<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/international-security/tag-74337" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>International Security - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/74337/rss</link>
                <description>International Security RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>भारत ने यूएनएचआरसी में दोहराया आतंकवाद मानवाधिकारों के लिए सबसे गंभीर खतरा, एकीकृत वैश्विक प्रतिक्रिया की आवश्यकता पर दिया जोर</title>
                                    <description><![CDATA[जेनेवा में राजदूत सिबी जॉर्ज ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद मानवाधिकारों के लिए गंभीर खतरा है और इसके खिलाफ वैश्विक एकजुटता अनिवार्य है। भारत ने डिजिटल तकनीक और AI के माध्यम से 1.4 अरब लोगों के सशक्तिकरण का उदाहरण देते हुए न्याय और समानता पर जोर दिया। परिषद से केवल प्रस्तावों के बजाय ठोस कार्रवाई की मांग की गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/india-reiterates-in-unhrc-that-terrorism-is-the-gravest-threat/article-146253"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/unhrc.png" alt=""></a><br /><p>जेनेवा। भारत ने बुधवार को जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में इस बात को दोहराया कि आतंकवाद मानवाधिकारों के लिए सबसे गंभीर खतरों में से एक बना हुआ है और इसके खिलाफ एक एकीकृत वैश्विक प्रतिक्रिया की आवश्यकता है। भारत की ओर से राजदूत सिबी जॉर्ज ने परिषद के 61वें सामान्य सत्र में आह्वान किया कि परिषद सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए दृढ़ रहे।</p>
<p>राजदूत ने कहा, जैसा कि विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कुछ दिन पहले इस सम्मानित परिषद को संबोधित करते हुए रेखांकित किया था कि हमारे विचार-विमर्श केवल बयानों और प्रस्तावों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि सबसे कमजोर लोगों के दैनिक जीवन में मूर्त सुधार लाने वाले होने चाहिए। जॉर्ज ने जोर देकर कहा, आतंकवाद मानवाधिकारों के लिए सबसे गंभीर खतरों में से एक है। हमें इसके सभी रूपों और अभिव्यक्तियों का मुकाबला करने में अडिग रहना चाहिए। इस मुद्दे पर परिषद को एक स्वर में बोलना जारी रखना चाहिए।</p>
<p>राजदूत ने भारत में डिजिटल उपकरणों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग का उल्लेख करते हुए बताया है कि कैसे इन तकनीकों ने 1.4 अरब भारतीयों को सशक्त बनाया है, जिससे न्याय तक पहुंच, नागरिक और राजनीतिक अधिकार, लोकतांत्रिक भागीदारी और महिला सशक्तिकरण का विस्तार हुआ है। जॉर्ज ने नई दिल्ली में हाल ही में संपन्न एआई इम्पैक्ट समिट का भी हवाला दिया और इस बात पर जोर दिया कि एआई की शक्ति का वास्तविक लाभ तभी मिलता है जब इसके फायदे समान रूप से साझा किए जाएं, जिसमें ग्लोबल साउथ भी शामिल हों।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/india-reiterates-in-unhrc-that-terrorism-is-the-gravest-threat/article-146253</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/india-reiterates-in-unhrc-that-terrorism-is-the-gravest-threat/article-146253</guid>
                <pubDate>Thu, 12 Mar 2026 16:16:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/unhrc.png"                         length="1442443"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्या सच में जल्द खत्म होने वाला युद्व? पश्चिम एशिया तनाव के बीच ट्रंप-पुतिन ने की टेलीफ़ोन पर बात, युद्ध सहित कई वैश्विक मुद्दों पर हुई चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमीर पुतिन के बीच यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया संकट पर 'रचनात्मक' बातचीत हुई। पुतिन ने चेतावनी दी कि अस्थिरता से वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र ठप हो सकता है और तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं। रूस ने यूरोप को स्थिर आपूर्ति का भरोसा दिया है, बशर्ते क्षेत्र में शांति और सुरक्षा की गारंटी हो।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/is-the-war-really-going-to-end-soon-amidst-west/article-145930"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/iran-war.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ उनकी पश्चिम एशिया में तनाव एवं रुस-यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध सहित कई वैश्विक मुद्दों पर बहुत अच्छी बातचीत हुई। राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार को कहा कि बातचीत में रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध समेत कई वैश्विक मुद्दों पर बात हुई।</p>
<p>उन्होंने कहा, राष्ट्रपति पुतिन के साथ मेरी बहुत अच्छी बातचीत हुई, हम यूक्रेन के बारे में बात कर रहे थे, जो एक कभी न खत्म होने वाली लड़ाई है। हमने जाहिर तौर पर पश्चिम एशिया के बारे में बात की और वह मदद करना चाहते हैं। मैंने कहा, आप यूक्रेन-रूस युद्ध खत्म करके ज्यादा मदद कर सकते हैं। यह ज्यादा मददगार होगा, लेकिन हमारी बहुत अच्छी बातचीत हुई और वह बहुत रचनात्मक होना चाहते हैं।</p>
<p>यह बातचीत व्हाइट हाउस के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर साझा की गई। इससे पहले दिन में पुतिन ने मॉस्को में वैश्विक तेल और गैस पर एक बैठक की अध्यक्षता की, जहाँ उन्होंने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया को अस्थिर करने की कोशिशों से वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र पर बुरा असर पड़ सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, पुतिन ने कहा कि ऐसे हालात से तेल और गैस की कीमतें बढ़ सकती हैं और वैश्विक आपूर्ति में रुकावट आ सकती है। </p>
<p>रूसी नेता ने कहा, पश्चिम एशिया में हालात को अस्थिर करने की कोशिशों से वैश्विक तेल और ऊर्जा क्षेत्र जरूर खतरे में पड़ जाएगा, तेल और गैस की कीमतें बढ़ेंगी, दुनिया भर में इन संसाधनों की आपूर्ति पर रोक लगेगी, और बेशक लंबे समय के निवेश योजना में रुकावट आएगी। </p>
<p>उन्होंने बताया कि 2025 में दुनिया का लगभग एक-तिहाई समुद्री तेल होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरेगा, जिससे यह इलाका वैश्विक ऊर्जा प्रवाह के लिए बहुत जरूरी हो जाएगा। पुतिन ने यह भी चेतावनी दी कि अगर अस्थिरता और बिगड़ी तो फारस की खाड़ी में तेल का उत्पादन एक महीने के अंदर पूरी तरह रुक सकता है, और कहा कि उत्पादन में पहले ही गिरावट शुरू हो गई है।      </p>
<p>उन्होंने कहा कि पिछले हफ्ते वैश्विक तेल की कीमतों में 30 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है, पहले कीमतें 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं, फिर घटकर लगभग 107 डॉलर पर आ गईं, हालांकि उतार-चढ़ाव ज्यादा बना रहा। इसके आगे पुतिन ने कहा, अगर यूरोप के देश स्थिर हालात की गारंटी देने को तैयार हैं तो रूस तेल और गैस आपूर्ति पर उनके साथ सहयोग करेगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/is-the-war-really-going-to-end-soon-amidst-west/article-145930</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/is-the-war-really-going-to-end-soon-amidst-west/article-145930</guid>
                <pubDate>Tue, 10 Mar 2026 18:29:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/iran-war.png"                         length="833546"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        