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                <title>speed up - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>रिफाइनरी के काम में तेजी लाएंगे गहलोत</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के ड्रीम प्रोजेक्ट बाडमेर में रिफाइनरी के काम में अब तेजी आने लगी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/editorial--gehlot-will-speed-up-refinery-work/article-7881"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/refinery-.jpg" alt=""></a><br /><p>मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के ड्रीम प्रोजेक्ट बाडमेर में रिफाइनरी के काम में अब तेजी आने लगी है। गहलोत ने अपने पिछले शासन काल में ही प्रदेश के इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को लेकर ठोस कदम उठा लिये थे। प्रेदश के पश्चिमी इलाके की आर्थिक तकदीर बदलने वाले इस प्रोजेक्ट के काम ने अब रफतार पकड़नी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री गहलोत अपने स्तर पर रिफाइनरी के काम की लगातार निगरानी रख रहे हैं। उनकी कोशिश है कि तय समय पर ही इस प्रोजेक्ट को पूरा कर राजस्थान के लोगों को लाभ मिले। मुख्यमंत्री गहलोत रिफाइनरी के इस प्रोजेक्ट को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं और उनकी मंशा है कि यह तय समय पर स्थापित हो।</p>
<p><br />कोरोना के हालातों से उबरने के बाद बाडमेर जिले के पचपदरा इलाके में स्थापित होने वाली रिफाइनरी अब आकार लेने लगी है। मुख्यमंत्री गहलोत मौके पर ही जाकर इसका निरीक्षण करते हैं और काम में तेजी लाने पर जोर देते हैं। रिफाइनरी के लिए गहलोत ने लंबा संघर्ष किया है। उनका मानना है कि इस अहम प्रोजेक्ट से राजस्थान को आर्थिक प्रगति की राह पर दौड़ने में मदद मिलेगी। इसके जरिये बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार के अवसर मुहैया होंगे। इस अकेले प्रोजेक्ट से ही पश्चिमी राजस्थान में बड़ा बदलाव दिखेगा। गहलोत के निर्देश पर सरकार के विभिन्न विभागों में समन्वय बना कर रिफाइनरी के काम में तेजी लाई जा रही है। इसके अलावा रिफाइनरी के आसपास के क्षेत्रों में रीको अन्य उद्योगों की स्थापना आसानी से हो इसके लिए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना पर लगातार काम कर रहा है। जिला प्रशासन भी हर महीने रिफाइनरी के कामकाज की समीक्षा करता है ताकि किसी भी तरह की स्थानीय मंजूरी देने में कोई देरी नहीं हो।</p>
<p><br />एचपीसीएल की देखरेख में 4500 एकड़ भूमि में इस रिफाइनरी की स्थापना होगी।  इसके साथ ही पेट्रोकेमिकल कांप्लेक्स के साथ ही कई प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना होगी और प्रदेश के लोगों को रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे। इस इलाके में देश का सबसे बड़ा जमीनी तेल और गैस भंडार मौजूद है। रिफाइनरी का प्रोजेक्ट करीब 45 हजार करोड़ रुपए का आंका गया है। इसमें से करीब 38 हजार करोड़ रुपए के कार्यादेश जारी भी हो चुके हैं। इसके अलग-अलग तरीके के काम प्रगति पर है।</p>
<p><br />रिफाइनरी के साथ-साथ सरकार ने इसके चारों तरफ पेट्रो केमिकल रीजन इंडस्ट्रीज बनाने की तैयारी भी शुरू कर दी है। इसके लिए सरकार ने बड़ी संख्या में निवेशकों को आमंत्रित कर उन्हें अपने उद्योग स्थापित करने का न्योता भी दिया है। इन उद्योगों की स्थापना के लिए रीको ने बड़े पैमाने पर जमीन भी चिंहित कर ली है। इस क्षेत्र में निवेशकों को रियायती दरों पर जमीन, उचित माहौल और जरूरी सुविधाएं देने की तैयारी भी सरकार ने कर ली है।</p>
<p><br />केंद्र सरकार की ढुलमुल नीतियों के चलते रिफाइनरी के काम में देरी होने से इसकी लागत में करीब 14000 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हो गई है। गहलोत के प्रयासों से ही वर्ष 2013 में रिफाइनरी का शिलान्यास हो गया था। उसके बाद आई सरकार ने इसे अटकाने का काम किया और राजनीतिक कारणों के चलते प्रधानमंत्री से 2018 में इसका शुभारंभ करवाया गया। इस तरह से रिफाइनरी के काम में देरी हुई और नुकसान प्रदेश की जनता को उठाना पड़ा। मुख्यमंत्री गहलोत ने इस बार शासन संभालते ही इस अहम प्रोजेक्ट पर पूरा ध्यान केंद्रित किया और नतीजे में अब रिफाइनरी के आकार लेने से आम जनता में सरकार के काम के प्रति भरोसा पनप गया। प्रदेश की जनता भी चाहती है कि रिफाइनरी जल्द से जल्द बने और राजस्थान एक नए युग में कदम रखें।<br /><strong>-  राजीव जैन</strong><br /><strong>(ये लेखक के अपने विचार हैं)</strong><br /><br /><strong>विश्लेषण</strong><br />कोरोना के हालातों से उबरने के बाद बाडमेर जिले के पचपदरा इलाके में स्थापित होने वाली रिफाइनरी अब आकार लेने लगी है। मुख्यमंत्री गहलोत मौके पर ही जाकर इसका निरीक्षण करते है और काम में तेजी लाने पर जोर देते हैं। रिफाइनरी के लिए गहलोत ने लंबा संघर्ष किया है। उनका मानना है कि इस अहम प्रोजेक्ट से राजस्थान को आर्थिक प्रगति की राह पर दौड़ने में मदद मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 Apr 2022 11:17:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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                <title>कांग्रेस में डिजिटल मेम्बरशिप की सुस्त धार गहलोत और डोटासरा दिलाएंगे अब रफ्तार </title>
                                    <description><![CDATA[डोटासरा ने आज ली समीक्षा बैठक]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/gehlot-and-dotasara-will-speed-up-the-sluggish-edge-of-digital-membership-in-congress-even-ten-percent-of-the-target-members-could-not-be-made/article-6575"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/congress02.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। कांग्रेस के डिजिटल मेम्बरशिप अभियान की सुस्त चाल के बाद खुद सीएम अशोक गहलोत ने कमान संभालने का निर्णय लिया है। कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए गहलोत 24 मार्च को भरतपुर और कोटा के नेताओं तथा कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे। गहलोत के साथ पीसीसी चीफ गोविन्द सिंह डोटासरा, प्रदेश कांग्रेस संगठन चुनाव प्रभारी संजय निरूपम भी रहेंगे। तीनों नेता गुरुवार सुबह 11 बजे कोटा और दोपहर एक बजे भरतपुर पहुंचकर नेताओं- कार्यकर्ताओं से अभियान में हिस्सा लेने का आह्वान करेंगे। गौरतलब है कि विपक्षी पार्टी भाजपा का प्रदेशभर में 85 लाख सदस्य होने का दावा है, वहीं कांग्रेस के पास प्रदेशभर में महज दो से ढाई लाख ही सक्रिय सदस्य हैं। एप के तकनीकी पहलुओं को समझ नहीं पाना कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है। जिलों के अधिकांश विधायक, वरिष्ठ नेता भी अभियान को लेकर ज्यादा गंभीर नहीं है। <br /><br /><strong>टारगेट के दस फीसदी मेम्बर भी नहीं बन पाए</strong><br />गहलोत को मैदान में इसलिए उतरना पड़ रहा है, क्योंकि प्रदेश कांग्रेस ने 31 मार्च तक 50 लाख सदस्य बनाने का लक्ष्य तय किया था। करीब तीन महीने से ज्यादा समय तक चले डिजिटल मेम्बरशिप अभियान में अभी तक आंकड़ा दो लाख तक भी नहीं पहुंचा। अभियान में अब केवल 11 दिन ही बचे हैं। <br /><br /><strong>डोटासरा ने आज ली समीक्षा बैठक</strong><br />प्रदेश कांग्रेस के सदस्यता अभियान को लेकर बुधवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा पार्टी मुख्यालय पर समीक्षा बैठक लr। प्रदेश स्तरीय बैठक में कांग्रेस के डिजिटल मेम्बरशिप कैम्पेन और ऑफलाइन मेम्बरशिप में तेजी लाने पर चर्चा हुई। प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारी, बोर्ड, निगम और आयोगों के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष, जिला कांग्रेस के वर्तमान और निवर्तमान अध्यक्ष, अग्रिम संगठनों, विभागों और प्रकोष्ठों के प्रदेशाध्यक्ष, कैम्पेन के स्टेट कॉर्डिनेटर व कॉ कॉर्डिनेटर, सोशल मीडिया विभाग के स्टेट कॉर्डिनेटर और कंट्रोल रूम के सदस्य बैठक में शामिल हुए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Mar 2022 12:57:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रशासन शहरों के संग अभियान की हकीकत : राजधानी की 3300 कॉलोनियों के 1.17 लाख बाशिंदों को अभी पट्टे का इंतजार</title>
                                    <description><![CDATA[रियायतें भी बेअसर, अभियान में भी पट्टे की आस अधूरी : जेडीए, हेरिटेज और ग्रेटर निगम नहीं दे पा रहे अभियान को रफ्तार]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%A8-%E0%A4%B6%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%97-%E0%A4%85%E0%A4%AD%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A4%95%E0%A5%80%E0%A4%95%E0%A4%A4---%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%80-3300-%E0%A4%95%E0%A5%89%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-1-17-%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%96-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%85%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%87%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%B0/article-2254"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/nigam_jda.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>। राजधानी जयपुर शहर में काफी लंबे से अपने आसियाने के पट्टे का इंतजार कर रहे लोगों को सरकार की भारी रियायतों के बाद भी मकान-भूखण्ड का पट्टा नहीं मिल पा रहा है। प्रशासन शहरों के संग अभियान से पहले की गई सभी तैयारियां अब विफल होती नजर आ रही है।</p>
<p><br /> करीब 3300 कॉलोनियों में 1.17 लाख बाशिंदों को पट्टे देने की तैयार की गई कार्य योजना धरातल पर नहीं आ पा रही है। गृह निर्माण सहकारी समितियों के दस्तावेजों की वैद्यता खत्म करने के बाद भी कॉलोनियों के नियमन की रफ्तार धीमी नजर आ रही है। शहर में पृथ्वीराज नगर सहित करीब 1400 से अधिक ऐसी कॉलोनियां है, जिनमें 90ए और 90बी पहले ही हो चुकी है, लेकिन कॉलोनियों का ले-आउट प्लान स्वीकृत नहीं होने के कारण नियमन शिविर नहीं लगाया जा सका। अकेली इन कॉलोनियों में करीब 45 हजार से अधिक भूखण्डधारी है। <br /> <br /> <strong>जेडीए ने 11578 से अधिक पट्टे बांटे, जादुई धारा-69ए भी नहीं दे पा रही राहत<br /> हेरिटेज निगम : परकोटे की प्लानिंग भी धरातल पर नहीं</strong><br /> परकोटे में लंबे समय से लोग पट्टों का इंतजार कर रहे है। सालों से काबिज लोगों को पट्टे देने के लिए धारा 69-ए का भी प्रावधान किया गया, लेकिन इसके बाद भी परकोटे में हैरिटेज नगर निगम अपने चारों जोन में पट्टे देने की मुहिम को गति नहीं दे पा रही है। क्षेत्र में कराए गए सर्वे के अनुसार करीब 10 हजार पट्टे देने का निगम ने लक्ष्य तय किया, लेकिन इस टारगेट के मुताबिक निगम पट्टे नहीं बांट पा रही है। पट्टे नहीं बांट पाने के निगम अधिकारी कई बहाने भी बना रहे है। मौटे तौर पर बताया जा रहा है कि एक ही मकान में कई परिवारों के निवास के कारण पट्टे के टाइटल में भी कई लीगल अड़चने सामने आती है, जिसके कारण आवेदन भी कम आ रहे हैं।<br /> <br /> <strong>ग्रेटर निगम : जादुई धारा में <br /> अब तक आठ पट्टे बांटे</strong><br /> अभियान के दौरान नगर निगम ग्रेटर की ओर से भी काम को गति नहीं दी जा रही है। सरकार ने सालों से काबिज जिन लोगों के लिए धारा 69ए का प्रावधान किया और उसे जादुई धारा बताया, उसमें ग्रेटर ने अब तक आठ पट्टे जारी किए है, जबकि 74 आवेदनों को निरस्त कर दिया गया। इसके अलावा 356 आवेदन अभी लंबित है। इसी तरह अपने क्षेत्राधिकार में कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियों में 120 पट्टे दिए गए है, जबकि 95 को निरस्त कर दिया गया। इस तरह के 354 आवेदन भी लंबित है। ग्रेटर ने कच्ची बस्ती नियमन के पट्टे देने में भी रफ्तार नहीं ली है, अब तक केवल 19 पट्टे जारी किए गए है। इसी तरह स्टेट ग्रांट एक्ट के पट्टे देने में भी निगम ने अब तक 33 पट्टे जारी किए है, जबकि 783 आवेदन अभी लंबित है।<br /> <br /> <strong>जेडीए : अप्रुव्वड कॉलोनियों <br /> में भी नहीं दे सके पट्टे</strong><br /> शहर की जिन कॉलोनियों का नियमन हो चुका है, उन कॉलोनियों में भी करीब 1950 कॉलोनी ऐसी है, जिनमें कई लोगों ने पट्टे नहीं लिए है। जेडीए के अनुसार अपु्रव्वड कॉलोनियों में करीब 86 हजार से अधिक भूखण्डधारी ऐसे है, जिन्होंने पट्टे नहीं लिए है। अभियान में पिछली बार भी कई कॉलोनियों में पट्टे देने के शिविर लगाए गए, लेकिन उसके बाद भी भूखण्डधारियों को जेड़ीए पट्टे नहीं दे सका। शहर के आगरा रोड पर जामडोली, पालड़ी मीणा, खो-नागोरियान, गोनेर रोड, टोंक रोड पर वाटिका रोड, सांगानेर, पृथ्वीराज नगर दक्षिण और उत्तर, निवारू रोड, अजमेर रोड, सिरसी रोड, जयपुर-दिल्ली रोड, सीकर रोड, बढ़ारना आदि ऐसे इलाके है, जिनमें गृह निर्माण सहकारी समितियों की ओर से कृषि भूमि पर कॉलोनियां काटी गई है, जिनका नियमन होना बाकी है। जेडीए ने आठ नवंबर तक 11400 से अधिक पट्टे बांटे है, जिनमें कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियां, पुरानी अपु्रव्वड स्कीम और कच्ची बस्ती के पट्टे भी शामिल है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Nov 2021 11:49:08 +0530</pubDate>
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                <title>राममंदिर निर्माण को राजस्थान देगा रफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[जिन खास पत्थरों की कमी थी, वह अब गहलोत सरकार भरपूर देगी : निर्माण को भरतपुर के बंशी पहाड़पुर में दबे गुलाबी-लाल पत्थर की हुई थी मांग लेकिन खनन की नहीं थी अनुमति]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/617b831047ca4/article-1978"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/gehlot_rammandir.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर।</strong> राजस्थान की गहलोत सरकार की राम मंदिर के तेज गति से निर्माण में अहम भागीदारी होने जा रही है। मंदिर के निर्माण में जिन गुलाबी-लाल पत्थरों की कमी से रामजन्म भूमि मंदिर निर्माण ट्रस्ट जूझ रही थी, वह अब राजस्थान से दिसम्बर-2021 से भरपूर मात्रा में सप्लाई हो सकेंगे। भरतपुर के बंशी पहाड़पुर इलाके में इन पत्थरों के अथाह भंडार दबे थे, लेकिन वन भूमि होने के कारण खनन मुमकिन नहीं था। गहलोत सरकार ने पिछले दिनों इस जरुरत को समझा और केन्द्रीय वन पर्यावरण व जलवायु मंत्रालय से इस क्षेत्र को वन एरिया से अलग कराने का प्रस्ताव भिजवाया। जिसे 11 जून 2021 को मंजूरी मिल गई। राजस्थान ने 398 हैक्टेयर खनन क्षेत्र विकसित कर लिया है। अब इस क्षेत्र में पहले चरण में 230.64 हैक्टेयर में 39 खनन ब्लॉकों की नीलामी शुरू हो गई है। पहले फेज में 135.94 हैक्टेयर क्षेत्र में 30 ब्लॉक 24 नवम्बर तक और दूसरे फेज में 94.70 हैक्टेयर क्षेत्र के 9 खनन ब्लॉक 3 दिसम्बर तक नीलाम कर दिए जाएंगे। खनन शुरू होते ही पत्थरों की डिमांड राममंदिर के लिए पूरी हो सकेगी।</p>
<p><br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>पहले अवैध खनन था, ना डिमांड पूरी और ना ही राजस्व था</strong></span></span><br /> वन क्षेत्र होने से पहले यहां चोरी-छिपे खनन माफिया अवैध खनन करते थे। इसी में से कुछ पत्थर मंदिर के लिए अयोध्या सप्लाई होता था। लेकिन डिमांड के अनुसार आपूर्ति नहीं थी। गहलोत सरकार के संज्ञान में यह आया था तो मंदिर की डिमांड के साथ वैध खनन में बदलने का फैसला किया गया। मंदिर निर्माण को भरपूर पत्थर सप्लाई के साथ राजस्थान सरकार को अब 300 करोड़ की राजस्व प्राप्ति और करीब 10 हजार लोगों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार इससे मिल सकेगा।</p>
<p><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>राममंदिर निर्माण के लिए सेंड स्टोन डिमांड को देखते हुए सरकार संवेदनशील रही</strong></span></span></p>
<p>‘राममंदिर निर्माण के लिए सेंड स्टोन डिमांड को देखते हुए सरकार संवेदनशील रही। सीएम अशोक गहलोत के खुद अथक प्रयास कर बारेठा वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र से बंशी-पहाडपुर को अलग करवाया। जून में वन मंत्रालय से वन भूमि के डायवर्जन की मंजूरी ली। अब खनन ब्लॉक नीलाम हो रहे हैं। सेंड स्टोन मंदिर को पूर्ण मात्रा में उपलब्ध हो सकेंगे।’<br /> <strong>-डॉ.सुबोध अग्रवाल, एसीएस, खान विभाग</strong><br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong><br /> सीएम धन्यवाद के पात्र</strong></span></span><br /> अयोध्या से मंदिर निर्माण में जुटे लोग आए थे। सीएम से मिलकर पत्थरों की आवश्यकता की बात रखी थी। मैं खुद भी सीएम से उनके साथ मिला था। केन्द्र व राज्य सरकार दोनों का इसमें रोल रहा। राज्य सरकार ने प्रस्ताव भेजा और केन्द्रीय वन मंत्रालय ने मंजूरी दी। सीएम का पॉजिटिव रुख रहा। इसके लिए वे धन्यवाद के पात्र हैं। <br /> <strong>- गुलाब चंद कटारिया, नेता प्रतिपक्ष</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>भरतपुर</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 Oct 2021 12:23:15 +0530</pubDate>
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                <title>लखीमपुर खीरी हत्याकांड : UP सरकार के ढीले रवैये पर SC नाराज : गवाहों को सुरक्षा, जांच में तेजी लाने के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[मामले की अगली  सुनवाई 08 नवंबर को नवंबर को होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%B2%E0%A4%96%E0%A5%80%E0%A4%AE%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0-%E0%A4%96%E0%A5%80%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A1---up-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%A2%E0%A5%80%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%B0%E0%A4%B5%E0%A5%88%E0%A4%AF%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-sc-%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C---%E0%A4%97%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BE--%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%9A-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A4%E0%A5%87%E0%A4%9C%E0%A5%80-%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%86%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6/article-1894"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/sc3.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली।  उच्चतम न्यायालय ने लखीमपुर खीरी हत्याकांड मामले में उत्तर प्रदेश सरकार के ढीले रवैये पर मंगलवार को एक बार फिर कई सवाल खड़े किये और गवाहों को समुचित सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ  जांच में तेजी लाने का आदेश दिया। मुख्य न्यायाधीश एन वी रमन की अध्यक्षता वाली पीठ ने गवाहों के बयान सीआरपीसी की धारा 164 के तहत कराने में तेजी लाने का आदेश सरकार को दिया। <br /> <br /> शीर्ष अदालत ने जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान कहा कि सीआरपीसी की धारा 164 के तहत गवाहों के बयान दर्ज करने के लिए यदि न्यायिक अधिकारी संबंधित क्षेत्र में उपलब्ध नहीं है तो जिला न्यायाधीश नजदीकी इलाके के अन्य मजिस्ट्रेट के समक्ष 164 के तहत बयान दर्ज कराने  की व्यवस्था कर सकते हैं। पीठ ने कहा कि हम उत्तर प्रदेश सरकार को आदेश देते हैं कि वह गवाहों के लिए समुचित सुरक्षा की व्यवस्था करें, हालांकि उत्तर प्रदेश सरकार का पक्ष रख रहे वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने कहा कि सुरक्षा दी जा रही है।<br /> <br /> उच्चतम न्यायालय में इसी सुनवाई के दौरान घटना में मारे गए श्याम सुंदर की विधवा  रूबी देवी की ओर से पेश वकील अरुण भारद्वाज ने इंसाफ देने की गुहार लगाई । उन्होंने कहा कि उन्हें धमकियां दी जा रही है हत्यारे खुलेआम घूम रहे हैं।</p>
<p><br /> उल्लेखनिय है कि श्याम पर किसानों को कुचलने के आरोप हैं। घटना के बाद हुई हिंसा में उसकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मारे गए पत्रकार के परिजनों की ओर से भी न्याय की मांग की गई। इस पर न्यायाधीश ने इस मामले में अलग से स्टेटस रिपोर्ट देने का आदेश सरकार को दिया दिया।</p>
<p><br /> मामले की अगली  सुनवाई 08 नवंबर को नवंबर को होगी। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले में आज प्रगति रिपोर्ट अदालत में पेश किया।  सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने पीठ को बताया कि कुल 68 गवाहों में 30 के बयान सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज कर लिए गए हैं। इनमें 23 चश्मदीद गवाह हैं। मुख्य न्यायाधीश ने सिर्फ 23 चश्मदीद की जानकारी पर हैरानी जताते हुए कहा कि हजारों की भीड़ में सिर्फ 23 चश्मीदीद गवाह है।<br /> <br /> उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में 03 अक्टूबर  को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के एक कार्यक्रम के दौरान चार किसानों की कार से कुचलकर मृत्यु हो गई थी। और इसके बाद भड़की ङ्क्षहसा में चार अन्य लोग मारे गए थे। उनमें कार ड्राइवर भी शामिल है। घटना में भारतीय जनता पार्टी के दो कार्यकर्ताओं की भी मृत्यु हो गई थी। मरने वालों में श्याम सुंदर और एक पत्रकार  भी शामिल हैं। किसानों को कार से कुचलने के मामले में आरोपियों में शामिल केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के  पुत्र  समेत कई आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 Oct 2021 14:20:18 +0530</pubDate>
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