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                <title>Balen Shah - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Balen Shah RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नेपाल सरकार के फैसलों और नीतिगत बदलावों से बिहार के सीमावर्ती इलाकों में आम नागरिकों की बढीं परेशानियाँ, कस्टम ड्यूटी और भारतीय वाहनों की आवाजाही पर लगाया मोटा टैक्स</title>
                                    <description><![CDATA[नेपाल की नई सरकार द्वारा भारतीय वाहनों और सामान पर भारी कस्टम ड्यूटी लगाने से सीमावर्ती इलाकों में आक्रोश है। कड़े नियमों के कारण व्यापार ठप है और बीरगंज जैसे क्षेत्रों में विरोध तेज हो गया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह नीति सदियों पुराने सामाजिक और आर्थिक संबंधों को कमजोर कर रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/due-to-the-decisions-and-policy-changes-of-nepal-government/article-151185"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/balen-shah1.png" alt=""></a><br /><p>मोतिहारी। नेपाल में बालेन शाह के नेतृत्व में हाल ही में बनी नई सरकार के फैसलों और हालिया नीतिगत बदलावों से बिहार के सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले आम नागरिकों की परेशानियाँ बढ़ती दिखाई दे रही हैं। नेपाल सरकार ने भारत से लाए जाने वाले 100 नेपाली रुपये से अधिक मूल्य के सामान पर कस्टम ड्यूटी और भारतीय वाहनों की आवाजाही पर निर्धारित टैक्स को सख्ती से लागू करना शुरू किया है।</p>
<p>नेपाल सरकार ने सीमा पार आने वाले भारतीय वाहनों यथा दोपहिया वाहनों पर 100 रुपये प्रतिदिन, तीन पहिया वाहनों पर 400 रुपये प्रतिदिन और चार पहिया वाहनों (कार, जीप, वैन) पर 600 रुपये प्रतिदिन भंसार शुल्क निर्धारित किया है। यह शुल्क भंसार कार्यालय में जमा करने के बाद ही वाहन को नेपाल में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। साथ ही, नियमों के अनुसार शुल्क चुकाने के बावजूद कोई भी भारतीय वाहन एक आर्थिक वर्ष में अधिकतम 30 दिनों तक ही नेपाल में संचालित किया जा सकेगा, इससे अधिक अवधि के लिए अनुमति नहीं दी जाएगी। इतना ही नहीं वाहनों खासकर दुपहिया वाहनों के मुक्त प्रवेश पर रोक से दोनों तरफ से होने वाले स्थानीय व्यापार पर भी काफी फर्क नजर आ रहा है।</p>
<p>बिहार-नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में आपसी व्यापार इतना प्रगाढ़ है कि दोनों तरफ के व्यापारी एक दूसरा की मुद्रा को सहज स्वीकार करते है और लोक बेरोकटोक एक दूसरे के इलाके में जा कर खरीदारी करते हैं। इस कड़ाई के बाद लोगों का एक दूसरे के इलाकों में प्रवेश कम हो गया है, जिससे बिहार-नेपाल सीमा के पास कारोबार कर रहे व्यावसायियों के की हालत खस्ता है। भारतीय वाहनों के लिए ऐसे नियम पहले से मौजूद थे, लेकिन इस कानून को पिछली सरकारें सदियों पुराने सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्तों को देखते हुए प्रभावी रूप से लागू नहीं कर पायी थीं, लेकिन अब सख्ती बढ़ने से सीमावर्ती इलाकों में विरोध तेज हो गया है। विशेष रूप से बीरगंज और मधेश क्षेत्र में लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। उनका कहना है कि रोजमर्रा के सामान जैसे खाद्य सामग्री, कपड़े और दैनिक उपयोग की वस्तुएं भारत से लाना उनकी जरूरत और परंपरा दोनों रही है, जिसे अब यह नीति बाधित कर रही है।</p>
<p>भारत-नेपाल सीमा पर सख्ती के बाद प्रदर्शनकारियों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि भारत-नेपाल के बीच “रोटी-बेटी” का रिश्ता केवल एक कहावत नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत है। नेपाल-भारत खुली सीमा संवाद समूह ने भी इस नीति की आलोचना करते हुए कहा है कि यह सीमावर्ती समुदायों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालता है और पारंपरिक रिश्तों को कमजोर करता है। जबकि दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक रूप से खुली सीमा, आपसी सामंजस्य भावनात्मक सम्बन्धों को परिभाषित करती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 14:59:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>भारत-नेपाल मैत्री: पीएम मोदी ने दी बालेन शाह को बधाई, कहा-मिलकर करेंगे दोनों देशों की प्रगति के लिए काम</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नेपाल के सबसे युवा और 47वें प्रधानमंत्री बालेन शाह को शपथ लेने पर हार्दिक बधाई दी है। पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि उनका नेतृत्व भारत-नेपाल संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। दोनों नेता जन-कल्याण और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए मिलकर कार्य करने को उत्सुक हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/modi-congratulated-balendra-shah-on-becoming-pm-of-nepal-and/article-148117"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/balen-shah-and-modi.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नेपाल में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के नेता बालेंद्र शाह को देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने पर बधाई दी। पीएम मोदी ने बालेंद्र शाह के शपथ लेने के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि वह नेपाल के नए प्रधानमंत्री के साथ मिलकर दोनों देशों के लोगों के कल्याण के लिए काम करेंगे।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी पोस्ट में कहा, " नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने पर बालेंद्र शाह को हार्दिक बधाई।" उन्होंने कहा, "आपकी नियुक्ति नेपाल की जनता द्वारा आपके नेतृत्व पर व्यक्त किए गए विश्वास को दर्शाती है। मैं भारत-नेपाल मित्रता और सहयोग को हमारे दोनों देशों के लोगों के पारस्परिक लाभ के लिए और भी नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए आपके साथ मिलकर कार्य करने की अपेक्षा करता हूँ।" बालेंद्र शाह ने नेपाल के 47वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली है। वह देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 15:09:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रैपर, मेयर, प्रधानमंत्री : बालेंद्र शाह बने नेपाल के नए पीएम, पढें कैसा रहा नेपाल की राजनीति के शीर्ष तक का पूरा सफर ?</title>
                                    <description><![CDATA[इंजीनियर और रैपर से राजनेता बने बालेन्द्र शाह ने नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली है। बेंगलुरु से शिक्षित बालेन ने भ्रष्टाचार विरोधी लहर और 'जेनरेशन-ज़ेड' के समर्थन से पारंपरिक राजनीति को चुनौती दी। आरएसपी (RSP) के नेतृत्व में मिली भारी जीत के साथ, वह अब नेपाल के निर्णायक नेतृत्व का नया चेहरा हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rapper-mayer-prime-minister-balendra-shah-becomes-the-new-pm/article-148099"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(1)75.png" alt=""></a><br /><p>काठमांडू। नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने राष्ट्रपति भवन शीतल निवास में श्री बालेन्द्र शाह को प्रधानमंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। बालेंद्र शाह ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में 12 बज कर 34 मिनट पर पद और गोपनीयता की शपथ ली। इस बार शपथ ग्रहण समारोह काफी अलग और विशेष दिखाई दिया। शपथ ग्रहण के दौरान सात शंख फूंके गए। इसी तरह, 108 लोगों (बटुकों) ने स्वस्ति शांति का पाठ किया, और 16 बौद्ध भिक्षुओं ने अष्टमंगल का पाठ किया। 35 वर्षीय बालेन्द्र "बालेन" शाह के 47वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद नेपाल में एक नया राजनीतिक युग शुरू हो गया है। बालेंद्र शाह देश के अब तक के सबसे युवा प्रधानमंत्री बन गये हैं।</p>
<p>रैपर और स्ट्रक्चरल इंजीनियर से काठमांडू के मेयर तक की उनकी यात्रा नेपाली राजनीति में बदलाव की व्यापक इच्छा को रेखांकित करती है।<br />शपथ ग्रहण समारोह राष्ट्रपति कार्यालय में आयोजित किया गया, जिसमें राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल, उपराष्ट्रपति राम सहाय प्रसाद यादव, मुख्य न्यायाधीश प्रकाश मान सिंह राउत और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी सहित शीर्ष गण्यमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने नेपाल के संविधान के अनुच्छेद 76(1) के तहत उन्हें प्रधानमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।</p>
<p>इससे पहले गुरुवार को शाह ने प्रतिनिधि सभा के सदस्य के रूप में भी गोपनीयता की शपथ ली थी। वर्ष 2022 में स्ट्रक्चरल इंजीनियर से अंडरग्राउंड रैपर बने बालेंद्र शाह ने काठमांडू के मेयर पद की दौड़ में स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में "चलने वाली छड़ी" के प्रतीक पर चुनाव लड़कर सुर्खियां बटोरी थीं। उन्होंने 61,767 वोट प्राप्त कर नेपाली कांग्रेस की सुश्री सिरजना सिंह और पूर्व मेयर केशव स्थापित (सीपीएन-यूएमएल) सहित कई अनुभवी राजनेताओं को हराया था।</p>
<p>काठमांडू के मेयर से मात्र चार वर्षों में राष्ट्रीय नेता बनने तक की शाह की उड़ान नेपाली राजनीति में नाटकीय बदलाव को दर्शाती है। अपने काले आयताकार चश्मे और भ्रष्टाचार व सामाजिक अन्याय के खिलाफ अपनी रैप गीतों के लिए प्रसिद्ध शाह ने बदलाव चाहने वाले मतदाताओं की भावना को छू लिया है। इस महीने की शुरुआत में हुए चुनावों के बाद गुरुवार को नेपाल की नई संसद का पहला सत्र बुलाया गया, जिसमें नवनिर्वाचित सदस्यों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। सितंबर 2025 में जेन-जेड विरोध प्रदर्शनों के बाद पिछली संसद भंग कर दी गई थी। पांच मार्च को हुए प्रतिनिधि सभा चुनाव में श्री शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और 182 सीटें हासिल कीं, जबकि नेपाली कांग्रेस को 38 और सीपीएन-यूएमएल को 25 सीटें मिलीं। समानुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत आरएसपी को 57 सीटें मिलीं, जबकि शेष 53 सीटें अन्य दलों ने भरीं।</p>
<p>फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट प्रणाली के तहत आरएसपी ने 125 सीटें जीतीं, जिससे शाह की निर्णायक जीत सुनिश्चित हुई। कार्यभार संभालने से पहले श्री शाह ने नेपाल के भविष्य पर अपनी दृष्टि को प्रतिबिंबित करने वाला एक गाना जारी किया। यह ट्रैक कुछ घंटों में दो मिलियन से अधिक बार देखा गया। यह गाना एकता और आशावाद की अपील करता है, जो बदलाव के लिए उत्सुक जनता के साथ गूंजता है। बालेंद्र शाह का जन्म 1990 में काठमांडू के नरदेवी में हुआ था और वे अपने माता-पिता के सबसे छोटे पुत्र हैं। उनके पिता आयुर्वेदिक चिकित्सक हैं और मां घर पर परिवार की देखभाल करती रहीं। श्री शाह विवाहित हैं और अपनी पत्नी तथा एक बेटी के साथ रहते हैं।</p>
<p>रैपर से राजनेता बने बालेन्द्र शाह ने चार साल में नेपाल की राजनीति के शीर्ष तक का सफर पूरा कर लिया है। राजनीति में शून्य से अपनी शुरूआत करने वाले श्री शाह शुक्रवार को शपथ लेने के बाद नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री बन गये। काठमांडू में 27 अप्रैल 1990 को जन्मे श्री शाह इससे पहले 2022 से 2026 तक काठमांडू के मेयर रह चुके हैं और युवाओं के बीच उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।</p>
<p>बालेन्द्र शाह का जन्म एक नेवार बौद्ध परिवार में हुआ। उनके पिता आयुर्वेद के चिकित्सक थे। उन्होंने काठमांडू के हिमालयन व्हाइटहाउस इंटरनेशनल कॉलेज से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक हासिल किया। इसके बाद भारत आकर 2018 में कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु स्थित निट्टे मीनाक्षी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में परास्नातक की डिग्री प्राप्त की। राजनीति में आने से पहले शाह नेपाल के अंडरग्राउंड हिप-हॉप (नेफहॉप) संगीत जगत में सक्रिय थे। उनका गीत 'सड़क बालक' 2012 में रिलीज हुआ और 2013 में 'रॉ बार्ज़' रैप-बैटल मंच के माध्यम से उन्हें व्यापक पहचान मिली। उनके गीतों में भ्रष्टाचार, असमानता और युवाओं की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया।</p>
<p>लोकप्रिय होने के बाद श्री शाह ने राजनीति का रुख किया और दिसंबर 2021 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में काठमांडू के मेयर पद के लिए चुनाव लड़ने की घोषणा की। श्री शाह के गीतों के मुद्दे उनकी राजनीति में भी हूबहू आ गये। उन्होंने अपने चुनाव अभियान में पारंपरिक प्रचार के तरीकों के बजाय सोशल मीडिया का व्यापक उपयोग करते हुए भ्रष्टाचार विरोध, पारदर्शिता, शहरी सुधार, कचरा प्रबंधन और यातायात व्यवस्था जैसे मुद्दों पर जोर दिया।</p>
<p>इस नये रास्ते के जरिये वह युवाओं से बेहतर तरीके से जुड़ सके और 2022 में काठमांडू के पहले निर्दलीय मेयर निर्वाचित हुए। मेयर के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान कुछ निर्णयों को लेकर आलोचनाएं भी सामने आईं। मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच ने अतिक्रमण हटाने और सड़क विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई को लेकर चिंता जताई। इसके अलावा 2023 में एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर भी विवाद हुआ।</p>
<p>छिटपुट आलोचनाओं के बावजूद श्री शाह एक लोकप्रिय नेता बने रहे। सितंबर 2025 में नेपाल में जेनरेशन-ज़ेड नेतृत्व वाले व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बाद तत्कालीन सरकार का पतन हो गया और अंतरिम सरकार का गठन किया गया। इस राजनीतिक बदलाव के बीच श्री शाह एक प्रमुख राष्ट्रीय नेता के रूप में उभरे। बालेंद्र शाह युवाओं के इस विरोध का चेहरा माने गये। उन्होंने इन प्रदर्शनों का समर्थन करते हुए युवाओं से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील भी की।</p>
<p>बालेंद्र शाह दिसंबर 2025 में राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (आरएसपी) में शामिल हुए और जनवरी 2026 में मेयर पद से इस्तीफा देकर संसदीय चुनाव मैदान में उतरे। मार्च 2026 के आम चुनाव में उनकी पार्टी को बहुमत प्राप्त हुआ, जिसके बाद उन्हें प्रधानमंत्री पद के लिए नामित किया गया। उनकी आक्रामक सार्वजनिक शैली और पारंपरिक राजनीतिक दलों के प्रति तीखे रुख को लेकर आलोचना भी हुई है, हालांकि विश्लेषकों के अनुसार बड़ी युवा आबादी के बीच उन्हें एक वैकल्पिक और निर्णायक नेतृत्व के रूप में देखा जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 14:21:48 +0530</pubDate>
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                <title>नेपाल में नए युग की शुरुआत : जानें कौन है बालेंद्र शाह, जिन्हें किया गया नेपाल के 47वें प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त?  </title>
                                    <description><![CDATA[नेपाल के राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने बालेंद्र (बालेन) शाह को देश का 47वां प्रधानमंत्री नियुक्त किया है। काठमांडू के पूर्व मेयर और पेशे से इंजीनियर बालेन ने राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के नेतृत्व में ऐतिहासिक जीत दर्ज की। बहुमत मिलने के बाद अब नेपाल में एक युवा और तकनीकी नेतृत्व के साथ नए राजनीतिक युग का आगाज़ हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/beginning-of-a-new-era-in-nepal-know-who-is/article-148073"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/balen-shah.png" alt=""></a><br /><p>काठमांडू। नेपाल में राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के संसदीय दल के नेता बालेंद्र शाह को नेपाल का 47वां प्रधानमंत्री नियुक्त किया है। राष्ट्रपति कार्यालय से शुक्रवार को उनकी नियुक्ति की औपचारिक घोषणा के साथ ही नए मंत्रिमंडल के गठन की प्रक्रिया भी तेज हो गई है।</p>
<p>बालेन शाह को प्रतिनिधि सभा में बहुमत प्राप्त दल के नेता के रूप में संविधान की धारा 76 (1) के तहत यह पद सौंपा गया है। वह काठमांडू महानगर पालिका के मेयर पद से इस्तीफा देकर राजनीति के राष्ट्रीय पटल पर उतरे और लोगों ने उन पर भरोसा जताया। हाल ही में, संपन्न हुए चुनावों में जीत दर्ज करने के बाद बालेन शाह पहली बार संसद सदस्य के रूप में प्रवेश करते ही देश के कार्यकारी प्रमुख की जिम्मेदारी संभालेंगे। पेशे से इंजीनियर और लोकप्रिय सांस्कृतिक पहचान रखने वाले शाह के नेतृत्व में नेपाल में एक नए राजनीतिक युग की शुरुआत मानी जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 12:10:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>नेपाल में बालेन की ऐतिहासिक जीत: पूर्व पीएम ओली को दी करारी शिकस्त, पीएम मोदी ने नेपाल में सफल चुनाव के लिए दी बधाई</title>
                                    <description><![CDATA[नेपाल के संसदीय चुनावों में बालेन शाह ने बड़ा उलटफेर करते हुए झापा-5 सीट से केपी शर्मा ओली को 49,000 से अधिक मतों से हरा दिया। आरएसपी के प्रधानमंत्री उम्मीदवार शाह की इस लहर ने पुराने राजनीतिक समीकरणों को ध्वस्त कर दिया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/balens-historic-victory-in-nepal-gave-a-crushing-defeat-to/article-145675"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/nepal1.png" alt=""></a><br /><p>काठमांडू। नेपाल के प्रतिनिधि सभा चुनावों में एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर करते हुए राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के उम्मीदवार और काठमांडू के पूर्व महापौर बालेंद्र शाह (बालेन) ने शनिवार को झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र से ऐतिहासिक जीत दर्ज की।  इस हाई-प्रोफाइल सीट पर शाह ने  नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएन-यूएमएल) के अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को 49,614 मतों के भारी अंतर से पराजित किया। निर्वाचन आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, शाह को कुल 68,348 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी केपी शर्मा ओली मात्र 18,734 वोटों पर सिमट गए।  </p>
<p>झापा-5 सीट रही चर्चा का केंद्र : गौरतलब है कि झापा-5 सीट पूरे देश में चर्चा का केंद्र बनी हुई थी क्योंकि आरएसपी ने शाह को पहले ही अपना प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया था। वर्ष 2079 के पिछले चुनावों में इसी सीट से ओली ने 28,576 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी, लेकिन इस बार बालेन शाह की लहर ने पुराने समीकरणों को ध्वस्त कर दिया।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नेपाल में शांतिपूर्ण और सफल चुनावों के लिए वहां की जनता और सरकार को बधाई देते हुए नई सरकार के साथ सहयोग की दृढ़ प्रतिबद्धता जतायी है। मोदी ने शनिवार को एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि यह ऐतिहासिक उपलब्धि नेपाल की लोकतांत्रिक यात्रा में गौरव का क्षण है। मैं नेपाल की जनता और सरकार को चुनावों के सफल और शांतिपूर्ण संचालन के लिए हार्दिक बधाई देता हूं। यह देखकर हर्ष होता है कि मेरे नेपाली भाई-बहन अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इतनी उत्साहपूर्ण तरीके से प्रयोग कर रहे हैं। यह ऐतिहासिक उपलब्धि नेपाल की लोकतांत्रिक यात्रा में गर्व का क्षण है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Mar 2026 11:23:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>जेन-Z के विद्रोह से बैलेट तक, नेपाल में आज आम चुनाव: युवा लहर जीतेगी या दिग्गज नेता, नेपाल चुनाव से पहले पूर्व पीएम केपी ओली का बड़ा बयान </title>
                                    <description><![CDATA[नेपाल में आज 5 मार्च को ऐतिहासिक मतदान हो रहा है, जहां 1.9 करोड़ मतदाता नई सरकार चुनेंगे। इस बार 40% युवा उम्मीदवार पुरानी राजनीतिक व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं। पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली और युवा नेता बालेन शाह के बीच झापा-5 में दिलचस्प टक्कर है। मिश्रित चुनावी प्रणाली के कारण परिणाम आने में एक माह का समय लग सकता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/from-the-rebellion-of-gen-z-to-the-ballot-whether-the/article-145307"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/nepal.png" alt=""></a><br /><p>नेपाल। नेपाल के इतिहास में पहली बार डिजिटल पीढ़ी सीधे तौर पर सत्ता की चाबी अपने हाथ में लेने को तैयार है। 5 मार्च को होने वाले मतदान में देश के 1.9 करोड़ मतदाता अपने भविष्य का फैसला करेंगे, इनमें करीब 10 लाख नए युवा वोटर शामिल हैं। भ्रष्टाचार, कुप्रशासन और संरक्षण-प्रधान अर्थव्यवस्था के खिलाफ पिछले साल सितंबर में युवाओं के दो दिवसीय प्रदर्शनों ने 77 लोगों की जान ले ली, जिसमें पहले ही दिन पुलिस फायरिंग में 19 युवाओं की मौत हो गई। यह चुनाव निर्धारित समय से दो साल पहले हो रहा है और इसे नेपाल की पुरानी राजनीतिक व्यवस्था को तोड़ने का सुनहरा मौका माना जा रहा है। नेपाल की 3 करोड़ आबादी के बीच बदलाव की हवा भरने को तैयार हैं। युवा आंदोलन की मांगें अब पूरे समाज में गूंज रही हैं। </p>
<p><strong>यह चुनाव अलग क्यों है?</strong></p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, यह चुनाव पिछले सितंबर में जेन-जेड आंदोलन का सीधा नतीजा है, जब युवाओं ने 8 सितंबर को सड़कों पर उतरकर पुरानी राजनीतिक व्यवस्था के खिलाफ बगावत की। आज वही युवा प्रदर्शनकारी सड़कों को छोड़कर चुनावी मैदान में हैं। 77 मौतों के बाद सरकार ने समय से पहले चुनाव का ऐलान किया, ताकि युवाओं की मांगों को लागू करने का रास्ता बने। इस बार 40% से अधिक उम्मीदवार 35 वर्ष से कम आयु के हैं, जो नेपाल की राजनीति में एक बड़ा बदलाव है। दिलचस्प मुकाबला झापा-5 सीट पर देखने को मिल रहा है, जहां 74 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली के सामने 35 वर्षीय रैपर और काठमांडू के पूर्व मेयर बालेंद्र शाह (बालेन) खड़े हैं। बालेन शाह आज नेपाल के युवाओं के लिए बदलाव का प्रतीक बन चुके हैं।</p>
<p><strong>नेपाल में कैसे डाले जाते हैं चुनाव</strong></p>
<p>मतदाता दो बैलट पेपर डालेंगे: एक फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट सिस्टम के तहत व्यक्तिगत उम्मीदवार के लिए, और दूसरा प्रोपोर्शनल रिप्रेजेंटेशन (ढफ) के तहत पार्टी के लिए। कुल 275 सदस्यों वाली प्रतिनिधि सभा में 165 सीटें से और 110 ढफ से भरी जाएंगी।</p>
<p><strong>क्या होगा परिणाम?</strong></p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार त्रिकोणीय मुकाबला हो सकता है। जहां नेपाली कांग्रेस और यूएमएल जैसे पुराने दल अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं, वहीं राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (फरढ) जैसी नई ताकतें तेजी से उभर रही हैं। 138 सीटें हासिल करने वाली पार्टी अकेले सरकार बना सकती है। यदि कोई भी दल 138 सीटों का जादुई आंकड़ा नहीं छू पाता तो नेपाल एक बार फिर गठबंधन सरकार के दौर में जा सकता है। इस बार 67 पार्टियां और 3,405 उम्मीदवार मैदान में हैं, जो गिनती को जटिल बनाएगा। इस बार जेन जेड की वजह से युवा टर्नआउट निर्णायक होगा। आरएसपी को वोटर फटीग से फायदा हो सकता है। लोग पुरानी पार्टियों को सबक सिखाने के लिए नई पार्टी चुन सकते हैं।</p>
<p><strong>मतगणना में एक महीना लग सकता है</strong></p>
<p>जटिल बैलट और सैकड़ों उम्मीदवारों के कारण वोट गिनती धीमी होगी। रिजल्ट्स क्षेत्रवार आना शुरू होंगे, लेकिन ढफ के लिए राष्ट्रव्यापी टैली जरूरी। पूर्ण परिणाम घोषित होने में एक महीना लग सकता है।</p>
<p><strong>मतदाता और चुनाव प्रक्रिया</strong></p>
<p>इस चुनाव में मतदान के पात्र लोगों की संख्या लगभग 19 मिलियन है। ये मतदाता संसद के 275 सदस्यों का चुनाव करेंगे। नेपाल में मिश्रित चुनावी प्रणाली लागू है। यह प्रणाली देश के 2015 के संविधान में शामिल की गई थी। इस प्रणाली में, संसद के कुल 275 सदस्यों में से 165 का चुनाव फर्स्ट पास्ट द पोस्ट (ऋढळढ) प्रणाली के माध्यम से होता है, जिसमें सबसे अधिक वोट पाने वाला उम्मीदवार जीतता है। शेष 110 सदस्यों के लिए, आनुपातिक प्रतिनिधित्व (ढफ) प्रणाली के माध्यम से विजेता का चुनाव होता है।  </p>
<p><strong>कितने उम्मीदवार</strong></p>
<p>इस चुनाव में 3,400 से अधिक उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, जिनमें से 1,000 से अधिक उम्मीदवार 40 वर्ष से कम आयु के हैं। मतदान स्थानीय समयानुसार सुबह 7:00 बजे शुरू होगा और 5 मार्च को शाम 5:00 बजे तक चलेगा, हालांकि दूरदराज के क्षेत्रों में मतदान केंद्र आवश्यकता पड़ने पर बाद तक खुले रह सकते हैं। मिश्रित प्रणाली के कारण किसी एक पार्टी के लिए स्पष्ट बहुमत हासिल करना मुश्किल हो जाता है, और गठबंधन सरकारें बनने की संभावना रहती है।</p>
<p><strong>भारत और चीन को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा नहीं करेंगे</strong></p>
<p>नेपाल में चुनाव से पहले पूर्व प्रधानमंत्री और सीपीएन (यूएमएल) चेयरपर्सन केपी शर्मा ओली ने भारत को लेकर बड़ा बयान दिया है। चार बार के प्रधानमंत्री रहे ओली ने कहा कि वह भारत और चीन दोनों से अच्छे रिश्ते चाहते हैं। पिछले साल हुए जेन-जेड आंदोलन को उन्होंने नेपाल को अस्थिर करने की कोशिश बताया, जिसमें विदेशी शक्तियां शामिल थीं। उन्होंने यह भी कहा कि जेन-जेड के विरोध प्रदर्शन को आपराधिक तत्वों ने हाईजैक कर लिया था।</p>
<p>एक इंटरव्यू में केपी शर्मा ओली ने कहा कि जेन-जेड आंदोलन एक विध्वंस था जिसने राष्ट्रीय सम्मति को नष्ट किया। ओली ने कहा कि इसमें छात्रों को ड्रेस में शामिल किया गया था, जो कि अवैध था। हमने नियम बनाया था कि स्कूली बच्चों को आंदोलन में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। इसके बावजूद वहां स्कूल यूनिफॉर्म में बच्चों को बुलाया गया था। ओली ने आगे कहा कि छात्र अपनी मांगें रखकर चले गए थे लेकिन उसके बाद प्रदर्शन को हाईजैक कर लिया गया। आंदोलन क्रिमिनल एलीमेंट के हाथ में चला गया।</p>
<p><strong>नेपाल चुनाव में विदेशी फंडिंग पर दिया जवाब</strong></p>
<p>जब उनसे पूछा गया कि क्या विदेशी ताकतें चुनाव में फंड कर रही हैं और बाहर से प्रेशर बनाया जा रहा है, तो उन्होंने कहा कि ऐसी अफवाहें हैं लेकिन मेरे पास ठोस प्रमाण नहीं है। ओली ने कहा कि जब तक ठोस प्रमाण नहीं होता, तब तक मैं कुछ नहीं कह सकता। लेकिन कहा जाता है कि बिना आग के धुआं नहीं होता। भारत और चीन के साथ रिश्तों पर ओली ने कहा कि हम दोनों के साथ अच्छे रिश्ते चाहते हैं। एक ताकत को दूसरी के खिलाफ नहीं खड़ा करेंगे। उन्होंने कहा कि हम आपके पड़ोसियों भारत और चीन के साथ ईमानदार रिश्ते चाहते हैं। हम अपने देश का इस्तेमाल किसी पड़ोसी के खिलाफ नहीं होने देंगे। पूर्व नेपाली प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें पीढ़ी दर पीढ़ी यही रहना है। पड़ोसी भी यहीं रहेंगे और हम भी यहीं रहेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Mar 2026 10:56:39 +0530</pubDate>
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                <title>नेपाल चुनाव: रैपर से नेता बने बालेन शाह पड़ रहे पुराने दिग्गजों पर भारी, पीएम की रेस में सबसे आगे, भारत से है खास नाता</title>
                                    <description><![CDATA[नेपाल में 5 मार्च को होने वाले आम चुनावों में पूर्व रैपर और इंजीनियर बालेन शाह प्रधानमंत्री पद के सबसे प्रबल दावेदार। काठमांडू के मेयर के रूप में दिया अपनी प्रशासनिक कुशलता का प्रमाण। सोशल मीडिया पर युवाओं से सीधा जुड़ाव। पारंपरिक राजनीति के सामने शक्तिशाली विकल्प। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/nepal-elections-rapper-turned-politician-balen-shah-is-overpowering-the-old-veterans/article-144639"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/nepal-election.png" alt=""></a><br /><p>काठमांडू। नेपाल में बीते साल हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों में केपी शर्मा ओली की सरकार गिरने के बाद चुनाव हो रहे हैं। नेपाल की अंतरिम सरकार 5 मार्च को आम चुनाव कराने जा रही है। नेपाल के इस चुनाव में जिन चेहरों ने ना सिर्फ देश बल्कि दुनिया का ध्यान खींचा है, उनमें एक अहम नाम बालेंद्र (बालेन) शाह का है। भारत में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले और रैपर से नेता बने बालेन शाह को अगले पीएम के तौर पर देखा जा रहा है। कई पोल ये मानते हैं कि वह इस समय पीएम पद के लिए सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं। एजेंसी के मुताबिक, बालेन शाह ने बीते तीन साल में नेपाल की राजनीति में बहुत तेजी से पहचान बनाई है। साल 2022 में राजधानी काठमांडू के मेयर बनकर राजनीति में धमाकेदार तरीके से कदम रखने वाले शाह को 5 मार्च को होने वाले आम चुनाव के बाद नेपाल के अगले प्रधानमंत्री बनने की रेस में सबसे आगे माना जा रहा है।</p>
<p><strong>बालेन शाह की लोकप्रियता</strong></p>
<p>नेपाल चुनाव पर बहुत भरोसेमंद ओपिनियन पोल नहीं आए हैं लेकिन चार पॉलिटिकल एनालिस्ट और लोकल मीडिया बालेन को पारंपरिक पॉलिटिकल एलीट को किनारे करते हुए प्रधानमंत्री पद के लिए सबसे आगे बता रहे हैं। काठमांडू यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर बिपिन अधिकारी का कहना है कि बालेन शाह इतने पॉपुलर हैं कि काठमांडू को उनका शहर बताने वाले पोस्टर बसों पर दिखना आम बात है। बिपिन का कहना है, अगर बालेन शाह सत्ता में आ जाते हैं तो यह उस आदमी के लिए बड़ी बढ़त होगी, जो रैप म्यूजिक से राजनीति में आया और अपनी पॉपुलैरिटी का इस्तेमाल करके सबसे ऊंचे पद तक पहुंचेगा। यह नेपाल की पॉलिटिक्स को नया रूप देगा, जहां कुछ पुरानी पार्टियों का दबदबा है। बालेन की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी देश के लोगों के लिए नया और सेंट्रिस्ट रुझान वाला दल है।</p>
<p><strong>सोशल मीडिया को बनाया हथियार</strong></p>
<p>बालेन शाह की लोकप्रियता का एक बड़ा कारण काठमांडू के मेयर के तौर पर उनके किए गए काम हैं। इसमें शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने, वेस्ट मैनेजमेंट और हेल्थकेयर जैसी सर्विस की डिलीवरी पक्का करना शामिल है। उन्होंने आम चुनाव लड़ने के लिए जनवरी में मेयर पद से इस्तीफा दे दिया था। बालेन शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करने या मुख्यधारा मीडिया में आने के बजाय सोशल मीडिया को लोगों से जुड़ने का तरीका अपनाया है। उनके सोशल मीडिया पर लाखों की तादाद में फॉलोअर्स हैं और वह सीधे युवा नेपालियों से जुड़ते हैं। बालेन सोशल मीडिया पर अपने छोटे-छोटे मैसेज के जरिए युवाओं से जुड़े रहते हैं।</p>
<p><strong>रैपर के तौर पर मिली शोहरत</strong></p>
<p>बालेन शाह के पिता पारंपरिक आयुर्वेदिक दवाखाने में काम करते थे और मां आम होममेकर थीं। नेपाल में सिविल इंजीनियरिंग में अंडरग्रेजुएट डिग्री लेने के बादशाह ने दक्षिण भारत में स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री की पढ़ाई की। हालांकि शाह को पहचान उनके रैप म्यूजिक से मिली और वह अपने देश में रैप स्टार के तौर पर उभरे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Thu, 26 Feb 2026 11:33:27 +0530</pubDate>
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