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                <title>Negotiation - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Negotiation RSS Feed</description>
                
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                <title>डोनाल्ड ट्रंप का यूटर्न : ''प्रोजेक्ट फ्रीडम'' पर लगाई रोक, बोले-होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ शांति समझौते में बड़ी प्रगति का दावा किया है। ट्रंप ने घोषणा की कि होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन के लिए शुरू किए गए 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' को फिलहाल रोक दिया गया है। यह निर्णय आपसी सहमति और पाकिस्तान सहित अन्य देशों के अनुरोध पर समझौते को अंतिम रूप देने के लिए लिया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/donald-trumps-ban-on-u-turn-project-freedom-said-a/article-152837"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/trump.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान के साथ शांति समझौते की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है। अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में उन्होंने यह भी घोषणा किया कि उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू की गई प्रोजेक्ट फ्रीडम को स्थगित करने का निर्णय लिया है ताकि यह आकलन किया जा सके कि शांति समझौते को अंतिम रूप दिया जा सकता है या नहीं।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "पाकिस्तान और अन्य देशों के अनुरोध, ईरान के खिलाफ अभियान के दौरान मिली जबरदस्त सैन्य सफलता और इसके अलावा, ईरान के प्रतिनिधियों के साथ पूर्ण एवं अंतिम समझौते की दिशा में हुई महत्वपूर्ण प्रगति के आधार पर, हमने पारस्परिक रूप से सहमति व्यक्त की है कि नाकाबंदी पूरी तरह से लागू रहेगी लेकिन प्रोजेक्ट फ्रीडम को थोड़े समय के लिए रोक दिया जाएगा ताकि यह देखा जा सके कि समझौता अंतिम रूप दिया जा सकता है या नहीं।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 May 2026 12:31:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ट्रंप की ईरान को चेतावनी : समय के साथ नाकेबंदी और भी बदतर होगी, बोले- युद्ध खत्म करने के लिए बेचैन</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर नकेल कसते हुए कहा कि अमेरिकी नाकेबंदी अब और सख्त होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी समझौता केवल अमेरिकी हितों के आधार पर होगा। ट्रंप ने ईरान की सैन्य शक्ति के पतन का दावा करते हुए कहा कि उनके पास दुनिया भर का समय है, लेकिन ईरान के पास नहीं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/trumps-warning-to-iran-that-the-blockade-will-get-worse/article-151534"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/iran2.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक बार फिर ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि घड़ी की सुई टिक-टिक कर रही है और यह नाकेबंदी तब तक और भी बदतर होती जाएगी, जब तक कि कोई ऐसा समझौता नहीं हो जाता जो अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए फायदेमंद हो। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा, "समय उनके पक्ष में नहीं है। यह नाकेबंदी पूरी तरह से अभेद्य और मज़बूत है और अब यहाँ से स्थिति और भी खराब होती जायेगी। कोई भी समझौता तभी किया जाएगा, जब वह अमेरिका, उसके सहयोगियों और बाकी दुनिया के लिए उचित और हितकारी होगा।"</p>
<p>अमेरिकी मीडिया पर एक बार फिर निशाना साधते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि न्यूयॉर्क टाइम्स और सीएनएन जैसे मीडिया संस्थानों को लगता है, "मैं ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए बेचैन हूँ।" उन्होंने कहा, "कृपया यह जान लें कि इस पद पर रहते हुए शायद मैं अब तक का सबसे कम दबाव महसूस करने वाला व्यक्ति हूँ। मेरे पास दुनिया भर का समय है, लेकिन ईरान के पास नहीं। घड़ी की सुई टिक-टिक कर रही है।" उन्होंने कहा कि ईरान की नौसेना समुद्र की रसातल में है, उनकी वायुसेना पूरी तरह से तबाह हो चुकी है, उनके विमान-रोधी और रडार हथियार नष्ट हो चुके हैं, और उनके नेता अब हमारे बीच नहीं रहे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 15:15:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>अमेरिका के साथ कोई भी बातचीत तभी सफल होगी जब ईरान के राष्ट्रीय हित सुरक्षित हों : इब्राहिम अजीजी</title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी सांसद इब्राहिम अजीजी ने अमेरिका के साथ बातचीत को सैन्य संघर्ष का विस्तार बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं होगा। अजीजी ने मांग की है कि अमेरिका संपत्ति बहाल करे और क्षेत्रीय सहयोगियों का सम्मान करे; अन्यथा 'अत्यधिक मांगों' के कारण वार्ता विफल हो सकती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/any-talks-with-america-will-be-successful-only-when-irans/article-151120"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/ibrahim.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान के वरिष्ठ सांसद इब्राहिम अजीजी ने सोमवार को अमेरिका के साथ चल रही कूटनीतिक बातचीत को सैन्य संघर्ष का ही एक विस्तार बताया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी बातचीत तभी होगी जब वह पूरी तरह से ईरान के राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा के पक्ष में हो। ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख श्री अजीजी ने अल जजीरा को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि बातचीत को लेकर ईरान का रुख रणनीतिक गणना पर आधारित है। उन्होंने स्पष्ट किया, "ईरान अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर काम करता है।" उन्होंने कहा कि ईरान अपनी सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने को तैयार है।</p>
<p>सांसद ने कहा कि इस्लामाबाद में होने वाली संभावित वार्ताओं सहित मौजूदा बातचीत को 'युद्ध के मैदान के विस्तार' के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा, "अगर बातचीत से ऐसे नतीजे निकलते हैं जो युद्ध के मैदान की उपलब्धियों को सुरक्षित रखते हैं, तो यह एक अवसर है। लेकिन अगर अमेरिकी इसे अपनी दादागिरी और अत्यधिक मांगों का मंच बनाना चाहते हैं, तो यह कतई स्वीकार्य नहीं है।" अजीजी ने पुष्टि की कि ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत जारी रखने का फैसला तो किया है, लेकिन यह 'किसी भी कीमत पर' नहीं होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान की 'लक्ष्मण रेखा' पर कोई समझौता नहीं होगा और उनका सम्मान किया जाना चाहिए।</p>
<p>सांसद ने कहा कि इस्लामाबाद में प्रतिनिधिमंडल भेजना इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिका, ईरान के रुख पर कोई 'सकारात्मक संकेत' देता है या नहीं। उन्होंने कहा कि ईरान सैद्धांतिक रूप से बातचीत का विरोधी नहीं है, लेकिन इसके नतीजे आपसी सम्मान और ठोस लाभ वाले होने चाहिए। अजीजी ने कुछ प्रमुख शर्तें भी सामने रखीं, जिनमें ईरान की फ्रीज की गई संपत्ति को जारी करना और लेबनान जैसे क्षेत्रीय मुद्दों पर ध्यान देना शामिल है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान के क्षेत्रीय सहयोगियों के हितों को नुकसान पहुँचाया गया या पिछले वादों को अनदेखा किया गया, तो इसे तेहरान की शर्तों को खारिज करना माना जाएगा और इसके गंभीर परिणाम होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 18:25:21 +0530</pubDate>
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                <title>परमाणु मुद्दे पर अमेरिका और ईरान के बीच तीसरे दौर की बातचीत समाप्त, मिसाइल क्षमताओं पर संभावित सीमाएं और छिपे हुए नेटवर्क पर रोक</title>
                                    <description><![CDATA[जिनेवा में अमेरिका और ईरान के बीच तीसरे दौर की परमाणु वार्ता बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हुई। अमेरिका ने यूरेनियम भंडार हटाने और केंद्र बंद करने का दबाव बनाया है, जबकि विफल होने पर सैन्य हमले की चेतावनी दी है। क्षेत्र में अमेरिकी युद्धपोतों और विमानों की भारी तैनाती के बीच अब अगले हफ्ते वियना में तकनीकी चर्चा होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/third-round-of-talks-between-us-and-iran-on-nuclear/article-144880"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/us-and-iran.png" alt=""></a><br /><p>जिनेवा। अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु हथियारों के मुद्दे पर तीसरे दौर की बातचीत यहां समाप्त हो गयी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार दोनों देश अगले हफ्ते वियना में तकनीकी स्तर की बातचीत कर सकते हैं। अमेरिका इस बात को लेकर सोच रहा है कि क्या नयी कूटनीति से ईरान के परमाणु हथियारों के इरादों पर रोक लग सकती है या आखिरकार सैन्य बलों का ही सहारा लेना पड़ सकता है। </p>
<p>बातचीत से जुड़े सूत्रों के मुताबिक अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान पर फोर्डो, नतांज और इस्फ़ाहान में अपने परमाणु केंद्रों को खत्म करने और यूरेनियम के बचे हुए भंडार को देश से बाहर भेजने का दबाव डाला है। सूत्रों के अनुसार ईरान के अपने परमाणु केंद्रों को खत्म करने, काफी यूरेनियम को अमेरिका को भेजने और एक स्थायी समझौते के लिए अमेरिका की ओर से रखी गयी शर्तों मानने की उम्मीद कम है। ईरान का प्रस्ताव अमेरिका की मुख्य मांगों को पूरा नहीं करता है और ईरान अमेरिका से रियायतें लेने के लिए ऐसे आर्थिक फायदे पाने की कोशिश कर रहा है जिनका अमेरिका की मांगों से कोई लेना-देना नहीं है। अमेरिकी अधिकारियों ने पहले कहा था कि अगर दोनों पक्ष समझौता पर नहीं पहुंच पाते हैं तो अमेरिका ईरान पर हमला करेगा। </p>
<p>यह कूटनीतिक कोशिश ऐसे समय में हो रही है जब इस इलाके में अमेरिका काफी संख्या में सैनिकों की तैनाती कर रहा है। अधिकारियों ने इसे 2003 में इराक पर हमले के बाद से हवाई और नौसैनिक हथियारों की सबसे बड़ी तैनाती बताया है। ईंधन भरने वाला विमानों और जमीनी हमला करने वाले ए-10 विमानों को इजरायल और ग्रीक आइलैंड क्रीट में नागरिक हवाई अड्डे से दिखने वाली जगहों पर तैनात किया गया है, जो ताकत प्रदर्शन का प्रतीक है।</p>
<p>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कूटनीति को प्राथमिकता दी है, भले ही वे ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सख्त रवैया अपनाए हुए हैं। ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिका के पिछले हमलों से कम नुकसान हुआ था, जबकि ट्रंप ने कहा था कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म कर दिया गया है। ट्रम्प ने बार-बार कहा है कि ईरान परमाणु हथियार हासिल करना चाहता है जबकि ईरान इससे इनकार करता है। </p>
<p>अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बुधवार को कहा कि उन्हें नहीं लगता कि ईरान अभी यूरेनियम भंडार को बढ़ा रहा है, लेकिन चेतावनी दी कि ऐसा लगता है कि ईरान अपने परमाणु अवसंरचना के कुछ हिस्सों को फिर से बनाने की कोशिश कर रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों का सुझाव है कि बातचीत से समझौता करना ही बेहतर नतीजा है, जिसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि ईरान परमाणु  हथियारों के बिना रहे और कड़े अंतरराष्ट्रीय निगरानी के दायरे में रहे। फिर भी अमेरिका की शर्तों को लेकर काफी सवाल बने हुए हैं। </p>
<p>यह साफ नहीं है कि अमेरिका नागरिक या चिकित्सा मकसदों के लिए यूरेनियम के सीमित संवर्धन को स्वीकार करेगा, या वह इसे पूरी तरह से रोकने के लिए तैयार होगा। ट्रंप के हालिया राष्ट्र के नाम संबोधन में यूरेनियम संवर्धन को खत्म करने की साफ तौर पर बात नहीं की गयी थी। अधिकारियों ने इशारा किया है कि यूरेनियम संवर्धन को लेकर एक तय सीमा पर विचार किया जा सकता है। यूरेनियम संवर्धन के अलावा, अनसुलझे मुद्दों में ईरान की मिसाइल क्षमताओं पर संभावित सीमाएं और ईरान के  छिपे हुए नेटवर्क पर रोक शामिल हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Feb 2026 18:10:02 +0530</pubDate>
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