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                <title>Oil Supply - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>ईरान ने रूस और कई अन्य देशों को होर्मुज़ जलडमरूमध्य के शुल्क में दी छूट, मुझे नहीं पता भविष्य में क्या होगा : जलाली</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान ने रणनीतिक हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए रूस जैसे सहयोगी देशों को शुल्क में छूट दी है। अमेरिकी नाकेबंदी के बीच ईरान ने सुरक्षा लागत के नाम पर पहली बार राजस्व जुटाया है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल और एलपीजी आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिस पर फिलहाल तनाव बरकरार है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-exempted-russia-and-many-other-countries-from-the-strait/article-151528"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/kajem-jalali.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। ईरान ने रूस सहित कई देशों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुज़रने के लिए लगने वाले ट्रांज़िट शुल्क में छूट दी है। रूस में ईरान के राजदूत काज़ेम जलाली ने न्यूज एजेंसी स्पूतनिक को यह जानकारी दी। गौरतलब है कि ईरान की संसद के प्रथम उपाध्यक्ष हामिद रज़ा हाजी बाबाई ने गुरुवार को बताया था कि ईरान को पहली बार होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने के शुल्क से राजस्व प्राप्त हुआ है और यह राशि देश के केंद्रीय बैंक में जमा कर दी गयी है।</p>
<p>वहीं जलाली से जब पूछा गया कि क्या ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के शुल्कों में कोई छूट दी है, तो उन्होंने कहा, "हमने फिलहाल कुछ देशों को छूट दी है, लेकिन मुझे नहीं पता कि भविष्य में क्या होगा। हालांकि, हमारा विदेश मंत्रालय अभी उन छूटों को लागू करने की कोशिश कर रहा है, जो रूस जैसे मित्र देशों के लिए सोची गयी हैं।" उल्लेखनीय है कि अमेरिका और इज़रायल के हमले के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने में आने वाली लागत का हवाला देते हुए, शुल्क लगाने की योजना की घोषणा की थी। अब ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को तब तक के लिए बंद कर दिया है, जब तक कि अमेरिका द्वारा लगाई गयी नौसैनिक नाकेबंदी पूरी तरह से हटा नहीं ली जाती।</p>
<p>ईरान के खिलाफ अमेरिका और इज़रायल की आक्रामकता ने होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से अवरुद्ध कर दिया है। यह जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी के देशों से वैश्विक बाजारों तक तेल और द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (एलपीजी) की आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग है, और इस अवरोध ने इस क्षेत्र में तेल के निर्यात और उत्पादन पर भी असर डाला है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 16:16:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुपालन के लिए ईरानी विदेश मंत्रालय ने यूरोपीय संघ की अपील को किया खारिज, होर्मुज़ जलड़मरूमध्य से ज़हाजों के आवागमन की स्थिति को देखते हुए पाखंड बताया</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर यूरोपीय संघ की 'टोल-फ्री' आवागमन की मांग को "पाखंड" बताते हुए खारिज कर दिया है। ईरानी प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून ईरान को सैन्य आक्रामकता रोकने से नहीं रोकता। अमेरिकी नाकाबंदी के विरोध में आईआरजीसी ने शनिवार से होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह बंद करने की घोषणा की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iranian-foreign-ministry-rejects-eus-appeal-to-comply-with-international/article-150997"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/hormuz1.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के आवागमन की स्थिति को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुपालन के लिए यूरोपीय संघ की अपील को खारिज करते हुए इसे "चरम पाखंड" बताया। बगाई यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास के 17 अप्रैल के पोस्ट पर टिप्पणी कर रहे थे, जिसमें उन्होंने ईरान से होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के लिए बिना शुल्क और टोल मुक्त आवागमन सुनिश्चित करने का आह्वान किया था। कल्लास ने अपने पोस्ट में कहा था कि "अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार," होर्मुज जलडमरूमध्य से आवागमन बिना शुल्क और टोल मुक्त होना चाहिए।</p>
<p>बगाई ने कल्लास की पोस्ट के जवाब में ‘एक्स’ पर कहा, “अरे, वो ‘अंतर्राष्ट्रीय कानून’?! वही कानून जिसका हवाला देकर यूरोपीय संघ दूसरों को उपदेश देता है, जबकि चुपचाप अमेरिका-इजरायल के आक्रामक युद्ध को हरी झंडी देता है और ईरानियों पर हो रहे अत्याचारों को अनदेखा करता है?! उपदेश देना बंद करो; यूरोप की अपने उपदेशों पर अमल न करने की आदत ने उसके ‘अंतर्राष्ट्रीय कानून’ के वादों को पाखंड की पराकाष्ठा में बदल दिया है।” राजनयिक ने इस बात पर जोर दिया कि अंतर्राष्ट्रीय कानून का कोई भी प्रावधान ईरान को, एक तटीय राज्य होने के नाते, “होर्मुज जलडमरूमध्य का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ सैन्य आक्रमण के लिए होने से रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने” से नहीं रोकता है।</p>
<p>ईरानी आईआरजीसी नौसेना ने घोषणा की कि उसने शनिवार शाम से होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है, और यह तब तक लागू रहेगा जब तक अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी पूरी तरह से हटा नहीं ली जाती। अमेरिकी नौसेना ने 13 अप्रैल को होर्मुज जलडमरूमध्य के दोनों ओर स्थित ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले सभी समुद्री यातायात की नाकाबंदी शुरू कर दी। यह जलडमरूमध्य विश्व के लगभग 20 प्रतिशत तेल, पेट्रोलियम उत्पाद और एलएनजी आपूर्ति का स्रोत है।</p>
<p>वाशिंगटन का कहना है कि गैर-ईरानी जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से तब तक स्वतंत्र रूप से गुजर सकते हैं जब तक वे तेहरान को कोई शुल्क नहीं देते। ईरानी अधिकारियों ने शुल्क लगाने की घोषणा नहीं की है, लेकिन ऐसी योजनाओं पर चर्चा की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 16:34:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>होर्मुज़ जलड़मरूमध्य को खोलना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की सर्वसम्मत मांग : चीनी विदेश मंत्री ने दिया ईरान की संप्रभुता, सुरक्षा और अधिकारों पर ज़ोर</title>
                                    <description><![CDATA[चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने ईरान से होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करने का आग्रह किया है। अमेरिकी नाकेबंदी और ऊर्जा संकट के बीच चीन ने इसे अंतरराष्ट्रीय मांग बताया। तेहरान इस जलमार्ग को 'विशेष संपत्ति' मान रहा है, जबकि तनाव के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/opening-of-the-strait-of-hormuz-is-unanimous-demand-of/article-150713"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/china.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची से कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की सर्वसम्मत मांग है। वांग ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बात करते हुए इस बात पर जोर दिया कि एक ओर जहां ईरान की संप्रभुता, सुरक्षा और एक तटीय राज्य के रूप में उसके वैध अधिकारों के सम्मान की आवश्यकता है, वहीं दूसरी ओर इस जलडमरूमध्य से नौवहन की स्वतंत्रता और समुद्री सुरक्षा की गारंटी भी दी जानी चाहिए वांग ने कहा, "इस जलडमरूमध्य से सामान्य आवागमन फिर से बहाल करने के प्रयास अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से एक सर्वसम्मत आह्वान का प्रतिनिधित्व करते हैं।"</p>
<p>वांग ने कहा कि वर्तमान स्थिति युद्ध और शांति के बीच एक नाजुक मोड़ पर खड़ी है लेकिन इसके साथ उन्होंने यह भी कहा कि कूटनीतिक समाधान के लिए अवसर का एक दरवाजा भी खुल रहा है। ईरानी सरकार ने होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए एक 'विशेष व्यवस्था' परिभाषित करने का आह्वान करते हुए यह तर्क दिया कि यह जलमार्ग तेहरान के लिए एक 'विशेष संपत्ति' है। गौरतलब है कि यह जानकारी राज्य समाचार एजेंसी आईआरएनए ने दी।</p>
<p>सरकारी प्रवक्ता फातिमा मोहजेरानी ने रूस की आरआईए नोवोस्ती को बताया, "उन सभी संपत्तियों की तरह जो अन्य देशों के साथ बातचीत के प्रकार और उसके नियमन के लिए एक साधन के रूप में काम करती हैं, उसी तरह से इस जलमार्ग के लिए भी एक विशेष व्यवस्था परिभाषित की जानी चाहिए।" गौरतलब है कि इस सप्ताह के अंत में पाकिस्तान में अमेरिका-ईरान वार्ता विफल होने के बाद वाशिंगटन द्वारा ईरानी बंदरगाहों पर नाकेबंदी लगाए जाने के कारण होर्मुज के रास्ते होने वाला नौवहन बाधित है।</p>
<p>होर्मुज जलडमरूमध्य सामान्यतः वैश्विक समुद्री तेल प्रवाह का एक बड़ा हिस्सा संभालता है लेकिन 28 फरवरी को शुरू हुए ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध से उत्पन्न नवीनतम ऊर्जा संकट के केंद्र में वह बना हुआ है। तेहरान ने इसके जवाबी कार्रवाई में इजरायल और उन अन्य क्षेत्रीय देशों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने या संपत्तियां मौजूद हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने जैसा कि कहा कि अमेरिकी सेनाओं ने ईरान से और ईरान को होने वाले समुद्री व्यापार को पूरी तरह से रोक दिया है। नाकेबंदी के पहले 48 घंटों के दौरान इस क्षेत्र से कोई भी जहाज नहीं गुजरा है।</p>
<p>कमांड ने बताया कि 10 जहाजों ने ईरानी बंदरगाहों या तटीय जलक्षेत्रों की ओर वापस लौटने के आदेशों का पालन किया है। यह नाकेबंदी ईरान के तटीय क्षेत्रों में प्रवेश करने या वहां से बाहर निकलने वाले सभी देशों के जहाजों पर समान रूप से लागू होती है, जबकि ईरानी बंदरगाहों से दूर रहने वाले जहाजों पर इसका कोई असर नहीं पड़ता है। यह उम्मीद की जा रही है कि इस नाकेबंदी से ईरान की अर्थव्यवस्था पर काफी दबाव पड़ेगा। इस बीच इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर तेहरान द्वारा पहले से लगाई गई पाबंदियों के कारण वैश्विक ऊर्जा कीमतों में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 18:39:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>जॉर्जिया मेलोनी का दावा : पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण ऊर्जा संकट की आशंका बढ़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर खोलने की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने चेतावनी दी है कि पश्चिम एशिया तनाव से इटली में ऊर्जा संकट गहरा सकता है। खाड़ी देशों में अस्थिरता के कारण जेट ईंधन पर प्रतिबंध शुरू हो गए हैं। मेलोनी ने होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करने और तेल आपूर्ति सुरक्षित करने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/georgia-meloni-claims-fear-of-energy-crisis-increased-due-to/article-149268"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/pm-giorgia-meloni.png" alt=""></a><br /><p>रोम। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने स्वीकार किया है कि यदि पश्चिम एशिया में स्थिति और बिगड़ती है तो देश को ऊर्जा की कमी का सामना करना पड़ सकता है। 'कोरिरे डेला सेरा' अखबार ने शनिवार को इटली के चार हवाई अड्डों—मिलान, वेनिस, ट्रेविसो और बोलोग्ना में जेट ईंधन पर लागू किये गये पहले प्रतिबंध की जानकारी दी। पीएम मेलोनी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर कहा, " जब खाड़ी देशों में अस्थिरता बढ़ती है, तो इसका सीधा असर ऊर्जा की लागत, व्यवसायों, नौकरियों और अंततः परिवारों की क्रय शक्ति पर पड़ता है।"</p>
<p>प्रधानमंत्री मेलोनी का मानना है कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में फारस की खाड़ी के देश प्रमुख भूमिका निभाते हैं। अगर वहां उत्पादन कम या बंद होता है, तो ऊर्जा की कीमतें हर किसी के लिए बढ़ जायेंगी। मेलोनी ने आगाह किया, "अगर स्थिति और खराब होती है तो हम ऐसी स्थिति में पहुंच सकते हैं, जहां हमारे पास जरूरत भर ऊर्जा उपलब्ध न हो, यहां तक कि इटली में भी।" शुक्रवार और शनिवार को सुश्री मेलोनी ने फारस की खाड़ी के देशों का दौरा किया। उनके अनुसार, ये देश इटली की तेल आवश्यकताओं का 15 प्रतिशत हिस्सा पूरा करते हैं।</p>
<p>उन्होंने स्पष्ट किया, "मैंने उनके साथ चर्चा की कि कैसे सहयोग मजबूत किया जाये, तनाव रोकने में मदद की जाये और उन रास्तों पर नौवहन की स्वतंत्रता को तेजी से बहाल किया जाये, जिन पर ऊर्जा, व्यापार और स्थिरता निर्भर करती है, जिसकी शुरुआत होर्मुज जलडमरूमध्य से होती है।” अट्ठाइस फरवरी को अमेरिका-इजरायल ने तेहरान सहित ईरान में लक्ष्यों पर हमले शुरू किये थे, जिससे काफी नुकसान हुआ और नागरिक हताहत हुए। ईरान इसके जवाब में इजरायली क्षेत्र के साथ-साथ पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले कर रहा है। बढ़ते संघर्ष ने वैश्विक तेल और एलएनजी के लिए प्रमुख आपूर्ति मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से होने वाले शिपिंग को लगभग रोक दिया है। इसके परिणामस्वरूप अधिकतर देशों में ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 15:30:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ट्रम्प ने फिर दी चेतावनी : होर्मुज खोलने के लिए ईरान के पास सिर्फ 48 घंटे, फिर कहर बरपेगा</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) खोलने के लिए ईरान को दी गई 10 दिन की मोहलत खत्म होने से पहले 48 घंटे का आखिरी अल्टीमेटम दिया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि समझौता न होने पर ईरान पर 'कहर' टूटेगा। इस मार्ग के बंद होने से वैश्विक तेल और एलएनजी आपूर्ति ठप हो गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/trump-again-warns-that-iran-has-only-48-hours-to/article-149151"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/donald-trump.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए ईरान को दिया गया 10 दिन का समय खत्म होने में अब सिर्फ 48 घंटे बचे हैं। ईरान-अमेरिका के बीच समझौता न होने या होर्मुज न खुलने की स्थिति में ईरान पर कहर टूट पड़ेगा।  उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, याद है जब मैंने ईरान को समझौता करने या होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए 10 दिन का समय दिया था। समय निकलता जा रहा है। सिर्फ 48 घंटे बाद ईरान पर कहर टूट पड़ेगा। गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से दुनियाभर में तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) और कच्चे तेल का निर्यात प्रभावित हुआ है। ईरान ने कहा है कि वह अमेरिका, इजरायल और इनके सहयोगियों के जहाजों को होर्मुज से पार नहीं होने देगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 13:37:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पश्चिम एशिया संकट: यूरोपीय संघ का ईंधन आयात बिल 14.9 अरब डॉलर बढ़ा; ऊर्जा मंत्रियों की मंगलवार को अहम बैठक, इन मुद्दों पर चर्चा संभव</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण यूरोपीय संघ का ऊर्जा आयात बिल मात्र 28 दिनों में 13 अरब यूरो बढ़ गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति ठप होने से जीवाश्म ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं। रूसी गैस पर निर्भरता कम करने की कोशिशों के बीच यह संकट यूरोपीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/west-asia-crisis-eus-fuel-import-bill-increased-by-149/article-148567"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/iran-power-crisis.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। यूरैक्टिव ने एक गोपनीय राजनयिक दस्तावेज के हवाले से कहा है कि पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण यूरोपीय संघ को ऊर्जा आयात के बिल में 13 अरब यूरो (14.9 अरब डॉलर) की अतिरिक्त लागत चुकानी पड़ी है। ऊर्जा मंत्रियों की मंगलवार को होने वाली ऑनलाइन बैठक से पहले ब्रुसेल्स ने यूरोपीय संघ के देशों को भेजे दस्तावेज में कहा, "28 दिनों के संघर्ष ने संघ के जीवाश्म ईंधन आयात बिल में पहले ही 13 अरब यूरो जोड़ दिए हैं।"</p>
<p>अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान में ठिकानों पर हमले शुरू किए थे। ईरान इजरायली क्षेत्र के साथ-साथ पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले कर रहा है। इस बीच, फारस की खाड़ी के देशों से वैश्विक बाजारों में तेल और तरल प्राकृतिक गैस की आपूर्ति के लिए एक प्रमुख मार्ग - होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से होने वाला नौपरिवहन प्रभावी रूप से ठप हो गया है। इस वजह से अधिकांश देशों में ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं। इस संघर्ष ने यूरोपीय संघ के देशों में ऊर्जा की कीमतों में भारी वृद्धि कर दी है, जो इसके साथ ही रूसी गैस और तेल का आयात बंद करने की तैयारी भी कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 16:34:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तेल बाजार में हलचल:  अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, ब्रेंट क्रूड 107 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचा</title>
                                    <description><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल फिसलकर $107 प्रति बैरल पर आ गया। डोनाल्ड ट्रम्प के सैन्य अभियान समाप्त करने के संकेतों ने कीमतों पर लगाम लगाई है। हालांकि, पश्चिम एशिया संकट के कारण ब्रेंट क्रूड अब भी $115 के पार है। आपूर्ति बाधाओं के चलते एक महीने में तेल की कीमतों में 60% का रिकॉर्ड उछाल देखा गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/rise-in-crude-oil-brent-crude-crosses-107-per/article-148499"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/crude-oil5.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मंगलवार को कच्चे तेल की कीमत गिरकर लगभग 107 डॉलर प्रति बैरल हो गई। लंदन का ब्रेंट क्रूड का मार्च वायदा 2.76 प्रतिशत चढ़कर 115.68 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। अमेरिकी क्रूड का अप्रैल वायदा 3.18 डॉलर की बढ़त में 102.81 डॉलर प्रति बैरल बोला गया। पश्चिम एशिया संकट शुरू होने के बाद कच्चा तेल 60 प्रतिशत से ज्यादा उछल चुका है। यह फरवरी के अंत में 70 डॉलर प्रति बैरल के करीब था। पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे तेल का उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला दोनों बाधित हुई है। इस कारण इसकी कीमतों में उछाल देखा जा रहा है।</p>
<p>रिर्पोट के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय बाजार में यह गिरावट राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उन बयानों के बाद आई, जिनमें उन्होंने अपने सहयोगियों से कहा था कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य काफी हद तक बंद भी रहता है, तो भी वे ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान समाप्त करने को तैयार हैं। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक में 60% से अधिक की रिकॉर्ड मासिक वृद्धि दर्ज होने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 11:19:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने की गुटेरेस से फोन पर बात: बोले-ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का कानूनी अधिकार, अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले जारी रहेंगे</title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने यूएन प्रमुख से बातचीत में होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करना अपना कानूनी अधिकार बताया है। अमेरिका-इजरायल हमलों के जवाब में की गई इस नाकाबंदी से वैश्विक तेल और एलएनजी (LNG) आपूर्ति ठप हो गई है। इस कूटनीतिक तनाव ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ईंधन की कीमतों को आसमान पर पहुँचा दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iranian-foreign-minister-abbas-araghchi-spoke-to-guterres-on-phone/article-148077"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/iran10.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से फोन पर बातचीत की और कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करना ईरान का कानूनी अधिकार है। यह जानकारी प्रेस टीवी ने शुक्रवार को मंत्री के हवाले से दी। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने तेहरान सहित ईरान में कई ठिकानों पर हमले किए, जिससे बहुत नुकसान हुआ और नागरिक हताहत हुए। ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायली क्षेत्र और पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए।</p>
<p>ईरान ने बढ़ते तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी की है जो फारस की खाड़ी के देशों से वैश्विक बाजार में तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग है। इस नाकाबंदी ने क्षेत्र में तेल निर्यात एवं उत्पादन के स्तर को भी प्रभावित किया है जिससे कीमतें बढ़ गई हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 13:10:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टेक्सास रिफाइनरी में भीषण विस्फोट: लोगों को करीबी ठिकाने में शरण लेने की सलाह, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका के पोर्ट आर्थर स्थित वैलेरो रिफाइनरी में भीषण विस्फोट के बाद आग और काले धुएं का तांडव देखा गया। प्रशासन ने निवासियों के लिए 'शेल्टर-इन-प्लेस' अलर्ट जारी किया है। गनीमत रही कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। वायु गुणवत्ता की निगरानी जारी है, जबकि वैश्विक तेल आपूर्ति पर इसके असर की आशंका जताई जा रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/massive-explosion-in-texas-refinery-administration-issued-alert-advising-people/article-147695"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/texox.png" alt=""></a><br /><p>ह्यूस्टन। अमेरिका के टेक्सास राज्य के पोर्ट आर्थर में वैलेरो एनर्जी की रिफाइनरी में सोमवार को जोरदार विस्फोट हुआ, जिसके बाद इलाके में आग की लपटें और घना धुआं उठता दिखाई दिया। स्थानीय प्रशासन ने आसपास के निवासियों को एहतियातन घरों में रहने की सलाह दी है। अधिकारियों के अनुसार, विस्फोट का संभावित कारण एक औद्योगिक हीटर बताया जा रहा है, हालांकि मामले की जांच जारी है। प्रशासन ने 'शेल्टर-इन-प्लेस' अलर्ट जारी करते हुए लोगों से कहा है कि वे घरों के भीतर रहें, दरवाजे-खिड़कियां बंद रखें और बाहरी गतिविधियों से बचें।</p>
<p>शहर प्रशासन ने बयान में कहा, "आपकी सुरक्षा के लिए कृपया तब तक अपने स्थान पर बने रहें जब तक आपातकालीन कर्मियों द्वारा 'ऑल क्लियर' की घोषणा नहीं की जाती।" टेक्सास के राज्य प्रतिनिधि क्रिश्चियन मैनुअल ने बताया कि टेक्सास कमीशन ऑन एनवायरनमेंटल क्वालिटी ने स्थल पर वायु गुणवत्ता की निगरानी के लिए उपकरण तैनात किए हैं और स्थानीय तथा राज्य एजेंसियों के साथ मिलकर पर्यावरणीय प्रभाव का आकलन किया जा रहा है।</p>
<p>पोर्ट आर्थर फायर डिपार्टमेंट ने विशेष रूप से शहर के पश्चिमी हिस्से में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और घरों में रहने की सलाह दी है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और तस्वीरों में रिफाइनरी परिसर से उठती आग की लपटें और काला धुआं देखा जा सकता है। जेफरसन काउंटी की शेरिफ जेना स्टीफेंस ने बताया कि आपातकालीन दल तुरंत मौके पर पहुंच गए और क्षेत्र को सुरक्षित करने तथा स्थिति का आकलन करने में जुटे हैं।</p>
<p>पोर्ट आर्थर की मेयर शार्लोट एम. मोसेस ने कहा कि विस्फोट के बावजूद किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है और रिफाइनरी के सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा, "विस्फोट हुआ है, लेकिन सभी लोग सुरक्षित हैं और आग पर जल्द काबू पाने की कोशिश की जा रही है।"</p>
<p>उल्लेखनीय है कि, वैलेरो की यह रिफाइनरी प्रतिदिन लगभग 4.35 लाख बैरल कच्चे तेल के प्रसंस्करण करने की क्षमता रखती है और पेट्रोल, डीजल तथा जेट ईंधन का उत्पादन करती है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में तनाव के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंताएं पहले से बढ़ी हुई हैं और ईंधन कीमतों पर दबाव बना हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/massive-explosion-in-texas-refinery-administration-issued-alert-advising-people/article-147695</link>
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                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 14:54:38 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान का ऐलान: अमेरिका-इजरायल के अलावा अन्य देशों के जहाजों को निकलने का दिया जाएगा रास्ता, पाकिस्तान से क्या हुई बात ?</title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका और इजरायल को छोड़कर अन्य देशों के जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा। होर्मुज जलडमरूमध्य से वैश्विक तेल का 20% व्यापार होता है, जिसे तनाव के कारण बंद किया गया था। अब सुरक्षा पुख्ता कर मित्र देशों के तेल एवं एलएनजी निर्यात में सहयोग का आश्वासन दिया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iranian-president-masood-pezeshkian-announced-that-ships-from-countries-other/article-147659"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/irani-p.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान ने अमेरिका और इजरायल को छोड़कर अन्य देशों के जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति देने के लिए कई कदम उठाए हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के कार्यालय ने यह जानकारी दी है। </p>
<p>राष्ट्रपति पेजेशकियान ने सोमवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ़ के साथ हुई फोन (एजेंसी) में कहा, किसी भी सूरत में, ईरान ने इस जलमार्ग से ज़हाज़ों के पार होने के लिए सुरक्षा एवं रक्षा के इंतजाम किये गये हैं। शत्रु देशों को छोड़कर अन्य देशों के जहाजों को  इस रास्ते से गुजरने के लिए आवश्यक सहयोग दिया जाएगा।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि, अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान में कई ठिकानों पर हमले किए। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई सहित कई लोगों की मौत हुई। इसके जवाब में, ईरान ने इजरायली क्षेत्र और पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए। </p>
<p>अमेरिका-इजरायल के साथ संघर्ष के कारण ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है, जहां से पूरी दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल एवं तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) होकर गुजरती है। इससे पूरी दुनिया में कच्चे तेल का निर्यात प्रभावित हुआ है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 12:47:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>आईईए का दावा: अमेरिका-इजरायल के ईरान के साथ युद्ध के कारण उत्पन्न वैश्विक ऊर्जा संकट &quot;बेहद गंभीर&quot;, होर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग बंद</title>
                                    <description><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के प्रमुख फातिह बिरोल ने चेतावनी दी है कि ईरान-इजरायल युद्ध से उपजा ऊर्जा संकट 1970 के दशक से भी भयानक है। होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव और ट्रंप की 48 घंटे की सैन्य चेतावनी ने तेल आपूर्ति को खतरे में डाल दिया है। आईईए कीमतों को स्थिर करने हेतु रणनीतिक भंडार से तेल जारी करने को तैयार है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iea-claims-that-the-global-energy-crisis-caused-by-america-israels/article-147517"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/ie.png" alt=""></a><br /><p>कैनबरा। अमेरिका-इजरायल के ईरान के साथ युद्ध के कारण उत्पन्न वैश्विक ऊर्जा संकट "बेहद गंभीर" है और यह 1970 के दशक केनु तेल संकट से भी बदतर हो गया है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के प्रमुख फातिह बिरोल ने सोमवार को यह चेतावनी दी, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ते तनाव से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को खतरा बना हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी है कि ईरान से जुड़े युद्ध के कारण पैदा हुआ वैश्विक ऊर्जा संकट 1970 के दशक के तेल संकटों से भी अधिक गंभीर हो सकता है।</p>
<p>बिरोल ने कैनबरा के नेशनल प्रेस क्लब में बोलते हुए कहा कि एजेंसी बाजार की स्थितियों पर कड़ी नजर रख रही है और यदि व्यवधान बढ़ता है, तो सदस्य देशों के साथ समन्वय में कार्रवाई करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, "यदि आवश्यक हुआ, तो निश्चित रूप से हम ऐसा करेंगे। हम बाजारों का विश्लेषण करेंगे और सदस्य देशों के साथ परामर्श करेंगे।" इस महीने की शुरुआत में, संघर्ष के कारण वैश्विक कच्चे तेल के बाजारों में आई तेजी के बाद कीमतों को स्थिर करने के लिए एजेंसी के सदस्य रणनीतिक भंडार से रिकॉर्ड 40 करोड़ बैरल तेल जारी करने पर सहमत हुए थे।</p>
<p>यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब भू-राजनीतिक तनाव तब बढ़ गया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को एक सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा कि यदि तेहरान वैश्विक तेल शिपमेंट के लिए महत्वपूर्ण मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से नहीं खोलता है, तो 48 घंटों के भीतर ईरानी बिजली संयंत्रों को "नष्ट और समाप्त" कर दिया जाएगा। ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में कहा कि जलमार्ग तक पहुंच बहाल करने में विफल रहने पर प्रमुख ईरानी बुनियादी ढांचे पर हमले किए जाएंगे। यह चेतावनी तनाव में भारी वृद्धि का संकेत है, विशेष रूप से उनके हालिया बयानों के बाद जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका इस क्षेत्र में सैन्य अभियानों को "कम करने" पर विचार कर रहा है।</p>
<p>अमेरिका इसके बावजूद अपनी सैन्य उपस्थिति को मजबूत करना जारी रखे हुए है और पश्चिम एशिया में अतिरिक्त नौसैनिक बलों को तैनात कर रहा है। इजरायल ने भी अपने अभियान को तेज करने का संकेत दिया है, जिसमें रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने कहा है कि ईरान पर हमले काफी बढ़ जाएंगे। इजरायली सेना ने कहा कि उसने सप्ताहांत में ईरान और लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर समन्वित हमलों में 200 से अधिक स्थानों को निशाना बनाया है।</p>
<p>जमीनी स्तर पर शत्रुता जारी है और ईरानी मिसाइल हमलों ने दक्षिणी इजरायल को निशाना बनाया है। अराद में, कम से कम 74 लोग घायल हुए हैं। एक अन्य मिसाइल डिमोना में एक इमारत से टकराई, जहां इजरायल का परमाणु केन्द्र स्थित है। इस बीच, ईरान ने आंतरिक सुरक्षा उपायों को कड़ा कर दिया है और विदेशी नेटवर्क के साथ हमलों के नुकसान के बारे में जानकारी साझा करने के कम से कम 25 आरोपियों को हिरासत में लिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 14:32:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>अमेरिकी राष्ट्रपति की ईरान को कड़ी चेतावनी, बोले होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला तो विद्युत संयंत्रों पर होगा हमला, 48 घंटों का दिया समय</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटों में होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के विद्युत संयंत्रों को निशाना बनाएगा। वैश्विक तेल व्यापार के 20% हिस्से वाले इस मार्ग की नाकेबंदी से ऊर्जा बाजारों में भारी अस्थिरता है, जिससे पश्चिम एशिया में युद्ध का खतरा और बढ़ गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-president-gives-stern-warning-to-iran-if-strait-of/article-147419"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/trump.png" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर तेहरान 48 घंटों के भीतर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने में विफल रहता है तो अमेरिका उसके विद्युत संरचना पर नए हमले शुरू करेगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में श्री ट्रंप ने कहा: "अगर ईरान 48 घंटों के भीतर बिना किसी धमकी के होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से नहीं खोलता है तो अमेरिका उनके विभिन्न विद्युत संयंत्रों पर हमला करके उन्हें नष्ट कर देगा, जिसकी शुरुआत सबसे बड़े संयंत्र से होगी।"</p>
<p>यह बयान पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच बयानबाजी में एक महत्वपूर्ण वृद्धि का संकेत देता है, जहां तनाव के कारण पहले से ही संकरे जलमार्ग के माध्यम से नौवहन बाधित है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए एक प्रमुख मार्ग है। होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व के तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्से का योगदान देता है, और चल रहे युद्ध के कारण इसके प्रभावी रूप से बंद होने से वैश्विक ऊर्जा बाजारों में तीव्र अस्थिरता और भू-राजनीतिक चिंताओं में वृद्धि हुई है।</p>
<p>ईरान ने चुनिंदा जहाजों को जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी है जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा जलडमरूमध्य की गश्त करने वाले देशों का गठबंधन बनाने का प्रयास सफल नहीं हो सका है क्योंकि प्रमुख साझेदारों ने इसमें शामिल होने में अनिच्छा व्यक्त की है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 14:00:43 +0530</pubDate>
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