<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/religious/tag-7423" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>religious - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/7423/rss</link>
                <description>religious RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>800 साल से भी अधिक पुराना है कोटा का आशापुरा माता मंदिर, दशहरा मेले की शुरूआत होती है मंदिर की पूजा से</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[कोटा के दशहरा मैदान के पास स्थित यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि इतिहास, परंपरा और लोकमान्यताओं का संगम है।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-ashapura-mata-temple-in-kota-is-over-800-years-old/article-127651"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/11-(1)20.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नवरात्रि का पर्व शुरू होते ही कोटा शहर भक्ति और आस्था में सराबोर हो उठता है। हर गली-मोहल्ले में देवी के जयकारे गूंजने लगते हैं, माता की चौकियां सजती हैं और भक्तजन व्रत-उपवास रखते हुए माता की साधना में लीन हो जाते हैं। ऐसे पावन अवसर पर कोटा का आशापुरा माता मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बन जाता है। कोटा के दशहरा मैदान के पास स्थित यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि इतिहास, परंपरा और लोकमान्यताओं का संगम है। माना जाता है कि यह मंदिर करीब 800 साल से भी अधिक पुराना है। इसकी स्थापना रियासतकाल में हुई है। आज यह मंदिर केवल स्थानीय ही नहीं, बल्कि राजस्थान भर के श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन चुका है। दशहरा और नवरात्र के दिनों में यहां देशभर से भक्त पहुंचते हैं। वर्तमान में भी मंदिर का रख-रखाव और पूजा-पाठ परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार ही किया जाता है। यह आशापुरा माता हाड़ौती व चौहानों की कुलदेवी है। इसके लिए अन्य समाज में भी माता की आस्था है तथा कई जने कुलदेवी मानते है।</p>
<p><strong>आशापुरा मंदिर के दर्शन से होती हैं दशहरा मेले की शुरूआत</strong><br />कोटा का दशहरा मेला आज विश्व प्रसिद्ध है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इसकी शुरूआत भी इसी मंदिर से होती है। परंपरा के अनुसार, दशहरे के शुभारंभ से पूर्व राजपरिवार के सदस्य यहां विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। जब तक माता की आराधना पूरी नहीं हो जाती, तब तक मेले के कार्यक्रमों की शुरूआत नहीं होती। नगर निगम के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस पूजा में शामिल होते हैं। इसके बाद ही दशहरा मैदान का विशाल आयोजन प्रारंभ होता है। कोटा का यह मंदिर एक ऐसा स्थल है, जहां राजपरिवार और आमजन दोनों समान रूप से श्रद्धा अर्पित करते हैं। दशहरा मेला हो या नवरात्र, दोनों अवसरों पर यहां की भव्यता देखते ही बनती है। यहां पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद वितरण की परंपरा है, जिसे ग्रहण करने के लिए भक्त उत्सुक रहते हैं।</p>
<p><strong>समाधि और चमत्कारी किंवदंतियां</strong><br />मंदिर परिसर में स्थित सिद्धयोगी महाराज की समाधि स्थित है यह भी श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है। भक्त मानते हैं कि यहां समाधि से निकलने वाली ऊर्जा हर व्यक्ति का कल्याण करती है। कहा जाता है कि जो भी यहां सच्चे मन से मनोकामना मांगता है, माता उसकी हर इच्छा पूर्ण करती हैं। यही कारण है कि मंदिर का नाम आशापुरा पड़ा  जो सबकी आशा पूरी करती हैं।</p>
<p><strong>आशापुरा से बनीं आशापाला</strong><br />मंदिर के पुजारी सिद्धनाथ योगी बताते हैं कि यहां आने वाले भक्त खाली हाथ नहीं लौटते। माता हर मनोकामना को पूर्ण करती हैं। यही कारण है कि माता का नाम आशापुरा पड़ा। लाखों लोगों की आस्था से जुड़ा यह मंदिर आज भी उसी महिमा और चमत्कार से परिपूर्ण है, जैसे सदियों पहले हुआ करता था। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं ने बताया कि  माता आशापुरा का प्राकट्य एक अशोक वृक्ष से हुआ था। इसी कारण इस मंदिर को लंबे समय तक आशापाला मंदिर के नाम से भी जाना जाता रहा। समय के साथ जब भक्तों ने महसूस किया कि माता उनकी हर मनोकामना पूरी करती हैं, तब यह मंदिर आशापुरा माता मंदिर कहलाने लगा। </p>
<p><strong>नवरात्र के दिन होते हैं विशेष कार्यक्रम</strong><br />- भजन संध्या और जागरण आयोजित होते हैं।<br />- भक्तों द्वारा सुंदरकांड पाठ और माता की चौकी सजाई जाती है।<br />- बड़ी संख्या में महिलाएं गरबा और डांडिया खेलकर माता का आह्वान करती हैं।</p>
<p><strong>नवरात्र में उमड़ती है आस्था की गंगा</strong><br />- नवरात्रि आते ही इस मंदिर की रौनक देखते ही बनती है। सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग जाती हैं।<br />- सुबह 5 बजे मंदिर खुलता है और दोपहर 12.30 बजे तक दर्शन होते हैं।<br />- शाम को 4 बजे मंदिर पुन: खुलता है और रात 10 बजे तक दर्शनार्थियों की भीड़ रहती है।<br />- नवरात्रि में मंदिर पूरे दिन खुला रहता है ताकि कोई भी भक्त दर्शन से वंचित न रह जाए। अष्टमी के दिन यहां श्रद्धालुओं की संख्या बड़ी संख्या में पहुंचते है। अष्टमी के दिन मंदिर में खड़े होने के लिए भी जगह नहीं मिलती।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-ashapura-mata-temple-in-kota-is-over-800-years-old/article-127651</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-ashapura-mata-temple-in-kota-is-over-800-years-old/article-127651</guid>
                <pubDate>Tue, 23 Sep 2025 14:26:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-09/11-%281%2920.png"                         length="716363"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[kota]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डाढ़ देवी माता मंदिर में नवरात्र पर उमड़ती है श्रद्धा की गंगा : दांत दर्द से बनीं डाढ़ देवी, रियासतकालीन से चली आ रही पूजा-अर्चना</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[हर रविवार को भरता है मेला, सैंकड़ों लोगों को मिलता है रोजगार।
]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/dhar-devi-mata-temple-is-flooded-with-devotion-during-navratri--the-dhar-devi-was-created-from-a-toothache/article-127588"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/_4500-px)-(6)6.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। राजस्थान की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर में देवी मंदिरों का विशेष महत्व है। इन्हीं मंदिरों में से एक है डाढ़ देवी माता मंदिर, जो कोटा शहर बस स्टैंड से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह मंदिर अपनी आस्था, चमत्कारिक मान्यताओं और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। चाहे नवरात्र का पर्व हो या साधारण दिन, यहां भक्तों की भीड़ हमेशा उमड़ी रहती है। यह मंदिर रेलवे स्टेशन से लगभग 19 किलोमीटर तथा एरोड्रम से 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। मंदिर तक पहुंचने वाली सड़क कहीं डामर से बनी हुई है तो कहीं सीसी रोड का रूप लिए हुए है। बावजूद इसके, श्रद्धालुओं की आस्था और भक्ति उन्हें माता के दरबार तक खींच ही लाती है। डाढ़ देवी मंदिर के पुजारी भोलाराम ने बताया कि नवरात्र के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते है। नवरात्र के दिन मंदिर पूरे दिन खुला रहता है। माता के विशेष शृंगार में चार घंटे से भी अधिक का समय लगता है। पहले चोला बदला जाता है। फिर नई पोशाक के साथ माता का शृंगार किया जाता है। रोजाना नया शृंगार होता है। यह मंदिर वर्षों पुराना है। यहां आने वाले श्रद्धालु मन में अपनी मनोकामना मांगते है। ईच्छा पूरी होने पर पूरे परिवार के साथ माता के दर्शन करने व धोक लगाने आते है। यह मंदिर देवस्थान विभाग के अधीन आता है। इस मंदिर में दो गार्ड व एक चौकीदार है जो व्यवस्था संभालते है। यहां पुजारी धनराज भी है जो मुख्य व्यवस्था में सहयोग करते है। नवरात्र के अलावा इस मंदिर हर रविवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते है। इस मंदिर के सामने एक कुंड है जिसमें पानी भरा हुआ है इस कुंड के पानी में कभी कीड़े नहीं लगते है तथा किसान इस पानी को अपने खेतों में छिड़कते है। इसे गंगा के समान ही माना गया है।</p>
<p><strong>दांत दर्द से डाढ़ माता बनीं</strong><br />एक रोचक किंवदंती के अनुसार, कैथून दरबार में रियासतकालीन समय पर एक व्यक्ति को दाढ़ में बहुत तेज दर्द था। उसने माता से प्रार्थना की कि उसका कष्ट दूर हो जाए। चमत्कारिक रूप से उसका दाढ़ दर्द ठीक हो गया। इसी घटना के बाद इस स्थान पर मंदिर बनवाया गया और देवी को डाढ़ माता के रूप में पूजा जाने लगा। एक अन्य श्रद्धालु काशीराम गुर्जर बताते हैं कि प्राचीन समय में जब मंदिर में आरती होती थी, तो बंदरों से लेकर शेर जैसे जंगली जानवर भी यहां पहुंचते थे। वे शांत भाव से आरती सुनते और फिर अपने-अपने रास्ते चले जाते। आज भी मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में बंदर दिखाई देते हैं। डाढ़ देवी माता को दृष्टादेवी भी कहा जाता है।</p>
<p><strong>नौ दिन तक चलता है उत्सव</strong><br />डाढ़ माता मंदिर में शारदीय और चैत्र नवरात्रि के अवसर पर नौ दिन का विशाल मेला भरता है। इन दिनों मंदिर का माहौल भक्तिमय हो उठता है। माता का विशेष श्रृंगार किया जाता है, जिसमें करीब चार घंटे का समय लगता है। नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन माता को नई पोशाक पहनाई जाती है। इस अवसर पर लाखों श्रद्धालु दूर-दराज से माता के दर्शन के लिए आते हैं। राजस्थान ही नहीं बल्कि दिल्ली, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों से भी भक्त यहां पहुंचते हैं। मंदिर में आने वाले भक्त माता को चुनरी, नारियल और प्रसाद अर्पित कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। मेला केवल धार्मिक आस्था का ही नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक उत्सव का भी प्रतीक बन जाता है।</p>
<p><strong>कुंड के जल की अनोखी शक्ति</strong><br />मंदिर के पास स्थित एक प्राचीन कुंड को बेहद पवित्र माना जाता है। इसकी मान्यता है कि इस जल को खेतों में छिड़कने से फसलें अच्छी होती हैं और कीट-रोग नहीं लगते। यह जल गंगा के समान पवित्र और कभी खराब न होने वाला माना जाता है। किसान इसे अपने लिए वरदान स्वरूप मानते हैं।</p>
<p><strong>पुजारी और देवस्थान विभाग की देखरेख</strong><br />मंदिर की व्यवस्था देवस्थान विभाग के अधीन है। मंदिर में इस समय पुजारी भोलाराम और धनराज सेवा-अर्चना का कार्य करते हैं। भोलाराम सीकर जिले के रहने वाले हैं और पिछले दो साल से यहां पूजा-पाठ कर रहे हैं। नवरात्र के दौरान जब लाखों श्रद्धालु यहां आते हैं, तब प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की जाती हैं। सुरक्षा और व्यवस्था संभालने के लिए दो गार्ड और एक चौकीदार तैनात रहते हैं।</p>
<p><strong>राजा-महाराजाओं के समय की धरोहर</strong><br />किंवदंतियों के अनुसार डाढ़ देवी माता का मंदिर 8वीं से 10वीं शताब्दी के बीच निर्मित हुआ था। तंवर राजपूतों द्वारा इसे अपनी कुलदेवी के रूप में स्थापित किया गया था।  एक अन्य किवंदती के अनुसार माता ने स्वप्न में राजा को आदेश दिया कि मेरा स्थान यही रहेगा और यहीं से श्रद्धालुओं का भला होगा। तब से माता का मंदिर अपने मूल स्थान पर ही विद्यमान है।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/dhar-devi-mata-temple-is-flooded-with-devotion-during-navratri--the-dhar-devi-was-created-from-a-toothache/article-127588</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/dhar-devi-mata-temple-is-flooded-with-devotion-during-navratri--the-dhar-devi-was-created-from-a-toothache/article-127588</guid>
                <pubDate>Mon, 22 Sep 2025 15:49:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-09/_4500-px%29-%286%296.png"                         length="967534"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[kota]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आपणो सिद्धी विनायक अब एसी वाले बप्पा के नाम से प्रसिद्ध</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[देश-विदेश के श्रद्धालु भी ऑनलाइन करते हैं दर्शन।
]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/apno-siddhi-vinayak-is-now-famous-as-ac-wale-bappa/article-125123"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws105.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। जब भावना सच्ची हो, तो पेड़ भी देवता बन जाते हैं, और तकनीक भी पूजा का हिस्सा हो सकती है। आपणो सिद्धी विनायक गणेश मंदिर वर्तमान में एसी वाले बप्पा के रूप में कोटा शहर की धार्मिक पहचान बन चुके है। क्षेत्र के दादाबाड़ी क्षेत्र में स्थित लाल बाग आपणो सिद्धी विनायक गणेश मंदिर को अब एसी वाले बप्पा के रूप में लोग पहचानते है। इस मंदिर में प्राचीनकाल से धोकड़ा के पेड़ पर आपणों सिद्धी विनायक प्रतिमा अपने आप प्रकट हुई थी। लेकिन इसका ऐतिहासिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। प्राचीनकाल में श्रद्धालुओं ने इस धोकड़ा पेड़ पर अपनी मनोकामना के लिए पर्ची बांधते थे। पूरी होने पर श्रद्धालु अपनी इच्छा भेंट चढ़ा जाते थे। अब वर्तमान में मंदिर का स्वरूप विस्तृत होने के साथ डिजिटल युग के चलते अब देश-विदेश में भी इसको एसी वाले बप्पा के रूप में पहचानने लग गए है। तथा विदेश से भी अब ऑनलाइन दर्शन करते हैं।</p>
<p><strong>ट्रस्ट से संचालित होता हैं मंदिर</strong><br />मुख्य पुजारी कमलकांत गौतम ने बताया कि यह मंदिर ट्रस्ट श्रीकृष्ण मुरारी गौशाला एसोसिएशन सोसायटी, कोटा की ओर से संचालित होता है। मंदिर में आयोजित होने वाले विशेष कार्यक्रमों में अध्यक्ष सतीश गोपालानी, सचिव व मंदिर प्रभारी श्याम स्वरूप रोहिड़ा, संयोजक विजय नेभनानी, सह-संयोजक शंकर अरोड़ा, संरक्षक अर्जुन जयसिंघानी व संरक्षक लधाराम ग्वालानी ने प्रमुख भूमिका निभा रहे है।</p>
<p><strong>मन्नतों का धोकड़ा पेड़, जहां बांधी जाती है पर्चियां</strong><br />मंदिर परिसर में आज भी धोकड़ा का पेड़  सुरक्षित है,जिन पर हरी पत्तियां लगी हुई है। जिस पर प्रतिमा प्रकट हुई थी। वहां पर श्रद्धालु अपनी एक पर्ची पर लिखकर बांधते हैं। यह परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है। श्रद्धालुओं की जब मन्नत पूरी हो जाती है तब वापस आकर अपनी ईच्छानुसार भेंट भी चढ़ाते हैं। एसी वाले बप्पा मंदिर में कोटा समेत कई राज्यों के वीआइपी भी आपणो सिद्धी विनायक मंदिर में दर्शन लाभ लेने आते है। श्रद्धालुओं के अनुसार यहां हर मनोकामना पूरी होती है।</p>
<p><strong>यूं बने एसी वाले बप्पा</strong><br />दादाबाड़ी क्षेत्र में स्थित एक अनोखा मंदिर कोटा के अलावा अन्य राज्यों में भी भक्तों और पर्यटकों के बीच आस्था की कड़ी के रूप में जुड़ा हुआ है।  ज्यों-ज्यों समय बदला तब-तब इसके विकास कार्य भी खूब करवाए गए। वर्तमान में लाखों श्रद्धालुओं के आस्था का केंद्र बन चुका है। कहा जाता है अत्यंत गर्मी पड़ने पर किसी भक्त मनोकामना पूरी होने उन्होंने आपणों सिद्धी विनायक मंदिर में एसी लगवा दिया। यहां आने वाले हर भक्त ठंडी हवा में शुकून से दर्शनलाभ लेते हैं। उस समय के बाद से सिद्धी विनायक गणेश अब एसी वाले बप्पा के रूप में प्रसिद्ध हो गए। आज भी यहां आने वाले भक्त यहां लगे पेड़ पर अपनी मनोकामना की पर्चिया बांध जाते है। श्रद्धालुओं के अनुसार आपणों सिद्धी विनायक मंदिर में दर्शन के साथ-साथ ठंडी हवा में भी बप्पा की कृपा बरसती है। धोकड़ा पेड़ की पत्तियां आज भी हरी भरी है।</p>
<p><strong>धोकड़ा के पेड़ से प्रकट हुए बप्पा</strong><br />पुजारी ने बताया कि यह गणेश जी की प्रतिमा किसी मूर्तिकार ने नहीं बनाई, बल्कि वह एक पुराने धोकड़ा के पेड़ पर अपने आप उभरी। वर्षों पहले इस छाल पर भगवान गणेश की आकृति नजर आई थी, इसको देखकर स्थानीय लोगों ने विधि-विधान पूजा-अर्चना कर यहीं मंदिर का निर्माण करवाया। प्राचीनकाल से लेकर आज तक लाखों श्रदलु दर्शन करते आते हैं। उन्होंने बताया कि  यह आपणो सिद्धी विनायक गणेश मंदिर 100 वर्षों से भी अधिक पुराना है, इस मंदिर को अब वर्तमान में एसी वाले गणेश मंदिर के नाम से जाने जाते है।</p>
<p><strong>ये होंगे कार्यक्रम</strong><br />- 31 को रक्तदान शिविर प्रात: 11 बजे से<br />- 31 को आम भंडारा, सायं 5 बजे से<br />- 1 सितंबर को शाम को संदरकांड पाठ<br />- 3 सितंबर रात्रि 9.30 बजे महाआरती<br />- 4 सितंबर को रात्रि 9.30 बजे छप्पन भोग का आयोजन<br />- 5 सितंबर को दोपहर 2 बजे शोभायात्रा<br />- 6 सितंबर को शाम 8 बजे आरती व प्रसाद वितरण <br />- 6 सितंबर को रात्रि 9 बजे विसर्जन कार्यक्रम</p>
<p><strong>मुंबई के सिद्धी विनायक की तरह ही होती है पूजा</strong><br />मंदिर के मुख्य पुजारी कमलकांत गौतम ने बताया कि आपणो सिद्धी विनायक मंदिर में गणेश चतुर्थी से लेकर दस दिन तक विधिवत पूजा-अर्चना के साथ विभिन्न कार्यक्रम आयोजित हो रहे है। आपणो सिद्धी विनायक की सूंड दायीं तरफ है। यहां मुंबई के लाल बाग के राजा सिद्धी विनायक की तर्ज पर ही यहां कार्यक्रम आयोजित होते है। उन्होंने बताया कि प्राचीन काल में धोकड़ा पेड़ के पास छतरी में इनकी पूजा-अर्चना होती थी। धोकड़ा पेड़ की हरी पत्तियां शमी के पेड़ की तरह ही है। उन्होंने बताया कि मंदिर में बुधवार के अलावा भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते है। यहां खाटूश्याम का जागरण, सुंदरकांड पाठ समेत कई धार्मिक कार्यक्रम श्रद्धालुओं की ओर से आयोजित किए जाते है। 31 अगस्त को भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/apno-siddhi-vinayak-is-now-famous-as-ac-wale-bappa/article-125123</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/apno-siddhi-vinayak-is-now-famous-as-ac-wale-bappa/article-125123</guid>
                <pubDate>Fri, 29 Aug 2025 14:39:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-08/1ne1ws105.png"                         length="658761"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[kota]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रदेश में 14 धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर बनेंगे रोप-वे</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[ सबसे लंबा रोप-वे बांसवाड़ा में भंदरिया हनुमान से समाई माता होते हुए मदरेश्वर मंदिर तक 4.55 किलोमीटर का बनेगा। ]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/ropeways-will-be-built-at-14-religious-and-tourist-places/article-71154"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/photo-(1)29.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">जयपुर। राजस्थान में धार्मिक स्थलों व पर्यटन स्थलों को विकसित करने और आगुंतको को सुविधा उपलब्ध कराने के लिए केन्द्र सरकार की पर्वतमाला परियोजना के तहत प्रदेश में सार्वजनिक निर्माण विभाग ने 14 स्थानों को रोप-वे बनाने के लिए चुना है। विभाग के एसीएस संदीप वर्मा ने इनको बनवाने का प्रस्ताव नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड को भेज दिया है। केंद्र सरकार के रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवे ने गत मार्च माह में प्रदेश सरकार को परियोजना के तहत रोप-वे के प्रोजेक्ट्स को चिन्हित कर प्रस्ताव भेजने के लिए पत्र लिखा था। अब केन्द्र को 19 फरवरी को यह प्रस्ताव भेजे गए हैं। सबसे लंबा रोप-वे बांसवाड़ा में भंदरिया हनुमान से समाई माता होते हुए मदरेश्वर मंदिर तक 4.55 किलोमीटर का बनेगा। वहीं जोधपुर शहर में कल्याण लेक से सिद्वनाथ मंदिर तक  सबसे छोटा 0.40 किमी का रोप-वे बनेगा। राजसमंद में 2, जयसमंद में 1, बूंदी में 1, जोधपुर शहर में 1, महेंदीपुर बालाजी में 1, बारां में 1, बांसवाड़ा में 1, अजमेर में 1 और चित्तौड़गढ़ में एक रोप-वे बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है।  </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>कहां और कितनी लंबाई के बनेंगे रोप-वे</strong><br />जयसंमद में हवा महल से रूटी रानी महल तक 1 किलोमीटर। <br />राजसमंद के कलवाड़ा से कुभलगढ़ फोर्ट तक 3.05 किलोमीटर। <br />राजसमंद में अन्नपूर्णा माता मंदिर से दयाल शाह किले तक 1.10 किलोमीटर। <br />बूंदी में इंद्रगढ़ से बीजासन माता मंदिर तक 0.60 किलोमीटर। <br />जोधपुर शहर में कल्याण लेक से सिद्धनाथ मंदिर तक 0.40 किलोमीटर।  <br />मेहंदीपुर बालाजी में फोरेस्ट नाका से भैरव बाबा मंदिर तक 0.55 किलोमीटर। <br />बारां में रामगढ़ में देव नारायण मंदिर से कृष्णा माता तक 0.650 किलोमीटर। <br />बांसवाड़ा में भंदरिया हनुमान से समाई माता मंदिर तक 0.85 किलोमीटर और यहां से मदरेश्वर मंदिर तक 3.70 किलोमीटर लंबा। <br />अजमेर में नागफनी बाइपास से तारागढ़ फोर्ट तक 1.140 किलोमीटर लंबा। <br />चित्तौड़गढ़ में विद्या निकेतन स्कूल से चित्तौडगढ़ फोर्ट के छतरंग मोरी तक 1 किलोमीटर लंबा। </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/ropeways-will-be-built-at-14-religious-and-tourist-places/article-71154</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/ropeways-will-be-built-at-14-religious-and-tourist-places/article-71154</guid>
                <pubDate>Mon, 26 Feb 2024 09:47:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-02/photo-%281%2929.png"                         length="533119"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur ]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>धार्मिक भावनाओं की बेअदबी करने वालों पर दर्ज हो 302 के तहत केस</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[पंजाब में हिंदू धर्म के लोग अल्पसंख्यक हैं जिस कारण पंजाब में हिदुओं की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है: साहिल गुप्ता]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/case-under-302-should-be-filed-against-those-who-defame/article-11731"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/4562.jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"><strong><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"><strong> <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">मोगा</span></strong>।</span></strong></span> <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">बजरंग दल हिदुस्तान की मोगा इकाई ने राष्ट्रीय कोर कमेटी चेयरमैन साहिल गुप्ता के नेतृत्व में मुख्यमंत्री पंजाब के नाम डिप्टी कमिश्नर संदीप हंस को मांगपत्र दिया गया। इस मौके पर साहिल गुप्ता ने कहा कि पंजाब में हिंदू धर्म के लोग अल्पसंख्यक हैं जिस कारण पंजाब में हिदुओं की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। राज्य के अमृतसर जिला के गांव मानावाला में कुछ कट्टरपंथियों ने जानबूझ कर दशहरा वाले दिन हिदुओं के आराध्य भगवान श्रीराम का पुतला दहन किया गया था। इस घटना से हिदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। इसी को लेकर पंजाब पुलिस ने अमृतसर जिला के लोपोके थाना में </span>27 <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">अक्टूबर को </span>295<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">ए</span>, 298, 66<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">ए धाराएं लगाकर </span>0323 <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">नंबर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई है। यह हम हिदुओं की धार्मिक भावनाओं का मामला है</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">हम इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। हम चाहते हैं कि वायरल वीडियो में नजर आ रहे बाकी सभी लगभग </span>40 <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">दोषियों और उनकी मानसिकता तैयार करने वाले षड्यंत्रकारियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">इन सभी दोषियों पर पंजाब सरकार द्वारा बनाए गए धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और धार्मिक प्रतीकों की बेअदबी करने वाले कानून के अंतर्गत धारा </span>302 <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">लगाकर केस दर्ज किया जाए। पंजाब का माहौल खराब करने के लिए पंजाब में हिदू धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का षड्यंत्र रचने वालों का पता लगाने के लिए विशेष जांच हो</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">दोषियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट चलाकर हिदू धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द सजा दिलवाई जाए।</span></p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जोधपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/case-under-302-should-be-filed-against-those-who-defame/article-11731</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/case-under-302-should-be-filed-against-those-who-defame/article-11731</guid>
                <pubDate>Thu, 09 Jun 2022 16:21:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/4562.jpg"                         length="38063"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur ]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भाजपा धार्मिक उन्माद फैलाकर सेक रही राजनीतिक रोटियां: डोटासरा</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[पीसीसी चीफ गोविन्द सिंह डोटासरा ने भाजपा पर राजस्थान में धार्मिक उन्माद फैलाकर राजनीतिक रोटियां सेकना चाहती है। कांग्रेस उनको ऐसे मंसूबो में कभी कामयाब नहीं होने देगी।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bjp-is-cooking-political-loaves-by-spreading-religious-frenzy--dotasara/article-10350"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/dotasra.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पीसीसी चीफ गोविन्द सिंह डोटासरा ने भाजपा पर राजस्थान में धार्मिक उन्माद फैलाकर राजनीतिक रोटियां सेकना चाहती है। कांग्रेस उनको ऐसे मंसूबो में कभी कामयाब नहीं होने देगी।</p>
<p><br />पीसीसी में मीडिया से बात करते हुए डोटासरा ने कहा कि राजस्थान में धार्मिक उन्माद की कमी परंपरा नहीं रही। भाजपा नेता उन्माद के जरिए अपनी राजनीतिक रोटियां सेकना चाहते हैं कांग्रेस पार्टी भाजपा नेताओं के इन मजदूरों को जनता के सामने बेनकाब कर देगी। हमारे नेता राहुल गांधी ने लंदन में भाजपा के बारे में सही बोला। आज देश में लोकतंत्र खतरे में है जो भी देश में हो रहा है वह सबके सामने है। ईडी और सीबीआई जैसी संस्थाओं के दुरुपयोग करके दादागिरी से सरकार चलाई जा रही है। राज्यसभा चुनावों को लेकर डोटासरा ने कहा कि उन चुनावों में हमें भाजपा के षड्यंत्रों का पता है। कांग्रेस के सभी विधायक एकजुट होकर मतदान करेंगे इसी वजह से कांग्रेस 4 में से 3 सीटें आसानी से जीत लेगी। पार्टी में कोई विधायक नाराज नहीं है। विधायक गणेश घोघरा से मेरी बात हो चुकी है। उन्होंने अपनी बात पार्टी के सामने रख दी है। कांग्रेस के नव संकल्प शिविर में हुए फैसलों पर डोटासरा ने कहा कि शिविर के फैसलों को अमलीजामा पहनाने के लिए राजस्थान में 1 और 2 जून को राज्य स्तरीय वर्कशॉप होगी जिसमें मंत्री विधायकों सहित करीब 650 पार्टी के नेता शामिल होंगे। इस वर्कशॉप में पार्टी के 10 बड़े मुद्दों पर सभी नेताओं के बीच चर्चा होगी। राजस्थान में करीब 2700 मंडल भी बनाए जाएंगे हर मंडल पर 15 से 20 बूथ शामिल होंगे।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bjp-is-cooking-political-loaves-by-spreading-religious-frenzy--dotasara/article-10350</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bjp-is-cooking-political-loaves-by-spreading-religious-frenzy--dotasara/article-10350</guid>
                <pubDate>Tue, 24 May 2022 17:08:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-05/dotasra.jpg"                         length="34170"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> नाकामियां छुपाने भाजपा फैला रही धार्मिक उन्माद-डोटासरा</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा ने कहा कि जिन मुद्दों पर मोदी ने आठ साल और तीन साल पहले चुनाव लड़ा, उनमें से एक भी मुददे पर उन्होंने काम नहीं किया। आज किसान व महिलाएं परेशान हैं]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%82-%E0%A4%9B%E0%A5%81%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%AA%E0%A4%BE-%E0%A4%AB%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%89%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A6-%E0%A4%A1%E0%A5%8B%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%BE/article-9098"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/govind-singh-dotasra.jpg" alt=""></a><br /><p>उदयपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा ने कहा कि जिन मुद्दों पर मोदी ने आठ साल और तीन साल पहले चुनाव लड़ा, उनमें से एक भी मुददे पर उन्होंने काम नहीं किया। आज किसान व महिलाएं परेशान हैं। युवा रोजगार के लिए तड़प रहा है लेकिन केंद्र की मोदी सरकार के कान में जूं तक नहीं रेंग रही। राजस्थान में साम्प्रदायिक सौहार्द्र को बिगाड़ कर भाजपा वोटों की फसल काटने के लिए धार्मिक उन्माद फैलाकर केंद्र की मोदी सरकार की नाकामियों को छुपाने का विफल प्रयास कर रही है।</p>
<p><br />उदयपुर में कांग्रेस के आगामी दिनों प्रस्तावित चिंतन शिविर की तैयारियों के सिलसिले में मंगलवार शाम यहां पहुंचे डोटासरा ने सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में प्रदेश में बिगड़े माहौल के बीच चिंतन शिविर के सवाल पर केंद्र सरकार और भाजपा पर प्रहार करते हुए कहा कि राजस्थान में गुड गवर्नेंस है। अच्छे तरीके से शासन चल रहा है। राजस्थान सरकार की तरफ से अच्छी फ्लेगशिप योजनाएं दे रही है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में 25 में से 25 सांसद भाजपा के होने के बावजूद वे एक फूटी कोड़ी केंद्र से तीन साल में नहीं ला पाए। राजस्थान में चुनाव आने वाले हैं। बीते साढ़े तीन साल में राजस्थान की भाजपा इकाई ने प्रतिपक्ष के रूप में कोई भूमिका नहीं निभाई। ऐसे में उनको राष्टÑीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बुलाकर उलहाना दिया तो उनसे ये जवाब नहीं मांग सके कि मोदी और अमित शाह ने आठ साल में राजस्थान को ऐसा क्या दिया जिसको लेकर वे प्रचार करते। एनडीए सरकार की ऐसी क्या अच्छी पॉलिसी है जिसेलेकर वे जनता में जाए लेकिन नड्डा ने इनसे कहा कि वे अपने एजेंडे पर काम करे और भाजपा का एजेंडा है धार्मिक ध्रुवीकरण के आधार पर वोट बटोरना।</p>
<p><br />जोधपुर के जालौरी गेट की घटना पर डोटासरा ने कहा कि कोई भी घटना हम सबके लिए चिंता का विषय होना चाहिए। सरकार को एक्शन लेना चाहिए और सरकार ले रही है। सारे अधिकारी, प्रभारी मंत्री जोधपुर चले गए। मुख्यमंत्री उनके जन्मदिन के सारे कार्यक्रम रद्द कर अधिकारियों के साथ चिंतन-मनन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ज्यो-ज्यों चुनाव नजदीक आएंगे, इस तरह का माहौल पैदा किया जाएगा जिससे वे राजनीतिक रोटियां सेक सके लेकिन यह छत्तीस कौमों का देश-प्रदेश है। हमारा संविधान, हमारा भाईचारा यह हमारे सर्वोपरि होना चाहिए। कोई भी घटना घटे, उस पर तुरंत एक्शन हो। अपराधियों व दंगाइयों को पकड़ जेल की सलाखों के पीछे डाला जाए, यह सरकार का धर्म होता है जिसे गहलोत सरकार पूरा कर रही है लेकिन इनके यह रास नहीं आ रहा। <br /><br /></p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%82-%E0%A4%9B%E0%A5%81%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%AA%E0%A4%BE-%E0%A4%AB%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%89%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A6-%E0%A4%A1%E0%A5%8B%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%BE/article-9098</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%82-%E0%A4%9B%E0%A5%81%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%AA%E0%A4%BE-%E0%A4%AB%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%89%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A6-%E0%A4%A1%E0%A5%8B%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%BE/article-9098</guid>
                <pubDate>Wed, 04 May 2022 16:56:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-05/govind-singh-dotasra.jpg"                         length="19759"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[udaipur]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रदेश में अब बिना अनुमति के नहीं किए जा सकेंगे धार्मिक आयोजन</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[ प्रदेश में अब बिना अनुमति के किसी भी प्रकार के धार्मिक आयोजन नहीं किए जा सकेंगे। माना जा रहा है कि राज्य सरकार ने करौली के हादसे के बाद यह बड़ा फैसला लिया है। ]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/religious-event-will-no-longer-be-in-state-without-permission/article-7648"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/465654645.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में अब बिना अनुमति के किसी भी प्रकार के धार्मिक आयोजन नहीं किए जा सकेंगे। माना जा रहा है कि राज्य सरकार ने करौली के हादसे के बाद यह बड़ा फैसला लिया है। गृह विभाग ने दिशा-निर्देश जारी किए है। इसके अनुसार राजस्थान में अब धार्मिक, त्योहार, जयंती, शोभा यात्रा, प्रदर्शन, सार्वजनिक कार्यक्रम और जुलूस बिना अनुमति के नहीं निकाले जा सकेंगे। सार्वजनिक कार्यक्रम, शोभायात्रा, प्रदर्शन के सम्बन्ध में आयोजकों को उपखंड अधिकारी, अतिरिक्त जिला कलक्टर और प्राधिकृत अधिकारी से मंजूरी लेनी होगी। मंजूरी के लिए निर्धारित प्रारूप में संबंधित अधिकारी को प्रार्थना-पत्र व शपथ-पत्र पेश करना होगा। अधिकारी प्रार्थना-पत्र के तथ्यों का सम्बन्धित थानाधिकारी से सत्यापन करवाएंगे। प्रार्थना-पत्र को निस्तारित करते समय पुलिस महानिदेशक की ओर से जारी निर्देशों में वर्णित बिन्दुओं एवं समय-समय पर इस विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखेंगे। सक्षम अधिकारी ऐसे सार्वजनिक कार्यक्रम के प्रार्थना-पत्र को निस्तारित करते समय राजस्थान ध्वनि नियंत्रण नियम 1964 के प्रावधानों को भी ध्यान में रखेंगे। कार्यक्रम की स्वीकृति निर्धारित प्रारूप में देंगे। अधिकारी सार्वजनिक कार्यक्रम के लिए प्राप्त प्रार्थना-पत्र की निस्तारण की सूचना सम्बन्धित जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक, उपायुक्त को देंगे। दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने पर आईपीसी 1860 की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p><strong>नहीं बदला जाएगा मार्ग</strong><br />जिस मार्ग पर आयोजन के गुजरने की अनुमति प्राप्त हुई है, उस मार्ग का ही प्रयोग किया जाएगा। प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए प्रत्येक जंक्शन पर स्वयं सेवक कार्यकर्ता तैनात किए जाएंगे। आयोजन में कोई उत्तेजनात्मक या किसी की धार्मिक या अन्य भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले कृत्य नहीं किए जाएंगे। आयोजन से राज्य सरकार या किसी व्यक्ति को कोई वित्तीय, मानसिक और शारीरिक क्षति होती है, तो उसके लिए पूर्ण रूप से जिम्मेदारी ली जाएगी।</p>
<p><strong>दो महीने में ये होंगे आयोजन</strong><br />राज्य के विभिन्न जिलों में 2 माह में विभिन्न मेले, त्योहार, पर्व एवं जयंतियों, रामनवमी, नवरात्रा, हनुमान, महावीर जयन्ती आदि के दौरान विभिन्न स्थानों पर कई कार्यक्रम, जुलूस और शोभा यात्राओं का आयोजन किया जाता है।</p>
<p><strong>देना होगा पूरा विवरण</strong><br />आयोजन के प्रकार, व्यक्तियों की संख्या बतानी होगी। गृह विभाग की ओर से जारी प्रोफार्मा के अनुसार आयोजक को अपने नाम, पता, मोबाइल नंबर, आधार कार्ड के साथ संस्था के नाम रजिस्ट्रीकरण की जानकारी देनी होगी। कार्यक्रम के आयोजन प्रकार जैसे धार्मिक सामाजिक उत्सव जुलूस राजनीतिक प्रदर्शन अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों की जानकारी देनी होगी। आयोजन शुरू होने से लेकर खत्म होने की तारीख व समय तथा कार्यक्रम में शामिल होने वालों की संख्या बतानी होगी। पांच दिन में आने वाले वीवीआईपी व्यक्तियों के नाम पद के साथ रैली जुलूस के गुजरने का मार्ग विवरण बताना होगा।<br /><br /></p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/religious-event-will-no-longer-be-in-state-without-permission/article-7648</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/religious-event-will-no-longer-be-in-state-without-permission/article-7648</guid>
                <pubDate>Sat, 09 Apr 2022 10:27:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-04/465654645.jpg"                         length="206975"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऐतिहासिक फैसला</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[हिजाब न तो इस्लाम धर्म का अनिवार्य अंग है और न ही इसके न पहनने से किसी प्रकार के धार्मिक अधिकार का हनन होता है: HC]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/sectarian--historic-verdict--karnataka-high-court--while-dismissing-five-petitions-seeking-permission-to-wear-the-hijab-in-the-classroom--has-ruled-that-the-hijab-is-neither-a-mandatory-part-of-islam-nor-does-its-non-wearing-violate-any-religious-right/article-6303"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/hijab.jpg" alt=""></a><br /><p>कर्नाटक हाई कोर्ट ने कक्षा में हिजाब पहनने की अनुमति देने की अपील करने वाली पांच याचिकाओं को खारिज करते हुए फैसला दिया है कि हिजाब न तो इस्लाम धर्म का अनिवार्य अंग है और न ही इसके न पहनने से किसी प्रकार के धार्मिक अधिकार का हनन होता है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि हिजाब न पहनने से निजता व शिक्षा के मूल अधिकार का हनन नहीं होता है। तीन न्यायाधीशों की पीठ ने कहा कि स्कूल वर्दी का नियम एक उचित पाबंदी है और संवैधानिक रूप से मान्य है। वर्दी के मामले में छात्राओं की आपत्ति उचित नहीं है। वास्तव में यह ऐसा रूढिवादीता फैसला है, जिसका मुस्लिम समाज के प्रगतिशील तबके को स्वागत करना चाहिए। यह एक ऐसा फैसला भी है, जिसके बाद हिजाब विवाद यहीं समाप्त हो जाना चाहिए, लेकिन लगता है ऐसा नहीं होगा क्योंकि याचिका दायर करने वाली छात्राओं के वकील ने कहा है कि मामले को सुप्रीम कोर्ट लेकर जाएंगे। दरअसल, कर्नाटक स्थित उड्डी के दो सरकारी प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेजों की कुछ छात्राओं ने कॉलेज प्रबंधन द्वारा कक्षाओं में हिजाब पहनने पर रोक लगाने के खिलाफ अदालत में याचिका दायर की थी। इससे पहले फरवरी के मध्य में हिजाब विवाद को लेकर कर्नाटक में फिर पूरे देश में विवाद खड़ा हो गया। जब इस मामले का विरोध हुआ तो कुछ छात्र भगवा शॉल डालकर प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनावों में भी इस मुद्दे को लेकर राजनीति गर्म रही। तब इस विवाद के मूल में राजनीतिक निहितार्थ की बात कही गई। इसे लेकर मामले की सुनवाई कर रही पीठ ने भी कहा कि अकादमिक सत्र के बीच में अचानक यह मुद्दा क्यों उठा? लगता है कि इसके पीछे किसी का हाथ है। निस्संदेह, अशांति पैदा करने व सद्भाव को प्रभावित करने के लिए ऐसा किया गया। इस विवाद को लेकर आंदोलन में जगह-जगह पथराव, तोड़फोड़ की घटनाएं शुरू हो गईं। स्कूल-कॉलेज बंद तक करने की नौबत आ गई। धार्मिक स्वतंत्रता व निजता के अधिकार को लेकर बहस शुरू हो गई। लेकिन अंतत: अदालत ने इस सबसे इनकार कर दिया। लेकिन हिजाब की रस्म को जिस तरह मजहबी-चोला पहनाकर इस्लाम के मुल्ला व फतवा जारी करने वालों ने मुस्लिम महिलाओं के साथ न्याय नहीं किया। जबकि आज महिलाओं को सशक्त बनाने की जरूरत है।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/opinion/sectarian--historic-verdict--karnataka-high-court--while-dismissing-five-petitions-seeking-permission-to-wear-the-hijab-in-the-classroom--has-ruled-that-the-hijab-is-neither-a-mandatory-part-of-islam-nor-does-its-non-wearing-violate-any-religious-right/article-6303</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/opinion/sectarian--historic-verdict--karnataka-high-court--while-dismissing-five-petitions-seeking-permission-to-wear-the-hijab-in-the-classroom--has-ruled-that-the-hijab-is-neither-a-mandatory-part-of-islam-nor-does-its-non-wearing-violate-any-religious-right/article-6303</guid>
                <pubDate>Thu, 17 Mar 2022 13:03:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-03/hijab.jpg"                         length="42163"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Administrator]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>धार्मिक यात्रा के साथ मेवाड़ में अपनी राजनीतिक ताकत दिखाएगी वसुंधरा राजे</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे 23 से 25 नवंबर तक मेवाड़ के दौरे पर रहेंगी।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A5-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A5%9C-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%85%E0%A4%AA%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%95%E0%A4%A4-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%8F%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%B5%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%A7%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%87/article-2515"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/vasundhra-raje1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे 23 से 25 नवंबर तक मेवाड़ के दौरे पर रहेंगी। हालांकि उनकी यह यात्रा धार्मिक बताई जा रही है लेकिन इस यात्रा की पिछले दिनों उनके खास नजदीकी नेताओं में माने जाने वाले पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी, यूनुस खान, राजपाल सिंह शेखावत, कालू लाल गुर्जर सहित अन्य नेताओं की मेवाड़ में तैयारियों को लेकर दौरे और बैठकों के कारण यात्रा को केवल धार्मिक ना मानकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि राजे इस के बहाने अपनी राजनीतिक ताकत भी दिखाएंगी। यात्रा के दौरान वसुंधरा राजे मेवाड़ के मंदिरों में पूजा अर्चना करने जाएंगी। साथ ही भारतीय जनता पार्टी के पिछले दिनों दिवंगत हुए धरियावद के विधायक गौतम लाल मीणा, राजसमंद की दिवंगत विधायक किरण माहेश्वरी सहित अन्य नेताओं के घर पर भी शोक जताने पहुचेंगी।</p>
<p><strong><br /> उपचुनाव में नहीं गई थी वसुंधरा राजे</strong><br /> पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पिछले दिनों वल्लभनगर और धरियावद के उपचुनाव में स्टार प्रचारक थी लेकिन अपनी पुत्रवधू की तबीयत ज्यादा नासाज होने के कारण उपचुनाव में नहीं जा पाई थी ।  लेकिन अब दोनों सीटों पर करारी हार के बाद वह धरियावद जा रही है।</p>
<p><br /> <strong>कटारिया ने साधा था निशाना, चर्चा में है बयान</strong><br /> मेवाड़ में भारतीय जनता पार्टी के नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया सबसे बड़े चेहरे आने जाते हैं। उनकी यात्रा से पहले कटारिया ने हाल ही में बयान देकर भाजपा की अंदरूनी राजनीति को भी गरमा दिया है।  कटारिया ने पिछले दिनों स्टार प्रचारक होने के बावजूद उपचुनाव प्रचार में  वसुंधरा राजे के ना आने के बयान दिए थे। जिसकी खासा चर्चा भाजपाइयों के बीच है। राजे की यात्रा से पहले कटारिया इस बयान को भाजपाई कटारिया के यात्रा को नापसंद करने को लेकर भी जोड़ रहे हैं।</p>
<p><strong><br /> राज्य की स्वागत में उमड़ेगे भाजपाई</strong><br /> यात्रा से पहले जिस तरह से राज्य के नजदीकी माने जाने वाले नेता मेवाड़ में उनकी यात्रा की तैयारियों को लेकर गए थे, उससे चर्चा है कि राजे की यात्रा के दौरान उनके स्वागत में भाजपा नेता  और कार्यकर्ता उमड़ेंगे। जिसे राजे की राजनीतिक ताकत और लोकप्रियता दिखाने से जोड़कर देखा जा रहा है।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A5-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A5%9C-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%85%E0%A4%AA%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%95%E0%A4%A4-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%8F%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%B5%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%A7%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%87/article-2515</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A5-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A5%9C-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%85%E0%A4%AA%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%95%E0%A4%A4-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%8F%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%B5%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%A7%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%87/article-2515</guid>
                <pubDate>Thu, 18 Nov 2021 16:16:15 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-11/vasundhra-raje1.jpg"                         length="8126"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Administrator]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रदेश के थानों में अब नहीं बनेंगे धार्मिक स्थल</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[एडीजी हाउसिंग ने जारी किये आदेश]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/6177d621b4db3/article-1899"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/whatsapp-image-2021-10-26-at-16.57.07.jpeg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान पुलिस कि अब सभी थानों में धार्मिक स्थल नहीं बनेंगे। अतिरिक्त महानिदेशक हाउसिंग ए. पौंनुचामी ने इस संबंध में आदेश जारी किए है। आदेश में कहा गया है किसी भी थाना परिसर में पूजा स्थल का निर्माण न कराएं। राजस्थान पुलिस महानिदेशक कार्यालय की तरफ से सभी संबंधित अधिकारियों को इस आदेश को लागू करने के लिए कहा गया है।आदेश में कहा गया है कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान पुलिस परिसरों और थानों में आस्था के नाम पर पूजा स्थल निर्माण की प्रवृति बढ़ी है। आदेश में कहा गया है की यह कानून के मुताबिक सही नहीं है।</p>
<p><br />  पिछले कुछ सालों में पुलिस थानों में आस्था के नाम पर पूजा स्थल के निर्माण की प्रवृत्ति बढ़ी है जो कि कानून सम्मत नहीं है। आदेश में कहा गया है कि विगत वर्षों में पुलिस विभाग के विभिन्न प्रकार के कार्यालय परिसरों/पुलिस थानों में आस्था के नाम पर जनसहभागिता से पूजा स्थल के निर्माण करने की प्रवृति में वृद्धि हुई है जो कि विधि सम्मत नहीं है। 'राजस्थान धार्मिक भवन एवम धर्म स्थल अधिनियम 1954' सार्वजनिक स्थानों का धार्मिक उपयोग निषिद्ध करता है।’<br />  ‘इसके अतिरिक्त पुलिस थानों के प्रशासनिक भवनों के निर्माण हेतु निर्मित एवम अनुमोदित नक्शे में भी पूजा स्थल के निर्माण का कोई प्रावधान नहीं है। अत: अपने धीनस्य पुलिस अधिकारीगण/कर्मचारीगण एवं अन्य इकाई प्रभारियों द्वारा 'राजस्थान धार्मिक भवन एवम धर्म स्थल अधिनियम 1954' का अक्षरश पालन करवाया जाना सुनिश्चित करवाएं।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/6177d621b4db3/article-1899</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/6177d621b4db3/article-1899</guid>
                <pubDate>Tue, 26 Oct 2021 17:23:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-10/whatsapp-image-2021-10-26-at-16.57.07.jpeg"                         length="65257"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Administrator]]>
                    </dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        