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                <title>Hormuz Strait - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Hormuz Strait RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अमेरिका-ईरान में तनाव बढ़ने से शेयर बाजारों में भ़ारी गिरावट: सेंसेक्स 1,600 अंक लुढ़का, निवेशकों के 10 लाख करोड़ लगे दांव पर</title>
                                    <description><![CDATA[हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ते वैश्विक तनाव के कारण भारतीय शेयर बाजार में हाहाकार मच गया। सेंसेक्स 1,613 अंक और निफ्टी 461 अंक गिरकर खुले, जबकि रुपया ₹93.38 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर फिसल गया। बैंकिंग, ऑटो और तेल क्षेत्रों में भारी बिकवाली से निवेशकों के अरबों रुपये डूब गए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/due-to-increasing-tension-between-america-and-iran-huge-fall/article-150136"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/share-market.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अमेरिका और ईरान के बीच हार्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव बढ़ने से सोमवार को घरेलू शेयर बाजारों और रुपये में शुरुआती गिरावट देखी गयी। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 1,613.09 अंक टूटकर 75,937.16 अंक पर खुला। खबर लिखे जाते समय यह 1,530.50 अंक नीचे 76,019.75 अंक पर था।</p>
<p>अमेरिका के हार्मुज जलडमरूमध्य को अपने नियंत्रण में लेने के बयान के बाद रुपये पर भी दबाव आया। अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया फिलहाल 55 पैसे की गिरावट के साथ 93.38 रुपये प्रति डॉलर पर है। सेंसेक्स की तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 461 अंक फिसलकर 23,589.60 अंक पर खुला। खबर लिखे जाते समय यह 456.60 अंक उतरकर 23,549 अंक पर रहा।</p>
<p>बैंकिंग, वित्त, ऑटो, रियलटी, तेल एवं गैस और रसायन समूहों के सूचकांक दो प्रतिशत से अधिक गिरे। एफएमसीजी, आईटी, मीडिया, स्वास्थ्य और टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद समूहों में एक से दो प्रतिशत तक गिरावट रही। सेंसेक्स की कंपनियों में सनफार्मा को छोड़कर अन्य सभी इस समय दबाव में हैं। इंडिगो का शेयर छह फीसदी से अधिक, मारुति सुजुका का चार फीसदी से अधिक और एलएंडटी, एशियन पेंट्स, बजाज फाइनेंस और अडानी पोर्ट्स के शेयर तीन से चार प्रतिशत टूटे। भारतीय स्टेट बैंक, एचडीएफसी बैंक, ट्रेंट, अल्ट्राटेक सीमेंट, इटरनल, एक्सिस बैंक और एयरटेल में दो से तीन प्रतिशत की गिरावट रही।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 10:53:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>युद्धविराम शुरू होने के बाद से किसी भी देश पर कोई मिसाइल हमला नहीं, ड्रोन हमलों के लिए अमेरिका जिम्मेदार : आईआरजीसी</title>
                                    <description><![CDATA[IRGC ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका के साथ युद्धविराम शुरू होने के बाद से उन्होंने कोई मिसाइल हमला नहीं किया। ईरान ने हालिया ड्रोन हमलों के लिए इजरायल और अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है। इस्लामाबाद वार्ता से पहले तेहरान ने शांति की प्रतिबद्धता दोहराई है, हालांकि लेबनान पर इजरायली हमलों को समझौते का उल्लंघन बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/no-missile-attack-on-any-country-since-the-ceasefire-started/article-149923"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/irgc2.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा है कि अमेरिका के साथ युद्धविराम शुरू होने के बाद से किसी भी देश पर मिसाइलें नहीं दागी गईं। अल जजीरा ने यह जानकारी दी। आईआरजीसी ने कहा कि उसकी सेनाओं ने "युद्धविराम के बाद अब तक किसी भी देश पर कोई मिसाइल नहीं दागी है।" बयान में कहा गया कि ड्रोन हमलों की जो भी खबरें आ रही हैं, वे 'निस्संदेह यहूदी दुश्मन या अमेरिका का काम हैं।'</p>
<p>मंगलवार रात को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ दो सप्ताह के द्विपक्षीय युद्धविराम की घोषणा की थी और इस बात की पुष्टि की थी कि तेहरान होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने पर सहमत हो गया है। ईरानी सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने इसके बाद संकेत दिया कि ईरान शुक्रवार को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ बातचीत शुरू करेगा। ईरानी उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह ने कहा कि तेहरान पाकिस्तान में अमेरिका के साथ बातचीत को आगे बढ़ा रहा है और उम्मीद करता है कि अमेरिका भी वैसा ही करेगा।</p>
<p>इजरायली लड़ाकू विमानों और तोपखाने ने दक्षिणी लेबनान में एक दर्जन से अधिक बस्तियों को निशाना बनाया, जिसमें टायर शहर भी शामिल था। ट्रम्प ने स्पष्ट किया कि लेबनान पर इजरायली हमलों को रोकना अमेरिका-ईरान युद्धविराम समझौते का हिस्सा नहीं है। ईरान ने हालांकि इन हमलों को युद्धविराम समझौते का उल्लंघन माना।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 18:16:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अमेरिका-ईरान वार्ता से पहले किले में तब्दील हुआ इस्लामाबाद : ब्‍लू बुक प्रोटोकॉल लागू, C-130 विमान सहित 10,000 जवान तैनात</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के लिए जेडी वेंस के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंच रहा है। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच होने वाली इस वार्ता का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना और युद्धविराम को स्थायी बनाना है। डोनाल्ड ट्रंप की यह कूटनीतिक पहल वैश्विक तेल बाजार और शांति के लिए निर्णायक साबित होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/islamabad-transformed-into-a-fort-before-us-iran-talks-blue-book/article-149855"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/pakistan1.png" alt=""></a><br /><p>इस्लामाबाद। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच अहम बातचीत को लेकर सुरक्षा बढ़ा दी गयी है। यह बातचीत पश्चिम एशिया में छह हफ़्ते तक चले युद्ध के बाद पहली बार हो रही है। इस युद्ध में हज़ारों लोग मारे गए हैं और वैश्विक तेल बाज़ार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पूरे इस्लामाबाद में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है, खासकर उन सड़कों पर जो 'रेड ज़ोन' की ओर जाती हैं, जहाँ सरकार की अहम इमारतें स्थित हैं। अधिकारियों ने दो दिनों की सार्वजनिक छुट्टी घोषित कर दी है। साथ ही, भारी संख्या में सेना तैनात की गयी है और जगह-जगह तलाशी केंद्र बनाए गए हैं। विदेश मंत्रालय से सटा हुआ 'सेरेना होटल' बातचीत के स्थल के तौर पर पूरी तरह सील कर दिया गया है।</p>
<p>उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में अमेरिका के प्रतिनिधिमंडल में विशेष दूत जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ़ भी शामिल हैं। इन सभी के शुक्रवार को इस्लामाबाद पहुँचने की उम्मीद है। ईरान ने अभी तक आधिकारिक तौर पर अपनी टीम की पुष्टि नहीं की है, हालाँकि रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाक़ेर ग़ालिबफ़ और विदेश मंत्री अब्बास अरागची ईरानी पक्ष का नेतृत्व करेंगे। दोनों देशों के बीच होने वाली बातचीत का मकसद एक नाज़ुक युद्ध विराम को मज़बूत करना, लेबनान को शामिल करने को लेकर मतभेदों को सुलझाना और होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलना है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया भर में तेल की आपूर्ति के लिए एक अहम समुद्री रास्ता है। लेबनान में हिज़्बुल्लाह पर इज़रायल के हालिया हमलों ने तनाव बढ़ा दिया है और बातचीत को और मुश्किल बना दिया है।</p>
<p>व्हाइट हाउस के अधिकारियों का कहना है कि इसका मकसद दोनों पक्षों के एक-दूसरे से अलग प्रस्तावों के बीच कोई बीच का रास्ता निकालना है। ईरान ने 10-सूत्रीय योजना पेश की है, जिसमें उसके क्षेत्रीय प्रभाव और परमाणु संवर्धन के अधिकारों को मान्यता देने की बात शामिल है। वहीं, ख़बरों के मुताबिक, अमेरिका के पास 15-सूत्रीय जवाबी प्रस्ताव है, जिसमें परमाणु हथियार न रखने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की मांग की गयी है। इस बातचीत का नतीजा न सिर्फ़ पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष की दिशा तय करेगा, बल्कि दुनिया भर के ऊर्जा बाज़ारों की स्थिरता पर भी इसका असर पड़ेगा।</p>
<p>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ी सूझ-बूझ से श्री वेंस को बातचीत की अगुवाई करने के लिए आगे किया है। ऐसा करने का पहला मकसद यह संदेश देना है कि यह कूटनीतिक कोशिश पूरी तरह से गंभीर है। इसके ज़रिए उन्होंने अपने सहयोगी देशों, विरोधी ताकतों और आम जनता को यह साफ़ संकेत दिया है कि उनका प्रशासन इस संघर्ष को खत्म करने के लिए पूरी तरह से जुटा हुआ है, न कि सिर्फ़ खानापूर्ति के लिए बातचीत कर रहा है। दूसरा मकसद यह है कि अगर ये बातचीत नाकाम रहती है या युद्ध विराम खत्म हो जाता है, तो श्री ट्रंप यह दावा कर सकते हैं कि उन्होंने अपने प्रशासन के सबसे ज़्यादा एहतियात बरतने वाले वरिष्ठ अधिकारी को ही इस संघर्ष का शांतिपूर्ण हल निकालने का मौका दिया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 14:55:03 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>राहत की खबर : मुंबई पहुंचा ‘ग्रीन आशा’ एलपीजी जहाज, होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर सुरक्षित लाया 15,400 टन गैस</title>
                                    <description><![CDATA[मुंबई के जेएनपीए बंदरगाह पर भारतीय एलपीजी जहाज 'ग्रीन आशा' का शानदार स्वागत हुआ। रणनीतिक रूप से संवेदनशील होर्मुज जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक पार कर यह जहाज 15,400 टन एलपीजी लेकर सुरक्षित भारत पहुँचा। पश्चिम एशिया में तनाव के बीच चालक दल और कार्गो की सुरक्षित वापसी भारत की सामरिक सफलता को दर्शाती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/news-of-relief-green-asha-arrived-with-15400-tons-of/article-149808"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/green-asha.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। मुंबई के पास स्थित जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (जेएनपीए) ने गुरुवार को ‘ग्रीन आशा’ नाम का एक भारतीय ध्वज वाले एलपीजी जहाज का स्वागत किया। इस जहाज़ ने रणनीतिक रूप से संवेदनशील होर्मुज जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक पार किया है। यह जहाज़ बीपीसीएल-आईओसीएल द्वारा संचालित लिक्विड बर्थ पर लंगर डाल चुका है। इस जहाज में 15,400 टन एलपीजी लदी हुई थी। जहाज, उसमें लदा माल और चालक दल का प्रत्येक सदस्य पूरी तरह सुरक्षित है।</p>
<p>ऑनलाइन सामने आए दृश्यों में जहाज को बंदरगाह पर लंगर डाले हुए दिखाया गया है, जहां चालक दल के सदस्य हाथ हिलाकर अभिवादन कर रहे हैं। यह घटनाक्रम पश्चिम एशिया में लागू एक नाजुक संघर्षविराम के दौरान सामने आया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 11:05:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>रिपोर्ट्स : होर्मुज़ पर लगे संभावित शुल्क से नाराज़ तेल कंपनियां, ईरान द्वारा संभावित शुल्क लगाए जाने की चर्चाओं पर जताई चिंता </title>
                                    <description><![CDATA[ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले टैंकरों पर $1 प्रति बैरल शुल्क लगाने का प्रस्ताव दिया है। वैश्विक तेल कंपनियों ने व्हाइट हाउस से संपर्क कर इस 'टैक्स' का विरोध किया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आने वाले हफ्तों में इस पर चर्चा करेंगे, क्योंकि यह रणनीतिक जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/reports-oil-companies-angry-over-possible-duty-on-hormuz-expressed/article-149738"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/hormuz.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। तेल कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों ने व्हाइट हाउस से संपर्क कर होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए ईरान द्वारा संभावित शुल्क लगाए जाने की चर्चाओं पर चिंता जतायी है। यह जानकारी अखबार ने मामले से परिचित एक स्रोत के हवाले से दी है। रिपोर्टाें के अनुसार, तेल कंपनियों के अधिकारियों ने व्हाइट हाउस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से अपील की है कि वे शांति वार्ता की शर्त के रूप में ईरान को इस रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए शुल्क लेने की अनुमति देने का विरोध करें।</p>
<p>स्रोत के मुताबिक, तेल उद्योग के प्रतिनिधियों ने बुधवार सुबह अमेरिकी विदेश विभाग में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें अपनी चिंताओं से अवगत कराया। इस बीच, बुधवार को व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लीविट ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने पर शुल्क लगाने के प्रस्ताव पर आने वाले हफ्तों में चर्चा करेंगे।। इस बीच, फाइनेंशियल टाइम्स ने ईरान के तेल, गैस और पेट्रोकेमिकल उत्पाद निर्यातकों के संघ के आधिकारिक प्रवक्ता हामिद होसैनी के हवाले से बताया कि ईरान तेल टैंकरों को प्रति बैरल एक डॉलर के शुल्क पर होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति देने के लिए तैयार है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 17:57:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ट्रंप ने की पुष्टि : अंतिम समझौता होने तक ईरान के आसपास तैनात रहेंगे अमेरिकी जहाज़ और विमान, परमाणु हथियार विकसित करने पर लगाई रोक</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि ईरान के साथ पूर्ण समझौता लागू होने तक अमेरिकी युद्धपोत और सैन्य बल वहां तैनात रहेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि समझौते का उल्लंघन होने पर "बड़ा और घातक" पलटवार किया जाएगा। ट्रंप ने परमाणु हथियारों पर रोक और होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को अमेरिका की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/american-ships-and-aircraft-will-be-deployed-nearby-until-the/article-149716"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trump3.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ अंतिम समझौते के पूरी तरह लागू होने तक उनके युद्धपोत, विमान और सैन्य बल ईरान के आसपास तैनात रहेंगे। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर कहा, "अमेरिका के सभी जहाज, विमान और सैन्य कर्मी, अतिरिक्त गोला-बारूद, हथियार और अन्य सभी चीजें ईरान में और उसके आसपास तब तक तैनात रहेंगे, जब तक कि वास्तविक समझौते का पूरी तरह से पालन नहीं हो जाता।"</p>
<p>उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समझौता लागू नहीं हुआ, तो संघर्ष पहले से कहीं अधिक "बड़ा, बेहतर और अधिक ताकतवर" रूप ले सकता है।अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि अमेरिका लंबे समय से इस बात पर कायम है कि ईरान परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा और होर्मुज जलडमरूमध्य खुला तथा सुरक्षित रहेगा। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिकी सेना हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है और आगे की कार्रवाई के लिए पूरी तरह से सतर्क है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 15:30:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>भारत ने अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम का किया स्वागत : पश्चिम एशिया में स्थाई शांति की जताई उम्मीद, होर्मुज़ जलडमरूमध्य को खोलने का आग्रह</title>
                                    <description><![CDATA[भारत ने अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम का पुरजोर समर्थन किया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, संवाद और कूटनीति ही स्थायी शांति का एकमात्र मार्ग है। भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक सुगमता और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा की बहाली पर विशेष बल दिया है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को राहत मिलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/india-welcomed-the-ceasefire-between-america-and-iran-expressed-hope/article-149542"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/india.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत ने अमेरिका और ईरान के बीच हुये युद्धविराम का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि इससे पश्चिम एशिया में स्थाई शांति स्थापित होगी। विदेश मंत्रालय ने पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रम पर बुधवार को एक वक्तव्य जारी करते हुए कहा कि भारत पहले से ही इस विवाद के संवाद और कूटनीति से समाधान पर जोर देता रहा है। मंत्रालय ने कहा है, "हम संघर्ष विराम का स्वागत करते हैं और आशा करते हैं कि इससे पश्चिम एशिया में स्थायी शांति स्थापित होगी। जैसा कि हम पहले भी लगातार कहते रहे हैं, तनाव में कमी, संवाद और कूटनीति ही संघर्ष को शीघ्र समाप्त करने के लिए आवश्यक हैं। इस संघर्ष ने पहले ही लोगों को अत्यधिक कष्ट पहुँचाया है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति तथा व्यापारिक नेटवर्क को बाधित किया है। हमें उम्मीद है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य के माध्यम से नौवहन की निर्वाध स्वतंत्रता और वैश्विक व्यापार का प्रवाह बना रहेगा।"</p>
<p>उल्लेखनीय है कि अमेरिका और ईरान ने बुधवार तड़के दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमति व्यक्त की है। अमेरिका और इजरायल ने गत 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ हमलों की शुरुआत की थी। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई में पश्चिम एशियाई देशों में अमेरिकी ठिकानों और इजरायल पर हमले किए थे। इन हमलों में जान और माल का व्यापक नुकसान हुआ है। ईरान ने इन हमलों के विरोध में और होर्मुज जलडमरूमध्य से आने वाले तेल और गैस टैंकरों के संचालन को बाधित कर दिया था जिससे दुनिया भर में कच्चे तेल एवं गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 16:39:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अमेरिका-ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमति : निर्णायक शांति समझौते की दिशा में अहम कदम, होर्मुज जलडमरुमध्य खुला</title>
                                    <description><![CDATA[तनाव के बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ निर्णायक युद्धविराम की घोषणा की है। पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुए इस समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोल दिया जाएगा। ट्रंप की समय-सीमा समाप्त होने से पहले मिली इस सहमति ने वैश्विक युद्ध के खतरे को टाल दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/america-iran-agree-on-two-week-ceasefire-important-step-towards-decisive-peace/article-149498"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/trump1.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान युद्ध विराम के लिए सहमत हो गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि अमेरिका और ईरान एक निर्णायक शांति समझौते की दिशा में आगे बढ़ चुके हैं और बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमत हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह घोषणा वाशिंगटन समयानुसार 18:32 बजे की जो कि श्री ट्रंप द्वारा तय की गई रात आठ बजे की समय सीमा के अंदर थी।</p>
<p>उन्होंने धमकी दी थी कि अगर ईरान घोषित समयसीमा के भीतर युद्धविराम पर सहमत नहीं होता है तो ईरानी सभ्यता को खत्म कर दिया जाएगा। ईरान के विदेश मेत्री अब्बास अरागची ने भी कहा है कि उनका देश दो सप्ताह के युद्ध विराम पर सहमत हो गया है। इस दौरान होर्मुज जलडमरुमध्य को खोल दिया जाएगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार, युद्ध विराम पर सहमति पाकिस्तान के मध्य्थता से हुई है और इजरायल भी इसपर सहमत है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 15:25:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>युद्धविराम विश्व शांति के लिए बड़ा दिन : ट्रंप ने कहा-अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने में करेगा मदद</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका-ईरान युद्धविराम को विश्व शांति के लिए मील का पत्थर बताया है। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापार बहाल करने और ईरान के पुनर्निर्माण में मदद का वादा किया। ट्रंप के अनुसार, यह समझौता मध्य पूर्व के लिए 'स्वर्ण युग' की शुरुआत साबित होगा, जिससे क्षेत्र में समृद्धि और आर्थिक मजबूती आएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/armistice-is-a-big-day-for-world-peace-trump-said/article-149512"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/trump-big-disi.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ दो सप्ताह के युद्धविराम को विश्व शांति के लिए एक बड़ा दिन बताया और कहा कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि ईरान ऐसा चाहता है क्योंकि वे तंग आ चुके हैं। इसी तरह बाकी सभी भी तंग आ चुके हैं।' उन्होंने कहा कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य में यातायात बढ़ाने में मदद करेगा और कई सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि खूब पैसा बनाया जाएगा और ईरान पुनर्निर्माण प्रक्रिया शुरू कर सकता है। ट्रंप ने कहा कि हम हर तरह की आपूर्ति लेकर आएंगे और यहीं आसपास मंडराते रहेंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सब कुछ ठीक चल रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि सब कुछ ठीक चलेगा। ट्रंप ने कहा कि यह अमेरिका की तरह पश्चिम एशिया का स्वर्ण युग हो सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/armistice-is-a-big-day-for-world-peace-trump-said/article-149512</link>
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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 13:21:50 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अमेरिका ने की युद्व विराम की घोषणा, पढ़ें युद्ध को खत्म करने के लिए ईरान ने क्या रखीं शर्ते ?  </title>
                                    <description><![CDATA[ईरान और अमेरिका के बीच दो सप्ताह का युद्धविराम लागू हो गया है। शुक्रवार से इस्लामाबाद में शुरू होने वाली इस वार्ता के लिए ईरान ने 10 प्रमुख शर्तें रखी हैं, जिनमें प्रतिबंध हटाना, मुआवजा और स्थायी शांति शामिल है। होर्मुज जलडमरूमध्य का नियंत्रण भी बहाल होगा, जिससे वैश्विक व्यापार को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/america-announces-ceasefire-read-what-conditions-iran-has-set-to/article-149520"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/mojtaba-khamenei.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने कहा कि ईरान शुक्रवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ वार्ता शुरू करेगा। ईरानी सरकारी प्रसारक आईआरआईबी ने परिषद के हवाले से बुधवार को कहा, "अमेरिकी पक्ष पर अविश्वास के साथ यह वार्ता 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में शुरू होगी। ईरान इसके लिए दो सप्ताह का समय देगा। पक्षों की सहमति से इस अवधि को बढ़ाया जा सकता है। इस दौरान पूर्ण राष्ट्रीय एकता बनाए रखनी होगी।"</p>
<p>परिषद ने कहा कि इस अवधि के लिए युद्धविराम घोषित किया जाएगा साथ ही यह भी कहा कि वार्ता मतलब अमेरिका के साथ युद्ध का अंत नहीं है। बयान के अनुसार, अगर वार्ता के दौरान अमेरिका जरा सी भी गलती करता है तो ईरान पूरी ताकत से जवाब देगा। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक्स पर कहा, "इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की ओर से मैं अपने प्रिय भाइयों, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शरीफ और फील्ड मार्शल मुनीर के क्षेत्र में युद्ध समाप्त करने के अथक प्रयासों के लिए आभार व्यक्त करता हूं।"</p>
<p>इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा किया था कि उन्होंने ईरान के साथ दो सप्ताह के द्विपक्षीय युद्धविराम पर सहमति व्यक्त की है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा की गारंटी देने पर भी सहमति व्यक्त की है। अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य का नियंत्रण ईरान को सौंपने पर भी सहमति व्यक्त की है।</p>
<p>ईरान ने अमेरिका के साथ चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए मुख्य रूप से अपनी 10 प्रमुख शर्तें रखी है।</p>
<p>इराक, लेबनान और यमन में जारी युद्धों का पूरी तरह अंत किया जाए।<br />ईरान के साथ चल रहा संघर्ष बिना किसी समयसीमा के स्थायी रूप से खत्म किया जाए।<br />पूरे क्षेत्र में सभी प्रकार के टकराव और हिंसक हालात समाप्त किए जाएं।<br />होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोल दिया जाए।<br />होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित और स्वतंत्र नौवहन सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट नियम और व्यवस्थाएं बनाई जाएं।<br />ईरान को पुनर्निर्माण से जुड़ी पूरी लागत का मुआवजा दिया जाए।<br />ईरान पर लगाए गए सभी प्रतिबंध हटाने के लिए ठोस और पूर्ण प्रतिबद्धता दिखाई जाए।<br />अमेरिका के नियंत्रण में मौजूद ईरान की जमी हुई संपत्तियों और फंड्स को वापस किया जाए।<br />ईरान परमाणु हथियार विकसित या हासिल करने का प्रयास न करने की स्पष्ट और पूरी प्रतिबद्धता जताए।<br />इन सभी शर्तों को स्वीकार करते ही हर मोर्चे पर तुरंत युद्धविराम लागू कर दिया जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 12:29:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव गिरा: होर्मुज खोलने की मांग पर चीन-रूस का वीटो, ट्रम्प की धमकी, आज रात ईरान की पूरी सभ्यता खत्म होगी</title>
                                    <description><![CDATA[होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने का यूएन प्रस्ताव रूस और चीन के वीटो से गिर गया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने "पूरी सभ्यता" खत्म करने की चेतावनी देते हुए आज रात को ऐतिहासिक पल बताया है। जवाबी कार्रवाई में इजरायल ने ईरान के रेल नेटवर्क को ध्वस्त किया, जबकि 1.40 करोड़ ईरानी नागरिक मानव श्रृंखला बनाकर ढाल बन रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/resolution-dropped-in-un-security-council-china-russia-veto-on-demand/article-149486"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trump2.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन/तेल अवीव/तेहरान। ईरान संकट के बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में होर्मुज स्ट्रेट खोलने को लेकर लाया गया प्रस्ताव पास नहीं हो सका। रूस और चीन ने इस पर वीटो कर दिया। यह प्रस्ताव बहरीन की तरफ से लाया गया था। इसके पक्ष में 11 वोट पड़े, जबकि कोलंबिया और पाकिस्तान ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। रूस और चीन होर्मुज खोलने के लिए किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई के खिलाफ हैं। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 48 घंटे का अल्टीमेटम खत्म होने से पहले ही ईरान को एक और बड़ी धमकी दी है। ट्रम्प ने ईरान को धमकाते हुए कहा है कि आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी, जिसे वापस नहीं लाया जा सकेगा। मैं ऐसा नहीं चाहता लेकिन शायद ऐसा होगा। </p>
<p>ट्रम्प ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अब हमने ईरान में सत्ता बदल दी है। अब वहां पहले की तुलना में स्मार्ट और कम कट्टरपंथी लोग हैं। किसे पता कि कुछ क्रांतिकारी कदम उठा लिया जाए? हमें आज रात पता चल जाएगा। यह दुनिया के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण पल हो सकता है। 47 साल की उगाही, भ्रष्टाचार और मौत का तांडव आखिरकार खत्म होगा।</p>
<p><strong>ब्रिटेन के बेस से अमेरिकी बमवर्षक ने भरी उड़ान</strong></p>
<p>इस बीच मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी एयरफोर्स के बी-2 बमवर्षक विमान ने मंगलवार को ब्रिटेन के आरएएफ फेयरफोर्ड एयरबेस से उड़ान भरी। यह विमान हथियारों से लैस बताया जा रहा है और इसे मौजूदा हालात के बीच एक बड़े सैन्य संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। </p>
<p><strong>मर-मिटने को तैयार 1.40 करोड़ ईरानी! </strong></p>
<p>उधर ईरानी नागरिक भी देश के प्रति एकजुट हो गए गए हैं। ये अपने देश के लिए डटकर खड़े हो गए हैं। ईरानी नागरिक अपने देश के बड़े संसाधनों की सुरक्षा के लिए ‘मानव श्रृंखला’ बना रहे हैं। ईरानी नागरिक पावर प्लांट के बाहर पहुंच रहे हैं। तबरीज शहर के थर्मल पावर प्लांट के सामने ईरानी लोगों ने मानव श्रृंखला बनाकर एकता का सबूत दिया है। इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। इनमें ईरानी नागरिक हाथों में देश का झंडा लिए हमलों का डटकर विरोध करते दिख रहे हैं।</p>
<p><strong>ईरान में इजरायल ने किए बड़े हमले</strong></p>
<p>इजरायली ने मंगलवार को ईरान में करीब 10 अहम रेल लाइनों और पुलों पर हमला किया है। यह हमले इसलिए किए गए ताकि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स अपने हथियार और सैन्य सामान एक जगह से दूसरी जगह न ले जा सके। इससे पहले इजरायली सेना के सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा की गई एक पोस्ट में ईरानी लोगों से ‘अपनी सुरक्षा के खातिर’ पूरे देश में ‘ईरानी समय के अनुसार रात 9:00 बजे तक’ ट्रेन का उपयोग करने और उससे यात्रा करने से बचने का आग्रह किया गया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 09:26:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पश्चिम एशिया संकट के बीच ट्रंप का बड़ा बयान : ईरानी लोग 'अपनी आज़ादी के लिए तकलीफ़ उठाने को तैयार', 10 दिन की अवधि आज हो रही खत्म</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 'पाषाण युग' में भेजने की अपनी चेतावनी दोहराई है। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी नियंत्रण और टोल वसूलने की योजना पेश की। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि मंगलवार रात 8 बजे के बाद कोई रियायत नहीं दी जाएगी। उन्होंने ईरानी जनता से सत्ता परिवर्तन के लिए खड़े होने का आह्वान करते हुए जीत का दावा किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/trumps-big-statement-amid-west-asia-crisis-iranian-people-are/article-149376"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/trump.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्हें कई ऐसे संदेश मिले हैं जो बताते हैं कि वहां की जनता अपनी ही सरकार के खिलाफ और ज्यादा हमलों की मांग कर रही है। वह यहां संवाददाताओं के प्रश्नों के उत्तर दे रहे थे। जब उनसे पूछा गया कि इन हमलों का आम ईरानी नागरिकों पर क्या असर पड़ेगा, तो उन्होंने दावा किया कि ईरानी लोग अपनी आजादी पाने के लिए तकलीफ उठाने को तैयार होंगे। ईरान के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की अपनी योजना का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने हर फैसला बहुत सोच-समझकर लिया है। ईरान में शासन परिवर्तन के सवाल पर ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि वहां के लोगों को अपनी सरकार के खिलाफ खड़ा होना चाहिए और इसके नतीजे "बहुत अच्छे" होंगे।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी उस पिछली धमकी की भी पुष्टि की जिसमें उन्होंने ईरान को 'पाषाण युग में वापस भेजने' की बात कही थी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समझौता नहीं हुआ, तो ईरान के पास कोई पुल या पावर प्लांट नहीं बचेगा और वह पूरी तरह तबाह हो जाएगा। अपनी सख्त समय-सीमा के बारे में बात करते हुए ट्रंप ने बताया कि हालांकि 10 दिन की अवधि आज खत्म हो रही थी, लेकिन उन्होंने इसे कल तक के लिए बढ़ा दिया है। उन्होंने साफ कर दिया कि मंगलवार रात 8 बजे (भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 1 बजे) की नई समय-सीमा खत्म होने के बाद कोई रियायत नहीं दी जाएगी।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रंप ने शर्त रखी कि उन्हें ऐसा समझौता मंजूर होगा जिसमें तेल की बिना रोक-टोक आवाजाही सुनिश्चित हो। होर्मुज जलडमरूमध्य के विवाद पर ट्रंप ने एक नया और चौंकाने वाला विचार पेश किया। जब उनसे पूछा गया कि क्या ईरान को वहां से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूलने की अनुमति दी जा सकती है, तो उन्होंने इसे सिरे से खारिज कर दिया। ट्रंप ने कहा, "जीत हमारी है, वे सैन्य रूप से हार चुके हैं।" उन्होंने आगे कहा कि वह चाहते हैं कि जहाजों से टोल अमेरिका वसूले और उनके पास इसे लागू करने के लिए एक ठोस योजना है। राष्ट्रपति ने पूरे आत्मविश्वास के साथ दोहराया कि अमेरिका इस जंग को जीत चुका है और अब शर्तें उनके हिसाब से तय होंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 14:05:31 +0530</pubDate>
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