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                <title>ट्रंप का बड़ा फैसला : 1,000 कैदियों के अदला-बदली की घोषणा,  रूस-यूक्रेन के बीच 3 दिवसीय युद्धविराम</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'विजय दिवस' पर रूस और यूक्रेन के बीच तीन दिवसीय युद्धविराम और 1,000 कैदियों की अदला-बदली की ऐतिहासिक घोषणा की। 9 से 11 मई तक प्रभावी इस समझौते का पुतिन और ज़ेलेंस्की दोनों ने समर्थन किया है। यह कदम चार साल से जारी संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में एक बड़ी कूटनीतिक जीत माना जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/big-decision-of-trump-government-3-day-ceasefire-between-russia-and/article-153217"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विजय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित समारोहों दौरान रूस और यूक्रेन के बीच तीन दिन के युद्धविराम और 1,000 कैदियों की अदला-बदली की घोषणा की है। यह समारोह द्वितीय विश्व युद्ध में नाज़ी जर्मनी पर सोवियत संघ की विजय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस समझौते से न केवल सैन्य अभियान रुकेंगे बल्कि युद्ध शुरू होने के बाद से कैदियों की सबसे बड़ी अदला-बदली भी होगी। रूसी राष्ट्रपति के सहयोगी यूरी उशाकोव ने कहा कि रूस ने यूक्रेन के साथ नौ से 11 मई तक युद्धविराम करने और इस अवधि के दौरान यूक्रेन के साथ "हजार के बदले हजार" कैदियों की अदला-बदली करने की श्री ट्रम्प की पहल पर सहमति व्यक्त की है।</p>
<p>यह अस्थायी युद्धविराम नौ मई से 11 मई तक रहेगा और यह चार साल से अधिक समय से चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिका के नेतृत्व में जारी राजनयिक प्रयासों के बीच हुआ है। ट्रंप की घोषणा के कुछ ही समय बाद, यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने पुष्टि किया कि यूक्रेन युद्धविराम में शामिल होगा। रूसी सरकारी मीडिया ने भी कहा कि रूस ने प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की है। ज़ेलेंस्की ने एक्स पर पुष्टि किया कि युद्धविराम की व्यवस्था अमेरिका के नेतृत्व में युद्ध को समाप्त करने के लिए किए जा रहे वार्ता प्रयासों के अंतर्गत की गई है जो अब चार साल से अधिक समय से चल रहा है।</p>
<p>उशाकोव ने बाद में कहा कि "अमेरिकी प्रशासन के साथ हमारी टेलीफोन पर हुई बातचीत के दौरान इस मामले पर एक समझौता हुआ। अमेरिकी प्रतिनिधि यूक्रेन के संपर्क में भी थे।" उशाकोव के अनुसार, यह समझौता रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ट्रंप के बीच हाल ही में हुई फोन कॉल के बाद हुआ, जिसके दौरान दोनों नेताओं ने इस बात पर बल दिया कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हमारे देश सहयोगी थे और विजय दिवस समारोह के दौरान युद्धविराम की संभावना पर भी चर्चा की। यह घोषणा कई दिनों से बढ़ते तनाव के बाद हुई है,जिसमें रूस और यूक्रेन दोनों एक-दूसरे पर रूस के विजय दिवस समारोह से जुड़े अलग-अलग युद्धविरामों के बावजूद हमले जारी रखने का आरोप लगा रहे हैं।</p>
<p>रूस ने इससे पहले नौ मई के विजय दिवस समारोह से जुड़ा एकतरफा युद्धविराम की घोषणा की थी, जबकि यूक्रेन ने कहा कि उसने पहले ही छह मई से व्यापक युद्धविराम का प्रस्ताव रखा था, लेकिन दावा किया कि रूस ने इस प्रस्ताव को नजरअंदाज कर दिया। लगभग दो दशकों में पहली बार, रूस में विजय दिवस परेड में सैन्य उपकरणों का प्रदर्शन नहीं किया जाएगा क्योंकि यूक्रेन द्वारा समारोहों को बाधित करने के प्रयास की आशंकाओं के कारण अधिकारी हाई अलर्ट पर हैं। अधिकारियों ने मास्को और सेंट पीटर्सबर्ग दोनों शहरों के निवासियों को चेतावनी दी है कि सुरक्षा कारणों से आयोजनों के दौरान मोबाइल इंटरनेट की सुविधा प्रतिबंधित हो सकती है।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि रूस का वार्षिक रेड स्क्वायर सैन्य परेड, जो वैश्विक नेताओं और विदेशी प्रतिनिधिमंडलों को आकर्षित करने वाले अंतर्राष्ट्रीय जमावड़े के रूप में जाना जाता है, इस वर्ष बहुत छोटे पैमाने पर आयोजित होने की उम्मीद है। केवल बेलारूस, मलेशिया और लाओस के नेताओं के साथ-साथ कुछ अन्य गणमान्य व्यक्तियों के ही शामिल होने की उम्मीद है। इसी बीच, ट्रम्प ने यूक्रेन संघर्ष के समाधान में सहायता के लिए रूस में एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भेजने की इच्छा व्यक्त की है। यूक्रेन पर बातचीत के लिए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को रूस भेजने की तत्परता के बारे में पूछे जाने पर राष्ट्रपति ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, "अगर मुझे लगता है कि इससे मदद मिलेगी तो मैं ऐसा जरूर करूंगा।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 May 2026 12:08:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>एर्दोगन और रूसी राजदूत वर्शिनिन ने की मुलाकात : तुर्किये-रूस सहयोग के वर्तमान मुद्दों पर हुई चर्चा, लोगों की समृद्धि और कल्याण की कामना की</title>
                                    <description><![CDATA[तुर्किये के राष्ट्रपति एर्दोगन ने रूसी राजदूत सर्गेई वर्शिनिन से मुलाकात कर द्विपक्षीय सहयोग और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की। इस बैठक में दोनों देशों ने आपसी संबंधों को मजबूत करने और साझा हितों के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई। एर्दोगन ने राजदूत को नई नियुक्ति पर बधाई भी दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/erdogan-and-russian-ambassador-vershinin-met-discussed-current-issues-of/article-152285"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/turkey.png" alt=""></a><br /><p>अंकारा। तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने गुरुवार को रूसी राजदूत सर्गेई वर्शिनिन से मुलाकात की और रूस और तुर्किये के बीच सहयोग के वर्तमान मुद्दों पर चर्चा की। यह जानकारी तुर्किये में रूसी दूतावास ने गुरुवार को दी। दूतावास ने टेलीग्राम पर कहा- एर्दोगन ने वर्शिनिन को तुर्किये में रूसी राजदूत के रूप में नियुक्ति पर बधाई दी और उनके काम में सफलता की कामना की।</p>
<p>"बातचीत के दौरान, रूस-तुर्किये सहयोग के वर्तमान मुद्दों पर चर्चा की गई और रूस तथा तुर्किये के लोगों की समृद्धि और कल्याण के लिए पारस्परिक रूप से लाभकारी संबंधों को मजबूत करने के प्रति रूस और तुर्किये की साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की गई।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 May 2026 13:03:45 +0530</pubDate>
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                <title>Ukraine Drone Attack: यूक्रेनी ड्रोन हमले से तुआपसे के समुद्री टर्मिनल पर लगी आग, बड़ा हादसा टला, कोई हताहत नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[रूस के तुआपसे में यूक्रेनी ड्रोन हमले के बाद एक समुद्री टर्मिनल में भीषण आग लग गई। क्रास्नोडार प्रशासन के अनुसार, इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ है। आपातकालीन सेवाएं मौके पर आग बुझाने और स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी हैं। यह घटना क्षेत्र में बढ़ते तनाव को दर्शाती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/ukraine-drone-attack-ukrainian-drone-attack-causes-fire-at-tuapse/article-152282"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(11).png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। रूस के तुआपसे में एक समुद्री टर्मिनल पर यूक्रेनी ड्रोन के हमले के कारण आग लग गई लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ। यह जानकारी क्रास्नोडार क्षेत्र के प्रतिक्रिया केंद्र ने शुक्रवार को दी। प्रतिक्रिया केंद्र ने कहा, "तुआपसे में युक्रनी ड्रोन हमले के परिणामस्वरूप एक समुद्री टर्मिनल में आग लग गई।</p>
<p>कोई हताहत नहीं हुआ है और आपातकालीन सेवाएं घटनास्थल पर काम कर रही हैं।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 May 2026 11:13:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भारत के साथ सैन्य-तकनीकी सहयोग बढ़ाने का इच्छुक है रूस, जखारोवा ने कहा-रूस ईरान के आसपास की गंभीर अंतर्राष्ट्रीय स्थिति को सुलझाने में सहायता के लिए तैयार</title>
                                    <description><![CDATA[रूसी प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने भारत के साथ गहरे सैन्य संबंधों की पुष्टि की है। रूस न केवल हथियारों की आपूर्ति, बल्कि संयुक्त विकास और लाइसेंस प्राप्त निर्माण के लिए भी तैयार है। यह सहयोग भारतीय सेना के आधुनिकीकरण को नई गति देगा। साथ ही, रूस ने पश्चिम एशिया संकट को सुलझाने में सहायता की भी पेशकश की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/russia-is-keen-to-increase-military-technical-cooperation-with-india-zakharova/article-152037"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/maria-zakharova.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। रूस ने कहा है कि वह भारत के साथ सैन्य-तकनीकी सहयोग को और बढ़ाने का इच्छुक है और मिल कर काम करने तथा और लाइसेंस प्राप्त हथियार निर्माण के लिए तैयार है। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने भारतीय सूचना पोर्टल 'फर्स्टपोस्ट' को दिए एक साक्षात्कार में कहा "रूस, भारत के साथ सैन्य-तकनीकी सहयोग बढ़ाना जारी रखने का इरादा रखता है। भारतीय सशस्त्र बलों की सभी शाखाओं के लिए विस्तृत श्रृंखला में सैन्य उत्पादों की आपूर्ति परस्पर सहमत समय सीमा पर की जा रही है। इसके अलावा वह संयुक्त रूप से लाइसेंस प्राप्त हथियारों के निर्माण के लिए भी तैयार है।"</p>
<p>राजनयिक ने कहा, "रूस न केवल तैयार सैन्य उत्पादों का निर्यात करने के लिए तैयार है, बल्कि संयुक्त विकास, आधुनिक हथियारों के लाइसेंस युक्त निर्माण और विभिन्न प्रकार के उपकरणों के आधुनिकीकरण एवं अन्य परियोजनाओं को लागू करने के लिए भी तैयार है।" उन्होंने उल्लेख किया कि रूसी सशस्त्र बल अपनी रणनीतिक पहल को लेकर आश्वस्त हैं और विशेष अभियान क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं। जखारोवा ने कहा, "वर्तमान में, रूसी सशस्त्र बल अपनी रणनीतिक पहल को लेकर आश्वस्त हैं और आगे बढ़ रहे हैं।" पश्चिम एशिया संकट पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि रूस ईरान के आसपास की गंभीर अंतर्राष्ट्रीय स्थिति को सुलझाने में सहायता के लिए तैयार है। जखारोवा ने कहा, "हम इस गंभीर अंतर्राष्ट्रीय स्थिति को सुलझाने में सहायता के लिए हमेशा तैयार हैं।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 12:31:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>एन.पी.टी. के आसपास की स्थिति चिंताजनक, पश्चिमी देश इस संधि का कर रहा राजनीतिकरण : रूसी दूत</title>
                                    <description><![CDATA[जिनेवा में रूसी राजदूत गेनेडी गैतिलोव ने परमाणु अप्रसार संधि (NPT) के राजनीतिकरण पर चिंता जताई है। उन्होंने फ्रांस द्वारा "रूसी खतरे" के बहाने परमाणु हथियारों के संचय को वैश्विक स्थिरता के लिए जोखिम बताया। रूस ने स्पष्ट किया कि नाटो की शत्रुतापूर्ण योजनाओं का जवाब देने के लिए उनके पास पर्याप्त सुरक्षा उपाय मौजूद हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/the-situation-around-npt-is-worrying-western-countries-are-politicizing/article-151953"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/russia2.png" alt=""></a><br /><p>जिनेवा। जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र के लिये रूस के स्थायी प्रतिनिधि गेनेडी गैतिलोव ने 'आर.आई.ए. नोवोस्ती' को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि परमाणु अप्रसार संधि (एन.पी.टी.) के आसपास की स्थिति चिंताजनक है, क्योंकि पश्चिमी देश "संधि के मंच पर" कार्यों का राजनीतिकरण करना चाहते हैं। परमाणु अप्रसार संधि का 11वां समीक्षा सम्मेलन सोमवार को न्यूयॉर्क में शुरू हुआ। रूसी राजनयिक ने कहा, "सच कहूं तो, संधि के आसपास की स्थिति चिंताजनक है। पश्चिमी देश एन.पी.टी. मंच पर कार्यों का राजनीतिकरण करना जारी रखे हुए हैं, और संधि से असंबद्ध राष्ट्रीय मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला रहे हैं।"</p>
<p>गैतिलोव ने कहा कि "रूसी खतरे" के बहाने पेरिस परमाणु हथियारों का संचय कर रहा है, जो रूस की सुरक्षा के लिये तत्काल जोखिम पैदा करता है। राजनयिक ने कहा, "फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की 'परमाणु' आकांक्षाओं का हमारे लिये एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि उन्हें एक काल्पनिक रूसी खतरे के माध्यम से उचित ठहराया जा रहा है। हमारा मानना है कि ऐसा घटनाक्रम न केवल रूस की सुरक्षा के लिये तत्काल जोखिम पैदा करता है, बल्कि रणनीतिक स्थिरता पर भी बहुत नकारात्मक प्रभाव डालता है।"</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि यह "हमारे देश के प्रति फ्रांस और पूरे नाटो सैन्य-राजनीतिक गुट के शत्रुतापूर्ण इरादों की भी पुष्टि करता है।" रूसी राजदूत ने दावा किया कि रूस ने पेरिस द्वारा परमाणु हथियारों के संचय का जवाब देने के लिये पर्याप्त उपाय तैयार किये हैं। राजनयिक ने कहा, "रूसी संघ स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहा है। हम एक जिम्मेदार और संयमित दृष्टिकोण के प्रति प्रतिबद्ध हैं। साथ ही, यदि फ्रांस और अन्य नाटो देशों की उपरोक्त योजनाओं को पूरी तरह से लागू किया जाता है, तो निस्संदेह हमारे पास रूस और उसके नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये पर्याप्त उपाय मौजूद हैं।"</p>
<p>मैक्रों ने मार्च में घोषणा की थी कि फ्रांस अपनी परमाणु निवारण नीति को मजबूत कर रहा है और उन्होंने परमाणु हथियारों की संख्या बढ़ाने का आदेश दिया था। उन्होंने यह भी कहा था कि फ्रांस को पूरे यूरोप को कवर करने के लिये अपनी परमाणु रणनीति का विस्तार करने पर विचार करना चाहिए। डेनमार्क ने पहले ही फ्रांस के साथ एक रणनीतिक परमाणु निवारण समझौता कर लिया है, जिसका उद्देश्य नाटो के निवारण तंत्र को पूरक बनाना है। पोलैंड भी इस पहल में शामिल होने के लिये पेरिस के साथ बातचीत कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 16:02:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने की पुतिन से मुलाकात : एकजुटता और समर्थन का वादा, इन मुद्दों पर चर्चा संभव</title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात कर रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा की। अराघची ने क्षेत्रीय अस्थिरता के बीच रूस द्वारा दिए गए कूटनीतिक समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। दोनों देशों ने आपसी संबंधों को गहरा करने और चुनौतीपूर्ण समय में एकजुटता बनाए रखने का संकल्प दोहराया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iranian-foreign-minister-araghchi-met-putin-promised-solidarity-and-diplomatic/article-151911"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)-(4)23.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ मुलाकात की और एकजुटता दिखाने और कूटनीति समर्थन देने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। अराघची ने सोमवार को सेंट पीटर्सबर्ग में पुतिन से यह मुलाकात की। उन्होंने एक्स पर कहा, "इस इलाके में बड़े उतार-चढ़ाव के बीच रूस के साथ उच्चतम स्तर पर बातचीत करके खुशी हो रही है।</p>
<p>हाल की घटनाओं ने हमारी रणनीतिक साझेदारी की गहराई और मजबूती को दिखाया है। जैसे-जैसे हमारा रिश्ता बढ़ रहा है, हम एकजुटता के लिए शुक्रगुजार हैं और कूटनीति के लिए रूस के समर्थन का स्वागत करते हैं।" उन्होंने पुतिन और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ अपनी तस्वीरें भी साझा की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 12:34:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ईरान-पाकिस्तान वार्ता : मॉस्को रवाना हुए Abbas Araghchi ; पुतिन से करेंगे अहम मुलाकात, मध्यस्थता प्रयासों के बीच अमेरिका से वार्ता जारी रखने पर चर्चा </title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तान, ओमान और रूस के साथ गहन कूटनीतिक चर्चा की है। अमेरिका के साथ संवाद बहाली और होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करते हुए, वे अब मास्को में राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात करेंगे। इस दौरे का उद्देश्य क्षेत्रीय तनाव कम करना और वैश्विक स्थिरता सुनिश्चित करना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-pakistan-talks-abbas-araghchi-leaves-for-moscow-will-have-an/article-151885"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/iran7.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोमवार को कहा कि उनकी पाकिस्तान यात्रा के दौरान कई मध्यस्थों की भागीदारी वाले क्षेत्रीय राजनयिक प्रयासों के बीच अमेरिका के साथ बातचीत को निरंतर जारी रखे जाने को लेकर पाकिस्तान के साथ चर्चा की गयी है। अराघची ने टेलीग्राम पर लिखा, "पाकिस्तान में मेरे दोस्तों के साथ मेरी अच्छी बातचीत हुई और यह दौरा सफल रहा। हमने इस बात पर चर्चा की कि किन परिस्थितियों में और किस तरह से बातचीत जारी रखी जा सकती है।"</p>
<p>क्षेत्रीय स्तर पर समानांतर परामर्श के दौरान, अराघची ने ओमान में हुई चर्चाओं का भी उल्लेख किया जहां ईरानी और ओमानी अधिकारियों ने होर्मुज जलडमरूमध्य में हो रहे घटनाक्रमों पर बात की। उनका कहना है कि दोनों पक्षों ने समुद्री सुरक्षा पर समान रुख अपनाया और इस मुद्दे पर विशेषज्ञ स्तर का संवाद जारी रखने पर सहमति व्यक्त की। ईरानी विदेश मंत्री आगे की बातचीत के लिए मास्को रवाना हुए हैं। ईरानी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि वह सोमवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करेंगे और वार्ता की वर्तमान स्थिति, युद्धविराम से संबंधित घटनाक्रम और व्यापक क्षेत्रीय स्थितियों पर चर्चा करेंगे।</p>
<p>हाल के वर्षों में रूस और ईरान के राजनीतिक और रणनीतिक संबंध मजबूत हुए हैं खासकर तब जब दोनों देश व्यापक पश्चिम देशों के प्रतिबंधों के साए में हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि चर्चा में मध्यस्थता प्रयासों और चल रहे क्षेत्रीय संघर्षों पर अद्यतन जानकारी शामिल होगी। इसके अलावा, ओमान के अधिकारियों ने यह भी कहा कि श्री अराघची के साथ हुई चर्चा में क्षेत्रीय स्थिरता, होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा और तनाव कम करने के उद्देश्य से चल रहे मध्यस्थता प्रयासों पर ध्यान केंद्रित किया गया। ओमान के प्रतिनिधियों ने क्षेत्र में चल रहे संकटों के लिए संवाद और राजनयिक समाधानों के महत्व पर बल दिया।</p>
<p>ये राजनयिक प्रयास ऐसे समय में किए जा रहे हैं जब अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थ क्षेत्र में पहले के संघर्ष संबंधी तनावों और प्रत्यक्ष वार्ता में लंबे समय तक विराम के बाद ईरान और अमेरिका के बीच अप्रत्यक्ष संपर्क बनाए रखने के प्रयास जारी रखे हुए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 18:26:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ईरान ने रूस और कई अन्य देशों को होर्मुज़ जलडमरूमध्य के शुल्क में दी छूट, मुझे नहीं पता भविष्य में क्या होगा : जलाली</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान ने रणनीतिक हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए रूस जैसे सहयोगी देशों को शुल्क में छूट दी है। अमेरिकी नाकेबंदी के बीच ईरान ने सुरक्षा लागत के नाम पर पहली बार राजस्व जुटाया है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल और एलपीजी आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिस पर फिलहाल तनाव बरकरार है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-exempted-russia-and-many-other-countries-from-the-strait/article-151528"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/kajem-jalali.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। ईरान ने रूस सहित कई देशों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुज़रने के लिए लगने वाले ट्रांज़िट शुल्क में छूट दी है। रूस में ईरान के राजदूत काज़ेम जलाली ने न्यूज एजेंसी स्पूतनिक को यह जानकारी दी। गौरतलब है कि ईरान की संसद के प्रथम उपाध्यक्ष हामिद रज़ा हाजी बाबाई ने गुरुवार को बताया था कि ईरान को पहली बार होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने के शुल्क से राजस्व प्राप्त हुआ है और यह राशि देश के केंद्रीय बैंक में जमा कर दी गयी है।</p>
<p>वहीं जलाली से जब पूछा गया कि क्या ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के शुल्कों में कोई छूट दी है, तो उन्होंने कहा, "हमने फिलहाल कुछ देशों को छूट दी है, लेकिन मुझे नहीं पता कि भविष्य में क्या होगा। हालांकि, हमारा विदेश मंत्रालय अभी उन छूटों को लागू करने की कोशिश कर रहा है, जो रूस जैसे मित्र देशों के लिए सोची गयी हैं।" उल्लेखनीय है कि अमेरिका और इज़रायल के हमले के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने में आने वाली लागत का हवाला देते हुए, शुल्क लगाने की योजना की घोषणा की थी। अब ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को तब तक के लिए बंद कर दिया है, जब तक कि अमेरिका द्वारा लगाई गयी नौसैनिक नाकेबंदी पूरी तरह से हटा नहीं ली जाती।</p>
<p>ईरान के खिलाफ अमेरिका और इज़रायल की आक्रामकता ने होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से अवरुद्ध कर दिया है। यह जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी के देशों से वैश्विक बाजारों तक तेल और द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (एलपीजी) की आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग है, और इस अवरोध ने इस क्षेत्र में तेल के निर्यात और उत्पादन पर भी असर डाला है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 16:16:15 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>वैलेरी गेरासिमोव का दावा : लुगांस्क क्षेत्र पर पूरी तरह नियंत्रण, रूसी सेना सभी मोर्चों पर तेजी से बढ़ रही आगे</title>
                                    <description><![CDATA[रूसी सैन्य प्रमुख वैलेरी गेरासिमोव ने घोषणा की है कि रूसी सेना ने LPR पर पूर्ण नियंत्रण हासिल कर लिया है। उन्होंने यूक्रेन के जवाबी दावों को खारिज करते हुए कहा कि रूसी सेना सभी मोर्चों पर तेजी से आगे बढ़ रही है। रिपोर्ट के अनुसार, विफल जवाबी हमलों में यूक्रेन को 3,000 से अधिक सैनिकों का नुकसान हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/valery-gerasimov-claims-complete-control-of-lugansk-region-russian-army/article-151231"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/russia1.png" alt=""></a><br /><p>माॅस्को। रूसी जनरल स्टाफ के प्रमुख वैलेरी गेरासिमोव ने मंगलवार को घोषणा की है कि रूसी सेना ने लुगांस्क पीपुल्स रिपब्लिक (एलपीआर) को पूरी तरह से मुक्त करा लिया है। गेरासिमोव ने कहा कि लुगांस्क पीपुल्स रिपब्लिक की मुक्ति का कार्य पूरी तरह संपन्न हो चुका है। इस समय रूसी सेना सभी मोर्चों पर तेजी से आगे बढ़ रही हैं और उनका अभियान जारी है। गौरतलब है कि लुगांस्क पीपुल्स रिपब्लिक (एलपीआर) यूक्रेन के लुहान्स्क क्षेत्र में एक स्वघोषित अलगाववादी क्षेत्र है। हालांकि संयुक्त राष्ट्र समेत अधिकांश देश इसे यूक्रेन का ही हिस्सा मानते हैं। रूसी सैन्य प्रमुख ने यूक्रेनी कमान पर निशाना साधते हुए कहा कि वे फरवरी और मार्च में अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए सूचना अभियान चला रहे हैं। यूक्रेन की ओर से 480 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर फिर से कब्जा करने का दावा किया जा रहा है, जो सच्चाई छिपाने की कोशिश मात्र है।</p>
<p>इससे पहले गेरासिमोव ने रूसी सेना के समूह 'युग' (दक्षिण) के मोर्चों का दौरा कर सैन्य अभियानों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने वहां यूनिट कमांडरों से अभियान के परिणामों पर रिपोर्ट भी ली। गेरासिमोव के अनुसार, रूसी सेना की बढ़त को रोकने के लिए यूक्रेन ने फरवरी और मार्च में 170 से अधिक असफल जवाबी हमले किए, जिनमें उसे 3,000 से अधिक सैनिकों का नुकसान उठाना पड़ा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 17:38:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रूस का तुर्की से आग्रह : यूक्रेन से गैस पाइपलाइनों पर हमला नहीं करने की अपील की</title>
                                    <description><![CDATA[रूस ने तुर्की से 'तुर्कस्ट्रीम' और 'ब्लू स्ट्रीम' पाइपलाइनों पर यूक्रेनी हमलों को रोकने की गारंटी मांगी है। रूसी उप विदेश मंत्री अलेक्जेंडर ग्रुश्को ने इन ऊर्जा बुनियादी ढांचों पर बढ़ते खतरे पर चिंता जताई। मॉस्को ने अंकारा से आग्रह किया है कि वह यूक्रेन को सख्त चेतावनी दे ताकि क्षेत्रीय ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित बनी रहे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/russia-urges-turkey-not-to-attack-ukraines-gas-pipelines/article-150995"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/russia.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को । रूस ने तुर्की से बार-बार यह अपील की है कि वह यूक्रेन से इस बात की गारंटी ले कि 'तुर्कस्ट्रीम' और 'ब्लू स्ट्रीम' गैस पाइपलाइन बुनियादी ढांचे पर कोई हमला नहीं किया जाएगा। रूसी उप विदेश मंत्री अलेक्जेंडर ग्रुश्को ने एक साक्षात्कार के दौरान कहा, "काला सागर के नीचे तुर्की को गैस आपूर्ति करने वाली पाइपलाइनों पर यूक्रेन द्वारा लगातार किए जा रहे हमलों को देखते हुए, हमने अपने तुर्की भागीदारों से बार-बार आग्रह किया है। हमने उनसे कहा है कि वे यूक्रेनी पक्ष को स्पष्ट और कड़े संकेत भेजें और मांग करें कि वे इस तरह के आक्रामक कृत्यों को तुरंत रोकें तथा भविष्य में भी ऐसा न होने की गारंटी दें।"</p>
<p>इससे पहले, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने भी स्पष्ट किया था कि रूस इन गैस पाइपलाइनों पर बढ़ते खतरे को लेकर तुर्की के साथ लगातार अपनी चिंताएं साझा कर रहा है। वहीं, तुर्की सरकार के सूत्रों के अनुसार, तुर्की इन पाइपलाइनों पर होने वाले हमलों और खतरों की खबरों पर बारीकी से नजर रख रहा है और इस मामले में रूस के साथ निरंतर समन्वय बना हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 13:33:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सर्गेई लावरोव ने की कूटनीतिक रवैये की आलोचना, बोले- वादाखिलाफी की आदत छोड़ बातचीत को प्राथमिकता दे अमेरिका, अंतरराष्ट्रीय समझौतों के उल्लंघन का लगाया आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि वह टकराव के बजाय बातचीत को प्राथमिकता दे। रूस ने आरोप लगाया कि अमेरिका समझौतों से पीछे हटकर सैन्य उपस्थिति बढ़ा रहा है। पाकिस्तान की मध्यस्थता में ईरान-अमेरिका वार्ता जारी है, जबकि रूस ने ईरान की सैन्य शक्ति का समर्थन किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/sergei-lavrov-criticized-the-diplomatic-attitude-said-give-up/article-150753"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/sergei-lavrov.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने अमेरिका के कूटनीतिक रवैये की आलोचना करते हुए गुरुवार को कहा कि अमेरिकी प्रशासन को विरोधी सरकारों के साथ टकराव के बजाय बातचीत को प्राथमिकता देनी चाहिए। लावरोव ने कहा कि जब भी अमेरिका को कोई सरकार पसंद न आए तो उसे 'बातचीत के ज़रिए' शुरुआत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आमतौर पर देश अमेरिकी प्रशासन के साथ बातचीत के लिए तैयार रहते हैं और अब तक किसी देश ने अमेरिका के साथ बैठकर बात करने से इनकार नहीं किया है।</p>
<p>सर्गेई लावरोव ने अमेरिका पर अंतरराष्ट्रीय समझौतों का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उसने कई बार वादों से पांव वापस खींचे हैं। उन्होंने कहा, "वह अमेरिका ही था जिसने पहले समझौते किए और फिर उनसे पलट गया।" लावरोव की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आयी हैं जब पश्चिम एशिया में तनाव अपने चरम पर है। रूस की सुरक्षा परिषद ने चेतावनी दी है कि अमेरिका-इजरायल वर्तमान बातचीत के प्रयासों के पीछे ईरान में सेना उतारने की तैयारी कर रहे हो सकते हैं।</p>
<p>रूसी समाचार एजेंसी तास के अनुसार, परिषद ने पाया है कि पश्चिम एशिया में अमेरिका की सैन्य उपस्थिति में इजाफा हुआ है। रूस ने ईरान की रक्षा क्षमताओं पर भी ज़ोर दिया और कहा कि ईरान के पास इतनी सैन्य ताक़त है कि वह अमेरिका या इज़रायल की किसी भी संभावित आक्रामकता का जवाब दे सके। इन चेतावनियों के बावजूद, कूटनीतिक कोशिशें जारी हैं। अमेरिका और ईरान के बीच परोक्ष बातचीत अभी भी चल रही है, जिसमें पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।</p>
<p>सेना प्रमुख आसिम मुनीर के नेतृत्व में एक उच्च-स्तरीय पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के संदेश पहुंचाने और आगे की बातचीत को आसान बनाने के लिए ईरान में है। उन्होंने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ बातचीत की। यह बातचीत इस्लामाबाद में हुए पिछले दौर के बाद रुकी हुई बातचीत को फिर से शुरू करने की कोशिशों का हिस्सा थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 13:17:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>महमूद कोमाती का दावा : हिज़्बुल्लाह को मध्य पूर्व संघर्ष के समाधान में रूस की भूमिका की उम्मीद, ट्रंप पर लगाया बाधाएँ और रुकावटें खड़ा करने का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[हिज़्बुल्लाह नेता महमूद कोमाती ने मध्य पूर्व संकट में रूस की सक्रिय भूमिका की वकालत की है। उन्होंने कहा कि रूस के ईरान और अरब देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध शांति स्थापित कर सकते हैं, लेकिन अमेरिकी बाधाएं समाधान में रोड़ा अटका रही हैं। कोमाती के अनुसार, क्षेत्रीय स्थिरता के लिए अमेरिका को अंततः रूस के प्रभाव की आवश्यकता होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/mahmoud-komati-claims-hezbollah-expects-russias-role-in-resolving-middle/article-150161"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/hizbullah1.png" alt=""></a><br /><p>बेरुत। हिज़्बुल्लाह के राजनीतिक परिषद के उप प्रमुख महमूद कोमाती ने बताया कि हिज़्बुल्लाह को उम्मीद है कि रूस, जिसके ईरान सहित मध्य पूर्वी देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध हैं, इस क्षेत्र में संघर्ष के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कोमाती ने कहा, “आज, रूस, ईरान के साथ अपने संबंधों और क्षेत्रीय स्तर पर कई अरब देशों और लेबनान के साथ अपने निष्ठापूर्ण संबंधों के कारण, एक भूमिका निभा सकता है और हम इसकी उम्मीद करते हैं। लेकिन, दुर्भाग्य से, संयुक्त राज्य अमेरिका रूस की किसी भी भूमिका में बाधाएँ और रुकावटें पैदा कर रहा है।</p>
<p>इस बीच, आज अमेरिका और विशेष रूप से (राष्ट्रपति डोनाल्ड) ट्रम्प, ईरान को प्रभावित करने और युद्धविराम हासिल करने के लिए रूस की ओर रुख कर रहे हैं। देर-सवेर, उन्हें रूस की आवश्यकता होगी।” राजनेता के अनुसार, हिज़्बुल्लाह रूस के रुख, क्षेत्र में उसकी नीतियों और अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति उसकी प्रतिबद्धता और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार मानव और राज्य अधिकारों की रक्षा को सकारात्मक रूप से देखता है। उन्होंने आगे कहा, "हालांकि, दुर्भाग्य से, आज यह क्षेत्र अमेरिकी वर्चस्व, उसकी आक्रामकता, हत्या और विनाश से ग्रस्त है।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 13:08:08 +0530</pubDate>
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