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                <title>agriculture - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>agriculture RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सीएम भजनलाल शर्मा ने लिया बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को हुए नुकसान पर संज्ञान:कलेक्टरों से मांगी रिपोर्ट, शीघ्र एवं समुचित सहायता उपलब्ध करवाने का दिया आश्वासन</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान पर कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने सभी जिला कलेक्टर्स को त्वरित गिरदावरी (सर्वे) कराकर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार अन्नदाताओं के साथ खड़ी है और प्रभावित किसानों को शीघ्र मुआवजा देना प्राथमिकता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/cm-bhajanlal-sharma-took-cognizance-of-the-loss-caused-to/article-147409"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/bhajanlal.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को हुए नुकसान पर संज्ञान लेते हुए सभी जिला कलक्टर्स को सर्वे कराकर शीघ्र रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की हर परिस्थिति में सहायता के लिए पूर्ण संवेदनशीलता के साथ तत्पर है। </p>
<p>सीएम ने कहा कि किसानों की पीड़ा हमारी पीड़ा है। राजस्थान की समृद्धि का आधार हमारे अन्नदाता भाई-बहन हैं। संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार पूर्ण उत्तरदायित्व के साथ किसान भाइयों के साथ दृढ़तापूर्वक खड़ी है। प्रत्येक प्रभावित किसान को शीघ्र एवं समुचित सहायता उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसके लिए सरकार पूर्णत: प्रतिबद्ध है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 15:01:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आसमान में छाए बादल: कुछ स्थानों पर हुई बारिश से तापमान में गिरावट, वातावरण में ठंडक महसूस की गई</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिमी विक्षोभ के असर से जयपुर समेत प्रदेशभर में शनिवार को मौसम सुहावना रहा। बादलों की आवाजाही और रुक-रुक कर हुई हल्की बारिश से तापमान में 4°C तक की गिरावट दर्ज की गई। ठंडी हवाओं ने वातावरण में ठंडक घोल दी है, जिससे लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली है। आगामी 24 घंटों में और वर्षा की संभावना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/due-to-the-effect-of-western-disturbance-clouds-appeared-in/article-147381"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/frdq8zbpetwndrv9r3hypp-1920-80.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। शनिवार को सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे, जिससे वातावरण में ठंडक महसूस की गई। कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जिसके चलते तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बादलों की आवाजाही बनी हुई है।</p>
<p>कुछ स्थानों पर रुक-रुक कर बारिश होने से मौसम सुहावना हो गया है। जयपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में भी बादलों की घिरावट के साथ हल्की बूंदाबांदी देखी गई। बारिश के चलते अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की कमी दर्ज की गई है। वहीं, ठंडी हवाओं के चलने से सुबह और शाम के समय हल्की ठंड का अहसास हो रहा है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में भी कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना जताई है।</p>
<p>विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव से फसलों को फायदा हो सकता है, लेकिन लगातार बारिश होने पर कुछ नुकसान की आशंका भी बनी रहती है। फिलहाल, मौसम के इस बदले मिजाज से आमजन को गर्मी से राहत मिली है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Mar 2026 18:41:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किसान लोन क्लेम प्रक्रिया हुई आसान, अजमेर में 6 माह में 107 मामलों का निस्तारण</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान सरकार ने अल्पकालीन फसली ऋण लेने वाले किसानों के लिए रिस्क रिलीफ फंड से ऑटोमैटिक क्लेम व्यवस्था शुरू की है। आत्महत्या के अतिरिक्त किसी भी कारण से मृत्यु होने पर, लोन के बराबर राशि का भुगतान सीधे किया जाएगा। इसके लिए नॉमिनी को मृत्यु प्रमाणपत्र को आधार और जन आधार से लिंक करना अनिवार्य है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/farmer-loan-claim-process-made-easy-107-cases-resolved-in/article-147053"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/ajmer3.png" alt=""></a><br /><p>अजमेर। राज्य सरकार ने सहकारिता विभाग के माध्यम से अल्पकालीन फसली लोन लेने वाले किसानो की आत्महत्या को छोड़कर किसी भी प्रकार से मृत्यु होने पर किए जाने वाले क्लेम का भुगतान अब सीधे सरकार के रिस्क रिलीफ फंड से ऑटोमेटीक व्वस्था के तहत किया जा रहा है।</p>
<p>इसके लिए किसान लोनी के नॉमिनी को मृत्यु होने वाले किसान का आधार कार्ड और जन आधार कार्ड से मृत्यु प्रमाण पत्र को लिंक करवाना आवश्यक है। अजमेर जिले मै अक्टूबर 2025 से अब तक 107 किसानो को क्लेम की राशि का भुगतान कर दिया गया है। भुगतान की राशि स्वीकृत लोन के दौरान 1 प्रतिशत अंसदान मै से किया जा रहा है। भुगतान की राशि लोन के बराबर की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 15:09:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा- तंबाकू स्वास्थ्य के लिए हानिकारक, किसानों को वैकल्पिक फसल उगाने को प्रोत्साहित कर रही है सरकार, कई राज्यों को मिल रहा योजना का लाभ</title>
                                    <description><![CDATA[कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में कहा कि स्वास्थ्य सुरक्षा हेतु सरकार तंबाकू की खेती घटाने और किसानों को वैकल्पिक फसलें अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। छोटे किसानों को सब्जी उत्पादन और बकरी पालन हेतु वित्तीय मदद दी जाएगी। तिलहन जैसी फसलों को बढ़ावा देकर किसानों की आय सुरक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/union-agriculture-minister-shivraj-singh-chauhan-said-government-is/article-146810"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/shiv-raj-singh-chouhan.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सरकार ने कहा है कि तंबाकू स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और तम्बाकू उत्पादन कम रहने से किसानों को होने वाले नुकसान से बचाने के लिये वैकल्पिक फसल उत्पादन प्रोत्साहन की कई योजनाएं चलाई जा रही है।</p>
<p>कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में मंगलवार को एक प्रश्न के जवाब में कहा कि तंबाकू के सेवन से बड़े स्तर पर लोगों की मृत्यु हो रही है इसलिए सरकार तंबाकू की खेती करने वाली किसान को वैकल्पिक फसल उगाने के लिए हर तरह से मदद करने का प्रयास कर रही है। उनका कहना था कि जो छोटे किसान हैं उन्हें भी लाभ देने का प्रयास किया जा रहा है और इसके लिए सब्जी, बकरी पालन आदि के लिए भी उन्हें प्रोत्साहित किया जा रहा है।</p>
<p>मंत्रालय में राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि सरकार तंबाकू की खेती की जगह किसानों को तिलहन और दूसरी फसलों की खेती करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है और तमिलनाडु, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में यह योजना तेजी से लागू की जा रही है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 15:35:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कंबोडियाई सरकार की बारूदी सुरंगों पर बड़ी कार्रवाई: 3,541 वर्ग किलोमीटर जमीन से दबीं सुरंगें हटाईं, पीएम ने कहा ईआरडब्ल्यू से खतरा अब भी गंभीर</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री हुन मानेट ने 'राष्ट्रीय बारूदी सुरंग जागरूकता दिवस' पर बताया कि कंबोडिया ने 33 वर्षों में 3,541 वर्ग किमी भूमि साफ की है। इससे हताहतों की संख्या 4,320 से घटकर मात्र 39 रह गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/major-action-against-landmines-in-cambodia-3541-square-kilometers-of/article-144400"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/cambodia.png" alt=""></a><br /><p>नाम पेन्ह। कंबोडिया ने बीते 33 वर्षों में बारूदी सुरंगों और युद्ध के विस्फोटक अवशेषों (ईआरडब्ल्यू) से भरी लगभग 3,541 वर्ग किलोमीटर भूमि को साफ करने में सफलता हासिल की है। प्रधानमंत्री हुन मानेट ने मंगलवार को यह जानकारी राष्ट्रीय बारूदी सुंरग जागरूकता दिवस के अवसर पर दी। </p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि इस अवधि के दौरान 12 लाख से अधिक बारूदी सुरंगों, 26,700 टैंक रोधी सुरंगे और 32.4 लाख से अधिक ईआरडब्ल्यू खोजकर नष्ट किये गये हैं। उन्होंने बताया कि साफ की गयी भूमि में से 78 प्रतिशत का उपयोग खेती के कामों के लिए, पांच प्रतिशत बुनियादी ढांचे और 17 प्रतिशत आवास, गांवों, स्कूलों और स्वास्थ्य केन्द्रों सहित अन्य उद्देश्यों के लिए किया गया है। </p>
<p>प्रधानमंत्री के अनुसार, बारूदी सुरंगों और ईआरडब्ल्यू से हुए हताहतों की संख्या 1996 में 4,320  थी जब बीते साल घटकर केवल 39 रह गयी। उन्होंने कहा कि इस उल्लेखनीय उपलब्धि के बावजूद अभी भी कई वर्ग किलोमीटर जमीन ऐसी है, जो सुरंगों और ईआरडब्ल्यू के असर में है और साफ की जानी बाकी है। पीएम हुन मानेट ने कहा कि बारूदी सुरंगों और ईआरडब्ल्यू से खतरा अब भी गंभीर बना हुआ है और बारुदी सुरंगी मुक्त कंबोडिया के लक्ष्य को हासिल करने के लिए और अधिक प्रयासों की आवश्यकता होगी। </p>
<p>गौरतलब है कि, कंबोडिया दुनिया के उन देशों में शामिल है, जो बारूदी सुरंगों और ईआरडब्ल्यू से सबसे अधिक प्रभावित रहे हैं। अनुमान है कि 1998 में खत्म हुई तीन दशकों के जंग और आंतरिक संघर्षों के बाद यहां 40 लाख से 60 लाख तक बारूदी सुरंगें और अन्य विस्फोटक अवशेष बचे रह गए थे। कंबोडिया की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, 1979 से 2025 के बीच बारूदी सुरंगों और ईआरडब्ल्यू विस्फोटों में 19,845 लोगों की मौत हुई, जबकि 45,280 अन्य घायल या अपंग हुए। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/major-action-against-landmines-in-cambodia-3541-square-kilometers-of/article-144400</link>
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                <pubDate>Tue, 24 Feb 2026 14:18:26 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का दावा, बोलें-प्रदेश के विकास को नई गति देगा बजट, प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज पेश होने वाले बजट को समावेशी विकास और सुशासन का आधार बताया। यह बजट प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत 2047 विजन के अनुरूप छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/chief-minister-vishnu-dev-sai-claims-that-the-budget-will/article-144362"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/chhatisgarh-cm.png" alt=""></a><br /><p>रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज पेश किए जाने वाले वित्त वर्ष 2026-27 के राज्य बजट को प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि नवीन विधानसभा भवन में प्रस्तुत होने जा रहा हमारी सरकार का यह तीसरा बजट विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए सरकार के विजन को नई मजबूती प्रदान करेगा।</p>
<p>मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का यह बजट समावेशी विकास, सुशासन और जनकल्याण के संकल्प को आगे बढ़ाने वाला होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ आमजन के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय संकल्प को केंद्र में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। किसानों, गरीबों, युवाओं, मातृशक्ति और आदिवासी समाज के सशक्तीकरण को सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। राज्य सरकार की विभिन्न योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित की जा रही हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि वित्त वर्ष 2026-27 का यह बजट प्रदेश के सुशासन से समृद्धि मॉडल को मजबूत आधार प्रदान करेगा और विकास की गति को और तेज करेगा। यह बजट राज्य के बुनियादी ढांचे, रोजगार सृजन, कृषि उन्नयन, सामाजिक सुरक्षा तथा मानव संसाधन विकास को नई दिशा देगा।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के अपने संकल्प पर दृढ़ है और यह बजट उस दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बजट से प्रदेश आत्मनिर्भरता, आर्थिक प्रगति और समृद्धि के नए दौर में प्रवेश करेगा। सीएम साय ने प्रदेशवासियों को आगामी बजट के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह बजट छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला साबित होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Feb 2026 11:50:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत-अमेरिका समझौते को लेकर कांग्रेस ने बोला केंद्र सरकार पर हमला, कहा-कपास किसानों को होगा बड़ा नुकसान </title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को किसान विरोधी बताया है। रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि अमेरिकी कपास के सस्ते आयात से भारतीय कपड़ा उद्योग और करोड़ों कपास किसानों को खरबों का नुकसान होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/congress-attacked-the-central-government-regarding-the-india-us-agreement-and/article-143364"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-600-px)-(11)1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने भारत-अमेरिका के बीच हाल में हुए व्यापार समझौते पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार ने देश के किसानों के हितों को नजरअंदाज कर यह समझौता किया है और इससे खासकर कपास किसानों को बड़ा नुकसान होने की संभावना है। कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सोमवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में इस समझौते से देश के कपड़ा उद्योग पर गंभीर प्रभाव पडऩे की आशंका जताई है। उनका कहना था कि इस समझौते से वस्त्र क्षेत्र को खरबों रुपये तक का आर्थिक नुकसान हो सकता है और इससे किसानों से लेकर निर्यातकों तक पूरी श्रृंखला प्रभावित हो सकती है।</p>
<p>सुरजेवाला के अनुसार यदि अमेरिकी कपास और संबंधित कृषि उत्पादों का आयात शुल्क मुक्त या कम शुल्क पर बढ़ता है तो इसका भारतीय बाजार में कच्चे माल की कीमतों पर दबाव पड़ेगा। अमेरिका अपने किसानों को भारी सब्सिडी देता है, जिससे वहां की कपास अपेक्षाकृत सस्ती होती है। उनका कहना है कि ऐसी स्थिति में भारतीय कपास उत्पादकों की जिनिंग इकाइयों यानी कपास की पहली प्रोसेसिंग यानी कपास को रेशों को बीजों से अलग करने की प्रक्रिया वाली इकाइयाँ तथा स्पिनिंग मिलें यानी कताई मिलें जहां कपास के रेशों से कताई करके सूत तैयार करने वाली मिलों को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है।</p>
<p>उन्होंने आशंका जताई है कि यदि अमेरिका के साथ बंगलादेश जैसे देशों के व्यापारिक प्रबंध और मजबूत होते हैं, तो भारतीय परिधान निर्यात को अतिरिक्त प्रतिस्पर्धा झेलनी पड़ सकती है। भारत पहले से वैश्विक बाजार में तीखी प्रतिस्पर्धा का सामना कर रहा है, ऐसे में कच्चे माल की कीमतों में अस्थिरता और निर्यात ऑर्डर में कमी आने से कपड़ा उद्योग के लिए नयी चुनौती बन सकता है।</p>
<p>कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत का कपड़ा और परिधान उद्योग देश के सबसे बड़े रोजगार प्रदाताओं में से एक है। यह क्षेत्र लाखों किसानों, बुनकरों, श्रमिकों और लघु एवं मध्यम उद्यमों से जुड़ा हैऔर यदि सस्ते आयात के कारण घरेलू कीमतों में गिरावट आती है और मिलों का लाभांश घटेगा और इसका सीधा असर रोजगार और ग्रामीण आय पर पड़ सकता है।</p>
<p>कांग्रेस नेता ने कहा कि महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक जैसे राज्यों में कपास उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है और इनकी ग्रामीण अर्थव्यवस्था वस्त्र उद्योग से गहराई से जुड़ी है। पार्टी का कहना है कि किसी भी बड़े आयात झटके से इन राज्यों में किसानों और छोटे उद्योगों की आय पर व्यापक असर पड़ सकता है।</p>
<p>सुरजेवाला ने कहा कि विशेषज्ञ बताते हैं कि यदि विदेशी कृषि उत्पाद आयात करने और इसके बढऩे से घरेलू कीमतों में गिरावट आना स्वाभाविक है और इससे निर्यात प्रतिस्पर्धा कमजोर होती है और इससे किसानों और मिल मालिकों को खरबों रुपये की आर्थिक हानि उठानी पड़ सकती है। यह पूछने पर कि अमेरिका के साथ इस समझौते से किसानों को कितना नुकसान हो सकता है, सुरजेवाला ने कहा कि यह मामला आंकड़ों का नहीं, बल्कि देश के किसानों के हित का है जिसे नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उनका कहना था कि सरकार किसानों के लिए एमएसपी की घोषणा करती है लेकिन देती नहीं है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 17:23:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कृषक कल्याण एवं कृषि विकास: किश्तों की राशि एक अप्रेल, 2026 से 30 सितम्बर, 2026 तक एकमुश्त जमा कराए जाने पर ब्याज में शत-प्रतिशत छूट दिए जाने की घोषणा</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर में कृषि यंत्रों, तारबंदी, बीज, सिंचाई और डेयरी विकास हेतु हजारों करोड़ के अनुदान की घोषणा। लाखों किसान, पशुपालक और ग्रामीण उद्यमी लाभान्वित होंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/announcement-of-100-interest-rebate-if-the-amount-of-farmer/article-142834"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(9)9.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कृषि उत्पादन में वृद्धि के लिए किसान साथियों को विभिन्न कृषि यंत्रों यथा पावर, टिलर, डिस्क, कल्टीवेटर आदि के लिए 160 करोड़ रुपए का अनुदान दिया जाना प्रस्तावित है। इससे लगभग 50 हजार कृषक लाभान्वित होंगे साथ ही, आगामी वर्ष 500 कस्टम हायरिंग सेंटर्स की 96 करोड़  रुपए की लागत से स्थापना की जाएगी। नीलगाय, जंगली जानवरों व निराश्रित पशुओं से फसलों को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए आगामी वर्ष 50 हजार किसानों को 20 हजार किलोमीटर तारबंदी के लिए 228 करोड़ रुपए का अनुदान दिया जाएगा। साथ ही, सामुदायिक तारबंदी में कृषकों की न्यूनतम संख्या 10 से घटाकर 7 किया जाना प्रस्तावित है।आधुनिकतम तकनीकों तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म के आधार पर खेती करने में आसानी एवं क्षमता विकास के लिए उठाएं जाएंगे विभिन्न कदम</p>
<p><strong>एग्री स्टैक पीएमयू का होगा गठन</strong></p>
<ul>
<li>आगामी वर्ष 5 लाख कृषकों को मूंग, एक लाख कृषकों को मोठ तथा एक लाख कृषकों को ज्वार, बाजरा व बरसीम फसल के मिनिकिट का वितरण किया जाना प्रस्तावित है। इस के लिए 33 करोड़ रुपए से अधिक का अनुदान उपलब्ध करवाया जाएगा। गुणवत्तायुक्त उन्नत बीज उत्पादन के लिए मुख्यमंत्राी बीज स्वावलम्बन योजना अन्तर्गत 90 प्रतिशत अनुदान पर 70 हजार क्विंटल बीज उपलब्ध करवाया जाना प्रस्तावित हैै। इस योजनान्तर्गत 50 करोड़ रुपए का व्यय कर 3 लाख कृषकों को लाभान्वित किया जाएगा।<br />  <br />छोटे बाजरे की बढ़ती मांग तथा जनजाति क्षेत्रों के किसानों की आय में वृद्धि के लिए कांगनी, कोदो, सांवा, कुटकी, चीना, रागी आदि छोटे बाजरे के 100 हेक्टेयर क्षेत्रा में प्रदर्शन आयोजित कर एक हजार कृषकों को लाभान्वित किया जाएगा। जलवायु परिवर्तन से कृषि भूमि के पोषक तत्वों पर होने वाले प्रभावों का आंकलन तथा मृदा उर्वरा शक्ति के प्रबन्धन के लिए आगामी वर्ष एक लाख 92 हजार मृदा नमूनों की जांच की जानी प्रस्तावित है।  </li>
<li>प्रत्येक ग्राम पंचायत में वर्मी कम्पोस्ट इकाई स्थापित करने के संकल्प को पूरा करने की दृष्टि से सर्वप्रथम 5 हजार से अधिक आबादी वाली 3 हजार 496 ग्राम पंचायतों में चरणबद्ध रूप से वर्मी कम्पोस्ट इकाइयां स्थापित किया जाना प्रस्तावित है। आगामी वर्ष, प्रथम चरण में 2 हजार 98 ग्राम पंचायतों में इस के लिए लगभग 270 करोड़ रुपए से अधिक का व्यय किया जाएगा। </li>
<li>कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्रा में एआई/एमएल का वृहद स्तर पर उपयोग किए जाने व उत्पादकता वृद्धि के साथ-साथ कृषकों को विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए एग्री स्टैक पीएमयू का गठन किया जाएगा। राज किसान साथी पोर्टल 3.0 पर विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत आवेदन से अनुदान तक की गतिविधियों के ऑनलाइन मॉडयूल का उन्नयन किया जाएगा।  </li>
<li>कृषकों को आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करने, उनकी क्षमता वृद्धि करने के उद्देश्य से नॉलेज इनहांसमेंट प्रोग्राम के अंतर्गत आगामी वर्ष 3 हजार 300 किसानों को राज्य से बाहर एक्सपोजर विजिट करवाई जाएगी। मधुमक्खी पालकों को वैज्ञानिक तरीके से मधुमक्खी पालन करने के साथ-साथ उच्च मूल्य वाले उत्पादकों व मधुमक्खी पराग के उत्पादन की जानकारी देने के लिए एक हजार मधुमक्खी पालकों को किट, वर्कशॉप व एक्सपोजर विजिट की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।</li>
<li>डिजिटल कृषि मिशन के अन्तर्गत कृषि सूचना एवं प्रबंधन प्रणाली राज-एम्स विकसित की जाएगी। इसके अन्तर्गेत कृषि में एआई/एमएल, जीआईएस, रिमोट सेंसिंग एवं सेटेलाइट इमेजरी आदि तकनीकों द्वारा किसानों को जलवायु जोखिम से बचाव, मौसम आधारित बुवाई, फसल स्वास्थ्य की निगरानी सम्बन्धी सुविधायें उपलब्ध कराई जाएंगी। इस के लिए 77 करोड़ रुपए व्यय किये जाएंगे। </li>
<li>उन्नत तकनीक के ग्रीन हाउस-पॉलीहाउस/शेडनेट, लो टनल, प्लास्टिक मल्च उपलब्ध करवाने के लिए आगामी वर्ष 4 हजार कृषकों को 200 करोड़ रुपए का अनुदान दिया जाएगा। </li>
<li>प्रदेश में उद्यानिकी विकास के लिए औषधीय पौधों व मसाला फसलों तथा फूल व सब्जी आदि की खेती संवर्द्धन के लिए विभिन्न कार्य करवाए जाएंगे। ये कार्य हैं- </li>
<li>कृषि जोत भूमि के निरन्तर घटते जा रहे आकार को देखते हुए सब्जियों के गुणवत्तायुक्त उत्पादन वृद्धि के लिए वर्टिकल सपोर्ट सिस्टम आधारित खेती के लिए 5 हजार कृषकों को अनुदान उपलब्ध करवाया जाएगा। </li>
<li>उद्यानिकी उत्पादों की शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए कृषकों को अनुदानित 500 सोलर क्रॉप ड्रायर्स उपलब्ध करवाए जाएंगे।  </li>
<li>पश्चिमी राजस्थान में औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने के लिए एक हजार कृषकों को ईसबगोल, अश्वगंधा, सफेद मूसली, एलोवेरा आदि औषधीय पौधों के उन्नत बीज व आदान उपलब्ध कराये जायेंगे।  </li>
<li>प्रदेश में जीरा, धनिया, सौंफ, मेथी आदि मसाला फसलों का 4 हजार हेक्टेयर क्षेत्रा में विस्तार किए जाने के लिए अनुदान दिया जाएगा।  </li>
<li>फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए लूज फ्लॉवर एवं पॉलीहाउस में डच रोज की 500 हेक्टेयर क्षेत्रा में खेती के लिए कृषकों को अनुदान उपलब्ध करवाया जाएगा।  </li>
<li>राज्य में एग्रो फॉरेस्ट्री के पौधे तैयार करने के लिए जोधपुर, पाली एवं कोटा में ही टेक नर्सरी की स्थापना की जाएगी।  </li>
<li>प्रदेश में चूरू सहित खारे पानी की उपलब्धता वाले जिलों में झींगा पालकों को राहत देने के लिए सस्ती दर पर बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। </li>
<li>कृषि अनुसंधान, कृषि प्रसार शिक्षा तथा कृषि शिक्षण-प्रशिक्षण कार्यों को और अधिक गति दिए जाने के लिए कृषि विश्वविद्यालयों में रिक्त पद चरणबद्ध रूप से भरे जाने प्रस्तावित हैं। आगामी वर्ष 443 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। </li>
<li>दलहनी एवं तिलहनी फसलों की उत्पादकता में वृद्धि तथा आत्मनिर्भरता के लिए मूंग, उड़द, अरहर, सोयाबीन, सरसों, तिल एवं अरण्डी आदि फसलों के 70 हजार प्रदर्शनों का आयोजन किया जाएगा। साथ ही, 2 लाख 50 हजार से अधिक किसानों को दलहनी एवं तिलहनी फसलों के अनुदानित प्रमाणित बीजों का वितरण कर लाभान्वित किया जाएगा। इन पर 135 करोड़ रुपए का व्यय किया जाना प्रस्तावित है। </li>
<li>प्रदेश में कृषि विकास के लिए उन्नत बीज, भूमि सुधार, बायो एजेंट्स एवं छोटे बाजरे को बढ़ावा देने के उद्देश्य से होंगे विभिन्न कार्य  </li>
</ul>
<p><strong>मुख्यमंत्राी बीज स्वावलम्बन योजना से होगा 3 लाख कृषकों को लाभ</strong></p>
<ul>
<li>राज्य में हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 5 हजार कृषकों को नेपियर घास का नि:शुल्क वितरण किया जाएगा।  </li>
<li>क्षारीय एवं लवणीय भूमि के सुधार तथा भूमि की उर्वरता बढ़ाने के लिए 50 हजार ढैंचा बीज मिनिकिट का कृषकों को नि:शुल्क वितरण किया जाएगा।  </li>
<li>कृषि उत्पादों के गुणवत्ता संवर्द्धन में बायो एजेंट्स की उपयोगिता को दृष्टिगत रखते हुए इनका उत्पादन 100 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 200 मीट्रिक टन किया जाना प्रस्तावित है।  </li>
<li>नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी को बढ़ावा देने के लिए एक लाख हेक्टेयर क्षेत्रा में इनके छिड़काव के प्रदर्शनों के लिए 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा।  </li>
<li>राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में अनियमित एवं अनिश्चित वर्षा के कारण वर्षा जल का संग्रहण कर बिना छीजत के पानी का उपयोग सुनिश्चित किए जाने के लिए आगामी वर्ष 8 हजार डिग्गियों व 15 हजार किलोमीटर सिंचाई पाइप लाइन सहित आगामी दो वर्षों में 36 हजार फार्म पोंड्स के लिए 585 करोड़ रुपए से अधिक का अनुदान दिया जाएगा। इससे 80 हजार से अधिक किसान लाभान्वित होंगे।</li>
</ul>
<p><strong>कृषि विपणन एवं सहकारिता</strong></p>
<ul>
<li>ब्याज मुक्त अल्पकालीन फसली ऋण वितरण योजना के अन्तर्गत आगामी वर्ष 35 लाख से अधिक किसान साथियों को 25 हजार करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए जाने की घोषणा। इस के लिए 800 करोड़ रुपए ब्याज अनुदान पर व्यय किए जाएंगे।</li>
<li>दीर्घकालीन सहकारी कृषि एवं नॉन फार्मिंग सेक्टर्स के लिए 590 करोड़ रुपए के ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जाना प्रस्तावित है। इससे लगभग 26 हजार किसान एवं लघु उद्यमी लाभान्वित होंगे। </li>
<li>एग्रो प्रोसेड प्रोडक्ट्स को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान तथा इनसे जुड़े कृषकों को बेहतर मूल्य दिलवाने की दृष्टि से मिशन राज गिफ्ट होगा प्रारंभ <br />प्रदेश में भण्डारण क्षमता वृद्धि, कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग एवं मार्केटिंग, क्षमता विकास, मण्डी विकास तथा आधारभूत संरचना निर्माण सम्बन्धी विभिन्न कार्य करवाए जाएंगे।</li>
</ul>
<p><strong>गोदाम निर्माण, क्षमता संवर्द्धन, मण्डी सम्बन्धी कार्य</strong></p>
<ul>
<li>वर्ष 2047 तक 30 लाख मीट्रिक टन भण्डारण क्षमता के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए प्रदेश में 250 मीट्रिक टन एवं 500 मीट्रिक टन क्षमता के 50-50 गोदामों का निर्माण करवाया जाएगा। इस के लिए लगभग 20 करोड़ रुपए का व्यय किया जाएगा।</li>
<li>गुराडिया माना, सरोद (डग) व लावासल (मनोहरथाना)- झालावाड़ सहित 100 ग्राम सेवा सहकारी समितियों में 100 मीट्रिक टन क्षमता के जीर्ण-शीर्ण गोदाम मय चारदीवारी के पुनर्निर्माण के लिए 15 करोड़ रुपए का अनुदान दिया जाएगा।</li>
<li>ठीकरिया चारणान-बूंदी व गैलानी, सालरिया (झालरापाटन), बडाय (खानपुर), पाडलिया, चाडा, सुनारी (डग)- झालावाड़ सहित 200 नवगठित गोदाम विहीन ग्राम सेवा सहकारी समितियों में 100 मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम एवं कार्यालय भवन मय चारदीवारी निर्माण के लिए 30 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे।  </li>
<li>प्याज की फसल को खराब होने से बचाने एवं मूल्य के उतार-चढ़ाव के नियंत्रण के लिए आगामी वर्ष तीन हजार किसानों को कम लागत की प्याज भण्डारण संरचनाओं के निर्माण के लिए लगभग 26 करोड़ रुपए का अनुदान दिया जाएगा।  </li>
</ul>
<p><strong>मसाला उत्पादन तथा निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कॉन्क्लेव ऑन स्पाइस</strong></p>
<ul>
<li>प्रदेश में मसाला उत्पादन तथा निर्यात को बढ़ावा देने की दृष्टि से आगामी वर्ष राष्ट्रीय स्तर के कॉन्क्लेव ऑन स्पाइस का आयोजन किया जायेगा।  </li>
<li>अलवर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर ऑनियन, श्रीगंगानगर में सेंटर  ऑफ एक्सीलेंस फॉर किन्नू तथा बांसवाड़ा में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर मैंगो खोले जाएंगे।</li>
<li>आमजन को जैविक कृषि उत्पाद उपलब्ध कराने की दृष्टि से जोधपुर, कोटा व उदयपुर में ऑर्गेनिक फूड मार्केट की स्थापना की जाएगी।  </li>
<li>कृषि जिन्सों के प्रोसेसिंग, व्यवसाय एवं निर्यात को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से प्रदेश के चयनित जिलों में 2 हजार कृषकों, प्रोसेसर्स व्यापारियों व निर्यातकों को प्रशिक्षण दिलवाया जाएगा।  </li>
</ul>
<p>नवीन कृषि उपज अनाज मण्डी-बागीदौरा-बांसवाड़ा, सिकराय-दौसा, राजियासर स्टेशन (सूरतगढ़)-श्रीगंगानगर, कृषि उपज अनाज मण्डी में आवश्यक विकास कार्य-नदबई-भरतपुर, कोटपूतली-कोटपूतली बहरोड़, लोसल (धोद)-सीकर, राजलदेसर-चूरू थोक सब्जी मण्डी-नोखा-बीकानेर, सब्जी मण्डी-सवाई माधोपुर, बयाना-भरतपुर अनार मण्डी जीवाणा-जालोर में मूलभूत सुविधाओं का निर्माण कराया जाएगा। गौण मण्डी यार्ड, मूंडवा-नागौर में विशिष्ट पान-मैथी यार्ड तथा आधारभूत संरचनाओं का विकास कार्य ग्रामीण हाट (झालरापाटन)-झालावाड़ के लिए 10 करोड़ रुपए का व्यय किया जाएगा।  </p>
<p><strong>समस्त जिलों में नवीन उपहार विक्रय केन्द्र होंगे शुरू </strong></p>
<ul>
<li>उपभोक्ताओं को गुणवत्तायुक्त ग्रोसरी एवं अन्य खाद्य उत्पाद उपलब्ध करवाये जाने के लिए नवगठित जिलों में जिला सहकारी उपभोक्ता भण्डार स्थापित किए जाएंगे। साथ ही, समस्त जिलों में नवीन उपहार विक्रय केन्द्र शुरू किए जाएंगे। </li>
<li>दूरदराज से कृषि उपज की बिक्री के लिए कृषि उपज मण्डियों में आने वाले किसानों को गर्मी एवं बरसात से बचाव के लिए शेड निर्माण सहित मण्डियों तक पहुंच मार्ग एवं यार्डों मेंअन्य आधारभूत कार्यों के लिए 350 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे। </li>
</ul>
<p><strong>पशुपालन एवं डेयरी: 200 ग्राम पंचायतों में खोले जाएंगे पशु चिकित्सा उपकेन्द्र  </strong></p>
<p>न्यूनतम 3 हजार पशुधन वाली पशु चिकित्सा संस्था विहीन ग्राम पंचायतों में से गहनौली (नदबई)-भरतपुर, धांधोला (जहाजपुर), बांगोलिया (रायपुर)-भीलवाड़ा, पावली (राशमी)-चित्तौड़गढ़, गढ़ोरा (सिकराय)-दौसा, रतनपुरा (संगरिया) -हनुमानगढ़, सामोर (आंधी)-जयपुर, आलवाड़ा (सायला)-जालोर, रेवासा दलेलपुरा (नावां)-डीडवाना कुचामन, संगतडा-सलूम्बर, 17 एमडी (घड़साना) -श्रीगंगानगर सहित 200 ग्राम पंचायतों में पशु चिकित्सा उपकेन्द्र खोले जायेंगे। </p>
<p>ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में क्रमश: 6 किमी.की परिधि में न्यूनतम 5 हजार पशुधन तथा 4 किमी.की परिधि में न्यूनतम 3 हजार पशुधन की अनिवार्यता को प्राथमिकता देते हुए चतरपुरा (बानसूर)-कोटपूतली बहरोड़, मालपुर (गोविन्दगढ़)-अलवर, लीडी (पीसांगन)-अजमेर, बामडला (सेड़वा)-बाड़मेर, नवलपुरा (लाखेरी)-बूंदी, कौरेर-डीग, घोटािद (सागवाड़ा)-डूंगरपुर, मांडियाई खुर्द (तिंवरी)-जोधपुर, कितलसर (डेगाना), हरसोलाव (मेड़तासिटी)-नागौर, डाबरकलां, सिरोही, टोडा का गोठडा, सावतगढ़ (देवली)-टोंक, तलावड़ा (खण्डार)-सवाई माधोपुर, गोमावाली (विजयनगर)- श्रीगंगानगर, खिवाड़ा (राणी)-पाली सहित 25 पशु चिकित्सा उपकेन्द्रों को पशु चिकित्सालय में क्रमोन्नत किया जाएगा।  </p>
<p>ग्रामीण क्षेत्रा में 6 किमी.की परिधि में न्यूनतम 5 हजार पशुधन तथा शहरी क्षेत्रा में 4 किमी.की परिधि में न्यूनतम 2 हजार पशुधन की पात्राता रखने वाले उपरेड़ा (बनेड़ा)-भीलवाड़ा, बिलोठी (सेवर)-भरतपुर, थांवला, राजमहल, चांदली (देवली)-टोंक, बान्दनवाड़ा (भिनाय)-अजमेर, अजबपुरा (नारायणपुर), बुद्ध विहार-अलवर, द्वारापुरा (बांदीकुई)-दौसा, जखराना-कोटपूतली बहरोड़, कठोती (जायल)-नागौर, कोटडी सिमारला (श्रीमाधोपुर)-सीकर, भालेरी (तारानगर)-चूरू, नेवरी व इन्द्रपुरा (उदयपुरवाटी)-झुंझुनूं सहित 50 पशु चिकित्सालयों को प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालयों में क्रमोन्नत किया जाएगा।  </p>
<p>प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय से बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय में क्रमोन्नयन- जमवारामगढ़-जयपुर, खेतड़ी-झुंझुनूं, फलौदी बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय, झालरापाटन-झालावाड़ के भवन निर्माण के लिए 15 करोड़ रुपये का व्यय किया जाएगा।  </p>
<p>प्रदेश में डेयरी एवं दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हमारे द्वारा गठित राजस्थान सहकारी डेयरी अवसंरचना विकास कोष की राशि एक हजार करोड़ रुपये से बढ़ाकर दो हजार करोड़ रुपये किये जाने की घोषणा। </p>
<p>सरस ब्राण्ड को गुणवत्तापूर्ण राष्ट्रीय डेयरी ब्राण्ड के रूप में स्थापित करने के लिए एनसीआर, उत्तर प्रदेश आदि राज्यों में सरस उत्पादों के आउटलेट्स खोले जायेंगे। इसके लिए 100 करोड़ रुपये का व्यय किया जाएगा।</p>
<p>दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ-साथ दुग्ध उत्पादकों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक सम्बल योजना के अंतर्गत वर्तमान में 5 रुपये प्रति लीटर अनुदान दिया जा रहा है। आगामी वर्ष इस योजना में 700 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जाना प्रस्तावित है। इससे लगभग 5 लाख पशुपालक लाभान्वित होंगे। </p>
<p>विकसित राजस्थान @2047 के लिए प्रदेश में मिल्क प्रोसेसिंग कैपेसिटी 200 लाख लीटर प्रतिदिन तथा दूध और दुग्ध उत्पाद बिक्री केन्द्रों की संख्या एक लाख किये जाने का लक्ष्य है। इसके लिए प्रदेश के उपभोक्ताओं को गुणवत्तायुक्त दूध व मिल्क प्रोडक्ट्स उपलब्ध कराने, मिल्क प्लांट्स की स्थापना, अपग्रेडेशन एवं विस्तार करने की दृष्टि से विभिन्न कार्य करवाये जाएंगे। </p>
<p><strong>दुग्ध केन्द्र/संयंत्रा की स्थापना/संवर्द्धन कार्य  </strong></p>
<ul>
<li>ग्रामीण क्षेत्र में आगामी वर्ष होगी एक हजार नवीन दुग्ध संकलन केन्द्रों स्थापना</li>
<li>आगामी वर्ष, ग्रामीण क्षेत्र में एक हजार नवीन दुग्ध संकलन केन्द्रों की स्थापना की जाएगी।  </li>
<li>अलवर में 3 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता के मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट के लिए 200 करोड़ रुपये का व्यय किया जाएगा।  </li>
<li>बारां तथा सिरोही में के 50 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता के मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट के लिए 100 करोड़ रुपए का व्यय किया जएगा।  </li>
<li>जैसलमेर मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट का सुदृढ़ीकरण करते हुए क्षमता 30 हजार लीटर से बढ़ाकर 50 हजार लीटर प्रतिदिन की जायेगी। इस पर 25 करोड़ रुपये का व्यय होगा।  </li>
<li>ग्रामीण क्षेत्रा में दुग्ध व दुग्ध उत्पादों के विपणन के साथ-साथ रोजगार उपलब्ध कराये जाने के लिए 500 डेयरी बूथ आवंटित किये जाएंगे।</li>
<li>एक लाख पशुपालकों को वेल्यू एडेड दुग्ध आधारित उत्पाद- शुद्ध घी, मावा, पनीर, मिठाई आदि तैयार किये जाने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। </li>
<li>प्रदेश में मुर्गीपालन तथा गो उत्पादों को बढ़ावा दिये जाने की दृष्टि से विभिन्न कार्य करवाये जायेंगे, जिनमें मुर्गीपालन/गोशाला संवर्द्धन सम्बन्धी विभिन्न कार्य प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, सिरोही, जालोर, पाली आदि में हैचरी, कोल्ड स्टोरेज एवं प्रोसेसिंग यूनिट की सुविधायुक्त बैक यार्ड के 35 पॉलट्री के 35 क्लस्टर्स महिला शक्ति पोल्ट्री समूह के माध्यम से स्थापित किये जायेंगे। इसके अन्तर्गत प्रति ब्सनेजमत 10 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा।  </li>
<li>उचित मूल्य पर मुर्गी दाना उपलब्ध करवाने के लिए तबीजी-अजमेर में पॉलट्री, फीड यूनिट स्थापित की जाएगी।  </li>
<li>गोशालाओं द्वारा उत्पादित गोकाष्ठ के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए 100 गोशालाओं को रियायती दर पर गोकाष्ठ मशीनें उपलब्ध करवायी जाएंगी।  </li>
<li>गो उत्पादों को प्रोत्साहन देने व आमजन में जागरूकता बढ़ाने के लिए राज्य स्तरीय प्रदर्शनी लगायी जाएगी।  </li>
</ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/announcement-of-100-interest-rebate-if-the-amount-of-farmer/article-142834</link>
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                <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 11:39:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तर प्रदेश बजट 2026-27: सीएम योगी बोले-'सुरक्षित नारी, सक्षम युवा और खुशहाल किसान' पर आधारित है हमारा बजट; 9 लाख करोड़ से अधिक का बजट, निवेश व टेक्नोलॉजी पर जोर</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2026-27 के 9.12 लाख करोड़ बजट को नवनिर्माण की नवगाथा बताया। 43,565 करोड़ नई योजनाएं, 2 लाख करोड़ कैपिटल व्यय, निवेश व एआई मिशन पर फोकस।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/uttar-pradesh-budget-2026-27-cm-yogi-said-our-budget/article-142748"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(5)9.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2026-27 के बजट को उत्तर प्रदेश के नवनिर्माण की नवगाथा बताते हुए कहा कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश ने अपनी छवि बदलने में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज पोटेंशियल हब के रूप में उभरा है और देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में स्थान बना चुका है।</p>
<p>विधानसभा में बजट पेश होने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने यह बातें कहीं । मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष का बजट 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक का है, जो पिछले नौ वर्षों में तीन गुना से ज्यादा बढ़ा है। बजट की थीम सुरक्षित नारी, सक्षम युवा, खुशहाल किसान और हर हाथ को काम रखी गई है। </p>
<p>उन्होंने कहा, लगभग 43,565 करोड़ रुपये नई योजनाओं के लिए प्रस्तावित किए गए हैं, जबकि 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए निर्धारित की गई है, जिससे निर्माण कार्यों के माध्यम से रोजगार और विकास को गति मिलेगी।</p>
<p>सीएम योगी ने कहा कि यह उनकी सरकार का 10वां बजट है और पहली बार किसी मुख्यमंत्री को लगातार दसवीं बार बजट पेश करने का अवसर मिला है। उन्होंने दावा किया कि बीते नौ वर्षों में राज्य में कोई नया कर नहीं लगाया गया। कर चोरी पर प्रभावी नियंत्रण और वित्तीय अनुशासन के कारण उत्तर प्रदेश को रेवेन्यू प्लस राज्य के रूप में स्थापित किया गया है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश का अनुकूल वातावरण बना है। अब तक 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। बेहतर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा की गारंटी ने निवेशकों और आम नागरिकों का विश्वास बढ़ाया है। तकनीकी क्षेत्र में प्रगति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में स्टेट डेटा अथॉरिटी का गठन किया जाएगा। इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के लिए डेटा सेंटर क्लस्टर स्थापित किए जाएंगे तथा एआई मिशन की भी शुरुआत होगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश तकनीक से समृद्ध राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।</p>
<p>कृषि क्षेत्र पर बोलते हुए योगी ने कहा कि अन्नदाता को उद्यमी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। कृषि में डीजल पंप सेट के माध्यम से सिंचाई क्षमता बढ़ाई गई है और पीएम कुसुम योजना का लाभ भी किसानों को दिया जा रहा है। प्रदेश की 44 चीनी मिलों के आधुनिकीकरण से लगभग 10 लाख रोजगार सृजित हुए हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए विभिन्न क्लस्टर स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें काशी और मिर्जापुर समेत अन्य क्षेत्र शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने खुद को अचीवर्स स्टेट के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया है और यह बजट उसी दिशा में एक मजबूत कदम है।</p>
<p>गौरतलब है कि, उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए 9,12,696 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। बजट भाषण में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि यह बजट राज्य के समग्र, संतुलित और अवस्थापना-प्रधान विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वित्त मंत्री ने बताया कि नीति आयोग द्वारा जनवरी 2026 में जारी एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स-2024 में उत्तर प्रदेश ने देश के लैंड-लॉक्ड राज्यों में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो राज्य की निर्यात क्षमता और औद्योगिक प्रगति का प्रमाण है।</p>
<p>उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बुधवार को सदन में वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए 9,12,696 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। बजट भाषण में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि यह बजट राज्य के समग्र, संतुलित और अवस्थापना-प्रधान विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।</p>
<p>वित्त मंत्री ने बताया कि नीति आयोग द्वारा जनवरी 2026 में जारी एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स-2024 में उत्तर प्रदेश ने देश के लैंड-लॉक्ड राज्यों में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो राज्य की निर्यात क्षमता और औद्योगिक प्रगति का प्रमाण है। कृषि क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का अग्रणी कृषि उत्पादन वाला राज्य है। गेहूं, धान, गन्ना, आलू, केला, आम, अमरूद, आंवला और मेंथा के उत्पादन में प्रदेश का राष्ट्रीय स्तर पर सर्वाधिक योगदान है।</p>
<p>सिंचाई सुविधाओं में विस्तार पर प्रकाश डालते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि वर्ष 2016-2017 में जहां ङ्क्षसचित क्षेत्र 2.16 करोड़ हेक्टेयर था, वहीं वर्ष 2024-2025 में इसमें 60 लाख हेक्टेयर की वृद्धि दर्ज की गई है। फसल सघनता भी वर्ष 2016-2017 के 162.7 प्रतिशत से बढ़कर वर्ष 2024-2025 में 193.7 प्रतिशत हो गई है। ऊर्जा क्षेत्र में उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2016-2017 की 5,878 मेगावॉट ताप विद्युत उत्पादन क्षमता की तुलना में वित्तीय वर्ष 2025-2026 (दिसंबर 2025 तक) में 55.16 प्रतिशत वृद्धि के साथ 9,120 मेगावॉट की ताप विद्युत उत्पादन क्षमता हासिल की गई है।</p>
<p>इसके साथ ही राज्य सरकार हरित और स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों के विकास पर भी विशेष ध्यान दे रही है। प्रदेश में अब तक 2,815 मेगावॉट की सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि प्रस्तुत बजट राज्य को आत्मनिर्भर, ऊर्जा सक्षम और कृषि व औद्योगिक ²ष्टि से मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 17:36:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार बोला तीखा हमला: कहा विदेशी निर्भरता से किसान बर्बाद, विकास के नाम पर खेती छीनने की साजिश</title>
                                    <description><![CDATA[अखिलेश यादव ने कहा कि खेती से जुड़ी चीजें विदेश से आने पर किसान बर्बाद होगा। उचित दाम न मिलने से किसान का भविष्य और परिवार संकट में पड़ जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/akhilesh-yadav-made-a-sharp-attack-on-the-central-government/article-142582"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/akhilesh-yadav.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यदि खेती से जुड़ी हर चीज विदेश से आएगी तो देश का किसान पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति में किसान क्या उगाएगा, क्या बेचेगा और अपनी मेहनत की कमाई से परिवार कैसे चलाएगा। मंगलवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट कर अखिलेश यादव ने कहा कि जब किसान को उसकी फसल का उचित दाम नहीं मिलेगा तो वह बच्चों की पढ़ाई, घर के बुजुर्गों का इलाज और बेटियों की शादी जैसे सामाजिक दायित्व कैसे निभा पाएगा। आज का पेट भरना मुश्किल होगा तो कल के लिए बचत की उम्मीद करना बेमानी है।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को नुकसान पहुँचाकर कोई भी सरकार लंबे समय तक देश नहीं चला सकती। भाजपा सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर वह विदेशी ताकतों के सामने देश के अन्नदाता के हितों का समर्पण क्यों कर रही है। कभी भूमि अधिग्रहण के नाम पर खेती छीनने की साजिश रची जाती है तो कभी काले कानूनों के जरिए किसानों को संकट में धकेला जाता है।</p>
<p>सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा की सोच खेती और उत्पादन की नहीं बल्कि बिचौलियों की है। यह सरकार पैदावार बढ़ाने की जगह बीच में कमीशनखोरी को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने मांग की कि खेती-किसानी के बीच और किसानों के बीच बैठे भाजपाई बिचौलियों का पर्दाफाश होना चाहिए। उन्होने कहा कि आज किसान साफ शब्दों में कह रहा है कि उसे भाजपा नहीं चाहिए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के जाने से ही खेती-बाड़ी और किसान का भविष्य सुरक्षित हो पाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 14:25:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बजट में ‘धुरंधर’ खेत खलिहान: औषधीय खेती करने वाले किसान, हर वर्ग के लिए लक्षित योजनाएं तैयार की, किसानों को एआई से मिलेगी नई ताकत</title>
                                    <description><![CDATA[बजट में कृषि एआई, पीएम-किसान यथावत, आयुष्मान भारत, ग्रामीण सड़कों, आवास और खाद्य सुरक्षा योजनाओं को मजबूत किया गया, विशेष फसलों को वैश्विक ब्रांड बनाने का लक्ष्य रखा गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/in-the-budget-dhurandhar-targeted-schemes-prepared-for-every-section/article-141645"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(2)1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए केंद्र सरकार ने इस बार बजट में धुरंधर खेत खलिहान की सोच पर बड़ा दांव लगाया है। बहु भाषीय एआई टूल किसानों की उत्पादकता को बढ़ाएगा और विशिष्ट सलाह प्रदान करके किसानों को बेहतर निर्णय लेने और जोखिम को कम करने में मदद करेगा। सीतारमण ने साफ संकेत दिया कि चाहे तटवर्ती काजू नारियल किसान हों, पहाड़ी इलाकों के खुमानी अखरोट बादाम उत्पादक हों या औषधीय खेती करने वाले किसान, हर वर्ग के लिए लक्षित योजनाएं तैयार की गई हैं। बजट के अनुसार, भारत अब अपनी विशेष फसलों को वैश्विक बाजर में प्रीमियम ब्रांड के रूप में स्थापित करने पर काम करेगा। </p>
<p>किसानों के लिए चल रही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का बजट 63,500 करोड़ रुपए रखा गया है, जो पिछले साल के बराबर है। इस योजना के तहत छोटे और सीमांत किसानों को सीधे खाते में किस्त मिलती है। जिससे बीज, खाद और खेती के खर्च में मदद होती है। </p>
<p>स्वास्थ्य क्षेत्र में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लिए 9,500 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है। पिछले साल यह 9,401 करोड़ थाए जो रिवाइज्ड अनुमान में घटकर 8,995 करोड़ रह गया था। इस स्कीम से गरीब और कमजोर परिवारों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है, खासकर बड़े अस्पतालों में महंगे इलाज के दौरान।</p>
<p><strong>पीएमजीएसवाई के लिए 19,000 करोड़ रुपए का आवंटन</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के लिए बजट में  वर्ष 2026-27 का आवंटन 19,000 करोड़ रुपए रखा गया है, जो 2025-26 के बराबर ही है। हालांकि, संशोधित अनुमान के अनुसार पिछले वित्त वर्ष में इस पर खर्च 11,000 करोड़ रुपए हुआ था। वहीं दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्टÑीय ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए 2026-27 का आवंटन बढ़ाकर 19,200 करोड़ रुपये कर दिया गया है, पिछले साल यह राशि 19,005 करोड़ रुपये थी, जबकि संशोधित अनुमान के मुताबिक 16,000 करोड़ रुपए खर्च हुए। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के लिए इस साल 54,916.70 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं, पिछले बजट में यह राशि 54,832.00 करोड़ रुपए थी और संशोधित अनुमान में खर्च 32,500.01 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।</p>
<p><strong>पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना को 2,27,429 करोड़ रुपए</strong></p>
<p>खाद्य सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना पर 2,27,429 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, पिछले साल 2,03,000 करोड़ का बजट था, जो संशोधित अनुमान में बढ़कर 2,27,753.65 करोड़ हो गया था। इस योजना से करोड़ों गरीब परिवारों को मुफ्त या सस्ता राशन मिलता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Feb 2026 11:38:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>अजीत पवार जीवन परिचय: कम उम्र में ही किसानों के दर्द को समझना कर दिया था शुरू, जानें कैसे पड़ा ''दादा'' नाम</title>
                                    <description><![CDATA[महाराष्ट्र के दिग्गज नेता अजीत पवार ने सहकार आंदोलन से राजनीति में पहचान बनाई। सांसद, मंत्री और पांच बार उपमुख्यमंत्री रहकर विकास और संगठनकर्ता की मजबूत छवि स्थापित की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/ajit-pawar-biography-started-understanding-the-pain-of-farmers-at/article-141043"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/ajit-pawarr.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। महराष्ट्र के दिग्गज नेता रहे अजीत पवार का जन्म 22 जुलाई 1959 को अहमदनगर जिले के राहुरी तालुका के देवलाली प्रवरा में हुआ था। उन्हें कम उम्र में ही अपने परिवार की देखभाल की जिम्मेदारी उठानी पड़ी, और यही वह वक्त था जब  उन्हें अपने आसपास की सामाजिक समस्याओं के बारे में पहली बार पता चला। जैसे ही उन्होंने किसानों की दुर्दशा को समझा, उनके मन में उनके प्रति सहानुभूति के बीज बोए गए। </p>
<p><img src="https://akm-img-a-in.tosshub.com/indiatoday/images/story/202601/ajit-pawar-281739142-16x9_0.jpeg?VersionId=5BhOIN98B1WzMlGD0Q4QGdTKH4ihHK9Y&amp;size=690:388" alt="Ajit Pawar dies: Mass leader who practised politics with no permanent  friends or enemies - India Today"></img></p>
<p>उनके नेतृत्व की यात्रा दूध संघों, विभिन्न सहकारी समितियों, चीनी मिलों और बैंकों जैसे विभिन्न संस्थानों के साथ शुरू हुई। इस सफर ने साल 1991 में एक नयी दिशा ली। तब से, उन्होंने सांसद, विधायक, विभिन्न महत्वपूर्ण सरकारी विभागों के राज्य मंत्री और महाराष्ट्र के चार बार उपमुख्यमंत्री जैसे कई और पदों को सुशोभित करने में सफल रहे। महाराष्ट्र के लोगों के लिए उनके अथक प्रयास और लोगों और मिट्टी से जुड़े रहने की उनकी क्षमता के कारण, अजीत पवार को कामकाजी लोगों से लेकर बच्चों, माताओं, बहनों और महाराष्ट्र के महत्वाकांक्षी युवाओं तक सभी लोग प्यार से 'दादा' का नाम दिया।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi" xml:lang="hi">महाराष्ट्र में विमान क्रैश में डिप्टी सीएम अजीत पवार का निधन<a href="https://twitter.com/hashtag/planecrash?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#planecrash</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/ajitpanwar?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#ajitpanwar</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/maharshtradeputycm?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#maharshtradeputycm</a> <a href="https://t.co/V32oBuhj9q">pic.twitter.com/V32oBuhj9q</a></p>
— Dainik Navajyoti (@DailyNavajyoti) <a href="https://twitter.com/DailyNavajyoti/status/2016409322146955725?ref_src=twsrc%5Etfw">January 28, 2026</a></blockquote>
<p>

</p>
<p>वर्ष 1982 में मात्र 20 वर्ष की आयु में एक चीनी सहकारी संस्था से अपने चुनावी करियर की शुरुआत करने वाले पवार ने प्रदेश की राजनीति में एक निर्णायक भूमिका निभाई। राज्य में भू-राजनीतिक स्थिति की अपनी गहरी समझ के कारण, वह यह बेहतर ढंग से जानते थे कि कोई भी फैसला मुंबई में मंत्रालय से लेकर मेहनती किसानों तक और महाराष्ट्र के पूर्वी कोने से लेकर पश्चिमी कोने तक सभी स्तरों पर लोगों को कैसे प्रभावित करेगा।</p>
<p><img src="https://img.mathrubhumi.com/view/acePublic/alias/contentid/1osxox54xikalsjuu9i/1/ajit-pawar-jpg.webp?f=1x1&amp;w=1080&amp;q=0.8" alt="Ajit Pawar no more: A look back at India's high-profile aviation deaths"></img></p>
<p>इसके बाद अजित पवार साल 1991 में पुणे जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष बने और लगातार 16 वर्षों तक इस पद पर रहे। इसी वर्ष वह बारामती से लोकसभा के लिए चुने गए, लेकिन अपने चाचा और कद्दावर नेता शरद पवार के लिए उन्होंने यह सीट छोड़ दी। इसके बाद वह महाराष्ट्र विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए और 1992-93 में कृषि एवं बिजली राज्य मंत्री बने। अजित पवार ने बारामती निर्वाचन क्षेत्र से 1995, 1999, 2004, 2009 और 2014 में लगातार जीत दर्ज की। उन्होंने अपने करियर में कृषि, बागवानी, बिजली और जल संसाधन जैसे महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार संभाला।</p>
<p><img src="https://images.loksattaimg.com/2026/01/ajit-pawar-plane-crash-dead-people-names.jpg?quality=100&amp;w=440" alt="Ajit Pawar Death: अपघातावेळी अजित पवारांबरोबर आणखी कोण होतं? - Marathi News  | Ajit Pawar Death Update Names Of All People On Board With Ajit Pawar  Shambhavi Pathak Sumit Kapoor Vidip Jadhav"></img></p>
<p>अजीत पवार पांच बार राज्य के उपमुख्यमंत्री पद पर रहे। वह पहली बार 10 नवंबर 2010 से 25 सितंबर 2012 तक कांग्रेस की पृथ्वीराज चव्हाण सरकार में इस पद पर रहे। इसके बाद 25 अक्टूबर 2012 से 26 सितंबर 2014 तक वह पुन: उपमुख्यमंत्री बने। इसके बाद अजीत पवार ने 23 नवंबर 2019 को देवेंद्र फडणवीस के साथ एक दिन की सरकार बनाकर इतिहास बना दिया। इसके उपरांत 30 दिसंबर 2019 से 29 जून 2022 तक वह उद्धव ठाकरे सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे। दो जुलाई 2023 से वह वर्तमान सरकार में इस पद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। दिसंबर 2024 से वह देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में आठवें उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत थे।</p>
<p><img src="https://swarajya.gumlet.io/swarajya/2023-04/95de78a0-5617-4ae4-bf80-55b8e6d317c3/Swarajya_images__45_.png?w=610&amp;q=75&amp;compress=true&amp;format=auto" alt="Another Eventful 21 June In Maharashtra: Ajit Pawar 'Doesn't Want To Be  Leader Of Opposition Anymore'"></img></p>
<p>प्रशासनिक अनुभव और मजबूत संगठनकर्ता के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले अजीत पवार का नाम सिंचाई घोटाले और लवासा लेक सिटी प्रोजेक्ट जैसे विवादों से भी जुड़ा रहा, हालांकि बाद में उन्हें क्लीन चिट मिल गई थी। उन्हें महाराष्ट्र की सत्ता राजनीति के सबसे अहम चेहरों में गिना जाता था जिन्होंने हमेशा खुद को शरद पवार का अनुयायी बताया। अजीत पवार चाहे वह सत्ता में हों या न हों, वह हमेशा अपने जनता दरबार के माध्यम से लोगों से जुड़े रहते थे। लोगों में उनकी लोकप्रियता इस वजह से भी रही क्योंकि वे अपने दृष्टिकोण में स्पष्टवादिता रखते थे। विकास के बारे में उनकी शानदार और स्पष्ट सोच ने पिछले तीन दशकों में महाराष्ट्र के राजनीतिक और सामाजिक जीवन को प्रभावित किया है। महाराष्ट्र के राजनीतिक परिदृश्य में अपनी समय की पाबंदी के लिए मशहूर, वह नए महाराष्ट्र के निर्माता के रूप में देखे गए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 28 Jan 2026 12:40:17 +0530</pubDate>
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