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                <title>Cartel - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Cartel RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अमृतसर में अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी गिरोह का भंडाफोड़: 30 किलो हेरोइन बरामद, 6 आरोपी गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार कर 30 किलोग्राम हेरोइन बरामद की। आरोपी दुबई के तस्कर के संपर्क में थे, जो सीमा पार से खेप भेज रहा था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/international-drug-smuggling-gang-busted-in-amritsar-30-kg-heroin/article-156626"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/drugs.png" alt=""></a><br /><p>अमृतसर। पंजाब में अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ कर गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से 30 किलोग्राम हेरोइन बरामद की। पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने गुरुवार को बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी दुबई स्थित एक तस्कर के संपर्क में थे, जो सीमा पार से हेरोइन की खेप पंजाब में पहुंचाने का काम कर रहा था। आरोपी उसके निर्देशों पर निर्धारित स्थानों से हेरोइन की खेप प्राप्त करते थे और बाद में उसे पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों में सप्लाई करते थे।</p>
<p>यादव ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ थाना छेहरटा, अमृतसर में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की गहन जांच जारी है। जांच एजेंसियां इस नेटवर्क के संपर्कों का पता लगाने, गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान करने, वित्तीय लेन-देन की जांच करने तथा संभावित हवाला नेटवर्क से जुड़े संबंधों को खंगालने में जुटी हुई हैं। पंजाब पुलिस ने कहा कि राज्य को नशा मुक्त बनाने और ड्रग तस्करी के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस ऐसे संगठित अपराध सिंडिकेट्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 14:11:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जोहान्सबर्ग में अंधाधुंध गोलीबारी: 12 लोगों की मौत, 9 अन्य घायल; अवैध खनिकों के बीच वर्चस्व की लड़ाई की आशंका</title>
                                    <description><![CDATA[दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में 10 भारी हथियारबंद हमलावरों ने एक बस्ती में घुसकर अंधाधुंध गोलीबारी की। इस वीभत्स हमले में 12 लोगों की मौत हो गई और नौ अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। पुलिस के अनुसार, यह घटना अवैध खनिकों के बीच वर्चस्व की जंग से जुड़ी हो सकती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/indiscriminate-firing-in-johannesburg-12-people-killed-9-others-injured/article-156580"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/firing.png" alt=""></a><br /><p>जोहान्सबर्ग। दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग शहर के क्लीवलैंड उपनगर में मंगलवार रात हुई अंधाधुंध गोलीबारी में 12 लोगों की मौत हो गई और नौ अन्य घायल हो गए। पुलिस के हवाले से यह जानकारी दी है। अधिकारियों ने बताया कि राइफलों से लैस कम से कम 10 भारी हथियारबंद संदिग्ध मंगलवार देर रात क्लीवलैंड इलाके की बनी एक बस्ती में दाखिल हुए और अंधाधुंध गोलीबारी करने के बाद वाहन से फरार हो गए। बस्ती में रहने वाले 'जंपर्स' समुदाय के लोगों का मानना है कि यह गोलीबारी इस क्षेत्र में सक्रिय अवैध खनिकों के समूहों के बीच वर्चस्व की लड़ाई से जुड़ी हो सकती है। दक्षिण अफ्रीका में अवैध खनन के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। यह दुनिया में सबसे उच्च हत्या दरों वाले देशों में से एक है।</p>
<p>पुलिस ने एक बयान में कहा, "ऐसा आरोप है कि एक सफेद रंग की गाड़ी से 10 से अधिक संदिग्धों को क्लीवलैंड में एक पेट्रोल पंप के पास छोड़ा गया था।" रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस प्रवक्ता कैप्टन टिंट्सवालो सिबेको ने बताया कि संदिग्धों को पेट्रोल पंप के पास छोड़े जाने के बाद वे कई प्रवेश द्वारों से इस बस्ती में दाखिल हुए। उन्होंने विभिन्न स्थानों पर निवासियों और समुदाय के लोगों पर कथित तौर पर गोलियां चलाईं और फिर उसी वाहन से फरार हो गए।</p>
<p>बयान में आगे कहा गया, "संदिग्धों ने कथित तौर पर दोनों प्रवेश द्वारों से बस्ती में प्रवेश किया और पूरे इलाके में घूम-घूमकर कई स्थानों पर निवासियों पर गोलियां चलाईं।" पुलिस के मुताबिक, आठ पुरुषों और तीन महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य पुरुष ने बाद में अस्पताल में दम तोड़ दिया। इस घटना में घायल हुए कम से कम नौ लोगों को गोली लगने के कारण इलाज के लिए विभिन्न चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया गया है। सिबेको ने बताया कि इस वीभत्स हमले के पीछे का वास्तविक कारण अभी तक अज्ञात है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। फिलहाल इस मामले में अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 17:10:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>होर्मुज संकट के बीच ओपेक देशों का बड़ा फैसला : चौथी बार तेल उत्पादन बढ़ाने को दी मंजूरी, 5 जुलाई को होगी अगली बैठक</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका-ईरान संघर्ष और यूएई के बाहर होने के बावजूद ओपेक के 7 प्रमुख देशों ने तेल उत्पादन बढ़ाने का फैसला किया है। सऊदी अरब और रूस सहित सदस्य देश जुलाई 2026 से 1.88 लाख बैरल प्रतिदिन उत्पादन बढ़ाएंगे। बाजार स्थिरता के लिए दिसंबर 2026 तक का नया शेड्यूल तय किया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/big-decision-of-opec-countries-amid-hormuz-crisis-approval-to/article-156308"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/opecc.png" alt=""></a><br /><p>लंदन। अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में जारी तनाव और कई सदस्य देशों की उत्पादन क्षमता प्रभावित होने के बावजूद ओपेक के सात प्रमुख सदस्य देशों ने लगातार चौथी बार तेल उत्पादन बढ़ाने का फैसला किया है। ओपेक समूह के अनुसार सऊदी अरब, रूस, इराक, कुवैत, कजाखस्तान, अल्जीरिया और ओमान ने रविवार को आयोजित एक वर्चुअल बैठक में वैश्विक तेल बाजार की स्थिति और भविष्य की संभावनाओं की समीक्षा की तथा उत्पादन लक्ष्य बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।</p>
<p>संयुक्त बयान में कहा गया कि अप्रैल 2023 में घोषित अतिरिक्त स्वैच्छिक उत्पादन कटौती के तहत 1.88 लाख बैरल प्रतिदिन की उत्पादन वृद्धि जुलाई 2026 से लागू की जाएगी। समूह ने कहा कि बाजार की परिस्थितियों के अनुसार भविष्य में इन स्वैच्छिक कटौतियों को आंशिक या पूर्ण रूप से वापस लिया जा सकता है। सदस्य देश वैश्विक मांग और आपूर्ति की स्थिति पर लगातार नजर रखेंगे और आवश्यकतानुसार उत्पादन बढ़ाने, रोकने या वापस घटाने का निर्णय ले सकेंगे।</p>
<p>बयान में कहा गया कि नवंबर 2023 में लागू उत्पादन समायोजन सहित सभी व्यवस्थाओं की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी ताकि बाजार में स्थिरता बनी रहे। सदस्य देशों ने कहा कि यह कदम उन देशों को भी मदद करेगा जिन्होंने पहले निर्धारित सीमा से अधिक उत्पादन किया था और अब उसकी भरपाई करनी है। समूह ने 'डिक्लेरेशन ऑफ कोऑपरेशन' (सहयोग घोषणा) के प्रति अपनी पूर्ण प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि उत्पादन अनुपालन की निगरानी संयुक्त मंत्रिस्तरीय निगरानी समिति (जेएमएमसी) द्वारा जारी रहेगी।</p>
<p>सदस्य देशों ने यह भी पुष्टि की कि जनवरी 2024 से हुई अतिरिक्त उत्पादन की भरपाई पूरी तरह की जाएगी और इसके लिए निर्धारित अवधि को बढ़ाकर दिसंबर 2026 तक कर दिया गया है। ओपेक समूह ने बाजार की स्थिति, उत्पादन अनुपालन और भरपाई व्यवस्था की समीक्षा के लिए हर महीने बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है। अगली बैठक 5 जुलाई 2026 को होगी। इस बीच, लगभग छह दशक तक सदस्य रहने के बाद संयुक्त अरब अमीरात के ओपेक से बाहर होने और वैश्विक ऊर्जा बाजार में बढ़ती अस्थिरता ने संगठन के सामने नयी चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 15:04:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>एसआई भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामला: 10 हजार का इनामी उपनिरीक्षक दिनेश कुमार गिरफ्तार, बहन अब भी फरार</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान एसओजी ने वर्ष 2021 के उपनिरीक्षक भर्ती पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए ₹10,000 के इनामी आरोपी दिनेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। चित्तौड़गढ़ में कार्यरत इस चयनित सब-इंस्पेक्टर ने अपनी बहन के साथ मिलकर गिरोह के सरगना से परीक्षा से पहले ही हल प्रश्नपत्र प्राप्त किया था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/si-recruitment-exam-2021-paper-leak-case/article-155899"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/sog.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा-2021 के चर्चित पेपर लीक प्रकरण में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ₹10,000 के इनामी आरोपी एवं चयनित उपनिरीक्षक दिनेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि आरोपी दिनेश कुमार निवासी हालीवाव, पोस्ट केरिया, थाना चितलवाना, जिला जालौर को 2 जून 2026 को जालौर पुलिस के सहयोग से दस्तयाब कर गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि दिनेश कुमार और उसकी बहन निरमा कुमारी ने पेपर लीक गिरोह के सरगना जगदीश विश्नोई से संपर्क कर परीक्षा से पहले हल प्रश्नपत्र प्राप्त किया था। दोनों ने इसी प्रश्नपत्र का अध्ययन कर 15 सितंबर 2021 को आयोजित उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा में भाग लिया।</p>
<p>परीक्षा में दिनेश कुमार को हिन्दी विषय में 141.55 तथा सामान्य ज्ञान में 167.89 अंक प्राप्त हुए, जिससे उसका मेरिट क्रमांक 182 आया और उसका उपनिरीक्षक पद पर चयन हो गया। वहीं उसकी बहन निरमा कुमारी ने लिखित परीक्षा में उच्च अंक प्राप्त किए, लेकिन साक्षात्कार में संतोषजनक प्रदर्शन नहीं कर सकी और अंतिम चयन से वंचित रह गई। गिरफ्तारी से पहले दिनेश कुमार चित्तौड़गढ़ जिले में उपनिरीक्षक पद पर कार्यरत था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 18:20:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दुनिया के सबसे बड़े ड्रग लॉडर्स, जो अमेरिका से भी नहीं हुए कंट्रोल: पाब्लो एस्कोबार से एल मेंचो तक, दशकों से कानून व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं ड्रग लॉर्ड? </title>
                                    <description><![CDATA[मेक्सिको के कुख्यात माफिया 'एल मेंचो' के खात्मे ने वैश्विक ड्रग नेटवर्क को हिला दिया है। पाब्लो एस्कोबार से लेकर एल चापो तक, इन ड्रग लॉर्ड्स ने अरबों डॉलर के अवैध साम्राज्य खड़े किए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/worlds-biggest-drug-lords-who-could-not-be-controlled-even/article-144350"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-60-px)-(4).png" alt=""></a><br /><div>जयपुर । दुनिया भर में ड्रग माफिया का नेटवर्क दशकों से कानून व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। कोलंबिया से मेक्सिको और अमेरिका तक फैले इन गिरोहों ने अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार से अरबों डॉलर की काली कमाई की। कई बार इनकी ताकत इतनी बढ़ गई कि सरकारों और यहां तक कि महाशक्ति अमेरिका को भी सख्त कार्रवाई करनी पड़ी। मेक्सिको के सबसे बड़े ड्रग माफिया एल मेंचो को वहां की सिक्योरिटी फोर्स ने मौत के घाट उतार दिया है।  ऐसे में इस कार्रवाई ने सबका ध्यान खींचा है। एल मेंचो अकेला ड्रग माफिया नहीं है जो इतनी सुर्खियां बटोर रहा। हम बताने जा रहे दुनिया के टॉप ड्रग लॉर्ड्स के बारे में, जिन्होंने अपने कारनामों में चर्चा बटोरीं।</div>
<div> </div>
<div><strong>ड्रग लॉर्ड कौन होता है</strong></div>
<div> </div>
<div>सबसे पहले जानिए ड्रग लॉर्ड क्या होते हैं। ऐसा बॉस होता है जो ड्रग तस्करी नेटवर्क, संगठन का प्रभारी होता है। जब स्वतंत्र ड्रग लॉडर््स का एक समूह अपने मुनाफे को बढ़ाने और अवैध ड्रग व्यापार पर हावी होने के लिए एक दूसरे के साथ मिलीभगत करता है, तो वे एक संगठन बनाते हैं जिसे ड्रग कार्टेल कहा जाता है। </div>
<div> </div>
<div><strong>अवैध ड्रग व्यापार की प्रक्रिया आमतौर पर 4 चरणों में चलती है</strong></div>
<div> </div>
<div>उत्पादन: अफीम, कोका पौधे या सिंथेटिक लैब्स में निर्माण।</div>
<div>तस्करी: सीमा पार गुप्त मार्गों, समुद्री रास्तों, हवाई कार्गो या सुरंगों के जरिए सप्लाई।</div>
<div>वितरण नेटवर्क: स्थानीय गिरोहों और गैंग के माध्यम से थोक और खुदरा बिक्री।</div>
<div>मनी लॉन्ड्रिंग: अवैध कमाई को वैध व्यवसायों में निवेश कर सफेद धन में बदलना।</div>
<div> </div>
<div><strong>पाब्लो एक्सोबार </strong></div>
<div> </div>
<div>कार्टेल: मेडेलिन कार्टेल</div>
<div>समयकाल: 1970-1993</div>
<div>खासियत: 1980 के दशक में दुनिया की लगभग 80% कोकीन सप्लाई पर नियंत्रण।</div>
<div>संपत्ति: अनुमानित 25-30 अरब डॉलर।</div>
<div>रणनीति: राजनेताओं को रिश्वत, विरोधियों की हत्या, बम धमाके।</div>
<div>अंत: 2 दिसंबर 1993 को पुलिस मुठभेड़ में मारा गया।</div>
<div> </div>
<div>पाब्लो एस्कोबार का जन्म 1 दिसंबर 1949 में हुआ था। 1989 में, फोर्ब्स पत्रिका ने एस्कोबार को दुनिया का सातवां सबसे अमीर आदमी घोषित किया। इसकी अनुमानित निजी संपत्ति 30 अरब अमेरिकी डॉलर थी। 1986 में, उसने कोलंबियाई राजनीति में एंट्री का प्रयास किया। </div>
<div> </div>
<div><strong>एल चापो </strong></div>
<div> </div>
<div>कार्टेल: सिनालोआ कार्टेल</div>
<div>जन्म: 1957</div>
<div>खासियत: सुरंगों और समुद्री मार्गों से ड्रग तस्करी।</div>
<div>जेल ब्रेक: 2001 और 2015 में हाई-सिक्योरिटी जेल से फरार।</div>
<div>समय काल : 1988 के बाद का समय </div>
<div> </div>
<div>सबसे पहले बात दुनिया के सबसे खतरनाक शातिर ड्रग माफिया की, जिसने जेल में रहकर अपनी दहशत फैलाई। जोआक्किन आर्किवाल्डो एल चापो जिसे दुनिया ड्रग लॉर्ड के नाम से जानती है। मेक्सिको के प्रांत सिनालोआ में 4 अप्रैल 1957 को एल चापो का जन्म हुआ। पिता गांजे और अफीम की खेती करते थे, यानी पैदा होने के साथ ही ड्रग से इसका नाता था। एल चापो भी अपने पिता के साथ खेती में काम करता। </div>
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<div><strong>ड्रग डीलर अमाडो कैरिलो</strong></div>
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<div>जन्म : 1956 में</div>
<div>उपनाम: लॉर्ड ऑफ द स्काईज</div>
<div>कार्टेल: जुआरेज कार्टेल</div>
<div>खासियत: जेट विमानों से कोकीन तस्करी।</div>
<div>संपत्ति: 20-25 अरब डॉलर अनुमानित।</div>
<div>अंत: 1997 में प्लास्टिक सर्जरी के दौरान मौत।</div>
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<div>उसने ड्रग कारोबार से 25 अरब डॉलर से ज्यादा की संपत्ति अर्जित की। उसे आसमान का स्वामी कहा जाता था क्योंकि वह कोलंबियाई कोकीन को मेक्सिको के विभिन्न हवाई अड्डों तक पहुंचाने के लिए जेट विमानों का इस्तेमाल करता था। </div>
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<div><strong>ओसिएल काडेर्नास गुइलेन </strong></div>
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<div>कार्टेल: गल्फ कार्टेल</div>
<div>खास कदम: लॉस जेटास नामक सशस्त्र विंग का गठन।</div>
<div>गिरफ्तारी: 2003, बाद में अमेरिका प्रत्यर्पित।</div>
<div>प्रभाव: कार्टेल को अर्धसैनिक ताकत में बदला।</div>
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<div>ओसिएल काडेर्नास गुइलेन का जन्म 18 मई 1967 में हुआ। वह भी मैक्सिको का बड़ा ड्रग लॉर्ड बना। गुइलेन ने मैक्सिकन सेना की विशेष फोर्स यूनिट के कुछ सदस्यों को अपने साथ मिलाकर कार्टेल की सशस्त्र शाखा का गठन किया। 1999 में, गुइलेन और गल्फ कार्टेल के बंदूकधारियों ने अमेरिका के खिलाफ मोर्चा संभाला। इसी के बाद इस कार्टेल पर एक्शन शुरू हुआ। </div>
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<div><strong>जॉर्ज अल्बर्टो रोड्रिगेज</strong></div>
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<div>कार्टेल: कैली कार्टेल</div>
<div>खासियत: कम हिंसा, ज्यादा रिश्वत और राजनीतिक घुसपैठ।</div>
<div>मौत: 2022 में जेल में।</div>
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<div>जन्म अर्जेंटीना में हुआ था और वह प्यूर्टो रिको और कोलंबिया मूल का था। वह कैली कार्टेल के एक भंग हो चुके सीक्रेट गैंग, 400 आपराधिक संगठन का मुखिया था। 12 साल की उम्र में वो ड्रग्स के धंधे में उतरा। 14 साल की उम्र में उसने घर छोड़ दिया, छह साल के भीतर ही रोड्रिगेज ने कोलंबिया से अमेरिका के लगभग हर राज्य में ड्रग्स की तस्करी करके 30 करोड़ अमेरिकी डॉलर से अधिक की संपत्ति जमा कर ली थी। उसे 6 जुलाई, 1990 को फ्लोरिडा के टल्लाहस्सी में गिरफ्तार किया गया। </div>
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<div><strong>मेक्सिको</strong></div>
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<div>कार्टेल: जलिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल (उखठॠ)</div>
<div>खासियत: फेंटेनिल और सिंथेटिक ड्रग्स का बड़ा नेटवर्क।</div>
<div>ताकत: अत्याधुनिक हथियारों से लैस गिरोह।</div>
<div>स्थिति: लंबे समय तक अमेरिका की मोस्ट वांटेड सूची में।</div>
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<div><strong>कोलंबिया</strong></div>
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<div>कार्टेल: कैली कार्टेल</div>
<div>खासियत: कम हिंसा, ज्यादा रिश्वत और राजनीतिक घुसपैठ।</div>
<div>गिरफ्तारी: 1995, बाद में अमेरिका भेजा गया।</div>
<div>मौत: 2022 में जेल में।</div>
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<div><strong>कोलंबिया/अमेरिका</strong></div>
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<div>उपनाम: कोकीन गॉडमदर</div>
<div>नेटवर्क: मियामी ड्रग युद्धों में सक्रिय।</div>
<div>खासियत: महिला ड्रग डॉन के रूप में बदनाम।</div>
<div>अंत: 2012 में हत्या।</div>
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<div><strong>अमेरिका</strong></div>
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<div>खासियत: वियतनाम युद्ध के दौरान गोल्डन ट्रायंगल से हेरोइन आयात।</div>
<div>रणनीति: बिचौलियों को हटाकर सीधे सप्लाई।</div>
<div>सजा: 1976 में गिरफ्तार, बाद में सजा कम हुई।</div>
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<div><strong>मेक्सिको</strong></div>
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<div>कार्टेल: ग्वाडालाजारा कार्टेल</div>
<div>मामला: अमेरिकी ऊएअ एजेंट की हत्या में शामिल।</div>
<div>गिरफ्तारी: 1985, 2013 में रिहा, फिर 2022 में दोबारा गिरफ्तार।</div>
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<div><strong>म्यामार/थाईलैंड</strong></div>
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<div>क्षेत्र: गोल्डन ट्रायंगल</div>
<div>खासियत: 1970-80 के दशक में दुनिया की बड़ी अफीम सप्लाई।</div>
<div>स्थिति: 1996 में आत्मसमर्पण, 2007 में मृत्यु।</div>
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<div><strong>भारत के लिए क्या सबक ?</strong></div>
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<div>ड्रग्स का अवैध व्यापार सिर्फ लैटिन अमेरिका तक सीमित नहीं है। एशिया में गोल्डन क्रेसेंट (अफगानिस्तान-पाकिस्तान-ईरान) और गोल्डन ट्रायंगल (म्यांमार-लाओस-थाईलैंड) भी बड़े स्रोत रहे हैं। भारत में भी सीमावर्ती राज्यों में तस्करी के मामले सामने आते हैं। एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं, लेकिन नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय होने से चुनौती बड़ी है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Feb 2026 11:27:01 +0530</pubDate>
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