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                <title>Nepal Election - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Nepal Election RSS Feed</description>
                
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                <title>जेन-Z के विद्रोह से बैलेट तक, नेपाल में आज आम चुनाव: युवा लहर जीतेगी या दिग्गज नेता, नेपाल चुनाव से पहले पूर्व पीएम केपी ओली का बड़ा बयान </title>
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                        <![CDATA[नेपाल में आज 5 मार्च को ऐतिहासिक मतदान हो रहा है, जहां 1.9 करोड़ मतदाता नई सरकार चुनेंगे। इस बार 40% युवा उम्मीदवार पुरानी राजनीतिक व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं। पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली और युवा नेता बालेन शाह के बीच झापा-5 में दिलचस्प टक्कर है। मिश्रित चुनावी प्रणाली के कारण परिणाम आने में एक माह का समय लग सकता है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/from-the-rebellion-of-gen-z-to-the-ballot-whether-the/article-145307"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/nepal.png" alt=""></a><br /><p>नेपाल। नेपाल के इतिहास में पहली बार डिजिटल पीढ़ी सीधे तौर पर सत्ता की चाबी अपने हाथ में लेने को तैयार है। 5 मार्च को होने वाले मतदान में देश के 1.9 करोड़ मतदाता अपने भविष्य का फैसला करेंगे, इनमें करीब 10 लाख नए युवा वोटर शामिल हैं। भ्रष्टाचार, कुप्रशासन और संरक्षण-प्रधान अर्थव्यवस्था के खिलाफ पिछले साल सितंबर में युवाओं के दो दिवसीय प्रदर्शनों ने 77 लोगों की जान ले ली, जिसमें पहले ही दिन पुलिस फायरिंग में 19 युवाओं की मौत हो गई। यह चुनाव निर्धारित समय से दो साल पहले हो रहा है और इसे नेपाल की पुरानी राजनीतिक व्यवस्था को तोड़ने का सुनहरा मौका माना जा रहा है। नेपाल की 3 करोड़ आबादी के बीच बदलाव की हवा भरने को तैयार हैं। युवा आंदोलन की मांगें अब पूरे समाज में गूंज रही हैं। </p>
<p><strong>यह चुनाव अलग क्यों है?</strong></p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, यह चुनाव पिछले सितंबर में जेन-जेड आंदोलन का सीधा नतीजा है, जब युवाओं ने 8 सितंबर को सड़कों पर उतरकर पुरानी राजनीतिक व्यवस्था के खिलाफ बगावत की। आज वही युवा प्रदर्शनकारी सड़कों को छोड़कर चुनावी मैदान में हैं। 77 मौतों के बाद सरकार ने समय से पहले चुनाव का ऐलान किया, ताकि युवाओं की मांगों को लागू करने का रास्ता बने। इस बार 40% से अधिक उम्मीदवार 35 वर्ष से कम आयु के हैं, जो नेपाल की राजनीति में एक बड़ा बदलाव है। दिलचस्प मुकाबला झापा-5 सीट पर देखने को मिल रहा है, जहां 74 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली के सामने 35 वर्षीय रैपर और काठमांडू के पूर्व मेयर बालेंद्र शाह (बालेन) खड़े हैं। बालेन शाह आज नेपाल के युवाओं के लिए बदलाव का प्रतीक बन चुके हैं।</p>
<p><strong>नेपाल में कैसे डाले जाते हैं चुनाव</strong></p>
<p>मतदाता दो बैलट पेपर डालेंगे: एक फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट सिस्टम के तहत व्यक्तिगत उम्मीदवार के लिए, और दूसरा प्रोपोर्शनल रिप्रेजेंटेशन (ढफ) के तहत पार्टी के लिए। कुल 275 सदस्यों वाली प्रतिनिधि सभा में 165 सीटें से और 110 ढफ से भरी जाएंगी।</p>
<p><strong>क्या होगा परिणाम?</strong></p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार त्रिकोणीय मुकाबला हो सकता है। जहां नेपाली कांग्रेस और यूएमएल जैसे पुराने दल अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं, वहीं राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (फरढ) जैसी नई ताकतें तेजी से उभर रही हैं। 138 सीटें हासिल करने वाली पार्टी अकेले सरकार बना सकती है। यदि कोई भी दल 138 सीटों का जादुई आंकड़ा नहीं छू पाता तो नेपाल एक बार फिर गठबंधन सरकार के दौर में जा सकता है। इस बार 67 पार्टियां और 3,405 उम्मीदवार मैदान में हैं, जो गिनती को जटिल बनाएगा। इस बार जेन जेड की वजह से युवा टर्नआउट निर्णायक होगा। आरएसपी को वोटर फटीग से फायदा हो सकता है। लोग पुरानी पार्टियों को सबक सिखाने के लिए नई पार्टी चुन सकते हैं।</p>
<p><strong>मतगणना में एक महीना लग सकता है</strong></p>
<p>जटिल बैलट और सैकड़ों उम्मीदवारों के कारण वोट गिनती धीमी होगी। रिजल्ट्स क्षेत्रवार आना शुरू होंगे, लेकिन ढफ के लिए राष्ट्रव्यापी टैली जरूरी। पूर्ण परिणाम घोषित होने में एक महीना लग सकता है।</p>
<p><strong>मतदाता और चुनाव प्रक्रिया</strong></p>
<p>इस चुनाव में मतदान के पात्र लोगों की संख्या लगभग 19 मिलियन है। ये मतदाता संसद के 275 सदस्यों का चुनाव करेंगे। नेपाल में मिश्रित चुनावी प्रणाली लागू है। यह प्रणाली देश के 2015 के संविधान में शामिल की गई थी। इस प्रणाली में, संसद के कुल 275 सदस्यों में से 165 का चुनाव फर्स्ट पास्ट द पोस्ट (ऋढळढ) प्रणाली के माध्यम से होता है, जिसमें सबसे अधिक वोट पाने वाला उम्मीदवार जीतता है। शेष 110 सदस्यों के लिए, आनुपातिक प्रतिनिधित्व (ढफ) प्रणाली के माध्यम से विजेता का चुनाव होता है।  </p>
<p><strong>कितने उम्मीदवार</strong></p>
<p>इस चुनाव में 3,400 से अधिक उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, जिनमें से 1,000 से अधिक उम्मीदवार 40 वर्ष से कम आयु के हैं। मतदान स्थानीय समयानुसार सुबह 7:00 बजे शुरू होगा और 5 मार्च को शाम 5:00 बजे तक चलेगा, हालांकि दूरदराज के क्षेत्रों में मतदान केंद्र आवश्यकता पड़ने पर बाद तक खुले रह सकते हैं। मिश्रित प्रणाली के कारण किसी एक पार्टी के लिए स्पष्ट बहुमत हासिल करना मुश्किल हो जाता है, और गठबंधन सरकारें बनने की संभावना रहती है।</p>
<p><strong>भारत और चीन को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा नहीं करेंगे</strong></p>
<p>नेपाल में चुनाव से पहले पूर्व प्रधानमंत्री और सीपीएन (यूएमएल) चेयरपर्सन केपी शर्मा ओली ने भारत को लेकर बड़ा बयान दिया है। चार बार के प्रधानमंत्री रहे ओली ने कहा कि वह भारत और चीन दोनों से अच्छे रिश्ते चाहते हैं। पिछले साल हुए जेन-जेड आंदोलन को उन्होंने नेपाल को अस्थिर करने की कोशिश बताया, जिसमें विदेशी शक्तियां शामिल थीं। उन्होंने यह भी कहा कि जेन-जेड के विरोध प्रदर्शन को आपराधिक तत्वों ने हाईजैक कर लिया था।</p>
<p>एक इंटरव्यू में केपी शर्मा ओली ने कहा कि जेन-जेड आंदोलन एक विध्वंस था जिसने राष्ट्रीय सम्मति को नष्ट किया। ओली ने कहा कि इसमें छात्रों को ड्रेस में शामिल किया गया था, जो कि अवैध था। हमने नियम बनाया था कि स्कूली बच्चों को आंदोलन में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। इसके बावजूद वहां स्कूल यूनिफॉर्म में बच्चों को बुलाया गया था। ओली ने आगे कहा कि छात्र अपनी मांगें रखकर चले गए थे लेकिन उसके बाद प्रदर्शन को हाईजैक कर लिया गया। आंदोलन क्रिमिनल एलीमेंट के हाथ में चला गया।</p>
<p><strong>नेपाल चुनाव में विदेशी फंडिंग पर दिया जवाब</strong></p>
<p>जब उनसे पूछा गया कि क्या विदेशी ताकतें चुनाव में फंड कर रही हैं और बाहर से प्रेशर बनाया जा रहा है, तो उन्होंने कहा कि ऐसी अफवाहें हैं लेकिन मेरे पास ठोस प्रमाण नहीं है। ओली ने कहा कि जब तक ठोस प्रमाण नहीं होता, तब तक मैं कुछ नहीं कह सकता। लेकिन कहा जाता है कि बिना आग के धुआं नहीं होता। भारत और चीन के साथ रिश्तों पर ओली ने कहा कि हम दोनों के साथ अच्छे रिश्ते चाहते हैं। एक ताकत को दूसरी के खिलाफ नहीं खड़ा करेंगे। उन्होंने कहा कि हम आपके पड़ोसियों भारत और चीन के साथ ईमानदार रिश्ते चाहते हैं। हम अपने देश का इस्तेमाल किसी पड़ोसी के खिलाफ नहीं होने देंगे। पूर्व नेपाली प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें पीढ़ी दर पीढ़ी यही रहना है। पड़ोसी भी यहीं रहेंगे और हम भी यहीं रहेंगे।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Mar 2026 10:56:39 +0530</pubDate>
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                <title>नेपाल चुनाव: भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा 72 घंटों के लिए सील, बाहरी गतिविधि या अवांछित तत्वों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक</title>
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                        <![CDATA[नेपाल में 5 मार्च को होने वाले प्रतिनिधि सभा चुनाव के मद्देनजर महराजगंज से सटी सीमा को 72 घंटे के लिए सील कर दिया गया है। शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने हेतु सोमवार रात से पब्लिक मूवमेंट पर पूर्ण रोक लगा दी गई है। एसएसबी और नेपाल पुलिस संयुक्त रूप से सीसीटीवी और पेट्रोलिंग के जरिए कड़ी निगरानी रख रहे हैं।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/nepal-election-india-nepal-international-border-sealed-72-hours-in-advance/article-145198"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/nepal-election.png" alt=""></a><br /><p>महराजगंज। पड़ोसी देश नेपाल में पांच मार्च को होने वाले प्रतिनिधि सभा चुनाव के मद्देनज़र भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा को 72 घंटे पहले सील कर दिया गया है। चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से यह एहतियाती कदम उठाया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की बाहरी गतिविधि या अवांछित तत्वों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।</p>
<p>महराजगंज जिले की नेपाल से सटी करीब 84 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप से कड़ा कर दिया गया है। दो मार्च की रात 12 बजे से सीमा पर आम नागरिकों के आवागमन को पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया गया है। केवल आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों को सघन जांच के बाद ही आने-जाने की अनुमति दी जा रही है।</p>
<p>सोनौली बॉर्डर पर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद नजर आईं। नौतनवा के एसडीएम नवीन कुमार ने बताया कि नेपाल चुनाव के दृष्टिगत सीमा को पूरी तरह सील कर दिया गया है और पब्लिक मूवमेंट पर रोक लगा दी गई है। केवल इमरजेंसी सेवाएं ही संचालित रहेंगी। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवान लगातार पेट्रोलिंग कर रहे हैं और बॉर्डर पर लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। एसएसबी 22वीं वाहिनी के सहायक कमांडेंट सी. विवेक ने स्पष्ट किया कि सोमवार रात 12 बजे से गुरुवार रात 12 बजे तक सीमा पूरी तरह बंद रहेगी।</p>
<p>रूपंदेही जिला के एसपी जनक बहादुर शाही ने बताया कि नेपाल में होने वाले चुनाव को देखते हुए सीमावर्ती इलाकों में विशेष चौकसी बरती जा रही है। चुनाव प्रक्रिया पांच मार्च को संपन्न होने के बाद रात 12 बजे से सीमा पर आवागमन फिर से सामान्य कर दिया जाएगा। प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीमा सील होने से जहां सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं, वहीं आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की गई है, ताकि नेपाल में होने वाला चुनाव शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके। पांच मार्च को होने वाले चुनाव के दृष्टिगत 72 घंटा पहले भारत-नेपाल सीमा को सील किया गया।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Mar 2026 16:38:24 +0530</pubDate>
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