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                <title>Oil Crisis - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Oil Crisis RSS Feed</description>
                
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                <title>हमसे खरीदें तेल या होर्मुज पर करें कब्जा: जिनके पास तेल की कमी है, वे होर्मुज जाकर खुद ले लें, ब्रिटेन को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की दो टूक</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जेट ईंधन की कमी से जूझ रहे देशों को 'बहादुरी' दिखाने और होर्मुज जलडमरूमध्य से खुद तेल लाने की चुनौती दी है। उन्होंने साफ किया कि ईरान के खिलाफ साथ न देने वाले देशों की अमेरिका मदद नहीं करेगा। ट्रंप ने देशों को अमेरिका से तेल खरीदने या खुद संघर्ष करने की दोटूक नसीहत दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/buy-oil-from-us-or-capture-hormuz-those-who-are/article-148624"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trump.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि जो देश जेट ईंधन की कमी से जूझ रहे हैं उन्हें थोड़ी बहादुरी दिखाकर होर्मुज जलडमरुमध्य जाकर ईंधन ले लेना चाहिए। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर जारी एक संदेश में कहा कि ऐसे देशों को अव्वल तो अमेरिका से कच्चा तेल खरीदना चाहिए, क्योंकि उसके पास यह पर्याप्त मात्रा में है। इसके साथ ही इन देशों को थोड़ी बहादुरी दिखाकर होर्मुज़ का रुख करना चाहिए क्योंकि अमेरिका अब इनकी मदद नहीं करेगा।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रंप ने लिखा, "ब्रिटेन जैसे देश जिन्होंने ईरान को हराने में शामिल होने से मना कर दिया और जो देश होर्मुज जलडमरुमध्य बंद होने के कारण जेट ईंधन हासिल नहीं कर पा रहे, उनके लिए मेरे पास एक सुझाव है। पहला, अमेरिका से खरीदें। हमारे पास खूब सारा कच्चा तेल है। दूसरा, थोड़ी हिम्मत दिखाएं और जलडमरुमध्य जाकर तेल ले लें।" उन्होंने कहा, "आपको अपने लिए लड़ना सीखना होगा। अब अमेरिका आपकी मदद नहीं करेगा, जैसे आपने हमारी मदद नहीं की। ईरान को तो हराया जा चुका है। मुश्किल काम हो चुका है। जाइए अपना तेल ले लीजिए।"</p>
<p>उल्लेखनीय है कि, 28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य बंद कर दिया, जिसके कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ उछाल आया। ब्रेंट क्रूड फिलहाल 112-115 डॉलर प्रति बैरेल है और इससे बनने वाले जेट ईंधन की कमी से भी कई देश जूझ रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 18:29:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ईरान ने अमेरिका और इजरायल के साथ युद्धविराम की संभावना को नकारा, होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से गहराया ईंधन संकट</title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्पष्ट किया है कि ईरान किसी अस्थायी समझौते के बजाय "युद्ध की पूर्ण और स्थायी समाप्ति" चाहता है। होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी से वैश्विक ईंधन कीमतों में भारी उछाल आया है। इस कड़े रुख ने तनाव कम करने और तेल बाजार को स्थिर करने की अंतरराष्ट्रीय कोशिशों को बड़ा झटका दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iran-rejects-possibility-of-ceasefire-with-america-and-israel-fuel/article-147324"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/maztab.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्पष्ट किया है कि उनका देश अमेरिका और इजरायल के साथ किसी अस्थायी युद्धविराम के लिए सहमत नहीं होगा। जापान की समाचार एजेंसी 'क्योडो' को दिए एक साक्षात्कार में श्री अराघची ने कहा कि ईरान केवल युद्धविराम नहीं, बल्कि "युद्ध की पूर्ण, व्यापक और स्थायी समाप्ति" चाहता है।</p>
<p>विदेश मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में सैन्य संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला चरमरा गई है। ईरानी नाकाबंदी के कारण फारस की खाड़ी से वैश्विक बाजारों तक तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति करने वाला सबसे महत्वपूर्ण मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य, प्रभावी रूप से बंद हो गया है। इस मार्ग से शिपिंग रुकने के सीधे परिणाम के रूप में दुनिया भर के अधिकांश देशों में ईंधन की कीमतों में भारी उछाल देखा जा रहा है।</p>
<p>अब्बास अराघची के कड़े रुख ने उन कूटनीतिक प्रयासों को झटका दिया है जो तनाव कम करने और वैश्विक तेल बाजार को स्थिर करने की कोशिश कर रहे थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Mar 2026 14:03:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>शांति की अपील: PM Modi ने की मैक्रां, ओमान के सुल्तान हैतम और इब्राहिम से बातए पश्चिम एशिया के हालात पर हुई चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फ्रांस, ओमान और मलेशिया के नेताओं से बातचीत कर पश्चिम एशिया में शांति बहाली पर जोर दिया। भारत ने ऊर्जा ठिकानों और तेल रिफाइनरियों पर हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे अस्वीकार्य बताया है। मोदी ने कूटनीति और संवाद के जरिए क्षेत्र में स्थिरता लाने का आह्वान किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-spoke-to-macron-sultan-haitam-and-ibrahim-of/article-147119"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/pm-modi-oman-visit.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया में लम्बे खिंच रहे युद्ध और उससे उत्पन्न चुनौतियों के बीच गुरुवार को फ्रांस के राष्ट्रपति एम्मेनुअल मैक्रां, ओमान के सुल्तान हैतम बिन तारिक और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से फोन पर बातचीत की। प्रधानंमत्री ने इन तीनों नेताओं से पश्चिम एशिया में लड़ाई को रोकने और उसके बाद वहां शांति तथा स्थिरता को पुनर्स्थापित करने के लिए बातचीत और कूटनीति की राह को प्राथमिकता दिए जाने की जरूरत पर बल दिया।</p>
<p><strong>पीएम ने एक्स पर दी जानकारी</strong></p>
<p>मैक्रां के साथ हुई वार्ता के बारे में प्रधानमंत्री ने डिजिटल सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा,‘मैंने उनसे पश्चिम एशिया की स्थिति और तनाव कम करने की तत्काल आवश्यकता, साथ ही संवाद और कूटनीति के रास्ते पर लौटने पर चर्चा की। ओमान के सुल्तान से बातचीत के बारे में मोदी ने कहा, अपने भाई, ओमान के सुल्तान हैतम बिन तारिक से भी सार्थक बातचीत की और ओमान की जनता को अग्रिम ईद की शुभकामनाएं दीं। ओमान की संप्रभुता के उल्लंघन की कड़ी निंदा की </p>
<p>मोदी ने कहा कि भारत ने ओमान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की पुन: कड़ी निंदा की है तथा ओमान में रह रहे भारतीय नागरिकों सहित वहां रह रहे हजारों लोगों बाहरी लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के ओमान के प्रयासों की सराहना की है।</p>
<p><strong>पीएम इब्राहिम के साथ पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा </strong></p>
<p>मोदी और मलेशिया के प्रधानमंत्री इब्राहिम ने बातचीत में पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा की और क्षेत्र में तनाव कम करने तथा शीघ्र शांति बहाल करने के लिए बातचीत का रास्ता अपनाए जाने के लिए पुन: अपनी प्रतिबद्धता जताई। </p>
<p><strong>खाड़ी क्षेत्र में तेल-गैस कुंओं और रिफाइनरियों पर हमले तुरंत बंद होने चाहिए: भारत</strong></p>
<p>भारत ने खाड़ी क्षेत्र में तेल और गैस के कुंओं तथा तेल रिफाइनरियों पर हमलों को अत्यंत चिंताजनक बताते हुए कहा है कि इन्हें स्वीकार नहीं किया जा सकता और इन्हें तुरंत बंद किया जाना चाहिए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को कहा कि भारत ने यह संघर्ष शुरू होने पर ही कहा था कि नागरिक और ऊर्जा ठिकानों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। भारत ने पहले ही पूरे क्षेत्र में ऊर्जा अवसंरचना सहित नागरिक अवसंरचना को निशाना बनाने से बचने का आह्वान किया था। इस क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हालिया हमले अत्यंत चिंताजनक हैं और ये पूरे विश्व के पहले से ही अनिश्चित ऊर्जा परिदृश्य को और अस्थिर करते हैं। ऐसे हमले अस्वीकार्य हैं और इन्हें तुरंत बंद किया जाना चाहिए।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 09:07:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान के 'खारग द्वीप' पर अमेरिका ने किया हमला: फौजी ठिकानों को बनाया निशाना, लेबनान में 12 चिकित्साकर्मियों की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि 'खारग द्वीप' पर ईरानी सैन्य ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है। पलटवार में ईरान ने यूएई और कुवैत को अमेरिकी अड्डे बंद करने की चेतावनी दी है। फुजैरा पोर्ट पर तेल टैंकर पर हमला और लाल सागर में मिसाइल वार से वैश्विक तेल संकट गहरा गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/america-attacked-irans-kharg-island-targeted-military-bases-12-medical/article-146568"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/kharag.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। पश्चिम एशिया में चल रही जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के सबसे महत्वपूर्ण तेल निर्यात केंद्र 'खारग द्वीप' पर स्थित सैन्य ठिकानों को "पूरी तरह तबाह" कर दिया है। ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करना जारी रखा, तो ईरान का पूरा तेल कारोबार संबंधी बुनियादी ढांचा अगला निशाना होगा।</p>
<p>खारग द्वीप पर अमेरिकी हमले के जवाब में ईरान ने सख्त रुख अपनाते हुए इन हमलों को पूरी तरह विफल बताया है। ईरानी मीडिया का दावा है कि उनके तेल निर्यात बुनियादी ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुँचा है और तेल की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। सामरिक स्तर पर ईरान ने अमेरिका और उसके सहयोगियों को 'आंख के बदले आंख' की चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि भविष्य में उनकी ऊर्जा संपत्तियों को निशाना बनाया गया, तो क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य ठिकाने और उनसे जुड़े देशों के ऊर्जा केंद्र ईरान के वैध लक्ष्य होंगे।</p>
<p>ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) ने विशेष रूप से यूएई और कुवैत को चेतावनी जारी की है कि वे अपने यहाँ मौजूद अमेरिकी अड्डों को बंद करें, अन्यथा उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, ईरान समर्थित समूहों ने कुवैत में एक अमेरिकी कमांड सेंटर पर ड्रोन हमला भी किया है, जिसे खारग घटना का प्रत्यक्ष प्रतिशोध माना जा रहा है।</p>
<p>इराक के कुर्द क्षेत्र में एरबिल के पास एक सैन्य ठिकाने पर 'ईरानी डिजाइन' वाले ड्रोन हमले में फ्रांस के एक वारंट ऑफिसर की मौत के मामले के बाद इराक और जॉर्डन में मौजूद सभी फ्रांसीसी सैन्य ठिकानों को 'लेवल 4' (अधिकतम खतरा) पर रखने के आदेश जारी किए गए, साथ ही फ्रांस ने अपनी वायुसेना को क्षेत्र में गश्त बढ़ाने का निर्देश दिया है।</p>
<p>लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, दक्षिणी लेबनान (बुर्ज कलाविया) में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर हुए इजरायली हवाई हमले में 12 चिकित्सा कर्मियों की मौत हो गई है। इजरायली रक्षा मंत्री कात्ज ने कहा है कि लेबनान में बुनियादी ढांचे पर हमले अभी केवल "शुरुआत" हैं। इसके जवाब में हिजबुल्लाह प्रमुख नईम कासिम ने एक "लंबे युद्ध" के लिए तैयार रहने की घोषणा की है।</p>
<p>इसके अलावा खाड़ी देशों पर ईरानी हमले और सैन्य जवाबी कार्रवाई भी की गयी। बीते 24 घंटों में ईरान ने इजरायल और खाड़ी देशों पर मिसाइलों और ड्रोन का नया दौर शुरू किया है। सऊदी अरब ने 6 ड्रोन और कतर ने अपनी ओर आ रही एक मिसाइल को बीच हवा में मार गिराने का दावा किया है। इसके अलावा बहरीन ने बताया कि युद्ध शुरू होने से अब तक उसने 121 मिसाइलें और 193 ड्रोन नष्ट किए हैं। इसके अलावा इराक के बगदाद में स्थित अमेरिकी दूतावास के पास एक ड्रोन हमला हुआ, जिससे परिसर में धुआं देखा गया। इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ लेकिन दूतावास के ढांचे को मामूली नुकसान पहुंचा। तेहरान में बने एक स्पेस सेंटर पर भी बमबारी की गयी।</p>
<p>संयुक्त अरब अमीरात के पूर्वी तट पर स्थित फुजैरा पोर्ट के पास कल देर रात एक बड़े तेल टैंकर को निशाना बनाया गया। प्राथमिक रिपोर्टों के अनुसार, ओमान की खाड़ी में खड़े एक व्यापारिक जहाज पर आत्मघाती ड्रोन से हमला किया गया, जिससे जहाज के एक हिस्से में भीषण आग लग गई। यह हमला एक विदेशी ध्वज वाले टैंकर पर हुआ था जो ईंधन लोड करने की प्रतीक्षा कर रहा था। हालांकि किसी भी समूह ने आधिकारिक तौर पर इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन इजरायल और अमेरिका ने इस हमले के पीछे ईरान समर्थित मिलिशिया का हाथ होने का संदेह जताया है। हमले के तुरंत बाद फुजैरा पोर्ट अथॉरिटी ने परिचालन को अस्थायी रूप से रोक दिया और आसपास के जहाजों को सुरक्षित क्षेत्रों में जाने की सलाह दी। यूएई की नौसेना और तटरक्षक बल वर्तमान में घटनास्थल पर निगरानी कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि फुजैरा दुनिया के सबसे बड़े 'बंकरिंग हब' (जहाजों में ईंधन भरने का केंद्र) में से एक है।</p>
<p>अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए 2,500 अतिरिक्त मरीन सैनिकों और एक उभयचर युद्धपोत को तैनात करने का आदेश दिया है। इसके अलावा हूतियों ने लाल सागर इलाके में एक और व्यापारिक जहाज की ओर मिसाइल दागने का दावा किया है। हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि हमले को विफल कर दिया गया और जहाज सुरक्षित है। होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान के कारण वैश्विक तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। अमेरिका ने अपने रणनीतिक भंडार से तेल बाजार में उतारने की घोषणा की है। कनाडा ने भी अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के माध्यम से 236 लाख बैरल तेल आपूर्ति का समर्थन करने का फैसला किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Mar 2026 14:36:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>हिंद महासागर में हमले पर कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे का केंद्र पर तीखा हमला, कहा-देश के रणनीतिक और राष्ट्रीय हितों की उपेक्षा कर रही है सरकार, विदेश नीति पर उठाए सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हिंद महासागर में ईरानी जहाज पर हमले और भारतीय नाविकों की मौत पर सरकार की 'चुप्पी' को राष्ट्रीय हितों का अपमान बताया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/congress-president-kharges-sharp-attack-on-the-center-said/article-145359"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/khadge.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि हिंद महासागर में अमेरिकी हमले में ईरानी जहाज के डूबने की घटना पर केंद्र सरकार की चुप्पी से साफ है कि देश के रणनीतिक और राष्ट्रीय हितों की घोर उपेक्षा की जा रही है। खड़गे ने गुरुवार को सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि ईरान का जो जहाज टारपीडो की चपेट में आने से डूबा है यह जहाज बिना सैन्य साजो सामान के था और भारत में आयोजित अंतरराष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा 2026 से लौट रहा था। ईरानी नौसेना का जहाज ईरिस डेना भारत का आमंत्रित अतिथि था और यह विशाखापत्तनम में 15 से 26 फरवरी तक आयोजित अंतरराष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू 2026 में शामिल हुआ था। इस आयोजन में 70 से ज्यादा देशों की नौसेनाएं शामिल हुईं थीं।</p>
<p>कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आश्चर्य की बात यह है कि इस अतिथि के डूबने पर भारत की तरफ से कोई चिंता या संवेदना व्यक्त नहीं की गई।पीएम मोदी पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि जब आप अपने ही आंगन में हो रही घटनाओं पर प्रतिक्रिया नहीं दे सकते हैं तो हमें महासागर सिद्धांतों और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के 'नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर' होने के सिद्धांतों पर उपदेश क्यों दे रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने इस घटना का विवरण देते हुए कहा कि होर्मुज की खाड़ी में 38 भारतीय ध्वज वाले वाणिज्यिक जहाज और 1100 नाविक फंसे हुए हैं। कैप्टन आशीष कुमार समेत दो भारतीय नाविकों की कथित तौर पर मौत हो गई है। समुद्री बचाव या राहत अभियान क्यों नहीं चलाया जा रहा है। केंद्र सरकार कहती है कि कच्चे तेल और अन्य तेल का भंडार केवल 25 दिनों के लिए बचा है। तेल की बढ़ती कीमतों के बीच, हमारी ऊर्जा संबंधी आपातकालीन योजना क्या है, खासकर भारत सरकार द्वारा रूसी तेल का आयात रोकने की मांग को लगभग स्वीकार करने के बाद। खाड़ी देशों के साथ अन्य प्रमुख वस्तुओं के व्यापार का क्या होगा।</p>
<p>उन्होंने सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए और कहा कि विदेश मंत्रालय के 3 मार्च के बयान के अनुसार, "कुछ भारतीय नागरिकों की जान चली गई है या वे लापता हैं"। खाड़ी देशों में एक करोड़ भारतीय रहते हैं। मेडिकल छात्र मदद की गुहार लगाते हुए हताश वीडियो संदेश जारी कर रहे हैं। भारत सरकार उनकी सुरक्षा कैसे सुनिश्चित कर रही है। क्या प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को निकालने की कोई योजना बनाई गई है। खड़गे ने कहा कि इन सब स्थितियों के बीच "स्पष्ट रूप से, केंद्र सरकार का आत्मसमर्पण राजनीतिक और नैतिक दोनों है। यह भारत के मूल राष्ट्रीय हितों का अपमान करता है और हमारी उस विदेश नीति को खत्म कर रहा है जिसे वर्षों से लगातार सरकारों द्वारा सावधानीपूर्वक और मेहनत से बनाया और अपनाया गया है।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Mar 2026 14:57:13 +0530</pubDate>
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