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                <title>Oil Supply - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Oil Supply RSS Feed</description>
                
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                <title>जॉर्जिया मेलोनी का दावा : पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण ऊर्जा संकट की आशंका बढ़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर खोलने की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने चेतावनी दी है कि पश्चिम एशिया तनाव से इटली में ऊर्जा संकट गहरा सकता है। खाड़ी देशों में अस्थिरता के कारण जेट ईंधन पर प्रतिबंध शुरू हो गए हैं। मेलोनी ने होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करने और तेल आपूर्ति सुरक्षित करने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/georgia-meloni-claims-fear-of-energy-crisis-increased-due-to/article-149268"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/pm-giorgia-meloni.png" alt=""></a><br /><p>रोम। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने स्वीकार किया है कि यदि पश्चिम एशिया में स्थिति और बिगड़ती है तो देश को ऊर्जा की कमी का सामना करना पड़ सकता है। 'कोरिरे डेला सेरा' अखबार ने शनिवार को इटली के चार हवाई अड्डों—मिलान, वेनिस, ट्रेविसो और बोलोग्ना में जेट ईंधन पर लागू किये गये पहले प्रतिबंध की जानकारी दी। पीएम मेलोनी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर कहा, " जब खाड़ी देशों में अस्थिरता बढ़ती है, तो इसका सीधा असर ऊर्जा की लागत, व्यवसायों, नौकरियों और अंततः परिवारों की क्रय शक्ति पर पड़ता है।"</p>
<p>प्रधानमंत्री मेलोनी का मानना है कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में फारस की खाड़ी के देश प्रमुख भूमिका निभाते हैं। अगर वहां उत्पादन कम या बंद होता है, तो ऊर्जा की कीमतें हर किसी के लिए बढ़ जायेंगी। मेलोनी ने आगाह किया, "अगर स्थिति और खराब होती है तो हम ऐसी स्थिति में पहुंच सकते हैं, जहां हमारे पास जरूरत भर ऊर्जा उपलब्ध न हो, यहां तक कि इटली में भी।" शुक्रवार और शनिवार को सुश्री मेलोनी ने फारस की खाड़ी के देशों का दौरा किया। उनके अनुसार, ये देश इटली की तेल आवश्यकताओं का 15 प्रतिशत हिस्सा पूरा करते हैं।</p>
<p>उन्होंने स्पष्ट किया, "मैंने उनके साथ चर्चा की कि कैसे सहयोग मजबूत किया जाये, तनाव रोकने में मदद की जाये और उन रास्तों पर नौवहन की स्वतंत्रता को तेजी से बहाल किया जाये, जिन पर ऊर्जा, व्यापार और स्थिरता निर्भर करती है, जिसकी शुरुआत होर्मुज जलडमरूमध्य से होती है।” अट्ठाइस फरवरी को अमेरिका-इजरायल ने तेहरान सहित ईरान में लक्ष्यों पर हमले शुरू किये थे, जिससे काफी नुकसान हुआ और नागरिक हताहत हुए। ईरान इसके जवाब में इजरायली क्षेत्र के साथ-साथ पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले कर रहा है। बढ़ते संघर्ष ने वैश्विक तेल और एलएनजी के लिए प्रमुख आपूर्ति मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से होने वाले शिपिंग को लगभग रोक दिया है। इसके परिणामस्वरूप अधिकतर देशों में ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 15:30:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ट्रम्प ने फिर दी चेतावनी : होर्मुज खोलने के लिए ईरान के पास सिर्फ 48 घंटे, फिर कहर बरपेगा</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) खोलने के लिए ईरान को दी गई 10 दिन की मोहलत खत्म होने से पहले 48 घंटे का आखिरी अल्टीमेटम दिया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि समझौता न होने पर ईरान पर 'कहर' टूटेगा। इस मार्ग के बंद होने से वैश्विक तेल और एलएनजी आपूर्ति ठप हो गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/trump-again-warns-that-iran-has-only-48-hours-to/article-149151"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/donald-trump.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए ईरान को दिया गया 10 दिन का समय खत्म होने में अब सिर्फ 48 घंटे बचे हैं। ईरान-अमेरिका के बीच समझौता न होने या होर्मुज न खुलने की स्थिति में ईरान पर कहर टूट पड़ेगा।  उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, याद है जब मैंने ईरान को समझौता करने या होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए 10 दिन का समय दिया था। समय निकलता जा रहा है। सिर्फ 48 घंटे बाद ईरान पर कहर टूट पड़ेगा। गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से दुनियाभर में तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) और कच्चे तेल का निर्यात प्रभावित हुआ है। ईरान ने कहा है कि वह अमेरिका, इजरायल और इनके सहयोगियों के जहाजों को होर्मुज से पार नहीं होने देगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 13:37:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पश्चिम एशिया संकट: यूरोपीय संघ का ईंधन आयात बिल 14.9 अरब डॉलर बढ़ा; ऊर्जा मंत्रियों की मंगलवार को अहम बैठक, इन मुद्दों पर चर्चा संभव</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण यूरोपीय संघ का ऊर्जा आयात बिल मात्र 28 दिनों में 13 अरब यूरो बढ़ गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति ठप होने से जीवाश्म ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं। रूसी गैस पर निर्भरता कम करने की कोशिशों के बीच यह संकट यूरोपीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/west-asia-crisis-eus-fuel-import-bill-increased-by-149/article-148567"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/iran-power-crisis.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। यूरैक्टिव ने एक गोपनीय राजनयिक दस्तावेज के हवाले से कहा है कि पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण यूरोपीय संघ को ऊर्जा आयात के बिल में 13 अरब यूरो (14.9 अरब डॉलर) की अतिरिक्त लागत चुकानी पड़ी है। ऊर्जा मंत्रियों की मंगलवार को होने वाली ऑनलाइन बैठक से पहले ब्रुसेल्स ने यूरोपीय संघ के देशों को भेजे दस्तावेज में कहा, "28 दिनों के संघर्ष ने संघ के जीवाश्म ईंधन आयात बिल में पहले ही 13 अरब यूरो जोड़ दिए हैं।"</p>
<p>अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान में ठिकानों पर हमले शुरू किए थे। ईरान इजरायली क्षेत्र के साथ-साथ पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले कर रहा है। इस बीच, फारस की खाड़ी के देशों से वैश्विक बाजारों में तेल और तरल प्राकृतिक गैस की आपूर्ति के लिए एक प्रमुख मार्ग - होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से होने वाला नौपरिवहन प्रभावी रूप से ठप हो गया है। इस वजह से अधिकांश देशों में ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं। इस संघर्ष ने यूरोपीय संघ के देशों में ऊर्जा की कीमतों में भारी वृद्धि कर दी है, जो इसके साथ ही रूसी गैस और तेल का आयात बंद करने की तैयारी भी कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 16:34:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>तेल बाजार में हलचल:  अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, ब्रेंट क्रूड 107 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचा</title>
                                    <description><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल फिसलकर $107 प्रति बैरल पर आ गया। डोनाल्ड ट्रम्प के सैन्य अभियान समाप्त करने के संकेतों ने कीमतों पर लगाम लगाई है। हालांकि, पश्चिम एशिया संकट के कारण ब्रेंट क्रूड अब भी $115 के पार है। आपूर्ति बाधाओं के चलते एक महीने में तेल की कीमतों में 60% का रिकॉर्ड उछाल देखा गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/rise-in-crude-oil-brent-crude-crosses-107-per/article-148499"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/crude-oil5.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मंगलवार को कच्चे तेल की कीमत गिरकर लगभग 107 डॉलर प्रति बैरल हो गई। लंदन का ब्रेंट क्रूड का मार्च वायदा 2.76 प्रतिशत चढ़कर 115.68 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। अमेरिकी क्रूड का अप्रैल वायदा 3.18 डॉलर की बढ़त में 102.81 डॉलर प्रति बैरल बोला गया। पश्चिम एशिया संकट शुरू होने के बाद कच्चा तेल 60 प्रतिशत से ज्यादा उछल चुका है। यह फरवरी के अंत में 70 डॉलर प्रति बैरल के करीब था। पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे तेल का उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला दोनों बाधित हुई है। इस कारण इसकी कीमतों में उछाल देखा जा रहा है।</p>
<p>रिर्पोट के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय बाजार में यह गिरावट राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उन बयानों के बाद आई, जिनमें उन्होंने अपने सहयोगियों से कहा था कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य काफी हद तक बंद भी रहता है, तो भी वे ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान समाप्त करने को तैयार हैं। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक में 60% से अधिक की रिकॉर्ड मासिक वृद्धि दर्ज होने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 11:19:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने की गुटेरेस से फोन पर बात: बोले-ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का कानूनी अधिकार, अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले जारी रहेंगे</title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने यूएन प्रमुख से बातचीत में होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करना अपना कानूनी अधिकार बताया है। अमेरिका-इजरायल हमलों के जवाब में की गई इस नाकाबंदी से वैश्विक तेल और एलएनजी (LNG) आपूर्ति ठप हो गई है। इस कूटनीतिक तनाव ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ईंधन की कीमतों को आसमान पर पहुँचा दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iranian-foreign-minister-abbas-araghchi-spoke-to-guterres-on-phone/article-148077"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/iran10.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से फोन पर बातचीत की और कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करना ईरान का कानूनी अधिकार है। यह जानकारी प्रेस टीवी ने शुक्रवार को मंत्री के हवाले से दी। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने तेहरान सहित ईरान में कई ठिकानों पर हमले किए, जिससे बहुत नुकसान हुआ और नागरिक हताहत हुए। ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायली क्षेत्र और पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए।</p>
<p>ईरान ने बढ़ते तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी की है जो फारस की खाड़ी के देशों से वैश्विक बाजार में तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग है। इस नाकाबंदी ने क्षेत्र में तेल निर्यात एवं उत्पादन के स्तर को भी प्रभावित किया है जिससे कीमतें बढ़ गई हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 13:10:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टेक्सास रिफाइनरी में भीषण विस्फोट: लोगों को करीबी ठिकाने में शरण लेने की सलाह, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका के पोर्ट आर्थर स्थित वैलेरो रिफाइनरी में भीषण विस्फोट के बाद आग और काले धुएं का तांडव देखा गया। प्रशासन ने निवासियों के लिए 'शेल्टर-इन-प्लेस' अलर्ट जारी किया है। गनीमत रही कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। वायु गुणवत्ता की निगरानी जारी है, जबकि वैश्विक तेल आपूर्ति पर इसके असर की आशंका जताई जा रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/massive-explosion-in-texas-refinery-administration-issued-alert-advising-people/article-147695"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/texox.png" alt=""></a><br /><p>ह्यूस्टन। अमेरिका के टेक्सास राज्य के पोर्ट आर्थर में वैलेरो एनर्जी की रिफाइनरी में सोमवार को जोरदार विस्फोट हुआ, जिसके बाद इलाके में आग की लपटें और घना धुआं उठता दिखाई दिया। स्थानीय प्रशासन ने आसपास के निवासियों को एहतियातन घरों में रहने की सलाह दी है। अधिकारियों के अनुसार, विस्फोट का संभावित कारण एक औद्योगिक हीटर बताया जा रहा है, हालांकि मामले की जांच जारी है। प्रशासन ने 'शेल्टर-इन-प्लेस' अलर्ट जारी करते हुए लोगों से कहा है कि वे घरों के भीतर रहें, दरवाजे-खिड़कियां बंद रखें और बाहरी गतिविधियों से बचें।</p>
<p>शहर प्रशासन ने बयान में कहा, "आपकी सुरक्षा के लिए कृपया तब तक अपने स्थान पर बने रहें जब तक आपातकालीन कर्मियों द्वारा 'ऑल क्लियर' की घोषणा नहीं की जाती।" टेक्सास के राज्य प्रतिनिधि क्रिश्चियन मैनुअल ने बताया कि टेक्सास कमीशन ऑन एनवायरनमेंटल क्वालिटी ने स्थल पर वायु गुणवत्ता की निगरानी के लिए उपकरण तैनात किए हैं और स्थानीय तथा राज्य एजेंसियों के साथ मिलकर पर्यावरणीय प्रभाव का आकलन किया जा रहा है।</p>
<p>पोर्ट आर्थर फायर डिपार्टमेंट ने विशेष रूप से शहर के पश्चिमी हिस्से में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और घरों में रहने की सलाह दी है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और तस्वीरों में रिफाइनरी परिसर से उठती आग की लपटें और काला धुआं देखा जा सकता है। जेफरसन काउंटी की शेरिफ जेना स्टीफेंस ने बताया कि आपातकालीन दल तुरंत मौके पर पहुंच गए और क्षेत्र को सुरक्षित करने तथा स्थिति का आकलन करने में जुटे हैं।</p>
<p>पोर्ट आर्थर की मेयर शार्लोट एम. मोसेस ने कहा कि विस्फोट के बावजूद किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है और रिफाइनरी के सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा, "विस्फोट हुआ है, लेकिन सभी लोग सुरक्षित हैं और आग पर जल्द काबू पाने की कोशिश की जा रही है।"</p>
<p>उल्लेखनीय है कि, वैलेरो की यह रिफाइनरी प्रतिदिन लगभग 4.35 लाख बैरल कच्चे तेल के प्रसंस्करण करने की क्षमता रखती है और पेट्रोल, डीजल तथा जेट ईंधन का उत्पादन करती है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में तनाव के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंताएं पहले से बढ़ी हुई हैं और ईंधन कीमतों पर दबाव बना हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 14:54:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान का ऐलान: अमेरिका-इजरायल के अलावा अन्य देशों के जहाजों को निकलने का दिया जाएगा रास्ता, पाकिस्तान से क्या हुई बात ?</title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका और इजरायल को छोड़कर अन्य देशों के जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा। होर्मुज जलडमरूमध्य से वैश्विक तेल का 20% व्यापार होता है, जिसे तनाव के कारण बंद किया गया था। अब सुरक्षा पुख्ता कर मित्र देशों के तेल एवं एलएनजी निर्यात में सहयोग का आश्वासन दिया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iranian-president-masood-pezeshkian-announced-that-ships-from-countries-other/article-147659"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/irani-p.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान ने अमेरिका और इजरायल को छोड़कर अन्य देशों के जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति देने के लिए कई कदम उठाए हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के कार्यालय ने यह जानकारी दी है। </p>
<p>राष्ट्रपति पेजेशकियान ने सोमवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ़ के साथ हुई फोन (एजेंसी) में कहा, किसी भी सूरत में, ईरान ने इस जलमार्ग से ज़हाज़ों के पार होने के लिए सुरक्षा एवं रक्षा के इंतजाम किये गये हैं। शत्रु देशों को छोड़कर अन्य देशों के जहाजों को  इस रास्ते से गुजरने के लिए आवश्यक सहयोग दिया जाएगा।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि, अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान में कई ठिकानों पर हमले किए। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई सहित कई लोगों की मौत हुई। इसके जवाब में, ईरान ने इजरायली क्षेत्र और पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए। </p>
<p>अमेरिका-इजरायल के साथ संघर्ष के कारण ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है, जहां से पूरी दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल एवं तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) होकर गुजरती है। इससे पूरी दुनिया में कच्चे तेल का निर्यात प्रभावित हुआ है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 12:47:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आईईए का दावा: अमेरिका-इजरायल के ईरान के साथ युद्ध के कारण उत्पन्न वैश्विक ऊर्जा संकट &quot;बेहद गंभीर&quot;, होर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग बंद</title>
                                    <description><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के प्रमुख फातिह बिरोल ने चेतावनी दी है कि ईरान-इजरायल युद्ध से उपजा ऊर्जा संकट 1970 के दशक से भी भयानक है। होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव और ट्रंप की 48 घंटे की सैन्य चेतावनी ने तेल आपूर्ति को खतरे में डाल दिया है। आईईए कीमतों को स्थिर करने हेतु रणनीतिक भंडार से तेल जारी करने को तैयार है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iea-claims-that-the-global-energy-crisis-caused-by-america-israels/article-147517"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/ie.png" alt=""></a><br /><p>कैनबरा। अमेरिका-इजरायल के ईरान के साथ युद्ध के कारण उत्पन्न वैश्विक ऊर्जा संकट "बेहद गंभीर" है और यह 1970 के दशक केनु तेल संकट से भी बदतर हो गया है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के प्रमुख फातिह बिरोल ने सोमवार को यह चेतावनी दी, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ते तनाव से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को खतरा बना हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी है कि ईरान से जुड़े युद्ध के कारण पैदा हुआ वैश्विक ऊर्जा संकट 1970 के दशक के तेल संकटों से भी अधिक गंभीर हो सकता है।</p>
<p>बिरोल ने कैनबरा के नेशनल प्रेस क्लब में बोलते हुए कहा कि एजेंसी बाजार की स्थितियों पर कड़ी नजर रख रही है और यदि व्यवधान बढ़ता है, तो सदस्य देशों के साथ समन्वय में कार्रवाई करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, "यदि आवश्यक हुआ, तो निश्चित रूप से हम ऐसा करेंगे। हम बाजारों का विश्लेषण करेंगे और सदस्य देशों के साथ परामर्श करेंगे।" इस महीने की शुरुआत में, संघर्ष के कारण वैश्विक कच्चे तेल के बाजारों में आई तेजी के बाद कीमतों को स्थिर करने के लिए एजेंसी के सदस्य रणनीतिक भंडार से रिकॉर्ड 40 करोड़ बैरल तेल जारी करने पर सहमत हुए थे।</p>
<p>यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब भू-राजनीतिक तनाव तब बढ़ गया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को एक सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा कि यदि तेहरान वैश्विक तेल शिपमेंट के लिए महत्वपूर्ण मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से नहीं खोलता है, तो 48 घंटों के भीतर ईरानी बिजली संयंत्रों को "नष्ट और समाप्त" कर दिया जाएगा। ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में कहा कि जलमार्ग तक पहुंच बहाल करने में विफल रहने पर प्रमुख ईरानी बुनियादी ढांचे पर हमले किए जाएंगे। यह चेतावनी तनाव में भारी वृद्धि का संकेत है, विशेष रूप से उनके हालिया बयानों के बाद जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका इस क्षेत्र में सैन्य अभियानों को "कम करने" पर विचार कर रहा है।</p>
<p>अमेरिका इसके बावजूद अपनी सैन्य उपस्थिति को मजबूत करना जारी रखे हुए है और पश्चिम एशिया में अतिरिक्त नौसैनिक बलों को तैनात कर रहा है। इजरायल ने भी अपने अभियान को तेज करने का संकेत दिया है, जिसमें रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने कहा है कि ईरान पर हमले काफी बढ़ जाएंगे। इजरायली सेना ने कहा कि उसने सप्ताहांत में ईरान और लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर समन्वित हमलों में 200 से अधिक स्थानों को निशाना बनाया है।</p>
<p>जमीनी स्तर पर शत्रुता जारी है और ईरानी मिसाइल हमलों ने दक्षिणी इजरायल को निशाना बनाया है। अराद में, कम से कम 74 लोग घायल हुए हैं। एक अन्य मिसाइल डिमोना में एक इमारत से टकराई, जहां इजरायल का परमाणु केन्द्र स्थित है। इस बीच, ईरान ने आंतरिक सुरक्षा उपायों को कड़ा कर दिया है और विदेशी नेटवर्क के साथ हमलों के नुकसान के बारे में जानकारी साझा करने के कम से कम 25 आरोपियों को हिरासत में लिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 14:32:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अमेरिकी राष्ट्रपति की ईरान को कड़ी चेतावनी, बोले होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला तो विद्युत संयंत्रों पर होगा हमला, 48 घंटों का दिया समय</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटों में होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के विद्युत संयंत्रों को निशाना बनाएगा। वैश्विक तेल व्यापार के 20% हिस्से वाले इस मार्ग की नाकेबंदी से ऊर्जा बाजारों में भारी अस्थिरता है, जिससे पश्चिम एशिया में युद्ध का खतरा और बढ़ गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-president-gives-stern-warning-to-iran-if-strait-of/article-147419"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/trump.png" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर तेहरान 48 घंटों के भीतर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने में विफल रहता है तो अमेरिका उसके विद्युत संरचना पर नए हमले शुरू करेगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में श्री ट्रंप ने कहा: "अगर ईरान 48 घंटों के भीतर बिना किसी धमकी के होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से नहीं खोलता है तो अमेरिका उनके विभिन्न विद्युत संयंत्रों पर हमला करके उन्हें नष्ट कर देगा, जिसकी शुरुआत सबसे बड़े संयंत्र से होगी।"</p>
<p>यह बयान पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच बयानबाजी में एक महत्वपूर्ण वृद्धि का संकेत देता है, जहां तनाव के कारण पहले से ही संकरे जलमार्ग के माध्यम से नौवहन बाधित है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए एक प्रमुख मार्ग है। होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व के तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्से का योगदान देता है, और चल रहे युद्ध के कारण इसके प्रभावी रूप से बंद होने से वैश्विक ऊर्जा बाजारों में तीव्र अस्थिरता और भू-राजनीतिक चिंताओं में वृद्धि हुई है।</p>
<p>ईरान ने चुनिंदा जहाजों को जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी है जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा जलडमरूमध्य की गश्त करने वाले देशों का गठबंधन बनाने का प्रयास सफल नहीं हो सका है क्योंकि प्रमुख साझेदारों ने इसमें शामिल होने में अनिच्छा व्यक्त की है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/us-president-gives-stern-warning-to-iran-if-strait-of/article-147419</link>
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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 14:00:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जी-7 के छह सदस्यों सहित 7 देशों ने होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने में दिखाई तत्परता, ईरानी हमलों की निंदा की</title>
                                    <description><![CDATA[जापान और ब्रिटेन सहित G7 के सात देशों ने होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर ईरानी हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए नौवहन की स्वतंत्रता का समर्थन किया। इन देशों ने ऊर्जा बाजारों को स्थिर करने और संयुक्त राष्ट्र के नियमों का पालन करने का संकल्प लिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/seven-countries-including-six-g-7-members-showed-readiness-to-ensure/article-147215"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/harmoz.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। जी7 के छह सदस्य देशों जापान, कनाडा, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी तथा इटली और नीदरलैंड ने वाणिज्यिक जहाजों पर ईरानी हमलों की निंदा की है और कहा है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों का सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने में योगदान देने के लिए तैयार हैं। </p>
<p>सात देशों के नेताओं ने गुरुवार रात जारी एक संयुक्त बयान में कहा, हम खाड़ी में वाणिज्यिक जहाजों पर ईरान द्वारा किए गए हालिया हमलों, तेल एवं गैस प्रतिष्ठानों सहित नागरिक अवसंरचना पर हमलों और ईरानी बलों द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की कड़ी निंदा करते हैं। इन देशों ने बढ़ते संघर्ष पर गहरी चिंता व्यक्त की और ईरान से जलडमरूमध्य को वाणिज्यिक जहाजों के लिए अवरुद्ध करने के प्रयासों, धमकियों, बारूदी सुरंगों को बिछाने, ड्रोन एवं मिसाइल हमलों को तुरंत रोकने का आह्वान किया। उन्होंने ईरान से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का पालन करने का भी आग्रह किया।</p>
<p>उन्होंने तेल एवं गैस प्रतिष्ठानों सहित नागरिक अवसंरचना पर हमलों पर तत्काल व्यापक रोक लगाने की मांग की। बयान में कहा गया कि नौवहन की स्वतंत्रता अंतरराष्ट्रीय कानून का एक मूलभूत सिद्धांत है जिसमें संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून समझौता भी शामिल है। इसमें कहा गया कि ईरान की कार्रवाइयों का असर दुनिया के सभी हिस्सों के लोगों पर पड़ेगा, खासकर सबसे कमजोर वर्गों पर। उन्होंने कहा कि हम होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए उचित प्रयासों में योगदान देने के लिए तत्पर हैं और हम उन देशों की प्रतिबद्धता का स्वागत करते हैं जो तैयारी संबंधी योजना बना रहे हैं।</p>
<p>अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी द्वारा रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार की समन्वित निकासी को अधिकृत करने के निर्णय का स्वागत करते हुए उन्होंने ऊर्जा बाजारों को स्थिर करने के लिए अन्य कदम उठाने का संकल्प लिया जिसमें कुछ तेल एवं गैस उत्पादक देशों के साथ मिलकर उत्पादन बढ़ाने पर काम करना शामिल है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे संयुक्त राष्ट्र और अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों के माध्यम से सबसे अधिक प्रभावित देशों को सहायता करने के लिए भी काम करेंगे।</p>
<p>बयान में कहा गया, समुद्री सुरक्षा एवं नौवहन की स्वतंत्रता सभी देशों के लिए लाभकारी है। हम सभी देशों से अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने और अंतरराष्ट्रीय समृद्धि एवं सुरक्षा के मूलभूत सिद्धांतों का पालन करने का आह्वान करते हैं। इस संयुक्त बयान के लिए हालांकि किसी विशिष्ट भौतिक बैठक की जानकारी नहीं है लेकिन यह 11 मार्च को हुई, जी7 नेताओं की वर्चुआल बैठक में पश्चिम एशिया की बिगड़ती स्थिति पर चर्चा की गयी और नागरिक अवसंरचना पर हमलों की निंदा की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 17:19:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>हॉर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में गश्त की योजनाओं से पीछे हटने पर ट्रंप ने सहयोगी देशों पर जताई नाराजगी, बोले-ईरान के साथ जल्द हो सकता है खत्म संघर्ष </title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा के लिए सहयोगियों की "सुस्ती" पर नाराजगी जताई है। उन्होंने ब्रिटेन और जर्मनी के हिचकिचाते रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि ऊर्जा सुरक्षा के लिए इन देशों को खुद आगे आना चाहिए। ट्रंप ने ईरान के साथ युद्ध जल्द खत्म होने का दावा किया, लेकिन त्वरित समाधान की संभावना से इनकार किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/trump-expressed-displeasure-at-allies-for-withdrawing-from-patrolling-plans/article-146795"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/trump2.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सहयोगी देशों की आलोचना करते हुए कहा है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग को सुरक्षित करने के लिए उन्होंने जिस गठबंधन का प्रस्ताव रखा है, उसके प्रति सहयोगियों में उत्साह की कमी है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य से ही दुनिया के ऊर्जा संसाधनों के पाँचवें हिस्से की ज़हाज़ों से जरिये आपूर्ति की जाती है।</p>
<p>ट्रंप ने सोमवार देर रात ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि ईरान के साथ संघर्ष जल्द ही खत्म हो सकता है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि इस हफ़्ते किसी समाधान की संभावना कम है। उन्होंने इस सैन्य अभियान का बचाव करते हुए कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए यह जरूरी था।</p>
<p>ट्रंप ने कहा, यह अभियान जल्द ही खत्म हो जाएगा। हमारी दुनिया कहीं ज्यादा सुरक्षित होगी। गौरतलब है कि ईरान ने 28 फऱवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों के जवाब में इस क्षेत्र से होकर गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाने की धमकी दी थी जिसके बाद फ़ारस की खाड़ी से होने वाली ज़हाज़ों की आवाजाही काफ़ी हद तक कम हो गई है। </p>
<p>ट्रंप ने ब्रिटेन की प्रतिक्रिया पर असंतोष ज़ाहिर करते हुए कहा, ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर द्वारा इस संघर्ष में नाटो को शामिल करने में दिखाई गई हिचकिचाहट से मैं खुश नहीं हैं और बहुत हैरान हूँ। मैं ब्रिटेन के रवैये से खुश नहीं था। मुझे लगता है कि शायद वे इसमें शामिल होंगे, लेकिन उन्हें पूरे उत्साह के साथ शामिल होना चाहिए।</p>
<p>कई सहयोगियों ने पहले ही हॉर्मुज जलडमरूमध्य में गश्त करने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आह्वान पर अपनी नाराजगी ज़ाहिर कर दी है। जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज उन नेताओं में शामिल थे जिन्होंने सोमवार देर रात संकेत दिया कि उनका देश फ़ारस की खाड़ी में स्थित इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर गश्त करने में शामिल नहीं हो सकता है। बर्लिन में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने कहा, हमारे पास संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ या नाटो से जरूरी जनादेश नहीं है, जो हमारे मूल कानून के तहत आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध शुरू करने से पहले अमेरिका और इजरायल ने जर्मनी से कोई सलाह-मशविरा नहीं किया था।</p>
<p>इससे पहले, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कहा था कि ब्रिटेन हॉर्मुज जलडमरूमध्य को साफ़ करने के लिए बारूदी सुरंगों का पता लगाने वाले ड्रोन के इस्तेमाल की संभावना पर चर्चा कर रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ब्रिटेन  के युद्ध क्षेत्र में अपने युद्धपोत भेजने की संभावना कम ही है। अमेरिका के दो और अहम सहयोगी, जापान और ऑस्ट्रेलिया, ने भी सोमवार को संकेत दिया कि वे विवादित होर्मुज जलडमरूमध्य में गश्त के लिए नौसैनिक ज़हाज़ भेजने को शायद तैयार न हों। यह बात तब सामने आई जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था कि अमेरिका खाड़ी के तेल पर निर्भर सात देशों से बात कर रहा है ताकि इस संकरे लेकिन रणनीतिक समुद्री गलियारे में ज़हाज़ों की सुरक्षा में मदद मिल सके।</p>
<p>ट्रंप ने रविवार को एयर फ़ोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए कहा था कि इस संकरे जलमार्ग से गुजरने वाले व्यापारिक ज़हाज़ों की सुरक्षा में मदद के लिए कई सरकारों से संपर्क किया गया है। हालांकि, ट्रंप ने उन देशों के नाम नहीं बताए, लेकिन शनिवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और अन्य देश, जो इस कृत्रिम बाधा से प्रभावित हैं, इस अहम जलडमरूमध्य में गश्त के लिए ज़हाज़ भेजेंगे।</p>
<p>ट्रंप ने पत्रकारों से कहा था, मैं मांग कर रहा हूं कि ये देश आगे आएं और अपने ही क्षेत्र की रक्षा करें, क्योंकि यह उनका ही क्षेत्र है उन्हें मिलकर काम करना चाहिए, क्योंकि उन्हें अपनी ऊर्जा इसी क्षेत्र से मिलती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 13:26:13 +0530</pubDate>
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                <title>होर्मुज संकट: यूएई पर 300 मिसाइल और 1600 ड्रोन हमले; ब्रिक्स को खुद बर्बाद कर रहा ईरान, भारत पर बना रहा दबाव</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान ने 550 मिसाइलों से इजरायल और 298 से यूएई पर हमला कर युद्ध तेज कर दिया है। होर्मुज जलडमरूमध्य ब्लॉक होने से 20% तेल आपूर्ति बाधित हुई और उर्वरक लागत 30% तक बढ़ गई। हालांकि, भारत ने खरीफ 2026 के लिए पर्याप्त उर्वरक स्टॉक सुनिश्चित कर अपनी अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने के ठोस कदम उठाए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/300-missile-and-1600-drone-attacks-on-uae-iran-itself/article-146772"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/us2.png" alt=""></a><br /><p>अबूधाबी। ईरान ने 28 फरवरी से युद्ध शुरू होने के बाद से इजरायल पर करीब 550 बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है। ईरान ने इजरायल पर करीब 1000 ड्रोन भी दागे हैं। जबकि इजरायल से उसका सीधा युद्ध चल रहा है। दूसरी तरफ ईरान ने अभी संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पर 298 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं और 1600 ड्रोन हमले किए हैं। यानि, इजरायल से करीब 200 मिसाइल हमले ही कम यूएई पर किए गए हैं जबकि करीब 600 ड्रोन ज्यादा यूएई पर दागे गए हैं। ईरान ने युद्ध शुरू होने के बाद सऊदी अरब पर सिर्फ 34 बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है और करीब 150 ड्रोन हमले किए हैं।</p>
<p><strong>ब्रिक्स के आर्थिक सहयोग का सपना क्या टूट जाएगा?</strong></p>
<p>ईरान ने मार्च की शुरूआत से ही जहाजों पर हमले करके होर्मुज जलडमरूमध्य को ब्लॉक कर दिया है। जिससे 1000 से ज्यादा जहाजों की आवाजाही में देरी हुई है या उन्हें दूसरे रास्ते से गुजरने के लिए मजबूर होना पड़ा है। इस जलडमरूमध्य से आम तौर पर दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत समुद्री तेल, एलएनजी, उर्वरक, अनाज और अन्य सामानों को एक हिस्से से दूसरे हिस्से में भेजा जाता है। ईरान के इस कदम से तेल और गैस की कीमतें आसमान छू गईं हैं टैंकरों का किराया तेजी से बढ़ा है। शिपिंग कंपनियों ने जहाजों को केप आॅफ गुड होप के रास्ते से भेजना शुरू कर दिया जिससे गंतव्य तक समाना पहुंचने में 10 से 14 दिनों की देरी हो रही है। </p>
<p>भारत के लिए जो ब्रिक्स का एक अहम सदस्य है उसकी अर्थव्यवस्था के लिए ये देरी नुकसान पहुंचाने वाला है। उर्वरक बाजार इस व्यवधान से परेशान है। गैस की कीमतों में भारी उछाल और शिपिंग में देरी की वजह से वैश्विक स्तर पर उर्वरक की लागत लगभग 20-30 प्रतिशत तक बढ़ गई। हालांकि भारत ने घरेलू अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले इस प्रभाव को कम करने के लिए कदम उठाए हैं। सरकार का कहना है कि खरीफ 2026 के मौसम से पहले उर्वरक का पर्याप्त भंडार मौजूद है और यूरिया का स्टॉक पिछले साल की तुलना में अधिक है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 11:30:32 +0530</pubDate>
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