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                <title>witness - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा ​में फिर बड़ी चूक: अमेरिका व्हाइट हाउस पर भीषण गोलीबारी, जवाबी कार्रवाई में हमलावर की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका में व्हाइट हाउस के पास सुरक्षा चौकी पर गोलीबारी करने वाले 21 वर्षीय संदिग्ध नासिरे बेस्ट को सीक्रेट सर्विस ने मार गिराया है। घटना में एक राहगीर गंभीर रूप से घायल हुआ है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सुरक्षित हैं। जांच में सामने आया कि आरोपी पहले भी ट्रंप को नुकसान पहुंचाने की धमकी दे चुका था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/another-major-lapse-in-donald-trumps-security-massive-firing-at/article-154837"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/white-house.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति भवन व्हाइट हाउस के निकट रविवार को एक सुरक्षा जांच चौकी की ओर बढ़कर गोलीबारी करने वाले एक व्यक्ति को सीक्रेट सर्विस के अधिकारियों ने गोली मार दी जिससे उसकी मौत हो गयी। घटना में एक राहगीर गंभीर रूप से घायल हो गया। सीक्रेट सर्विस के प्रवक्ता के अनुसार शनिवार शाम करीब छह बजे एक व्यक्ति व्हाइट हाउस परिसर के बाहर स्थित सुरक्षा जांच चौकी के पास पहुंचा और अधिकारियों पर गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाकर्मियों ने भी गोली चलाई, जिसमें संदिग्ध घायल हो गया। बाद में अस्पताल में उसकी मृत्यु हो गयी।</p>
<p>प्रवक्ता ने बताया कि गोलीबारी के दौरान एक राहगीर भी गोली लगने से घायल हो गया। यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उसे संदिग्ध की गोली लगी या जवाबी गोलीबारी के दौरान वह घायल हुआ। घटना में सीक्रेट सर्विस का कोई भी अधिकारी घायल नहीं हुआ। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उस समय व्हाइट हाउस में मौजूद थे और सुरक्षित रहे। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति को घटना की जानकारी दे दी गयी है। कानून विभाग के अधिकारियों के अनुसार घायल राहगीर की हालत गंभीर बनी हुई है।</p>
<p>यह घटना व्हाइट हाउस संवाददाता रात्रिभोज के एक महीने से भी कम समय बाद हुई है, जब गोली चलने की आवाज सुनकर पत्रकारों और ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों को सुरक्षा के लिए टेबलों की आड़ लेनी पड़ी थी। ट्रंप ने रविवार तड़के ट्रुथ सोशल पर जारी एक पोस्ट में सीक्रेट सर्विस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह घटना भविष्य के राष्ट्रपतियों के लिए वॉशिंगटन में और अधिक सुरक्षित एवं संरक्षित परिसर की आवश्यकता को दर्शाती है।</p>
<p>मीडिया रिपोर्टों के अनुसार मारे गये संदिग्ध की पहचान 21 वर्षीय नासिरे बेस्ट के रूप में हुई है। जांच एजेंसियों के सूत्रों ने बताया कि उसका पहले भी सीक्रेट सर्विस से सामना हो चुका था। सूत्रों के अनुसार, जून 2025 में उसने व्हाइट हाउस के प्रवेश मार्ग को अवरुद्ध कर दिया था, और स्वयं को ‘ईश्वर’ बताया था। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण के लिए साइकेट्रिक इंस्टीट्यूट ऑफ वॉशिंगटन भेजा गया था।</p>
<p>जुलाई 2025 में भी उसे व्हाइट हाउस परिसर के एक मार्ग में प्रवेश करने की कोशिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। बाद में अदालत ने उसे व्हाइट हाउस परिसर से दूर रहने का आदेश दिया था। जांच के दौरान अधिकारियों को उसके सोशल मीडिया पोस्ट भी मिले थे, जिनमें उसने स्वयं को ‘असल ओसामा बिन लादेन’ बताया था तथा ट्रंप को नुकसान पहुंचाने की इच्छा जाहिर की थी। कानून प्रवर्तन अधिकारियों का कहना है कि इससे पहले उसे कभी हिंसक व्यवहार करते या हथियार का इस्तेमाल करते नहीं देखा गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 May 2026 13:36:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>एमपी पुलिस के चौंकाने वाले कारनामे : 100 केस में एक ही गवाह, बिना बुलाए ही दर्ज हो जाता है नाम</title>
                                    <description><![CDATA[एमपी अजब है और यहां की पुलिस गजब है। ग्वालियर-चंबल की पुलिस का एक बड़ा मामला उजागर हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/in-the-shocking-exploits-of-mp-police-the-same-witness/article-108903"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/mp-police.png" alt=""></a><br /><p>ग्वालियर। एमपी अजब है और यहां की पुलिस गजब है। ग्वालियर-चंबल की पुलिस का एक बड़ा मामला उजागर हुआ है। पुलिस ने कोर्ट में बीते तीन साल में 500 से ज्यादा केस में एक ही गवाह पेश किया है। जिनका केस से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है उनको गवाह बनाकर पेश किया गया है। कुछ गवाह तो ऐसे हैं जो कई बार कोर्ट में पुलिस की तरफ से गवाही दे चुके हैं। इस मामले का खुलासा होने के बाद ग्वालियर पुलिस का कहना है कि ये करना पड़ता है, क्योंकि हमें गवाह नहीं मिलते हैं। कोर्ट को न्याय का मंदिर माना जाता है, लेकिन फिर भी ग्वालियर जिले की पुलिस फर्जी गवाह पेश करने से नहीं चूक रही। ग्वालियर पुलिस ने पिछले तीन सालों में 507 आपराधिक मामलों में फर्जी गवाह पेश किए हैं। हर थाने में ऐसे गवाह पहले से तय होते हैं। इन गवाहों को थाने में बुलाए बिना ही एफआईआर में इनका नाम दर्ज कर लिया जाता है। बाद में उन्हें घटना की कहानी समझा दी जाती है। इसका नुकसान पीड़ित पक्ष को सहना पड़ता है।<br /><br /><strong>आईजी ने दी मामले में सफाई</strong><br />जब इस मामले में ग्वालियर जोन आईजी अरविंद सक्सेना से बात की गई तो उन्होंने कहा कि ऐसे मामले मेरी जानकारी में हैं, लेकिन पुलिस के सामने चुनौती है ये है कि वो किसे गवाह बनाए? क्योंकि लोग कोर्ट कचहरी के चक्कर में नहीं फंसाना चाहते हैं। इसलिए पुलिस को ऐसा करना पड़ता है। उन्होंने कहा है कि अब नई धाराओं के बाद अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे कि वे घटना में स्वतंत्र व स्थानीय गवाह जुटाएं, ताकि केस मजबूत रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Mar 2025 14:38:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title> इतिहास का साक्षी नांता महल दुर्दशा का शिकार</title>
                                    <description><![CDATA[नांता महल से हाड़ौती के इतिहास के कई साक्ष्य नष्ट या गायब हो चुके है अगर अब भी इसकी सार-संभाल नहीं की गई तो धीरे-धीरे ये महल अपना अस्तित्व ही खो देगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/witness-of-history-nanta-mahal-victim-of-plight/article-47518"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/itihaas-ka-sakshi-nanta-mahal-durdasha-ka-shikar..kota-news..2.6.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । आंगन उजड़ गया है। तो गम इस का ता-ब-कै, मोहतात रह कि अब के वो ये छत भी ले न जाएं। अनदेखी के कारण हाड़ौती की कई घटनाक्रमों का साक्षी रहा नांता गांव का महल अपनी पहचान खोता जा रहा है और दुर्दशा का शिकार हो रहा है। स्थानीय इतिहासकार बताते हैं कि अपने जमाने का बहुत ही खूबसूरत महल है ये नांता का महल लेकिन बीते कुछ सालों में निगम की सीमा में आने वाले इस महल की ओर किसी का ध्यान नहीं है और इसी कारण ऐतिहासिक घटनाओं की गवाही देने वाला से शानदार महल अपना मूल स्वरूप खोता जा रहा है। नांता महल स्थापत्य कला का सुंदर नमूना है। परंतु सरकार की उपेक्षा के कारण नष्ट होने के कगार पर है। इस अमूल्य धरोहर को बचाना बहुत आवश्यक है। जानकार बताते हैं कि ऐतिहासिक धरोहरों को संभालने का जिम्मा जिन विभागों का है उन विभागों का बीते कई सालों से इस इमारत की ध्यान नहीं है। इस कारण कई लोगों ने इस महल के बाहर अतिक्रमण तक किया हुआ है अन्दर तो अव्यवस्थाएं बनी हुई है ही सही। जो विभाग या संस्थाएं इस महल में संचालित हो रही है उनके मुखियाओं को सिर्फ अपनी संस्थाओं से मतलब है ना कि इस ऐतिहासिक धरोहर से। इतिहासकार कहते हैं कि वैसे ही बीते कुछ सालों में इस महल से हाड़ौती के इतिहास के कई साक्ष्य नष्ट हो चुके हैं, मिट चुके है या गायब हो चुके है अगर अब भी इसकी सार-संभाल नहीं की गई तो धीरे-धीरे ये महल अपना अस्तित्व ही खो देगा। </p>
<p><strong>यह है नांता के महल का इहितास</strong><br />कोटा शहर के समीप चंबल के उस पार नांता गांव स्थित है। यह गांव काफी प्राचीन है। 12-13वीं शताब्दी में यह गांव खींची राजपूतों का एक ठिकाना हुआ करता था। यहां पर खीचियों का छोटा सा गढ़ भी था जिसके अवशेष अभी मौजूद हैं। यह खींची राजपूत नांता से सुकेत तक फैले हुए थे। रंगबाड़ी, अनंतपुरा, जगपुरा, राजपुर, मुकंदरा घाटी तथा सुकेत तक इनके छोटे-छोटे ठिकाने थे। 13वीं शताब्दी में जब बूंदी राजकुमार जैत सिंह हाड़ा ने अकेलगढ़ के कोटिया भील को युद्ध में मारकर चंबल के दाहिने तट पर कोटा नगर बसाया तब यह नांता गांव भी बूंदी राज्य के अंतर्गत शामिल हुआ।</p>
<p><strong>ऐतिहासिक घटनाओं का साक्षी नांता महल </strong><br />- जब जालिम सिंह कोटा राज्य का दीवान और फौजदार था तब उसने नांता गढ़ के परिसर में पुराने महलों के स्थान पर पांच मंजिला कलात्मक महल बनवाया जिसमें चित्रकारी करवाई। वर्तमान में यह महल मौजूद है। <br />- जालिम सिंह के पुत्र माधव सिंह और पौत्र मदन सिंह का जन्म इसी महल में हुआ।<br />- जालिम सिंह के पौत्र मदन सिंह की शादी नांता महल में बड़ी धूमधाम से हुई थी।<br />- कोटा में सन् 1857 की क्रांति के समय कोटा के क्रांतिकारियों को दबाने जो अंग्रेजी फौज नसीराबाद छावनी से आई थी वो दो-तीन दिन इस महल में ठहरी थी।<br />- स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात कई वर्ष तक एस.टी.सी. प्रशिक्षण केंद्र इस महल में संचालित रहा।<br />- वर्तमान में नांता महल की इमारत में 3 शिक्षण संस्थाएं संचालित हैं।</p>
<p><strong>इनका कहना हैं</strong><br />जब पर्यटन के लिहाज से पूरे कोटा का विकास किया जा रहा है। तो ये समझ से परे है कि नांता महल की अनदेखी क्यों हो रही है। जिस तरह से अभेड़ा महल का जीर्णोद्धार हुआ है उसी तरह से इस महल का भी होना चाहिए।  सबसे पहले तो इस एतिहासिक धरोहर के बाहर हो रहे अतिक्रमण को रोका जाना चाहिए। इसके बाद पुरानी शैली के अनुरूप ही अगर इसका जीर्णोद्धार करवाया जाए तो ये पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षिक करेगा। इसमें एक संग्रहालय भी स्थापित किया जा सकता है। जिससे लोगों को हाड़ौती के इतिहास की जानकारी मिले। <br /><strong>-फिरोज अहमद, इतिहासकार।</strong> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 02 Jun 2023 14:43:36 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>शताब्दी के साक्षी रहे भवन बदहाली के शिकार</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा गवर्नमेंट कॉलेज के 100 साल पुराने जुबली व रघुनाथ हॉस्टल बदहाली का शिकार हो रहे हैं। आलम यह है, कमरों का पलास्टर उखड़े पड़े तो सुविधा घर की फर्शी बैठ गई, टाइलें जगह-जगह से उखड़ी पड़ी हैं। बिजली के पैनल क्षतिग्रस्त व हॉल के दरवाजे टूटे पड़े हैं। इतना ही नहीं, हॉस्टल के पीछे गंदगी का ढेर लगा हुआ है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-buildings-that-were-witness-to-the-century-are-victims-of-destitution/article-12663"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/shatabdi-ke-saakshi-bhawan-badhali-ke-shikar.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा गवर्नमेंट कॉलेज के 100 साल पुराने जुबली व रघुनाथ हॉस्टल बदहाली का शिकार हो रहे हैं। आलम यह है, कमरों का पलास्टर उखड़े पड़े तो सुविधा घर की फर्शी बैठ गई, टाइलें जगह-जगह से उखड़ी पड़ी हैं। बिजली के पैनल क्षतिग्रस्त व हॉल के दरवाजे टूटे पड़े हैं। इतना ही नहीं, हॉस्टल के पीछे गंदगी का ढेर लगा हुआ है। साफ-सफाई नहीं होने से छात्रावास के आसपास बड़ी-बड़ी झाड़ियां उगी गई। जिनमें सांप, बिच्छु, गोयरा सहित अन्य जहरीले जीव-जंतु पनप रहे हैं। विड़ंबना यह है कि करीब एक माह से इन हॉस्टल में बिजली तक नहीं है। जबकि, 160 छात्र यहां रहते हैं। कॉलेज प्रशासन की लापरवाही का दंश झेल रहे छात्र इन दिनों दोहरी मार झेल रहे हैं। बिजली के अभाव में गर्मी से परेशान, बरसात में सीलन और रात के अंधेरे में जहरीले जीव-जंतुओं के खतरे के बीच रहने को मजबूर हैं। दोपहर को पेड़ के नीचे तो रात को रोड लाइटोें के उजाले में परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। <br /><br /><strong>सुविधाघर में उखड़ी पड़ी टाइलें</strong><br />बीए तृतीय वर्ष के छात्र गिर्राज मीणा ने बताया कि वे तीन साल से रघुनाथ हॉस्टल में रह रहे हैं। यहां सुविधाघर के हालत बद से बदतर हो रहे हैं। जगह-जगह से टाइलें उखड़ी पड़ी और दरवाजे टूटे हुए हैं। कॉलेज प्रशासन से मरम्मत करवाने का आग्रह किया था लेकिन सुनवाई नहीं हुई। गत माह पहले वार्डन को भी समस्या से रूबरू करवाया था फिर भी समाधान नहीं हुआ। हॉस्टल की सफाई भी छात्र आपस में पैसे इक्कठा कर करवाते हैं। <br /><br /><strong>हॉस्टल में आया बारहसिंगा</strong><br />जुबली हॉस्टल के पीछे जंगल है। जहां वन्यजीवों की मौजूदगी है।17जून को सुबह बारह सिंगा हॉस्टल परिसर में आ गया। भोजन की तलाश में अन्य वन्यजीव कमरों में घुस जाते हैं। वहीं, कई बार सांप-गोयरा भी आ चुके हैं। बरसात के दिनों में जहरीले जीव जंतुओं की समस्या अधिक हो जाती है। छात्रों ने वार्डन से दोनों छात्रावासों के आसपास उग रहे बंबूल के पेड़ों व झाड़ियों की कटाई करवाकर सफाई करवाने की मांग की थी, आश्वासन मिला लेकिन समाधान आज तक नहीं हुआ। <br /><br /><strong>12 साल से नहीं हुई हॉस्टलों की मरम्मत</strong><br />पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष हरिप्रकाश मीणा के अनुसार गवर्नमेंट आर्ट्स कॉलेज के ऐतिहासिक जुबली और रघुनाथ हॉस्टलों की मरम्मत वर्ष 2010 में हुई थी। उस समय 67 लाख का बजट पास हुआ था। जिससे दरवाजे, खिड़की, इंटरलॉकिंग, छत पर जाने के लिए रैलिंग सहित अन्य कार्य हुए थे। इसके बाद करीब 12 साल से दोनों छात्रावास में कोई कार्य नहीं हुआ। जबकि, मरम्मत के अभाव में दोनों हॉस्टल जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुंच गए। यहां रहने वाला छात्र हर दिन कई तरह की परेशानियों से गुजर रहा है। कॉलेज प्रशासन को मरम्मत पर ध्यान देना चाहिए। <br /><br /><strong>हॉस्टल के पीछे जंगल, सांप-बिच्छू का खतरा</strong><br />एमए फाइनल के छात्र मानसिंह योगी व आजाद कुमार ने बताया कि साफ-सफाई के अभाव में हॉस्टल के पीछे खाली जगह पर बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग गई। बरसात के दिनों में यहां सांप-बिच्छू सहित जंगली जानवरों का खतरा रहता है। कमरों में कई बार सांप आ चुके हैं। कमरों की दीवारों के पलास्टर उखड़े पड़े हैं। शिकायत के बावजूद कॉलेज प्रशासन मरम्मत नहीं करवाता। जबकि, छात्रावास में रहने वाला प्रत्येक छात्र साल के 2200 रुपए कॉलेज में जमा करवाते हैं। इसके बावजूद सुविधाएं नहीं है। <br /><br /><strong>जुबली हॉस्टल के पीछे गंदगी का ढेर</strong><br />एमए तृतीय वर्ष के छात्र बुद्धिप्रकाश मीणा ने बताया कि हॉस्टल के पीछे गंदगी का ढेर लगा हुआ है।  गत दो दिन हुई बरसात से हॉस्टल परिसर में कीचड़ फैल गया। इंटरलॉकिंग नहीं होने से आने-जाने में दिक्कत हो रही है। हॉस्टल में एक माह से बिजली नहीं है। अंधेरे में ही खाना बन रहा है। रात को वन्यजीवों व जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा रहता है। छात्रावास के आसपास बरसाती पानी भरा हुआ है, जिनमें मच्छर पनप रहे हैं। ऐसे में बीमारियों का भी डर लगा रहता है। अव्यवस्थाओं के चलते छात्र परीक्षा की तैयारी नहीं कर पा रहे हैं। <br /><br /><strong>बिजली के पैनल व तार भी टूटे</strong><br />छात्र रवि भुजा, अभिषेक, श्याम सुंदर भील के मुताबिक दोनों हॉस्टलों में बिजली के पैनल बॉक्स लगे हुए हैं, जो लंबे समय से क्षतिग्रस्त हैं। इनमें तार भी टूट हुए हैं। कॉलेज प्रशासन की ओर से इनका रखरखाव भी नहीं करवाया जाता। कुछ महीनों पहले ही रघुनाथ हॉस्टल में स्पार्किंग होने से तार जल गए थे और बिजली गुल हो गई थी। छात्रों ने अपने स्तर पर ही बिजली कर्मचारी को बुलाकर तार सही करवाए थे। <br /><br /><strong>शौचालय के दरवाजे-टाइलें क्षतिग्रस्त</strong><br />बीए प्रथम वर्ष के छात्र लोकेश मीणा व अंकित कुमावत ने बताया कि शौचालयों के दरवाजे नीचे से पूरी तरह टूट गए। वहीं, टाइलें भी जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गई।  कई बार पैरों में टाइल्स के टुकड़े चुभने से छात्र जख्मी हो चुके हैं। कॉलेज प्रशासन फीस पूरी लेता है तो सुविधाएं भी उपलब्ध करवानी चाहिए। एक माह से ज्यादा समय बीत गया अभी तक बिजली बहाल नहीं हुई। परीक्षाएं चल रहीं हैं इसलिए रुके हुए हैं, ऐसी स्थिति में कोई भी यहां रुकना नहीं चाहता। <br /><br />पिछले साल ही जुबली हॉस्टल की मरम्मत के लिए करीब तीन लाख रुपए का बजट जारी हुआ था। पीडब्ल्यूडी द्वारा टाइलों की रिपेयरिंग, सुविधाघर के दरवाजे सहित अन्य कार्य करवाएं गए थे। <br /><strong>मनोज वर्मा, जुबली हॉस्टल वार्डन</strong><br /><br /> बजट के लिए हमने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत यूआईटी सचिव को करीब दस-पंद्रह दिन पहले ही पत्र भेजा था। दोनों हॉस्टल की इमारतें ऐतिहासिक हैं। यदि यूआईटी के माध्यम से हॉस्टल की मरम्मत कार्य हो जाए तो बहुत अच्छा होगा, क्योंकि पहले भी कार्य इन्हीं के जरिए हुआ था।  हमारे पास जैसे ही बजट आएगा, तुरंत मरम्मत कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। <br /><strong>संजय भार्गव, प्राचार्य गवर्नमेंट आर्ट्स कॉलेज</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jun 2022 15:47:02 +0530</pubDate>
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                <title>आर्यन ड्रग्स मामले में गोसावी गिरफ्तार, पूछताछ में खुलेंगे कई राज!</title>
                                    <description><![CDATA[उस पर आरोप है कि उसने एनसीबी के मुम्बई अंचल के निदेशक समीर वानखेडे के कहने पर झूठी गवाही दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%86%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%A8-%E0%A4%A1%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B8-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%97%E0%A5%8B%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A5%80-%E0%A4%97%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A4%AB%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B0--%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%9B%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%9B-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%96%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%88-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C/article-1953"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/118.jpg" alt=""></a><br /><p>मुम्बई। आर्यन खान ड्रग्स मामले में कई दिनों से फरार चल रहे मादक अपराध नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) के गवाह किरण गोसावी को गुरूवार को पुणे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार गुरूवार सुबह पांच बजे गोसावी को हिरासत में लिया गया है।  पुलिस अभी उससे पूछताछ कर रही है। गौरतलब है कि गोसावी मादक अपराध नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) के आर्यन खान ड्रग्स मामले में पंच गवाहों में है और उस पर आरोप है कि उसने एनसीबी के मुम्बई अंचल के निदेशक समीर वानखेडे के कहने पर झूठी गवाही दी है। पिछले दिनों उसका सोशल मीडिया पर बातचीत वायरल हुई थी जिसमें उसको यह कहते हुए सुना गया है कि वह लखनऊ पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करेगा। इसी ममाले में गोवासी के अंगरक्षक प्रभाकर सेल ने जांच एजेंसियों के अधिकारियों और गोवासी के खिलाफ मुम्बई विशेष अदालत में हल्फनामा दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 Oct 2021 12:18:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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                <title>आर्यन मामले में नया मोड़: गवाह ने लगाए वानखेड़े पर आरोप : 25 करोड़ की डील का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[25 करोड़ की डील, आठ करोड़ रुपए वानखेड़े को मिले: प्रभाकर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%86%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A8%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A5%9C--%E0%A4%97%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B9-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%8F-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%96%E0%A5%87%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%86%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%AA---25-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A5%9C-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A1%E0%A5%80%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%86%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%AA/article-1861"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/aryan.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुम्बई।</strong> आर्यन खान ड्रग्स मामले में नया मोड़ आ गया है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के एक गवाह प्रभाकर ने एनसीबी के जोनल हेड समीर वानखेड़े पर आरोप लगाया है कि वानखेड़े ने केपी गोसावी के साथ साठ-गांठ की और उसके एवज में उन्हें पैसे भी मिले। प्रभाकर जो खुद को केपी गोसावी का बॉडीगार्ड बताते हैं। प्रभाकर ने मीडिया से बात करते हुए एक नोटरी हलफनामे में कई खुलासे किए। उन्होंने दावा किया कि गोसावी और किसी सैम डिसूजा को 25 करोड़ रुपए की बात करते सुना था और 18 करोड़ रुपए में डील तय हुई थी। गोसावी और सैम ने कथित तौर पर 18 में से 8 करोड़ रुपए एनसीबी अधिकारी समीर वानखेड़े को देने की बात कही थी।   <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong><br /> प्राइवेट जासूस है गोसावी </strong></span></span><br /> गोसावी वही प्राइवेट जासूस है जिन्होंने 2 अक्टूबर को आर्यन को क्रूज से पकड़ने के बाद उसके साथ सेल्फी ली थी, जो सोशल मीडिया में बहुत वायरल हुई थी। उस समय छब्ठ ने कहा था कि वह बाहरी इन्वेस्टिगेटर्स की भी मदद लेती है।<br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>मैंने गोसावी से पैसा लेकर सैम डिसूजा को दिया</strong></span></span><br /> प्रभाकर ने यह भी कहा है कि उन्होंने केपी गोसावी से यह कैश लेकर सैम डिसूजा को दिया था। प्रभाकर ने बताया कि उनसे पंचनामा का पेपर बताकर जबरन 10 खाली कागजों पर साइन करवाया गया था। उनका आधार कार्ड मांगा गया। उन्हें इस गिरफ्तारी के बारे में कुछ नहीं पता था। इस आरोप को लेकर एनसीबी चीफ समीर वानखेड़े ने मामले में किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि वह इसका करारा जवाब देंगे।<br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>एनसीबी ने प्रभाकर को बताया था गवाह </strong></span></span><br /> एनसीबी की तरफ से 6 अक्टूबर को जारी की गई प्रेस रिलीज में प्रभाकर का नाम गवाह के तौर पर शामल किया गया था। प्रभाकर ने यह भी बताया कि गोसावी कई दिन से लापता हैं। उन्होंने कहा कि उसे अपनी जान का खतरा है, इसलिए उन्होंने यह हलफनामा दायर किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Mon, 25 Oct 2021 11:16:26 +0530</pubDate>
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