<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/governance-reform/tag-73380" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Governance Reform - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/73380/rss</link>
                <description>Governance Reform RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>भारत बदलती वैश्विक व्यवस्थाओं के बीच तेजी से कर रहा प्रगति :शासन प्रणाली को निरंतर अद्यतन करने की जरुरत, मोदीने कहा-प्रशासन का मूल मंत्र &quot;नागरिक देवो भव&quot;</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'कर्मयोगी साधना सप्ताह' को संबोधित करते हुए लोक सेवा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डेटा की समझ को अनिवार्य बताया। उन्होंने प्रशासन को नागरिक-केंद्रित बनाने और "अधिकारी" के बजाय "कर्तव्य" पर ध्यान देने का आह्वान किया। पीएम ने जोर दिया कि विकसित भारत के लिए लोक सेवकों को आधुनिक और संवेदनशील होना होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/india-is-progressing-rapidly-amidst-the-changing-global-systems-there/article-148878"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/modi-1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तेजी से बदलते वैश्विक परिदृश्य के साथ सार्वजनिक सेवाओं के तालमेल की आवश्यकता पर बल देते हुए गुरुवार को कहा कि भारत बदलती वैश्विक व्यवस्थाओं के बीच तेजी से प्रगति कर रहा है और उसे अपनी शासन प्रणाली को निरंतर अद्यतन करते रहना होगा। पीएम मोदी ने आज क्षमता निर्माण आयोग के स्थापना दिवस के अवसर पर कर्मयोगी साधना सप्ताह को वीडियो संदेश के माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कहा, "कर्मयोगी साधना सप्ताह, यह सुनिश्चित करने के प्रयास में एक महत्वपूर्ण कड़ी है कि हमारी सार्वजनिक सेवा 21वीं सदी में प्रासंगिक और उत्तरदायी बनी रहे।"</p>
<p>पीएम मोदी ने मौजूदा शासन के मार्गदर्शक सिद्धांत पर विस्तार से बात करते हुए कहा कि प्रशासन का मूल मंत्र "नागरिक देवो भव" है, जिसका अर्थ है नागरिक को सर्वोपरि मानना। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोक सेवा को अधिक सक्षम और नागरिकों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाने के लिए पुनर्परिभाषित किया जा रहा है। उन्होंने कहा, "शासन को सही मायने में नागरिक-केंद्रित बनाकर उसे एक नई पहचान दी जा रही है।"</p>
<p>प्रधानमंत्री ने क्षमता निर्माण आयोग की स्थापना पर विचार रखते हुए कहा कि स्वतंत्रता के बाद से अनेक संस्थाएं विभिन्न उद्देश्यों के साथ कार्य कर रही थीं, फिर भी प्रत्येक सरकारी कर्मचारी की क्षमता बढ़ाने के लिए एक समर्पित निकाय की स्पष्ट आवश्यकता थी। उन्होंने कहा, "इसी सोच ने क्षमता निर्माण आयोग को जन्म दिया, जिसका उद्देश्य व्यवस्था में प्रत्येक कर्मयोगी को सशक्त बनाना है।" आयोग को उसके स्थापना दिवस पर बधाई देते हुए और आईजीओटी मिशन कर्मयोगी की सफल भूमिका को स्वीकार करते हुए उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रयासों से आधुनिक, सक्षम, समर्पित और संवेदनशील कर्मयोगियों की एक टीम का निर्माण होगा।</p>
<p>पीएम मोदी ने इस पहल को विकसित भारत की व्यापक परिकल्पना से जोड़ते हुए सेवा तीर्थ के उद्घाटन के अवसर पर दिए गए अपने हाल के भाषण का उल्लेख किया और तीव्र आर्थिक विकास, आधुनिक अवसंरचना, प्रौद्योगिकी को अपनाने और कुशल कार्यबल की प्रचुरता की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इन लक्ष्यों को प्राप्त करने में सार्वजनिक संस्थानों और लोक सेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा, "आज का भारत आकांक्षी है, प्रत्येक नागरिक के सपने और लक्ष्य हैं और हम सभी का यह दायित्व है कि हम उन्हें पूरा करने के लिए अधिकतम सहयोग प्रदान करें।"</p>
<p>प्रधानमंत्री ने नागरिकों के जीवन की सुगमता और गुणवत्ता में सुधार के लिए शासन व्यवस्था को मानदंड बनाने को आवश्यक बताते हुए लोक सेवकों से प्रतिदिन कुछ नया सीखने और कर्मयोगी की सच्ची भावना को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "हमारी शासन व्यवस्था को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में दिन-प्रतिदिन सुधार हो, यही हमारा सच्चा मानदंड है।" प्रशासनिक संस्कृति में मूलभूत बदलाव का आह्वान करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पुरानी व्यवस्था में 'अधिकारी' होने पर अत्यधिक जोर दिया जाता था, जबकि आज देश का पूरा ध्यान कर्तव्यनिष्ठा पर केंद्रित है। उन्होंने याद दिलाया कि संविधान स्वयं कर्तव्यों के निर्वाह के माध्यम से अधिकार प्रदान करता है। उन्होंने कहा, "प्रत्येक निर्णय लेने से पहले, जब आप अपने कर्तव्य की मांग पर विचार करते हैं, तो आपके निर्णयों का प्रभाव स्वतः ही कई गुना बढ़ जाता है।"</p>
<p>प्रधानमंत्री ने लोक सेवकों से अपने कार्य को भविष्य के व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखने का आग्रह करते हुए उनसे निरंतर इस बात पर विचार करने को कहा कि उनके व्यक्तिगत निर्णय लाखों लोगों के जीवन को कैसे बदल सकते हैं और व्यक्तिगत परिवर्तन संस्थागत परिवर्तन का मार्ग कैसे प्रशस्त कर सकता है। अपने व्यक्तिगत अनुभव से उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे परिवर्तनकारी कार्यों के लिए अपार ऊर्जा की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा, "यह ऊर्जा केवल और केवल निस्वार्थ सेवा की भावना से ही प्राप्त हो सकती है।"</p>
<p>पीएम मोदी ने प्रौद्योगिकी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पिछले 11 वर्षों में शासन, सेवा वितरण और अर्थव्यवस्था सहित सरकारी कामकाज में प्रौद्योगिकी के गहन एकीकरण की ओर इंगित किया। उन्होंने जोर दिया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के आगमन से ये परिवर्तन और भी तेजी से आगे बढ़ेंगे।उन्होंने कहा, "एक बेहतर प्रशासक, एक बेहतर लोक सेवक वही होगा जिसे प्रौद्योगिकी और डेटा की अच्छी समझ हो; यही निर्णय लेने का आधार बनेगा।" उन्होंने आशा व्यक्त की कि साधना सप्ताह के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता में क्षमता निर्माण और निरंतर सीखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने भारत की संघीय संरचना की ओर ध्यान दिलाते हुए इस बात पर बल दिया कि देश की सफलता उसके सभी राज्यों की सामूहिक सफलता है। अगड़े राज्य, पिछड़े राज्य, बीमारू राज्य जैसी दशकों पुरानी श्रेणियां समाप्त की जा रही हैं। राज्यों के बीच की खाई को एकसमान प्रयास से पाटना होगा। उन्होंने कहा, "हमें संवादहीनता को खत्म कर बेहतर समन्वय, साझा समझ और समग्र सरकारी दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ना होगा, तभी हर मिशन सफल होगा।"</p>
<p>पीएम मोदी ने लोक सेवकों को याद दिलाया कि आम नागरिक के लिए स्थानीय सरकारी कार्यालय ही पूरी सरकार का चेहरा होता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अधिकारियों की कार्यशैली और व्यवहार सीधे तौर पर लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं में जनता के विश्वास को प्रभावित करते हैं। उन्होंने कहा, "हम जो भी करें, जिस भी स्तर पर करें, हमें उस विश्वास की रक्षा करनी चाहिए, क्योंकि यही हमारे लोकतंत्र की नींव है।" उन्होंने क्षमता निर्माण आयोग को बधाई दी और विश्वास व्यक्त किया कि कर्मयोगी साधना सप्ताह भारत के विकसित भारत बनने की यात्रा में एक महत्वपूर्ण अध्याय साबित होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/india-is-progressing-rapidly-amidst-the-changing-global-systems-there/article-148878</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/india-is-progressing-rapidly-amidst-the-changing-global-systems-there/article-148878</guid>
                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 18:28:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/modi-1.png"                         length="570391"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान सरकार का बड़ा ऐलान: एक जिला एक उत्पाद और एमएसएमई नीति में स्वीकृति प्रक्रिया आसान, अब GM ही देंगे मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[उद्योग आयुक्त सुरेश ओला ने MSME और ODOP नीति-2024 की स्वीकृति प्रक्रिया को आसान बनाते हुए जिला महाप्रबंधकों को सीधे अधिकार दिए हैं। ऑनलाइन आवेदन शुरू होने से प्रतिदिन आवेदनों की संख्या 4 गुना बढ़ गई है। अब उद्यमियों को तकनीकी अपग्रेडेशन, निर्यात प्रोत्साहन और ई-कॉमर्स के लिए 50 लाख रुपये तक की सरकारी सहायता आसानी से मिल सकेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-announcement-of-rajasthan-government-one-district-one-product-and/article-145037"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/bhajanlal-sharmma.pngg.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के योजनाओं और नीतियों की आवेदन और स्वीकृति प्रक्रिया में आवश्यक सुधार किए जा रहे हैं, ताकि इनका लाभ अधिक से अधिक लोगों को मिल सके। इसी क्रम में दो नीतियों की स्वीकृति प्रक्रिया का सरलीकरण और तीन नीतियों की आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन की गई है।</p>
<p>उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त सुरेश ओला ने बताया कि एक जिला एक उत्पाद नीति-2024 और राजस्थान एमएसएमई नीति -2024 के तहत स्वीकृति प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। अब इन दोनों योजनाओं के तहत आने वाले आवेदनों की जांच और स्वीकृति की कार्यवाही जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्रों के महाप्रबंधकों द्वारा ही की जा सकेगी। इस बदलाव से आवेदन के निस्तारण में तेजी आएगी, जिससे ज्यादा लोगों को लाभ मिल सकेगा। ओला ने बताया कि पूर्व में इन योजनाओं के तहत आने वाले आवेदनों की जांच और स्वीकृति के लिए जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति कार्य करती थी, लेकिन अब इसको विलोपित कर दिया गया है और उससे जुड़े सभी अधिकार महाप्रबंधकों को दे दिए गए हैं। इसलिए अब एक निश्चित समयांतराल पर होने वाली बैठक का इंतजार किए बिना ही सामान्य प्रक्रिया के तहत आवेदनों पर कार्यवाही की जा सकेगी।</p>
<p> ओला ने बताया कि राज्य बजट वर्ष 2026-27 के तहत सामान्य वाद विवाद के दौरान इस संबंध में घोषणा की गई थी। विभाग द्वारा इस घोषणा की अनुपालना में ये अधिसूचनाएं जारी की गई हैं।*</p>
<p><strong>आवेदन ऑनलाइन होने से हर दिन आ रहे 9 आवेदन</strong></p>
<p> ओला ने बताया कि विभाग की तीन नीतियों के आवेदन ऑनलाइन करने से इनकी संख्या काफी बढ़ रही है। एक फरवरी से अब तक एक जिला एक उत्पाद नीति के लिए 72, एमएसएमई नीति के लिए 77 और निर्यात प्रोत्साहन नीति के लिेए 96 सहित कुल 245 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन तीनों योजनाओं के लिए हर दिन औसतन 9 आवेदन आ रहे हैं। ऑफलाइन प्रक्रिया के दौरान इनकी संख्या 2 आवेदन प्रतिदिन से भी कम थी।</p>
<p><strong>वर्जन</strong></p>
<p>विभाग की योजनाओं और नीतियों में लगातार आवश्यक सुधार किया जा रहा है। प्रक्रिया को आसान बनाने और आम लोगों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए डिजिटलाइजेशन किया जा रहा है।<br />- सुरेश ओला, उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त</p>
<p><strong>ओडीओपी: 20 लाख रुपये तक मार्जिन मनी अनुदान</strong></p>
<p>राज्य के विशिष्ट उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए लागू की गई एक जिला एक उत्पाद नीति-2024 के तहत सभी 41 जिलों में एक-एक उत्पाद की पहचान की गई है। इसके तहत सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को 20 लाख रुपये तक की मार्जिन मनी अनुदान दिया जाता है। साथ ही, एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और सॉफ्टवेयर पर 5 लाख रुपये तक अनुदान, क्वालिटी सर्टिफिकेशन और आईपीआर पर 3 लाख रुपये तक पुनर्भरण राज्य सरकार द्वारा देय है। विपणन आयोजनों में भाग लेने के लिए 2 लाख रुपये तक सहायता, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फीस पर 1 लाख रुपये प्रतिवर्ष का 2 साल तक पुनर्भरण और कैटलॉगिंग और ई-कॉमर्स वेबसाइट विकास के लिए 75 हजार रुपये तक एकमुश्त सहायता का प्रावधान है।</p>
<p><strong>एमएसएमई: एसएमई एक्सचेंज से धन जुटाने पर 15 लाख रुपये तक की सहायता</strong></p>
<p>राज्य के छोटे उद्यमियों के वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने के उद्देश्य से लागू की राजस्थान एमएसएमई नीति-2024 के तहत ऋण पर अतिरिक्त 2 फीसदी ब्याज अनुदान दिया जाता है। साथ ही, एसएमई एक्सचेंज से धन जुटाने पर 15 लाख रुपये तक की सहायता, एडवांस्ड टेक्नोलॉजी तथा सॉफ्टवेयर पर 5 लाख रुपये तक का अनुदान, क्वालिटी सर्टिफिकेशन और आईपीआर पर 3 लाख रुपये तक का पुनर्भरण का प्रावधान है। विपणन के लिए आयोजनों में भाग लेने पर 1.5 लाख रुपये तक का अनुदान, डिजिजल उपकरणों पर 50 हजार रुपये तक पुनर्भरण, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फीस पर 50 हजार रुपये तक का पुनर्भरण किया जाता है।</p>
<p><strong>निर्यात: तकनीकी अपग्रेडेशन पर 50 लाख रुपये तक की सहायता</strong></p>
<p>राज्य के उद्यमियों को निर्यातक बनाने के उद्देश्य से लागू की राजस्थान निर्यात प्रोत्साहन नीति- 2024 के तहत निर्यातकों के दस्तावेजीकरण पर 5 लाख रुपये और तकनीकी अपग्रेडेशन पर 50 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान है। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भागीदारी पर 3 लाख रुपये तक का अनुदान और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फीस पर 2 लाख रुपये तक का पुनर्भरण किया जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-announcement-of-rajasthan-government-one-district-one-product-and/article-145037</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-announcement-of-rajasthan-government-one-district-one-product-and/article-145037</guid>
                <pubDate>Sun, 01 Mar 2026 16:33:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-04/bhajanlal-sharmma.pngg.png"                         length="358136"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        