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                <title>West Asia War - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>West Asia War RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पश्चिम एशिया युद्ध से उत्पन्न संकट में स्वार्थी राजनीति न करें, एकजुट रहें और अफवाह न फैलाएं : पीएम मोदी </title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'मन की बात' में पश्चिम एशिया युद्ध से उपजे ईंधन संकट पर चिंता जताई। उन्होंने 140 करोड़ देशवासियों से अफवाहों से बचने और स्वार्थी राजनीति न करने की अपील की। पीएम ने खाड़ी देशों का आभार जताते हुए बताया कि 3.75 लाख भारतीय सुरक्षित लौटे हैं और सरकार पेट्रोलियम रिजर्व बढ़ाकर ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/do-not-do-selfish-politics-in-the-crisis-arising-from/article-148330"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/pm-modi-maan.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि इस समय पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण पूरी दुनिया में ईंधन का संकट पैदा हो गया है। इसलिए देशवासियों से आग्रह है कि वे संकट के इस दौर में एकजुट हों, स्वार्थी राजनीति न करें और किसी तरह की अफवाह न फैलाएं। पीएम मोदी ने आकाशवाणी से प्रसारित अपने मासिक कार्यक्रम ''मन की बात'' की 132वीं कड़ी में देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया के कारण उत्पन्न संकट से पूरी दुनिया की तरह भारत भी अछूता नहीं है। लेकिन इस संकट के दौर में सभी देशवासियों से अपील की कि जो लोग इस मुद्दे को राजनीतिक रंग दे रहे हैं, उन्हें स्वार्थी राजनीति नहीं करनी चाहिए। संकट के समय किसी को ऐसा नहीं करना चाहिए।</p>
<p>उन्होंने कहा, ''यह 140 करोड़ नागरिकों के हितों से जुड़ा मुद्दा है। इसमें स्वार्थी राजनीति की कोई जगह नहीं है। जो लोग अफवाहें फैला रहे हैं, वे देश को बहुत नुकसान पहुंचा रहे हैं। मैं सभी से अपील करता हूं कि सतर्क रहें, अफवाहों से भ्रमित न हों। सरकार लगातार सही जानकारी दे रही है। उसी पर भरोसा करें और उसी के आधार पर कदम उठाएं।'' प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मार्च का महीना वैश्विक स्तर पर बेहद घटनापूर्ण रहा है। हम सब याद करते हैं कि कोविड के कारण पूरी दुनिया को लंबे समय तक अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ा। हम सबकी उम्मीद थी कि कोविड संकट से उबरने के बाद दुनिया एक नयी शुरुआत के साथ प्रगति के पथ पर आगे बढ़ेगी, लेकिन उसके बाद दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में युद्ध और संघर्ष की स्थितियां लगातार उभरती रहीं। अब वहां बेहद नाजुक स्थिति बनी हुई है और भारत के करोड़ों परिवारों के सदस्य वहां रहते हैं और खासकर खाड़ी देशों में काम कर रहे हैं।</p>
<p>पीएम मोदी ने भारतीयों की मदद करने के लिए खाड़ी देशों का आभार जताते हुए कहा, ''खाड़ी देशों का बहुत आभार। उन्होंने एक करोड़ से अधिक भारतीयों को हर प्रकार की सहायता दी। अब तक 3.75 लाख से ज्यादा भारतीय सुरक्षित भारत वापस लाए जा चुके हैं। ईरान से लगभग 1000 भारतीय, जिनमें 700 से ज्यादा मेडिकल छात्र शामिल हैं, सकुशल भारत पहुंच चुके हैं।'' उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र हमारे ऊर्जा जरूरतों, कच्चा तेल, गैस आदि ईंधन का प्रमुख केंद्र है। इस क्षेत्र में चल रहे युद्ध के कारण दुनिया भर में पेट्रोल, डीजल और गैस का संकट बन रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही मुश्किल हो गई है, जिससे व्यापार मार्ग प्रभावित हो रहे हैं। सरकार पेट्रोल, डीजल और गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है। देश में स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व 5.3 मिलियन टन से ज्यादा है और इसे बढ़ाया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस संकट में राष्ट्र को एकजुट रहना चाहिए और अफवाहों से बचना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 29 Mar 2026 16:00:08 +0530</pubDate>
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                <title>सेंटकॉम रिपोर्ट का दावा: अमेरिका ने ईरान में 11,000 से ज़्यादा सैन्य ठिकानों पर किए हमले, ईरान के परमाणु कार्यक्रम से खतरों का दिया हवाला</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान में अब तक 11,000 ठिकानों पर हमले किए गए हैं। इस 'प्री-एम्प्टिव' स्ट्राइक में 150 से अधिक जहाज नष्ट हुए हैं। परमाणु कार्यक्रम के खतरे का हवाला देते हुए अमेरिका और इजरायल ने तेहरान सहित कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है, जिससे क्षेत्र में तनाव चरम पर है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/centcom-report-claims-america-attacked-more-than-11000-military-targets/article-148298"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/us3.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के दौरान 11,000 से ज़्यादा सैन्य ठिकानों पर हमले किये है। अमरीकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) यह जानकारी दी है। सेंटकॉम द्वारा एक्स पर पोस्ट की गई जानकारी के अनुसार, अमेरिका ने अब तक 11,000 से ज़्यादा ठिकानों पर हमला किये है, जिसमें 150 से ज़्यादा क्षतिग्रस्त या नष्ट हुए जहाज़ शामिल हैं। सेंटकॉम ने दावा है कि अमरीकी वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने 11,000 से ज़्यादा उड़ानें भरी हैं।</p>
<p>गौरतलब है कि, अमेरिका और इज़रायल ने 28 फरवरी को ईरान में ठिकानों पर हमला करना शुरू किया था। ईरान, इज़रायली क्षेत्र के साथ-साथ पश्चिम एशिया में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर भी जवाबी हमला कर रहा है। अमेरिका और इजरायल ने इस सैन्य अभियान की शुरुआत को एक 'पहले से किया गया हमला' बताया और ईरान के परमाणु कार्यक्रम से कथित खतरों का हवाला दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 29 Mar 2026 14:09:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>एंटोनियो गुटेरेस ने पश्चिम एशिया संघर्ष पर जताई चिंता: तत्काल युद्ध रोकने का किया आग्रह, युद्ध से वैश्विक बाजार अस्त-व्यस्त</title>
                                    <description><![CDATA[यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने पश्चिम एशिया संघर्ष को "बेकाबू" बताते हुए तत्काल युद्धविराम की अपील की है। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी से तेल, गैस और उर्वरक आपूर्ति बाधित होने पर गहरी चिंता जताई। शांति बहाली हेतु जीन अर्नोल्ट को निजी दूत नियुक्त किया गया है ताकि कूटनीति के जरिए वैश्विक आर्थिक आपदा को रोका जा सके।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/antonio-guterres-expressed-concern-over-the-west-asia-conflict-and/article-147992"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/antonio-guterres.png" alt=""></a><br /><p>न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने गुरुवार को कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध बेकाबू हो गया है, जिससे युद्ध का विस्तार हो जाने से नागरिकों की पीड़ा और वैश्विक आर्थिक संकट गहरा गया है। संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए गुटेरेस ने कहा कि युद्ध शुरू होने के तीन सप्ताह से अधिक समय बाद, लड़ाई सबसे खराब आशंकाओं से भी आगे निकल गयी है। गुटेरेस ने कहा कि दुनिया एक व्यापक युद्ध के कगार पर खड़ी है। उन्होंने संबधित पक्षों से युद्ध को तत्काल रोकने और कूटनीति एवं अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने का आह्वान किया।</p>
<p>महासचिव ने कहा कि उन्होंने जीन अर्नोल्ट को अपना निजी दूत नियुक्त किया है, ताकि जमीनी स्तर पर दोनों पक्षों के साथ सीधे तौर पर जुड़ने और चल रही शांति पहलों का समर्थन करने सहित मध्यस्थता प्रयासों में तेजी लायी जा सके। उन्होंने हताहतों की बढ़ती संख्या और आर्थिक दुष्परिणामों का हवाला देते हुए अमेरिका और इज़रायल से युद्ध समाप्त करने का आग्रह किया। उन्होंने ईरान से भी युद्ध में प्रत्यक्ष रूप से शामिल न होने वाले पड़ोसी देशों पर हमले रोकने का आह्वान किया और कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने ऐसे कृत्यों की निंदा की है।</p>
<p>महासचिव ने प्रमुख नौवहन मार्गों, विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधानों पर चिंता व्यक्त की और चेतावनी दी कि लंबे समय तक बंद रहने से विश्व भर में कृषि के लिए महत्वपूर्ण समय में तेल, गैस एवं उर्वरकों का प्रवाह बाधित हो सकता है। गुटेरेस ने लेबनान की स्थिति की भी चर्चा की, जहां उन्होंने हाल ही में दौरा किया था और हिजबुल्लाह से इजरायल पर हमले रोकने का आग्रह किया। उन्होंने इजरायल से उन सैन्य अभियानों को रोकने का आह्वान किया, जो नागरिकों को बुरी तरह से प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गाजा मॉडल को लेबनान में नहीं दोहराया जाना चाहिए।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इस युद्ध से वैश्विक बाजार अस्त-व्यस्त हो गये हैं, जबकि मानवीय सहायता अभियान गंभीर बाधाओं का सामना कर रहे हैं और इस संकट का सबसे अधिक खामियाजा सबसे गरीब एवं सबसे कमजोर लोगों को भुगतना पड़ रहा है। सवालों का जवाब देते हुए गुटेरेस ने कहा कि आगे तनाव बढ़ने के संकेतों के बावजूद, जिसमें कथित सैन्य तैनाती और अमेरिका और ईरान के बीच अस्वीकृत प्रस्ताव शामिल हैं, कूटनीति ही आगे बढ़ने का एकमात्र व्यवहार्य तरीका है। उन्होंने कहा, “ मेरा संदेश यह है कि कूटनीति को ही प्राथमिकता मिलनी चाहिए। हमें इस आपदा से निकलने का रास्ता चाहिए और शांति ही एकमात्र रास्ता है। ”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 17:06:24 +0530</pubDate>
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                <title>ईरान का जबरदस्त पलटवार: इजरायल के डिमोना स्थित परमाणु संयंत्र पर लगातार बरसाई मिसाइलें, 100 से ज्यादा लोगों की हालत गंभीर</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान ने इजरायल के परमाणु अनुसंधान केंद्र (डिमोना) और अराद शहर पर भीषण मिसाइल हमला किया, जिसमें 100 से अधिक लोग घायल हुए। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने इसे नतांज हमले का प्रतिशोध बताया है। बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे "कठिन शाम" करार देते हुए दुश्मनों को कड़ा सबक सिखाने और सभी मोर्चों पर मजबूती से लड़ने का संकल्प लिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/irans-strong-counterattack-missiles-continuously-rained-on-israels-nuclear-plant/article-147433"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/is.png" alt=""></a><br /><p>तेल अवीब। ईरान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष ने शनिवार रात एक खतरनाक मोड़ ले लिया, जब ईरान ने इजरायल के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण दक्षिणी शहरों डिमोना और अराद पर भीषण मिसाइल हमला किया। इन हमलों में 100 से अधिक लोग जख्मी हो गए जिनमें से 11 की हालत गंभीर है। इन शहरों पर हुए हमलों का मुख्य उद्देश्य डिमोना के पास स्थित 'शिमोन पेरेज नेगेव परमाणु अनुसंधान केंद्र' को निशाना बनाना था। ईरान ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई इजरायल द्वारा नतांज परमाणु केंद्र पर किए गए हमलों के प्रतिशोध में की गई है।</p>
<p>ईरान के इन मिसाइल हमलों में दो बच्चों सहित 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 11 की हालत नाजुक बताई जा रही है। इजरायली मीडिया के अनुसार, देश की अत्याधुनिक वायु रक्षा प्रणाली कम से कम दो बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में विफल रही, जिसकी अब उच्च स्तरीय जांच की जा रही है।</p>
<p>गौरतलब है कि, डिमोना और अराद शहर नेगेव रेगिस्तान में स्थित हैं और इजरायल के संवेदनशील ढांचे का हिस्सा हैं। डिमोना को विश्व स्तर पर इजरायल के संदिग्ध परमाणु हथियार कार्यक्रम के केंद्र के रूप में जाना जाता है। अराद शहर कई प्रमुख इजरायली रक्षा बलों के ठिकानों के पास स्थित है और परमाणु संयंत्र में काम करने वाले कर्मियों का आवासीय केंद्र भी है। ईरान ने इन दोनों शहरों को इसलिए चुना क्योंकि ये परमाणु बुनियादी ढांचे और सैन्य रसद की एक साझा श्रृंखला बनाते हैं।</p>
<p>प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस स्थिति को "भविष्य के अभियान की एक बहुत कठिन शाम" करार दिया है। उन्होंने और आईडीएफ के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एयाल ज़मीर ने संकल्प लिया है कि इजरायल सभी मोर्चों पर अपने दुश्मनों के खिलाफ मजबूती से लड़ना जारी रखेगा। नेतन्याहू ने प्रभावित शहरों के महापौरों से बात कर उन्हें सुरक्षा और जवाबी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 14:34:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>LPG गैस की सप्लाई को लेकर अरविंद केजरीवाल का निशाना : ट्रंप के सामने नतमस्तक सरकार, देश भुगत रहा है सजा; आगामी दिनों में और खराब होगी स्थिति </title>
                                    <description><![CDATA[अरविंद केजरीवाल ने केंद्र पर डोनाल्ड ट्रंप के आगे झुकने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश एलपीजी संकट की सजा भुगत रहा है। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की गैस सप्लाई बंद होने और एस्मा (ESMA) लागू होने से लाखों रोजगार खतरे में हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/arvind-kejriwals-noise-regarding-the-supply-of-lpg-gas-said/article-145969"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/arvind-kejriwal1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह अपनी किसी मजबूरी के कारण अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सामने नतमस्तक हैं और देश उसी की सजा भुगत रहा है। केजरीवाल ने सोशल मीडिया एक्स पर मंगलवार को कहा,देश भर में, शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों को छोड़कर बाक़ी सभी व्यावसायिक संस्थानों को एलपीजी गैस की सप्लाई बंद कर दी गई है। केवल घरेलू उपयोग के लिए गैस दी जाएगी। आने वाले दिनों में गैस और तेल की स्थिति और खराब होने के आसार हैं। </p>
<p>आप संयोजक ने कहा, केंद्र सरकार अपनी किन्हीं मजबूरियों के कारण ट्रंप के सामने नतमस्तक हैं। क्या आज देश उसी की सजा भुगत रहा है? दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, चार दिन पहले तक सरकारी सूत्र कह रहे थे-देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं। आज सरकार आवश्यक वस्तु अधिनियम लगाकर गैस कंट्रोल कर रही है। रिफाइनरियों को गैस डायवर्ट करने के आदेश दे रही है और घरेलू सिलेंडर की बुकिंग भी 25 दिन कर दी गई है।</p>
<p>अरविंद केजरीवाल ने सवाल उठाया, सूत्र झूठ बोल रहे थे या सरकार? पश्चिम एशिया का युद्ध अब भारत की रसोई और रोजगार तक पहुँच चुका है। आज ढाबे, होटल, छोटे रेस्टोरेंट और लाखों छोटे कारोबार कमर्शियल गैस की कमी से जूझ रहे हैं। ट्रम्प के सामने केंद्र सरकार के झुकने की कीमत आज भारत की जनता चुका रही है। उल्लेखनीय है कि सरकार ने पश्चिम एशिया संकट के कारण आपूर्ति श्रृंखला में आयी बाधाओं को देखते हुए देश में प्राकृतिक गैसों की आपूर्ति पर आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (एस्मा) लगा दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Tue, 10 Mar 2026 14:44:01 +0530</pubDate>
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