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                <title> Theater - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description> Theater RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>समाज को सकारात्मक संदेश देने की पहल, नाटक गुम के सभी शो होंगे नि:शुल्क</title>
                                    <description><![CDATA[सामाजिक सरोकार पर आधारित नाटक 'गुम' के सभी शो अब दर्शकों के लिए नि:शुल्क होंगे। कलाकर्म प्रोडक्शन ने अधिक से अधिक लोगों तक जागरूकता का संदेश पहुंचाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया है। साथ ही फिल्म निर्देशक विपिन शर्मा ने कलाकारों को अभिनय, संवाद अदायगी और मंच प्रस्तुति का विशेष प्रशिक्षण भी दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/an-initiative-to-give-a-positive-message-to-the-society/article-161809"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)8.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कलाकर्म प्रोडक्शन की टीम और संस्था के सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। समाज में गंभीर विषय पर आधारित नाटक 'गुम' के महत्व और उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए तय किया गया है कि इस नाटक के सभी प्रदर्शन दर्शकों के लिए पूरी तरह नि:शुल्क रखे जाएंगे। इस निर्णय के पीछे मुख्य उद्देश्य यह है कि बिना किसी शुल्क के अधिक से अधिक लोग इस नाटक को देख सकें और इसके माध्यम से मिलने वाली सीख से समाज में सकारात्मक बदलाव आ सके। संस्था का मानना है कि कला और रंगमंच के जरिए समाज के हर वर्ग तक जागरूकता का संदेश प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है।</p>
<p>नाटक से जुड़ी तैयारियों के तहत सोमवार को वैशाली नगर स्थित एक टॉवर में फिल्म निर्देशक विपिन शर्मा ने प्रतिभागियों को ऑडिशन की तैयारी, प्रभावी संवाद अदायगी, मंच प्रस्तुति, चेहरे के भाव, शारीरिक हाव-भाव, कैमरे के सामने अभिनय तथा किरदार को जीवंत बनाने की तकनीकों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि सफल अभिनेता बनने के लिए निरंतर अभ्यास, अनुशासन और आत्मविश्वास सबसे महत्वपूर्ण हैं। आयोजकों ने कहा कि कला केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में पहुंचकर इस प्रस्तुति का हिस्सा बनें और इस सामाजिक संदेश को आगे बढ़ाने में सहयोग करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Aug 2026 12:31:04 +0530</pubDate>
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                <title>वो भी एक दौर था : टिकट विंडो पर लम्बी कतारें, हाउसफुल का बोर्ड और टिकट पाने की जुगत</title>
                                    <description><![CDATA[एक दौर था जब जयपुर में नई फिल्म रिलीज होने का मतलब होता था टिकट खिड़कियों पर लंबी कतारें, हाउसफुल के बोर्ड और सिनेमाघरों के बाहर मेले सा माहौल। परिवार के साथ फिल्म देखना केवल मनोरंजन नहीं, एक सामाजिक उत्सव हुआ करता था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/that-too-was-a-time-long-queues-at-the-ticket/article-155803"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/1111200-x-600-px)9.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। एक दौर था जब जयपुर में नई फिल्म रिलीज होने का मतलब होता था टिकट खिड़कियों पर लंबी कतारें, हाउसफुल के बोर्ड और सिनेमाघरों के बाहर मेले सा माहौल। परिवार के साथ फिल्म देखना केवल मनोरंजन नहीं, एक सामाजिक उत्सव हुआ करता था। जब समय बदला तो तकनीक बदली और मनोरंजन के तौर-तरीके भी बदल गए। नतीजा यह हुआ कि जयपुर के कई ऐतिहासिक और लोकप्रिय सिनेमाघर धीरे-धीरे इतिहास के पन्नों में सिमट गए।</p>
<p><strong>गोलेछा के बंद होने पर भावुक प्रतिक्रिया</strong><br />हाल के वर्षों में सबसे ज्यादा चर्चा गोलेछा सिनेमा के बंद होने की रही। करीब सात दशक तक जयपुर की सिनेमा संस्कृति का प्रतीक रहा यह थिएटर हजारों लोगों की भावनाओं से जुड़ा था। चौड़ा रास्ता में स्थित यह सिनेमाघर केवल फिल्में दिखाने की जगह ही नहीं पीढि़यों की यादों का खजाना था। कई लोगों ने यहां अपनी पहली फिल्म देखी, दोस्तों के साथ समय बिताया और परिवार के साथ अनगिनत यादें संजाई। इसके बंद होने की खबर ने सोशल मीडिया पर भी भावुक प्रतिक्रियाओं की बाढ़ ला दी थी।</p>
<p><strong>राजमंदिर की विरासत आज भी कायम</strong><br />दिलचस्प बात यह है कि जहां अधिकांश पुराने सिनेमा घर इतिहास बन चुके हैं, वहीं राज मंदिर सिनेमा आज भी अपनी भव्यता और विरासत के साथ खड़ा है। अपनी गोल्डन जुबली मना रहा यह प्रतिष्ठित थिएटर आज भी देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और सिनेमा प्रेमियों को आकर्षित करता है। </p>
<p><strong>सिंगल स्क्रीन थियेटर इसलिए पिछड़े</strong><br />सिंगल स्क्रीन थिएटरों के पतन के पीछे कई कारण रहे। मल्टीप्लेक्स कल्चर, आधुनिक सुविधाएं, ऑनलाइन टिकट बुकिंग, मॉल आधारित मनोरंजन और तेजी से बढ़ते ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने दर्शकों की पसंद बदल दी। इसके अलावा रख-रखाव का बढ़ता खर्च और कोविड महामारी के बाद आई आर्थिक चुनौतियों ने भी कई थिएटरों की कमर तोड़ दी। </p>
<p><strong>कभी सिने प्रेमियों की खास पसंद रहे ये सिनेमा</strong><br />गोलेछा के अलावा टोंक रोड स्थित लक्ष्मी मंदिर सिनेमा भी जयपुर की पहचान हुआ करता था। वषार्ें से बंद पड़े इस सिनेमा घर को देखकर पुराने दर्शकों को अपना सुनहरा दौर याद आ जाता है। जयपुर में ऐसे कई अन्य थिएटर भी रहे, जिन्होंने शहर की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत किया। राम प्रकाश, सम्राट थिएटर सहित कई अन्य थिएटर भी हैं, जो कभी सिनेमा प्रेमियों की जुबान पर रहते थे। </p>
<p>लोगों को मल्टीप्लेक्स कल्चर, आधुनिक सुविधाएं, मॉल आधारित मनोरंजन सहित एक जगह पर सभी तरह की सुविधाएं चाहिए। ये सुविधाएं मल्टीप्लेक्स में मिलती है।<br /><strong>राज बंसल (बॉलीवुड फिल्म वितरक)</strong></p>
<p>सिंगल स्क्रीन में वो सुविधाएं नहीं मिलती जो मल्टीप्लेक्स में मिलती है। अधिकतर मल्टीप्लेक्स बड़े-बड़े मॉल में होते है, जिसमें सभी तरह की सुख सुविधाएं मिलती है।<br /><strong>-दामोदर शर्मा (निवासी बड़ी चौपड़) </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 10:57:55 +0530</pubDate>
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                <title>नारी शक्ति मास में गूंजेगा आमेर रंगमंच : 7 मार्च को ‘दहेज’ नाटक की विशेष प्रस्तुति, स्थानीय कलाकार और नागरिक लेंगे भाग </title>
                                    <description><![CDATA[विश्व महिला दिवस के अवसर पर नाटकवाला कला मंच, आमेर ने “घर-घर रंगमंच - हर दर रंगमंच” अभियान के तहत 7 मार्च को शाम 6 बजे नारी शक्ति मास 2026 अंतर्गत विशेष नाट्य प्रस्तुति आयोजित। कार्यक्रम में रवींद्रनाथ टैगोर की कहानी पर आधारित सामाजिक नाटक “दहेज” रंगकर्मी राजीव मिश्रा के निर्देशन में मंचित। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/amer-gunj-theater-will-be-heard-in-nari-shakti-maas/article-145600"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/200-x-60-px)10.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। विश्व महिला दिवस के उपलक्ष में नाटकवाला कला मंच, आमेर द्वारा “घर-घर रंगमंच - हर दर रंगमंच” अभियान के तहत नारी शक्ति मास 2026 के अंतर्गत 7 मार्च को शाम 6 बजे विशेष नाट्य प्रस्तुति आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की कहानी पर आधारित सामाजिक नाटक “दहेज” का मंचन होगा। नाटक की परिकल्पना, निर्देशन और प्रकाश संयोजन रंगकर्मी राजीव मिश्रा ने किया है।</p>
<p>मंच के संस्थापक ओम प्रकाश सैनी के अनुसार यह पहल नारी सम्मान और सामाजिक जागरूकता को बढ़ाने का एक विनम्र प्रयास है, जिसमें स्थानीय कलाकार और नागरिक भाग लेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Mar 2026 16:07:37 +0530</pubDate>
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