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                <title>जयपुर स्थित गोगाजी महाराज मंदिर में सजी आम मनोरथ झांकी</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के घाटगेट स्थित भगवान गोगाजी महाराज एवं गोरखनाथ जी मंदिर में विशेष आम मनोरथ का आयोजन किया गया। अधिक मास के पावन अवसर पर पूरे मंदिर परिसर को आम्रपत्रों और रसीले आमों से सजाया गया। इस दौरान भगवान का अलौकिक शृंगार देख श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/aam-manorath-tableau-decorated-in-gogaji-maharaj-temple-jaipur/article-156514"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/gogaji.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर के घाटगेट स्थित भगवान गोगाजी महाराज एवं गौरखनाथ जी मंदिर में अधिक मास के मौक पर मंगलवार को आम मनोरथ का आयोजन किया। इस धार्मिक आयोजन के तहत मंदिर परिसर को आम्रपत्रों और आम फलों से सजाया। आयोजन के दौरान भगवान गोगाजी महाराज और गौरखनाथ जी का दिव्य एवं मनोहारी शृंगार किया। मंदिर से जुडे समाजजनों और श्रद्धालुओं ने बताया कि अधिक मास में आयोजित यह आम मनोरथ विशेष धार्मिक महत्व रखता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 11:23:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>दीपावली सिर्फ धार्मिक परंपरा नहीं : दीप जलें खुशियां पलें, धर्म ने जाना विज्ञान ने माना </title>
                                    <description><![CDATA[दीपावली की शुरूआत सफाई और सजावट से होती है। वैज्ञानिक इसे डिक्लटरिंग थेरेपी मानते हैं, जो मानसिक तनाव कम करती है और मन को हल्का बनाती है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/decoration-of-puja-lamps-and-bonding-with-family-members-%E2%80%93/article-130134"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/6622-copy88.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। दीपावली सिर्फ धार्मिक परंपरा नहीं, प्रकाश और सकारात्मकता का विज्ञान भी है। दीप जलते हैं, तो वे केवल घर नहीं रोशन करते, वे मानव मन, रिश्तों और समाज में उजाला भर देते हैं। आधुनिक न्यूरोसाइंस और पॉजिटिव साइकोलॉजी ने प्रमाणित किया है कि दीपावली जैसे त्योहार मस्तिष्क के हैप्पी हार्मोन्स को सक्रिय कर मनुष्य को अधिक प्रसन्न, सहयोगी और रचनात्मक बनाते हैं। दीपावली की शुरूआत सफाई और सजावट से होती है। वैज्ञानिक इसे डिक्लटरिंग थेरेपी मानते हैं, जो मानसिक तनाव कम करती है और मन को हल्का बनाती है। </p>
<p>न्यूरोसाइंस, पॉजिटिव साइकोलॉजी और सोशल बिहेवियरल रिसर्च के कई अध्ययनों में पाया गया है कि दीपावली जैसे सामूहिक उत्सव मस्तिष्क में सेरोटोनिन, डोपामाइन, एंडोर्फिन्सऔर ऑक्सीटॉसिन जैसे हैप्पी हार्मोन्स को सक्रिय करते हैं। यह हार्मोन न केवल तनाव घटाते हैं, व्यक्ति को अधिक आशावादी, सहानुभूतिपूर्ण और रचनात्मक बनाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, दीपावली की तैयारी, सफाई, पूजा, दीयों की सजावट और परिजनों से जुड़ाव - ये सब कॉग्निटिव रीफ्रेमिंग की प्रक्रिया को सक्रिय करते हैं, जिससे व्यक्ति अपने जीवन के नकारात्मक पहलुओं को नई रोशनी में देखने लगता है।</p>
<p><strong>दीपोत्सव -2025: दीपावली से मिली 25 शुभ प्रेरणाएँ</strong><br />1. प्रकाश- दीपक का उजाला शरीर और मन में सकारात्मक ऊर्जा।<br />2. स्वच्छता- घर की सफाई मेन्टल डिटॉक्स का काम करती है।<br />3. सौहार्द- साथ उत्सव मनाना यानी ऑक्सिटोसिन बढ़ाना, रिश्तों में मिठास लाना। <br />4. उमंग- रंग, रोशनी और संगीत मूड को बेहतर बनाते हैं। <br />5. सकारात्मक सोच - अंधकार से प्रकाश का दर्शन हमें रीफ्रेमिंग सिखाता है।<br />6. समर्पण दान- सेवा और भक्ति ऐंपेथी हार्मोन्स की सक्रियता। <br />7. समृद्धि-लक्ष्मी पूजन में धन के साथ आभार की भावना भी समृद्धि लाती है।<br />8. परिवार-एकता - मिल-बैठना सामाजिक जुड़ाव को पुनर्जीवित करता है।<br />9. धैर्य-दीपावली का अंधकार से उजाले का मार्ग जीवन में दृढ़ता जगाता है।<br />10. अनुशासन-तय समय पर की जाने वाली पूजा और तैयारी आदत में स्थिरता लाती है।<br />11. खुशहाली-त्योहारों में शामिल होना कॉर्टिसॉल घटाता है और मन को शांत करता है।<br />12. आशा-दीपों की रोशनी होप सर्किट को सक्रिय करती है, जो मस्तिष्क को नई दिशा देता है।<br />13. करुणा-दूसरों को उपहार देना ऐंपेथी सेंटर को सक्रिय करता है।<br />14. संयम- दीपावली सादगी का संदेश देती है; यही माइंडफुल लिविंग का आधार है।<br />15. सृजनशीलता- रंगोली, दीप सजावट और हस्तकला रचनात्मकता <br />बढ़ाते हैं।<br />16. संतुलन- पूजा और ध्यान शरीर की सर्केडियन रिद्म को स्थिर करते हैं।<br />17. शांति- दीयों की लौ आंखों और मन दोनों में थीटा वेव्ज जगाती है।<br />18. सहयोग- सामूहिक कर्म और उत्सव सामाजिक तनाव को कम करते हैं।<br />19. कृतज्ञता- दीपावली आभार व्यक्त करने का उत्सव है, यह जीवन संतुष्टि को बढ़ाता है।<br />20. साहस- अंधकार का सामना करने का भाव जीवन में संघर्ष की प्रेरणा देता है।<br />21. उत्सव- संस्कृति से जुड़ाव सामाजिक पहचान को मजबूत करता है।<br />22. सह-अस्तित्व- मिट्टी के दीपक प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता जगाते हैं।<br />23. आत्मविश्वास- त्यौहारों में भागीदारी व्यक्ति को आत्म-सम्मान देती है।<br />24. प्रेम- दीपावली सीमाओं से परे प्रेम फैलाने का पर्व है। लोग आपस में मिले हैं, परिवार जुटते हैं।<br />25. नवजागरण- अंतत: दीपावली भीतर के अंधकार को मिटाकर आत्म-प्रकाश की ओर ले जाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Oct 2025 11:32:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>पुष्य योग में हुआ प्रथम पूज्य गणपति का अभिषेक, फूल बंगला की सजी झांकी </title>
                                    <description><![CDATA[भगवान को फूल बंगले में विराजमान कर गणपति सहस्त्रनाम से 1001 मोदक और खीर का विशेष भोग लगाया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-first-consecration-of-revered-ganeshji-took-place-in-ravi/article-83986"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/2.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। आषाढ़ शुक्ल द्वितीया रविवार को रवि पुष्य नक्षत्र में प्रथम पूज्य गणेशजी का पुष्याभिषेक किया गया। कहीं दूध से तो कहीं पंचामृत से भगवान गणपति का वेद मंत्रोच्चार के साथ अभिषेक हुआ। मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में महंत कैलाश शर्मा की मौजूदगी में सुबह आठ बजे 151 किलो दूध, 21 किलो दही, सवा पांच किलो घी, 21 किलो बूरा, शहद एवं केवड़ा जल, गुलाब जल, केवड़ा इत्र एवं गुलाब इत्र से अभिषेक किया गया।</p>
<p>भगवान को फूल बंगले में विराजमान कर गणपति सहस्त्रनाम से 1001 मोदक और खीर का विशेष भोग लगाया। ब्रह्मपुरी स्थित नहर के गणेश मंदिर में महंत पंडित जय शर्मा की मौजूदगी में दाहिनी सूंड वाले गणपति का अभिषेक कर मनोरम झांकी सजाई गई। चांदपोल परकोटा गणेश मंदिर में पंडित राहुल शर्मा की मौजूदगी में गणपति का 101 किलो दूध से अभिषेक कर नवीन चोला चढ़ाकर फूल बंगला झांकी सजाई गई।</p>
<p>युवाचार्य पंडित अमित शर्मा ने बताया कि प्रथम पूज्य को मोदको का भोग लगाकर श्रद्धालुओं को हल्दी गांठ और रक्षा सूत्र वितरित की। मंदिर महंत स्व. कैलाश शर्मा की चतुर्थ पुण्यतिथि मंदिर प्रांगण में होगी जिसमें चित्र पर पुष्पांजलि करने के बाद भक्तों ने हरिनाम संकीर्तन किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jul 2024 18:02:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राष्ट्रपति भवन में रक्षा अलंकरण समारोह आयोजित : कर्नल संतोष बाबू महावीर चक्र और सूबेदार संजीव कीर्ति चक्र से सम्मानित</title>
                                    <description><![CDATA[वीरता पुरस्कार पाने वाले भारत मां के वीर सपूतों में से सात को यह सम्मान मरणोपरांत दिया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/619cd58e47641/article-2664"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/132.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जान की बाजी लगाकर मातृभूमि की रक्षा करने वाले भारत मां के जांबाज सपूतों को आज रक्षा अलंकरण समारोह में वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया जिनमें गलवान घाटी में जौहर दिखाने वाले कर्नल संतोष बाबू को महावीर चक्र , सूबेदार संजीव कुमार को कीर्ति चक्र , पांच शूरवीरों को वीर चक्र और छह रणबांकुरों को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। कोविंद ने मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह के दौरान ये पुरस्कार प्रदान किये।  वीरता पुरस्कार पाने वाले भारत मां के वीर सपूतों में से सात को यह सम्मान मरणोपरांत दिया गया है।</p>
<p><br /> रक्षा अलंकरण समारोह में कई अन्य सैन्य अधिकारियों को विशिष्ट और उल्लेखनीय सेवा के लिए भी सम्मानित किया गया। इन पुरस्कारों की घोषणा पहले ही कर दी गयी थी लेकिन राष्ट्रपति ने मंगलवार को अधिकारियों को इन पुरस्कारों से नवाजा।  इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अनेक गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे। <br /> <strong><br /> कर्नल बाबू ने पूर्वी  गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में अपनी जान की बाजी लगा दी</strong><br /> सेना की बिहार रेजिमेंट के कर्नल बाबू ने पूर्वी लद्दाख स्थित गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प के दौरान कुशल नेतृत्व और बहादुरी का परिचय देते हुए मातृ भूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की बाजी लगा दी। उन्हें मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया गया। उनकी पत्नी तथा मां ने यह पुरस्कार ग्रहण किया।</p>
<p><strong>सूबेदार संजीव कुमार ने आतंकवादियों से लोहा लेते हुए एक आतंकवादी को ढेर कर,  मातृ भूमि की रक्षा में अपने प्राणों का बलिदान दिया</strong><br /> सेना की पैराशूट रेजिमेंट (स्पेशल फोर्स) के सूबेदार संजीव कुमार ने आतंकवादियों से लोहा लेते हुए एक आतंकवादी को मार गिराया तथा एक अन्य को घायल कर दिया। आतंकवादियों से लड़ते हुए उन्होंने मातृ भूमि की रक्षा में अपने प्राणों का बलिदान दिया। उन्हें मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। उनकी पत्नी ने यह सम्मान लिया। <br /> <br /> बिहार रेजिमेंट के नायब सूबेदार नदूराम सोरेन ने भी दुश्मन से मुकाबला करते हुए प्राणों की बाजी लगा दी जिसके लिए उन्हें मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित किया गया। उनकी पत्नी ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। <br /> <br />  सेना की 81 फील्ड रेजिमेंट के हवलदार के पलानी को भी मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित किया गया। उनकी पत्नी ने यह सम्मान लिया। बिहार रेजिमेंट के नायक दीपक ङ्क्षसह को भी मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित किया गया। उनकी पत्नी को यह सम्मान प्रदान किया गया। पंजाब रेजिमेंट के सिपाही गुरतेज सिंह को अदम्य साहस तथा वीरता के लिए  मरणोपरांत वीर चक्र से नवाजा गया। उनके मांता पिता ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। <br /> <br />  राष्ट्रीय राइफल्स के जांबाज मेजर अनुज सूद को भी आतंकवादियों से लोहा लेते हुए मरते दम तक मातृभूमि की रक्षा करने के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। उनकी पत्नी ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। <br /> <br /> सेना की 3 मीडियम रेजिमेंट के हवलदार तेजिन्दर ङ्क्षसह को वीर चक्र , पैराशूट रेजिमेंट के लेफ्टिनेंट कर्नल कृष्ण ङ्क्षसह रावत , मराठा लाइट इंफेन्ट्री के मेजर अनिल उर्स , असम राइफल्स के राइफलमैन प्रणव ज्योति दास , पैराशूट रेजिमेंट के सोनम शेरिंग तमंग  और वायु सेना के पायलट विंग कमांडर विशाक नायर को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। <br /> <br /> इसके अलावा उल्लेखनीय तथा विशिष्ट सेवा के लिए 16 सैन्य अधिकारियों को परम विशिष्ट सेवा पदक, दो को उत्तम युद्ध सेवा पदक  और 25 को अति विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Nov 2021 17:49:54 +0530</pubDate>
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                <title>तिरंगे की थीम पर सजेंगे बाजार : चांदपोल सजावट द्वार पर सजेगा देव दिव्य जहाज</title>
                                    <description><![CDATA[बाजार में उड़ती नजर आएंगी तितलियां]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A5%E0%A5%80%E0%A4%AE-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A4%9C%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%B0---%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%AA%E0%A5%8B%E0%A4%B2-%E0%A4%B8%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%9F-%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A4%9C%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B5-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%9C%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%9C/article-1871"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/117.jpg" alt=""></a><br /><p><strong> जयपुर। </strong>दीपावली पर सजावट के लिए मशहूर गुलाबी नगर कोरोना से थोड़ी राहत मिलने के बाद नए सिरे से सजने को आतुर है। इसके लिए व्यापार मण्डलों ने कमर कसना शुरू कर दिया है। दीपावली की सजावट इस बार आजादी के अमृत महोत्सव के चलते तिरंगे की थीम पर की जा रही है। लाइटिग में इस बार तितलियां उड़ती नजर आएंगी। चांदपोल व्यापार मण्डल की तरफ से हर बार छोटी चौपड़ पर सबसे हटकर सजावट देखने को मिलती है। इस बार यहां देव दिव्य जहाज का निर्माण करवाया जा रहा है। जयपुर व्यापार महासंघ के अध्यक्ष सुभाष गोयाल ने बताया कि चांदपोल बाजार व्यापार मंडल की ओर से छोटी चौपड़ पर 55 फीट चौड़ा और 35 फीट ऊंचा दिव्य देव जहाज स्वागत द्वार पर रखा जाएगा। बंगाल से आए करीब तीस कारीगर एक माह से इसे तैयार कर रहे हैं। छोटी चौपड़ पर चांदपोल व्यापार मण्डल के महामंत्री घनश्याम भूतड़ा एवं दीपावली सजावट समिति के संयोजक अशोक काकड़े वाला की देखरेख में सजावट कार्य चल रहा है। तिरंगे की थीम पर बाजार में रोशनी की जा रही है। इसके साथ ही छोटी चौपड़ पर सजने वाले जहाज में देवी-देवता विराजमान होकर यात्रा करते नजर आएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 Oct 2021 13:22:41 +0530</pubDate>
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