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                <title>LDF vs UDF - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>LDF vs UDF RSS Feed</description>
                
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                <title>खड़गे-राहुल ने किया केरलम में विधानसभा चुनाव प्रचार का शंखनाद: विपक्ष पर बोला हमला, इन मुद्दो को लेकर एलडीएफ सरकार को घेरा</title>
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                        <![CDATA[कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने कोझिकोड से चुनावी हुंकार भरी। उन्होंने एलडीएफ (LDF) और केंद्र के बीच 'कम्युनिस्ट-जनता पार्टी' गठबंधन का आरोप लगाया। राहुल ने बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और नशाखोरी पर राज्य सरकार को घेरते हुए सवाल किया कि आखिर मुख्यमंत्री के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियां जांच क्यों नहीं कर रही हैं?]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/kharge-rahul-sounded-the-assembly-election-campaign-in-kerala-attacked-the/article-147956"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/kerala-election-20261.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को केरलम में विधानसभा चुनाव प्रचार का शंखनाद करते हुए राज्य में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा( एलडीएफ) और केंद्र सरकार पर दोनों पार्टियों के बीच अंदरूनी मिलीभगत को लेकर हमला बोला। पार्टी नेताओं ने राज्य की आर्थिक तंगहाली, स्वास्थ्य बदहाली, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, नशे के बढ़ते मामलों को लेकर भी एलडीएफ सरकार को पुरजोर तरीके से घेरा।</p>
<p>खरगे और राहुल ने आज केरलम के कोझिकोड में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा(यूडीएफ) गठबंधन की जनसभा को संबोधित कर रहे थे। खरगे ने कहा कि केरलम में सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और केंद्र सरकार के बीच एक गुप्त समझौता है, जिसका नाम 'कम्युनिस्ट-जनता पार्टी' है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार विधानसभा चुनाव में जानबूझकर कमजोर उम्मीदवार उतार रही है, ताकि एलडीएफ गठबंधन की मदद की जा सके। उन्होंने जोर दिया कि एलडीएफ धर्मनिरपेक्ष होने का दावा करती है, लेकिन वह केंद सरकार की मदद कर रही है और केंद्र सरकार को दिया गया हर वोट सीधे तौर पर एलडीएफ को उपहार है।</p>
<p>राहुल गांधी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि कल उनकी माता सोनिया गांधी अस्पताल में भर्ती हुईं थीं, इसलिए उन्हें उनके पास ही रुकना पड़ा। एलडीएफ-केंद्र सरकार के बीच मिलीभगत पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि देशभर में विपक्षी नेताओं के खिलाफ मामले दर्ज किए जाते हैं। उनके खिलाफ भी लगभग 40 मामले हैं। ईडी ने उनसे लगातार पांच दिनों तक पूछताछ की। लेकिन केंद्र सरकार केरलम के मुख्यमंत्री पर हमला क्यों नहीं करती और मुख्यमंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों को आगे क्यों नहीं बढ़ा रही है। उन्होंने इसे केंद्र सरकार और एलडीएफ के बीच मिलीभगत का सबसे बड़ा सबूत बताया। </p>
<p>उन्होंने बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर हर वर्ष दो करोड़ नौकरियों का वादा किया था। उसी तर्ज पर केरलम के मुख्यमंत्री ने राज्य में 40 लाख नौकरियों का वादा किया था। लेकिन उन्होंने एक दशक में नौकरियां नहीं दी; बल्कि नौकरियां ही खत्म कर दीं। उन्होंने कहा कि राज्य में हर तीन में से एक युवा बेरोजगार है और ऐसे हालात में एलडीएफ शासन में पिछले दरवाजे से नियुक्तियां हो रही हैं। उन्होंने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और बढ़ती नशाखोरी का मुद्दा भी उठाया।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 12:41:09 +0530</pubDate>
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                <title>केरल में कांग्रेस का मुख्यमंत्री कौन? केरल में कांग्रेस को सत्ता में वापसी की उम्मीद, सीएम उम्मीदवारी की रेस में थरूर भी</title>
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                        <![CDATA[केरल विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने कमर कस ली है। सुनील कनुगोलू के सर्वे में विपक्ष के नेता वीडी सतीशन सीएम पद के सबसे मजबूत दावेदार बनकर उभरे हैं। केसी वेणुगोपाल और दिग्गज रमेश चेन्निथला भी रेस में हैं, जबकि शशि थरूर की वैश्विक छवि उन्हें चर्चा में बनाए हुए है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/congress-hopes-to-return-to-power-in-kerala-tharoor-also/article-146044"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/200-x-60-px)-(7)3.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केरल में बरसों से एक परंपरा चली आ रही थी, जिसे मुख्यमंत्री पी. विजयन ने पांच साल पहले तोड़ दी थी। केरल में, असल में, हर पांचवें साल सत्ता बदल जाती थी, लेकिन पी. विजयन के नेतृत्व वाले एलडीएफ गठबंधन ने 2021 में सत्ता में वापसी कर ली - लेफ्ट के लगातार 10 साल के शासन के बाद कांग्रेस और बीजेपी बदलाव की उम्मीद लगाए हुए हैं।</p>
<p>कांग्रेस को केरल की सत्ता पर कब्जा दिलाने के लिए राहुल गांधी ने भी पिछले चुनाव में खूब मेहनत की थी। तब राहुल गांधी केरलम के ही वायनाड से सांसद हुआ करते थे। 2019 के चुनाव में अमेठी की हार के बाद वायनाड ही संबल बना था और राहुल गांधी संसद पहुंचे थे। वायनाड ने तो 2024 में भी राहुल गांधी को संसद भेजा था, लेकिन उन्होंने रायबरेली सीट अपने पास रखी, और वायनाड अपनी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा के हवाले कर दिया। प्रियंका गांधी उपचुनाव जीतकर वायनाड की सांसद बनी हैं, लेकिन, प्रियंका गांधी को केरलम के बजाय असम विधानसभा चुनाव का प्रभारी बनाया गया है। ऐसे में जबकि कांग्रेस केरल विधानसभा चुनाव में बड़ा मौका देख रही है, मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में भी होड़ मची हुई है - और कई कांग्रेस नेता तो अभी से इलाके में एक्टिव बताए जा रहे हैं।</p>
<p><strong>कौन बनेगा कांग्रेस का मुख्यमंत्री चेहरा?</strong></p>
<p>कुछ दिन पहले कांग्रेस ने केरल में एक सर्वे कराया था। सर्वे में मुख्य तौर पर 12 सवाल पूछे गए थे। सर्वे में लोगों से उनके पसंदीदा मुख्यमंत्री के बारे में भी पूछा गया था। मौजूदा सरकार की कमियों को लेकर भी सवाल पूछे गए थे। हर विधानसभा सीट के लिए सर्वे में शामिल लोगों से 6 संभावित उम्मीदवारों का आकलन करने को कहा गया था, जिनमें कुछ उम्मीदवार ऐसे भी थे जो इलाके से बाहर के थे। रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव रणनीतिकार सुनील कनुगोलू की तरफ से कराए गए सर्वे में मुख्यमंत्री पद के लिए कई चेहरे सामने आए हैं, जिनमें वीडी सतीशन प्रमुख दावेदार बनकर उभरे हैं. वीडी सतीशन फिलहाल केरलम विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं।  सर्वे नतीजों के आधार पर ही कांग्रेस के चुनाव जीतने की स्थिति में मुख्यमंत्री कैंडिडेट फाइनल हो पाएगा?</p>
<p>वीडी सतीशन: केरलम में कांग्रेस की तरफ से मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदार के रूप में वीडी सतीशन उभरे हैं। 2021 में कांग्रेस ने वीडी सतीशन को विधानसभा में विपक्ष का नेता बनाया था। वीडी सतीशन पांचवीं बार विधायक बने हैं। पेशे से वकील वीडी सतीशन पहली बार 2001 में विधानसभा चुनाव जीते थे, जब वो केरल हाई कोर्ट में प्रैक्टिस करते थे। कई और भी सर्वे कराए गए हैं, जिनमें उनका नाम सबसे ऊपर पाया गया है।</p>
<p>केसी वेणुगोपाल: कांग्रेस की तरफ से मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में एक बड़ा नाम केसी वेणुगोपाल है। केसी वेणुगोपाल फिलहाल कांग्रेस महासचिव संगठन हैं, और अलाप्पुझा लोकसभा सीट से सांसद हैं। अब केसी वेणुगोपाल को अलाप्पुझा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ाए जाने की भी चर्चा हो रही है। </p>
<p>रमेश चेन्निथला: सर्वे में वीडी सतीशन के बाद मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में रमेश चेन्निथला का नाम आया है। रमेश चेन्निथला कांग्रेस के सबसे सीनियर नेताओं में शुमार हैं। 2016 में वह केरलम विधानसभा में विपक्ष के नेता चुने गए थे - और 2019 का आम चुनाव उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती थी, जब अमेठी के साथ साथ वायनाड से राहुल गांधी भी चुनाव मैदान में थे।</p>
<p>शशि थरूर: कांग्रेस नेतृत्व से गहरे मतभेद के बावजूद शशि थरूर भी मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में शामिल किए जा सकते हैं। शशि थरूर की अंतर्राष्ट्रीय पहचान भी है, और राष्ट्रीय राजनीति में भी वह अक्सर ही सुर्खियों में रहते हैं. लेकिन, केरल के लोग बताते हैं कि उनके प्रभाव का दायरा उनके संसदीय क्षेत्र तक ही सिमटा हुआ है।</p>
<p>शशि थरूर के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के प्रति उनके बयानों से नजदीकी देखी जाती है, लेकिन केरल कांग्रेस के कई नेता भी ऐसी बातों से इनकार करते हैं। शशि थरूर खुद भी बीजेपी में जाने की बातों को खारिज कर चुके हैं और सावरकर के नाम पर अवॉर्ड को ठुकराकर अपनी तरफ से संदेश देने की भी कोशिश की है।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Mar 2026 11:39:17 +0530</pubDate>
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