<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/tender-scam/tag-73014" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Tender Scam - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/73014/rss</link>
                <description>Tender Scam RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जयपुर डिस्कॉम टेंडर घोटाला: पूर्व एमडी व इंजीनियर पर केस, जांच में करोड़ों की गड़बड़ी उजागर, पुलिस जांच शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर डिस्कॉम में ₹237 करोड़ के टेंडर घोटाले में एसीबी ने पूर्व एमडी आर.एन. कुमावत और अतिरिक्त मुख्य अभियंता के खिलाफ FIR दर्ज की है। जांच में सामने आया कि चहेती फर्म को लाभ पहुँचाने के लिए नियमों में बदलाव कर परियोजना लागत बढ़ाई गई। एसीबी अब इस भ्रष्टाचार की गहराई से जांच कर रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-discom-tender-scam-case-investigation-on-former-md-and/article-147121"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/acb.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर डिस्कॉम में टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताओं के मामले में एसीबी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व एमडी आर.एन. कुमावत और अतिरिक्त मुख्य अभियंता अनिल गुप्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। जांच में सामने आया है कि मिलीभगत कर परियोजना लागत को सैकड़ों करोड़ रुपये तक बढ़ाया गया और नियमों में बदलाव किए गए।</p>
<p>वर्ष 2022 की बजट घोषणा के तहत 20 और 22 जीएसएस बनाने के लिए जयपुर डिस्कॉम ने टेंडर जारी किए थे। हैरानी की बात यह रही कि दोनों टेंडरों में केवल एक ही फर्म—आरसी इंटरप्राइजेज—ने भाग लिया। 21 सितंबर 2023 को वित्तीय बिड खोली गई, जिसके बाद कॉर्पोरेट लेवल पर्चेज कमेटी (सीएलपीसी) की बैठक हुई। इस कमेटी में तत्कालीन एमडी आर.एन. कुमावत सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। कमेटी के निर्देशों के आधार पर बिड मूल्यांकन कमेटी का गठन किया गया।</p>
<p>4 अक्टूबर 2023 को बिड मूल्यांकन कमेटी की रिपोर्ट सीएलपीसी के सामने रखी गई। आरोप है कि इस दौरान फर्म के साथ मिलीभगत कर वित्तीय शर्तों में बदलाव किया गया, जिससे परियोजना लागत में करीब 237 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई। विभागीय जांच में भी गड़बड़ियों की पुष्टि हुई, जबकि एजी ऑडिट में 226 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च दर्शाया गया है। एसीबी को मिली शिकायत के बाद जांच शुरू की गई और विभाग से अनुमति मिलने पर बुधवार को दोनों अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया।</p>
<p>जांच में यह भी सामने आया कि वर्ष 2023 में एबी इंटरप्राइजेज के साथ मिलीभगत कर 3.37 करोड़ रुपये की जब्त धरोहर राशि भी वापस कर दी गई। एसीबी का कहना है कि अधिकारियों ने आपसी साठगांठ कर अपने पदों का दुरुपयोग किया और सरकारी धन को नुकसान पहुंचाया। मामले में अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी जांच जारी है।</p>
<p><strong>बॉक्स: घोटाले की मुख्य बातें</strong></p>
<ul>
<li>2022 में 20 और 22 जीएसएस के लिए टेंडर जारी</li>
<li>दोनों टेंडरों में एक ही फर्म ने लिया भाग</li>
<li>21 सितंबर 2023 को खोली गई फाइनेंशियल बिड</li>
<li>4 अक्टूबर 2023 को कमेटी बैठक में शर्तों में बदलाव</li>
<li>परियोजना लागत में 237 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी</li>
<li>एजी ऑडिट में 226 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च की पुष्टि</li>
<li>3.37 करोड़ रुपये की धरोहर राशि भी लौटाई गई</li>
<li>एसीबी ने पूर्व एमडी और अतिरिक्त मुख्य अभियंता पर केस दर्ज किया</li>
</ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-discom-tender-scam-case-investigation-on-former-md-and/article-147121</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-discom-tender-scam-case-investigation-on-former-md-and/article-147121</guid>
                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 09:11:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-07/acb.png"                         length="392556"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वाप्कोस निविदा घोटाला: 11 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में सीबीआई ने की छापेमारी, कई अहम दस्तोवज जब्त</title>
                                    <description><![CDATA[सीबीआई ने की सार्वजनिक उपक्रम वाप्कोस लिमिटेड में 11 करोड़ रुपये की निविदा अनियमितताओं को लेकर उत्तर प्रदेश और ओडिशा में छापेमारी। प्रोजेक्ट मैनेजर पंकज दुबे सहित सात लोगों पर आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार का आरोप। इमली प्रसंस्करण इकाई के ठेके में हुई मिलीभगत की जांच। सीबीआई ने जब्त किए दस्तावेज।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/cbi-raids-in-wapcos-tender-scam-fraud-of-rs-11/article-144601"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/cbi.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की लखनऊ की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने केंद्र सरकार के सार्वजनिक उपक्रम वाप्कोस लिमिटेड के अधिकारियों से जुड़ी निविदा अनियमितता के संबंध में उत्तर प्रदेश और ओडिशा में छापेमारी की है। अधिकारियों के अनुसार, सीबीआई ने 20 फरवरी को सात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। इनमें वाप्कोस के प्रोजेक्ट मैनेजर पंकज दुबे और भुवनेश्वर में तैनात दो अन्य अधिकारी भाबद्युति भूटिया और अभिषेक ठाकुर शामिल हैं।</p>
<p>यह मामला ओडिशा के रायगढ़ा जिले में इमली प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने के लिए उत्तर प्रदेश के ठेकेदार बबलू सिंह यादव को मिलीभगत से 11 करोड़ रुपये से अधिक का अनुबंध दिये जाने से संबंधित है। जांचकर्ताओं को संदेह है कि पंकज दुबे भ्रष्ट गतिविधियों में लिप्त था। उसने अपने भाई पवन दुबे, बिचौलिया गोपाल मिश्रा, वाप्कोस के साथी अधिकारियों भूटिया और ठाकुर तथा ठेकेदारों बबलू सिंह यादव एवं रामेश्वर चतुर्वेदी के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची थी। माना जा रहा है कि आरोपियों ने परियोजना के क्रियान्वयन में अनुचित लाभ प्राप्त करने के लिए मिलीभगत की थी। तलाशी में जब्त किये गये दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों का सीबीआई परीक्षण कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/cbi-raids-in-wapcos-tender-scam-fraud-of-rs-11/article-144601</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/cbi-raids-in-wapcos-tender-scam-fraud-of-rs-11/article-144601</guid>
                <pubDate>Wed, 25 Feb 2026 18:21:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/cbi.jpg"                         length="38214"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        