसे बड़े संयंत्र से होगी।"</p>
<p>यह बयान पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच बयानबाजी में एक महत्वपूर्ण वृद्धि का संकेत देता है, जहां तनाव के कारण पहले से ही संकरे जलमार्ग के माध्यम से नौवहन बाधित है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए एक प्रमुख मार्ग है। होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व के तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्से का योगदान देता है, और चल रहे युद्ध के कारण इसके प्रभावी रूप से बंद होने से वैश्विक ऊर्जा बाजारों में तीव्र अस्थिरता और भू-राजनीतिक चिंताओं में वृद्धि हुई है।</p>
<p>ईरान ने चुनिंदा जहाजों को जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी है जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा जलडमरूमध्य की गश्त करने वाले देशों का गठबंधन बनाने का प्रयास सफल नहीं हो सका है क्योंकि प्रमुख साझेदारों ने इसमें शामिल होने में अनिच्छा व्यक्त की है।</p>
<p> </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/us-president-gives-stern-warning-to-iran-if-strait-of/article-147419</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/us-president-gives-stern-warning-to-iran-if-strait-of/article-147419</guid>
                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 14:00:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/trump.png"                         length="790718"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राहत की खबर: ईरानी नौसेना ने भारतीय एलपीजी टैंकर को पार कराया होर्मुज, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में भारत की रणनीतिक साख का चला पता </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जारी नाकेबंदी के बीच ईरानी नौसेना ने एक भारतीय एलपीजी टैंकर को सुरक्षित रास्ता दिया। तनावपूर्ण युद्ध की स्थिति में भी भारतीय क्रू और ध्वज की पहचान के बाद जहाज को सुरक्षित निकाला गया। तेल टैंकर पूरे सफर के दौरान ईरानी नौसेना के संपर्क में रहा, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में भारत की रणनीतिक साख का पता चलता है।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/news-of-relief-iranian-navy-helps-indian-lpg-tanker-cross/article-147401"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/iran-1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। अमेरिका-ईजरायल से जंग के बीच ईरान ने दुनिया के महत्वपूर्ण जलमार्गों में शामिल स्ट्रेट ऑफ  होर्मुज की भी नाकेबंदी कर रखी है। इस बीच ईरानी नौसेना ने पिछले सप्ताह एक भारतीय एलपीजी टैंकर को सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कराया। जहाज पर मौजूद एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि यह टैंकर उन दो भारतीय जहाजों में शामिल था जिन्हें इस संवेदनशील मार्ग से गुजरने की अनुमति दी गई।</p>
<p>स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित निकलने तक भारतीय तेल टैंकर लगातार ईरानी नौसेना के संपर्क में रहा। ईरान की नौसेना ने जहाज पर लगे झंडे, वह कहां से निकला है और कहां जा रहा है, उसके चालक दल में किस देश के लोग शामिल हैं, ये सब जानकारियां मांगी। जहाज के सभी क्रू मेंबर्स भारतीय थे। इसके बाद जहाज को एक तय मार्ग पर आगे बढ़ाया गया।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/news-of-relief-iranian-navy-helps-indian-lpg-tanker-cross/article-147401</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/news-of-relief-iranian-navy-helps-indian-lpg-tanker-cross/article-147401</guid>
                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 11:01:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/iran-1.png"                         length="460167"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दी ईरान को चेतावनी, कहा-अगर ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग को रोकता है, तो उस पर बीस गुना अधिक भयानक होगा हमला </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल परिवहन रोका, तो अमेरिका 20 गुना भीषण प्रहार करेगा। युद्ध के खतरे और बीमा रद्द होने से यह मार्ग ठप है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति संकट गहरा गया है। भारत अपने 36 जहाजों को सुरक्षित निकालने हेतु प्रयासरत ।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-president-trump-warned-iran-if-iran-blocks-the/article-145971"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/trump.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को ईरान को चेतावनी दी कि यदि उसकी सेनाएं होर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग से होने वाले तेल के परिवहन को रोकती हैं, तो उन पर बीस गुना अधिक भयानक हमला किया जाएगा। अमेरिकी ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा, अगर ईरान ऐसा कुछ भी करता है जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य के भीतर तेल का प्रवाह रुकता है, तो अमेरिका उन पर अब तक हुए हमलों की तुलना में बीस गुना अधिक जोर से हमला करेगा। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त, अमेरिका आसानी से नष्ट होने वाले लक्ष्यों को खत्म कर देगा, जिससे ईरान के लिए एक राष्ट्र के रूप में फिर से खड़ा होना लगभग असंभव हो जाएगा।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रंप ने इस चेतावनी को अमेरिका की ओर से चीन और उन सभी देशों के लिए एक उपहार बताया जो होर्मुज जलडमरूमध्य का काफी उपयोग करते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस पहल की काफी सराहना की जाएगी। उल्लेखनीय है कि 10 मार्च तक होर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग में वाणिज्यिक यातायात लगभग पूरी तरह से ठप हो गया है। हालांकि, औपचारिक रूप से इसे बंद करने की कोई घोषणा नहीं की गई है, लेकिन अत्यधिक जोखिमों के कारण बीमा कंपनियों द्वारा बीमा रद्द करने के कारण इस मार्ग पर यातायात प्रभावी रूप से बंद हो गया है।</p>
<p>मार्सक, सीएमए सीजीएम और हैपग-लॉयड जैसी प्रमुख परिवहन कंपनियों ने इस मार्ग से आवाजाही को स्थगित कर दिया है और जहाजों को केप ऑफ गुड होप के रास्ते भेज रहे हैं। युद्ध शुरू होने के बाद से ही ड्रोन और मिसाइल हमलों में कम से कम आठ नाविक मारे गये हैं और कई टैंकर क्षतिग्रस्त हुए हैं। छह मार्च को, संयुक्त अरब अमीरात के ध्वज वाली नौका मुसाफा-2 एक विस्फोट के बाद डूब गयी, जिससे चालक दल के तीन सदस्य लापता हो गए। सात मार्च को, माल्टा के ध्वज वाले टैंकर प्रिमा पर कथित तौर पर एक ईरानी ड्रोन द्वारा हमला किया गया था।</p>
<p>भारत वर्तमान में इस क्षेत्र में फंसे 36 भारतीय ध्वज वाले जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने के विकल्पों पर विचार कर रहा है। फ्रांस ने भी युद्ध की तीव्रता कम होने के बाद जहाजों को सुरक्षित एस्कॉर्ट करने के लिए एक मिशन की तैयारी की घोषणा की है। नाकाबंदी के परिणामस्वरूप, कच्चे तेल की कीमतें 9 मार्च को 120 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल तक बढ़ गईं, जो बाद में घटकर लगभग 88-90 डॉलर पर आ गईं।</p>
<p>कुवैत और कतर ने कुछ ऊर्जा अनुबंधों पर फोर्स मेज्योर घोषित कर दिया है क्योंकि टैंकर सुरक्षित रूप से फारस की खाड़ी से बाहर निकलने में असमर्थ हैं। फोर्स मेज्योर एक सामान्य क्लॉज है जो अनिवार्य रूप से दोनों पक्षों को दायित्व या बाध्यता से मुक्त करता है जब पार्टियों के नियंत्रण से बाहर कोई असाधारण घटना या परिस्थिति आ जाती है। यह जलडमरूमध्य पश्चिमी देशों से जुड़े वाणिज्यिक यातायात के लिए प्रभावी रूप से बंद है। हालांकि, इसके कुछ अपवाद भी हैं। कुछ चीनी ध्वज वाले जहाजों ने स्वचालित पहचान प्रणाली (एआईएस) के माध्यम से अपनी स्थिति प्रसारित कर सफलतापूर्वक पारगमन किया है।</p>
<p>वैश्विक तेल खपत का लगभग 20 प्रतिशत (पाँचवाँ हिस्सा) इस जल क्षेत्र से होकर गुजरता है। अमेरिकी ऊर्जा प्रशासन के अनुसार, इस जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कच्चे तेल का लगभग 84-89 प्रतिशत और एलएनजी का 83 प्रतिशत हिस्सा एशिया के लिए होता है। भारत, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया में उर्जा आपूर्ति के लिए यह जलमार्ग काफी महत्वपूर्ण है।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/us-president-trump-warned-iran-if-iran-blocks-the/article-145971</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/us-president-trump-warned-iran-if-iran-blocks-the/article-145971</guid>
                <pubDate>Tue, 10 Mar 2026 18:00:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-09/trump.png"                         length="178970"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हॉर्मुज जलडमरूमध्य: तेल के जहाजों को रोका तो...अमेरिका ने दी ईरान को मौत, आग और रोष का कहर बरपाने की चेतावनी</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तेल जहाजों को रोका गया, तो अमेरिका 20 गुना घातक हमला करेगा। ट्रंप ने इसे चीन और एशियाई देशों के लिए 'उपहार' बताया, जो इस मार्ग पर निर्भर हैं। उन्होंने ईरान को 'मौत और आग' के कहर की चेतावनी देते हुए जलमार्ग बहाली पर जोर दिया।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/when-oil-ships-were-stopped-in-the-strait-of-hormuz/article-145924"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/trump--and-iran.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उसने हॉर्मुज जलडमरूमध्य से तेल के जहाजों को रोकने की कोशिश की तो अमेरिका उस पर अब तक की तुलना में बीस गुना अधिक जोरदार हमला करेगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अगर ईरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल के जहाजों की आवाजाही रोकने के लिए कुछ भी करता है, तो अमेरिका उस पर अब तक किए गए हमलों के मुकाबले बीस गुना अधिक जोरदार प्रहार करेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के उन ठिकानों को निशाना बनाएगा जिन्हें आसानी से नष्ट किया जा सकता है और इससे ईरान का दोबारा खड़ा होना लगभग असंभव हो जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि उन पर मौत, आग और रोष का कहर बरसेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि वह आशा और प्रार्थना करते हैं कि ऐसा न हो। </p>
<p>गौरतलब है कि, हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण कारोबारी समुद्री रास्तों में से एक है। इस रास्ते से वैश्विक तेल कारोबार का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने अपनी इस चेतावनी को चीन और उन सभी देशों के लिए अमेरिका की ओर से एक उपहार बताया जो हॉर्मुज जलडमरूमध्य का अत्यधिक उपयोग करते हैं। चीन और अन्य एशियाई अर्थव्यवस्थाएं इस जलमार्ग से भेजे जाने वाले कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस पर निर्भर हैं। यह रास्ता युद्ध शुरू होने के बाद से लगभग बंद है। </p>
<p>इससे पहले सोमवार को ईरान की सेना इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्र्स ने कहा था कि जो भी अरब या यूरोपीय देश अपने क्षेत्र से इजरायली और अमेरिकी राजदूतों को निष्कासित करेगा, उसे हॉर्मुज जलडमरूमध्य से बेरोकटोक आवाजाही की इजाजत होगी।  </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/when-oil-ships-were-stopped-in-the-strait-of-hormuz/article-145924</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/when-oil-ships-were-stopped-in-the-strait-of-hormuz/article-145924</guid>
                <pubDate>Tue, 10 Mar 2026 11:48:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/trump--and-iran.png"                         length="674575"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वैश्विक आर्थिक संकट: पश्चिम एशिया में तेल की सप्लाई बाधित, होर्मुज जलडमरूमध्य सिर्फ US इजरायल और यूरोप के जहाजों के लिए बंद</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने घोषणा की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य अब अमेरिका, इजरायल और यूरोपीय जहाजों के लिए पूरी तरह बंद है। आईआरजीसी ने चेतावनी दी है कि पश्चिमी देशों के किसी भी जहाज पर सीधा हमला किया जाएगा। इस प्रतिबंध से तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा संकट मंडरा रहा है।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/irans-big-statement-disrupts-oil-supply-in-west-asia-strait/article-145346"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/iran-1.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने गुरुवार को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग केवल अमेरिका, इजरायल, यूरोप और अन्य पश्चिमी सहयोगियों के जहाजों के लिए बंद है। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य युद्ध शुरू होने के बाद से ही ठप हो गया है।</p>
<p>ईरान के सरकारी प्रसारक आईआरआईबी के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कहा, "हमने पहले भी कहा था कि अंतर्राष्ट्रीय कानूनों और प्रस्तावों के आधार पर, युद्ध के समय में ईरान के पास होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले मार्ग को नियंत्रित करने का अधिकार होगा।"</p>
<p>आईआरजीसी ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका, इजरायल, यूरोप 'और उनके समर्थकों' से संबंधित जहाज देखे गए, तो 'निश्चित रूप से उन पर हमला किया जाएगा।' ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल द्वारा शनिवार को संयुक्त अभियान शुरू किए जाने के बाद से यह जलडमरूमध्य प्रभावी रूप से बंद है, जिससे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है और वैश्विक अर्थव्यवस्था के चरमराने का खतरा पैदा हो गया है।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/irans-big-statement-disrupts-oil-supply-in-west-asia-strait/article-145346</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/irans-big-statement-disrupts-oil-supply-in-west-asia-strait/article-145346</guid>
                <pubDate>Thu, 05 Mar 2026 14:18:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/iran-1.png"                         length="460167"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान-अमेरिका वार्ता: ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का दावा, अमेरिका के साथ दूसरे दौर की बातचीत बेहतर और रचनात्मक </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[ईरान और अमेरिका के बीच जिनेवा में हुई दूसरे दौर की अप्रत्यक्ष वार्ता सकारात्मक रही। विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि मार्गदर्शक सिद्धांतों पर सहमति बन गई है और जल्द ही समझौते का मसौदा तैयार किया जाएगा।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iranian-foreign-minister-seyed-abbas-araghchi-claims-second-round-of/article-143683"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/trump-and-khamnoi.png" alt=""></a><br /><p>काहिरा। अमेरिका के साथ हुई दूसरे दौर की अप्रत्यक्ष बातचीत के बाद ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए कहा कि यह बातचीत ओमान की राजधानी मस्कट में हुई पहले दौर की बातचीत से बेहतर और ज्यादा रचनात्मक थी। विदेश मंत्री अराघची ने मंगलवार को सरकारी प्रसारक इरिब के साथ विशेष बातचीत में कहा कि दिशा देने वाले सिद्धांतों पर दोनों पक्षों के बीच आम सहमति बन गयी है और जल्द ही एक संभावित समझौते का मसौदा तैयार करने की दिशा में बढ़ेंगे। </p>
<p>ओमान की मध्यस्थता में स्विट्जरलैंड की राजधानी जिनेवा में ओमानी दूतावास में हुई इस बैठक के बाद उन्होंने कहा कि एक बार मसौदा तैयार होने पर दोनों पक्ष तीसरे दौर की बातचीत के लिए तारीख निर्धारित करेंगे। इसके आगे विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच की खाई पाटने में समय लगेगा। </p>
<p>विदेश मंत्री अराघची ने बैठक के बाद संयुक्त राष्ट्र के एक निरस्त्रीकरण सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि बातचीत से एक टिकाऊ समाधान के लिए एक नया रास्ता खुल गया है जो ईरान के अधिकारों का सम्मान करते हुए पूरे क्षेत्र और सभी पक्षों के हितों की रक्षा करेगे। </p>
<p>बैठक की मध्यस्थता करने वाले ओमान के विदेश मंत्री सैयद बद्र बिन हम्माद बिन हमूद अलबुसैदी ने कहा कि बातचीत रचनात्मक थी और दोनों पक्षों ने तकनीकी मुद्दों एवं सामान्य उद्देश्य पहचानने में अच्छी प्रगति की है। साथ ही अंतिम समझौते के मार्गदर्शक सिद्धांतों को शक्ल देने के लिए महत्वपूर्ण कोशिशें की गयीं। </p>
<p>इस बीच, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैन्स ने मीडिया को बताया कि मंगलवार की बातचीत के कुछ पहलू सकारात्मक थे, लेकिन ईरान ने अभी तक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की कुछ बातों को नहीं माना है, और इनसे पीछे नहीं हटा जा सकता। उन्होंने कहा कि सब कुछ अभी भी टेबल पर है। </p>
<p>राष्ट्रपति ट्रंप अपने पहले कार्यकाल में ईरान के साथ हुए पहले के परमाणु समझौते से हट गए थे। लेकिन दूसरे कार्यकाल में उन्होंने ईरान पर अधिकतम दबाव बनाया है और बार-बार चेतावनी दी है कि वह ईरान की परमाणु कार्रवाई रोकने के लिए सैन्य बल का इस्तेमाल कर सकते हैं। ईरान ने भी इसके जवाब में कहा है कि वह किसी भी हमले का उसी तरह जवाब देगा।</p>
<p>इससे पहले जैसे ही जिनेवा में मिले, तो ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्र्स ने होर्मुज की खाड़ी में स्मार्ट कंट्रोल ऑफ़ द स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज नाम का एक अभ्यास शुरू कर दिया था। इस अभ्यास ने जरूरी शिपिंग लेन के कुछ हिस्सों को कुछ समय के लिए बंद कर दिया। इसमें तटीय एवं द्वीपीय बिन्दुओं से मिसाइल लॉन्च, त्वरित हमलों और समुद्री लक्ष्यों पर हमलों की नकल करने वाली ड्रोन इकाइयां शामिल थीं। </p>
<p>आईआरजीसी के आधिकारिक समाचार आउटलेट सेपा न्यूज ने कहा कि इस अभ्यास का मकसद नौसेना की तैयारी का परीक्षण करना और समुद्र में सुरक्षा और जवाबी हमले की योजना का अभ्यास करना था। उल्लेखनीय है कि ट्रंप ने पिछले हफ्ते कहा था कि दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड और यूएसएस अब्राहम लिंकन को पश्चिमी एशिया में तैनात किया जा रहा है, जो तीन हफ्ते से इस इलाके में हैं। </p>
<p>ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने मंगलवार को कहा कि ईरान अपनी शांतिपूर्ण परमाणु तकनीक नहीं छोड़ेगा, लेकिन यह साबित करने के लिए किसी भी तरह के सत्यापन के लिए तैयार है कि उसका कार्यक्रम हथियार बनाने के मकसद से नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अमेरिका और तरराष्ट्रीय समुदाय उन अफवाहों को खारिज कर देगा जिनमें यह दावा किया जाता है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा है।</p>
<p>सर्वोच्च नेता अली खामेनेई ने ट्रंप की सैन्य हमलों की हालिया धमकियों का जवाब देते हुए कहा कि पूर्व के अमेरिकी राष्ट्रपतियों की तरह ट्रंप भी ईरान के इस्लामिक गणराज्य को हराने में नाकाम रहेंगे। </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/iranian-foreign-minister-seyed-abbas-araghchi-claims-second-round-of/article-143683</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/iranian-foreign-minister-seyed-abbas-araghchi-claims-second-round-of/article-143683</guid>
                <pubDate>Wed, 18 Feb 2026 15:57:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/trump-and-khamnoi.png"                         length="559594"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        