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                <title>जंगल सफारी के लिए मुकुंदरा को 50 लाख का बजट, अब शहर में ही मिलेगा जंगल सफारी का रोमांच</title>
                                    <description><![CDATA[ बोराबास के जंगलों में बनेगा 16 किमी लंबा सफारी रूट, 25 फीट ऊंचा बनेगा सफारी गेट, वन्यजीवों की होगी साइटिंग।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/mukundra-receives-a-budget-of-50-lakh-rupees-for-a-jungle-safari--the-thrill-of-a-jungle-safari-will-now-be-available-within-the-city/article-145817"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/200-x-60-px)-(3)8.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में सफारी की हसरत पाले शहरवासियों के लिए खुश खबर है। जल्द ही शहर से सटे घने जंगलों में जंगल सफारी का रोमांच अनुभव किया जा सकेगा। मुकुंदरा की बोराबास रेंज में 16 किलोमीटर लंबा नया सफारी रूट विकसित किया जा रहा है। इसके लिए नगर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने 50 लाख रुपए का बजट जारी किया है, जिससे यहां पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इस पहल से न केवल शहरवासियों को 70 किलोमीटर दूर दरा अभयारण्य जाने की परेशानी से राहत मिलेगी, बल्कि कोटा की ऐतिहासिक विरासत, चंबल घाटियों और वन्यजीवों के अद्भुत नजारों के साथ वाइल्ड लाइफ ट्यूरिज्म को भी नई पहचान मिलेगी।</p>
<p><strong>अब नहीं लगाने पड़ेंगे 140 किमी के चक्कर</strong><br />वर्तमान में मुकुंदरा टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी केवल दरा अभयारण्य की रेंज में होती है। वहां जाने के लिए कोटा शहर से करीब 70 किलोमीटर दूर कनवास जाना पड़ता है। एक ही जिप्सी होने के कारण कई बार पर्यटकों को बुकिंग नहीं मिलती और उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है। ऐसे में आने-जाने में करीब 140 किलोमीटर का चक्कर काटना पड़ जाता है। ऐसे में लंबे समय से शहर से सटे बोराबास के जंगलों में ही सफारी शुरू करने की मांग की जा रही थी, लेकिन बजट की कमी के कारण यहां जरूरी सुविधाएं विकसित नहीं हो पा रही थीं। अब केडीए द्वारा बजट मिलने के बाद यहां काम शुरू कर दिया गया है। जिससे सफारी रूट डवलप करना, साइन बोर्ड, चंबल के किनारे सुरक्षा रेलिंग, पब्लिक सुविधाएं, सेल्फी प्वाइंट, पर्यटकों के बैठने के लिए झौंपे बनवाए जाएंगे। इनमें सफारी रूट का काम भी शुरू करवा दिया है। वहीं, 12 लाख की लागत से 25 फीट उंचा सफारी गेट बनवाने का आॅर्डर भी दे दिया गया है।</p>
<p><strong>कोटा की जन्मस्थली कोट्या भील फोर्ट से होंगे रूबरू</strong><br />बोराबास में सफारी शुरू होने से पर्यटकों को कोटा की जन्मस्थली माने जाने वाले ऐतिहासिक कोट्या भील फोर्ट देखने का मौका भी मिलेगा। घने जंगलों के बीच स्थित यह सदियों पुराना किला पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण होगा। सफारी के दौरान पर्यटक चंबल नदी का विहंगम नजारा, गहरी घाटियां, कराईयां, पहाड़ियों और हरियाली से घिरे जंगलों के बीच प्रकृति के अनूठे नजारों का आनंद ले सकेंगे।</p>
<p><strong>30 फीट ऊंचे वॉच टावर से दिखेगा चंबल हैंगिंग ब्रिज का विहंगम नजारा</strong><br />क्षेत्रीय वन अधिकारी राजपाल शर्मा के अनुसार, सफारी रूट पर करीब 30 फीट ऊंचा दो मंजिला वॉच टावर बनाया जाएगा। यहां से पर्यटक चंबल हैंगिंग ब्रिज, भंवरकुंज और न्यू गरड़िया प्वाइंट का शानदार दृश्य देख सकेंगे। फिलहाल सफारी रूट पर मिट्टी और मुर्रम डालकर रास्तों को समतल किया जा रहा है तथा जगह-जगह साइन बोर्ड लगाए जा रहे हैं। अन्य जरूरी विकास कार्य भी तेजी से किए जा रहे हैं।</p>
<p><strong>सफारी के रूट में यह मिलेंगे व्यू प्वाइंट</strong><br />शर्मा ने बताया कि 16 किमी लंबे सफारी रूट में पर्यटकों को कोट्या भील फोर्ट, न्यू चंबल प्वाइंट, न्यू गरड़िया प्वाइंट, भंवरकुंज, अकेलगढ़ फोर्ट, चंबल किनारे दो मंजिला वॉच टावर, सेल्फी प्वाइंट, प्रकृति का विहंग्म नजारा, वन्यजीवों की साइटिंग सहित प्रकृति के अदभूत नजारें देखने को मिलेंगे।</p>
<p><strong>यह रहेगा 16 किमी का सफारी रुट्स</strong><br />क्षेत्रीय वन अधिकारी के अनुसार, दौलतगंज स्थित डायवर्जन चैनल के पास चौकी से सफारी के लिए पर्यटकों को एंट्री मिलेगी। यहां से चंबल नदी के किनारे कोटिया भील महल, चंबल व्यू प्वाइंट, गरड़िया व्यू प्वाइंट होते हुए रथकांकरा तक रुट रहेगा। यह रुट्स गत वर्ष अक्टूबर माह में ही तय किया गया था। जल्द ही सफारी शुरू किए जाने की तैयारी है।</p>
<p><br />मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व की बोराबास रेंज का जंगल घना है, यहां सभी तरह के शाकाहारी व मांसाहारी वन्यजीवों का नेचुरल हैबिटेट है। यहां पर जल्दी ही सफारी शुरू किया जाना है। यहां आवश्यक सुविधाएं विकसित किए जाने के लिए नगर विकास प्राधिकरण से 50 लाख रुपए का बजट मिला है। जिससे डेवलपमेंट कार्य शुरू करवा दिया गया है।<br /><strong>- सुगनाराम जाट, मुख्य वन संरक्षक एवं क्षेत्र निदेशक मुकुंदरा टाइगर रिजर्व</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 14:31:07 +0530</pubDate>
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