<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/holi-2026/tag-72787" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Holi 2026 - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/72787/rss</link>
                <description>Holi 2026 RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>होली के त्यौहार पर सफाई व्यवस्था को लेकर दिये अधिकारियों को निर्देष</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[नगर निगम जयपुर ने 2 और 3 मार्च को होली के लिए विशेष सफाई अभियान और सुरक्षा इंतजाम किए हैं। आयुक्त डॉ. गौरव सैनी के अनुसार, राख और कचरे के त्वरित निस्तारण हेतु अतिरिक्त कर्मी तैनात रहेंगे। आगजनी रोकने के लिए शहर के प्रमुख पुलिस स्टेशनों पर अग्निशमन वाहन सुबह 7 से रात 10 बजे तक मुस्तैद रहेंगे।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/instructions-given-to-officials-regarding-cleanliness-during-holi-festival/article-144884"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-600-px)-(1)20.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। आगामी होली एवं धुलंडी पर्व (2 एवं 3 मार्च) के अवसर पर नगर निगम जयपुर द्वारा शहर में विशेष साफ-सफाई व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गई हैं। नगर निगम आयुक्त डाॅ. गौरव सैनी के निर्देषानुसार नगर निगम क्षेत्र में होलिका दहन एवं धुलंडी के दौरान उत्पन्न होने वाली राख, कोयला, लकड़ी अवशेष, रंग-गुलाल एवं अन्य कचरे की त्वरित सफाई हेतु विशेष अभियान चलाया जाएगा। मुख्य सड़कों, चैराहों एवं सार्वजनिक स्थलों पर अतिरिक्त सफाई कर्मियों की तैनाती की जाएगी ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा दुर्घटनाओं की संभावना को रोका जा सके।</p>
<p>नगर निगम आयुक्त डाॅ. गौरव सैनी ने आमजन से अपील की कि होली पर्व सौहार्द एवं सुरक्षित वातावरण में मनाएं तथा सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखने में नगर निगम प्रषासन का सहयोग करें। इसके अतिरिक्त, सुरक्षा की दृष्टि से दिनांक 2 व 3 मार्च  को अग्निशमन वाहन मय आवश्यक उपकरण एवं स्टाफ की तैनाती शहर के विभिन्न स्थानों पर की जायेगी। 2 व 3 मार्च को थाना रामगंज, माणक चैक, ब्रह्मपुरी, शास्त्रीनगर, कोतवाली, लालकोठी, मालवीय नगर, आदर्शनगर, सांगानेर, मानसरोवर, वैशाली नगर तथा पुलिस कंट्रोल रूम, यादगार जयपुर पर की जाएगी। यह व्यवस्था प्रातः 7 बजे से रात्रि 10 बजे तक प्रभावी रहेगी।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/instructions-given-to-officials-regarding-cleanliness-during-holi-festival/article-144884</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/instructions-given-to-officials-regarding-cleanliness-during-holi-festival/article-144884</guid>
                <pubDate>Fri, 27 Feb 2026 18:20:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/1200-x-600-px%29-%281%2920.png"                         length="745629"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>काशी के हरिश्चंद्र घाट पर जलती चिताओं की राख से खेली होली, शोभा यात्रा में भगवान शिव के साथ शामिल हुए भूत प्रेत</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[वाराणसी के हरिश्चंद्र घाट पर विश्व प्रसिद्ध मसाने की होली खेली गई। बाबा कीनाराम स्थल से निकली शोभायात्रा में महादेव के भक्त, औघड़ और तांत्रिक भस्म व अबीर उड़ाते हुए शामिल हुए। जलती चिताओं के बीच देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने इस अलौकिक दृश्य का आनंद लिया, जो केवल शिव की नगरी काशी में ही संभव है।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/ghosts-and-ghosts-joined-lord-shiva-in-the-holi-procession/article-144837"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/masan-ki-holi.png" alt=""></a><br /><p>वाराणसी। देश भर में होली का महापर्व चार फरवरी को मनाया जाएगा लेकिन धार्मिक नगरी काशी में शुक्रवार को हरिश्चंद्र घाट पर बाबा गण प्रतीकात्मक पर भूत प्रेत और सैकड़ों लोगों के द्वारा मनाया गया। बाबा कीनाराम से उससे पहले शोभा यात्रा निकाली गई। विभिन्न रूपों में लोग बाबा की भक्ति और होली के रंग में रंगे नजर आए। शोभा यात्रा श्मशान घाट हरिश्चंद पहुंचा। इस होली के देखने और खेलने देश विदेश के कोने कोने से लोग आए है।</p>
<p>शोभा यात्रा में शामिल लोग एक दूसरे पर जमकर अबीर गुलाल उड़ाते नजर आए। आयोजन कमेटी में शामिल पंकज ने बताया कि मसाने की होली विश्व विख्यात है। पहले ये होली तांत्रिकों, औघड़ों द्वारा खेला जाता था। अब इस होली में काशीवासियों के साथ देश भर के लोग होली खेलते हैं।  </p>
<p>पश्चिम बंगाल से आए संजीव मैत्री ने बताया कि सोशल मीडिया पर हम लोगों ने इस उत्सव को देखा था। एक तरफ चिता जलती रही है, तो दूसरी ओर लोग होली खेलते हैं। ये अद्भुत दृश्य होता है। वहीं, हरियाणा से आए नवदीप सैनी ने बताया कि अनोखी होली होती हैं। महादेव और पार्वती स्वरूप धारण किए लोग मनमोहक दिखते हैं। ऐसी होली महादेव की नगरी काशी में ही संभव है। हमारे बच्चों की बहुत इच्छा थी कि काशी में इस होली में शामिल हुआ जाए।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/ghosts-and-ghosts-joined-lord-shiva-in-the-holi-procession/article-144837</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/ghosts-and-ghosts-joined-lord-shiva-in-the-holi-procession/article-144837</guid>
                <pubDate>Fri, 27 Feb 2026 15:54:09 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/masan-ki-holi.png"                         length="1019921"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रंग जो दिलों तक उतर जाएं</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[भारत की सांस्कृतिक परंपरा में होली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और मानवीय संबंधों का जीवंत उत्सव है।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/colors-that-touch-the-heart/article-144662"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-60-px)12.png" alt=""></a><br /><p>भारत की सांस्कृतिक परंपरा में होली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और मानवीय संबंधों का जीवंत उत्सव है। यह वह अवसर है जब रंगों के बहाने मन के भीतर जमी धूल को झाड़ने, रिश्तों में आई दरारों को भरने और जीवन में नई ऊर्जा भरने का अवसर मिलता है। होली हमें याद दिलाती है कि जीवन की असली खूबसूरती बाहरी रंगों में नहीं, बल्कि भीतर की भावनाओं में छिपी होती है। आज का समय तेज़ रफ्तार, प्रतिस्पर्धा और व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं का है। परिवार साथ रहते हुए भी दूर होते जा रहे हैं। संवाद की जगह औपचारिक संदेशों ने ले ली है और संवेदनाओं की जगह तर्क ने। छोटी छोटी बातों पर मनमुटाव, अहंकार और गलतफहमियां रिश्तों के बीच दीवार खड़ी कर देती हैं। ऐसे में होली एक अवसर बनकर आती है,इन दीवारों को गिराने और अपनत्व के पुल बनाने का।</p>
<p><strong>होली का वास्तविक संदेश : </strong></p>
<p>होली का वास्तविक संदेश क्षमा, स्वीकार और समानता में निहित है। जब हम एक दूसरे को रंग लगाते हैं, तो यह प्रतीक होता है कि हम भेदभाव, कटुता और दूरी को पीछे छोड़ रहे हैं। रंगों की यह परंपरा हमें सिखाती है कि जीवन में विविधता ही सुंदरता है। अलग अलग स्वभाव, विचार और संस्कृतियां मिलकर ही समाज को समृद्ध बनाती हैं। यदि हम इन विविधताओं को स्वीकार कर लें, तो अधिकांश विवाद स्वयं समाप्त हो सकते हैं। मनमुटाव अक्सर संवाद की कमी से जन्म लेते हैं। हम अपनी बात कहने में देर कर देते हैं और दूसरे की बात सुनने का धैर्य खो बैठते हैं। त्योहार संवाद का स्वाभाविक अवसर प्रदान करते हैं। परिवार और मित्र जब एक साथ बैठते हैं, तो दिल की बातें खुलकर सामने आती हैं। एक सच्ची मुस्कान और एक आत्मीय आलिंगन वर्षों की दूरी को मिटा सकता है। होली हमें यही सहजता और खुलेपन का पाठ पढ़ाती है।</p>
<p><strong>पीढ़ियों को जोड़ने का अवसर :</strong></p>
<p>डिजिटल युग में जुड़ाव का स्वरूप बदला है। सोशल मीडिया पर शुभकामनाओं की भरमार होती है, लेकिन वास्तविक मिलन कम होता जा रहा है। होली हमें स्क्रीन से बाहर निकलकर वास्तविक संबंधों को प्राथमिकता देने की प्रेरणा देती है। रंगों से सना चेहरा और हंसी से भरा वातावरण उस आत्मीयता को जन्म देता है, जिसे कोई आभासी माध्यम पूरी तरह नहीं दे सकता। परिवार के संदर्भ में होली का महत्व और भी बढ़ जाता है। यह पीढ़ियों को जोड़ने का अवसर है। बच्चे जब अपने बड़ों को हंसते खेलते देखते हैं, तो उनके भीतर भी अपनत्व और सहयोग की भावना विकसित होती है। बुज़ुर्गों के अनुभव और युवाओं का उत्साह मिलकर उत्सव को संपूर्ण बनाते हैं। होली का यह सामूहिक स्वरूप परिवार को मजबूत और जीवंत बनाता है।</p>
<p><strong>आत्मीयता और सहभागिता :</strong></p>
<p>सामाजिक स्तर पर भी यह पर्व समरसता का संदेश देता है। जाति, वर्ग, भाषा या आर्थिक स्थिति की दीवारें रंगों के सामने फीकी पड़ जाती हैं। जब पूरा समाज एक साथ उत्सव मनाता है, तो आपसी अविश्वास कम होता है और सहयोग की भावना बढ़ती है। आज के समय में, जब समाज विभिन्न स्तरों पर विभाजन का सामना कर रहा है, होली जैसे पर्व सामाजिक एकता को सुदृढ़ करने का माध्यम बन सकते हैं। हालांकि यह भी सच है कि समय के साथ त्योहारों में दिखावे और उपभोक्तावाद की प्रवृत्ति बढ़ी है। महंगे आयोजन, प्रदर्शन और सोशल मीडिया पर छवि निर्माण की होड़ ने त्योहारों की आत्मा को कहीं कहीं आच्छादित कर दिया है। हमें यह समझना होगा कि होली का वास्तविक आनंद सादगी, आत्मीयता और सहभागिता में है। जब हम अपेक्षाओं और प्रतिस्पर्धा से मुक्त होकर उत्सव मनाते हैं, तभी उसकी सच्ची अनुभूति होती है।</p>
<p><strong>होली का महत्व कम नहीं :</strong></p>
<p>मानसिक स्वास्थ्य की दृष्टि से भी होली का महत्व कम नहीं है। तनाव और चिंता से भरे जीवन में यह पर्व हमें खुलकर हंसने, गाने और आनंद लेने का अवसर देता है। सकारात्मक भावनाएं मन को हल्का करती हैं और नई ऊर्जा प्रदान करती हैं। जब हम गिले शिकवे भुलाकर आगे बढ़ते हैं, तो भीतर एक शांति और संतोष का अनुभव होता है। होली आत्ममंथन का भी समय है। यह सोचने का अवसर है कि क्या हमने किसी को अनजाने में आहत किया है,क्या कोई ऐसा संबंध है जिसे हमने समय न देकर कमजोर होने दिया, यदि उत्तर हां है, तो यह पर्व सुधार का अवसर देता है। एक छोटी सी पहल,एक फोन कॉल, एक मुलाकात या एक स्नेहिल संदेश,रिश्तों में नई जान फूंक सकता है।</p>
<p><strong>भावनाओं का पर्व है :</strong></p>
<p>अंततः, होली हमें यह सिखाती है कि जीवन का असली रंग प्रेम और अपनत्व है। बाहरी रंग कुछ समय बाद फीके पड़ जाते हैं, लेकिन दिलों में भरे स्नेह के रंग स्थायी होते हैं। यदि हम इस त्योहार की भावना को अपने दैनिक जीवन में उतार लें, तो हर दिन एक उत्सव बन सकता है। आइए, इस होली पर हम यह संकल्प लें कि मनमुटाव को पीछे छोड़ेंगे, संवाद को मजबूत बनाएंगे और रिश्तों को प्राथमिकता देंगे। क्योंकि जब दिल जुड़ते हैं, तभी समाज सशक्त होता है और जीवन सचमुच रंगों से भर उठता है। होली केवल रंगों का नहीं, बल्कि भावनाओं का पर्व है,और यही इसे सबसे खास बनाता है।</p>
<p><strong>-डॉ प्रियंका सौरभ</strong><br /><strong>यह लेखक के अपने विचार हैं।</strong></p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/opinion/colors-that-touch-the-heart/article-144662</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/opinion/colors-that-touch-the-heart/article-144662</guid>
                <pubDate>Thu, 26 Feb 2026 12:37:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/1200-x-60-px%2912.png"                         length="1429325"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur KD]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मोती डूँगरी गणेश मंदिर में होगा फागोत्सव : गुलाल-गोटे एवं पुष्पों से खेलेंगे होली, फूलों के मंडप में सजेंगे गणपति</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[गणेश मंदिर में फागोत्सव का आयोजन होगा। गणेश जी बसंत की फाल्गुनी नवीन पोशाक करेंगे धारण। जयपुरी साफा से होगा विशेष श्रृंगार। पुष्पों के मंडप में रहेंगे विराजमान। सायं 4:30 बजे भक्तों के साथ होगी गुलाल-गोटे एवं पुष्पों से होली। 

]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/fagotsav-will-be-held-on-wednesday-25th-february-at-moti/article-144408"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/moti-dungari.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मोती डूंगरी गणेश मंदिर में फागोत्सव का आयोजन बुधवार को आयोजित होगा। इस अवसर पर भगवान श्री गणेश जी बसंत की फाल्गुनी नवीन पोशाक धारण करेंगे। साथ ही मोट्यार स्वरूप में जयपुरी साफा से उनका विशेष श्रृंगार किया जाएगा। भगवान पुष्पों से सजे फूलों के मंडप में विराजमान रहेंगे।</p>
<p>सायं 4:30 बजे भगवान भक्तों के साथ गुलाल-गोटे एवं पुष्पों से होली खेलेंगे। इसके पश्चात सायं 6 से 8:30 बजे तक डफ एवं चंग का विशेष आयोजन रहेगा।जिसमें शेखावाटी की पारंपरिक धुनों पर भक्तजन फागोत्सव का आनंद लेंगे।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/fagotsav-will-be-held-on-wednesday-25th-february-at-moti/article-144408</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/fagotsav-will-be-held-on-wednesday-25th-february-at-moti/article-144408</guid>
                <pubDate>Tue, 24 Feb 2026 18:25:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/moti-dungari.png"                         length="1518343"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        