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                <title>Interoperability - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Interoperability RSS Feed</description>
                
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                <title>भारत से ब्रह्मोस खरीदेगा वियतनाम: इंडोनेशिया के साथ बातचीत अंतिम चरण में, उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकियों का हस्तांतरण विश्वास पर आधारित</title>
                                    <description><![CDATA[भारत ने वियतनाम के साथ ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सौदे पर हस्ताक्षर किए हैं। सिंगापुर में शांग्री-ला डायलॉग के दौरान रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने बताया कि इंडोनेशिया के साथ भी बातचीत अंतिम चरण में है। यह कदम हिंद-प्रशांत क्षेत्र और आसियान देशों के साथ भारत की मजबूत रणनीतिक साझेदारी को दर्शाता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/vietnam-to-buy-brahmos-from-india-talks-with-indonesia-in/article-155526"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/brahmos.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत के रक्षा निर्यात और दक्षिण-पूर्व एशिया में रणनीतिक पहुंच से जुड़े एक बड़े घटनाक्रम में फिलीपींस के बाद अब  वियतनाम ने ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल प्रणाली खरीदने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं जबकि इंडोनेशिया के साथ इस संबंध में बातचीत अंतिम चरण में है। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने सिंगापुर में इंटरनेशनल इंस्टीट््यूट फॉर स्ट्रेटेजिक स्टडीज द्वारा आयोजित 23वें शांग्री-ला डायलॉग में एक पैनल चर्चा के दौरान यह बात कही। इस समझौते से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रक्षा भागीदार के रूप में भारत की बढ़ती प्रतिष का पता चलता है।   </p>
<p>सिंह ने दक्षिण-पूर्व एशिया में ब्रह्मोस मिसाइल के संभावित खरीदारों के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा कि उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकियों का हस्तांतरण विश्वास और रणनीतिक साझेदारियों पर आधारित होता है। रक्षा सहयोग के प्रति भारत के दृष्टिकोण पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, कोई भी देश अपने अधिक उन्नत हथियार और प्लेटफॉर्म उन देशों को बेचेगा जो मित्र विदेशी देश हैं। आप इसे किसी विरोधी या ऐसे किसी व्यक्ति को नहीं बेचेंगे जो इसे किसी विरोधी को दे सकता हो।</p>
<p>दक्षिण-पूर्व एशिया के देश विश्वसनीय भागीदार  रक्षा सचिव ने जोर देकर कहा कि भारत दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों को विश्वसनीय भागीदारों के रूप में देखता है और उनके साथ उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकियों को साझा करने के लिए प्रतिबद्ध है। आसियान देशों के प्रति हमारी गहरी प्रतिबद्धता है और हम आप सभी को मित्र विदेशी देशों के रूप में देखते हैं जिनके साथ हम उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकियों को साझा कर सकते हैं।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 31 May 2026 09:33:29 +0530</pubDate>
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                <title>उत्तराखंड के चौबट्टिया में 24 फरवरी से शुरू होगा भारत-जापान संयुक्त सैन्य अभ्यास धर्म गार्डियन 2026, शहरी युद्ध और आतंकवाद-रोधी अभियानों को मिलेगा बढ़ावा </title>
                                    <description><![CDATA[भारत और जापान के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास 'धर्म गार्डियन' का सातवां संस्करण 24 फरवरी से उत्तराखंड के चौबट्टिया में शुरू होगा। इसका उद्देश्य शहरी युद्ध और आतंकवाद-रोधी अभियानों में तालमेल बढ़ाना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/india-japan-joint-military-exercise-will-start-from-february-24-in/article-144222"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/india-and-japan.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत और जापान के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास धर्म गार्डियन 2026 का सातवां संस्करण 24 फरवरी से नौ मार्च तक उत्तराखंड के चौबट्टिया में आयोजित किया जाएगा। यह अभ्यास प्रतिवर्ष बारी-बारी से भारत और जापान में किया जाता है। अतिरिक्त लोक सूचना महानिदेशालय ने एक्स पर बताया कि इस अभ्यास का उद्देश्य संयुक्त शहरी युद्ध और आतंकवाद-रोधी अभियानों के दौरान दोनों सेनाओं के बीच परस्पर संचालन क्षमता को बढ़ाना है।  </p>
<p>पोस्ट के अनुसार दो सप्ताह के दौरान सैनिक संयुक्त योजना निर्माण को परिष्कृत करेंगे, सामरिक अभ्यासों का समन्वय करेंगे और विशेष युद्ध कौशल का अभ्यास करेंगे। प्रमुख गतिविधियों में अस्थायी ऑपरेटिंग बेस की स्थापना, आईएसआर ग्रिड विकसित करना, मोबाइल चेक पोस्ट, घेराबंदी और तलाशी अभियान, हेलिबोर्न मिशन और हाउस इंटरवेंशन ड्रिल शामिल हैं।  </p>
<p>धर्म गार्डियन 2026 भारत-जापान रक्षा साझेदारी और क्षेत्रीय सुरक्षा के प्रति साझा प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है। अभ्यास का छठा संस्करण 2025 में जापान के ईस्ट फुजी मैनोवर ट्रेनिंग एरिया में आयोजित हुआ था। भारतीय दल में 120 कर्मी शामिल थे, जिनका प्रतिनिधित्व मुख्य रूप से मद्रास रेजिमेंट की एक बटालियन तथा अन्य हथियारों और सेवाओं के जवानों ने किया था। </p>
<p>जापानी दल समान संख्या में था और उसका प्रतिनिधित्व जापान ग्राउंड आत्मरक्षा बल की 34वीं इन्फैंट्री रेजिमेंट ने किया था। इससे पहले, पांचवां संस्करण 2024 में राजस्थान में आयोजित किया गया था। रक्षा मंत्रालय ने पहले जारी बयान में कहा था कि संयुक्त राष्ट्र के जनादेश के तहत शहरी युद्ध और आतंकवाद-रोधी अभियानों में दोनों सेनाओं की परस्पर काम करने की क्षमता बढ़ाना इस अभ्यास का प्रमुख उद्देश्य है। </p>
<p>पिछले एक दशक में भारत-जापान रक्षा सहयोग में निरंतर मजबूती आई है, जिसे उच्चस्तरीय संवाद, रक्षा नीति संवाद, 2 2 मंत्रिस्तरीय और वार्षिक रक्षा मंत्रिस्तरीय बैठक जैसे संस्थागत तंत्रों से बल मिला है। टोक्यो घोषणा और रक्षा सहयोग एवं आदान-प्रदान पर समझौता ज्ञापन ने इस साझेदारी को रणनीतिक दिशा प्रदान की है।  </p>
<p>सितंबर 2020 में हुए पारस्परिक आपूर्ति एवं सेवाओं के प्रावधान संबंधी समझौते ने सहयोग को नयी गति दी, जिसे मिलान-2022 के दौरान लागू किया गया और इससे अभ्यासों तथा जहाजों एवं विमानों की यात्राओं के दौरान लॉजिस्टिक्स सहयोग सुगम हुआ। रक्षा उपकरण, प्रौद्योगिकी और सेवा-सेवा सहयोग में भी उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। संयुक्त कार्य समूह अब तक सात बैठकें कर चुका है, जबकि उद्योग-से-उद्योग संपर्क भी लगातार बढ़ रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Feb 2026 12:44:21 +0530</pubDate>
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