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                <title>Constitutional Rights - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Constitutional Rights RSS Feed</description>
                
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                <title>विदेशी फंडिंग पर सरकार का पहरा: लोकसभा में विदेशी अभिदाय (विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 पुरः स्थापित, नित्यानंद राय ने देशहित वाला विधेयक बताया</title>
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                        <![CDATA[लोकसभा में विदेशी अभिदाय (विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 पेश किया गया। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने इसे पारदर्शिता और देशहित के लिए जरूरी बताया, जबकि विपक्ष ने इसे संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन और शक्तियों का केंद्रीकरण करार दिया। यह कानून विदेशी चंदे को जवाबदेह बनाने और निजी स्वार्थ के लिए दुरुपयोग रोकने के उद्देश्य से लाया गया है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/to-make-foreign-funding-transparent-and-accountable-the-foreign-contribution/article-147844"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/parliament1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। लोकसभा में बुधवार को विदेशी अभिदाय (विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 पुरः स्थापित किया गया जो विदेशी फंडिंग को पारदर्शी और उत्तरदायी बनायेगा। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने विदेशी अभिदाय (विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 सदन में पेश करते हुए कहा कि यह आवश्यक संशोधन विधेयक है। उन्होंने कहा कि यह सेवा, पारदर्शिता और देशहित वाला विधेयक है। उन्होंने कहा कि विदेशी अभिदाय (विनियमन) अधिनियम 2010 को संशोधित करने के लिए इस विधेयक को लाया गया है। </p>
<p>इस कानून में पारदर्शी और उत्तरदायी ढांचा बनाने के लिए संशोधन विधेयक को लाया गया है। उन्होंने कहा कि नामित प्राधिकरण को दिये गये अधिकार नियमों के अधीन है। विधेयक का उद्देश्य विदेशी अंशदान को पारदर्शी बनाना है। कोई भी संस्था जो देश की भावना और कानून के अनुरुप होगा उसे यह विधेयक बाधित नहीं करेगा। देशहित के खिलाफ कोई काम करेगा उसके खिलाफ कार्रवाई किया जायेगा।</p>
<p>गृह राज्य मंत्री ने विपक्ष के आरोपों के जवाब में कहा कि यह खतरनाक उसके लिए होगा जिसके नीयत में खोट होगा। जो अपनी संस्था को निजी लाभ पहुंचाना चाहेगा उसके लिए यह अवश्य खतरनाक है। इससे पहले कांग्रेस के मनीष तिवारी ने विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि इसमें आवश्क विधायी शर्ते होनी चाहिए थी वह नहीं है। इससे यह संसद के अधिकारों को भी कम करता है इसलिए इस विधेयक के इस फार्म में पेश नहीं किया जाए।</p>
<p>कांग्रेस के एडवोकेट गोवाल कागदा पडवी ने कहा कि इसमें केंद्र के पास अधिक शक्तियां देता है और संविधान के अनुच्छेद 19 का उल्लंघन करने वाला है। यह विधेयक अनुच्छेद 25 और 26 का भी उल्लंघन करता है। तृणमूल कांग्रेस की प्रतिमा मंडल ने विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि यह बहुत खतरानाक है। इसमें शक्तियों को केंद्रीकृत किया गया है। यह संविधान की मूल रुप रेखा का उल्लंखन होता है इसलिए वह इस विधेयक का विरोध करती हैं।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Mar 2026 17:44:33 +0530</pubDate>
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                <title>सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विहिप ने किया स्वागत, कहा-अनुसूचित समाज के अधिकारों से समझौता नहीं, धर्मांतरण गतिविधियों पर लगेगा अंकुश</title>
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                        <![CDATA[विश्व हिंदू परिषद ने सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत किया है। सुरेंद्र जैन ने स्पष्ट किया कि धर्मांतरण के बाद व्यक्ति अनुसूचित जाति (SC) की श्रेणी में नहीं रहता और उसे एट्रोसिटी एक्ट का संरक्षण नहीं मिलेगा। विहिप के अनुसार, यह फैसला संवैधानिक अधिकारों के दुरुपयोग को रोकेगा और केवल हिंदू, सिख एवं बौद्ध अनुयायियों के हक की रक्षा करेगा।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/vhp-welcomed-the-decision-of-the-supreme-court-and-said/article-147829"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/supreme-court.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने सर्वोच्च न्यायालय के हालिया फैसले का स्वागत करते हुए इसे सामाजिक न्याय और संविधान की मूल भावना को सुदृढ़ करने वाला बताया है। विहिप के संयुक्त महामंत्री सुरेंद्र जैन ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि धर्मांतरण के बाद कोई भी व्यक्ति अनुसूचित जाति की संवैधानिक श्रेणी में नहीं आता और उसे अनुसूचित जाति एव जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत संरक्षण प्राप्त नहीं हो सकता।</p>
<p>जैन ने कहा कि यह निर्णय संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश, 1950 की भावना के अनुरूप है, जिसमें केवल हिन्दू, सिख और बौद्ध धर्म के अनुयायियों को ही अनुसूचित जाति की श्रेणी में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला उन प्रवृत्तियों पर रोक लगाएगा, जिनमें धर्म परिवर्तन के बाद भी पूर्व जातिगत पहचान के आधार पर संवैधानिक लाभ लेने की कोशिश की जाती है। उनके अनुसार, इससे तथाकथित धर्मांतरण गतिविधियों पर भी अंकुश लगेगा।</p>
<p>डॉ. जैन ने कहा कि अनुसूचित जातियों को दिए गए अधिकारों का उद्देश्य ऐतिहासिक सामाजिक अन्याय को दूर करना है। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन करता है, तो वह उस सामाजिक संदर्भ से भी अलग हो जाता है, जिसके आधार पर ये विशेष अधिकार दिए गए हैं।</p>
<p>हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति पुनः हिन्दू, सिख या बौद्ध धर्म में लौटता है और समाज उसे स्वीकार करता है, तो वह दोबारा इन अधिकारों का पात्र बन सकता है। विहिप नेता ने कहा कि यह निर्णय सामाजिक समरसता, पारदर्शिता और न्याय की स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने यह भी बताया कि संगठन देशभर में ऐसे लोगों की पहचान करेगा, जिन्होंने कथित रूप से अनुसूचित समाज के अधिकारों का दुरुपयोग किया है, ताकि वास्तविक लाभार्थियों को उनका हक दिलाया जा सके।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Mar 2026 16:15:00 +0530</pubDate>
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                <title>ट्रांसजेंडर विधेयक के खिलाफ ट्रांसजेंडर अधिकार कार्यकर्ताओं ने की राहुल गांधी से मुलाकात: समुदायों से जुड़े लोगों, की कानूनी पहचान और संरक्षण खतरे में पड़ने का लगाया आरोप</title>
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                        <![CDATA[ट्रांसजेंडर कार्यकर्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात कर केंद्र के प्रस्तावित विधेयक का विरोध किया। उन्होंने आत्म-पहचान के अधिकार और अमानवीय मेडिकल जांच पर चिंता जताई। राहुल गांधी ने इसे संवैधानिक अधिकारों पर हमला बताते हुए संसद में विधेयक का कड़ा विरोध करने और ट्रांसजेंडर समुदाय की गरिमा सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/transgender-rights-activists-met-rahul-gandhi-against-the-transgender-bill/article-147709"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/rahul--gandhi.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। देशभर से ट्रांसजेंडर अधिकार कार्यकर्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को संसद में नेता विपक्ष लोकसभा राहुल गांधी से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान प्रियंका गांधी समेत पार्टी के वरिष्ठ सांसद और नेता भी मौजूद रहे।</p>
<p>प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के प्रस्तावित ट्रांसजेंडर पर्सन्स बिल का विरोध करते हुए कहा कि यह विधेयक उनकी आत्म-पहचान के अधिकार को कमजोर करता है, जिसे उच्चतम न्यायालय ने मान्यता दी है। उनका कहना था कि इस बिल के लागू होने से लाखों ट्रांसजेंडर खासकर पारंपरिक समुदायों से जुड़े लोगों, की कानूनी पहचान और संरक्षण खतरे में पड़ सकते हैं। कार्यकर्ताओं ने बिल के कुछ प्रावधानों को अमानवीय और दंडात्मक बताते हुए अनिवार्य मेडिकल जांच, पर्याप्त सुरक्षा उपायों के बिना दंडात्मक प्रावधानों और मौजूदा अधिकारों में कटौती पर भी चिंता जताई।</p>
<p>राहुल गांधी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि कांग्रेस पार्टी ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों और गरिमा के साथ खड़ी है और इस विधेयक का संसद में विरोध करेगी। राहुल गांधी ने इसे खुला हमला करार देते हुए कहा कि केंद्र सरकार का ट्रांसजेंडर व्यक्ति (संशोधन) विधेयक ट्रांसजेंडर लोगों के संवैधानिक अधिकारों और पहचान पर एक खुला हमला है। उन्होंने कहा ट्रांसजेंडर लोगों से अपनी पहचान स्वयं निर्धारित करने का अधिकार छीनता है, जो उच्चतम न्यायालय के फैसले का उल्लंघन है। यह देशभर के विभिन्न समुदायों की सांस्कृतिक पहचान को खत्म करता है और ट्रांसजेंडर लोगों को मेडिकल बोर्ड के समक्ष अमानवीय जांच के लिए मजबूर करता है।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 15:34:09 +0530</pubDate>
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                <title>ईद-उल-फितर पर मायावती ने दी देश और प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं: समतामूलक विकास को मिले रफ्तार, सुखी और समृद्ध जीवन की कामना की</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[बसपा सुप्रीमो मायावती ने ईद-उल-फितर पर देशवासियों को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने इस त्योहार को आपसी प्रेम और सौहार्द का प्रतीक बताया। मायावती ने डॉ. अंबेडकर द्वारा प्रदत्त संवैधानिक अधिकारों की याद दिलाते हुए सभी नागरिकों से शांति, संयम और समानता बनाए रखने की अपील की है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/on-eid-ul-fitr-mayawati-congratulated-and-wished-the-people-of-the/article-147311"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/mayawati1.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने पवित्र रमजान माह के समापन पर मनाए जाने वाले ईद उल फितर के अवसर पर देश और प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने खासतौर पर देश-दुनिया में रह रहे सभी मुस्लिम परिवारों को ईद की दिली मुबारकबाद देते हुए सभी भारतीयों के सुखी और समृद्ध जीवन की कामना की है । </p>
<p>मायावती ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा है कि एक महीने तक रोजा और तरावीह जैसी इबादतों के बाद आने वाला यह त्योहार आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक है। </p>
<p>बसपा की मुखिया मायावती ने कहा कि भीम राव अंबेडकर द्वारा प्रदत्त भारतीय संविधान ने सभी नागरिकों को समान अधिकार और सम्मानजनक जीवन की गारंटी दी है, जिसे बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे मेलजोल, भाईचारा, संयम और सहनशीलता की परंपरा को आगे बढ़ाएं, ताकि देश में समतामूलक विकास को गति मिले। उन्होंने कहा कि देश की खुशहाली और तरक्की में सभी नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए, जिससे हर व्यक्ति गर्व महसूस कर सके।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Mar 2026 13:58:58 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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            <item>
                <title>पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, गृह सचिव को हटाए जाने के विरोध में तृणमूल का राज्यसभा से बहिर्गमन, संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करने लगाया आरोप</title>
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                        <![CDATA[पश्चिम बंगाल के मुख्य और गृह सचिव को हटाए जाने के विरोध में तृणमूल कांग्रेस ने राज्यसभा से बहिर्गमन किया। डेरेक ओ ब्रायन ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया, वहीं किरण रिजिजू ने इसे चुनाव आयोग का संवैधानिक अधिकार करार दिया। सदन में तीखी नोकझोंक के बाद टीएमसी सदस्यों ने पूरे दिन के लिए सदन का त्याग कर दिया।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/trinamools-walkout-from-rajya-sabha-in-protest-against-removal-of/article-146641"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/tmc-rajaya-sabha.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग द्वारा राज्य के मुख्य सचिव और गृह सचिव को उनके पद से हटाए जाने के विरोध में तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने सोमवार को राज्यसभा से दिन भर के लिए बहिर्गमन किया। सदन में तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने जरूरी दस्तावेज सदन के पटल पर रखे जाने के बाद शून्य काल से पहले यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि रात के अंधेरे में राज्य के मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और गृह सचिव को चुनाव आयोग द्वारा हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह चुनाव आयोग का अधिकार है लेकिन उनकी पार्टी इसका कड़ा विरोध करती है और इसके विरोध में दिन भर के लिए सदन से बहिर्गमन कर रही है। इसके बाद तृणमूल कांग्रेस के सदस्य सदन से बाहर चले गए। </p>
<p>संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि यह चुनाव आयोग का फैसला है और सदन का इससे कुछ लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को यह शक्ति संविधान ने दी है और इस मामले को सदन में उठाने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस ने संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करने की आदत बना रखी है। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने बिना बात के मुद्दे पर सदन का समय बर्बाद किया है। </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Mar 2026 13:59:46 +0530</pubDate>
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                <title>प्रियंका गांधी ने दी कांशी राम की जयंती पर श्रद्धांजलि, सामाजिक न्याय के महारथी और दलितों एवं अन्य हाशिए पर पड़े समुदायों की सशक्त आवाज के रूप में किया याद</title>
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                        <![CDATA[कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने बहुजन आंदोलन के प्रणेता कांशी राम को उनकी जयंती पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कांशी राम को दलितों और पिछड़ों की सशक्त आवाज़ बताते हुए कहा कि उनके विचारों ने समानता और संवैधानिक न्याय को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया। कांशी राम का राजनीतिक सशक्तिकरण और सामाजिक परिवर्तन का संघर्ष पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/priyanka-gandhi-pays-tribute-to-kanshi-ram-on-his-birth/article-146557"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/priyanka-gandhi.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने रविवार को बहुजन आंदोलन के नेता कांशी राम को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें सामाजिक न्याय के महारथी और दलितों एवं अन्य हाशिए पर पड़े समुदायों की सशक्त आवाज के रूप में याद किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में सुश्री गांधी ने कहा कि कांशी राम के जीवन और विचारों ने समानता और न्याय के संवैधानिक सिद्धांतों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।</p>
<p>उन्होंने लिखा, सामाजिक न्याय की विचारधारा के महापुरुष और दलितों, हाशिए पर पड़े लोगों और शोषितों की सशक्त आवाज श्री कांशी राम जी की जयंती पर हार्दिक श्रद्धांजलि। अपने विचारों और आंदोलनों के माध्यम से उन्होंने समानता एवं न्याय के संवैधानिक सिद्धांतों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। उनके विचार हम सभी को सदा प्रेरित करते रहेंगे।</p>
<p>कांशी राम का जन्म 1934 में पंजाब में हुआ था। स्वतंत्रता के बाद के भारत में दलित आंदोलन के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक थे। उन्होंने बहुजन समाज पार्टी की स्थापना की और हाशिए पर पड़े समुदायों को संगठित करने का काम किया, साथ ही ऐतिहासिक रूप से वंचित समूहों के लिए राजनीतिक प्रतिनिधित्व एवं सामाजिक सशक्तिकरण की वकालत की।</p>
<p>उन्होंने पिछड़े एवं अल्पसंख्यक समुदाय कर्मचारी संघ (बीएएमसीईएफ) और बाद में दलित शोषित समाज संघर्ष समिति (डीएस-4) जैसे संगठनों की भी स्थापना की, जिसने दलितों, पिछड़े वर्गों और अल्पसंख्यकों के बीच एक व्यापक सामाजिक-राजनीतिक आंदोलन की नींव रखी।</p>
<p>कांशी राम के प्रयासों ने उत्तर भारत में दलित राजनीति को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित किया और मायावती जैसी नेताओं के लिए मार्ग प्रशस्त किया, जो बाद में उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री बनीं। सामाजिक न्याय एवं राजनीतिक सशक्तिकरण में उनके योगदान को याद करने के लिए पूरे देश में उनके समर्थकों और राजनीतिक नेताओं द्वारा उनकी जयंती मनाई जाती है।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Mar 2026 12:28:36 +0530</pubDate>
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                <title>विधानसभा में हंगामा: 'राजस्थान डिस्टर्ब एरिया बिल' पर डोटासरा का सरकार पर तीखा वार</title>
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                        <![CDATA[कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने 'डिस्टर्ब एरिया बिल-2026' को सामाजिक सौहार्द के लिए खतरा बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गुजरात मॉडल लागू कर धार्मिक ध्रुवीकरण और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है। डोटासरा ने इसे संपत्ति के संवैधानिक अधिकारों का हनन करार देते हुए कहा कि 2028 में कांग्रेस सरकार आने पर इस कानून को समाप्त कर दिया जाएगा।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-disturbed-area-bill-%E2%80%93-2026-dotasara-claims-that-congress/article-145531"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/govind-dotasara.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान डिस्टर्ब एरिया बिल–2026 पर विधानसभा में चर्चा के दौरान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि सरकार धार्मिक उन्माद फैलाकर ऐसे कानून ला रही है, ताकि बहुसंख्यक वोटों को प्रभावित किया जा सके और गुजरात मॉडल को राजस्थान में लागू किया जा सके। बिल के जरिए सरकार की नजर लोगों की जमीन-जायदाद पर है। संपत्ति खरीदने और बेचने का अधिकार संविधान द्वारा दिया गया है और इस पर सरकारी नियंत्रण भ्रष्टाचार को बढ़ावा देगा।</p>
<p>उनके अनुसार यह कानून शांत क्षेत्रों को अशांत बनाने की साजिश है। सरकार ये बताए डिस्टर्ब एरिया किसे घोषित किया जाएगा और किस समुदाय को आधार बनाया जाएगा। कानून में सरकार की मंशा स्पष्ट नहीं है, जबकि धारा-5 में ऐसे प्रावधान किए गए हैं जिससे भ्रष्टाचार के रास्ते खुल सकते हैं और आम लोगों के लिए न्याय पाना भी मुश्किल हो जाएगा। सभी समुदाय गंगा-जमुनी तहजीब के साथ रहते आए हैं और इस तरह के कानून सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचा सकते हैं।  वर्ष 2028 में कांग्रेस की सरकार बनने पर इस बिल को समाप्त कर दिया जाएगा।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Mar 2026 18:22:53 +0530</pubDate>
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                <title>अवैध भूमि पट्टा वितरण मामला: मेघायल सीएम कॉनराड संगमा और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज, जांच शुरू</title>
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                        <![CDATA[मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा और जिलाधिकारी के खिलाफ भूमि पट्टों के कथित अवैध वितरण हेतु प्राथमिकी दर्ज की गई है। दानाकग्रे अखिंग की ग्राम प्रधान का आरोप है कि मामला उच्च न्यायालय में लंबित होने के बावजूद पट्टे बांटे गए। इसे संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन और अदालत की अवमानना बताते हुए न्याय की मांग की गई है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/illegal-land-lease-distribution-case-fir-registered-against-meghalaya-cm/article-145488"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/meghalaya-cm-conrad-sangma.png" alt=""></a><br /><p>शिलांग। मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा, पश्चिमी गारो हिल्स के जिलाधिकारी विभोर अग्रवाल और अन्य के खिलाफ अखिंग क्षेत्र में कथित तौर पर भूमि पट्टों के अवैध वितरण के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गयी है। ये प्राथमिकियां गुरुवार को पश्चिम गारो हिल्स जिले के अराइमिले थाने में दानाकग्रे अखिंग गांव की ग्राम प्रधान एनिला च. मारक और उनकी बेटी अमान्चे च. मारक द्वारा दर्ज करायी गयी हैं।</p>
<p>नोकमा और उनकी बेटी ने नेशनल पीपुल्स पार्टी के उम्मीदवार चार्मिंग एन. संगमा, तुरा नगर बोर्ड के अध्यक्ष जे.डी. संगमा, पश्चिम गारो हिल्स के डीसी और अतिरिक्त उपायुक्त के साथ-साथ उन सभी अधिकारियों या नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज करने का अनुरोध किया है, जिन्होंने दानाकग्रे अखिंग में पट्टा वितरण की शुरुआत की थी।</p>
<p>शिकायतकर्ताओं ने दर्ज प्राथमिकी में कहा कि मेघालय सरकार, उपायुक्त, उपायुक्त (राजस्व) और अन्य के खिलाफ शिलांग स्थित मेघालय उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई थी। इसमें दानाकग्रे अखिंग के इलाकों को मनमाने ढंग से सरकारी भूमि बताकर भूमि के अवैध बंदोबस्त को चुनौती दी गई थी।</p>
<p>प्राथमिकी में कहा गया है, यह मामला अभी अदालत में विचाराधीन है और पिछले साल ही सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। मामले के लंबित होने के बावजूद, इस साल की शुरुआत में हमें पता चला कि अवैध रूप से दावा की गई सरकारी भूमि से संबंधित निवासियों की सूची, प्लॉट नंबर, भूमि का वर्गीकरण और दरों का विवरण प्रसारित किया गया है।</p>
<p>मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने 11 फरवरी, 2026 को व्यक्तिगत रूप से दानाकग्रे अखिंग के अंतर्गत आने वाले निकवतग्रे इलाके में निवासियों को पट्टे वितरित किए थे। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जब मामला अदालत में लंबित है, तब भारी रकम के भुगतान पर निवासियों को ये पट्टे लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है।</p>
<p>प्राथमिकी के अनुसार, चूंकि मामला उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित था, इसलिए पट्टों का जारी करना और वितरण करना छठी अनुसूची के तहत मान्यता प्राप्त प्रधानों के संवैधानिक अधिकारों का घोर उल्लंघन है। चल रही न्यायिक कार्यवाही के बीच पट्टे बांटने का कार्य अदालत की अवमानना और हमारे प्रथागत एवं संवैधानिक अधिकारों का हनन है।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/illegal-land-lease-distribution-case-fir-registered-against-meghalaya-cm/article-145488</link>
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                <pubDate>Fri, 06 Mar 2026 15:08:29 +0530</pubDate>
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                <title>राज्यसभा चुनाव के लिए पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस के चार और भाजपा के एक उम्मीदवार ने दाखिल किया नामांकन, राजनीतिक गलियारों में मची हलचल</title>
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                        <![CDATA[पश्चिम बंगाल विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस के चार और भाजपा के एक उम्मीदवार ने राज्यसभा हेतु नामांकन दाखिल किया। टीएमसी की ओर से अभिनेत्री कोयल मल्लिक, पूर्व डीजीपी राजीव कुमार, वकील मेनका गुरुस्वामी और बाबुल सुप्रियो ने पर्चा भरा। ममता बनर्जी द्वारा पेशेवर क्षेत्रों से दिग्गजों को चुनने के इस कदम को संसदीय राजनीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/four-candidates-of-trinamool-congress-and-one-of-bjp-filed/article-145386"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/west-bengal-election.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल से राज्यसभा के लिए गुरुवार को राज्य विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस के चार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक उम्मीदवार सहित कुल पांच उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र जमा किये। तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार बाबुल सुप्रियो, कोयल मल्लिक, राजीव कुमार और मेनका गुरुस्वामी ने सत्तारूढ़ दल के कई वरिष्ठ मंत्रियों की उपस्थिति में अपने दस्तावेज सौंपे। भाजपा उम्मीदवार राहुल सिन्हा ने भी अपना नामांकन दाखिल किया है।</p>
<p>सत्तारूढ़ दल के चार उम्मीदवारों में से तीन सक्रिय राजनीतिक हलकों से बाहर के हैं। जहां पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार का प्रशासनिक अनुभव रहा है, वहीं अभिनेत्री कोयल मल्लिक और वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी चुनावी राजनीति से इतर अलग पेशेवर क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करती हैं।</p>
<p>नामांकन की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद तृणमूल उम्मीदवारों ने विधानसभा परिसर में मीडिया से संक्षिप्त बातचीत की। अपना नामांकन दाखिल करने के बाद सुश्री गुरुस्वामी ने कहा कि वह उच्च सदन में सेवा करने के अवसर को बड़ी जिम्मेदारी मानती हैं। उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि संविधान के दायरे में रहकर काम करना चाहिए, चाहे वह संसद हो या अदालत। मैं ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की आभारी हूं कि उन्होंने मुझे राज्यसभा में सेवा करने का यह अवसर दिया। संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देने की गारंटी देता है और यह मंच मुझे उस समानता के लिए काम करने का मौका देगा।"</p>
<p>अभिनेत्री कोयल मल्लिक ने भी इस अवसर पर पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "मैंने हमेशा लोगों के लिए काम करना चाहा है। मुझे यह जिम्मेदारी सौंपने के लिए मैं ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को धन्यवाद देती हूं।" पश्चिम बंगाल के पूर्व पुलिस प्रमुख राजीव कुमार ने अपने नामांकन को सम्मान बताया और सवालों का जवाब देते हुए मदर टेरेसा के शब्दों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "यह मेरे लिए बहुत बड़े सम्मान की बात है। जैसा मैंने पहले भी मदर टेरेसा को उद्धृत करते हुए कहा है, मुझे वह मिला है जिसका मैं हकदार हूं। मुझे यह अवसर देने के लिए मैं ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी का शुक्रिया अदा करता हूँ।"</p>
<p>पूर्व केंद्रीय मंत्री और दो बार के लोकसभा सांसद बाबुल सुप्रियो ने कहा कि वह राज्यसभा से भी लोगों के लिए काम करना जारी रखेंगे। श्री सुप्रियो बाद में भाजपा छोड़कर तृणमूल में आ गये थे। नामांकन दाखिल करने के बाद उन्होंने कहा, "चुनाव जीतना और फिर लोगों के लिए काम करना प्रीपेड व्यवस्था की तरह है। पहले लोग मुझसे गानों की फरमाइश करते थे और मैं प्रस्तुति देता था। लोकसभा के लिए चुने जाने के बाद, मैंने उनकी समस्याओं का समाधान कर जनता के लिए 'परफॉर्म' करना शुरू किया। ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने एक बार फिर मुझ पर भरोसा जताया है, और मैं जनता के लिए अपना काम जारी रखूंगा।" विधानसभा में सत्तारूढ़ दल की संख्या बल के मद्देनजर पश्चिम बंगाल से राज्यसभा चुनाव काफी हद तक सीधा और स्पष्ट रहने की उम्मीद है।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Mar 2026 18:27:19 +0530</pubDate>
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