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                <title>West Asia Conflict - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>West Asia Conflict RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पश्चिम एशिया संघर्ष: पीएम मोदी मंत्रिमंड़ल की सुरक्षा संबंधी समिति की अहम बैठक, LPG और PNG की सप्लाई पर पूरा फोकस, जरूरी कदम उठाने का दिया निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीसीएस बैठक की अध्यक्षता कर पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच ईंधन और उर्वरक की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सरकार ने जमाखोरी रोकने और एलपीजी-एलएनजी के स्रोतों में विविधता लाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। पीएम ने कोयले के पर्याप्त भंडार और आवश्यक वस्तुओं की स्थिर कीमतों का आश्वासन देते हुए अफवाहों से बचने की अपील की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/west-asia-conflict-important-meeting-of-the-security-committee-of/article-148801"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/csc.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार शाम मंत्रिमंडल की सुरक्षा संबंधी मामलों की समिति (सीसीएस) की बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें कृषि, उर्वरक, जहाजरानी, विमानन, रसद एवं लघु एवं मध्यम उद्यमों में उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए किए जा रहे उपायों पर चर्चा की गई। प्रधानमंत्री कार्यालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार, मोदी ने सीसीएस के सदस्यों के साथ आवश्यक आपूर्ति की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए एलपीजी एवं एलएनजी की आपूर्ति में विविधता लाने, ईंधन शुल्क में कमी लाने और विद्युत क्षेत्र से जुड़े उपायों की समीक्षा की।</p>
<p>बैठक में बताया गया कि आवश्यक वस्तुओं की स्थिर कीमतों को सुनिश्चित करने और जमाखोरी एवं कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। कीमतों की निरंतर निगरानी और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रवर्तन पर बातचीत के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। विज्ञप्ति के अनुसार, प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया है कि इस संघर्ष के प्रभाव से नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने गलत सूचना एवं अफवाहों को रोकने के लिए जनता तक प्रामाणिक जानकारी का समय पर एवं सुचारू पहुंच की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पर्याप्त कोयले के भंडार मौजूद है जो आने वाले महीनों में बिजली की आवश्यकता पर्याप्त रूप से पूरी होगी।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने अपने आधिकारिक निवास सात लोक कल्याण मार्ग पर सीसीएस की इस विशेष बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें विभिन्न मंत्रालयों और विभागों द्वारा उठाए गए कदमों की समीक्षा की गई और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के संदर्भ में आगे की जाने वाली पहलों पर भी चर्चा की गई। इस मुद्दे पर सीसीएस की यह दूसरी विशेष बैठक थी। विज्ञप्ति के अनुसार, बैठक में कैबिनेट सचिव ने पेट्रोलियम उत्पादों, विशेष रूप से एलएनजी तथा एलपीजी की आपूर्ति और पर्याप्त बिजली उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। विभिन्न देशों से नए स्रोतों के आने से एलपीजी की खरीद के लिए स्रोतों का विविधीकरण किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि इसी प्रकार, एलएनजी भी विभिन्न देशों से प्राप्त की जा रही है।</p>
<p>कैबिनेट सचिव ने बताया कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं और एलपीजी की जमाखोरी एवं कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए नियमित रूप से अवैध बिक्री विरोधी अभियान चलाए जा रहे हैं। प्राकृतिक गैस पाइपलाइन कनेक्शनों के विस्तार के लिए भी पहल की गई है। गर्मी के चरम महीनों के दौरान बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 7-8 गीगावाट क्षमता वाले गैस आधारित बिजली संयंत्रों को गैस पूलिंग तंत्र से छूट देना और थर्मल पावर स्टेशनों पर अधिक कोयले की आपूर्ति के लिए रेक बढ़ाना जैसे उपाय भी किए गए हैं। इसके अलावा, कृषि, नागरिक उड्डयन, जहाजरानी और रसद जैसे विभिन्न अन्य क्षेत्रों में उभरती चुनौतियों के लिए प्रस्तावित उपायों पर भी चर्चा की गई।</p>
<p>उर्वरक की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए यूरिया उत्पादन को आवश्यकताओं के अनुरूप बनाए रखने, डीएपी, एनपीकेएस आपूर्तिकर्ताओं के लिए विदेशी आपूर्तिकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित करने जैसे विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकारों से अनुरोध किया जा रहा है कि वे दैनिक निगरानी, छापेमारी और सख्त कार्रवाई के माध्यम से उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और हेराफेरी पर अंकुश लगाएं। विज्ञप्ति के अनुसार, देश में पिछले एक महीने से खाद्य पदार्थों के खुदरा दाम स्थिर बने हुए हैं। कीमतों की निरंतर निगरानी और राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के साथ आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रवर्तन पर बातचीत के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। कृषि उत्पादों, सब्जियों और फलों के दामों पर भी नजर रखी जा रही है।</p>
<p>ऊर्जा, उर्वरक और अन्य आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए वैश्विक स्तर पर हमारे स्रोतों में विविधता लाने के प्रयास किए जा रहे हैं, साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय पहल और चल रहे राजनयिक प्रयास भी किए जा रहे हैं। मौजूदा संकट के बीच प्रभावी सूचना प्रसार और जन जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए केंद्र, राज्य और जिला स्तर पर बेहतर समन्वय, वास्तविक समय संचार सहित सक्रिय उपाय किए जा रहे हैं।</p>
<p>विज्ञप्ति में कहा गया कि प्रधानमंत्री ने आम जनता की आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता का जायजा लिया। उन्होंने देश में उर्वरकों की उपलब्धता और खरीफ एवं रबी ऋतुओं में इनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष के प्रभाव से नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए। प्रधानमंत्री ने गलत सूचना एवं अफवाहों को रोकने के लिए जनता तक सही जानकारी के सुचारू प्रवाह पर भी बल दिया। प्रधानमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे मौजूदा वैश्विक स्थिति से प्रभावित नागरिकों और विभिन्न क्षेत्रों की समस्याओं को कम करने के लिए हरसंभव उपाय करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 13:24:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात पर की चर्चा: मोदी ने सऊदी अरब के शहजादे से की बात, ऊर्जा ठिकानों पर हमलों की निंदा की</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने शिपिंग मार्गों की सुरक्षा और नेविगेशन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने पर सहमति जताई, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/discussed-the-deteriorating-situation-in-west-asia-modi-spoke-to/article-148285"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/modi1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सऊदी अरब के शहजादे और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान के साथ बातचीत की जिसमें पश्चिम एशिया में बिगड़ती स्थिति और उसके क्षेत्रीय स्थिरता तथा वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर व्यापक प्रभावों पर विशेष चर्चा हुई। मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि दोनों नेताओं ने संघर्ष से उत्पन्न स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान किया और महत्वपूर्ण अवसंरचना की सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री, प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से बात की और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने ऊर्जा ठिकानों पर हमलों के खिलाफ भारत के दृढ़ रुख को दोहराया, जो क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच एक प्रमुख चिंता के रूप में उभरे हैं। मोदी ने कहा, मैंने क्षेत्रीय ऊर्जा अवसंरचना पर हमलों की भारत द्वारा निंदा को दोहराया।</p>
<p><strong>शिपिंग मार्गों को खुला रखने पर सहमत </strong></p>
<p>उन्होंने कहा, हम नेविगेशन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने और शिपिंग मार्गों को खुला और सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर सहमत हुए, उन्होंने खाड़ी क्षेत्र से जुड़े प्रमुख मार्गों को लेकर चिंताओं को उजागर किया, जिनसे होकर विश्व के तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। भारत अपने कच्चे तेल का एक बड़ा हिस्सा पश्चिम एशियाई देशों से आयात करता है और वह लगातार तनाव कम करने और महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं की सुरक्षा की मांग करता रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 29 Mar 2026 09:43:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रुपये में ऐतिहासिक गिरावट: 34 पैसे टूटकर 94.30 रुपये प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा, लगातार बिकवाली से भारतीय मुद्रा दबाव में</title>
                                    <description><![CDATA[विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण भारतीय रुपया शुक्रवार को ऐतिहासिक निचले स्तर ₹94.30 प्रति डॉलर पर लुढ़क गया। पश्चिम एशिया संकट के बाद से मुद्रा में ₹3 की गिरावट आई है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय अस्थिरता और डॉलर की मजबूती ने घरेलू अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव बना दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/rupee-falls-by-34-paise-to-reach-record-low-of/article-148061"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(1)74.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में 34 पैसे टूटकर 94.30 रुपये प्रति डॉलर पर आ गया। बीच कारोबार में पहली बार भारतीय मुद्रा इस स्तर तक कमजोर हुई है। पिछले कारोबारी दिवस पर 25 मार्च को यह 20 पैसे की गिरावट में 93.96 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुई थी जो इसका अब तक का सबसे कमजोर बंद भाव है।</p>
<p>रुपया आज 22.75 पैसे की गिरावट में 94.1875 रुपये प्रति डॉलर पर खुला और 94.30 रुपये प्रति डॉलर तक टूट गया। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में वृद्धि और विदेशी संस्थागत निवेशकों के भारतीय पूंजी बाजार में इस महीने लगातार बिकवाली रहने से भारतीय मुद्रा दबाव में है। पश्चिम एशिया संकट से पहले रुपया 91 डॉलर प्रति बैरल के आसपास था। इस संकट के शुरू होने के बाद अब तक इसमें तीन रुपये प्रति डॉलर की गिरावट आ चुकी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 11:21:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>शेल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने यूरोप को दी चेतावनी: जल्द ईंधन की कमी का करना पड़ेगा सामना, होर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग बंद</title>
                                    <description><![CDATA[शेल के सीईओ वाएल सावन ने आगाह किया है कि पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण दक्षिण एशिया के बाद अब यूरोप में ईंधन की भारी किल्लत होगी। होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी से विमानन ईंधन की कीमतें दोगुनी हो गई हैं। गर्मियों में यात्रा सीजन शुरू होने से डीजल और पेट्रोल की आपूर्ति पर गंभीर दबाव बढ़ने की आशंका है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/shells-ceo-warns-europe-will-soon-face-fuel-shortage-strait/article-147936"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/shell.png" alt=""></a><br /><p>मास्को। ऊर्जा क्षेत्र की शीर्ष कंपनी शेल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वाएल सावन ने कहा है कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण यूरोप को जल्द ही ईंधन की कमी का सामना करना पड़ेगा। मीडिया रिपोर्ट में बुधवार को सावन के हवाले से कहा गया, "दक्षिण एशिया को सबसे पहले इस मार का सामना करना पड़ा। अप्रैल की शुरुआत के साथ ही यह संकट दक्षिण-पूर्वी एशिया और उत्तर-पूर्वी एशिया से होते हुए अब यूरोप की ओर बढ़ गया है।"</p>
<p>सावन ने कहा कि पश्चिम एशिया के संकट ने विमानन ईंधन की आपूर्ति को पहले ही प्रभावित किया है, जिसकी कीमतें संघर्ष शुरू होने के बाद से दोगुनी हो गई हैं। उन्होंने आगे कहा कि इसके बाद डीजल की आपूर्ति पर दबाव बढ़ सकता है और फिर पेट्रोल की बारी आएगी, क्योंकि अमेरिका और यूरोप में गर्मियों में यात्राओं का मौसम शुरू होने वाला है।</p>
<p>अमेरिका और इजरायल ने बीती 28 फरवरी को तेहरान सहित ईरान के कई ठिकानों पर हमले किए थे, जिससे काफी नुकसान हुआ और हजारों नागरिक हताहत हुए। ईरान ने इसके जवाब में इजरायली क्षेत्र और पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया। ईरान के आसपास बढ़ते तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य की वास्तविक रूप से नाकेबंदी कर दी गई है, जो फारस की खाड़ी के देशों से वैश्विक बाजार में तेल और तरल प्राकृतिक गैस की आपूर्ति के लिए एक प्रमुख मार्ग है। इसने क्षेत्र में तेल उत्पादन और निर्यात भी प्रभावित किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 13:16:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बाजार में कोहराम: पश्चिम एशिया संकट के दबाव में शेयर बाजारों में फिर बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 1342 अंक लुढ़ककर 76,863 पर हुए बंद</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम एशिया में युद्ध के तनाव ने घरेलू शेयर बाजार को हिला दिया है। बुधवार को सेंसेक्स 1,342 अंक गिरकर 11 महीने के निचले स्तर पर बंद हुआ। बैंकिंग, ऑटो और आईटी शेयरों में भारी बिकवाली रही, जिससे निवेशकों को बड़ा घाटा हुआ। वैश्विक अस्थिरता और ऊर्जा संकट के डर से बाजार में लाल निशान हावी रहा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/under-the-pressure-of-west-asia-crisis-there-is-a/article-146128"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/share-market-fall-down.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष के दबाव में घरेलू शेयर बाजारों में बुधवार को एक बार फिर बड़ी गिरावट रही। बीएसई का सेंसेक्स 1,342.27 अंक (1.72 प्रतिशत) लुढ़ककर 76,863.71 अंक पर आ गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 394.75 अंक यानी 23,866.85 अंक पर बंद हुआ। दोनों सूचकांकों का यह करीब 11 महीने का निचला बंद स्तर है।</p>
<p>सेंसेक्स की शुरुआत बढ़त के साथ हुई थी और सुबह अधिकतर सूचकांक हरे निशान में थे। लेकिन बाद में गिरावट तेज होती गयी। मझौली और छोटी कंपनियों के सूचकांक भी लाल निशान में रहे। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 1.66 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.36 प्रतिशत गिर गया।</p>
<p>बैंकिंग, वित्त, ऑटो, रियलटी, रसायन, आईटी और एफएमसीजी सेक्टरों पर ज्यादा दबाव रहा। फार्मा, स्वास्थ्य और तेल एवं गैस सेक्टरों में तेजी रही। सेंसेक्स की कंपनियों में बजाज फाइनेंस का शेयर पांच प्रतिशत टूट गया। एक्सिस बैंक में चार फीसदी से ज्यादा की गिरावट रही। बजाज फिनसर्व और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर भी करीब चार प्रतिशत गिर गये। मारुति सुजुकी, भारती एयरटेल, ट्रेंट, कोटक महिंद्रा बैंक, एशियन पेंट्स और बीईएल के शेयर दो प्रतिशत से ज्यादा टूटे।</p>
<p>भारतीय स्टेट बैंक, टाइटन, टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, इंफोसिस, हिंदुस्तान यूनीलिवर, आईसीआईसीआई बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज और इटरनल के शेयर एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट में रहे। एलएंडटी, अडानी पोर्ट्स, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और इंडिगो के शेयर भी लाल निशान में रहे। एनटीपीसी और सनफार्मा में तेजी रही।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Mar 2026 16:56:19 +0530</pubDate>
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                <title>LPG की कमी पर राज्यसभा में चर्चा की मांग, भाकपा सांसद संदोष कुमार ने दिया कार्यस्थगन प्रस्ताव का नोटिस</title>
                                    <description><![CDATA[सांसद संदोष कुमार पी ने राज्यसभा में नियम 267 के तहत नोटिस देकर एलपीजी की कमी पर चर्चा की मांग की है। पश्चिम एशिया संघर्ष से बाधित आपूर्ति श्रृंखला के कारण घरेलू और कमर्शियल गैस की किल्लत बढ़ गई है। उन्होंने सरकार से भंडार की स्थिति स्पष्ट करने और मध्यम वर्ग को महंगाई से राहत देने की अपील की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/demand-for-discussion-in-rajya-sabha-on-shortage-of-lpg/article-146065"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/cpi.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में एलपीजी की कथित कमी पर चर्चा कराने की मांग को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के सदस्य संदोष कुमार पी ने बुधवार को राज्य सभा में कार्यस्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है।  </p>
<p>संदोष कुमार ने नियम 267 के तहत यह नोटिस दिया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसके चलते एलपीजी की आपूर्ति में देरी, कीमतों में वृद्वि और आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो गयी है। कई राज्यों में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की अनियमित आपूर्ति, लंबा इंतजार और अचानक कीमतों में बढ़ोतरी की शिकायतें सामने आ रही हैं।       </p>
<p>उन्होंने कहा कि देश के करोड़ों परिवार, खासकर गरीब और मध्यम वर्ग, खाना पकाने के लिए एलपीजी पर निर्भर हैं। एलपीजी की कमी से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छोटे होटल, रेस्तरां और खाद्य व्यवसाय से जुड़े लोगों पर भी इसका गंभीर असर पड़ रहा है। सांसद ने सरकार से एलपीजी भंडार की वास्तविक स्थिति, आपूर्ति बनाए रखने के लिए उठाए गए कदमों और उपभोक्ताओं को राहत देने की योजना पर सदन को जानकारी देने की मांग की है।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Mar 2026 13:26:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पश्चिम एशिया संकट पर विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही तीन बजे तक स्थगित: सदन ने दी भारतीय क्रिकेट टीम को विश्व कप जीत की बधाई, जयशंकर ने दिया विस्तृत वक्तव्य </title>
                                    <description><![CDATA[लोकसभा में पश्चिम एशिया संघर्ष पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष ने भारी हंगामा किया, जिसके कारण कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। विदेश मंत्री एस जयशंकर के वक्तव्य के दौरान नारेबाजी जारी रही। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के व्यवहार को 'गैर-जिम्मेदाराना' बताया। सदन ने भारतीय क्रिकेट टीम को विश्व कप जीत की बधाई भी दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/amid-opposition-uproar-lok-sabha-proceedings-adjourned-till-3-pm/article-145828"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/lok-sabha.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर चर्चा कराने की मांग पर विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी। सदन की कार्यवाही बारह बजे शुरु होते ही पीठासीन अधिकारी जगदंबिका पाल ने भारत की टी20 क्रिकेट विश्व कप में जीत की सदन को सूचना दी। सदन की ओर से भारतीय क्रिकेट टीम को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गयी। उसके बाद कांग्रेस के सदस्यों में पश्चिम एशिया संघर्ष पर चर्चा कराने की मांग करते हुए सदन के बीचोंबीच आ गये और नारेबाजी करने लगे। हंगामे के बीच पीठासीन अधिकारी ने उसके बाद जरूरी कागजात सदन के पटल पर रखवाये। जगदंबिका पाल ने कहा कि विदेश मंत्री का वक्तव्य आ रहा है आप लोग अपने अपने स्थान पर चले जायें। शायद आप जो मांग कर रहे हैं उसका उत्तर मिल जाये। विपक्ष के भारी हंगामे और शोर-शराबे के बीच ही विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपना वक्तव्य देना शुरू किया।</p>
<p>हंगामा बढने पर पीठासीन अधिकारी ने कहा कि विदेश मंत्री ने पश्चिम एशिया संकट पर विस्तृत वक्तव्य दिया है। विदेश मंत्री ने सारी बातों का जवाब दिया है। इस बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि विपक्ष भ्रमित है उसे पता ही नहीं कि क्या करना है। लोक सभा अध्यक्ष के खिलाफ नोटिस देते हैं, फिर दोबारा नोटिस देते हैं। हम चर्चा के लिए तैयार हैं तो दूसरा नोटिस देने का क्या मतलब है। उन्होंने कहा कि इस तरीके का व्यवहार सदन में कभी नहीं देखा है। उन्होंने कहा कि एक आदमी देश का महाराजा है क्या, कि सिर्फ उनकी बात सुनी जाएगी। कांग्रेस के लोगों को अंतरआत्मा में झांककर देखना चाहिए। विपक्ष संसद की गरिमा को गिरा रहा है। वह जो अनावश्यक प्रस्ताव लाये हैं उस पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं।</p>
<p>इस बीच पीठासीन अधिकारी ने हंगामा कर रहे सदस्यों से कहा कि आप के प्रस्ताव को एजेंडे में शामिल किया गया है और उस पर सरकार चर्चा के लिए तैयार है। अध्यक्ष ओम बिरला ने आपके नोटिस को स्वीकार कर लिया है। फिर भी आप उस पर चर्चा करने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने सदस्यों से बार बार शांत रहने का आग्रह किया और कहा कि क्या आप अपने प्रस्ताव पर नहीं बोलना चाहते हैं। हंगामा नहीं थमने पर सदन की कार्यवाही तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 14:28:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पश्चिम एशिया संकट: पीएम मोदी ने सुरक्षा मामलों की समिति में पश्चिम एशिया में स्थिति की समीक्षा की, भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर जताई चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में CCS की बैठक में ईरान-इजराइल युद्ध से उत्पन्न स्थिति पर गंभीर चर्चा हुई। समिति ने खाड़ी देशों में फंसे भारतीय प्रवासियों और छात्रों की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए कूटनीति की वापसी पर जोर दिया। सभी विभागों को प्रभावित नागरिकों की तत्काल सहायता और आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-reviewed-the-situation-in-west-asia-in-the/article-145107"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/pm-modi.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति ने ईरान पर अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई से पश्चिम एशिया में उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की और क्षेत्र में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई। मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में रविवार देर रात हुई बैठक में पश्चिम एशिया में निरंतर बदलते हालात की विस्तार से समीक्षा की गई। समिति ने टकराव को जल्द खत्म करने और बातचीत और कूटनीति पर लौटने की अहमियत पर जोर दिया।</p>
<p>समिति को 28 फरवरी को ईरान पर हवाई हमले और उसके बाद बढ़ी हिंसा, जिसमें कई गल्फ देशों में हुए हमले भी शामिल हैं, के बारे में जानकारी दी गई। इसने इस इलाके में रहने वाले बड़े भारतीय प्रवासी समुदाय की सुरक्षा पर गंभीर चिंता जताई। समिति ने इस इलाके में आने-जाने वाले भारतीय यात्रियों और तय परीक्षा में बैठने वाले छात्रों को होने वाली मुश्किलों के साथ-साथ इलाके की सुरक्षा और आर्थिक तथा  वाणिज्य गतिविधियों पर इसके बड़े असर की भी समीक्षा की।</p>
<p>समिति ने सभी संबंधित विभागों को इन घटनाओं से प्रभावित भारतीय नागरिकों की मदद के लिए जरूरी और मुमकिन कदम उठाने का निर्देश दिया। उसने टकराव को जल्द खत्म करने और बातचीत और कूटनीति पर लौटने की अहमियत पर जोर दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Mar 2026 11:17:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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