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                <title>Investment Scam - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>बीसी के नाम पर सैकड़ों लोगों से 8 से 10 करोड़ की ठगी , मुकदमा दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[लोगों को गिफ्ट और लाभ का लालच देकर हर महीने 2 से 5 हजार रुपए जमा करवाता था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/case-registered-for-swindling-%E2%82%B98%EF%82%9610-crore-from-hundreds-of-people-under-the-guise-of-a--bc---chit-fund--scheme/article-165875"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)31.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। बीसी (कमेटी) चलाने के नाम पर सैकड़ों लोगों से करीब 8 से 10 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी किए जाने का मामला सामने आया है। आरके पुरम थाना पुलिस ने परिवादी जितेन्द्र पालीवाल की रिपोर्ट पर आरोपी कृष्ण मुरारी माहेश्वरी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 316(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच एसआई जगदीशराम को सौंपी गई है। <br /> मामले में  परिवादी जितेन्द्र पालीवाल निवासी केशवपुरा ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि आरोपी कृष्ण मुरारी माहेश्वरी निवासी आरके पुरम, मुक्तिधाम के पीछे, अलग-अलग बीसी कमेटियां चलाता था। वह लोगों को विभिन्न लाभ और गिफ्ट देने का लालच देकर हर महीने 2 से 5 हजार रुपए तक जमा करवाता था। बीसी पूरी होने पर नियमानुसार राशि लौटाने का आश्वासन दिया जाता था। मामले में गुरुवार को तरुण गोयल के साथ अन्य 17 लाेगों ने थाने पर शिकायत दी । अब तक थाने पर 18 पीड़ित लोग शिकायत दर्ज करवा चुके हैं। पुलिस ने सभी शिकायतों पर अनुसंधान शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी मुकदमा दर्ज होने के बाद से फरार चल रहा है। आरोपी को तलाश किया जा रहा है। </p>
<p><strong>तीन साल से राशि वापस लेने के लिए परेशान</strong><br />परिवादी ने रिपोर्ट में बताया कि  बीसी पूरी होने के बाद कई लोगों को उनकी जमा राशि वापस नहीं मिली। उसने भी अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी टालमटोल करने लगा। बाद में फोन उठाना और मिलने से भी इनकार कर दिया। कुछ लोगों को डायरियां वापस लेकर चेक दिए गए, लेकिन बैंक खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने से चेक बाउंस हो गए।</p>
<p><strong>कार्रवाई करने पर धमकाने का आरोप</strong><br />रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि आरोपी के घर जाकर राशि मांगने वाले लोगों को कानूनी कार्रवाई करने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी गई। इसके चलते कई पीड़ित कार्रवाई करने से डर रहे हैं। परिवादी ने बताया कि उसे पिछले करीब तीन साल से आर्थिक और मानसिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>बैंक लेन-देन और दस्तावेजों की जांच की मांग </strong><br />परिवादी के मुताबिक, आरोपी ने करीब 500 से 1000 लोगों से 8 से 10 करोड़ रुपए तक जमा किए जाने की आशंका है। वास्तविक राशि और पीड़ितों की संख्या जांच में सामने आएगी। उसने पुलिस से आरोपी के बैंक खातों, लेन-देन, मोबाइल नंबर, बीसी योजनाओं और दस्तावेजों की जांच कर पीड़ितों की राशि वापस दिलाने की मांग की है। परिवादी ने आरोपी की डायरियों की फोटो प्रतियां, चेक की फोटो कॉपी, बीसी स्कीम के दस्तावेज और अन्य पीड़ितों की सूची पुलिस को उपलब्ध कराई है।  </p>
<p><strong> इनका कहना है </strong><br /> मामले में अनुसंधान किया जा रहा है, अभी बयान लिए जा रहे हैं। पैसे जमा करवाने की रसीद,पर्चियों सहित दस्तावेज एकत्रित किए जा रहे हैं। आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी जालसाजी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। <br /><strong>- जगदीशराम विश्नोई , एसआई एवं अनुसंधान अधिकारी थाना आरकेपुरम कोटा शहर</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 17 Sep 2026 17:04:52 +0530</pubDate>
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                <title>हैदराबाद पुलिस ने ऑपरेशन ऑक्टोपस के तहत साइबर धोखाधड़ी गिरोह का किया भंडाफोड़; 104 लोग गिरफ्तार, नकदी एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त</title>
                                    <description><![CDATA['ऑपरेशन ऑक्टोपस' के तहत 16 राज्यों में छापेमारी। 104 जालसाज गिरफ्तार। निवेश और 'डिजिटल अरेस्ट' के जरिए ₹127 करोड़ की धोखाधड़ी। 151 बैंक खाते फ्रीज। भारी मात्रा में नकदी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/hyderabad-police-busted-cyber-fraud-gang-under-operation-octopus-104/article-144451"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/arrestedd.png" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद। तेलंगाना में हैदराबाद पुलिस ने ऑपरेशन ऑक्टोपस नामक एक राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत 16 राज्यों में फैले एक साइबर धोखाधड़ी गिरोह पर कार्रवाई करते हुए 104 लोगों को गिरफ्तार किया और नकदी एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किये। पुलिस उपायुक्त (साइबर अपराध) वी अरविंद बाबू,  के नेतृत्व में चलाये गये इस अभियान में निवेश घोटालों, व्यापार धोखाधड़ी और तथाकथित डिजिटल गिरफ्तारी घोटालों में शामिल संगठित नेटवर्क को निशाना बनाया गया। पुलिस ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा कि गहन जांच के बाद पुलिस ने पीड़ितों के पैसे निकालने के लिए इस्तेमाल किये गये 151 बैंक खातों की पहचान की है।</p>
<p>इस अभियान के तहत 10 दिनों की अवधि में कई राज्यों में एक साथ 32 विशेष टीमें तैनात की गईं। गिरफ्तार किए गए लोगों में 86 फर्जी खाताधारक, 17 खाता आपूर्तिकर्ता/एग्रीगेटर और अंदरूनी मिलीभगत का आरोपी एक बैंक अधिकारी, बंधन बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर शामिल है। </p>
<p>आरोपियों का संबंध देश भर में दर्ज 1,055 साइबर धोखाधड़ी मामलों से है, जिनमें अनुमानित 127 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी शामिल है। छापेमारी के दौरान, पुलिस ने 36 लाख रुपये नकद, 204 मोबाइल फोन, 141 सिम कार्ड, 152 बैंक पासबुक, 234 डेबिट और क्रेडिट कार्ड, 26 लैपटॉप और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की है।</p>
<p>यह अभियान संयुक्त पुलिस आयुक्त एस एम विजय कुमार और डीसीपी वी. अरविंद बाबू की देखरेख में चलाया गया। हैदराबाद पुलिस आयुक्त वी सी सज्जनार ने कहा कि साइबर अपराध समाज के लिए गंभीर खतरा है और उन्होंने शहर पुलिस की शून्य-सहिष्णुता नीति को दोहराते हुए कहा कि गिरोह के उच्च स्तरीय संचालकों को पकडऩे के लिए जांच जारी है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Feb 2026 17:53:41 +0530</pubDate>
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