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                <title>Middle East War - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Middle East War RSS Feed</description>
                
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                <title>युद्धविराम समझौते की घोषणा के बाद इज़रायली हमलों में लेबनान में 254 लोगों की मौत : 100 से अधिक कमांड केंद्रों और सैन्य स्थलों को बनाया गया निशाना, हिज़बुल्लाह ने खाई जवाबी कार्रवाई की कसम</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान के साथ युद्धविराम के बावजूद, इजरायल ने लेबनान पर सबसे बड़ा हवाई हमला किया है। 10 मिनट में 100 कमांड सेंटर तबाह कर दिए गए, जिसमें 182 लोग मारे गए। अमेरिका ने स्पष्ट किया कि हिजबुल्लाह इस समझौते का हिस्सा नहीं है। लेबनान में अब तक 12 लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/182-people-killed-in-lebanon-in-israeli-attacks-after-the/article-149660"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/hizbullah.png" alt=""></a><br /><p>यरूशलेम। लेबनान पर इजरायली हवाई हमलों में कम से कम 254 लोग मारे गए और 1,165 अन्य घायल हो गए। यह जानकारी अल जज़ीरा ने लेबनानी नागरिक सुरक्षा के हवाले से गुरुवार को दी। बुधवार को, इजरायली विमानों ने मध्य बेरूत के मज़रा, मनारा, ऐन अल मरेसेह और बरबोर इलाकों के साथ-साथ दक्षिणी उपनगरों के आठ इलाकों पर हमला किया। लेबनानी आंदोलन हिजबुल्लाह ने कहा कि इजरायल द्वारा लेबनान पर की गई बमबारी आंदोलन को जवाबी कार्रवाई का अधिकार देती है।</p>
<p>तुर्की ने लेबनान पर इजरायल के हमलों की निंदा की है, जिसके परिणामस्वरूप कई लोग हताहत हुए हैं। तुर्की के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "हम लेबनान पर इजरायल के बढ़ते हमलों की कड़ी निंदा करते हैं जिनके परिणामस्वरूप भारी जानमाल का नुकसान हुआ है। ये हमले देश में मानवीय स्थिति को और भी बदतर बना रहे हैं।" मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में घोषित युद्धविराम के बावजूद, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार शांति एवं स्थिरता स्थापित करने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को लगातार कमजोर कर रही है। बयान में कहा गया कि तुर्की ने लेबनान की संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपना समर्थन दोहराया है।</p>
<p>इजरायल द्वारा पूरे लेबनान में हवाई हमलों की एक बड़ी श्रृंखला चलाई गई जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए और घायल हुए। अधिकारियों ने कहा कि ईरान में युद्धविराम के बावजूद लेबनानी सशस्त्र समूह हिजबुल्लाह के खिलाफ युद्ध जारी है। यह जानकारी बीबीसी ने गुरुवार को दी। इजरायल ने इसे इस संघर्ष में हवाई हमलों की सबसे बड़ी श्रृंखला कहा जिसमें 10 मिनट के भीतर हिजबुल्लाह के 100 से अधिक कमांड केंद्रों और सैन्य स्थलों को निशाना बनाया गया।</p>
<p>बेरुत के दक्षिणी उपनगर, दक्षिणी लेबनान और पूर्वी बेका घाटी को निशाना बनाया गया। लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि कम से कम 182 लोग मारे गए, यह संख्या बढ़ने की संभावना है, और 890 लोग घायल हुए हैं। बेरुत पर हुए अब तक के सबसे बड़े हवाई हमले के स्थल पर, घंटों बाद भी, आपातकालीन कर्मी क्षतिग्रस्त इमारतों में खोजबीन कर रहे हैं।</p>
<p>ये हमले इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय द्वारा पाकिस्तान के इस दावे को खारिज करने के बाद हुए, जिसने अमेरिका और ईरान के बीच समझौते में मध्यस्थता की थी और कहा था कि युद्धविराम में लेबनान का संघर्ष भी शामिल है। वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने भी कहा था कि लेबनान इस समझौते का हिस्सा नहीं था। युद्धविराम समझौते की घोषणा के बाद से किसी भी हमले की जिम्मेदारी न लेने वाले हिजबुल्लाह ने कहा कि समूह को जवाबी कार्रवाई करने का अधिकार है और विस्थापित परिवारों को घर लौटने की कोशिश करने से पहले औपचारिक युद्धविराम की घोषणा का इंतजार करने की चेतावनी दी।</p>
<p>लेबनानी राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा कि वह क्षेत्रीय शांति में लेबनान को शामिल करने के प्रयासों को जारी रखेगा। हिज़्बुल्लाह और इज़रायल के बीच दशकों से चले आ रहे संघर्ष में नवीनतम तनाव तब उत्पन्न हुआ जब समूह ने युद्ध के प्रारंभिक चरण में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के प्रतिशोध में और नवंबर 2024 में हुए युद्धविराम समझौते के बावजूद लेबनान पर इज़रायल के लगभग दैनिक हमलों के जवाब में इज़रायल पर रॉकेट दागे।</p>
<p>लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि युद्ध के परिणामस्वरूप अब तक 1,700 से अधिक लोग मारे गए हैं जिनमें कम से कम 130 बच्चे शामिल हैं हालांकि मंत्रालय ने लड़ाकों और नागरिकों के बीच कोई अंतर नहीं बताया है। इजराइल का कहना है कि उसने लगभग 1,100 हिजबुल्लाह लड़ाकों को मार गिराया है। 12 लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं जो आबादी का पांचवां हिस्सा, जिनमें से अधिकांश शिया मुस्लिम समुदाय से हैं।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 12:43:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पश्चिम एशिया संकट के बीच ट्रंप का बड़ा बयान : ईरानी लोग 'अपनी आज़ादी के लिए तकलीफ़ उठाने को तैयार', 10 दिन की अवधि आज हो रही खत्म</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 'पाषाण युग' में भेजने की अपनी चेतावनी दोहराई है। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी नियंत्रण और टोल वसूलने की योजना पेश की। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि मंगलवार रात 8 बजे के बाद कोई रियायत नहीं दी जाएगी। उन्होंने ईरानी जनता से सत्ता परिवर्तन के लिए खड़े होने का आह्वान करते हुए जीत का दावा किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/trumps-big-statement-amid-west-asia-crisis-iranian-people-are/article-149376"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/trump.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्हें कई ऐसे संदेश मिले हैं जो बताते हैं कि वहां की जनता अपनी ही सरकार के खिलाफ और ज्यादा हमलों की मांग कर रही है। वह यहां संवाददाताओं के प्रश्नों के उत्तर दे रहे थे। जब उनसे पूछा गया कि इन हमलों का आम ईरानी नागरिकों पर क्या असर पड़ेगा, तो उन्होंने दावा किया कि ईरानी लोग अपनी आजादी पाने के लिए तकलीफ उठाने को तैयार होंगे। ईरान के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की अपनी योजना का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने हर फैसला बहुत सोच-समझकर लिया है। ईरान में शासन परिवर्तन के सवाल पर ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि वहां के लोगों को अपनी सरकार के खिलाफ खड़ा होना चाहिए और इसके नतीजे "बहुत अच्छे" होंगे।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी उस पिछली धमकी की भी पुष्टि की जिसमें उन्होंने ईरान को 'पाषाण युग में वापस भेजने' की बात कही थी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समझौता नहीं हुआ, तो ईरान के पास कोई पुल या पावर प्लांट नहीं बचेगा और वह पूरी तरह तबाह हो जाएगा। अपनी सख्त समय-सीमा के बारे में बात करते हुए ट्रंप ने बताया कि हालांकि 10 दिन की अवधि आज खत्म हो रही थी, लेकिन उन्होंने इसे कल तक के लिए बढ़ा दिया है। उन्होंने साफ कर दिया कि मंगलवार रात 8 बजे (भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 1 बजे) की नई समय-सीमा खत्म होने के बाद कोई रियायत नहीं दी जाएगी।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रंप ने शर्त रखी कि उन्हें ऐसा समझौता मंजूर होगा जिसमें तेल की बिना रोक-टोक आवाजाही सुनिश्चित हो। होर्मुज जलडमरूमध्य के विवाद पर ट्रंप ने एक नया और चौंकाने वाला विचार पेश किया। जब उनसे पूछा गया कि क्या ईरान को वहां से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूलने की अनुमति दी जा सकती है, तो उन्होंने इसे सिरे से खारिज कर दिया। ट्रंप ने कहा, "जीत हमारी है, वे सैन्य रूप से हार चुके हैं।" उन्होंने आगे कहा कि वह चाहते हैं कि जहाजों से टोल अमेरिका वसूले और उनके पास इसे लागू करने के लिए एक ठोस योजना है। राष्ट्रपति ने पूरे आत्मविश्वास के साथ दोहराया कि अमेरिका इस जंग को जीत चुका है और अब शर्तें उनके हिसाब से तय होंगी।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 14:05:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ईरानी सरकार ने दी चेतावनी : अमेरिका-इज़रायल के साथ युद्ध कई सालों तक चलेगा तो भी नहीं होगी मिसाइलों की कमी, दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना है हमारे पास</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान ने अमेरिका और इज़रायल को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि उसके पास रणनीतिक मिसाइलों का अटूट भंडार है। सांसद अलाएद्दीन बोरूजेर्दी के अनुसार, संघर्ष वर्षों तक खिंचने पर भी ईरान को हथियारों की कमी नहीं होगी। तेहरान ने अपनी रक्षा क्षमताओं को दुनिया की शक्तिशाली सेनाओं के समकक्ष बताते हुए जवाबी कार्रवाई जारी रखने का संकल्प जताया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iranian-government-warned-that-even-if-the-war-with-america-israel/article-149219"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/iran1.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान ने कहा है कि अगर अमेरिका और इज़रायल के साथ सैन्य संघर्ष कई सालों तक चलता है, तब भी उसके पास मिसाइलों की कोई कमी नहीं होगी। यह बात ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा एवं विदेश नीति पर संसदीय आयोग के सदस्य अलाएद्दीन बोरूजेर्दी ने रविवार को कही। ईरानी संसद की एजेंसी 'खाने-ए-मल्लत' ने बोरूजेर्दी के हवाले से कहा, "अगर यह युद्ध महीनों या सालों तक भी चलता है, तब भी ईरान को मिसाइल और रणनीतिक भंडारों के मामले में कोई समस्या नहीं होगी।"</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने अमेरिका और इज़रायल के साथ सैन्य कार्रवाइयों के दौरान पूरी दुनिया के सामने कई क्षेत्रों में अपनी रक्षा क्षमताओं का प्रदर्शन किया है, जिससे यह साबित होता है कि उसकी सेना दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेनाओं में से एक है। गौरतलब है कि अमेरिका और इज़रायल ने 28 फरवरी को ईरान में कई ठिकानों पर हमले किए, जिसमें तेहरान भी शामिल था। इससे काफी नुकसान हुआ और आम नागरिकों की जान भी गई। ईरान ने इसके जवाब में इज़रायली क्षेत्र और पश्चिम एशिया में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किये।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 11:23:00 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मिडिल ईस्ट में भीषण तनाव के बीच कुवैत में वित्त मंत्रालय और तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला: कोई हताहत नहीं, सरकार ने जारी किया कर्मचारियों को घर से काम करने का निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान-इजरायल युद्ध की आग अब कुवैत तक पहुँच गई है। रविवार को कुवैत के वित्त मंत्रालय पर ड्रोन हमले से भारी नुकसान हुआ, वहीं शुवैख स्थित तेल रिफाइनरी में भीषण आग लग गई। मंत्रालय के कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम का निर्देश दिया गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/drone-attack-on-finance-ministry-and-oil-refinery-in-kuwait/article-149181"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/कुवैत-तेल-रिफाइनरी-पर-हमला.png" alt=""></a><br /><p>दोहा। कुवैत में रविवार को वित्त मंत्रालय पर ड्रोन से हमला किया गया जिससे इमारत को काफी नुकसान पहुंचा है जबकि शुवैख जिले में एक तेल रिफाइनरी में आग लग गई। हमलों में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, हमले में मंत्रालय की इमारत को हुए भारी नुकसान के बाद कर्मचारियों को घर से काम करने का निर्देश दिया गया है।</p>
<p>इससे पहले, बुधवार को कुवैत अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाया था। इस ड्रोन हमले से ईंधन के टैंकों में आग लग गई थी। उल्लेखनीय है कि गत 28 फरवरी को अमेरिका और इज़रायल ने ईरान में विभिन्न ठिकानों पर हमले शुरू किए, जिससे काफी जान माल का नुकसान हुआ। ईरान, इज़रायली क्षेत्र के साथ-साथ पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/drone-attack-on-finance-ministry-and-oil-refinery-in-kuwait/article-149181</link>
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                <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 18:20:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ईरान का दावा: अमेरिकी पायलट बचाव अभियान विफल; दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर सहित C-130 सहायक विमान नष्ट,  F-15E लड़ाकू विमान के पायलट की कर रहा था खोज़</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान की सैन्य कमान ने दावा किया है कि इस्फ़हान में अमेरिकी पायलट को बचाने का अभियान विफल रहा। प्रवक्ता इब्राहिम ज़ोल्फ़ागरी के अनुसार, ईरानी सेना ने दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर और एक C-130 विमान को मार गिराया है। ट्रंप के सुरक्षित बचाव के दावे के विपरीत, ईरान ने हर्मेस-900 ड्रोन को भी नष्ट करने की घोषणा की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-claims-us-pilot-rescue-operation-fails-two-black-hawk/article-149171"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/us-plane.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान ने कहा कि पायलट को बचाने का अमेरिकी अभियान विफल रहा और दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर और एक सी-130 सहायक विमान को मार गिराया गया। यह जानकारी ईरानी सैन्य कमान के केंद्रीय मुख्यालय खातम अल-अनबिया के प्रवक्ता इब्राहिम ज़ोल्फ़ागरी ने रविवार को दी। ईरान के सरकारी प्रसारक आईआरआईबी के अनुसार, ज़ोल्फ़ागरी ने कहा, "दुश्मन द्वारा दुर्घटनाग्रस्त विमान के पायलट को बचाने के प्रयास विफल रहे हैं। इस्फ़हान के दक्षिण में, दुश्मन के हवाई ठिकानों को नष्ट किया गया, जिनमें दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर और एक सी-130 सैन्य परिवहन विमान शामिल हैं। वे अब आग की चपेट में हैं।"</p>
<p>इससे पहले, प्रेस टीवी प्रसारक ने रविवार को कहा कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने इस्फ़हान के दक्षिण में एक अमेरिकी विमान को रोककर नष्ट करने की घोषणा की, जो पहले से ही दुर्घटनाग्रस्त एफ-15ई लड़ाकू विमान के पायलट की तलाश कर रहा था। प्रसारक ने ईरानी वायु रक्षा विभाग के एक बयान का भी हवाला दिया जिसमें दावा किया गया था कि उन्होंने एक इजरायली हर्मेस-900 ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया।</p>
<p>शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि ईरान में गिराए गए एफ-15ई विमान को बचा लिया गया और वह सुरक्षित है। उन्होंने यह भी कहा था कि इस अभियान में दर्जनों विमान शामिल हुए। 28 फरवरी को, अमेरिका और इज़रायल ने तेहरान सहित ईरान में कई ठिकानों पर हमले किए, जिससे बहुत नुकसान हुआ और नागरिक हताहत हुए। ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इज़रायली क्षेत्र और पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया। अमेरिका और इज़रायल ने शुरू में दावा किया कि उनका पूर्व-नियोजित हमला ईरान के परमाणु कार्यक्रम से उत्पन्न होने वाले कथित खतरे को रोकने के लिए आवश्यक था लेकिन जल्द ही उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि वे ईरान में सत्ता परिवर्तन चाहते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 17:31:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ईरान के न्यूक्लियर प्लांट पर हमला, ईरान ने कहा-रेडिएशन से खाड़ी देश ही तबाह होंगे, महशहर पेट्रोकेमिकल स्पेशल इकोनॉमिक जोन पर भी हमला</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान के बुशहर न्यूक्लियर प्लांट पर अमेरिका और इज़रायल के हमले से तनाव चरम पर है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी दी है कि यदि हमले जारी रहे, तो रेडिएशन का रुख सऊदी अरब और यूएई जैसे खाड़ी देशों की ओर होगा। रूस समर्थित यह प्लांट ईरान की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/attack-on-irans-nuclear-plant-iran-said-that-only-gulf/article-149147"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/iran.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान के दक्षिण-पश् िचमी इलाके में स्थित बुशहर न्यूक्लियर प्लांट पर अमेरिका और इजरायल ने हमला किया है। हमले से प्लांट के पास एक प्रोजेक्टाइल गिर गया, जिससे एक सुरक्षा कर्मी की जान चली गई। वहीं इजराइल ने ईरान के दक्षिणी खुजेस्तान प्रांत में महशहर पेट्रोकेमिकल स्पेशल इकोनॉमिक जोन पर हमला किया है। इस इलाके में कई विस्फोट हुए, जिसके बाद घटनास्थल से धुआं उठता हुआ देखा गया। प्लांट पर हमले से ईरान भड़क गया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शनिवार को सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिका और इजरायल ने अब तक बुशहर न्यूक्लियर प्लांट पर चार बार हमला किया है। अगर यह हमले जारी रहे तो इस प्लांट से निकलने वाला रेडिएशन तेहरान नहीं बल्कि खाड़ी के देशों के शहरों में पहुंचेगा। यानी सऊदी अरब, यूएई, कुवैत, बहरीन जैसे देशों के शहर तबाह होंगे। उनका कहना था कि हवा का रुख ऐसा है कि खतरा ईरान को नहीं, बल्कि पड़ोसी खाड़ी देशों को होगा।</p>
<p><strong>प्लांट में इस्तेमाल होता है रूस का यूरेनियम</strong></p>
<p>बुशहर न्यूक्लियर प्लांट में रूस का यूरेनियम इस्तेमाल होता है और रूसी तकनीशियन वहां काम करते हैं। यह प्लांट ईरान को करीब 1000 मेगावाट बिजली देता है। इस पर हमला में मतलब ईरान में बड़े स्तर पर ऊर्जा संकट का खतरा तेजी से मंडरा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 10:57:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान वॉर पर एंटोनियो गुटेरेस का साफ संदेश : मौत और विनाश का यह सिलसिला अब रुकना चाहिए; युद्ध जितना खिंचेगा, मानवीय पीड़ा उतनी बढ़ेगी</title>
                                    <description><![CDATA[संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने आगाह किया है कि पांचवें हफ्ते में प्रवेश कर चुका ईरान युद्ध पूरी दुनिया को तबाही की ओर धकेल रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा से खाद्य और ऊर्जा संकट गहरा सकता है। गुटेरेस ने तत्काल युद्धविराम और कूटनीतिक संवाद के जरिए शांति बहाली की अपील की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/antonio-guterres-clear-message-on-iran-war-this-cycle-of/article-148999"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/un-general-secretary-antonio-guterres.png" alt=""></a><br /><p>न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चेतावनी दी है कि पांचवें हफ्ते में पहुंच चुका ईरान युद्ध पूरे क्षेत्र को एक व्यापक संघर्ष की ओर धकेल रहा है, जिससे वैश्विक आर्थिक और मानवीय संकट पैदा हो सकता है। गुटेरेस ने गुरुवार को प्रेस वार्ता के दौरान कहा, "यह युद्ध जितने दिन खिंचेगा, मानवीय पीड़ा उतनी ही बढ़ेगी। तबाही का दायरा, अंधाधुंध हमले और नागरिकों के साथ-साथ नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की घटनाएं बढ़ रही हैं। हम एक व्यापक युद्ध के मुहाने पर हैं जो पूरे पश्चिमी एशिया को अपनी चपेट में ले लेगा और इसका दुनिया भर में नाटकीय असर होगा।"</p>
<p>संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने इसके वैश्विक आर्थिक और मानवीय परिणामों पर जोर देते हुए फिलीपींस से लेकर श्रीलंका और मोजाम्बिक तक के कमजोर समुदायों पर खाद्य और ऊर्जा की बढ़ती कीमतों के प्रभाव का जिक्र किया। उन्होंने विशेष रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य की ओर इशारा करते हुए चेतावनी दी कि जहाजों की आवाजाही की स्वतंत्रता में बाधा आने से दुनिया के सबसे गरीब लोगों के लिए खतरा पैदा हो गया है।</p>
<p>गुटेरेस ने तत्काल कूटनीतिक प्रयासों का आह्वान करते हुए कहा, "विवादों का समाधान अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत शांतिपूर्ण ढंग से किया जाना चाहिए। मौत और विनाश का यह सिलसिला रुकना चाहिए। शांतिपूर्ण रास्ता निकालने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी हैं। उन्हें सफल होने के लिए पर्याप्त जगह और समर्थन मिलना चाहिए, जो संयुक्त राष्ट्र चार्टर सहित अंतरराष्ट्रीय कानून में मजबूती से निहित हो।" महासचिव ने सभी पक्षों के सामने स्पष्ट मांगें रखीं। उन्होंने अमेरिका और इजरायल से युद्ध को तुरंत रोकने का आग्रह किया, जो भारी मानवीय पीड़ा और आर्थिक संकट का कारण बन रहा है। वहीं ईरान से उन्होंने पड़ोसी देशों पर हमले बंद करने की मांग की। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सभी देशों को संप्रभुता, नागरिक सुरक्षा, परमाणु केंद्रों और नौवहन की स्वतंत्रता का सम्मान करना चाहिए।</p>
<p>गुटेरेस ने चल रहे शांति प्रयासों में मदद के लिए अपने व्यक्तिगत दूत ज्यां अरनॉल्ट को क्षेत्र में भेजने की घोषणा की। उन्होंने कहा, "संघर्ष अपने आप खत्म नहीं होते। वे तब खत्म होते हैं जब नेता विनाश के बजाय संवाद को चुनते हैं। वह विकल्प अभी भी मौजूद है और उसे अभी चुना जाना चाहिए।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 16:36:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अमेरिका-इजरायल हमला: ईरानी चीफ ऑफ स्टाफ के सलाहकार जमशेद इशाकी और परिवार के कई सदस्यों की मौत, जल्द हो सकता है सत्ता परिवर्तन</title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी सशस्त्र बलों के सलाहकार मेजर जनरल जमशिद इशाकी अमेरिकी-इजरायली हमले में अपने परिवार समेत मारे गए हैं। IRGC ने इस "आपराधिक हमले" की पुष्टि की है। 28 फरवरी से जारी इस संघर्ष ने अब सत्ता परिवर्तन की जंग का रूप ले लिया है, जिससे पश्चिम एशिया में युद्ध और गहराने की आशंका है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-israel-attack-kills-advisor-to-iranian-chief-of-staff-jamshid/article-148674"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/isaki.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरानी सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ के सलाहकार मेजर जनरल जमशिद इशाकी अमेरिका-इज़रायल हमले में मारे गये है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के कमांडर अहमद वाहिदी ने मंगलवार को आईआरईबी ब्रॉडकास्टर द्वारा प्रकाशित एक बयान में कहा, "जमशेद इशाकी एक आपराधिक अमेरिकी-इज़रायली हमले के परिणामस्वरूप अपने परिवार के कई सदस्यों के साथ मारे गए।"</p>
<p>गौरतलब है कि, 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल ने तेहरान सहित ईरान के ठिकानों पर हमले किए थे, जिसके जवाब में ईरान ने इज़रायली क्षेत्र और पश्चिमी एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले शुरू किये थे। अमेरिका और इज़रायल ने शुरू में दावा किया था कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम से उत्पन्न खतरे से निपटने के लिए उनका हमला आवश्यक था लेकिन जल्द ही उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि वे ईरान में सत्ता परिवर्तन देखना चाहते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/us-israel-attack-kills-advisor-to-iranian-chief-of-staff-jamshid/article-148674</link>
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                <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 17:56:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>लाल निशान में बंद हुआ शेयर बाजार: सेंसेक्स 1,636 अंक लुढ़का, निवेशकों के 10 लाख करोड़ स्वाहा</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम एशिया संकट के चलते घरेलू शेयर बाजार में हाहाकार मच गया। सोमवार को सेंसेक्स 1,635 अंक गिरकर 25 महीने के निचले स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी भी 488 अंक लुढ़का। बजाज फाइनेंस, एसबीआई और एचडीएफसी बैंक जैसे दिग्गजों में भारी बिकवाली से बैंकिंग सेक्टर पर सबसे ज्यादा दबाव देखा गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/stock-market-closed-in-red-sensex-fell-1636-points-investors/article-148453"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/share-market5.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। विदेशों से मिले नकारात्मक संकेतों के बीच घरेलू शेयर बाजारों में सोमवार को बड़ी गिरावट देखी गयी और बीएसई का सेंसेक्स 1,635.67 अंक (2.22 प्रतिशत) लुढ़ककर 25 महीने से अधिक के निचले स्तर 71,947.55 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 488.20 अंक यानी 2.14 प्रतिशत टूटकर 22,331.40 अंक पर बंद हुआ जो इसका करीब एक साल का निचला स्तर है।</p>
<p>पश्चिम एशिया संकट और उद्योगों पर उनके प्रभाव के कारण शेयर बाजारों में शुरू से ही बिकवाली हावी रही। सेंसेक्स एक हजार अंक से अधिक की गिरावट में खुला। दोपहर बाद बाजार पर दबाव और बढ़ गया। मझौली तथा छोटी कंपनियों में बिकवाली ज्यादा देखी गयी। वृहत सूचकांकों में निफ्टी मिडकैप-50 में 2.68 फीसदी और स्मॉलकैप-100 सूचकांक में 2.66 फीसदी की गिरावट रही। बैंकिंग और वित्तीय शेयरों पर भारी दबाव रहा। ऑटो, मीडिया, एफएमसीजी, रियलटी, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद, फार्मा और स्वास्थ्य सेक्टरों के सूचकांकों में भी अधिक गिरावट रही।</p>
<p>सेंसेक्स की कंपनियों में बजाज फाइनेंस का शेयर पांच प्रतिशत से ऊपर टूट गया। भारतीय स्टेट बैंक, इंडिगो, बजाज फिनसर्व, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी बैंक और ट्रेंट के शेयर तीन से चार प्रतिशत तक लुढ़के। भारती एयरटेल, महिंद्रा एंड महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईटीसी, आईसीआईसीआई बैंक और सनफार्मा के शेयर दो से तीन प्रतिशत फिसल गये। एशियन पेंट्स, अडानी पोर्ट्स, इटरनल, एलएंडटी, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, इंफोसिस, एनटीपीसी, टीसीएस, बीईएल और मारुति सुजुकी के शेयरों में एक से दो फीसदी की गिरावट रही। हिंदुस्तान यूनीलिवर, टाटा स्टील और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर भी लाल निशान में रहे। टेक महिंद्रा का शेयर डेढ़ प्रतिशत से अधिक चढ़ा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Mar 2026 16:30:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पश्चिम एशिया संघर्ष: डोनाल्ड ट्रंप ने खर्ग द्वीप समेत तेल भंडारों पर कब्जा करने की ईरान को दी धमकी, सऊदी अरब में अमेरिकी हवाई अड्डे पर हमला</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच खर्ग द्वीप और ईरानी तेल संसाधनों पर नियंत्रण करने की धमकी दी है। ट्रंप ने दावा किया कि ईरानी रक्षा प्रणाली ध्वस्त हो चुकी है और समझौता न होने पर सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी। इस तनाव से ब्रेंट क्रूड की कीमतें $116 के पार पहुंच गई हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iran-israel-conflict-donald-trump-threatens-iran-to-capture-oil/article-148439"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trump3.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान और इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष में तनाव बढ़ने के साथ ही अमेरिका ईरान के तेल भंडारों पर कब्जा कर सकता है, जिसमें प्रमुख निर्यात केंद्र खर्ग द्वीप भी शामिल है। रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने कहा कि समझौते और युद्ध का उनका इरादा ईरान के तेल संसाधनों पर नियंत्रण हासिल करना होगा, जिसकी तुलना उन्होंने इस साल की शुरुआत में वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई से की।</p>
<p>ट्रंप ने कहा, "सच कहूँ तो, मेरी सबसे पसंदीदा योजना ईरान से तेल छीनना है, लेकिन अमेरिका में कुछ बेवकूफ लोग कहते हैं: 'आप ऐसा क्यों कर रहे हैं?' लेकिन वे बेवकूफ ही हैं।" उन्होंने सुझाव दिया कि वाशिंगटन खर्ग द्वीप पर नियंत्रण कर सकता है, जिससे होकर ईरान के कच्चे तेल का अधिकांश निर्यात होता है और कहा कि यह विकल्प अभी भी विचाराधीन है। उन्होंने कहा, "हो सकता है हम खर्ग द्वीप पर कब्जा कर लें हो सकता है न करें। हमारे पास कई विकल्प हैं... इसका मतलब यह भी होगा कि हमें कुछ समय के लिए खर्ग द्वीप पर रहना होगा।"</p>
<p>जब ट्रंप से द्वीप पर ईरानी रक्षा व्यवस्था के बारे में पूछा गया तो उन्होंने दावा किया कि उन्होंने ईरान की सेना और नौसेना को पूरी तरह नष्ट कर दिया है और कहा, "मुझे नहीं लगता कि उनके पास कोई रक्षा व्यवस्था है। हम इसे बहुत आसानी से अपने कब्जे में ले सकते हैं।" लेकिन ट्रंप ने हालिया टिप्पणी कि वह "तेल पर कब्जा करना चाहते हैं" से बाजारों में कोई हलचल नहीं मची है और ब्रेंट क्रूड की कीमतें फिर से बढ़ गई हैं।</p>
<p>ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब पेंटागन इस क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा रहा है। मरीन और 82वीं एयरबोर्न डिवीजन की इकाइयों सहित हजारों अमेरिकी सैनिकों को इस क्षेत्र में तैनात किया गया है। बढ़ते संघर्ष ने वैश्विक तेल की कीमतों को भी तेजी से बढ़ा दिया है और आगे तनाव बढ़ने की आशंकाओं के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमत 116 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है। सऊदी अरब में अमेरिकी हवाई अड्डे पर हुए हमले सहित सैन्य तनाव बढ़ गया है, जिसमें अमेरिकी सैनिक घायल हुए और सैन्य उपकरण क्षतिग्रस्त हो गए। इस बीच, यमन में हाउथी विद्रोहियों ने युद्ध में प्रवेश कर लिया है, जिससे मौजूदा संघर्ष में एक नया चरण शुरू हो गया है और उन्होंने इज़राइल की ओर मिसाइलें दागी हैं, जिससे एक व्यापक क्षेत्रीय युद्ध की आशंका बढ़ गई है।</p>
<p>आक्रामक बयानबाजी के बावजूद ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान सहित मध्यस्थों के माध्यम से अप्रत्यक्ष वार्ता जारी है। होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल टैंकरों के गुजरने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "उन्होंने हमें 10 की अनुमति दी थी। अब वे 20 की अनुमति दे रहे हैं और 20 टैंकर पहले ही अपना काम शुरू कर चुके हैं और जलडमरूमध्य के ठीक बीच से गुजर रहे हैं।" ट्रंप ने यह भी दावा किया कि कई वरिष्ठ नेताओं की मृत्यु के बाद ईरान में प्रभावी रूप से "सत्ता परिवर्तन" हो गया है, हालांकि ईरानी अधिकारियों ने इस दावे का खंडन करते हुए कहा कि ईरान की राजनीतिक संरचना अभी भी बरकरार और मजबूत है।</p>
<p>उन्होंने ईरान के नेतृत्व के साथ संभावित समझौते को लेकर भी विश्वास जताया: "मुझे लगता है कि हम उनके साथ समझौता कर लेंगे, मुझे पूरा यकीन है... लेकिन सत्ता परिवर्तन हो चुका है।" ट्रंप ने आगे कहा कि सैन्य अभियान जारी हैं, "हमारे पास लगभग 3,000 लक्ष्य बचे हैं, हमने 13,000 लक्ष्यों पर बमबारी की है, और कुछ हजार लक्ष्य अभी बाकी हैं... समझौता काफी जल्दी हो सकता है।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Mar 2026 15:23:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>अमेरिकी नौसेना युद्धपोत यूएसएस त्रिपोली पहुंचे: अमेरिका कर रहा ईरान में ज़मीनी अभियान की बड़ी तैयारी, क्या ट्रंप देंगे पेंटागन की योजनाओं को मंजूरी ?</title>
                                    <description><![CDATA[वॉशिंगटन पोस्ट के अनुसार, अमेरिकी रक्षा विभाग ईरान में हफ्तों तक चलने वाले जमीनी अभियान की योजना बना रहा है। इसमें स्पेशल ऑपरेशन्स फोर्स और पैदल सेना शामिल हो सकती है। यूएसएस त्रिपोली के खाड़ी पहुँचने के बाद तनाव चरम पर है। अब सबकी नजरें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अंतिम मंजूरी पर टिकी हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-navy-warship-uss-tripoli-arrives-america-is-making-major/article-148306"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/tropoli.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी रक्षा विभाग ईरान में कई हफ़्तों तक चलने वाले ज़मीनी अभियान की तैयारी कर रहा है। वाशिंगटन पोस्ट ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से यह रिपोर्ट दी है।' अख़बार के अनुसार किसी भी संभावित ज़मीनी अभियान में विशेष ऑपरेशन बलों और पारंपरिक पैदल सेना इकाइयों द्वारा की जाने वाली कार्रवाई शामिल होगी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पेंटागन की उन योजनाओं में से किसी को मंज़ूरी देंगे।</p>
<p>इससे पहले, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने पश्विम एशिया में अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत यूएसएस त्रिपोली के पहुंचने की घोषणा की थी। उल्लेखनीय है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इज़रायल ने ईरान में लक्ष्यों पर हमले शुरू किए, जिससे काफी जान माल का नुकसान हुआ। ईरान इज़रायली क्षेत्र के साथ ही पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य लक्ष्यों पर जवाबी हमले कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 29 Mar 2026 16:06:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>संघर्ष के विस्तार का खतरा: जंग में कूदे हूती, इजरायल पर दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें</title>
                                    <description><![CDATA[यमन के हूती बलों ने इज़रायली सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर जंग में सीधा हस्तक्षेप किया है। ईरानी हमलों के मलबे से अबू धाबी में 5 भारतीय घायल हुए, जबकि सऊदी अरब में अमेरिकी सैनिकों पर ड्रोन हमले हुए। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सैन्य अभियान को सफल बताया है, जिससे लाल सागर में नया मोर्चा खुलने का खतरा बढ़ गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/danger-of-conflict-expansion-ballistic-missiles-fired-at-israel-as/article-148281"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/iran-misal.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन/सना। यमन में हूती बलों ने कहा है कि उन्होंने ईरान, लेबनान, इराक और फिलिस्तीनी क्षेत्रों पर हमलों के जवाब में इजरायल के सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं।  संघर्ष शुरू होने के बाद यह इजरायल पर उनका पहला हमला है। हूती हमले ऐसे समय हुए हैं जब अमेरिका-इज़रायल और ईरान के बीच संघर्ष तेज हो गया है। हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने अल-मसीरा टीवी के हवाले से कहा कि हमले तब तक जारी रहेंगे जब तक घोषित उद्देश्यों को हासिल नहीं किया जाता और प्रतिरोध के सभी मोर्चों पर आक्रमण बंद नहीं होता।</p>
<p>इजरायली सेना ने कहा कि उसने एक मिसाइल को मार गिराया। ये हमले ब्रिगेडियर सरी के उस बयान के बाद हुए, जिसमें उन्होंने संकेत दिया था कि हूती इस संघर्ष में शामिल होंगे। उन्होंने कहा था कि संवेदनशील इज़रायली सैन्य ठिकाने उनका निशाना होंगे। रात के दौरान बीर शेबा सहित कई इलाकों और इज़रायल के प्रमुख परमाणु अनुसंधान केंद्र के पास सायरन बजे, जबकि ईरान और हिजबुल्लाह ने इज़रायल पर हमले जारी रखे। हूती 2014 से यमन की राजधानी सना पर नियंत्रण रखते हैं और अब तक अमेरिका-इज़रायल संघर्ष से मोटे तौर पर बाहर रहे थे।   </p>
<p><strong>लाल सागर के पास एक नया मोर्चा खुलने की आशंका </strong></p>
<p>अमेरिका-इज़रायल और ईरान के बीच युद्ध में हूती हस्तक्षेप से लाल सागर के पास एक नया मोर्चा खुलने की आशंका बढ़ गई है। इज़राइल-हमास युद्ध के दौरान इस मिलिशिया ने नवंबर 2023 से जनवरी 2025 के बीच 100 से अधिक व्यापारिक जहाजों पर हमले कर समुद्री यातायात बाधित किया था, जिसमें दो जहाज डूबे और चार नाविकों की मौत हुई थी। </p>
<p><strong>ईरानी हमले में 5 भारतीय घायल</strong></p>
<p>संयुक्त अरब की राजधानी अबू धाबी में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल हमले के मलबे गिरने से शनिवार तड़के पांच भारतीय और एक पाकिस्तानी नागरिक घायल हो गए। अबू धाबी मीडिया कार्यालय के अनुसार, खलीफा इकोनॉमिक ज़ोन्स अबू धाबी (केजाड) के आसपास हुई घटना के संबंध में की गई समीक्षा के तहत यह पुष्टि हुई है कि इस घटना में पांच भारतीय नागरिकों को हल्की चोटें आई हैं। वायु रक्षा प्रणालियों द्वारा बैलिस्टिक मिसाइल को सफलतापूर्वक अवरोधित किए जाने के बाद गिरा मलबा तीन स्थानों पर आग लगने का कारण बना। सभी घायलों को मामूली चोटें आई हैं। घटना के बाद वहां लगी आग पर काबू पा लिया गया है। </p>
<p>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के खिलाफ जारी अमेरिकी सैन्य अभियान बेहतरीन ढंग से आगे बढ़ रहा है। लेकिन इसी दौरान ईरान ने सऊदी अरब स्थित प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिनमें 12 अमेरिकी सैनिक घायल हो गए, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई गई है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर कहा कि ईरान में हमारा सैन्य अभियान बहुत अच्छा चल रहा है, हालांकि उन्होंने इस पर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी। इसी बीच, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका को उम्मीद है कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान महीनों नहीं, बल्कि कुछ हफ्तों में समाप्त हो जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान में जमीनी सैनिक भेजने की संभावना नहीं है। </p>
<p>रुबियो ने फ्रांस में आयोजित जी-7 विदेश मंत्रियों की बैक में भाग लेते हुए सहयोगी देशों से अधिक समर्थन की अपील की और कहा कि इस अभियान के उद्देश्यों को अधिकतम साझेदार योगदान के साथ पूरा किया जाना चाहिए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 29 Mar 2026 09:40:52 +0530</pubDate>
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