<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/internal-inquiry/tag-73012" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Internal Inquiry - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/73012/rss</link>
                <description>Internal Inquiry RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>कैश विवाद:  जस्टिस यशवंत वर्मा ने दिया इस्तीफा; राष्ट्रपति को भेजा पत्र, दिल्ली स्थित घर में मिले थे जलते हुए नोट</title>
                                    <description><![CDATA[इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा ने राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। उनके आवास पर जले हुए नोट मिलने के बाद से वे विवादों में थे और उनके खिलाफ आंतरिक जांच व महाभियोग की चर्चा चल रही थी। फिलहाल वे न्यायिक कार्यों से दूर थे और मामले की जांच अभी जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/justice-yashwant-verma-resigned-after-the-cash-dispute-sent-a/article-149835"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/yaswant-verma.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके लिए उन्होनें राष्ट्रपति को पत्र लिखा है। दरअसल, वर्मा जब सुप्रीमकोर्ट में जस्टिस थे तब उनके सरकारी आवास के स्टोर में जलते हुए नोट मिले थे, जिसके बाद वर्मा को इलाहाबाद हाईकोर्ट भेजा गया था। मीडिया के अनुसार, इस मामले में उनके खिलाफ आंतरिक जांच अभी तक चल रही थी और साथ ही महाभियोग की भी चर्चा चल रही थी। फिलहाल, उनको न्यायिक कार्य से अलग किया गया है और इस मामले में उनके खिलाफ जांच अभी भी जारी है।</p>
<p>इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश यशवंत वर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने नौ अप्रैल को अपना इस्तीफा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को भेजा और इसकी एक प्रति उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को भी प्रेषित की है। न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने इस पत्र में लिखा, "मैं आपके गरिमामयी कार्यालय पर उन कारणों का बोझ नहीं डालना चाहता, जिन्होंने मुझे यह कदम उठाने पर विवश किया और मुझे यह पत्र प्रस्तुत करना पड़ रहा है। फिर भी अत्यंत पीड़ा के साथ मैं इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश पद से तत्काल प्रभाव से अपना त्यागपत्र दे रहा हूं। इस पद पर सेवा करना मेरे लिए सम्मान की बात रही है।"</p>
<p>गौरतलब है कि वह पहले दिल्ली उच्च न्यायालय में कार्यरत थे और दिल्ली वाले घर में मार्च 2025 में भारी मात्रा में जले नोट मिलने के मामले में जांच के घेरे में आ गये थे। न्यायमूर्ति वर्मा को दिल्ली हाईकोर्ट से पिछले वर्ष इलाहाबाद भेजा गया था और उन्होंने वहां पांच अप्रैल को पद और गोपनीयता की शपथ ली थी। उनके खिलाफ आंतरिक जांच चल रही थी और इसी जांच के चलते उन्हें न्यायिक कार्य से अलग रखा गया था। उनके खिलाफ महाभियोग की भी तैयारी की जा रही थी।</p>
<p>उच्चतम न्यायालय ने उनके आवास पर जले हुए नोट मिलने के बाद इस मामले की आंतरिक जांच के लिए तीन जजों की एक कमेटी बनाई थी। इसके बाद चार मई को तीन वरिष्ठ जजों के इस पैनल ने अपनी रिपोर्ट उस समय के चीफ जस्टिस संजीव खन्ना को सौंप दी थी। अगस्त में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उनके खिलाफ आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय पैनल गठित किया था। इस समिति के सदस्यों में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश अरविंद कुमार, बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर और कर्नाटक उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता वासुदेव आचार्य शामिल हैं। श्री बिरला ने यह जांच समिति तब बनाई थी, जब लोकसभा के 146 सदस्यों ने न्यायमूर्ति वर्मा को हटाने के लिए महाभियोग का प्रस्ताव पेश किया।</p>
<p>जांच समिति के सामने नौ अहम गवाह पेश किए जा चुके थे। न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने नौ अप्रैल को राष्ट्रपति को इस्तीफा भेजा और 10 अप्रैल को यह सार्वजनिक हुआ। उन्हें 10 से 14 अप्रैल के बीच अपना पक्ष रखना था। विधिक मामलों के जानकार सूत्रों का कहना है कि यशवंत वर्मा के इस्तीफा देने के बाद उनके खिलाफ चल रही महाभियोग की प्रक्रिया अब खत्म हो जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/justice-yashwant-verma-resigned-after-the-cash-dispute-sent-a/article-149835</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/justice-yashwant-verma-resigned-after-the-cash-dispute-sent-a/article-149835</guid>
                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 12:57:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/yaswant-verma.png"                         length="498624"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>BSNL डायरेक्टर का ‘रॉयल’ प्रयागराज दौरा पड़ा भारी, मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जारी किया नोटिस, जानें पूरा मामला</title>
                                    <description><![CDATA[प्रयागराज दौरे के लिए BSNL अधिकारी ने बनाया 'लॉजिस्टिक्स प्लान'। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रद्द किया दौरा। सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग पर सख्त नाराजगी। संबंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/bsnl-directors-royal-visit-to-prayagraj-was-heavy-minister-jyotiraditya/article-144598"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/bsnl.png" alt=""></a><br /><p>उत्तर प्रदेश। प्रयागराज दौरे को लेकर भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) के एक वरिष्ठ अधिकारी पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। कंपनी के डायरेक्टर विवेक बंज़ल के प्रस्तावित प्रयागराज दौरे के लिए तैयार किए गए विस्तृत प्रोटोकॉल ने ऐसा विवाद खड़ा किया कि केंद्र सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ा। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस पूरे प्लान को “गलत”, “चौंकाने वाला” और “मंज़ूर नहीं” करार देते हुए साफ कहा कि तय नियमों और परंपराओं का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।</p>
<p>विवाद की शुरुआत एक इंटरनल ऑफिस ऑर्डर से हुई, जिसमें प्रस्तावित प्रयागराज दौरे के लिए 50 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियाँ सौंपी गई थीं। दस्तावेज़ में रेलवे स्टेशन रिसेप्शन से लेकर त्रिवेणी संगम पर स्नान, मंदिर दर्शन, भोजन, आवागमन और व्यक्तिगत लॉजिस्टिक्स तक का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम दर्ज था। यहां तक कि ‘स्नान किट’—जिसमें तौलिए, अंडरगारमेंट्स और पर्सनल केयर आइटम शामिल थे—की व्यवस्था के निर्देश भी दिए गए थे।</p>
<p>यह आदेश सोशल मीडिया पर वायरल होते ही “रॉयल प्रोटोकॉल” के नाम से आलोचना का विषय बन गया। यूज़र्स ने सवाल उठाया कि वित्तीय दबाव से जूझ रही सरकारी कंपनी के संसाधनों का उपयोग इस तरह क्यों किया जा रहा है। बढ़ते विरोध के बीच मंत्री ने संबंधित अधिकारी को सात दिन में जवाब देने का कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया।</p>
<p>सरकारी सूत्रों का कहना है कि इस प्रकरण को हल्के में नहीं लिया जाएगा, क्योंकि इससे संस्थागत साख पर असर पड़ता है। विवाद गहराने के एक दिन के भीतर ही प्रयागराज दौरा रद्द कर दिया गया। BSNL के प्रवक्ता ने कार्यक्रम रद्द होने की पुष्टि की, हालांकि विवाद पर टिप्पणी करने से परहेज़ किया।</p>
<p>अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जांच के बाद क्या कार्रवाई होती है—क्योंकि यह मामला केवल एक दौरे का नहीं, बल्कि जवाबदेही और पारदर्शिता का भी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/bsnl-directors-royal-visit-to-prayagraj-was-heavy-minister-jyotiraditya/article-144598</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/bsnl-directors-royal-visit-to-prayagraj-was-heavy-minister-jyotiraditya/article-144598</guid>
                <pubDate>Wed, 25 Feb 2026 18:44:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/bsnl.png"                         length="379672"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        