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                <title>start - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>असर खबर का-कोटा विवि में 1 फरवरी से शुरू होगी केंटीन, 6 माह में बनेगी पानी की टंकी</title>
                                    <description><![CDATA[दो साल से बंद पड़ी लाखों की केंटीन शुरू होने जा रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-effect-of-the-news---canteen-will-start-in-kota-university-from-february-1--water-tank-will-be-built-in-6-months/article-102475"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/7813.png" alt=""></a><br /><p> कोटा। कोटा विश्वविद्यालय में दो साल से बंद पड़ी 34 लाख की केंटीन का संचालन एक फरवरी से शुरू किया जाएगा। केंटीन शुरू होने से विद्यार्थियों, अभिभावकों व शिक्षकों को राहत मिल सकेगी। विद्यार्थियों को अब अल्पहार के लिए एक किमी दूर दुकानों के चक्कर काट भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। दैनिक नवज्योति द्वारा छात्रहित में लगातार खबरें प्रकाशित कर विद्यार्थियों की ज्वलंत समस्याओं के प्रति विवि के अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया। इसी का नतीजा है कि दो साल से बंद पड़ी लाखों की केंटीन शुरू होने जा रही है। वहीं, परीक्षाओं व परिणामों से संबंधित समस्याओं के समाधान का भी मार्ग प्रशस्त्र किया। दरअसल, विश्वविद्यालय में बुधवार को विभिन्न समस्याओं के समाधान को लेकर कुलसचिव डॉ. भावना शर्मा की अध्यक्षता में सभी विभागों-अनुभागों के अधिकारियों व प्रभारियों की बैठक आयोजित हुई। जिसमें विश्वविद्यालय व अन्य महाविद्यालयों में अध्ययनरत नियमित एवं स्वयंपाठी छात्र-छात्राओं से जुड़ी समस्याओंं पर चर्चा की गई। साथ ही समाधान को लेकर महत्वपूर्ण निम्नलिखित निर्णय लिए गए।  </p>
<p><strong>बैठक में यह लिए निर्णय</strong><br />- विवि परिसर में केंटीन का संचालन 1 फरवरी से शुरू किया जाएगा।  <br />- परीक्षा विभाग से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए परीक्षा नियंत्रक द्वारा एजेंसी कार्मिकों की नियमित बैठक लिए जाने पर सहमति बनी।<br />- निमार्णाधीन पानी की टंकी का काम आगामी 6 माह में पूर्ण करवा दिया जाएगा। <br />- कन्या छात्रावास अधीक्षक द्वारा फर्नीचर खरीद व पानी की समस्या को लेकर अभी कन्या छात्रावास शुरू करने में असहमति व्यक्त की गई।  <br />- विवि में फर्नीचर की कमी है। जल्द ही 1000 टेबल-कुर्सी खरीद किए जाने पर सहमति बनी। <br />- विवि के नियमित कार्मिकों के लिए रजिस्टेÑशन किया हुआ है और अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के रजिस्ट्रेशन के लिए विभागाध्यक्ष की सहमति आवश्यक बताई।<br />- कम्प्यूटर एवं लैपटॉप को शीघ्र क्रय करने के लिए दोनों पत्रावली क्रय समिति की बैठक में रखी जाए। <br />- सभी विभागों-अनुभागों के लिए विभिन्न उपापन के लिए तैयार करवाकर क्रय समिति से स्वीकृत कराये जाने पर सहमति बनी।  <br />- नागार्जुन भवन में द्वितीय तल पर स्थापित दो वाटर कूलर में से एक  प्रथम तल पर रसायन शास्त्र एवं भौतिक शास्त्र विभाग दोनों विभागों के स्तर पर समन्वय किया जाए। <br />- विवि  सम्पदा अधिकारी व कुलानुशासक को सम्पूर्ण विवि परिसर का निरीक्षण कर पाई गई खामियों के समाधान किए जाने की सख्त हिदायत दी गई।   </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jan 2025 13:30:13 +0530</pubDate>
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                <title>एक साल में बने 64 हजार पासपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[इस कार्यालय को शुरु हुए करीब एक साल का समय हो चुका  है। इस अवधि में यहां से 64 हजार 743 पासपोर्ट जारी हो चुके है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/64-thousand-passports-made-in-a-year/article-91439"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/4427rtrer-(1).png" alt=""></a><br /><p>कोटा ।  कोटा में नियमित हवाई सेवा शुरू होने में भले ही अभी समय लग रहा है। लेकिन उससे पहले ही पासपोर्ट बनवाने का क्रेज लगातार बढ़ता ही जा रहा है। कोटा में क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय खुलने के बाद एक साल में करीब 64 हजार से अधिक पासपोर्ट जारी किए जा चुके है। अब तत्काल पासपोर्ट भी कोटा में ही बनने लगे है। कोटा में पहले केवल नॉमर्स पासपोर्ट ही बनाए जा रहे थे। ये पासपोर्ट नयापुरा स्थित डाकघर कार्यालय के पासपोर्ट सेवा केन्द्र में बन रहे थे। लेकिन वहां जगह कम व छोटी होने से समस्या का सामना करना पड़ रहा था। साथ ही तत्काल पासपोर्ट बनवाने के लिए लोगों को जयपुर या अन्य शहरों में जाना पड़ रहा था। जिससे समय व धन अधिक खर्च हो रहा था। ऐसे में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रयासों से गत वर्ष सितम्बर 2023 में कोटा में पूर्ण पासपोर्ट केन्द्र क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय शुरू किया गया।  यह कार्यालय डकनिया स्टेशन रोड नम्बर दो स्थित इंडस्ट्रीयल एरिया में  29 सितम्बर को शुरू किया गया था। इस कार्यालय को शुरु हुए करीब एक साल का समय हो चुका  है। इस अवधि में यहां से 64 हजार 743 पासपोर्ट जारी हो चुके है। यानि करीब 5 हजार से अधिक पासपोर्ट हर माह जारी किए जा रहे हैं। </p>
<p><strong>शुरुआती 7 माह में जारीे हुए थे 31 हजार पासपोर्ट</strong><br />पासपोर्ट कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय खुलने के बाद अक्टूर 2023 से अप्रेल 2024 तक 7 माह में कुल 31021 पासपोर्ट जारी हुए थे। वहीं 4796 पीसीसी जारी की गई थी। जबकि उसके बाद के 5 माह में 33 हजार से अधिक पासपोर्ट जारी किए जा चुके हैं। साथ ही पीसीसी की संख्या भी शुरुआती 7 माह के बराबर ही करीब 4 हजार जारी की जा चुकी है।  </p>
<p><strong>शम्भूपुृरा में प्रस्तावित है एयरपोर्ट</strong><br />कोटा में वर्तमान में एयरपोर्ट तो है लेकिन वहां से नियमित हवाई सेवा नहीं है। नियमित हवाई सेवा शुरू करने के उद्देश्य से शम्भूपुरा में ग्रेीन फील्ड एयरपोर्ट प्रस्तावित है। जिसके लिए सरकार की ओर से नि:शुल्क जमीन आवंटित की जा चुकी है। साथ ही रा’य सरकार के स्तर पर एमओयू भी हो चुके  हैं। </p>
<p><strong>कोटा में केन्द्र खुलने से हुआ फायदा</strong><br />कोटा में पूर्ण पासपोर्ट कार्यालय खुलने से लोगों को फायदा हुआ है। राीव गांधी नगर निवासी महेश गुप्ता का कहना है कि उन्हें तो विदेश जाने का मौका नहीं मिला। लेकिन उनके बच्चे मेडिकल व इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे है। ऐसे में उन्हें भविष्य में विदेश जाना पड़ सकता है। उसे देखते हुए उन्होंने कोटा में ही  पासपोर्ट कार्यालय खुलने पर अपना व बच्चों का पासपोर्ट बनवा लिया है। यहां कम समय में पासपोर्ट बनकर तैयार हो गया।  तलवंडी निवासी राजेन्द्र जैन ने बताया कि उनके बेटे का यूएस में एक आईटी कम्पनी से नौकरी के लिए लैटर आया है। ऐसे में उन्हें पासपोर्ट बनवाना था। कोटा में केन्द्र खुलने की जानकारी मिली तो यहां आवेदन किया। बिना किसी देरी के आसानी से पासपोर्ट बनकर तैयार हो गया। जबकि पहले समय अधिक लगने व जयपुर जाने की परेशानी के कारण ही पासपोर्ट नहीं बनवा पाए थे। </p>
<p><strong>यह है स्थिति</strong><br />क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस कार्यालय के शुरु होने के बाद से अब तक एक साल में नॉर्मल पासपोर्ट के लिए 69 हजार 417 आवेदन प्राप्त हुए हैं। जिनमें से 60 हजार 437 पासपोर्ट जारी किए जा चुके है। उसी तरह से तत्काल पासपोर्ट के लिए 4374 आवेदन प्राप्त हुए। उनमें से 4306 पासपोर्ट जारी किए जा चुके है।  वहीं पुलिस क्लीरेंस सर्टिफिकेट(पीसीसी) के 9098 आवेदन प्राप्त हुए। जिनमें से 8383 पीसीसी जारी की जा चुकी है। इस तरह से कुल 82 हजार 889 आवेदन प्राप्त हुए। जिनमें से 73 हजार 126 का निस्तारण किया जा चुका है। </p>
<p><strong>इन 12 जिलों के बन रहे पासपोर्ट</strong><br />क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय में कोटा के अलावा बूंदी, बारां, झालावाड़, सवाई माधोपुर, बांसवाड़ा,डूंगरपुर, प्रतापगढ़,उदयपुर, राजसमंद,चित्तौड़गढ़ व भीलवाड़ा  जिलों तक के पासपोर्ट बनाए जा रहे हैं। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br /> कोटा में रीजनल कार्यालय शुरू होने से स्थानीय लोगों को ही नहीं 12 जिलों के लोगों को फायदा हुआ है। अब उन्हें नॉर्मल व तत्काल पासपोर्ट बनवाने के लिए जयपुर जाने की जरूरत नहींÞ है। आवेदन करने पर प्रक्रिया पूरी करते ही कम से कम समय में पासपोर्ट जारी किए जा रहे हैं। नॉर्मल पासपोर्ट के लिए दो से तीन सप्ताह का समय है लेकिन वह भी कम समय में जारी हो रहे है। तत्काल में तो समय ही नहीं लगता। रीजनल कार्यालय खुलने के बाद एक साल में नॉर्मल  व तत्काल पासपोर्ट और पीसीसी के 82 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। जिनमें से 73 हजार से अधिक जारी किए जा चुके है। करीब 90 फीसदी पासपोर्ट जारी किए चुके है। जिनमें समय लग रहा है वह भी पुलिस सत्यापन व आवेदन की ओर से दस्तावेज पेश करने में देरी के कारण हो रहा है। पासपोर्ट केन्द्र खुलने से अब तत्काल पासपोर्ट भी यहीं बनने लगे हैं। <br /><strong>-यशवंत माठे, क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Sep 2024 16:46:11 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title> असर खबर का: अटरू में छोटी बड़ी नालियों की सफाई हुई शुरू </title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति की खबरों पर चेती नगर पालिका।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/effect-of-the-news--cleaning-of-small-and-big-drains-started-in-atru/article-82407"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/6633-copy70.jpg" alt=""></a><br /><p>अटरू। अटरु नगरपालिका क्षेत्र में लंबे समय से नालियों की सफाई नहीं होने और गंदगी और कचरे की समस्या को लेकर दैनिक नवज्योति ने शुक्रवार को लंबे समय से सफाई नहीं होने से गदंगी और कचरे से भरी नालियां... शीर्षक नाम से प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। जिसका असर यह हुआ कि शुक्रवार को ही तुरंत नगर पालिका प्रशासन हरकत में आ गया और शुक्रवार को छोटी बड़ी नालियों की सफाई का कार्य शुरू कर दिया।  महावीर भारती ने बताया कि अटरु नगर पालिका क्षेत्र में शुक्रवार को छोटे बड़े नालो की सफाई शुरू हो गई है। अब कस्बेवासियों को गंदे पानी से राहत मिलेगी। कय्यूम भाई ने बताया कि लम्बे समय से छोटी बड़ी नालियों की साफ सफाई नहीं होने से कस्बे मे गंदगी से नालिया जाम हो गई थी। नालियों का गन्दा पानी सड़कों पर आने लगा था, लेकिन शुक्रवार से नालियों की साफ सफाई शुरू कर दी गई है अब कस्बे वासियों को गंदगी से राहत मिलेगी। सफाई संवेदक महावीर भारती ने बताया कि कुछ लोगो ने नालों के ऊपर अवैध कब्जा कर दुकाने, चबूतरिया, ढ़कान आदि कर रखा है। जिससे अच्छी तरह से सफाई करने में परेशानी आती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Jun 2024 17:53:38 +0530</pubDate>
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                <title>एक साल बाद भी कागजों से बाहर नहीं आया जिला अस्पताल</title>
                                    <description><![CDATA[राज्य सरकार ने पिछले साल बजट में कोटा में नदी पार क्षेत्र में एक जिला अस्पताल खोलने की घोषणा की थी। स्वायत्त शासन मंत्री के निर्देश पर यूआईटी ने थर्मल कॉलोनी के सामने सकतपुरा में उस खाली जमीन को इसके लिए चिन्हित किया। जिसे हरी झंडी मिलने के बाद वहां नगर विकास न्यास ने जिला अस्पताल का बोर्ड भी लगा दिया है। बोर्ड लगने के बाद भी वहां अभी तक अस्पताल का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/district-hospital-did-not-come-out-of-paper-even-after-one-year/article-32238"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-12/ek-saal-baad-bhi-kagazo-se-bahar-nahi-aaya-jila-asptaal..kota-news..13.12.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। राज्य सरकार द्वारा पिछले साल कोटा में नदी पार क्षेत्र में जिला अस्पताल बनाने की बजट में घोषणा तो कर दी थी। लेकिन अब दूसरा बजट आने वाला है। अभी तक तो यह धरातल पर नजर नहीं आया है। सिर्फ फाइलों में ही दौड़ रहा है। सरकारों द्वारा हर साल बजट में घोषणाएं तो कर दी जाती हैं। लेकिन उनमें से अधिकतर घोषणाओं को पूरा होने में कई -कई साल लग जाते हैं। एक साल में तो उस घोषणा पर काम तक शुरू नहीं हो पाता है। ऐसा ही एक मामला है जिला अस्पताल का। राज्य सरकार ने पिछले साल बजट में कोटा में नदी पार क्षेत्र में एक जिला अस्पताल खोलने की घोषणा की थी। यह जिला अस्पताल करीब 50 बैड का बनना है। बजट में घोषणा होने के बाद शहर के लोगों विशेष रूप से नदी पार क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल छा गया था। लोगों को उम्मीद लगी थी कि इस क्षेत्र में अस्पताल बनने से हजारों लोगों को लाभ होगा। लेकिन हालत यह है कि इस घोषणा को पूरा एक साल होने को है। नया बजट शीघ्र ही आने वाला है। इसके लिए मुख्यमंत्री द्वारा अलग-अलग वर्गों से चर्चा की जा रही है।  लेकिन एक साल पूरा होने के बाद अभी तक भी यह जिला अस्पताल जमीन पर नहीं उतर सका है। </p>
<p><strong>सकतपुरा में चिन्हित की जमीन</strong><br />नदी पार क्षेत्र में बनने वाले इस जिला अस्पताल के लिए बजट में घोषणा होने के साथ ही जमीन की तलाश शुरु हो गई थी। स्वायत्त शासन मंत्री के निर्देश पर यूआईटी ने थर्मल कॉलोनी के सामने सकतपुरा में उस खाली जमीन को इसके लिए चिन्हित किया। जिसे हरी झंडी मिलने के बाद वहां नगर विकास न्यास ने जिला अस्पताल का बोर्ड भी लगा दिया है। बोर्ड लगने के बाद भी वहां अभी तक अस्पताल का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। </p>
<p><strong>बजट व स्टाफ भी हुआ स्वीकृत</strong><br />बजट में घोषणा के बाद जिला अस्पताल के लिए बजट व स्टाफ भी स्वीकृत हो चुका है। करीब 57 करोड़ की लागत से अस्पताल का निर्माण किया जाना है। साथ ही डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ भी स्वीकृत कर दिया गया है। लेकिन वह  जिला अस्पताल तैयार होने के बाद ही कार्य कर पाएगा।</p>
<p><strong>सेटेलाइट व जिला अस्पताल</strong><br />अभी तक कोटा में  जिला अस्पताल के नाम पर रामपुरा स्थित सेटेलाइट अस्पताल ही है। पूर्व में यह सेटेलाइट अस्पताल था लेकिन अब इसे जिला अस्पताल घोषित कर दिया है। यह अस्पताल 100 बैड का स्वीकृत है। लेकिन फिलहाल यहां 50 बैड ही है। इस असपताल के विस्तार का काम शुरू हो गया है। इसके तैयार होने और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से प्रमाण पत्र मिलने के बाद यह 100 बैड का हो जाएगा। रामपुरा जिला अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आर.के. सिंह ने बताया कि रामपुरा स्थित सेटेलाइट  व जिला अस्पताल मेडिकल कॉलेज के अधीन है। जबकि नदी पार क्षेत्र में बनने वाला जिला अस्पताल सीएमएचओ के अधीन होगा। </p>
<p>नदी पार जिला अस्पताल अस्पताल की घोषणा पिछले साल बजट में हो गई थी। इसके बनने से इस क्षेत्र के हजारों लोगों को इसी क्षेत्र में बेहयतर चिकित्सा की सुविधा मिल सकेगी। हालांकि इसके लिए डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ स्वीकृत हो  चुका है। वह स्टाफ वर्तमान में कुन्हाड़ी हाउसिंग बोर्ड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में कार्यरत है। जिला अस्पताल का काम अभी तक शुरू नहीं हो सका है।  <br /><strong>- अनिल सुवालका, पार्षद कुन्हाड़ी</strong></p>
<p>नदी पार सकतपुरा में जिला अस्पताल की पिछले साल बजट में घोषणा हो चुकी है। इसके लिए सकतपुरा में 17 हजार 790 वर्ग मीटर जमीन भो आवंटित हो गई है। उस जमीन का पट्टा बनाकर तैयार कर लिया है। यह पट्टा व इसके निर्माण से संबंधित दस्तावेज तैयार कर 15 दिन पहले ही नेशनल हैल्थ मिशन को सौंप दिया है। इसके लिए 57 करोड़ 82 लाख का बजट भी स्वीकृत हो गया है। नर्सिंग स्टाफ व डॉक्टर भी  स्वीकृत हो गया है। लेकिन जिला अस्पताल का निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हो सका है। यह कार्य टेंडर प्रक्रिया में है। <br /><strong>- डॉ. जगदीश सोनी, सीएमएचओ कोटा </strong></p>
<p>सकतपुरा में जिला अस्पताल का निर्माण नेशनल हैल्थ मिशन द्वारा किया जाएगा। अस्पताल निर्माण के लिए डीपीआर तैयार करने व सर्वे का काम निजी एजेंसियों द्वारा किया जा रहा है। यह काम पूरा होने के बाद उसके हिसाब से ही अस्पताल का निर्माण कार्य कराया जाएगा। अस्पताल की बिल्डिंग बनने में करीब एक से सवा साल का समय लगेगा। <br /><strong>- आशाराम मीणा, एक्सईएन, नेशनल हैल्थ मिशन कोटा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 13 Dec 2022 14:18:34 +0530</pubDate>
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                <title>कार्यक्षमता संवर्धन का औजार हैं खेलः संभागीय आयुक्त</title>
                                    <description><![CDATA[अंतर जिला प्रतियोगिता में प्रदेश की 13 टीम शामिल हैं। इनमें कोटा, बारां ,झालावाड़, जयपुर मुख्यालय, जयपुर जिला ,उदयपुर, बीकानेर, भीलवाड़ा, पाली, दौसा, डूंगरपुर, अजमेर तथा जोधपुर के सिविल सेवा के खिलाड़ी शामिल हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-sports-are-the-tools-of-efficiency-enhancement---divisional-commissioner/article-28013"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-10/photo-1-karyashamta-samwardhan-ka-aujar-hai-khel..kota-news-live..28.10.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। प्रथम राजस्थान राज्य अंतर जिला सिविल सेवा टेबल टेनिस प्रतियोगिता का उद्घाटन शुक्रवार  प्रात: 10 बजे मेजर ध्यानचंद खेल संकुल कोटा विश्वविद्यालय में किया । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संभागीय आयुक्त दीपक नंदी ने कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मस्तिष्क के लिए खेलों का महत्व सर्वविदित है।साथ ही सेवारत कार्मिकों के लिए तो खेल क्षमता संवर्धन का एक औजार हैं।उन्होंने कहा कि खेलों से टीम भावना, अनुशासन, साहचर्य एवं विभिन्न कौशलों का विकास तो होता ही है कार्मिकों की कार्यशैली में सुधार आता है।  संभागीय आयुक्त ने खेल ध्वज आरोहण किया और प्रतियोगिता प्रारंभ होने की उद्घोषणा की। प्रतियोगिता प्रारंभ होने से पूर्व प्रशासन वर्सेस पुलिस का मैत्री मैच भी खेला गया जिसमें अतिथियों ने टेबल टेनिस मैच खेला।</p>
<p>कार्यक्रम की  अध्यक्षता करते हुए पुलिस महानिरीक्षक प्रसन्न कुमार खमेसरा ने खेलों का जीवन में महत्व बताते हुए कहा कि टेबल टेनिस कम खेला जाने वाला खेल है फिर भी,  राजस्थान के 13 जिलों से सिविल सेवा की टीमों की सहभागिता प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने अपने छात्र जीवन के प्रसंग का उल्लेख करते हुए खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। कहा कि अधिकारियों का यह दायित्व है कि नई पीढ़ी को सभी खेलो में रुझान और भागीदारी के लिए कार्य करें।</p>
<p>इससे पूर्व जिला कलेक्टर ओपी बुनकर ने स्वागत भाषण में खिलाड़ियों को शुभकामनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि त्योहारी समय में खेल के लिए समय निकालना खिलाड़ियों की इच्छा शक्ति और उत्साह का परिचायक है। उन्होंने अनुशासन के साथ खेलते हुए बेहतर प्रदर्शन करने के लिए शुभकामनाएं व्यक्त की। अंतर जिला प्रतियोगिता में प्रदेश की 13 टीम शामिल हैं। इनमें कोटा, बारां ,झालावाड़, जयपुर मुख्यालय, जयपुर जिला ,उदयपुर, बीकानेर, भीलवाड़ा, पाली, दौसा, डूंगरपुर, अजमेर तथा जोधपुर के सिविल सेवा के खिलाड़ी शामिल हैं। प्रतियोगिता का समापन 30 अक्टूबर को होगा।<br /> <br /> विशिष्ट अतिथि पुलिस अधीक्षक (शहर) केसर सिंह शेखावत एवं पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) कावेन्द्र सिंह सागर रहे। यूआईटी सचिव राजेश जोशी, उपायुक्त नगर निगम गजेंद्र सिंह,कोटा विश्वविद्यालय के स्पोर्ट्स डायरेक्टर विजय सिंह,  जिला खेल अधिकारी अजीज पठान, जिला शिक्षा अधिकारी प्रदीप चौधरी एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे। संचालन नीता डांगी ने किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Oct 2022 17:49:09 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सावन लगते ही भीगा कोटा </title>
                                    <description><![CDATA[सावन का महीना शुरू होते ही कोटा में भी इंद्रदेव मेहरबान हो गए और झमाझम बरसात होने लगी। सावन के पहले दिन जहां देर शाम को बरसात हुई थी वही दूसरे दिन शुक्रवार को दोपहर बाद ही बरसात शुरू हो गई ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-gets-wet-as-soon-as-sawan-starts/article-14716"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/bari.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । सावन का महीना शुरू होते ही कोटा में भी इंद्रदेव मेहरबान हो गए और झमाझम बरसात होने लगी। सावन के पहले दिन जहां देर शाम को बरसात हुई थी वही दूसरे दिन शुक्रवार को दोपहर बाद ही बरसात शुरू हो गई । हालांकि कहीं धीमी तो कहीं तेज बरसात होती रही । खंड वर्षा के रूप में थोड़ी - थोड़ी देर में बरसात का क्रम चलता रहा। जिससे पूरे शहर में सड़के भी गई और गर्मी से भी लोगों को राहत मिली । जबकि 1 दिन पहले तक कोटा को छोड़कर उसके आसपास के इलाकों और जिलों में अच्छी बरसात हो रही थी । <br /><br />सावन लगने के बाद कोटा में भी बरसात का दौर शुरू हो गया है । वहीं देर रात 12:00 बजे बाद कोटा में बरसात शुरू हुई जो करीब एक से डेढ़ घंटे तक चली । बादल गरजते रहे, बिजली चमकती  रही और झमाझम बरसात होती रही।  शहर में कई जगह पर पेड़ गिर गए और दुकानों के टीन शेड भी उड़ गए।   रात 12:00 बजे बाद से पूरे शहर में बिजली भी बंद हो गई थी जो सुबह 4:00 बजे तक सामान्य हो सकी।  महावीर नगर से लेकर रेलवे कॉलोनी तक कहीं 2 घंटे तो कहीं 3 घंटे तक बिजली बंद रहने से पूरी रात लोग परेशान होते रहे । लोगों का कहना है कि बिजली बंद होने के बाद कॉल सेंटर पर फोन करते रहे लेकिन किसी भी अधिकारी व कर्मचारी ने फोन तक रिसीव नहीं किया । मौसम विभाग के अनुसार 1 दिन पहले कोटा में 4.6 मिलीमीटर बरसात रिकॉर्ड की गई थी और तापमान 35 डिग्री पर बना हुआ है । 1 दिन पहले तक गर्मी तेज पड़ रही थी वही शुक्रवार को दिन में बरसात होने से लोगों ने गर्मी से राहत महसूस की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 Jul 2022 16:32:14 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>खराब मौसम के कारण स्थगित अमरनाथ यात्रा फिर से शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[कश्मीर में बालटाल और नुनवान मार्ग पर खराब मौसम के कारण स्थगित अमरनाथ यात्रा फिर से शुरु हो गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/amarnath-yatra-start-resumed-in-kashmir/article-13736"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/am-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जम्मू। कश्मीर में बालटाल और नुनवान मार्ग पर खराब मौसम के कारण स्थगित अमरनाथ यात्रा फिर से शुरु हो गई। इस यात्रा में 75 हजार से अधिक यात्रियों ने अमरनाथ मंदिर में गुफा में पूजा-अर्चना की। सूत्रों ने बताया कि गंदेरबल के बालटाल मार्ग पर 10,081 तीथयात्री गुफा के लिए रवाना हुए।</p>
<p>गंदेरबल में बालटाल आधार शिविर से किसी भी तीर्थयात्री को खराब मौसम के कारण गुफा की तरफ नहीं जाने दिया गया था। मौसम विभाग के अनुसार बालटाल , दुमेल, ब्ररिमार्ग और पवित्र गुफा की तरफ पूरे दिन मध्यम बारिश होने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Jul 2022 15:09:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> शिक्षकों ने उठाया सवाल, कैसे बनेगी 600 रुपए में दो यूनिफॉर्म</title>
                                    <description><![CDATA[स्कूलों में नया शिक्षा सत्र शुरू हो चुका है लेकिन कक्षा 1 से 8 तक के छात्र-छात्राओं को अभी भी नई यूनिफॉर्म का इंतजार है। नए यूनिफार्म नहीं मिलने से बच्चे पुराने ड्रेस पहन कर ही स्कूल जा रहे हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/teachers-raised-the-question--how-will-two-uniforms-be-made-for-600-rupees/article-13651"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/shikshako-nei-uthaya-sawal-uniforms.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। 1 जुलाई से स्कूलों में नया शिक्षा सत्र शुरू हो चुका है लेकिन कक्षा 1 से 8 तक के छात्र-छात्राओं को अभी भी नई यूनिफॉर्म का इंतजार है। नए यूनिफार्म नहीं मिलने से बच्चे पुराने ड्रेस पहन कर ही स्कूल जा रहे हैं। यूनिफॉर्म का कपड़ा खरीदने के लिए टेंडर भी हो चुके हैं लेकिन इसकी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। इसी बीच यूनिफॉर्म तैयार करने को लेकर शिक्षित सवाल खड़े कर रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि मात्र 600 में यूनिफार्म के 2 कैसे बन सकती है। बाजार में यूनिफार्म का अच्छा कपड़ा भी महंगा है और सिलाई भी अधिक है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वर्ष 2021 के बजट भाषण में पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को निशुल्क यूनिफॉर्म उपलब्ध करवाने की घोषणा की थी जिसके मुताबिक प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक के छात्र-छात्राओं को सिली हुई यूनिफार्म देने का निर्णय किया था। <br /><br /><strong>रेडीमेड ड्रेस देने की मांग</strong><br />वहीं स्कूल के शिक्षक छात्र-छात्रओं को रेडीमेड ड्रेस देने की मांग कर रहे है। शिक्षकों का कहना है की घोषणा के मुताबिक 600 रुपए में 2 यूनिफॉर्म देनी है। 425 रुपए कपड़े के और 175 रुपए सिलाई के है। कपड़े की आपूर्ति के लिए टेड़र प्रकिया चल रही है। जिसके बाद कपड़ा आएगा और सिलाई की राशि विद्यालय प्रबंधन समिति के एसएमसी के खातों में जमा होगी। शिक्षकों का कहना है की कोई भी दर्जी 87 रुपए में यूनिफॉर्म तैयार नहीं करेगा।<br /><br /><strong>बाजार में यूनिफॉर्म सिलाई रेट</strong><br />वर्तमान में बाजार में एक यूनिफॉर्म की सिलाई 600 रुपए पेंट शर्ट व सलवार कुर्ता की सिलाई 250 रुपए निर्धारित है। ऐसे में 175 रुपए में 2 ड्रेस सिलाना संभव नहीं होगा। ऐसे में शिक्षक छात्र-छात्रओं को रेडीमेड  ड्रेस देने की मांग कर रहे है। शिक्षकों का कहना है की रेडीमेड ड्रेस स्कूल में उपलब्ध करवाने से उन्हें ड्रेस वितरण में भी आसानी होगी।<br /><br /><strong>यह होगा ड्रेस कोड</strong><br />शिक्षा विभाग की और से पिछले ही वर्ष सरकारी स्कूल की ड्रेस में बदलाव किया गया था। छात्रों के लिए आसमानी रंग की शर्ट व गहरी भूरे की पेंट और छात्राओं को भी उसी कलर की कलर की शर्ट या कुर्ता तथा गहरे भूरे कलर की सलवार या स्कर्ट पहननी होगी। गुरुवार को स्कूल ड्रेस पहनने में छूट रहेगी।<br /><br /><strong>इनका कहना है</strong><br />अभी तक हमारे पास ड्रेस उपलब्ध नहीं हुई है और ना ही कोई बजट आया है। जैसे ही हमारे पास ड्रेस उपलब्ध होगी, स्कूलों में ड्रेस उपलब्ध करवा दी जाएगी। अभी बच्चे स्कूलों में फिलहाल पुरानी ड्रेस में ही आ रहे है। <strong>-केके शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी, प्रा. शिक्षा</strong><br /><br />विभाग को स्कूलों में रेडीमेड ड्रेस उपलब्ध करवानी चाहिए। 600 रुपए में सिर्फ एक ड्रेस का कपड़ा ही आता है। इसके बाद ड्रेस की सिलाई भी है। 600 रुपए में 2 ड्रेस तैयार नहीं हो सकती और ना ही कोई दर्जी इतने कम में  ड्रेस सिलकर देगा। <strong>-राहुल शर्मा, प्रिंसिपल</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 Jul 2022 16:09:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - छोटी कालीसिंध हाइलेवल पुल का मरम्मत कार्य शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[नवज्योति टीम ने 22 मई को इस समस्या को लेकर मुद्दा उठाया था। जिस पर विभाग द्वारा कार्रवाई करते हुए हाई लेवल पुल पर मरम्मत कार्य शुरू किया और साफ सफाई के बाद लेवलिंग कार्य किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/repair-work-of-chhoti-kalisindh-high-level-bridge-started/article-13089"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/asar-khaber-ka---chhoti-kalisindh-highlevel-pul.jpg" alt=""></a><br /><p>चौमहला। गंगधार - चौमहला के बीच छोटी काली सिंध नदी पर बने हाई लेवल पुल पर लगातार पानी भराव एवं ब्रेकर की समस्या बनी हुई थी, जिसकी वजह से पुल को नुकसान हो रहा था। नवज्योति टीम ने 22 मई को इस समस्या को लेकर मुद्दा उठाया था। जिस पर विभाग द्वारा कार्रवाई करते हुए हाई लेवल पुल पर मरम्मत कार्य शुरू किया और साफ सफाई के बाद लेवलिंग कार्य किया, जिससे आवागमन के दौरान राहगीरों व वाहन चालकों को परेशानी नहीं हो तथा पुल के ऊपर पानी भराव की समस्या भी समाप्त हो।<br /><br /> गौरतलब है कि पिछले 3 साल से मरम्मत कार्य नहीं होने के कारण लगातार वाहन चालकों द्वारा इसकी शिकायत अधिकारियों को की जा रही थी लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। गंगधार चौमहला मार्ग पर गंगधार के समीप छोटी काली सिंध नदी पर बने हाई लेबल पुल की सेफ्टी दीवाल 3 साल से क्षतिग्रस्त हो रही है तथा लगातार यहां से मिट्टी का रसाव हो रहा था तथा बड़ी दुर्घटना होने का भय बना हुआ था। विभाग हरकत में आया तथा 28 मई से  सेफ्टी वाल की मरम्मत का कार्य शुरू हो गया। सेफ्टी वाल का कार्य पूर्ण होने के बाद पुल के ऊपर का कार्य रविवार को शुरू हो गया। पुल पर सीसी सड़क नीचे बैठ जाने से कंट्रक्शन जॉइंट सस्पेंशन बहार निकल आये है तथा ऊपर नीचे जगह होने से पुल के ऊपर टेपर बन गये जिससे  वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। पुल के ऊपर  टेपर बन जाने से वाहन चालकों को आने-जाने में बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है यहां पर बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण वाहन चालकों को जान माल का खतरा बना रहता है। पुल के दोनों ओर बने फुटपात के किनारे काफी मिट्टी जमा हो रही है तथा बरसात के पानी निकासी के लिये लगी जालिया मिट्टी में दब रही है बरसात के दिनों ने पुल के दोनों ओर हरी घास उग जाती है। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद लोगो को इस समस्या से निजात मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Jun 2022 14:25:41 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का: नाले व खरंजे का निर्माण कार्य शुरू </title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति में खबर प्रकाशित होने के बाद स्टेट हाइवे 74 पर ग्राम पीसाहेड़ा से आमली जाने वाले लिंक रोड पर नाले व खुरंजे का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/construction-work-of-drain-and-khuranja-started/article-12940"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/asar-khaber-ka--naale-khuranje-ka-nirman-shutu-pisahera-news-copy.jpg" alt=""></a><br /><p> पीसाहेड़ा/ आवां। दैनिक नवज्योति में खबर प्रकाशित होने के बाद स्टेट हाइवे 74 पर ग्राम पीसाहेड़ा से आमली जाने वाले लिंक रोड पर नाले व खुरंजे का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। खजूरी सरपंच मोती लाल मीणा ने बताया कि इस रोड़ पर कीचड़ की शिकायत लेकर अधिकारियों से कई बार संपर्क किया। लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इस पर सरपंच मीणा ने उपखंड अधिकारी राजेश डागा को अवगत कराया। डागा के निर्देश पर ठेकेदार ने कार्य की शुरूआत कर दी। इसके शुरू होने से बनियानी, किचलहेड़ा, उरना, दीपूरा, खजूरना के सभी ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी व सरपंच का आभार व्यक्त किया। गौरतलब है कि ग्राम पीसाहेड़ा में स्टेट हाइवे 74 अ  पीडब्ल्यूडी रोड आमली पर हो रहे कीचड़ से परेशान जनता को निजात दिलाने के लिए सरपंच मोती लाल मीणा  30 महीनों से प्रयासरत थे।<br /><br /> यहां तक कि विधानसभा में भी इसका मुद्दा उठ चुका है। फिर भी कोई हल नहीं निकला। मीणा लगातार इस मामले में उपखंड अधिकारी कनवास राजेश डागा से मिलते रहे। अंतत: डागा ने पीडब्ल्यूडी एक्सईएन कमल किशोर शर्मा को समस्या से अवगत करवाया और तुरंत ही इसका समाधान करने के निर्देश दिए। एक्सईएन शर्मा तुरंत पीसाहेड़ा पहुंचे और मौके पर उपस्थित सरपंच ग्राम विकास अधिकारी पंकज खंडेलवाल, कनिष्ठ लिपिक कन्हैयालाल, पंचायत सहायक जयप्रकाश मालव, शशि कुमार के सामने ठेकेदार को काम चालू करने के आदेश दिए। इससे पहले ठेकेदार ने इस काम के लिए मना कर दिया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Jun 2022 13:28:44 +0530</pubDate>
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                <title>शहर में होने लगी साइटिंग- ब्लैक आईबीज और कैटल इग्रेट का बढ़ा कुनबा</title>
                                    <description><![CDATA[शहर में इन दिनों स्थानीय पक्षियों की साइटिंग नजर आने लगी है। साथ ही इनकी संख्याओं में भी इजाफा हुआ है। इनमें ब्लैक हैडेड आईबीज (व्हाइट आईबीज ) पक्षी की साइटिंग अच्छी संख्या में हो रही है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/sighting-started-in-the-city--black-ibis-and-cattle-egret-s-family-increased/article-12767"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/shahar-mei-hone-lagi-sighting-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में इन दिनों स्थानीय पक्षियों की साइटिंग नजर आने लगी है। साथ ही इनकी संख्याओं में भी इजाफा हुआ है। इनमें ब्लैक हैडेड आईबीज (व्हाइट आईबीज ) पक्षी की साइटिंग अच्छी संख्या में हो रही है। इनकी आंख का रंग सफेद होने से इसे व्हाइट आईबीज भी कहते हैं। ये पक्षी आकार में बड़े होते हैं, कीट, पतंगे के साथ सांप, कैछुए सहित अन्य जीव को भोजन बनाते हैं। डीसीएम रोड पर रेलवे लाइन के पास पेड़ों व कंसुआ-प्रेमनगर स्थित बबूलों के पेड़ों पर ब्लैक हैडेड आईबीज, केटल ईग्रेट, मिडन ईग्रेट, लिटिल ईग्रेट व लार्ज इग्रेट प्रजातियों के अन्य पक्षियों की बस्ती आबाद हो रही है। ये पक्षी किसान हितेषी होते हैं। ये फसलों को बिलकुल भी नुकसान नहीं पहुंचाते बल्कि कीट, पतंगें, चूहों, सांपों व अन्य कीड़ों से फसलों की रक्षा करते हैं।<br /><br /><strong>इन इलाकों में हैं दो हजार घौंसले</strong><br />नेचर प्रमोटर एएच जैदी ने बताया कि शहर के कुछ इलाके इन पक्षियों को रास आए हैं, जहां इनकी बस्ती आबाद हो रही है। इन क्षेत्रों में डीसीएम रोड रोड स्थित जेके फैक्टी का आवासीय एरिया, कंसुआ-प्रेमनगर स्थित नाले से शिव मंदिर के बीच लगभग डेढ़ किमी का क्षेत्र इनकी नेस्टिंग साइड बनी हुई हैं। यहां पेड़ों पर 2 हजार पक्षियों ने आशियानें बनाए हैं। जिनमें ब्लैक हैडेड आईबीज के 3 दर्जन घौंसले हैं। जबकि, 1 हजार 900 से ज्यादा घौंसले केटल ईग्रेट, मिडन ईग्रेट, लिटिल ईग्रेट व लार्ज इग्रेट सहित अन्य प्रजातियों के पक्षियों के हैं। <br /><br /><strong>मई से अगस्त तक रहता है प्रजनन  काल</strong><br />जैदी के अनुसार मई से अगस्त तक का समय इन पक्षियों का प्रजन्न काल होता है। इनमें से कुछ पक्षी बारिश से पहते तो कुछ बारिश के बाद प्रजन्न करते हैं। मादा ब्लैक आईबीज एक बार में 3-4 तो ईग्रेट प्रजाति की सभी मादा पक्षी 4-5 अंडे देती हैं। फिलहाल ये अंडे दे चुके हैं, जल्द ही अंडों से करीब दो हजार चूजे बाहर निकलेंगे और दो माह तक इन इलाकों में चेचहाट बनी रहेगी। इन पक्षियों की मासूमियत व सुंदरता लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है।  <br /><br /><strong>किसान मित्र कहलाते हैं ये पक्षी</strong> <br />पक्षी प्रेमी रिंकेश अग्रवाल के मुताबिक ब्लैक आईबीज व ईग्रेट प्रजाति के सभी पक्षी किसान मित्र कहलाते हैं। फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीट, पतंगें, चूहें, सांप, टिड्डी, छिपकली सहित अन्य जीव को अपना भोजन बनाकर अन्नदाता की मेहनत को महफूज रखते हैं। खेतों में इनकी मौजूदगी देख किसानों के चेहरों पर खुशी झलकी है। स्थानीय किसान रामभरोस मीणा कहते हैं, ये पक्षी फसलों की रखवाली करते हैं, इनके होने से हम कई तरह की चिंताओं से मुक्त रहते हैं। <br /><br /><strong>मानवीय दखल के कारण बदले आशियाने</strong><br />जैदी ने बताया कि ये पक्षी शांत प्रवृति के होते हैं, जहां मानवीय दखल बढ़ता है वहां से अपना आशियाना बदल लेते हैं। पिछले 20 सालों में करीब एक दर्जन से ज्यादा बार घर बदल चुके हैं। वर्ष 2008 से 2016 तक इनका बसेरा पुराना आरटीओ स्थित जंगली एरिया में हुआ करता था। इसके बाद डीसीएम रोड स्थित विज्ञान केंद्र, आबकारी चौकी व महिला आईटीआई के एक किमी के दायरे में स्थित पेड़ों पर इनकी बस्ती थी। समय के साथ यहां निर्माण कार्य शुरू हुए, जिससे इंसानी दखल बड़ा और ये बेजुबान अपने आशियाना बदलने को मजबूर हो गए। वर्तमान में रेलवे ब्रिज, जेके फैक्ट्री का आवासीय एरिया, कंसुआ-प्रेमनगर स्थित नाले से शिव मंदिर के बीच का डेढ़ किमी का क्षेत्र में इनकी बस्ती है। पक्षियों का कुनबा बढ़ने से पक्षी प्रेमियों में खुशी की लहर है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Jun 2022 14:58:20 +0530</pubDate>
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                <title> पुलिस-जनता के बीच बनेगा समन्वय : 21 जून से शुरू होगा हॉफ-पिच क्रिकेट टूर्नामेंटबीट कांस्टेबल के नेतृत्व में हर थाने से बनेगी 24-24 टीम</title>
                                    <description><![CDATA[ सामाजिक समरसता और सांप्रदायिक सद्भाव कायम करने और पुलिस-आमजन के बीच बेहतर समन्वय बनाने के लिए जयपुर कमिश्नरेट की नॉर्थ जिला पुलिस के द्वारा हॉफ-पिच क्रिकेट टूर्नामेंट हीरो कप 21 जून से शुरू किया जाएगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/police-public-coordination-will-be-made-half-pitch-cricket-tournament-will-start/article-12442"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/police-p.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर।</strong> सामाजिक समरसता और सांप्रदायिक सद्भाव कायम करने और पुलिस-आमजन के बीच बेहतर समन्वय बनाने के लिए जयपुर कमिश्नरेट की नॉर्थ जिला पुलिस के द्वारा हॉफ-पिच क्रिकेट टूर्नामेंट हीरो कप 21 जून से शुरू किया जाएगा। टूर्नामेंट में नॉर्थ जिले के सभी पुलिस थानों की 24-24 टीमें बनाई जाएगी, ताकि थाने के सभी मोहल्लों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। यह टीमे बीट प्रभारी के नेतृत्व में बनेगी, जिनमें 18 से 35 साल के युवा शामिल होंगे। इन टीमों के शुरुआती मैच गली, मोहल्ले और पार्क में होंगे। यह सभी मैच नॉकआउट होंगे। उसके बाद इन टीमों से थाने की एक सर्वश्रेष्ट विजेता टीम चुनी जाएगी। फिर सभी 14 पुलिस थानों की 1-1 विजेता टीम और 2 टीमें पुलिस उपायुक्त कार्यालय एवं सहायक पुलिस आयुक्त कार्यालय की होगी। इन दोनों टीमों में पुलिस अधिकारी और कांस्टेबल शामिल होंगे, जिनके मैच थाने की टीमों के साथ होंगे। इस प्रकार 16 टीमों में पुन: आपसी मुकाबला बड़े मैदान में होगा। सभी मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को पुरुस्कृत किया जाएगा। विजेता टीम को ट्रॉफी मिलेगी। गुरुवार को क्रिकेट टूर्नामेंट के लोगो का विमोचन किया गया। टूर्नामेन्ट का फाइनल मैच तीन जुलाई को होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Jun 2022 15:26:16 +0530</pubDate>
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