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                <title>Peace Mission - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Peace Mission RSS Feed</description>
                
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                <title>ईरान वॉर पर एंटोनियो गुटेरेस का साफ संदेश : मौत और विनाश का यह सिलसिला अब रुकना चाहिए; युद्ध जितना खिंचेगा, मानवीय पीड़ा उतनी बढ़ेगी</title>
                                    <description><![CDATA[संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने आगाह किया है कि पांचवें हफ्ते में प्रवेश कर चुका ईरान युद्ध पूरी दुनिया को तबाही की ओर धकेल रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा से खाद्य और ऊर्जा संकट गहरा सकता है। गुटेरेस ने तत्काल युद्धविराम और कूटनीतिक संवाद के जरिए शांति बहाली की अपील की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/antonio-guterres-clear-message-on-iran-war-this-cycle-of/article-148999"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/un-general-secretary-antonio-guterres.png" alt=""></a><br /><p>न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चेतावनी दी है कि पांचवें हफ्ते में पहुंच चुका ईरान युद्ध पूरे क्षेत्र को एक व्यापक संघर्ष की ओर धकेल रहा है, जिससे वैश्विक आर्थिक और मानवीय संकट पैदा हो सकता है। गुटेरेस ने गुरुवार को प्रेस वार्ता के दौरान कहा, "यह युद्ध जितने दिन खिंचेगा, मानवीय पीड़ा उतनी ही बढ़ेगी। तबाही का दायरा, अंधाधुंध हमले और नागरिकों के साथ-साथ नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की घटनाएं बढ़ रही हैं। हम एक व्यापक युद्ध के मुहाने पर हैं जो पूरे पश्चिमी एशिया को अपनी चपेट में ले लेगा और इसका दुनिया भर में नाटकीय असर होगा।"</p>
<p>संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने इसके वैश्विक आर्थिक और मानवीय परिणामों पर जोर देते हुए फिलीपींस से लेकर श्रीलंका और मोजाम्बिक तक के कमजोर समुदायों पर खाद्य और ऊर्जा की बढ़ती कीमतों के प्रभाव का जिक्र किया। उन्होंने विशेष रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य की ओर इशारा करते हुए चेतावनी दी कि जहाजों की आवाजाही की स्वतंत्रता में बाधा आने से दुनिया के सबसे गरीब लोगों के लिए खतरा पैदा हो गया है।</p>
<p>गुटेरेस ने तत्काल कूटनीतिक प्रयासों का आह्वान करते हुए कहा, "विवादों का समाधान अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत शांतिपूर्ण ढंग से किया जाना चाहिए। मौत और विनाश का यह सिलसिला रुकना चाहिए। शांतिपूर्ण रास्ता निकालने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी हैं। उन्हें सफल होने के लिए पर्याप्त जगह और समर्थन मिलना चाहिए, जो संयुक्त राष्ट्र चार्टर सहित अंतरराष्ट्रीय कानून में मजबूती से निहित हो।" महासचिव ने सभी पक्षों के सामने स्पष्ट मांगें रखीं। उन्होंने अमेरिका और इजरायल से युद्ध को तुरंत रोकने का आग्रह किया, जो भारी मानवीय पीड़ा और आर्थिक संकट का कारण बन रहा है। वहीं ईरान से उन्होंने पड़ोसी देशों पर हमले बंद करने की मांग की। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सभी देशों को संप्रभुता, नागरिक सुरक्षा, परमाणु केंद्रों और नौवहन की स्वतंत्रता का सम्मान करना चाहिए।</p>
<p>गुटेरेस ने चल रहे शांति प्रयासों में मदद के लिए अपने व्यक्तिगत दूत ज्यां अरनॉल्ट को क्षेत्र में भेजने की घोषणा की। उन्होंने कहा, "संघर्ष अपने आप खत्म नहीं होते। वे तब खत्म होते हैं जब नेता विनाश के बजाय संवाद को चुनते हैं। वह विकल्प अभी भी मौजूद है और उसे अभी चुना जाना चाहिए।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 16:36:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव के लिए चुनाव आयोग करेगा 2,400 केंद्रीय बल कंपनियों की तैनाती, मतदाताओं को डराने-धमकाने की शिकायतें मिलने पर प्रभावित बूथों में दोबारा हो सकता है मतदान</title>
                                    <description><![CDATA[चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को निष्पक्ष बनाने के लिए 2,400 CAPF कंपनियों की ऐतिहासिक तैनाती का निर्णय लिया है। 23 और 29 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए सुरक्षा बल पहुंचना शुरू हो गए हैं। बूथ कैप्चरिंग और चुनाव बाद हिंसा रोकने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में रूट मार्च और कड़े सुरक्षा मानक लागू किए गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/west-bengal-assembly-elections-election-commission-will-deploy-2400-central/article-147431"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/west-bengal-election1.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव में स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए राज्य में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 2,400 कंपनियों को तैनात करने का निर्णय लिया है। इस कदम को राज्य के चुनावी इतिहास में सबसे व्यापक सुरक्षा व्यवस्थाओं में से एक के रूप में देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होने वाले दो चरणों के चुनावों के दौरान और बाद में हिंसा को रोकना है।</p>
<p>मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, तैनाती पहले ही शुरू हो चुकी है और केंद्रीय बलों की 480 कंपनियां इस महीने की शुरुआत में राज्य में पहुंच चुकी हैं। शेष 1,920 कंपनियों को आने वाले हफ्तों में चरणबद्ध तरीके से भेजा जाएगा ताकि संवेदनशील और गैर-संवेदनशील दोनों क्षेत्रों में सुरक्षा मजबूत किया जा सके।</p>
<p>तैनाती कार्यक्रम के अनुसार, 300 कंपनियों का अगला बैच 31 मार्च तक पहुंचने की उम्मीद है। इसके बाद सात, 10, 13 और 17 अप्रैल को और भी तैनाती की जाएंगी। सूत्रों ने कहा कि सात अप्रैल और 10 अप्रैल को 300-300 कंपनियां आएंगी, इसके बाद 13 अप्रैल को 277 कंपनियां और 17 अप्रैल को 743 कंपनियां आएंगी, जिससे मतदान शुरू होने से पहले कुल तैनाती पूरी हो जाएगी। सीईओ कार्यालय के सूत्रों ने यह भी कहा कि चुनाव समाप्त होने के बाद भी केंद्रीय बलों की लगभग 500 कंपनियां राज्य में तैनात रहेंगी।</p>
<p>चूंकि राज्य में चुनाव के बाद हिंसा की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं इसलिए यह कदम चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद किसी भी प्रकार की हिंसा को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। चुनाव आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए कई अभूतपूर्व उपाय भी किए हैं। केंद्रीय बल केवल मतदान केंद्रों तक ही सीमित नहीं रहेंगे बल्कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की स्थिति में उन्हें मतदान केंद्र परिसर में कहीं भी हस्तक्षेप करने का अधिकार होगा।</p>
<p>अधिकारियों ने कहा कि मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं को डराने-धमकाने या धमकियों की शिकायतें मिलने पर प्रभावित बूथों में दोबारा मतदान भी कराया जा सकता है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि बूथ पर कब्जा करना, धांधली और हिंसा जैसी चुनावी अनियमितताओं को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।</p>
<p>इस बीच, सुरक्षा एजेंसियों ने राज्य में संवेदनशील क्षेत्रों और तथाकथित उपद्रवी क्षेत्रों की पहचान की है। कोलकाता में करीब 30 कंपनियां पहले ही पहुंच चुकी हैं और मतदाताओं में विश्वास जगाने के लिए शहर के विभिन्न हिस्सों में रूट मार्च शुरू हो गए हैं। पुलिस ने संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देते हुए विस्तृत मार्ग मानचित्र तैयार किए हैं। अधिकारियों द्वारा सुचारू और हिंसा-मुक्त चुनावी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के प्रयासों को तेज करते हुए, आने वाले दिनों में अन्य जिलों में भी इसी तरह के मार्ग मार्च और सुरक्षा अभ्यास आयोजित किए जाने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 16:01:52 +0530</pubDate>
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                <title>बस्तर हेरिटेज मैराथन: आत्मसमर्पित नक्सलियों ने केन्या के धावकों संग लगाई दौड़, वन मंत्री केदार कश्यप ने हरी झंडी दिखाकर दौड़ को किया रवाना</title>
                                    <description><![CDATA[जगदलपुर में 'बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026' ने इतिहास रच दिया। आत्मसमर्पित नक्सली युवाओं ने केन्याई धावकों के साथ कदम से कदम मिलाकर शांति का संदेश दिया। ₹25 लाख की इनामी राशि वाले इस भव्य आयोजन को लालबाग मैदान से हरी झंडी दिखाई गई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर अब खेलों और पर्यटन का नया केंद्र बन रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/bastar-heritage-marathon-surrendered-naxalites-ran-the-race-with-kenyan/article-147412"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/bastar.png" alt=""></a><br /><p>जगदलपुर। ‘बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026’ में रविवार सुबह एक अनूठी तस्वीर देखने को मिली, जब हाल ही में सुरक्षा बलों के समक्ष आत्मसमर्पण करने वाले एक युवा नक्सली ने केन्या के पेशेवर धावकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर दौड़ लगाई। यह आयोजन राज्य के सबसे बड़े रनिंग इवेंट के रूप में जगदलपुर के लालबाग मैदान से शुरू हुआ, जहां वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप और विधायक किरण देव ने हरी झंडी दिखाकर दौड़ को रवाना किया।</p>
<p>मैराथन में देश-विदेश के हजारों धावकों के बीच आत्मसमर्पित युवक की भागीदारी ने सबका ध्यान खींचा। वह केन्या के धावकों के साथ ‘फन रन’ श्रेणी में दौड़ा और बस्तर में बदलते हालात का संदेश दिया। इस अवसर पर महापौर संजय पांडेय, कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी., कलेक्टर आकाश छिकारा सहित तमाम अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।</p>
<p>‘बस्तर दौड़ेगा, देश जुड़ेगा’ की थीम पर आयोजित इस मैराथन का मार्ग जगदलपुर से चित्रकोट जलप्रपात तक रखा गया था। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे फिटनेस और विरासत का उत्सव बताते हुए कहा कि बस्तर अब हिंसा की धरती नहीं, खेलों और पर्यटन की धरती बन रहा है। मैराथन में 42 किमी, 21 किमी, 10 किमी और 5 किमी फन रन श्रेणियां रखी गईं।</p>
<p>प्रतिभागियों के लिए 25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई, जबकि बस्तर संभाग के सातों जिलों के धावकों का पंजीकरण निःशुल्क रखा गया। पूरे मार्ग पर सुरक्षा, मेडिकल और रिफ्रेशमेंट की विशेष व्यवस्था की गई थी। केन्या के धावकों ने भी यहां की संस्कृति और आतिथ्य की सराहना की। यह आयोजन बस्तर को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 12:01:22 +0530</pubDate>
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                <title>अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ करेंगे इजरायल का दौरा; प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से होगी मुलाकात, इन मुद्दों पर चर्चा संभव </title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर मंगलवार को इजरायल का महत्वपूर्ण दौरा करेंगे। अपनी यात्रा के दौरान वे प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात कर क्षेत्रीय सुरक्षा और शांति प्रयासों पर चर्चा करेंगे। व्हाइट हाउस के इस कदम को मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच कूटनीतिक मध्यस्थता के रूप में देखा जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-special-envoy-steve-witkoff-will-visit-israel-will-meet/article-145788"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/us1.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद, उद्यमी जेरेड कुशनर मंगलवार को इजरायल जाएंगे। </p>
<p>मीडिया ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दोनों नेता दौरे के दौरान इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मिलेंगे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 13:57:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के आत्मसमर्पण का सिलसिला बरकरार : महिला नक्सली ने डाले हथियार, पुलिस के समक्ष किया सरेंडर; 8 लाख का ईनाम था घोषित </title>
                                    <description><![CDATA[महिला नक्सली मासे बारसा ने किया एके-47 के साथ आत्मसमर्पण। 8 लाख का था इनाम। पुनर्वास नीति और समाज के सहयोग से लगातार हो रहे ये आत्मसमर्पण। मुख्यधारा की ओर लौट रहे नक्सली कैडर ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/the-process-of-surrender-of-naxalites-continues-in-kanker-chhattisgarh/article-144649"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/chattisgarh1.png" alt=""></a><br /><p>कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में दो पुरुष नक्सलियों के आत्मसमर्पण के बाद अब एक महिला नक्सली ने बुधवार की देर रात हथियार डाल दिए हैं। जिले में लगातार जारी आत्मसमर्पण की इस कड़ी में देर रात डीवीसीएम रैंक की महिला नक्सली मासे बारसा ने पुलिस के समक्ष समर्पण कर दिया। मासे बारसा के सिर पर आठ लाख रुपये का इनाम घोषित था।</p>
<p>पुलिस से आज मिली जानकारी के अनुसार,मासे बारसा छिंदपदर गांव के जंगलों से निकलकर आत्मसमर्पण करने पहुंची। महिला नक्सली एक एके-47 राइफल भी बरामद की गई है। गौरतलब है कि, ठीक एक दिन पहले ही उत्तर बस्तर डिवीजन कमेटी का डीवीसीएम मल्लेश और पार्टी सदस्य रानू पोडियाम भी आत्मसमर्पण कर चुके हैं।</p>
<p>पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने बताया कि मासे का आत्मसमर्पण डीवीसीएम मल्लेश और रानू पोडियाम द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर संभव हो सका। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया में समाज के वरिष्ठजनों और मीडिया के साथियों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।</p>
<p>पुलिस अधीक्षक ने कहा कि इलाके में सक्रिय अन्य नक्सली कैडरों से संपर्क स्थापित कर उन्हें मुख्यधारा में शामिल करने के प्रयास लगातार जारी हैं। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पट्टलिगम ने तीनों नक्सलियों के हिंसा त्यागकर मुख्यधारा में शामिल होने के फैसले का स्वागत किया है।</p>
<p>उन्होंने बस्तर रेंज में सक्रिय अन्य नक्सलियों से भी हिंसा का रास्ता छोड़कर शांतिपूर्ण और सम्मानजनक जीवन जीने की अपील दोहराई। पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि जो कैडर आत्मसमर्पण करेंगे, उन्हें पुनर्वास नीति के तहत सभी प्रकार की सहायता प्रदान की जाएगी। डीवीसीएम मल्लेश, रानू पोडियाम और मासे के सामाजिक पुन: एकीकरण तथा हथियारों की औपचारिक सुपुर्दगी की प्रक्रिया आगामी दिनों में पूरी की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Feb 2026 15:45:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>डीवीसीएम माओवादी मल्लेश का बीएसएफ कैंप में आत्मसमर्पण : नक्सलवाद छोड़ मुख्यधारा में शामिल, बीएसएफ अधिकारियों ने बताया- सरकार की पुनर्वास योजना का मिलेगा लाभ </title>
                                    <description><![CDATA[माओवादी नेता ने हिंसा का रास्ता त्यागा। सामाजिक कार्यकर्ताओं की प्रेरणा से यह बदलाव क्षेत्र में शांति और विकास के लिए बड़ी उपलब्धि। सरकार की पुनर्वास नीति के तहत मल्लेश को आर्थिक सहायता और रोजगार देकर मुख्यधारा में शामिल किया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/dvcm-maoist-mallesh-surrenders-in-bsf-camp-will-be-given/article-144561"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/chattisgarh.png" alt=""></a><br /><p>कांकेर। छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित क्षेत्र कांकेर में मंगलवार देर रात माओवादी संगठन के डिविजनल कमेटी मेंबर (डीवीसीएम) मल्लेश ने हथियार के साथ सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार मल्लेश छोटेबेठिया स्थित बीएसएफ कैंप पहुंचा, जहां उसने औपचारिक रूप से हिंसा का रास्ता छोड़ने और मुख्यधारा में शामिल होने की इच्छा जताई। इस आत्मसमर्पण में स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और कुछ अन्य लोगों की अहम भूमिका बतायी जा रही है। इन लोगों ने मल्लेश को प्रेरित किया और उसे बीएसएफ कैंप तक लेकर आए।</p>
<p>आत्मसमर्पण की पूरी प्रक्रिया बीएसएफ की सेक्टर जी ब्रांच के वरिष्ठ अधिकारियों और 94वीं वाहिनी के कमांडेंट राघवेंद्र सिंह की मौजूदगी में संपन्न हुई। अधिकारियों ने बताया कि मल्लेश संगठन के भीतर एक सक्रिय सदस्य था और लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में था। उसके आत्मसमर्पण को नक्सल विरोधी अभियानों के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। </p>
<p>बीएसएफ अधिकारियों ने बताया कि सरकार की पुनर्वास नीति के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले मल्लेश को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। उसे सरकार की पुनर्वास योजना का लाभ दिया जाएगा, जिसमें आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर शामिल हैं।</p>
<p>स्थानीय ग्रामीणों ने इस कदम का स्वागत किया है। उनका मानना है कि माओवादी संगठन से जुड़े लोगों का आत्मसमर्पण करना क्षेत्र में शांति और विकास के लिए एक सकारात्मक संकेत है। इससे इलाके में विकास कार्यों को गति मिलने और आम लोगों को सुरक्षा का एहसास होने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Feb 2026 18:35:27 +0530</pubDate>
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