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                <title>Israel Conflict - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Israel Conflict RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>संघर्ष के विस्तार का खतरा: जंग में कूदे हूती, इजरायल पर दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें</title>
                                    <description><![CDATA[यमन के हूती बलों ने इज़रायली सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर जंग में सीधा हस्तक्षेप किया है। ईरानी हमलों के मलबे से अबू धाबी में 5 भारतीय घायल हुए, जबकि सऊदी अरब में अमेरिकी सैनिकों पर ड्रोन हमले हुए। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सैन्य अभियान को सफल बताया है, जिससे लाल सागर में नया मोर्चा खुलने का खतरा बढ़ गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/danger-of-conflict-expansion-ballistic-missiles-fired-at-israel-as/article-148281"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/iran-misal.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन/सना। यमन में हूती बलों ने कहा है कि उन्होंने ईरान, लेबनान, इराक और फिलिस्तीनी क्षेत्रों पर हमलों के जवाब में इजरायल के सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं।  संघर्ष शुरू होने के बाद यह इजरायल पर उनका पहला हमला है। हूती हमले ऐसे समय हुए हैं जब अमेरिका-इज़रायल और ईरान के बीच संघर्ष तेज हो गया है। हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने अल-मसीरा टीवी के हवाले से कहा कि हमले तब तक जारी रहेंगे जब तक घोषित उद्देश्यों को हासिल नहीं किया जाता और प्रतिरोध के सभी मोर्चों पर आक्रमण बंद नहीं होता।</p>
<p>इजरायली सेना ने कहा कि उसने एक मिसाइल को मार गिराया। ये हमले ब्रिगेडियर सरी के उस बयान के बाद हुए, जिसमें उन्होंने संकेत दिया था कि हूती इस संघर्ष में शामिल होंगे। उन्होंने कहा था कि संवेदनशील इज़रायली सैन्य ठिकाने उनका निशाना होंगे। रात के दौरान बीर शेबा सहित कई इलाकों और इज़रायल के प्रमुख परमाणु अनुसंधान केंद्र के पास सायरन बजे, जबकि ईरान और हिजबुल्लाह ने इज़रायल पर हमले जारी रखे। हूती 2014 से यमन की राजधानी सना पर नियंत्रण रखते हैं और अब तक अमेरिका-इज़रायल संघर्ष से मोटे तौर पर बाहर रहे थे।   </p>
<p><strong>लाल सागर के पास एक नया मोर्चा खुलने की आशंका </strong></p>
<p>अमेरिका-इज़रायल और ईरान के बीच युद्ध में हूती हस्तक्षेप से लाल सागर के पास एक नया मोर्चा खुलने की आशंका बढ़ गई है। इज़राइल-हमास युद्ध के दौरान इस मिलिशिया ने नवंबर 2023 से जनवरी 2025 के बीच 100 से अधिक व्यापारिक जहाजों पर हमले कर समुद्री यातायात बाधित किया था, जिसमें दो जहाज डूबे और चार नाविकों की मौत हुई थी। </p>
<p><strong>ईरानी हमले में 5 भारतीय घायल</strong></p>
<p>संयुक्त अरब की राजधानी अबू धाबी में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल हमले के मलबे गिरने से शनिवार तड़के पांच भारतीय और एक पाकिस्तानी नागरिक घायल हो गए। अबू धाबी मीडिया कार्यालय के अनुसार, खलीफा इकोनॉमिक ज़ोन्स अबू धाबी (केजाड) के आसपास हुई घटना के संबंध में की गई समीक्षा के तहत यह पुष्टि हुई है कि इस घटना में पांच भारतीय नागरिकों को हल्की चोटें आई हैं। वायु रक्षा प्रणालियों द्वारा बैलिस्टिक मिसाइल को सफलतापूर्वक अवरोधित किए जाने के बाद गिरा मलबा तीन स्थानों पर आग लगने का कारण बना। सभी घायलों को मामूली चोटें आई हैं। घटना के बाद वहां लगी आग पर काबू पा लिया गया है। </p>
<p>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के खिलाफ जारी अमेरिकी सैन्य अभियान बेहतरीन ढंग से आगे बढ़ रहा है। लेकिन इसी दौरान ईरान ने सऊदी अरब स्थित प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिनमें 12 अमेरिकी सैनिक घायल हो गए, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई गई है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर कहा कि ईरान में हमारा सैन्य अभियान बहुत अच्छा चल रहा है, हालांकि उन्होंने इस पर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी। इसी बीच, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका को उम्मीद है कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान महीनों नहीं, बल्कि कुछ हफ्तों में समाप्त हो जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान में जमीनी सैनिक भेजने की संभावना नहीं है। </p>
<p>रुबियो ने फ्रांस में आयोजित जी-7 विदेश मंत्रियों की बैक में भाग लेते हुए सहयोगी देशों से अधिक समर्थन की अपील की और कहा कि इस अभियान के उद्देश्यों को अधिकतम साझेदार योगदान के साथ पूरा किया जाना चाहिए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 29 Mar 2026 09:40:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका-इजरायल के साथ संघर्ष जारी: तेहरान में अब तक 600 लोगों की मौत, जान-माल का भारी नुकसान  </title>
                                    <description><![CDATA[ईरान में जारी अमेरिका-इजरायल सैन्य अभियान के कारण तेहरान में अब तक 636 लोग मारे गए हैं और हजारों घायल हैं। सर्वोच्च नेता आयतुल्ला खामेनेई की मृत्यु के बाद देश में 40 दिनों का शोक घोषित है। संघर्ष में अब तक कुल 1,348 नागरिक अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि ईरान ने जवाबी हमलों की चेतावनी दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/conflict-with-america-israel-continues-600-people-have-died-so-far/article-147637"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/war.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। इजरायल और अमेरिका के साथ संघर्ष शुरू होने के बाद से ईरान की राजधानी तेहरान में अब तक 600 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को तेहरान की आपातकालीन सेवाओं के प्रमुख मोहम्मद इस्माइल तवक्कोली के हवाले से बताया, इस दौरान (संघर्ष शुरू होने के बाद से) राजधानी में 636 लोग मारे गए हैं और अब तक 6,848 लोग घायल हुए हैं। तेहरान में लगभग 430 जगहों पर हमले हुए हैं। </p>
<p>संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि अमीर सईद इरावानी ने 12 मार्च को कहा था कि ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल के सैन्य अभियान के परिणामस्वरूप ईरान में 1,348 नागरिक मारे गए और 17,000 से ज्यादा लोग घायल हुए। यह अभियान 28 फरवरी को ईरान के कई शहरों में शुरू किया गया था, जिसमें जान-माल का भारी नुकसान हुआ। </p>
<p>ईरान ने इसके जवाब में इजरायली क्षेत्र और पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए। अमेरिका और इजरायल ने शुरू में दावा किया था कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम से होने वाले कथित खतरे का मुकाबला करने के लिए उनका पूर्ववर्ती हमला जरूरी था, लेकिन जल्द ही उन्होंने यह साफ कर दिया कि वे ईरान में सत्ता परिवर्तन देखना चाहते हैं। </p>
<p>सैन्य अभियान के पहले ही दिन ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई मारे गये। इस्लामिक गणराज्य ने 40 दिनों के शोक की घोषणा की। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 14:05:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मिडिल ईस्ट संकट: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को तेल बिक्री की दी छूट, होर्मुज़ तनाव के बीच 14 करोड़ बैरल बाजार में उतारने की तैयारी, </title>
                                    <description><![CDATA[ग्लोबल मार्केट में स्थिरता के लिए ट्रंप प्रशासन ने ईरान को 14 करोड़ बैरल कच्चा तेल बेचने की अस्थायी छूट दी है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य में तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान की मिसाइल क्षमता को कमजोर करने का दावा किया। हालांकि, डिएगो गार्सिया पर हमलों और क्षेत्रीय धमकियों ने पश्चिम एशिया में सुरक्षा चिंताओं को बरकरार रखा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-president-trump-gives-permission-to-iran-to-sell-oil/article-147368"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trump3.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के चौथे सप्ताह में प्रवेश के बीच डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने वैश्विक बाजारों में अस्थिरता कम करने के लिए ईरान को अस्थायी रूप से लगभग 14 करोड़ बैरल कच्चा तेल बेचने की अनुमति दे दी है। शुक्रवार देर रात जारी इस छूट के तहत तेहरान टैंकरों में संग्रहित तेल को बाजार में उतार सकेगा, जो वैश्विक मांग के करीब डेढ़ दिन के बराबर है। यह फैसला होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा के कारण पैदा हुई आपूर्ति चिंताओं को कम करने के उद्देश्य से लिया गया है।</p>
<p>एक ओर राष्ट्रपति ट्रंप ने तनाव कम करने के संकेत देते हुए ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों को समेटने की बात कही। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका पश्चिम एशिया में अपने सैन्य लक्ष्यों को पूरा करने के "काफी करीब" पहुंच गया है। ट्रंप के अनुसार, अमेरिका ईरान की मिसाइल क्षमता, लॉन्चर और रक्षा औद्योगिक ढांचे को "पूरी तरह कमजोर" कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को परमाणु क्षमता हासिल करने से रोकना और क्षेत्र में सहयोगी देशों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनके प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया मंच पर कहा कि अमेरिका इज़राइल, सऊदी अरब, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और कुवैत जैसे सहयोगियों की सुरक्षा बहाल करने के करीब पहुंच गया है।</p>
<p>होर्मुज़ जलडमरूमध्य के भविष्य के प्रबंधन को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि इसका नियंत्रण और निगरानी उन देशों को करनी चाहिए जो इसका उपयोग करते हैं। उन्होंने जोड़ा कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका सहयोग करेगा। हालांकि, क्षेत्र में तनाव अभी भी बना हुआ है। हजारों अतिरिक्त अमेरिकी मरीन और नौसैनिक कर्मियों की तैनाती की जा रही है, जो सैन्य तैयारी को दर्शाता है। इस बीच, ईरान ने हिंद महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया में अमेरिका-ब्रिटेन के संयुक्त सैन्य अड्डे पर मिसाइल हमला किया, जिसे अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार विफल कर दिया गया।</p>
<p>बहरीन होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के प्रयासों का समर्थन करने वाला पहला क्षेत्रीय देश बन गया है, जबकि यूरोपीय देशों, जापान और कनाडा ने भी समर्थन जताया है। हालांकि, अब तक किसी देश ने नौसैनिक तैनाती को लेकर ठोस प्रतिबद्धता नहीं दी है।<br />ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात को चेतावनी दी है कि यदि खाड़ी में उसके कब्जे वाले द्वीपों पर हमला हुआ तो वह रस अल-खैमाह जैसे बंदरगाह शहरों को निशाना बना सकता है। वहीं, कुवैत और सऊदी अरब ने मिसाइल और ड्रोन हमलों को नाकाम करने की जानकारी दी है।<br />ईरान ने इजरायल पर मिसाइलों से हमले किये हैं जिसके जवाब में इजरायल ने बेरूत में हिज़बुल्लाह के ठिकानों पर हमले किए हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Mar 2026 18:51:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ईरान का यूक्रेन को सीधा निशाना बनाने का संकल्प: ईरानी सांसद का तीखा बयान, स्थिति और भी तनावपूर्ण</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान के वरिष्ठ सांसद इब्राहिम अजीजी ने यूक्रेन को इजरायल का साथ देने पर वैध सैन्य लक्ष्य घोषित कर दिया है। ईरान का आरोप है कि यूक्रेन अपनी ड्रोन तकनीक से विरोधियों की मदद कर रहा है। वहीं, राष्ट्रपति जेलेंस्की ने ईरानी ड्रोनों को मार गिराने के अनुभव को वैश्विक जरूरत बताया, जिसे डोनाल्ड ट्रंप ने सिरे से खारिज कर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/irans-resolve-to-directly-target-ukraine-iranian-mps-sharp-statement/article-146575"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/iran5.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान के एक वरिष्ठ सांसद ने सोशल मीडिया पर एक विवादित बयान देते हुए कहा है कि यूक्रेन अब ईरान के लिए एक 'वैध सैन्य लक्ष्य' बन चुका है। ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति संसदीय समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी के अनुसार, यूक्रेन द्वारा अमेरिका और इजरायल के पक्ष में ईरान विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है।</p>
<p>अजीजी ने सोशल मीडिया पर लिखा, "इजरायली शासन को ड्रोन सहायता प्रदान करके, यूक्रेन प्रभावी रूप से इस युद्ध में शामिल हो गया है। संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत, यूक्रेन ने अब अपने पूरे क्षेत्र को ईरान के लिए एक वैध लक्ष्य में बदल दिया है।" ईरान का आरोप है कि यूक्रेन अपनी ड्रोन विशेषज्ञता का इस्तेमाल इजरायल और पश्चिमी देशों को ईरान के विरुद्ध मजबूत करने के लिए कर रहा है।</p>
<p>यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने इस धमकी को 'हास्यास्पद' बताते हुए खारिज कर दिया है। यह स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब शुक्रवार को यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने दावा किया कि 10 से अधिक देशों ने ईरानी ड्रोनों से निपटने के लिए कीव से सहायता मांगी है। श्री जेलेंस्की का मानना है कि रूस के साथ युद्ध के दौरान ईरानी ड्रोनों को मार गिराने का जो अनुभव यूक्रेन के पास है, वह आज दुनिया के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।</p>
<p>दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन की इस विशेषज्ञता को तवज्जो देने से इनकार कर दिया है। फॉक्स न्यूज से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, "वास्तव में हमारे पास दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ड्रोन हैं और हमें कीव की मदद की कोई आवश्यकता नहीं है।" विश्लेषकों का मानना है कि ईरान की यह नई धमकी पहले से ही अस्थिर वैश्विक सुरक्षा स्थिति को और अधिक जटिल बना सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Mar 2026 16:30:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>हूती समूह ने की ईरान को समर्थन देने की घोषणा: पूरे देश की लड़ाई बताया, अब्दुल मलिक ने कहा-जरूरत पडऩे पर कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार </title>
                                    <description><![CDATA[हूती नेता अब्दुल मलिक अल-हूती ने इजरायल के खिलाफ खुली जंग का ऐलान करते हुए कहा कि उनकी सेना किसी भी क्षण कार्रवाई के लिए तैयार है। उन्होंने इसे पूरे देश की लड़ाई बताते हुए ईरान के प्रति अटूट समर्थन जताया। संयुक्त राष्ट्र ने यमन को क्षेत्रीय संघर्ष में घसीटने के खतरों पर गहरी चिंता व्यक्त की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/houthi-group-announced-support-to-iran-described-it-as-a/article-145513"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/huti.png" alt=""></a><br /><p>यमन। यमन के हूती समूह के नेता अब्दुल मलिक अल-हूती ने कहा है कि वे ईरान के साथ खड़े हैं और जरूरत पडऩे पर कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हूती नियंत्रित अल-मसीरा टीवी चैनल पर प्रसारित एक टेलीविजन भाषण में मलिक ने गुरुवार को कहा, अगर घटनाक्रम की मांग हुई, तो किसी भी क्षण हमारी उंगलियां ट्रिगर पर होंगी। उन्होंने इसे केवल किसी एक पक्ष के संघर्ष के बजाय पूरे देश की लड़ाई बताया है।  </p>
<p>हुती नेता ने कहा कि इजरायल और उसके तमाम साथियों का इरादा बिना किसी नियंत्रण, प्रतिबंध या प्रतिबद्धता के देश के स्वतंत्र लोगों के खिलाफ खुली जंग छेडऩा है। मलिक ने चेतावनी दी कि दुश्मन ठिकानों की एक सूची तैयार कर रहा है और कुछ अरब देशों से वित्तीय सहायता मांग रहा है तथा हथियारों का जखीरा जमा कर रहा है।</p>
<p>उन्होंने अपने समर्थकों से शुक्रवार को एक साथ आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस संवेदनशील समय में एक महत्वपूर्ण संदेश होगा और इसका उद्देश्य ईरानी जनता के प्रति यमनी लोगों के पूर्ण समर्थन की पुष्टि करना है। इससे पहले गुरुवार को, यमन के लिये संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हैंस ग्रंडबर्ग ने यमन को क्षेत्रीय टकरावों के एक नए चक्र में घसीटे जाने से बचाने के महत्व पर जोर दिया। ग्रंडबर्ग ने कहा, किसी भी पक्ष को देश को व्यापक संघर्ष में धकेलने का अधिकार नहीं है, जो यमनी जनता के लिए और अधिक कष्ट लेकर आएगा।</p>
<p>अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार ने भी हूतियों को ईरानी एजेंडे के समर्थन में किसी भी सैन्य दुस्साहस में शामिल होने या यमनी क्षेत्र का उपयोग पड़ोसी देशों या अंतरराष्ट्रीय हितों को निशाना बनाने के लिए एक मंच के रूप में करने के खिलाफ चेतावनी दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Mar 2026 16:58:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ईरान-अमेरिका जंग भारतीय डिप्लोमैसी के लिए चुनौती: इजरायल बेहद करीबी मित्र तो ईरान से भी ऐतिहासिक रिश्ते</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच छिड़ी जंग ने भारत के लिए रणनीतिक चुनौती। दोनों पक्षों से गहरे रिश्तों के कारण भारत सतर्क। सरकार ने नागरिकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी कर तेहरान में फंसे भारतीयों को घरों में रहने की दी सलाह। वैश्विक भू-राजनीति में रूस और चीन की भूमिका पर भी सबकी नजरें टिकी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iran-america-war-is-a-challenge-for-indian-diplomacy-israel-is/article-145012"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/khamnoi.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली।  ईरान के खिलाफ इजरायल और अमेरिका की ओर से युद्ध शुरू होने के बाद भारत के सामने बहुत ही कठिन राजनयिक चुनौती खड़ी हो चुकी है। भारत और इजरायल बेहद करीबी मित्र हैं, तो ईरान के साथ भी भारत के पुराने ऐतिहासिक रिश्ते हैं और वह भारत के लिए सामरिक और आर्थिक रूप से भी बहुत ज्यादा अहमियत रखता है। इस लड़ाई में अमेरिका का इजरायल का साथ देने की वजह से भारत के सामने और भी अग्निपरीक्षा की स्थिति पैदा हो चुकी है। ईरान पर शनिवार को जिस तरह से अमेरिका और इजरायल ने मिलकर हमला बोला है, उसकी आशंका बीते कई महीनों से थी। पिछले कुछ सप्ताह से तो अमेरिका ने इसके लिए अपना पूरा सैन्य बंदोबस्त भी कर लिया था। लेकिन, अब जंग की शुरूआत हो चुकी है और जिस तरह से कुछ देश ईरान के समर्थन में भी खुलकर सामने आने शुरू हुए हैं, इससे आने वाले अगले कुछ दिन जियोपॉलिटिक्स के लिए बहुत अहम होने वाले हैं।</p>
<p><strong>रूस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर उंगली भी उठा दी </strong></p>
<p>रूस ने तो खुलकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर उंगली भी उठा दी है। हालांकि, वह सीधे इस जंग में ईरान की ओर से कूदेगा, फिलहाल ऐसे कोई संकेत नहीं हैं। लेकिन, पहले से ही आफत में अवसर की तलाश में बैठा चीन इसका किस तरह से फायदा उठाना चाहेगा, यह देखने वाली बात है। ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध पर भारत ने शुरूआती प्रतिक्रिया में दोनों देशों में रह रहे अपने नागरिकों को पूर्ण एहतियात बरतने की एडवाइजरी जारी की है। तेहरान में भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों को सलाह दी है, पैदा हो रहे हालातों को देखते हुए, ईरान में सभी भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि पूरी सावधानी बरतें, गैर-जरूरी मूवमेंट से बचें और जितना संभव हो घरों के अंदर ही रहें। भारतीय समाचार पर नजर रख सकते हैं, जागरूकता बनाए रखें और भारतीय दूतावास से अगले दिशा-निदेर्शों का इंतजार करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Mar 2026 11:37:48 +0530</pubDate>
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