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                <title> Scheme - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description> Scheme RSS Feed</description>
                
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                <title>गौ कल्याण के लिए राज्य सरकार लाएगी ‘गौ सेवा नीति’ : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में गौ संरक्षण, संवर्धन और सुरक्षा को मिल रही नई गति</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गौ संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए गौ सेवा नीति 2026 लाने की घोषणा। नीति से पशुपालकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती। सरकार पशुधन संरक्षण योजनाएं चला रही। साथ ही किसानों को गेहूं के एमएसपी पर 150 रुपए बोनस देने से प्रति क्विंटल 2735 रुपए। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-state-government-will-bring-gau-seva-niti-for-cow/article-146096"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/bhajan-lal-sharma042.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में गौ संरक्षण और संवर्धन के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक बड़ा कदम उठाते हुए गौ सेवा नीति, 2026 लाने की घोषणा की है।</p>
<p>इस नीति के अंतर्गत गौ सेवा और गौ कल्याण को अधिक गति प्रदान की जाएगी, जिससे गोधन का विकास होगा। यह नीति ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के साथ ही किसानों और पशुपालकों को संबल प्रदान करने में सहायक होगी। साथ ही, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मंशा अनुसार चार जातियों किसान, महिला, युवा और मजदूर के कल्याण के संकल्प को साकार करेगी।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने अपने 2 वर्ष से अधिक के कार्यकाल में पशुधन संरक्षण, संवर्धन एवं सुरक्षा की दिशा में समर्पित होकर कार्य किया है। मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना, राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना, मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना के माध्यम से पशुपालकों को संबल मिला है। वहीं पंजीकृत गौशालाओं में बड़े पशु के लिए प्रतिदिन 50 रुपये तथा छोटे पशु के लिए प्रतिदिन 25 रुपए का अनुदान गौ संरक्षण की दिशा में कारगर साबित हुआ है।  </p>
<p>इसी प्रकार राज्य सरकार ने कृषक कल्याण के लिए भी महत्वपूर्ण पहलें की हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि एवं मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में प्रदेश के किसानों को 9 हजार रुपये प्रतिवर्ष राशि सुनिश्चित करते हुए लगभग 11 हजार करोड़ रुपये की राशि उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की गई है। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में भी कृषक कल्याण को प्राथमिकता देते हुए 1 लाख 19 हजार 408 करोड़ रुपये का कृषि बजट रखा गया है।</p>
<p><strong>संकल्प पत्र का एक और वादा पूरा, गेहूं की खरीद अब 2 हजार 735 रुपए :</strong></p>
<p>किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने आगामी वर्ष से गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के अतिरिक्त प्रति क्विंटल 150 रुपए बोनस देने की घोषणा भी की है। इससे किसानों को गेहूं पर 2 हजार 735 रुपए प्रति क्विंटल का मूल्य मिलेगा। साथ ही, इस निर्णय से राज्य सरकार ने संकल्प पत्र के वादे के अनुरूप गेहूं को न्यूनतमसमर्थन मूल्य 2 हजार 700 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीद का संकल्प भी पूरा कर लिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Mar 2026 15:47:20 +0530</pubDate>
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                <title>परवन वृहद परियोजना : अनियमितताओं, देरी और राजनीतिक आरोपों के बीच अटकी हाड़ौती की जीवनदायिनी</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा, झालावाड़ और बारां के लिए महत्वपूर्ण परवन वृहद सिंचाई परियोजना वर्षों से तकनीकी, प्रशासनिक और न्यायिक बाधाओं के कारण धीमी। 2013 में शिलान्यास के बाद डिजाइन बदलाव, भूमि अवाप्ति, पाइप विवाद और कोविड-19 ने कार्य रोका। 2021 में अनियमितताओं की जांच। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/parvan-mega-project-lifeline-of-hadoti-stuck-amid-irregularities-delays/article-145932"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/200-x-60-px)-(6)2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कोटा, झालावाड़ और बारां जिलों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाने वाली परवन वृहद सिंचाई परियोजना पिछले कई वर्षों से अनियमितताओं, प्रशासनिक देरी और तकनीकी बाधाओं के कारण विवादों में रही है। हाड़ौती अंचल के लिए जीवनदायिनी मानी जा रही इस परियोजना की रफ्तार लगातार बाधित होती रही, जिससे क्षेत्र के किसानों को अपेक्षित लाभ समय पर नहीं मिल पाया।</p>
<p>परियोजना को पहली बार 30 अगस्त 2013 को 2360.43 करोड़ की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति दी गई थी। उसी वर्ष 17 सितंबर को इसका शिलान्यास किया गया, लेकिन इसके बाद से ही परियोजना कई तरह की समस्याओं में उलझती चली गई। दिसंबर 2017 में बांध और टनल निर्माण का कार्य शुरू हुआ, मगर बांध की नींव में फॉल्ट लाइन मिलने के कारण डिजाइन में सुधार और केंद्रीय जल आयोग से अनुमोदन लेने में करीब 27 महीने की देरी हो गई। इसके अलावा बांध स्थल पर नदी डायवर्जन के लिए उपयुक्त जगह नहीं होने, शेरगढ़ पिकअप वीयर के बैक वाटर के प्रभाव, भूमि अवाप्ति और राजस्व रिकॉर्ड सुधार में भी वर्षों लग गए। कई मामलों में न्यायिक विवाद और कोविड-19 प्रतिबंधों ने भी कार्य को प्रभावित किया।</p>
<p>परियोजना में अनियमितताओं के आरोप भी सामने आए। वर्ष 2021 में तत्कालीन विधायक की शिकायत पर मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और अधिशाषी अभियंता को निलंबित किया गया था। आरोप था कि राइजिंग मेन में डीआई पाइप के स्थान पर एचडीपीई पाइप का उपयोग और डिजाइन में गड़बड़ी की गई। जांच के लिए वित्त विभाग ने विशेष जांच दल भी गठित किया, जिसमें अनियमितताओं की पुष्टि हुई।</p>
<p>कार्य में धीमी प्रगति के कारण तीन संवेदकों के 12.68 करोड़ रुपए भी रोक दिए गए। इनमें बांध व टनल कार्य से जुड़ी कंपनी के 5.76 करोड़, नहर निर्माण के प्रथम चरण के 5.29 करोड़ और द्वितीय चरण के 1.63 करोड़ रुपए शामिल हैं।</p>
<p>लगातार देरी, तकनीकी खामियों और प्रशासनिक निर्णयों के कारण यह महत्वाकांक्षी परियोजना अब तक पूरी गति नहीं पकड़ पाई है। हालांकि जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत का दावा है कि अब परियोजना के कार्यों में तेजी लाई जा रही है और शेष कार्यों को जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि हाड़ौती क्षेत्र के किसानों को सिंचाई का लाभ मिल सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Mar 2026 13:01:23 +0530</pubDate>
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