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                <title>Policy Debate - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Policy Debate RSS Feed</description>
                
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                <title>विपक्षी दलों ने किया परिसीमन विधेयक का विरोध: लोकसभा सीटों में कमी होने की जताई आशंका, परिसीमन आयोग की रिपोर्ट को नकारा नहीं जा सकता</title>
                                    <description><![CDATA[लोकसभा में विपक्षी दलों ने परिसीमन विधेयक का कड़ा विरोध किया है। कनिमोझी और शशि थरूर ने तर्क दिया कि नई व्यवस्था से दक्षिण भारतीय राज्यों का प्रतिनिधित्व कम हो जाएगा। उन्होंने महिला आरक्षण को परिसीमन से अलग कर तुरंत लागू करने और सहकारी संघवाद के तहत छोटे राज्यों के हित सुरक्षित करने की मांग की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/opposition-parties-opposed-the-delimitation-bill-expressed-fear-of-reduction/article-150823"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/shashi.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। लोक सभा में शुक्रवार को विपक्षी दलों ने परिसीमन विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि विधेयक के इस रूप में पारित होने से दक्षिण और छोटे राज्यों का लोकसभा में प्रतिनिधित्व कम होगा और उनके हक़ मारे जाने की आशंका बनी रहेगी। सदन में परिसीमन विधेयक 2026, संविधान ( 137वां संशोधन ) विधेयक 2026 और संघ राज्य क्षेत्र विधि (संशोधन) विधेयक 2026 पर अधूरी रही चर्चा की शुरुआत करते हुए द्रविड मुनेत्र कषगम (द्रमुक) की कनिमोझी ने आज कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने परिसीमन के बाद राज्यों की बढ़ने वाली लोक सभा की सीटें बढ़ाने का जो सूत्र बताया है उसे भविष्य में बदला जा सकता है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि परिसीमन के मामले में सरकार अपना एजेंडा लागू कर सकती है। परिसीमन आयोग की रिपोर्ट को नकारा भी जा सकता है। ऐसी स्थिति में न्याय कहां मिलेगा। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की द्रमुक सरकार सहकारी संघवाद मानती है। द्रमुक सरकार ने महिलाओं को विधायिका में आरक्षण देने के लिए केन्द्र को पत्र लिखा था, द्रमुक की महिला मोर्चा ने इसके लिए दिल्ली में रैली की थी। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार भारतीय महिलाओं को शील्ड के रूप में इस्तेमाल कर रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि आंकड़े दर्शाते हैं कि इस सरकार ने सदन में किये गये 80 से 90 प्रतिशत आश्वासनों को पूरा नहीं किया है। सरकार सहकारी संघवाद की भावना का पालन नहीं कर रही है। उन्होंने महिलाओं को आरक्षण देने का विधेयक तुरंत लागू करने की मांग की। उन्होंने परिसीमन विधेयक को ऐसी संसदीय समिति को भेजने की मांग की जो सभी दलों के सदस्यों से सलाह-मशविरा करके अपनी रिपोर्ट दे। इस मामले में जल्दबाजी न करें और पूरी प्रक्रिया को कम से कम तीन महीने तक जनता के समक्ष रखे और सबकी राय के बाद ही महिला आरक्षण को लागू किया जाये।</p>
<p>कांग्रेस के शशि थरूर ने कहा कि विधायिका में महिला आरक्षण की व्यवस्था को तुरंत लागू किया जाये, इसे परिसीमन से जोड़कर क्यों रखा जा रहा है।उन्होंने कहा कि राज्यों की बढ़ने का जो सूत्र बताया गया है, उसे बदला भी जा सकता है। थरूर ने कहा कि लोक सभा में 850 सीटें हो जाने से यह बड़ी बोझिल हो जायेगी, कार्यवाही का संचालन बहुत दुष्कर हो जायेगा। प्रश्न काल और शून्य काल में सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का मौका कैसे मिलेगा। उन्होंने कहा,"हमें ऐसा सूत्र बनाना चाहिए जिससे छोटे-छोटे राज्य भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व कर सकें। हितधारकों और राज्यों के साथ व्यापक परामर्श करके सीटों का निर्धारण किया जाना चाहिए। ऐसी क्रियाविधि अपनायी जाये जिससे नया भारत आपस में विभाजित न हो।" उन्होंने कहा कि केरल और तमिलनाडु जैसे दक्षिण के राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण में महती योगदान दिया है और ये राज्य केन्द्र को तुलनात्मक रूप से अधिक राजस्व देते हैं जिससे केन्द्र सरकार चलती है।</p>
<p>ऐसी स्थिति में इन राज्यों के साथ लोक सभा सीटों के मामले में अन्याय न हो, इसके विधायी प्रावधान किये जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि वह सरकार से कहते हैं, "कृपया देश हित में दूरदृष्टि रखें, छोटे-छोटे लाभ न देखें।" वाईएसआरसीपी के पी वी मिधुन रेड्डी ने चर्चा में शामिल होते हुए कहा कि परिसीमन प्रक्रिया में सभी दलों का प्रतिनिधित्व होना चाहिए। विपक्षी दलों को नुकसान पहुंचाने का कार्य नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों के लिए कड़े कानून बनाये जायें। महिलाओं का सशक्तीकरण तभी हो सकता है जब उनकी सुरक्षा के लिए कड़े कानून बनाये जायेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 17:34:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>LPG की कमी पर राज्यसभा में चर्चा की मांग, भाकपा सांसद संदोष कुमार ने दिया कार्यस्थगन प्रस्ताव का नोटिस</title>
                                    <description><![CDATA[सांसद संदोष कुमार पी ने राज्यसभा में नियम 267 के तहत नोटिस देकर एलपीजी की कमी पर चर्चा की मांग की है। पश्चिम एशिया संघर्ष से बाधित आपूर्ति श्रृंखला के कारण घरेलू और कमर्शियल गैस की किल्लत बढ़ गई है। उन्होंने सरकार से भंडार की स्थिति स्पष्ट करने और मध्यम वर्ग को महंगाई से राहत देने की अपील की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/demand-for-discussion-in-rajya-sabha-on-shortage-of-lpg/article-146065"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/cpi.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में एलपीजी की कथित कमी पर चर्चा कराने की मांग को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के सदस्य संदोष कुमार पी ने बुधवार को राज्य सभा में कार्यस्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है।  </p>
<p>संदोष कुमार ने नियम 267 के तहत यह नोटिस दिया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसके चलते एलपीजी की आपूर्ति में देरी, कीमतों में वृद्वि और आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो गयी है। कई राज्यों में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की अनियमित आपूर्ति, लंबा इंतजार और अचानक कीमतों में बढ़ोतरी की शिकायतें सामने आ रही हैं।       </p>
<p>उन्होंने कहा कि देश के करोड़ों परिवार, खासकर गरीब और मध्यम वर्ग, खाना पकाने के लिए एलपीजी पर निर्भर हैं। एलपीजी की कमी से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छोटे होटल, रेस्तरां और खाद्य व्यवसाय से जुड़े लोगों पर भी इसका गंभीर असर पड़ रहा है। सांसद ने सरकार से एलपीजी भंडार की वास्तविक स्थिति, आपूर्ति बनाए रखने के लिए उठाए गए कदमों और उपभोक्ताओं को राहत देने की योजना पर सदन को जानकारी देने की मांग की है।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Mar 2026 13:26:19 +0530</pubDate>
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