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                <title>Oil Prices - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Oil Prices RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>डॉलर के मुकाबले रुपया 10 पैसे टूटा : 94.11 पर कर रहा कारोबार, बाजार में बढ़ी हलचल</title>
                                    <description><![CDATA[अंतर्राष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण रुपया 10 पैसे टूटकर 94.11 के स्तर पर पहुंच गया है। 30 मार्च के बाद यह पहली बार है जब भारतीय मुद्रा इतनी कमजोर हुई है। ब्रेंट क्रूड के 103 डॉलर तक पहुँचने से रुपये पर दबाव बरकरार है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/rupee-fell-by-10-paise-against-dollar-trading-at-9411/article-151532"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/dollar-and-rupee.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया शुक्रवार को 10 पैसे टूटकर 94.11 रुपये प्रति डॉलर पर खुला। रुपया 30 मार्च के बाद पहली बार 94 प्रति डॉलर से अधिक कमजोर हुआ है। भारतीय मुद्रा में यह लगातार चौथी गिरावट है। रुपये पर आज शुरू से ही दबाव रहा। दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं की तुलना में डॉलर सूचकांक आज 0.10 प्रतिशत मजबूत हुआ। साथ ही अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में करीब एक फीसदी की तेजी रही और लंदन का ब्रेंट क्रूड वायदा 103 डॉलर प्रति बैरल के पास पहुंच गया। इन दोनों कारकों से भारतीय मुद्रा दबाव में रही।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 12:58:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ईरान-अमेरिका वार्ता टूटने की संभावना के बीच ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, अमेरिकी बलों ने ईरानी ज़हाज की किया जब्त</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका-ईरान वार्ता टूटने और ओमान की खाड़ी में जहाज जब्त होने से वैश्विक बाजार में हड़कंप मच गया है। ब्रेंट क्रूड 6.3% बढ़कर $96 प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जबकि यूरोपीय गैस कीमतें 10% उछलकर $515 के ऊपर हैं। कूटनीतिक अस्थिरता और नाकाबंदी ने दुनिया भर में ऊर्जा संकट गहराने की आशंका बढ़ा दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/brent-crude-oil-prices-rise-amid-possibility-of-iran-us-talks/article-151109"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/crude-oil.png" alt=""></a><br /><p>मास्को। ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत टूटने की संभावना के संकेतों की वजह से ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है और वह 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच रही हैं, जबकि यूरोपीय गैस की कीमतें लगभग 10 प्रतिशत उछलकर 515 डॉलर प्रति हजार घन मीटर से ऊपर पहुंच गयी हैं। यह जानकारी व्यापारिक आकड़ों में दी गयी। ग्रीनविच मानक समय के अनुसार रात 10:15 बजे तक ब्रेंट कच्चे तेल के वायदा भाव में 6.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो 96 डॉलर प्रति बैरल से अधिक हो गया। लंदन स्थित आईसीई एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, यूरोपीय गैस की कीमतों में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है वह अब 515 डॉलर प्रति हजार घन मीटर से अधिक हो चुकी हैं।</p>
<p>टीटीएफ (नीदरलैंड में स्थित यूरोप का सबसे बड़ा केंद्र) सूचकांक पर मई के वायदा सौदे रात 09:59 बजे 518 डॉलर प्रति हजार घन मीटर पर कारोबार कर रहे थे, जो पिछले कारोबारी दिन की 472.7 डॉलर की कीमत से 9.6 प्रतिशत अधिक है। रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की थी कि उनके प्रतिनिधि ईरान पर बातचीत के लिये इस्लामाबाद जा रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज ने दावा किया कि अगले 24 घंटों के भीतर अमेरिका-ईरान वार्ता फिर से शुरू होगी। हालांकि, बाद में आईआरएनए ने सूचना दी कि ईरान ने अमेरिका के साथ दूसरे दौर की बातचीत में शामिल होने से इनकार कर दिया है। इसके अतिरिक्त, सोमवार को अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नाकाबंदी को तोड़ने का प्रयास कर रहे एक ईरानी व्यापारिक जहाज को जब्त करने की पुष्टि की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 17:34:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच शी जिनपिंग ने रखा चार-सूत्री योजना का प्रस्ताव : दुनिया को जंगल बनाने से बचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून का करना चाहिए सम्मान, विकास एवं सुरक्षा के सामंजस्य पर दिया जोर</title>
                                    <description><![CDATA[चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पश्चिम एशिया में स्थिरता के लिए चार-सूत्री सुरक्षा प्रस्ताव पेश किया है। अबू धाबी के युवराज के साथ बैठक में उन्होंने संप्रभुता के सम्मान और अंतरराष्ट्रीय कानून पर जोर दिया। अमेरिका-ईरान वार्ता विफल होने और तेल की कीमतों में उछाल के बीच चीन अब इस संकट में मध्यस्थ बनने की तैयारी में है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/amidst-the-increasing-tension-in-west-asia-xi-jinping-proposed/article-150367"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/shi-jinpin.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पश्चिम एशिया युद्ध में मध्यस्थ की भूमिका में दिलचस्पी दिखाते हुए कहा है कि उन्होंने क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए यहां अबू धाबी के युवराज ज़ायेद अल नहयान के साथ बैठक में चार-सूत्री प्रस्ताव रखा है। शी जिनपिंग ने शांति पर जोर देते हुए कहा कि पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र के लिए एक साझा, विस्तृत, सहयोगपूर्ण और टिकाऊ सुरक्षा व्यवस्था बनायी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी देशों की संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता का भी पूरी तरह सम्मान होना चाहिए। साथ ही नागरिकों एवं अवसंरचनाओं की भी सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए।</p>
<p>शी जिनपिंग ने कहा कि दुनिया को जंगल बनाने से बचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने विकास एवं सुरक्षा के सामंजस्य पर जोर देते हुए सभी पक्षों से साथ आकर क्षेत्रीय विकास के लिए अनुकूल माहौल बनाने अनुरोध किया। चीन का कूटनीतिक प्रयास ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका-ईरान के बीच दो सप्ताह का युद्धविराम चल रहा है। इस दौरान दोनों देशों ने पाकिस्तान की मध्यस्थता में इस्लामाबाद में बैठकर शांति वार्ता भी की। यह शांति वार्ता 21 घंटे तक चली लेकिन इसका कोई हल नहीं निकला, जिससे युद्धविराम पर संकट के बादल मंडराने लगे। इस बीच, अमेरिका ने राष्ट्रपति ट्रंप की घोषणा के बाद ईरान के बंदरगाहों को बाधित कर दिया है, जिससे तेल के दामों में उछाल देखने को मिला है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 16:26:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा यूटर्न: होर्मुज जलडमरूमध्य खोले बिना ईरान के खिलाफ युद्ध समाप्त करने को तैयार, ट्रंप के संकेतों से अमेरिकी बाजार में तेजी</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खुले बिना भी ईरान के साथ युद्ध समाप्त कर सकते हैं। 4-6 सप्ताह की समय-सीमा के भीतर संघर्ष रोकने के लिए अमेरिका अब सैन्य कार्रवाई के बजाय तेहरान पर कूटनीतिक दबाव बढ़ाएगा। इस कदम का उद्देश्य वैश्विक ईंधन कीमतों और तेल आपूर्ति में स्थिरता लाना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-president-donald-trumps-big-u-turn-us-markets-rise-due/article-148597"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trump3.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सहयोगियों से कहा है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य खोले बिना ईरान के खिलाफ युद्ध समाप्त करने को तैयार हैं। 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' अखबार ने अमेरिकी प्रशासन के अधिकारियों के हवाले से यह रिपोर्ट दी है। रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप और उनके सहयोगियों ने हाल के दिनों में आकलन किया कि इस अहम जलमार्ग को खोलने का कोई भी अभियान संघर्ष को उनकी तय समय-सीमा (चार से छह सप्ताह) से आगे बढ़ा देगा। उन्होंने फैसला किया कि अमेरिका को अपने मुख्य लक्ष्य हासिल करने चाहिए और मौजूदा शत्रुता को खत्म करना चाहिए, जबकि साथ ही तेहरान पर कूटनीतिक दबाव बनाना चाहिए ताकि व्यापार का मुक्त प्रवाह फिर से शुरू हो सके।</p>
<p>अधिकारियों ने अखबार को बताया कि अगर यह तरीका नाकाम रहता है, तो अमेरिका यूरोप और खाड़ी देशों में अपने सहयोगियों पर दबाव डालेगा कि वे जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की पहल करें। गौरतलब है कि, 28 फरवरी को अमेरिका और इज़रायल ने ईरान में कई ठिकानों पर हमले किए, जिनमें तेहरान भी शामिल था; इन हमलों से काफी जान माल का नुकसान हुआ। ईरान ने इसके जवाब में इज़रायली क्षेत्र और पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए।</p>
<p>ईरान के आसपास बढ़े इस तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य की प्रभावी रूप से नाकेबंदी हो गई है। यह मार्ग फारस की खाड़ी के देशों से वैश्विक बाज़ार तक तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) की आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग है। इस नाकेबंदी ने इस क्षेत्र में तेल के निर्यात और उत्पादन के स्तर को भी प्रभावित किया है। इसके परिणामस्वरूप, दुनिया भर के अधिकांश देशों में ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 10:30:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार का दावा: अमेरिका, ईरान के बीच वार्ता की मध्यस्थता करने के लिए तैयार है पाकिस्तान, सऊदी और तुर्की भी हो सकते हैं शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार ने पुष्टि की है कि उनका देश ईरान और अमेरिका के बीच ऐतिहासिक वार्ता की मेजबानी करेगा। सऊदी अरब और तुर्की के समर्थन से यह कूटनीतिक प्रयास बढ़ते सैन्य तनाव और तेल संकट के बीच शुरू हुआ है। दोनों देशों के साथ अच्छे संबंधों के कारण पाकिस्तान इस जटिल संघर्ष में मुख्य मध्यस्थ बनकर उभरा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pakistani-foreign-minister-ishaq-dar-claims-america-is-ready-to/article-148465"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/isak-dar.png" alt=""></a><br /><p>इस्लामाबाद। पाकिस्तान जल्द ही ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता वार्ता की मेज़बानी करने के लिए तैयार है। विदेश मंत्री एवं उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने रविवार को इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि इसको लेकर मिस्र, सऊदी अरब और तुर्की के शीर्ष राजनयिकों के साथ बातचीत हुई है। ये बातचीत ऐसे समय में हुई जब ईरान ने अमेरिका को ज़मीनी हमला करने के खिलाफ चेतावनी दी थी और अमेरिका-इज़रायल और ईरान के बीच जारी जंग के चलते वैश्विक तेल की कीमतें बढ़ गई हैं।</p>
<p>इशाक डार ने हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया कि बातचीत सीधी होगी या परोक्ष, या यह कब और कहाँ होगी लेकिन उन्होंने कहा कि यह आने वाले दिनों में होगी। पाकिस्तानी विदेश मंत्री के दावों के बाद अमेरिका या ईरान, किसी ने भी तत्काल कोई टिप्पणी जारी नहीं की। उन्होंने कहा, "पाकिस्तान बहुत खुश है कि ईरान और अमेरिका दोनों ने बातचीत में पाकिस्तान की मध्यस्थता पर अपना भरोसा जताया है, जो आने वाले दिनों में होगी।</p>
<p>राजनयिकों से मुलाक़ात के बाद इशाक डार ने दावा किया कि उन्होंने मध्यस्थता के लिए पाकिस्तान के प्रयासों का सक्रिय रूप से समर्थन किया है और पाकिस्तान से अपील की है कि वह शामिल पक्षों के बीच व्यवस्थित बातचीत के लिए माहौल तैयार करे। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, इशाक डार ने बढ़ते तनाव के बीच शांति तक पहुँचने के एकमात्र व्यावहारिक रास्ते के रूप में कूटनीति की वकालत की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इस संघर्ष को समाप्त करने के सभी प्रयासों और पहलों में सक्रिय रूप से शामिल रहा है। उन्होंने कहा, "हम स्थिति को शांत करने और संघर्ष का समाधान खोजने के अपने प्रयासों में अमेरिकी नेतृत्व के साथ भी सक्रिय रूप से जुड़े रहे हैं।" पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि मंत्री चतुष्पक्षीय बैठक समाप्त होने के बाद पाकिस्तान से रवाना हो गए हैं।</p>
<p>इशाक डार ने बताया कि इस बैठक के बाद प्रत्येक मंत्री के साथ अलग-अलग बहुत ही सार्थक द्विपक्षीय बैठकें भी हुईं। एक प्रमुख मध्यस्थ के रूप में उभरते हुए, पाकिस्तान उन चुनिंदा देशों में से एक है जिनके अमेरिका और ईरान दोनों के साथ कूटनीतिक रूप से अच्छे संबंध हैं। पाकिस्तान के अधिकारियों का कहना है कि उनके ये सार्वजनिक प्रयास हफ़्तों की खामोश कूटनीति के बाद सामने आए हैं, हालाँकि अब तक न तो ईरान और न ही अमेरिका ने बातचीत करने में बहुत ज़्यादा इच्छा दिखाई है।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अब तक कूटनीति और बातचीत करने के प्रयासों को लेकर अमेरिका की गंभीरता के बारे में मिले-जुले संकेत दिए हैं। जहाँ एक ओर उन्होंने इस्लामिक गणराज्य के नेतृत्व के साथ बातचीत करने की सक्रिय रूप से अपील की है, वहीं साथ ही उन्होंने अमेरिकी सेना की तरफ से बड़े पैमाने पर बमबारी अभियान की तैयारियों को लेकर चेतावनी भी दी है। यहाँ तक कि उन्होंने ज़मीन पर पूरी तरह से हमला करने की धमकी भी दी है। सैन्य शक्ति प्रदर्शन को और बढ़ाते हुए, अमेरिका ने इस क्षेत्र में हज़ारों अतिरिक्त सैनिक और एक पूरा नया नौसैनिक हमला समूह भेजा है, जिसमें एक हमलावर जहाज़ और लड़ाकू विमान शामिल हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Mar 2026 18:24:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>रुपये में ऐतिहासिक गिरावट जारी, 95.20 प्रति डॉलर के करीब पहुंचा</title>
                                    <description><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और मजबूत डॉलर इंडेक्स के कारण भारतीय रुपया सोमवार को ₹96.36 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर खुला। ब्रेंट क्रूड $111 प्रति बैरल के पार पहुंचने से घरेलू मुद्रा पर दबाव बढ़ गया है। पिछले सत्र के मुकाबले रुपये में 20 पैसे की भारी गिरावट दर्ज की गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/historical-decline-in-rupee-continues-close-to-9636-per-dollar/article-148373"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/dollar-vs-ruppee.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई।आरबीआई के दखल के बावजूद सोमवार को रुपया पहली बार डॉलर के मुकाबले 95 से नीचे आ गया, जो कि अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है। वैश्विक कारणों और लगातार विदेशी बिकवाली के कारण दबाव बढ़ने से दिन में करेंसी 0.3% गिरकर 95.20 प्रति डॉलर पर आ गई।  पिछले कारोबारी दिवस पर यह 20 पैसे गिरकर 93.96 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में तेजी से भारतीय मुद्रा दबाव में रही।</p>
<p>लंदन का ब्रेंट क्रूड वायदा फिलहाल ढाई फीसदी से अधिक चढ़कर 111 डॉलर प्रति बैरल पर है। साथ ही दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं के बास्केट में डॉलर सूचकांक में रही तेजी का असर भी रुपये पर दिखा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Mar 2026 11:18:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>शेल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने यूरोप को दी चेतावनी: जल्द ईंधन की कमी का करना पड़ेगा सामना, होर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग बंद</title>
                                    <description><![CDATA[शेल के सीईओ वाएल सावन ने आगाह किया है कि पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण दक्षिण एशिया के बाद अब यूरोप में ईंधन की भारी किल्लत होगी। होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी से विमानन ईंधन की कीमतें दोगुनी हो गई हैं। गर्मियों में यात्रा सीजन शुरू होने से डीजल और पेट्रोल की आपूर्ति पर गंभीर दबाव बढ़ने की आशंका है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/shells-ceo-warns-europe-will-soon-face-fuel-shortage-strait/article-147936"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/shell.png" alt=""></a><br /><p>मास्को। ऊर्जा क्षेत्र की शीर्ष कंपनी शेल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वाएल सावन ने कहा है कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण यूरोप को जल्द ही ईंधन की कमी का सामना करना पड़ेगा। मीडिया रिपोर्ट में बुधवार को सावन के हवाले से कहा गया, "दक्षिण एशिया को सबसे पहले इस मार का सामना करना पड़ा। अप्रैल की शुरुआत के साथ ही यह संकट दक्षिण-पूर्वी एशिया और उत्तर-पूर्वी एशिया से होते हुए अब यूरोप की ओर बढ़ गया है।"</p>
<p>सावन ने कहा कि पश्चिम एशिया के संकट ने विमानन ईंधन की आपूर्ति को पहले ही प्रभावित किया है, जिसकी कीमतें संघर्ष शुरू होने के बाद से दोगुनी हो गई हैं। उन्होंने आगे कहा कि इसके बाद डीजल की आपूर्ति पर दबाव बढ़ सकता है और फिर पेट्रोल की बारी आएगी, क्योंकि अमेरिका और यूरोप में गर्मियों में यात्राओं का मौसम शुरू होने वाला है।</p>
<p>अमेरिका और इजरायल ने बीती 28 फरवरी को तेहरान सहित ईरान के कई ठिकानों पर हमले किए थे, जिससे काफी नुकसान हुआ और हजारों नागरिक हताहत हुए। ईरान ने इसके जवाब में इजरायली क्षेत्र और पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया। ईरान के आसपास बढ़ते तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य की वास्तविक रूप से नाकेबंदी कर दी गई है, जो फारस की खाड़ी के देशों से वैश्विक बाजार में तेल और तरल प्राकृतिक गैस की आपूर्ति के लिए एक प्रमुख मार्ग है। इसने क्षेत्र में तेल उत्पादन और निर्यात भी प्रभावित किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 13:16:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संयुक्त राष्ट्र महासचिव गुटेरेस ने अमेरिका-इजरायल से किया युद्ध समाप्त करने का आग्रह : सैन्य कार्रवाई के स्थान पर अपनाएं कूटनीति, कहा- संघर्ष का बेकाबू होने का खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अमेरिका और इजरायल से ईरान युद्ध तुरंत समाप्त करने की अपील की है। उन्होंने आगाह किया कि यह संघर्ष बेकाबू हो सकता है, जिससे तेल की कीमतें $116 प्रति बैरल के पार और गैस के दाम दोगुने हो गए हैं। गुटेरेस ने कूटनीति को एकमात्र समाधान बताया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/un-secretary-general-guterres-urges-america-israel-to-end-the-war/article-147164"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/gutres.png" alt=""></a><br /><p>ब्रुसेल्स। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने गुरुवार को अमेरिका और इजरायल से ईरान युद्ध समाप्त करने का आग्रह किया और सैन्य कार्रवाई के स्थान पर कूटनीति अपनाने पर बल दिया। यूरोपीय परिषद की बैठक के दौरान यहां पत्रकारों को संबोधित करते हुए गुटेरेस ने कहा कि इस युद्ध को समाप्त करने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल द्वारा शुरू किए गए इस संघर्ष का पूरी तरह से बेकाबू होने का खतरा है, साथ ही नागरिकों को भारी पीड़ा पहुंच रही है।</p>
<p>एंटोनियो गुटेरेस ने यह भी कहा कि युद्ध का प्रभाव युद्धक्षेत्र से कहीं अधिक दूर तक फैल रहा है। उन्होंने वैश्विक अर्थव्यवस्था में हो रहे दुष्प्रभाव की चेतावनी दी, जिसके संभावित रूप से दुखद परिणाम हो सकते हैं, विशेष रूप से सबसे कम विकसित देशों के लिए। उन्होंने आगे कहा कि अब समय आ गया है कि युद्ध पर कूटनीति विजय प्राप्त करे। यूरोपीय संघ के सदस्य देशों ने गुरुवार को ब्रुसेल्स में बैठक की, जिसमें पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, विशेष रूप से यूरोपीय ऊर्जा कीमतों, ऊर्जा सुरक्षा एवं क्षेत्रीय स्थिरता पर इसके प्रभाव पर चर्चा की गई।</p>
<p>अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले किए, जिससे वैश्विक नौवहन बाधित हुई, तेल की कीमतें आसमान छू गईं और वैश्विक अर्थव्यवस्था चरमरा गई। गुरुवार को शुरुआती कारोबार में यूरोपीय गैस एवं तेल की कीमतों में भारी उछाल देखा गया। यूरोपीय गैस आपूर्ति अनुबंधों के लिए एक प्रमुख संदर्भ सूचकांक, डच टीटीएफ खुलने पर 30 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 70.7 यूरो (लगभग 76.8 अमेरिकी डॉलर) प्रति मेगावाट-घंटा हो गया लेकिन बाद में घटकर लगभग 67 यूरो प्रति मेगावाट-घंटा पर आ गया। ईरान युद्ध शुरू होने से पहले कीमत लगभग 32 यूरो प्रति मेगावाट-घंटा थी जो अब दोगुनी से भी अधिक हो गई है। तेल की कीमतों में भी तेजी देखी गई। शुरुआती कारोबार में अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत 116 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 16:54:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>क्या सच में जल्द खत्म होने वाला युद्व? पश्चिम एशिया तनाव के बीच ट्रंप-पुतिन ने की टेलीफ़ोन पर बात, युद्ध सहित कई वैश्विक मुद्दों पर हुई चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमीर पुतिन के बीच यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया संकट पर 'रचनात्मक' बातचीत हुई। पुतिन ने चेतावनी दी कि अस्थिरता से वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र ठप हो सकता है और तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं। रूस ने यूरोप को स्थिर आपूर्ति का भरोसा दिया है, बशर्ते क्षेत्र में शांति और सुरक्षा की गारंटी हो।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/is-the-war-really-going-to-end-soon-amidst-west/article-145930"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/iran-war.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ उनकी पश्चिम एशिया में तनाव एवं रुस-यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध सहित कई वैश्विक मुद्दों पर बहुत अच्छी बातचीत हुई। राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार को कहा कि बातचीत में रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध समेत कई वैश्विक मुद्दों पर बात हुई।</p>
<p>उन्होंने कहा, राष्ट्रपति पुतिन के साथ मेरी बहुत अच्छी बातचीत हुई, हम यूक्रेन के बारे में बात कर रहे थे, जो एक कभी न खत्म होने वाली लड़ाई है। हमने जाहिर तौर पर पश्चिम एशिया के बारे में बात की और वह मदद करना चाहते हैं। मैंने कहा, आप यूक्रेन-रूस युद्ध खत्म करके ज्यादा मदद कर सकते हैं। यह ज्यादा मददगार होगा, लेकिन हमारी बहुत अच्छी बातचीत हुई और वह बहुत रचनात्मक होना चाहते हैं।</p>
<p>यह बातचीत व्हाइट हाउस के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर साझा की गई। इससे पहले दिन में पुतिन ने मॉस्को में वैश्विक तेल और गैस पर एक बैठक की अध्यक्षता की, जहाँ उन्होंने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया को अस्थिर करने की कोशिशों से वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र पर बुरा असर पड़ सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, पुतिन ने कहा कि ऐसे हालात से तेल और गैस की कीमतें बढ़ सकती हैं और वैश्विक आपूर्ति में रुकावट आ सकती है। </p>
<p>रूसी नेता ने कहा, पश्चिम एशिया में हालात को अस्थिर करने की कोशिशों से वैश्विक तेल और ऊर्जा क्षेत्र जरूर खतरे में पड़ जाएगा, तेल और गैस की कीमतें बढ़ेंगी, दुनिया भर में इन संसाधनों की आपूर्ति पर रोक लगेगी, और बेशक लंबे समय के निवेश योजना में रुकावट आएगी। </p>
<p>उन्होंने बताया कि 2025 में दुनिया का लगभग एक-तिहाई समुद्री तेल होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरेगा, जिससे यह इलाका वैश्विक ऊर्जा प्रवाह के लिए बहुत जरूरी हो जाएगा। पुतिन ने यह भी चेतावनी दी कि अगर अस्थिरता और बिगड़ी तो फारस की खाड़ी में तेल का उत्पादन एक महीने के अंदर पूरी तरह रुक सकता है, और कहा कि उत्पादन में पहले ही गिरावट शुरू हो गई है।      </p>
<p>उन्होंने कहा कि पिछले हफ्ते वैश्विक तेल की कीमतों में 30 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है, पहले कीमतें 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं, फिर घटकर लगभग 107 डॉलर पर आ गईं, हालांकि उतार-चढ़ाव ज्यादा बना रहा। इसके आगे पुतिन ने कहा, अगर यूरोप के देश स्थिर हालात की गारंटी देने को तैयार हैं तो रूस तेल और गैस आपूर्ति पर उनके साथ सहयोग करेगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Mar 2026 18:29:08 +0530</pubDate>
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