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                <title>West Asia Crisis - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>West Asia Crisis RSS Feed</description>
                
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                <title>पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच शी जिनपिंग ने रखा चार-सूत्री योजना का प्रस्ताव : दुनिया को जंगल बनाने से बचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून का करना चाहिए सम्मान, विकास एवं सुरक्षा के सामंजस्य पर दिया जोर</title>
                                    <description><![CDATA[चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पश्चिम एशिया में स्थिरता के लिए चार-सूत्री सुरक्षा प्रस्ताव पेश किया है। अबू धाबी के युवराज के साथ बैठक में उन्होंने संप्रभुता के सम्मान और अंतरराष्ट्रीय कानून पर जोर दिया। अमेरिका-ईरान वार्ता विफल होने और तेल की कीमतों में उछाल के बीच चीन अब इस संकट में मध्यस्थ बनने की तैयारी में है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/amidst-the-increasing-tension-in-west-asia-xi-jinping-proposed/article-150367"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/shi-jinpin.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पश्चिम एशिया युद्ध में मध्यस्थ की भूमिका में दिलचस्पी दिखाते हुए कहा है कि उन्होंने क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए यहां अबू धाबी के युवराज ज़ायेद अल नहयान के साथ बैठक में चार-सूत्री प्रस्ताव रखा है। शी जिनपिंग ने शांति पर जोर देते हुए कहा कि पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र के लिए एक साझा, विस्तृत, सहयोगपूर्ण और टिकाऊ सुरक्षा व्यवस्था बनायी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी देशों की संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता का भी पूरी तरह सम्मान होना चाहिए। साथ ही नागरिकों एवं अवसंरचनाओं की भी सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए।</p>
<p>शी जिनपिंग ने कहा कि दुनिया को जंगल बनाने से बचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने विकास एवं सुरक्षा के सामंजस्य पर जोर देते हुए सभी पक्षों से साथ आकर क्षेत्रीय विकास के लिए अनुकूल माहौल बनाने अनुरोध किया। चीन का कूटनीतिक प्रयास ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका-ईरान के बीच दो सप्ताह का युद्धविराम चल रहा है। इस दौरान दोनों देशों ने पाकिस्तान की मध्यस्थता में इस्लामाबाद में बैठकर शांति वार्ता भी की। यह शांति वार्ता 21 घंटे तक चली लेकिन इसका कोई हल नहीं निकला, जिससे युद्धविराम पर संकट के बादल मंडराने लगे। इस बीच, अमेरिका ने राष्ट्रपति ट्रंप की घोषणा के बाद ईरान के बंदरगाहों को बाधित कर दिया है, जिससे तेल के दामों में उछाल देखने को मिला है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 16:26:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>जॉर्जिया मेलोनी का दावा : पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण ऊर्जा संकट की आशंका बढ़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर खोलने की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने चेतावनी दी है कि पश्चिम एशिया तनाव से इटली में ऊर्जा संकट गहरा सकता है। खाड़ी देशों में अस्थिरता के कारण जेट ईंधन पर प्रतिबंध शुरू हो गए हैं। मेलोनी ने होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करने और तेल आपूर्ति सुरक्षित करने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/georgia-meloni-claims-fear-of-energy-crisis-increased-due-to/article-149268"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/pm-giorgia-meloni.png" alt=""></a><br /><p>रोम। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने स्वीकार किया है कि यदि पश्चिम एशिया में स्थिति और बिगड़ती है तो देश को ऊर्जा की कमी का सामना करना पड़ सकता है। 'कोरिरे डेला सेरा' अखबार ने शनिवार को इटली के चार हवाई अड्डों—मिलान, वेनिस, ट्रेविसो और बोलोग्ना में जेट ईंधन पर लागू किये गये पहले प्रतिबंध की जानकारी दी। पीएम मेलोनी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर कहा, " जब खाड़ी देशों में अस्थिरता बढ़ती है, तो इसका सीधा असर ऊर्जा की लागत, व्यवसायों, नौकरियों और अंततः परिवारों की क्रय शक्ति पर पड़ता है।"</p>
<p>प्रधानमंत्री मेलोनी का मानना है कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में फारस की खाड़ी के देश प्रमुख भूमिका निभाते हैं। अगर वहां उत्पादन कम या बंद होता है, तो ऊर्जा की कीमतें हर किसी के लिए बढ़ जायेंगी। मेलोनी ने आगाह किया, "अगर स्थिति और खराब होती है तो हम ऐसी स्थिति में पहुंच सकते हैं, जहां हमारे पास जरूरत भर ऊर्जा उपलब्ध न हो, यहां तक कि इटली में भी।" शुक्रवार और शनिवार को सुश्री मेलोनी ने फारस की खाड़ी के देशों का दौरा किया। उनके अनुसार, ये देश इटली की तेल आवश्यकताओं का 15 प्रतिशत हिस्सा पूरा करते हैं।</p>
<p>उन्होंने स्पष्ट किया, "मैंने उनके साथ चर्चा की कि कैसे सहयोग मजबूत किया जाये, तनाव रोकने में मदद की जाये और उन रास्तों पर नौवहन की स्वतंत्रता को तेजी से बहाल किया जाये, जिन पर ऊर्जा, व्यापार और स्थिरता निर्भर करती है, जिसकी शुरुआत होर्मुज जलडमरूमध्य से होती है।” अट्ठाइस फरवरी को अमेरिका-इजरायल ने तेहरान सहित ईरान में लक्ष्यों पर हमले शुरू किये थे, जिससे काफी नुकसान हुआ और नागरिक हताहत हुए। ईरान इसके जवाब में इजरायली क्षेत्र के साथ-साथ पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले कर रहा है। बढ़ते संघर्ष ने वैश्विक तेल और एलएनजी के लिए प्रमुख आपूर्ति मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से होने वाले शिपिंग को लगभग रोक दिया है। इसके परिणामस्वरूप अधिकतर देशों में ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 15:30:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पश्चिम एशिया संकट के मद्देनज़र सरकार की अपील : ऑनलाइन ही बुक कराएं सिलेंडर, जरूरत पड़ने पर ही जाएं वितरक के पास</title>
                                    <description><![CDATA[पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पश्चिम एशिया संकट के बावजूद भारत में ईंधन की कोई कमी नहीं है। सरकार ने जमाखोरी रोकने के लिए 50,000 सिलेंडर जब्त किए और 36 वितरकों को निलंबित किया। 95% ऑनलाइन बुकिंग के साथ आपूर्ति सुचारू है। मंत्रालय ने नागरिकों से पैनिक बुकिंग न करने और डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने की अपील की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/in-view-of-the-west-asia-crisis-the-governments-appeal/article-149191"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/cyclender-book.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। ऑनलाइन बुकिंग के बढ़ने के बावजूद रसोई गैस वितरण एजेन्सियों के बाहर लंबी-लंबी लाइनों को देखते हुए सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे ऑनलाइन माध्यम से ही एलपीजी सिलेंडर बुक करायें और आवश्यक होने पर ही वितरकों के पास जायें। पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर सरकार ने रविवार को एक बार फिर दोहराया कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य के रास्ते ऊर्जा आपूर्ति के प्रभावित होने के घटनाक्रम को ध्यान में रखते हुए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय पूरे देश में पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की सुचारु और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए निरंतर आवश्यक कदम उठा रहा है और फिलहाल देश में इनका पर्याप्त भंडार है।</p>
<p>मंत्रालय ने कहा है कि एलपीजी वितरकों के पास गैस समाप्त होने की कोई सूचना नहीं है और ऑनलाइन एलपीजी सिलेंडर बुकिंग बढ़कर 95 प्रतिशत हो गई है। शनिवार को 51 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी की गई। डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) आधारित एलपीजी डिलीवरी फरवरी में 53 प्रतिशत से बढ़कर शनिवार को 90 प्रतिशत हो गई है ताकि हेराफेरी को रोका जा सके। प्रवासी श्रमिकों और छात्रों को शनिवार को 5 किलोग्राम के 90,000 से अधिक सिलेंडर बेचे गए।देश में पीएनजी विस्तार तेज़ी से बढ़ रहा है और  मार्च से 3.6 लाख कनेक्शन को गैस आपूर्ति शुरू की गयी है और 3.9 लाख से अधिक नए पंजीकरण हुए हैं।</p>
<p>पश्चिम एशिया में फंसे सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले जहाजों से जुड़ी कोई घटना रिपोर्ट नहीं हुई। विदेश मंत्रालय खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्र में विकसित हो रही स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए है और 28 फरवरी से अब तक 7 लाख दो हजार से अधिक भारतीय स्वदेश लौटे हैं। सरकार ने कहा है कि वह पेट्रोल, डीज़ल और एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और घबराहट में खरीदारी तथा अनावश्यक बुकिंग से बचें।</p>
<p>एलपीजी की जमाखोरी और काला बाज़ारी की जांच के लिए कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में छापेमारी जारी है। मार्च से अब तक राज्यों और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों की संयुक्त टीमों द्वारा 50,000 से अधिक सिलेंडर जब्त किए गए हैं। कंपनियों के अधिकारियों को अचानक निरीक्षण की प्रणाली को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जमाखोरी और काला बाज़ारी की किसी भी घटना को रोका जा सके। अब तक एलपीजी वितरकों को 1400 से अधिक कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इसके अलावा, अब तक 36 एलपीजी वितरकों को निलंबित किया जा चुका है। उपभोक्ताओं को डी-पीएनजी और सीएनजी-परिवहन के लिए 100 प्रतिशत आपूर्ति के साथ प्राथमिकता दी गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 17:54:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आम आदमी को बड़ा झटका: इंडियन ऑयल ने प्रीमियम डीजल किया महंगा,  ₹1.50 प्रति लीटर की बढ़ोतरी</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम एशिया संकट के बीच इंडियन ऑयल ने प्रीमियम डीजल (XG) की कीमत में ₹1.50 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। दिल्ली में अब यह ₹92.99 में मिलेगा। हालांकि, सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं। वैश्विक कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण प्रीमियम ईंधन श्रेणियों पर महंगाई का दबाव बढ़ रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/common-man-again-got-a-big-shock-premium-diesel-becomes/article-148734"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/petrol.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। पश्चिम एशिया संकट के कारण अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में तेज उछाल को देखते हुए देश की सबसे बड़ी तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने बुधवार को अपने प्रीमियम डीजल की कीमत में 1.50 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी। दिल्ली में इंडियन ऑयल का प्रीमियम डीजल 'एक्सजी' आज से 92.99 रुपये प्रति लीटर का मिल रहा है। इससे पहले इसकी कीमत 91.49 रुपये प्रति लीटर थी। इस प्रकार इसमें डेढ़ रुपये की बढ़ोतरी की गयी है।</p>
<p>इससे पहले इंडियन ऑयल ने 20 मार्च को अपने प्रीमियम पेट्रोल एक्सपी95 के दाम में दो रुपये की वृद्धि की थी। उसके बाद, दिल्ली में एक्सपी95 101.89 रुपये प्रति लीटर का बिक रहा है। राष्ट्रीय राजधानी में आज गैर-ब्रांडेड पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये और गैर-ब्रांडेड डीजल की 87.67 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर रही। इनके दाम में 30 अक्टूबर 2024 के बाद से कोई बदलाव नहीं किया गया है। मुंबई में पेट्रोल की कीमत 103.54 रुपये, चेन्नई में 100.84 रुपये और कोलकाता में 105.45 रुपये प्रति लीटर है। डीजल मुंबई में 90.03 रुपये, चेन्नई में 92.39 रुपये और कोलकाता में 92.02 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 17:23:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पश्चिम एशिया संकट: रिपोर्ट में हुआ खुलासा; ईरान युद्ध लंबा चला तो महंगे हो सकते हैं मोबाइल फोन और कंप्यूटर, मेमोरी और चिपसेट की आपूर्ति भी प्रभावित</title>
                                    <description><![CDATA[नोकिया इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम एशिया संकट से चिपसेट और मेमोरी की सप्लाई चेन बाधित हो गई है। वर्तमान में स्टॉक पर्याप्त है, लेकिन युद्ध खिंचने पर स्मार्टफोन और कंप्यूटर के दाम बढ़ सकते हैं। भारत में 5G FWA के कारण डेटा खपत 31.1 GB प्रति यूजर पहुंच गई है, जिससे स्पेक्ट्रम आवंटन में बदलाव की जरूरत है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/west-asia-crisis-report-revealed-that-if-the-iran-war/article-148566"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/tech.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। पश्चिम एशिया संकट के कारण मेमोरी और चिपसेट की आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने लगी है और युद्ध लंबा चलने की स्थिति में मोबाइल फोन, कंप्यूटर और हर उस डिवास के दाम बढ़ सकते हैं, जिनमें इनका इस्तेमाल होता है। भारत में नोकिया इंडिया की प्रबंधक विभा मेहरा ने मंगलवार को एक रिपोर्ट जारी करने के बाद संवाददाताओं के प्रश्नों के उत्तर में बताया कि युद्ध के कारण दूसरी चीजों के साथ मेमोरी और चिपसेट की आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है। अभी डिवाइसों की आपूर्ति को लेकर कोई समस्या नहीं है, क्योंकि पर्याप्त इनवेंटरी उपलब्ध है, लेकिन युद्ध जारी रहा तो मध्यम अवधि (छह महीने से दो साल) में असर दिखने लगेगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि फिलहाल मेमोरी और चिपसेट के दाम बढ़ने लगे हैं। कुछ लोगों ने इनका भंडारण शुरू कर दिया है और दाम बढ़ा दिये हैं। ऐसे में तुरंत नहीं तो आने वाले कुछ समय में इसका असर जरूर दिखेगा। इंडिया मोबाइल ब्रॉडबैंड इंडेक्स 2026 जारी करते हुए मेहरा ने कहा कि भारत में डाटा उपभोग तेजी से बढ़ रहा है। पिछले पांच साल में 21.7 प्रतिशत की औसत दर से बढ़ता हुआ कुल डाटा ट्रैफिक साल 2025 में 27.6 एग्जाबाइट मासिक पर पहुंच गया। वहीं प्रति यूजर औसत मासिक डाटा खपत 18.2 प्रतिशत की औसत वृद्धि के साथ पिछले साल 31.1 जीबी पर रहा।</p>
<p>उन्होंने बताया कि इस वृद्धि में 5जी फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (एफडब्ल्यूए)का सबसे बड़ा योगदान रहा। कुल 5जी डाटा उपभोग में इसकी हिस्सेदारी 25 प्रतिशत से अधिक रही। मोबाइल डाटा यूजरों की तुलना में एफडब्ल्यूए यूजरों ने 10 गुना डाटा की खपत की। साल दर साल 5जी एफडब्ल्यूए यूजरों की संख्या में दुगुनी हो गयी है। मेहरा ने बताया कि एक बड़ा बदलाव अपलोड और डाउनलोड के अनुपात में बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। अपलोड तेजी से बढ़ रहा है। इसके लिए दूरसंचार कंपनियों को अपने स्पेक्ट्रम आवंटन में बदलाव करना होगा। साथ ही उन्होंने डिवाइसों समेत उन तकनीकों पर भी काम करना होगा जिससे डाटा अपलोड ज्यादा सहज हो सके।</p>
<p>उन्होंने बताया कि फिलहाल, औसतन 90 प्रतिशत स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल डाउनलोड के लिए और 10 प्रतिशत का अपलोड के लिए किया जा रहा है। यह आवंटन यूजरों के पारंपरिक इस्तेमाल के पैटर्न के आधार पर किया गया है। हालांकि बदलते पैटर्न के अनुरूप उन्हें अपलोड स्पीड बढ़ानी होगी, लेकिन डाउनलोड से समझौता किये बिना। रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2025 के अंत में देश में कुल 89.2 करोड़ सक्रिय 4जी डिवाइस हैं जिनमें से 38.3 करोड़ 5जी के लिए सक्षम हैं यानी नेटवर्क उपलब्ध रहने पर उन पर 5जी का की सुविधा मिल सकती है। देश में बेचे गये हर 10 में से नौ स्मार्टफोन 5जी वाले थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 15:36:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पश्चिम एशिया में शांति बहाली पर पाकिस्तान को महत्व देना भारत की कूटनीतिक विफलता: जयराम रमेश ने खड़े किए भारत की विदेश नीति पर गंभीर सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पश्चिम एशिया संकट में पाकिस्तान को मध्यस्थ बनाए जाने पर मोदी सरकार को घेरा है। उन्होंने इसे भारत की बड़ी कूटनीतिक विफलता बताते हुए कहा कि आतंकवाद को पनाह देने वाले देश को 'ब्रोकर' बनाना आपत्तिजनक है। जयराम ने डॉ. मनमोहन सिंह सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए वर्तमान विदेश नीति पर सवाल उठाए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/giving-importance-to-pakistan-on-restoration-of-peace-in-west/article-147949"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/jairam-ramesh.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा है कि पश्चिम एशिया में शांति बहाली के वास्ते मध्यस्थ के रूप में आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले पाकिस्तान का नाम सामने आना भारत की कूटनीतिक विफलता है और अब विदेश मंत्री एस जयशंकर इस विफलता पर पर्दा डालने का प्रयास कर रहे हैं। कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि पाकिस्तान जैसे देश को मध्यस्थ के रूप में स्वीकार किया जाना बेहद आपत्तिजनक है। उनका कहना था कि पाकिस्तान लंबे समय से आतंकवाद को बढ़ावा देने, ओसामा बिन लादेन जैसे आतंकियों को पनाह देने, परमाणु अप्रसार नियमों के उल्लंघन और ए. क्यू. खान नेटवर्क के जरिए परमाणु प्रसार में शामिल रहा है। उसने अफगानिस्तान में नागरिक ठिकानों पर हमले किए और अपने ही नागरिकों तथा अल्पसंख्यकों के खिलाफ कार्रवाई की।</p>
<p>जयराम रमेश ने कहा कि 2008 के मुंबई हमले के बाद डॉ मनमोहन सिंह सरकार ने पाकिस्तान को वैश्विक स्तर पर अलग-थलग कर दिया था, लेकिन हाल के घटनाक्रमों में ऐसा नहीं हो सका। उन्होंने आसिम मुनीर के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि इसके बावजूद पाकिस्तान विश्व मंच पर और प्रासंगिक बनता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया "हमारी सरकार की कूटनीति, वैश्विक संपर्क और नैरेटिव प्रबंधन की कमजोरियों के कारण एक अस्थिर देश को 'ब्रोकर' की भूमिका मिल गई है, जो भारत की विदेश नीति पर गंभीर सवाल खड़े करता है।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 14:42:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जापान और अमेरिका ने एशिया में आपूर्ति के लिए संयुक्त तेल विकास पर की चर्चा: तोशिमित्सु मोतेगी ने कहा-अन्य देशों को भी ऊर्जा संसाधन उपलब्ध कराने में साबित होगा मददगार </title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम एशिया संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधाओं के बीच, जापान और अमेरिका संयुक्त तेल विकास पर रणनीति बना रहे हैं। जापान अपनी 94% तेल आपूर्ति के लिए मध्य-पूर्व पर निर्भर है। नए प्रस्ताव में अलास्का से तेल प्राप्त करना और एशिया में रणनीतिक भंडार बनाना शामिल है, ताकि क्षेत्रीय ऊर्जा प्रवाह स्थिर रहे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/japan-and-america-discussed-joint-oil-development-for-supply-to/article-147892"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/japani.png" alt=""></a><br /><p>टोक्यो। जापान और अमेरिका एशिया में तेल की आपूर्ति सुरक्षित रखने के लिए संयुक्त तेल विकास और रणनीतिक भंडार बनाने पर विचार कर रहे हैं। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में आने वाली बाधाओं के कारण ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ गई हैं। जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने बताया कि इन चर्चाओं में अलास्का से तेल प्राप्त करना, जापान में तेल का भंडार बनाना और क्षेत्रीय ऊर्जा प्रवाह को स्थिर रखने के लिए पश्चिम एशिया के देशों को इसकी आपूर्ति करना शामिल था। </p>
<p>उन्होंने कहा, "अमेरिका की हालिया यात्रा के दौरान हमने संयुक्त विकास की संभावना पर चर्चा की, जिसमें अलास्का से तेल प्राप्त करना, जापान में भंडार बनाना और दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों को आपूर्ति के लिए उनका उपयोग करना शामिल है।" उन्होंने कहा कि इस तरह का दृष्टिकोण मध्य-पूर्व में जारी अस्थिरता के बीच न केवल जापान को, बल्कि इस क्षेत्र के अन्य देशों को भी ऊर्जा संसाधन उपलब्ध कराने में मददगार साबित हो सकता है।</p>
<p>जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग राज्य मंत्री रयोसेई अकाज़ावा ने इससे पहले इस बात की पुष्टि करने से इनकार कर दिया था कि क्या दोनों देशों के नेताओं के बीच अमेरिका के साथ एक संयुक्त रिज़र्व परियोजना पर चर्चा होगी। जापान अपनी 94 प्रतिशत तेल आपूर्ति के लिए मध्य-पूर्वी देशों पर निर्भर है, और इसकी लगभग सभी खेप होर्मुज़ जलडमरूमध्य से होकर गुज़रती हैं, जहाँ जहाज़ों की आवाजाही लगभग पूरी तरह से रुक गई है। सोलह मार्च से जापान 800 लाख बैरल तेल जारी कर रहा है, जो देश की 45 दिनों की तेल आपूर्ति के बराबर है।</p>
<p>अमेरिका और इज़रायल ने 28 फरवरी को ईरान में विभिन्न ठिकानों पर हमले किए, जिससे जान-माल का नुकसान हुआ और आम नागरिक भी हताहत हुए। इसके जवाब में, ईरान ने इज़रायली क्षेत्र और पश्चिम एशिया में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किये।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Mar 2026 18:18:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोरोना काल की तरह धैर्य के साथ करना होगा पश्चिम एशिया संकट का मुकाबला: बिजली-पेट्रोलियम समेत कई अहम मुद्दों पर हुई चर्चा, साढ़े तीन घंटे चली पीएम मोदी की हाईलेवल मीटिंग</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा में पश्चिम एशिया संकट को गंभीर बताते हुए भारतीयों की सुरक्षा का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति के लिए यह क्षेत्र महत्वपूर्ण है, इसलिए भारत कूटनीति और संवाद के जरिए शांति का पक्षधर है। पीएम ने ऊर्जा आत्मनिर्भरता हेतु सौर ऊर्जा और एथेनॉल मिश्रण जैसे घरेलू विकल्पों पर भी जोर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/like-the-corona-period-the-west-asia-crisis-will-have/article-147560"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/pm-modi4.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया संकट को गम्भीर चिंता का विषय बताते हुए सोमवार को कहा कि कच्चे तेल एवं गैस की जरुरतों का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से पूरा होता है इसलिए भारत पर इसका असर स्वभाविक है लेकिन इस चुनौती का मिलकर और एकजुटता के साथ मुक़ाबला करने की जरूरत है।</p>
<p>पीएम मोदी ने लोकसभा में पश्चिम एशिया की स्थिति पर वक्तव्य देते हुए कहा कि इस संकट के कारण भारत की चिंताएं स्वाभाविक है लेकिन भारत को एकजुट रहकर चुनौतियों का मुकाबला करना आता है। कोरोना संकट के समय की इसी तरह की चुनौती का हमने एकजुट रहकर सामना किया था और अब इस चुनौती का मुकाबला भी उसी तरह एकजुटता से करना होगा।</p>
<p>पश्चिमी एशिया के देशों में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा का आश्वासन देते हुए उन्होंने कहा, "इन देशों में हमारे मिशन भारतीयों की मदद में जुटे हैं। प्रभावित देशों में हमारे मिशन लगातार भारतीयों की मदद में लगे हुए हैं। चाहे वहां काम करने वाले भारतीय हों या वहां गए पर्यटक, सभी को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। भारतीय मिशन नियमित रूप से इसको लेकर सलाह जारी कर रहे हैं। भारत और अन्य प्रभावित देशों में 24/7 सहायता कक्ष और आपातकालीन हेल्पलाइन स्थापित की गई हैं। इनके माध्यम से सभी प्रभावित लोगों को नवीनतम जानकारी दी जा रही है।"</p>
<p>उन्होंने कहा "संकट के समय में भारत और विदेश में भारतीयों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इस युद्ध की शुरुआत से ही प्रभावित देशों में रहने वाले प्रत्येक भारतीय को सहायता प्रदान की गई है। मैंने पश्चिम एशियाई देशों के अधिकांश राष्ट्राध्यक्षों से दो बार फोन पर बात की है। सभी ने भारतीयों की सुरक्षा का आश्वासन दिया है। यह दुखद स्थिति है कि संघर्ष के दौरान कुछ लोगों ने अपनी जान गंवाई है और कुछ घायल हुए हैं।"</p>
<p>प्रधानमंत्री ने युद्धग्रस्त और संघर्ष से प्रभावित देशों के साथ भारत के व्यापक व्यापारिक संबंध का ज़िक्र करते हुए कहा, "जिस क्षेत्र में संघर्ष चल रहा है, वह विश्व के अन्य देशों के साथ हमारे व्यापार का एक महत्वपूर्ण मार्ग भी है। यह क्षेत्र विशेष रूप से कच्चे तेल और गैस की जरुरतों के लिए हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसके अलावा यह क्षेत्र हमारे लिए इस कारण से भी महत्वपूर्ण है कि खाड़ी देशों में लगभग एक करोड़ भारतीय काम करते हैं। वहां वाणिज्यिक जहाज चलते हैं। भारतीय चालक दल के सदस्यों की संख्या भी बहुत अधिक है। इन विभिन्न कारणों से, भारत की चिंताएं स्वाभाविक रूप से अधिक हैं। इन सब स्थितियों को देखते हुए आवश्यक है कि संसद से इस संकट को लेकर हमारी एक आवाज और आम सहमति दुनिया तक पहुंचे।"</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार पश्चिम एशिया की चिंताजनक स्थिति को लेकर लगातार संसद को अवगत करा रही है। उनका कहना था कि पिछले दो-तीन हफ्तों में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने सदन को स्थिति का विस्तृत विवरण दिया है। यह संघर्ष तीन सप्ताह से अधिक समय से चल रहा है। इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था और लोगों के जीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है और इसीलिए दुनिया इस संघर्ष के शीघ्र समाधान के लिए सभी पक्षों से आग्रह कर रही है।</p>
<p>संकट की स्थिति में भारतीय कूटनीति पर उन्होंने कहा "वर्तमान वैश्विक माहौल में भारत की भूमिका स्पष्ट है। शुरुआत से ही हमने इस संघर्ष पर गहरी चिंता व्यक्त की है। मैंने पश्चिम एशिया के सभी संबंधित नेताओं से व्यक्तिगत रूप से बात की है। मैंने सभी से तनाव कम करने और इस संघर्ष को समाप्त करने का आग्रह किया है। भारत ने नागरिकों, ऊर्जा और परिवहन अवसंरचना पर हमलों की निंदा की है। वाणिज्यिक जहाजों पर हमले और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों को अवरुद्ध करना अस्वीकार्य है। भारत इस युद्ध जैसे माहौल में भी भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए कूटनीति के माध्यम से निरंतर प्रयास कर रहा है। </p>
<p>भारत ने हमेशा मानवता के कल्याण और शांति का समर्थन किया है। मैं दोहराता हूं कि इस समस्या का एकमात्र समाधान संवाद और कूटनीति है। हमारे सभी प्रयास तनाव कम करने और इस संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में हैं। इस युद्ध में किसी के भी जीवन को खतरे में डालना मानवता के हित में नहीं है इसलिए हमारा प्रयास सभी पक्षों को जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान तक पहुंचने के लिए प्रोत्साहित करना है। जब ऐसे संकट उत्पन्न होते हैं, तो कुछ तत्व उनका फायदा उठाने की कोशिश करते हैं, इसलिए, सभी कानून और व्यवस्था एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है। तटीय सुरक्षा हो, सीमा सुरक्षा हो, साइबर सुरक्षा हो या रणनीतिक प्रतिष्ठान हों, सबकी सुरक्षा को और मजबूत किया जा रहा है।"</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने वैकल्पिक ऊर्जा बढाने के लिए भारत के प्रयासों की चर्चा करते हुए कहा कि पिछले 11 वर्षों में, देश ने अपनी सौर ऊर्जा क्षमता को लगभग 03 गीगावाट से बढ़ाकर 140 गीगावाट कर दिया है। पिछले एक वर्ष में, देश भर में लगभग 40 लाख रूफटॉप सोलर पैनल लगाए गए हैं। प्रधानमंत्री सूर्यगढ़ मुफ्त बिजली योजना ने भी इसमें महत्वपूर्ण योगदान दिया है। गोवर्धन योजना के तहत, देश में 200 संपीड़ित बायोगैस संयंत्र भी चालू हो गए हैं। ये सभी प्रयास देश के लिए बहुत उपयोगी साबित हो रहे हैं। सरकार ने शांति अधिनियम के माध्यम से देश में परमाणु ऊर्जा उत्पादन को प्रोत्साहित करके भविष्य की तैयारियों को और मजबूत किया है। हाल ही में, लघु जलविद्युत विकास योजना को भी मंजूरी दी गई है, जिससे अगले पांच वर्षों में 1500 मेगावाट की नई जलविद्युत क्षमता जुड़ेगी।</p>
<p>पीएम मोदी ने एथेनॉल का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने इथेनॉल की मात्रा 20 प्रतिशत कर दी है जिसका लाभ देश को बड़े स्तर पर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी एशिया संकट के बावजूद सरकार ने पेट्रोल, डीजल और गैस की आपूर्ति पर गंभीर असर न पड़े, इसके लिए प्रयास किए हैं। देश अपनी एलपीजी की 60 प्रतिशत आवश्यकता आयात करता है। आपूर्ति में अनिश्चितता के कारण सरकार ने घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी है। इसके साथ ही एलपीजी का घरेलू उत्पादन भी बढ़ाया जा रहा है। देश भर में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी रहे, इसके लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 16:02:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव के बीच जयपुर-दुबई फ्लाइट 22 दिन से लगातार रद्द, यात्रिगण परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान-इजरायल युद्ध और एयरस्पेस प्रतिबंधों के कारण स्पाइसजेट की जयपुर-दुबई अंतरराष्ट्रीय उड़ान लगातार 22 दिनों से रद्द है। सुबह 9:40 बजे रवाना होने वाली इस सेवा के ठप होने से व्यापारिक और पर्यटन यात्रियों को भारी आर्थिक नुकसान और परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्थिति सामान्य होने तक हवाई संचालन बहाल होने के आसार कम हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-dubai-flight-canceled-for-22-consecutive-days-amid-ongoing-tension/article-147426"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/delhi-ncr-airport.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। ईरान और इजरायल के बीच जारी तनावपूर्ण हालात का असर अब अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवाओं पर साफ नजर आने लगा है। इसी कड़ी में स्पाइसजेट की जयपुर-दुबई इंटरनेशनल फ्लाइट रविवार को भी रद्द रही। यह फ्लाइट पिछले 22 दिनों से लगातार रद्द चल रही है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p>जानकारी के अनुसार, दुबई से यह फ्लाइट सुबह 8:30 बजे जयपुर पहुंचती है और यहां से सुबह 9:40 बजे दुबई के लिए रवाना होती है। लेकिन मौजूदा हालात के चलते एयरलाइंस को बार-बार अपनी सेवाएं रद्द करनी पड़ रही हैं। सुरक्षा कारणों और एयरस्पेस प्रतिबंधों के चलते उड़ानों का संचालन प्रभावित हो रहा है।</p>
<p>फ्लाइट के लगातार रद्द होने से खासकर व्यापारिक और पर्यटन यात्रियों की योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। कई यात्रियों को वैकल्पिक उड़ानों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे उनका समय और खर्च दोनों बढ़ रहे हैं। स्थिति सामान्य होने तक फ्लाइट संचालन बहाल होने की संभावना कम नजर आ रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 16:02:19 +0530</pubDate>
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                <title>अमेरिकी राष्ट्रपति की ईरान को कड़ी चेतावनी, बोले होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला तो विद्युत संयंत्रों पर होगा हमला, 48 घंटों का दिया समय</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटों में होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के विद्युत संयंत्रों को निशाना बनाएगा। वैश्विक तेल व्यापार के 20% हिस्से वाले इस मार्ग की नाकेबंदी से ऊर्जा बाजारों में भारी अस्थिरता है, जिससे पश्चिम एशिया में युद्ध का खतरा और बढ़ गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-president-gives-stern-warning-to-iran-if-strait-of/article-147419"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/trump.png" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर तेहरान 48 घंटों के भीतर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने में विफल रहता है तो अमेरिका उसके विद्युत संरचना पर नए हमले शुरू करेगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में श्री ट्रंप ने कहा: "अगर ईरान 48 घंटों के भीतर बिना किसी धमकी के होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से नहीं खोलता है तो अमेरिका उनके विभिन्न विद्युत संयंत्रों पर हमला करके उन्हें नष्ट कर देगा, जिसकी शुरुआत सबसे बड़े संयंत्र से होगी।"</p>
<p>यह बयान पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच बयानबाजी में एक महत्वपूर्ण वृद्धि का संकेत देता है, जहां तनाव के कारण पहले से ही संकरे जलमार्ग के माध्यम से नौवहन बाधित है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए एक प्रमुख मार्ग है। होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व के तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्से का योगदान देता है, और चल रहे युद्ध के कारण इसके प्रभावी रूप से बंद होने से वैश्विक ऊर्जा बाजारों में तीव्र अस्थिरता और भू-राजनीतिक चिंताओं में वृद्धि हुई है।</p>
<p>ईरान ने चुनिंदा जहाजों को जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी है जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा जलडमरूमध्य की गश्त करने वाले देशों का गठबंधन बनाने का प्रयास सफल नहीं हो सका है क्योंकि प्रमुख साझेदारों ने इसमें शामिल होने में अनिच्छा व्यक्त की है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 14:00:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव का तीखा हमला, बोले-अमेरिका रूस को सभी ऊर्जा बाजारों से बाहर निकालने की कर रहा है कोशिश </title>
                                    <description><![CDATA[रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने अमेरिका पर रूस को वैश्विक ऊर्जा बाजारों से बाहर करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन अंतरराष्ट्रीय समझौतों के बजाय अपने हितों को ऊपर रख रहा है। लावरोव ने आगाह किया कि पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों के विनाशकारी परिणाम पूरी दुनिया को लंबे समय तक भुगतने होंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/russian-foreign-minister-sergei-lavrovs-sharp-attack-said-america-is/article-147418"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/rusaia-forgaain.png" alt=""></a><br /><p>मास्को। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने शनिवार को कहा कि मास्को को वर्तमान में रूस के हितों का सम्मान करने के लिए अमेरिका की कोई प्रतिबद्धता नजर नहीं आ रही है क्योंकि वाशिंगटन मास्को को सभी ऊर्जा बाजारों से बाहर निकालने की कोशिश कर रहा है।</p>
<p>लावरोव ने एक रूसी टीवी कार्यक्रम में कहा, "हमें सभी वैश्विक ऊर्जा बाजारों से बाहर धकेला जा रहा है। अंततः केवल हमारा अपना क्षेत्र ही शेष रहेगा। अमेरिकी हमारे पास आएंगे और कहेंगे कि वे हमारे साथ सहयोग करने के लिए तैयार हैं। लेकिन अगर हम अपने क्षेत्र में पारस्परिक रूप से लाभकारी परियोजनाएं लागू करने और अमेरिकियों को उनकी रुचि की चीजें उपलब्ध कराने के लिए तैयार हैं और अपने हितों को ध्यान में रखते हैं, तो उन्हें भी हमारे हितों पर विचार करना चाहिए। अभी तक हमें ऐसा होता हुआ नहीं दिख रहा है।"</p>
<p>उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका ने यूरोपीय ऊर्जा बाजारों में रूस के हाशिए पर चले जाने का स्वागत किया है और करता रहेगा, जो उनके अनुसार, विश्व स्तर पर ऊर्जा प्रभुत्व का एक खुला दावा है। लावरोव ने कहा, "यह एक असामान्य स्थिति है एक ऐसे दौर में वापसी जब अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए कोई संरचना नहीं था। यह स्पष्ट रूप से कहा गया था कि अमेरिका के हित किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते से ऊपर हैं।"</p>
<p>लावरोव ने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में अमेरिका और इजरायल की कार्रवाइयों के गंभीर परिणाम आने वाले बहुत लंबे समय तक महसूस किए जाएंगे। रूसी विदेश मंत्री ने कहा, "हालाँकि यह एक नाटक जैसा प्रतीत होता है और मुझे लगता है कि बहुत से लोग इसे समझते हैं,लेकिन हमारे अमेरिकी सहयोगियों द्वारा, इस मामले में इजरायलियों के साथ मिलकर किए जा रहे कार्यों के परिणाम अत्यंत गंभीर हैं। इनके दूरगामी परिणाम लंबे समय तक दिखाई देंगे।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 13:03:57 +0530</pubDate>
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                <title>पश्चिम एशिया संकट के बीच इंडिगो और एयर इंडिया ने जारी नई एडवाइजरी: कुल 78 उड़ानों का करेगी परिचालन, यहां जानिए पूरा शेड्यूल</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम एशिया में तनाव के बीच इंडिगो और एयर इंडिया ने मोर्चा संभाल लिया है। रविवार को 78 विशेष व नियमित उड़ानें दुबई, जेद्दा और मस्कट जैसे शहरों के लिए संचालित की जा रही हैं। सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए, एयरलाइंस भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी और निरंतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/indigo-and-air-india-issued-new-advisory-amid-west-asia/article-147414"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/air-india-and-indigo.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। देश की प्रमुख विमान सेवा कंपनी इंडिगो पश्चिम एशिया के लिए रविवार को 28 उड़ानों (दोनों तरफ की मिलाकर) उड़ानों का परिचालन करेगी। इंडिगो ने बताया कि वह दुबई, अबु धाबी, शारजाह, जेद्दा, मस्कट और मदीना के लिए आज उड़ानों का परिचालन कर रही है। इसमें दुबई से मुंबई के लिए भी एक उड़ान शामिल है। साथ ही उसकी एक उड़ान मुंबई से इस्तांबुल के लिए भी होगी। एयरलाइंस ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है कि वह पश्चिम एशिया की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रही है और जरूरी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए सभी नियामकीय मंजूरियों के साथ इन उड़ानों का परिचालन किया जा रहा है।</p>
<p>दूसरी तरफ, एयर इंडिया समूह ने रविवार को पश्चिम एशिया के लिए और वहां से कुल 50 उड़ानों के परिचालन की योजना बनायी है।एयरलाइंस ने एक अपडेट में बताया कि वह अपनी सहायक इकाई एयर इंडिया एक्सप्रेस के साथ आज सऊदी अरब के जेद्दा और ओमान की राजधानी मस्कट के लिए कुल 20 नियमित उड़ानों का परिचालन करेगी। इसके अलावा पश्चिम एशिया के विभिन्न शहरों से 30 विशेष उड़ानों (दोनों तरफ की मिलाकर) के परिचालन की योजना है।</p>
<p>एयर इंडिया एक्सप्रेस मस्कट की दिल्ली, कोच्चि, मुंबई और कन्नूर के लिए उड़ानें उपलब्ध होंगी। एयर इंडिया की उड़ान दिल्ली और मुबंई से जेद्दा के लिए होगी। एयर इंडिया एक्सप्रेस सऊदी अरब की राजधानी रियाद से बेंगलुरु और मेंगलुरु के लिए एक-एक और कोझिकोड़ के लिए दो उड़ानों का परिचालर कर रही है। सऊदी अरब के दम्मम से भी कोझिकोड़ के लिए उसकी एक उड़ान होगी।</p>
<p>समूह की सभी विशेष उड़ानें संयुक्त अरब अमीरात से होंगी। एयर इंडिया दुबई से दिल्ली के लिए एक उड़ान का परिचालन कर रही है। एयर इंडिया एक्सप्रेस की अबुधाबी से दिल्ली के लिए दो और बेंगलुरु, कोच्चि, कोझिकोड़ और मुंबई के लिए एक-एक उड़ान तय की गयी है। रस-अल-खैमा से उसकी उड़ानें अमृतसर, कोच्चि, कोझिकोड़, मुंबई और तिरुवनंतपुरम् के लिए होंगी। शारजाह से वह कन्नूर और मुंबई के लिए उड़ानों का परिचालन करेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 13:01:11 +0530</pubDate>
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