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                <title>diet - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>टाइगर-लॉयन को मल्टी विटामिन तो भालू खा रहा अंडे-पिंड खजूर, सर्दियां आते ही अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में वन्यजीवों का बदला डाइट प्लान</title>
                                    <description><![CDATA[शाकाहारी वन्यजीवों की मौज, ताजी हरी सब्जियों के साथ मौसमी फलों का उठा रहे लुत्फ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/tigers-and-lions-are-getting-multivitamins--while-bears-are-eating-eggs-and-dates--the-diet-plan-for-wildlife-at-abheda-biological-park-changes-with-the-arrival-of-winter/article-138237"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/tiger-or-lion-multivitamins-to-bhalu-kha-raha-ande-pind-khajoor,-sardiyan-ate-he-abheda-biological-park-mein-vanyajeevon-ka-badala-diet-plan...kota-news-03.01.2026.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। सर्दी के तेवर तीखे होने के साथ ही अभेड़ा बायॉलोजिकल पार्क में वन्यजीवों के रहन-सहन व डाइट प्लान भी बदल गया है। सुबह-शाम हो रही गलन व सर्द हवाओं के झौंके से बचाव के लिए वन्यजीव विभाग ने विशेष इंतजाम किए हैं। एनक्लोजर व पिंजरों में वन्यजीवों को गमार्हाट देने के लिए जहां एक ओर हीटर लगाए हैं वहीं, चावल की पराल बिछाई गई है। साथ ही इंफेक्शन से बचाव के लिए हल्दी का छिड़काव भी किया जा रहा है। खुराक भी बढ़ा दी गई है। दरअसल, सर्दियों की दस्तक के साथ ही प्रदेशभर के चिड़ियाघर और बायोलॉजिकल पार्क में वन्यजीवों के डाइट प्लान में बदलाव किया जाता है। जिसके तहत ही सर्दियों का शेड्यूल लागू किया जाता है, जो फरवरी तक जारी रहता है।</p>
<p><strong>शाकाहारी व मांसाहारी वन्यजीवों की हो रही मौज</strong><br />सर्दियों का शेडयूल लागू होते ही अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में शाकाहारी व मांसाहारी वन्यजीवों की मौज हो गई। उन्हें वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है। मांसाहारियों को मांस के साथ अंडे, मल्टीविटामिन, मल्टी मिनरल्स, कैल्शियम परोसा जा रहा है। जबकि, शाकाहारी ताजी सब्जियों के साथ पशुआहार, मौसमी फल, गुड़ व अजवाइन का लुफ्त उठा रहे हैं। वहीं, भालू दूध, दलिया, फल, शहद और पिंडखजूर की दावत उड़ा रहे हैं ।</p>
<p><strong>बायोलॉजिकल पार्क में हैं 86 वन्यजीव</strong><br />बायलॉजिकल पार्क में मांसाहारी व शाकाहारी मिलाकर कुल 86 वन्यजीव हैं। मांसाहारी में लॉयनेस- 1, बाघिन- 1, भेड़िया-2, सियार-4, भालू-2, लेपर्ड-4, जरख-4 हैं। इसी तरह शाकाहारी में नीलगाय-16, चिंकारा-2, चितल 39, ब्लैक बक 27 है।</p>
<p><strong>मांसाहारियों के नाइट शेल्टर में लगाए हीटर</strong><br />अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क के वनकर्मियों ने बताया कि सर्दियों की शुरूआत के साथ ही शाकाहारी व मांसाहारी वन्यजीवों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। सभी वन्यजीवों के नाइट शेल्टरों में पर्दें लगवा दिए गए हैं। लॉयनेस, टाइग्रेस, जरख, सियार, भेडिया व भालू के नाइट शेल्टर से 10 फीट की दूरी पर हीटर लगाए गए हैं। साथ ही खिड़कियों पर पर्दे लगाए गए हैं ताकि, सर्द हवाओं से बचाव हो सके।</p>
<p><strong>मांसाहारी वन्यजीवों का डाइट प्लान- </strong>लॉयनेस व टाइगे्रस को 10 किलो मांस के साथ मल्टी विटामिन<br />लॉयनेस व बाघ-बाघिन को 8 किलो पाड़ा मांस और 1 मुर्गा (प्रति एनिमल) दिया जा रहा है। इसके अलावा मल्टी विटामिन, मल्टी मिनरल्स व लीवर टॉनिक व कैल्शियम अलग से दिए जा रहे हैं। यह सप्लीमेंट्स 10 एमएल परडे मांस के टुकड़ों पर मिलाकर दिया जा रहा है। इससे शरीर में ऊर्जा का संचार बेहतर होने के साथ पाचन तंत्र भी मजबूत रहता है।<br /><strong>भेडिया :</strong> 2 किलो प्रति पाड़ा मांस, 1 अंडा सहित मल्टी विटामिन व मिनरल्स दिए जा रहे हैं।<br /><strong>सियार :</strong> 1.25 किलो मांस प्रति सियार, 1 अंडा व सप्लीमेंट्स<br /><strong>जरख :</strong> 3 किलो प्रति एनिमल्स, 1 अंडा व सप्लीमेंट्स</p>
<p><strong>3.5 किलो मांस के साथ कैल्शियम खा रहा पैंथर</strong><br />बायोलॉजिकल पार्क में मांसाहारी वन्यजीवों की डाइट में हैल्दी पोषक तत्व शामिल किए हैं। यहां 4 लेपर्ड हैं। मेल लेपर्ड को 3.5 किलो व फिमेल लेपर्ड को 2.5 किलो मांस प्रतिदिन दिया जा रहा है। इसके अलावा 1-1 अंडा व मल्टी विटामिन व कैल्शियम दिया जा रहा है। इसी तरह सभी 4 सियार को 1.25 किलो के हिसाब से प्रतिदिन 5 किलो मांस परोसा जा रहा है। वहीं, प्रत्येक भेड़िए को 2 किलो के हिसाब से 4 किलो तथा चारों हायना को 3 किलो के हिसाब से 12 किलो मीट प्रतिदिन खिलाया जा रहा है।</p>
<p><strong>ढाई लीटर दूध के साथ अंडे और खजूर खा रहा भालू</strong><br />सर्दियों में सबसे ज्यादा मजे भालू के हैं। यहां 2 भालू हैं, जिसे डाइट में प्रतिदिन 2.5 लीटर दूध के साथ 1 किलो चावल, 1.75 किलो दलिया, 2 अंडे, 200 ग्राम गुड़, 200 ग्राम शहद, 200 ग्राम शहद प्रतिदिन डाइट में दिए जा रहे हैं। साथ ही मल्टीविटामिन, कैल्शियम व मिनरल्स भी दिए जाते हैं।</p>
<p><strong>इंफेक्शन से बचाव के भी किए उपाए</strong><br />बायॉलोजिकल पार्क में तैनात कर्मचारियों ने बताया कि शाकाहारी व मांसाहारी वन्यजीवों के एनक्लोजर और नाइट शेल्टरों में हल्दी का छिड़काव किए गए हैं। हल्दी की तासीर गर्म होने के साथ एंटी बायटिक भी रहती है। यदि, उनके शरीर पर कोई चोट लग जाए तो हल्दी लगने से इंफेक्शन नहीं होगा। सर्दियों में वन्यजीवों की साइटिंग होने से पर्यटक रोमांचित हो रहे हैं।</p>
<p><strong>एनक्लोजर में बिछाई पराल</strong><br />शाकाहारियों के नाइट शेल्टर में पराल बिछाई गई है। ताकि, एनिमल के चलने फिरने व बैठने पर फर्श ठंडा न लगे। पराल से शेल्टर में गमार्हाट बनी रहती है। इसके अलावा एनक्लोजर की जालियों व पिंजरों को ग्रीन नेट से कवर किया गया है। ताकि, सर्द हवाओं के झौंकों से बच सके।</p>
<p><strong>हरी सब्जियों के साथ नमक का भी चख रहे स्वाद</strong><br />मांसाहारी वन्यजीवों के मुकाबले शाकाहारियों का डाइट प्लान बड़ा है। उन्हें गाजर, मूली, खीरा, टमाटर, ककड़ी, गोभी, लौकी, पालक, पत्ता गोभी सहित मौसमी सब्जियां, हरा चारा, पशु आहार, फल-फू्रट, गुड़, आजवाइन के साथ मल्टीविटामिन व न्यूट्रिशियन दिए जा रहे हैं। शाकाहारी वन्यजीवों का डाइट चार्ट एक ही है लेकिन डाइट की मात्रा अलग-अलग है। हैल्दी डाइट से सभी वन्यजीव सर्दियों में तंदरुस्त रहेंगे।</p>
<p>सर्दी की शुरूआत होने के साथ ही बायोलॉजिकल पार्क में मौजूद सभी वन्यजीवों की डाइट में परिवर्तन कर दिया है। इन दिनों वन्यजीवों की खुराक बढ़ जाती है। डाइट में जरूरी पोषक तत्वों को शामिल कर जरूरत के मुताबिक उनकी मात्रा में बढ़ोतरी की गई है। वहीं, सर्द हवाओं से बचाव के लिए मांसाहारी वन्यजीवों के नाइट शेल्टर के पास हीटर व शाकाहारियों के शेल्टरों में पराल बिछाई गई है और खिड़कियों पर पर्दे लगाए गए हैं। वैसे तो वन्यजीवों को इस तरह की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि जंगल में तो वह अपने हिसाब से अपना हैबीटाट जैसे-गुफाएं, पेड़ों के नीचे, धूप में बैठकर सर्दी से खुद का बचाव करते हैं। वहीं, अलग-अलग तरह के जानवरों का शिकार करते हैं, जिससे वैराइटिज आॅफ फूड मिल जाता है लेकिन चिड़ियाघरों में इनका एरिया सीमित होता है। इसलिए यह सुविधाएं उपलब्ध करवानी पड़ती है।<br /><strong>-अनुराग भटनागर, डीएफओ वन्यजीव विभाग कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 03 Jan 2026 16:31:13 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>वजन कम करने के लिए एक्सरसाइज के साथ डाइट का भी रखें ध्यान</title>
                                    <description><![CDATA[वेट लॉस की कोशिश करने वाले लोग हेल्दी डाइट लेने के बजाय जंक फूड खा लेते हैं,उन्हें लगता है इससे उनका वजन कम होगा,लेकिन यह गलतफहमी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/health/take-care-of-diet-along-with-exercise-to-lose-weight/article-50777"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/loss.png" alt=""></a><br /><p>आज के जमाने में मोटापा महामारी की तरह फैल रहा है,दुनियाभर में करोड़ों लोग मोटापे और ज्यादा वजन की समस्या से जूझ रहे हैं,मोटापा कम करने के लिए बड़ी तादाद में लोगों को टहलते, दौड़ लगाते और एक्सरसाइज करते हुए देखा जा सकता है,बाजार में वजन कम करने का दावा करने वाले प्रोडक्ट भी मिल रहे हैं,तमाम लोग इन प्रोडक्ट्स का जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं,कोशिशों के बाद भी कई लोगों को वजन कम नहीं होता और उनके शरीर पर चर्बी जमी रहती है,अब सवाल उठता है कि खूब एक्सरसाइज के बावजूद वजन न घटने की क्या वजह हैं। <br /> वजन कम करने के लिए सिर्फ एक्सरसाइज करना ही काफी नहीं होता है,मोटापा और वजन कम करने के लिए डाइट सबसे जरूरी होती है,बेहतर डाइट को फॉलो करके एक्सरसाइज की जाए,तो वजन तेजी से कम किया जा सकता है। -बड़ी तादाद में लोग वजन कम करने के लिए ब्रेकफास्ट नहीं करते हैं, लेकिन यह सबसे बड़ी गलती है,ब्रेकफास्ट सेहत के लिए बेहद जरूरी होता है,जरूरी पोषक तत्व और एनर्जी देता है।<br /><br />वेट लॉस की कोशिश करने वाले लोग हेल्दी डाइट लेने के बजाय जंक फूड खा लेते हैं,उन्हें लगता है इससे उनका वजन कम होगा,लेकिन यह गलतफहमी है। वजन कम करने के लिए कुछ लोग रोटी-सब्जी समेत सॉलिड फूड्स आइटम्स खाना छोड़े देते हैं और शुगरी ड्रिंक्स का ज्यादा सेवन करते हैं,जिससे कई बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। ज्यादा बार खाने के बजाय एक बार में अत्यधिक खाना खा लेते हैं, लेकिन ऐसा करना फायदेमंद नहीं होता है। प्रोटीन वाले फूड्स को अवॉइड करना भी गलती होती है,ऐसा करने से आपकी मसल्स को मजबूती नहीं मिल पाएगी और आपको परेशानी होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Jul 2023 10:33:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वन्यजीवों की डाइट में किया बदलाव  सबसे अधिक खाता है हिप्पो परिवार</title>
                                    <description><![CDATA[वन्यजीवों को शुक्रवार को खाना नहीं दिया जाएगा ताकि इनका स्वास्थ और पाचन क्रिया सही रहे। कहा जाए तो वन्यजीवों का इस दिन व्रत रहेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/changes-in-the-diet-of-wildlife-hippo-family-eats-the/article-39660"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/a-34.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मौसम में बदलाव के बीच लोगों के खान-पान और दिनचर्या में भी परिवर्तन देखने को मिलता है। इस बीच नाहरगढ़ जैविक उद्यान में रहवास कर रहे 26 विभिन्न प्रजातियों के वन्यजीवों के खान-पान में भी बदलाव होने लगा है। इन्हें मौसम के अनुकूल डाइट दी जा रही है। खासतौर पर वन्यजीवों को शुक्रवार को खाना नहीं दिया जाएगा ताकि इनका स्वास्थ और पाचन क्रिया सही रहे। कहा जाए तो वन्यजीवों का इस दिन व्रत रहेगा। कैट फैमिली के वन्यजीव जैसे बाघ शिवाजी, बाघिन रानी और रंभा को 8 किलो बफेलो मीट के साथ ही 4 किलो मुर्गा मांस दिया जा रहा है। यही डाइट शेर त्रिपुर, जीएस, शेरनी तारा और सृष्टि को दी जा रही है। करीब 19 वर्षीय उम्रदराज बाघिन रंभा को शुक्रवार के दिन दो किलो मुर्गा मांस खाने में दिया जा रहा है। </p>
<p><strong>जरख, भेड़िए और जैकोल का विशेष ध्यान </strong><br />नाहरगढ़ जैविक उद्यान में रहवास कर रहे वन्यजीवों में जरख, भेड़िए और जैकोल की डाइट का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। जरख ने कुछ समय पहले तीन बच्चों को जन्म दिया था। वहीं जेकौल और भेड़ियों में भी संभावना व्यक्त की जा रही है। ऐसे में हाइना को 3, भेड़ियों के 2 और जैकोल को डाइट में एक किलो बफेलो मीट के साथ ही डाइट में मुर्गा दे रहे हैं। दूसरी ओर जंगल कैट, इंडियान फॉक्स, डेजर्ट फोक्स और पाम सिवेट को तकरीबन आधा-आधा किलो बफेलो मीट दिया जा रहा है।  </p>
<p><strong>हरबीवोरस को रंजका और सीजनल फ्रूट्स</strong><br />सिक्का डियर, सांभर डियर सहित हिरण प्रजाति के अन्य हरबीवोरस को रंजका, दाल चना सहित सीजनल फू्रट्स में केले, तरबूज सहित अन्य फल दिए जा रहे हैं। ऐमू को चना, पालक डाइट में दे रहे हैं। मगरमच्छ को प्रति दिन 1 किलो फिश (मृत मछली) दे रहे हैं। </p>
<p><strong>भालू को सत्तू, ज्यादा गर्मी में मिलेगी आइसक्रीम </strong><br />नाहरगढ़ जैविक उद्यान में भालूओं को अनुकूल वातावरण दिया जा रहा है। इसी का नतीजा है कि इनमें सफल प्रजनन हो रहा है। प्रति भालू को अभी डाइट में 100 ग्राम शहद, डेढ़ किलो सत्तू, 2 किलो दूध और सीजनल फल दे रहे हैं। गर्मी अधिक पड़ने पर इन्हें पसंदीदा फू्रट आइसक्रीम भी दी जाएगी। जिसे विशेष रूप से तैयार किया जाता है। </p>
<p><strong>हिप्पो परिवार की डाइट सबसे ज्यादा </strong><br />जैविक उद्यान स्थित एगजोटिक पार्क में हिप्पो परिवार (3 हिप्पो) रहवास कर रहा है। ऐसे में प्रति हिप्पो को डाइट में 40 किलो कुट्टी (ज्वार), मक्का, चना, मूंगफली, नमक और हल्दी को मिक्स कर 20-20 किलो, सीजनल फू्रट्स में 4 किलो केले, 5 किलो सेव दे रहे हैं। गर्मी अधिक पड़ने पर इन्हें आगे 10-10 किलो तरबूज भी दिए जाएंगे।  </p>
<p>गर्मी आते ही वन्यजीवों की डाइट में बदलाव किया है। शेर और बाघों का डाइजेशन सही रहे, इसलिए इन्हें शुक्रवार को डाइट नहीं दी जाएगी। इसके अतिरिक्त सभी वन्यजीवों को आवश्यक दवाइयां भी दी जा रही है। <br />-<strong>डॉ. अरविंद माथुर, वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी, नाहरगढ़ जैविक उद्यान</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Mar 2023 10:43:32 +0530</pubDate>
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                <title>ये भूख है बड़ी... प्रतिदिन एक हिप्पो की रूटीन डाइट का खर्चा 1500 और एक टाइगर का खर्चा 800 रुपए </title>
                                    <description><![CDATA[जवाब-जी हां ‘हिप्पो फैमिली इसमें सबसे आगे’  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/yeh-hunger-is-big----a-hippo-s-routine-diet-costs-rs-1500-and-a-tiger-costs-rs-800-per-day--whose-appetite-is-bigger-in-biological-park-----answer-yes-hippo-family-is-at-the-fore/article-4757"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/chidiya.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। गुलाबी नगरी में वन्यजीवों को निहारने के बहुत से विकल्प है। वे झालाना लेपर्ड रिजर्व, हाथी गांव और नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क की विजिट कर विभिन्न प्रजातियों के एनिमल्स को देख सकते हैं। खासकर बायोलॉजिकल पार्क स्थित एगजोटिक पार्क में रहवास कर रही हिप्पो फैमिली सभी के आकर्षण का केन्द्र है। जब इनकी एक दिन की डाइट की बात करें तो ये सुनकर विजिटर्स दांतों तले अंगुलियां दबा लेते हैं। जी हां यहां 26 प्रजातियों के 250 एनिमल्स रहवास कर रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा रूटीन डाइट हिप्पो फैमिली के राजा, रानी और राजकुमारी की है। इस फैमिली के तीनों सदस्यों की एक दिन की डाइट विभाग को करीब 4,500 रुपए पड़ती है। <br /><strong><br />प्रति दिन एक हिप्पो की रूटीन डाइट</strong><br />कुट्टी (ज्वार) 40 किलो, कुट्टी (जो) 2 किलो, मक्का 2 किलो, गेहूं का चौकर 7 किलो, चना 3 किलो, मूंगफली 3 किलो, सॉल्ट 200 ग्राम, हल्दी 200 ग्राम, सेब 5 किलो, केले 5 किलो, गाजर 5 किलो, 10 किलो तरबूज केवल गर्मियों में। <br /><br /><strong>दूसरे नम्बर पर टाइगर और लॉयन</strong><br />बायोलॉजिकल पार्क में हिप्पो के बाद दूसरे नम्बर पर सबसे ज्यादा डाइट की अगर बात करें तो इसमें लॉयन और टाइगर का नम्बर आता है। प्रतिदिन एक लॉयन का रूटीन डाइट का खर्चा करीब 800 रुपए आता है। इसमें इन्हें 10 किलो बफेलो मीट और 2 किलो चिकन दिया जाता है। ऐसे में पार्क में एक और लॉयन सफारी में 3 लॉयन रहवास कर रहे हैं। दूसरी ओर प्रति दिन एक टाइगर का रूटीन डाइट का खर्चा भी 800 रुपए आता है। बायोलॉजिकल पार्क में 5 टाइगर रहवास कर रहे हैं। ऐसे में इन टाइगरों की रूटीन डाइट पर विभाग को 4000 रुपए खर्च करने पड़ते हैं। <br /><strong><br />डाइट खर्चे में तीसरे नम्बर पर लेपर्ड</strong><br />बायोलॉजिकल पार्क में रहवास कर रहे लेपर्ड की डाइट की बात करें तो प्रति दिन एक लेपर्ड की रूटीन डाइट पर 400 रुपए का खर्चा आता है। इसमें इन्हें 4 किलो बफेलो मीट दिया जाता है। यहां 4 लेपर्ड रहवास कर रहे हैं। </p>
<p><br /><strong>ऐमू पर सबसे कम खर्च</strong><br />नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क के वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविंद माथुर ने बताया कि यहां रहवास कर रहे ऐमू की डाइट का खर्चा कम है। प्रति एक ऐमू की रूटीन डाइट 70 रुपए है। पार्क में इस समय 3 ऐमू रहवास कर रहे हैं। माथुर ने बताया कि सबसे ज्यादा रूटीन डाइट हिप्पो फैमिली की है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 21 Feb 2022 12:34:38 +0530</pubDate>
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                <title>महावतों को महंगी पड़ रही है हाथियों की डाइट</title>
                                    <description><![CDATA[हाथी गांव में 65 से अधिक हाथी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/617a4bf0d551b/article-1960"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/elephant-photo.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। कोरोना का असर हाथी मालिकों पर भी पड़ा है। शहर के ऐतिहासिक स्थलों पर पर्यटकों की आवाजाही दिखाई दे रही है, लेकिन आमेर महल और हाथीगांव में संचालित हाथी सवारी के प्रति पर्यटकों का क्रेज कम है। ऐसे में इनकम ना होने से हाथी मालिकों के लिए हाथी पालना चुनौती बनता जा रहा है। महंगाई की मार के चलते इन्हें खाने में दिए जाने वाले गन्ना और बाजरा की रेट में बढ़ गई है। </p>
<p><br /> हाथी मालिक बल्लू खान ने बताया कि पहले एक हाथी की एक दिन की डाइट करीब 2200 रुपए पड़ती थी, लेकिन अब डाइट तकरीबन 3500 रुपए है। पहले गन्ना 450 रुपए क्विंटल था, अब 550 रुपए में मिल रहा है। शरीर पर लगाए जाने वाले तेल की कीमत 100 रुपए बजाय 200 रुपए किलो हो गई है। इसके अतिरिक्त ज्वार के भाव में भी बढ़ोतरी से जेब पर भार पड़ रहा है। बल्लू ने बताया कि कोरोना के बाद से इनकम ना के बराबर हो रही है। उधार पैसे लेकर हाथियों की डाइट का इंतजाम किया जा रहा है।<br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><span style="font-size:larger;"><strong><br /> ठण्ड से बचाने के लिए जल्द शुरू होगी तेल मालिश </strong></span></span></span><br /> हाथी गांव में रहवास कर रहे हाथियों को ठण्ड से बचाने के लिए जल्द ही तेल मालिश का उपयोग किया जाएगा। नूरानी तेल में मीठा तेल, लॉन्ग, जायफल मिलाकर हाथियों के शरीर पर मालिश की जाएगी। नवम्बर से इन्हें डाइट में बाजरे की खिचड़ी, गुड़, गन्ना, सूखी ज्वार, रंजका और च्वयनप्राश खिलाया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 Oct 2021 13:13:59 +0530</pubDate>
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                <title>लॉयन, टाइगर और पैंथर का शुक्रवार को रहता है व्रत</title>
                                    <description><![CDATA[रोजाना की डाइट 8 किलो मीट, लेकिन एक दिन रहते हैं बिना खाने के]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B2%E0%A5%89%E0%A4%AF%E0%A4%A8--%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%97%E0%A4%B0-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A5%88%E0%A4%82%E0%A4%A5%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B6%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%B5%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A4/article-1893"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/wild-life-tiger.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर। </strong>नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में विभिन्न प्रजातियों के वन्यजीव रहवास करते हैं। इनमें से खासकर लॉयन, टाइगर और पैंथर पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र हैं। वे यहां आकर इनकी अटखेलियां देखकर रोमांचित हो जाते हैं, लेकिन क्या उन्हें पता है कि कैट फैमिली के इन तीनों वन्यजीवों को सप्ताह में एक दिन डाइट नहीं दी जाती यानि कि सप्ताह में एक दिन का इनका उपवास रहता है। बायोलॉजिकल पार्क प्रशासन के अनुसार लॉयन, टाइगर और पैंथरों को सप्ताह में शुक्रवार का दिन छोड़कर रोजाना खाना दिया जाता। इनमें लॉयन को 8 किलो, टाइगर को 8 किलो और पैंथर को 4 किलो मीट दिया जाता है। हालांकि कोरोना के कारण खासकर मादा शेरनी, बाघिन और पैंथर को शुक्रवार को डाइट में केवल मुर्गा दिया जा रहा है। वहीं इस दिन मेल टाइगर, लॉयन और पैंथर का उपवास रहता है। <br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#339966;"><strong>एक नवम्बर से बदलेगी वन्यजीवों की डाइट</strong></span></span><br /> चिड़ियाघर के डॉ. अशोक तंवर ने बताया कि जू में रहवास कर रहे विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों की डाइट में एक नवंबर से बदलाव होगा। सर्द मौसम में मगरमच्छ की डाइट कम कर दी जाती है। इस दौरान मगरमच्छ को जहां डेली डेढ़ किलो मछली दी जाती है वहीं सर्दियों में इनकी डाइट कम कर एक किलो कर दी जाती है। <br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#339966;"><strong>बिना मशक्कत किए मिलती है डाइट</strong></span></span><br /> वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार जंगल में लॉयन, टाइगर और पैंथर 5 से 7 दिन में एक बार शिकार करते हैं। इस दौरान इन वन्यजीवों की भागदौड़ से अच्छी एक्सरसाइज हो जाती है। साथ ही इनका डाइजेशन बना रहता है। तो वहीं दूसरी ओर बायोलॉजिकल पार्क और लॉयन सफारी में रहवास कर रहे कैट फैमिली के इन वन्यजीवों को बिना किसी भागादौड़ी के डाइट मिल रही है। इसलिए इन्हें सप्ताह में शुक्रवार को खाना नहीं दिया जाता, ताकि उनका डाइजेशन बना रहे और पेट खराब ना हो। <br /> <br /> कैट फैमिली के लॉयन, टाइगर और पैंथर को सप्ताह में एक दिन शुक्रवार को डाइट नहीं दी जाती। इससे इनका डाइजेशन बना रहता है। लेकिन बाघिन, शेरनी और मादा लेपर्ड को इस दिन डाइट में केवल 2 किलो मुर्गा दिया जाता है। सर्दियों में बायोलॉजिकल पार्क के अधिकतर वन्यजीवों की डाइट में बदलाव होगा। <br /> <strong>-बनवारी शर्मा, रेंजर, नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 Oct 2021 14:02:40 +0530</pubDate>
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