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                <title>Nath Tradition - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Nath Tradition RSS Feed</description>
                
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                <title>पीएम मोदी ने दी कर्नाटक को बड़ी सौगात : आदिचुनचनगिरि में नए तीर्थस्थल का किया उद्घाटन, दिवंगत संत श्री बालगंगाधरनाथ स्वामीजी को है समर्पित </title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कर्नाटक के मांड्या में ऐतिहासिक आदिचुनचनगिरि मठ परिसर में नवनिर्मित मंदिर का उद्घाटन किया। यह तीर्थस्थल संत बालगंगाधरनाथ स्वामीजी की विरासत और नाथ परंपरा को समर्पित है। शिक्षा और समाज सेवा के केंद्र के रूप में प्रसिद्ध यह मठ अब दक्षिण भारत में सांस्कृतिक पर्यटन का प्रमुख स्तंभ बनेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-gave-a-big-gift-to-karnataka-inaugurated-a/article-150496"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/modi-ji.png" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। कर्नाटक के मांड्या जिले के आदिचुनचनगिरि ऐतिहासिक मठ परिसर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर का उद्घाटन किया। यह तीर्थस्थल दिवंगत संत श्री बालगंगाधरनाथ स्वामीजी को समर्पित है जो एक स्मारक होने के साथ-साथ उस विरासत को दर्शाता है जो दशकों से आदिचुनचनगिरि मठ द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्र में चलाई जा रही है। अनेक भक्तों के लिए, यह मात्र पत्थर और अनुष्ठानों से बनी एक संरचना नहीं है बल्कि उस दर्शन की पुष्टि है जिसने संस्था की सीमाओं से परे भी कई लोगों के जीवन को आकार दिया है।</p>
<p>यह उद्घाटन समारोह शैव धर्म की नाथ परंपरा से मठ के सदियों पुराने जुड़ाव की पृष्ठभूमि में आयोजित किया गया जहां गुरु-शिष्य परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही आध्यात्मिक साधना को जोड़ने वाला केंद्रीय सूत्र बनी हुई है। इस दृष्टिकोण के साथ नया मंदिर किसी अतिरिक्त निर्माण की तरह नहीं बल्कि एक निरंतर चली आ रही परंपरा का विस्तार लगता है। जैसे-जैसे अनुष्ठान संपन्न होते गए और पहाड़ी परिसर में मंत्रोच्चार गूंजते गए, वातावरण में भक्ति एवं समारोह का एक परिचित मिश्रण झलकने लगा। श्रद्धालु आज सुबह से ही इकट्ठा होने लगे थे और उस स्थान के धार्मिक अनुष्ठानों और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति से जीवंत होने का इंतजार कर रहे थे।</p>
<p>आदिचुनचनगिरि मठ न केवल अपने आध्यात्मिक महत्व के लिए बल्कि जैव विविधता से भरपूर पहाड़ी श्रृंखलाओं के बीच स्थित अपने पारिस्थितिक परिवेश के लिए भी जाना जाता है। यह एक अद्वितीय स्थान रखता है जहां आस्था, परंपरा और सार्वजनिक सेवा का संगम होता है। नए तीर्थस्थल के उद्घाटन के साथ, मठ में तीर्थयात्रियों की संख्या में वृद्धि होने की उम्मीद है जिससे दक्षिणी कर्नाटक में एक प्रमुख आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में इसकी भूमिका और मजबूत होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 18:08:15 +0530</pubDate>
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                <title>डॉ. डेविड फ्रॉले ने की सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात, आयुर्वेद व सनातन संस्कृति पर हुई चर्चा, बोलें-राजनीति का शुद्धिकरण कर रहे सीएम </title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी वैदिक विद्वान डॉ. डेविड फ्रॉले ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। उन्होंने सीएम योगी के नेतृत्व को विश्व के लिए वरदान बताते हुए कहा कि वे 'राजनीति का शुद्धिकरण' कर रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/dr-david-frawley-met-cm-yogi-adityanath-discussed-ayurveda-and/article-143917"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/cm-yogi.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। अमेरिका के प्रख्यात वैदिक विद्वान डॉ. डेविड फ्रॉले ने राजधानी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और योग, आयुर्वेद व सनातन संस्कृति पर चर्चा की। मुख्यमंत्री के बहुआयामी व्यक्तित्व के प्रशंसक डॉ. फ्रॉले ने कहा कि योगी आदित्यनाथ राजनीति का शुद्धिकरण कर रहे हैं। उन्होंने नाथ परंपरा का उदाहरण देते हुए कहा कि इससे वैश्विक कल्याण की नई राह प्रशस्त हो रही है। अमेरिकी विद्वान ने योगी सरकार द्वारा अयोध्या का पुरातन गौरव लौटाने की सराहना की और कहा कि अयोध्या का कायाकल्प वेदों की ओर लौटने का मार्ग है।</p>
<p>डॉ. फ्रॉले ने कहा, योगी आदित्यनाथ के साथ समय बिताना मेरे लिए अत्यंत सम्मान और सौभाग्य की बात रही। गोरक्ष पीठाधीश्वर योगी उस नाथ परंपरा से जुड़े हुए हैं, जो प्राचीन योग संस्कृति से जुड़ी है और इसे भारत में जीवंत बनाए हुए है। वे इन परंपराओं को न केवल संरक्षित कर रहे हैं, बल्कि उन्हें वैश्विक स्तर पर विस्तार भी दे रहे हैं। साथ ही वे शरीर, मन, समाज के स्वास्थ्य एवं कल्याण के लिए कार्य कर रहे हैं। योगी आदित्यनाथ राजनीति का शुद्धिकरण भी कर रहे हैं। भारत की वे सभी परंपराएं, जो संपूर्ण मानवता के लिए प्रासंगिक हैं, योगी आदित्यनाथ के माध्यम से नई ऊर्जा प्राप्त कर रही हैं।</p>
<p>सीएम योगी से मिलकर प्रफुल्लित डॉ. डेविड फ्रॉले ने नई अयोध्या की प्रशंसा करते हुए कहा कि अयोध्या का कायाकल्प अत्यंत प्रसन्नता की बात है। प्रभु श्रीराम का दर्शन आध्यात्मिक रूप से अत्यंत सुखद अनुभव देता है। भगवान राम भारत की आत्मा के प्रतीक हैं। वे हमें सूर्यवंश से जोड़ते हैं और समस्त धार्मिक परंपराओं को एक सूत्र में पिरोते हैं। आज विश्व धीरे-धीरे अपनी आध्यात्मिक चेतना खोता जा रहा है। ऐसे में वेद, योग, आयुर्वेद और अन्य भारतीय परंपराओं तक, सबका नवोन्मेष और पुनर्जीवन मौजूदा परिवेश में अत्यंत आवश्यक है। ऐसे समय में योगी जी जैसा नेतृत्व मिलना भारत ही नहीं, पूरे विश्व के लिए वरदान है।</p>
<p>डॉ. फ्रॉले ने कहा, सीएम योगी जी में तेज है, क्योंकि वे आदित्य हैं, सूर्य तत्व से जुड़े हैं। आत्मविद्या के लिए हम आदित्य की ओर देखते हैं और सूर्य ही योग का आधार है। योगी जी के साथ कुछ क्षण बिताना भी जीवनभर के लिए यादगार पल है। विसकॉन्सिन में एक कैथोलिक परिवार में जन्मे डॉ. डेविड फ्रॉले की गिनती अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदुत्व के प्रमुख विचारकों में होती है। उन्होंने करीब एक दशक तक आयुर्वेद का भी अध्ययन किया है। उन्होंने वेद, हिंदू धर्म, योग, आयुर्वेद व ज्योतिष शास्त्र पर कई पुस्तकें लिखी हैं। वर्ष 2015 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मभूषण से सम्मानित किया। उसी वर्ष मुंबई में साउथ इंडियन एजुकेशन सोसायटी ने भी आयुर्वेद, योग व वैदिक ज्योतिष शास्त्र के क्षेत्र में डॉ. फ्रॉले के उल्लेखनीय योगदान को देखते उन्हें नेशनल एमिनेंस अवार्ड से सम्मानित किया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Feb 2026 18:26:02 +0530</pubDate>
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