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                <title>sms - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>आईबीएस रोड पर तेज रफ्तार थार की टक्कर से युवक की मौत, युवती गंभीर घायल</title>
                                    <description><![CDATA[ज्योति नगर थाना क्षेत्र के आईबीएस रोड पर बीती रात तेज रफ्तार थार ने स्कूटी सवार युवक-युवती को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में पारस विकास की मौत हो गई, जबकि नंदिनी शर्मा गंभीर रूप से घायल हैं और एसएमएस अस्पताल में उपचाराधीन हैं। पुलिस ने थार गाड़ी को ट्रेस कर लिया है और मामले की जांच जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/young-man-dies-girl-seriously-injured-due-to-collision-with/article-134521"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/sms-accident.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। ज्योति नगर थाना इलाके में आईबीएस रोड पर बीती रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार से आ रही एक थार गाड़ी ने स्कूटी पर सवार युवक-युवती को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में स्कूटी चालक पारस विकास की मौत हो गई, जबकि साथ में बैठी नंदिनी शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गई, जिनका उपचार सवाई मानसिंह अस्पताल में जारी है।</p>
<p>दुर्घटना थाना साउथ के हेड कांस्टेबल हरि के अनुसार, घटना रात करीब 10:30 बजे की है। आईबीएस हॉस्पिटल के सामने तेज रफ्तार थार ने स्कूटी सवार पारस विकास और नंदिनी शर्मा को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और घायलों को एसएमएस अस्पताल पहुंचाया गया।</p>
<p>अस्पताल में उपचार के दौरान देर रात पारस विकास ने दम तोड़ दिया। वहीं, नंदिनी शर्मा की स्थिति अभी भी नाजुक बताई जा रही है और उनका उपचार जारी है।</p>
<p>पुलिस ने हादसे की सूचना मिलते ही घटनास्थल से भागी थार गाड़ी को ट्रेस कर लिया है। वाहन मालिक से संपर्क किया जा रहा है और गाड़ी को जप्त करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। पुलिस अब हादसे के कारणों की जांच में जुटी है और जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह हादसा एक बार फिर शहर में तेज रफ्तार वाहनों से होने वाली घटनाओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Dec 2025 13:27:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>एसएमएस अस्पताल : दूसरे दिन भी ठप रहा सर्वर मरीज होते रहे परेशान, जिम्मेदार अनजान</title>
                                    <description><![CDATA[ जयपुर के सवाई मानसिंह हॉस्पिटल सहित अन्य हॉस्पिटल्स में लगातार सर्वर ठप होने की समस्या आ रही है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/sms-hospital-stalled-on-the-second-day-as-a-server/article-116027"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/news-(14).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर के सवाई मानसिंह हॉस्पिटल सहित अन्य हॉस्पिटल्स में लगातार सर्वर ठप होने की समस्या आ रही है। इसके चलते आए दिन मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सर्वर नहीं चलने से दूरदराज से इलाज के लिए आए मरीज बिना इलाज ही लौटने को मजबूर हो जाते हैं। ऐसा ही नजारा शनिवार को भी लगातार दूसरे दिन भी एसएमएस अस्पताल में देखने को मिला। अस्पताल में करीब ढाई से तीन घंटे तक सर्वर में तकनीकी खराबी रही। सर्वर नहीं चलने के कारण जांच के बिल नहीं कट सके, जिसके कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस बीच रजिस्ट्रेशन के इंतजार में ओपीडी भवन में बैठे एक मरीज की हालत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर गया, जिसे वहां मौजूद लोगों ने संभाला। अन्य मरीज भी सर्वर ठीक होने के इंतजार में घंटों खड़े रहे।  मामले में अस्पताल के जिम्मेदारों का कहना है कि सर्वर की समस्या डीओआईटी की तरफ  से आ रही है। इसमें हॉस्पिटल की तरफ  से कोई समस्या नहीं है।</p>
<p><strong>मरीजों की हुई जांच</strong><br />अस्पताल में शुक्रवार को भी सर्वर करीब एक घंटे तक डाउन रहा था और शनिवार को भी सर्वर डाउन रहने की स्थिति से व्यवस्था और बिगड़ गई। अस्पताल में इलाज के लिए आए मरीज हाथ में पर्ची लिए इधर-उधर भटकते रहे लेकिन सर्वर नहीं चलने के कारण जांच के लिए बिल नहीं कटवा सके, जिससे उनकी जांचें भी नहीं हो सकी। इधर इस तरह की समस्या से परेशान मरीजों के लिए हॉस्पिटल में वैकल्पिक व्यवस्थाओं का भी अभाव दिखाई दिया।</p>
<p><strong>इंतजार में मरीज बेहोश हुआ</strong><br />जानकारी के अनुसार अस्पताल में सुबह सवा 11 बजे से लेकर दोपहर करीब दो बजे तक सर्वर में तकनीकी समस्या रही। इस दौरान बीमारी का इलाज करवाने आए एक मरीज की हालत बिगड़ गई। करीब दस मिनट तक मरीज को उसके परिजन और वहां खड़ा सुरक्षा गार्ड ही संभालता रहा, लेकिन कोई मेडिकल स्टॉफ  वहां नहीं आया। काफी देर तक जब किसी भी स्टॉफ  ने मदद नहीं की तो मजबूरन मरीज के पिता उसे गोद में उठाकर डॉक्टर के कमरे तक ले गए, जिसे बाद में डॉक्टर ने देखा। हॉस्पिटल में तमाम संसाधन होने के बावजूद ओपीडी में बेहोश हुए मरीज को उठाने कोई नहीं पहुंचा, जिसके कारण हॉस्पिटल में प्रदेश के कोने-कोने से आए लोगों ने हॉस्पिटल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Jun 2025 14:27:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>एसएमएस अस्पताल में मौत को हराने के लिए जिंदगी की जंग लड़ रहे लोग, अब तक 14 लोगो की मौत </title>
                                    <description><![CDATA[भांकरोटा अग्निकांड में गंभीर रूप से घायल हुए 14 लोग जिंदगी की जंग हार चुके हैं। इनमें 2 लोगों की मौत हुई है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/people-are-fighting-for-life-to-defeat-death-in-sms/article-98291"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/5554-(8)12.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भांकरोटा अग्निकांड में गंभीर रूप से घायल हुए 14 लोग जिंदगी की जंग हार चुके हैं। इनमें 2 लोगों की मौत हुई है। वहीं 27 घायल अभी भी एसएमएस अस्पताल में मौत को हराने के लिए जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। अस्पताल अधीक्षक डॉ. सुशील भाटी ने बताया कि 14 मौतों में से 13 लोगों की अब तक एसएमएस इलाज के दौरान मौत हुई है। अभी अस्पताल में 27 मरीजों का इलाज जारी है। कुछ मरीज गंभीर हालात में हैं। अभी 7 मरीज वेंटिलेटर पर है, जिनकी शिनाख्त नहीं हुई है।</p>
<p>उनका डीएनए टेस्ट करवाया जा रहा है हालांकि एक मरीज की जयपुरिया अस्पताल में मौत हुई है। वहीं एसएमएस अस्पताल में आज उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी, कांग्रेसी नेता सचिन पायलट ने भी पहुंच कर मरीजों की कुशलक्षेम जानी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Dec 2024 18:49:54 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>स्पैम कॉल और एसएमएस को एयरटेल ने कहा अलविदा</title>
                                    <description><![CDATA[भारती एयरटेल राजस्थान के सीईओ मरूत दिलावर ने कहा आज के डिजिटल युग में धोखा धडी, स्कैम और हानिकारक संदेश ग्राहकों के लिए एक गंभीर चिंता विषय बन चुके हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/airtel-says-goodbye-to-spam-calls-and-sms/article-92521"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/whatsapp-image-2024-10-07-at-13.29.47.jpeg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारती एयरटेल ने अपनी एआई पावर्ड स्पैम डिटेक्शन सिस्टम के जरिए राजस्थान में अपने ग्राहकों को बड़ी राहत प्रदान की है। लॉन्च के पहले दस दिनों में ही, टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर ने अपनी इस नई सेवा से राजस्थान में 51 मिलियन संभावित स्पैम कॉल्स और 1.6 मिलियन स्पैम एसएमएस की पहचान करने में सफलता हासिल की है।</p>
<p>यह सेवा पूरी तरह मुफ़्त है और एयरटेल के सभी ग्राहकों के लिए इसे अपने आप एक्टिव कर दिया है। इसके लिए उन्हें न तो कोई अनुरोध करना पड़ेगा और न ही कोई एप डाउनलोड करने की जरूरत है।</p>
<p>भारती एयरटेल राजस्थान के सीईओ मरूत दिलावर ने कहा आज के डिजिटल युग में धोखा धडी, स्कैम और हानिकारक संदेश ग्राहकों के लिए एक गंभीर चिंता विषय बन चुके हैं। एयरटेल के डेटा साइंटिसट की ओर इस एआई सक्षम सेवा को बनाने में एक विदेशी एल्गोरिथम का उपयोग किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Oct 2024 16:50:12 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>गंभीर मरीजों की जांच एसएमएस से बाहर क्यों हो रही है : आयोग</title>
                                    <description><![CDATA[मीडिया रिपोर्ट्स में बताया कि एसएमएस अस्पताल आने वाले गंभीर श्रेणी के मरीजों को एडवांस टेस्ट के नाम पर गुमराह किया जा रहा है। वहीं सुपर स्पेशियलिटी में कॉलेज के बाहर से जांच कराने का खेल चल रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/why-is-the-commission-investigating-serious-patients-through-sms/article-82607"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/sms.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य मानवाधिकार आयोग ने एसएमएस मेडिकल कॉलेज के कुछ चिकित्सकों की ओर से गंभीर श्रेणी के मरीजों की विशेष जांचें बाहर से कराने को गंभीरता से लिया है। इसके साथ ही आयोग ने इस संबंध में एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल से तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब कर जवाब तलब किया है। आयोग ने प्रिंसिपल से पूछा है कि बाहर से जांच क्यों कराई जा रही है और इनका रिकॉर्ड ट्रीटमेंट चार्ज में किस कारण से नहीं किया जा रहा है। आयोग से यह आदेश इस संबंध में प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट्स पर स्वप्रेरित प्रसंज्ञान लेते हुए दिए।</p>
<p>मीडिया रिपोर्ट्स में बताया कि एसएमएस अस्पताल आने वाले गंभीर श्रेणी के मरीजों को एडवांस टेस्ट के नाम पर गुमराह किया जा रहा है। वहीं सुपर स्पेशियलिटी में कॉलेज के बाहर से जांच कराने का खेल चल रहा है। इसके अलावा जिन मरीजों की जांच बाहर कराई जा रही है, उनका किसी भी तरह का जिक्र न तो ट्रीटमेंट चार्ज में है और ना ही अस्पताल प्रबंधन को इसकी सूचना मुहैया कराई जा रही है। चिकित्सक मरीजों को बाहरी लैब का पता देकर भेज रहे हैं, ताकि मरीज बाहर ही अपनी जांच कराएं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Jun 2024 10:30:44 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>रिसर्च में फिसड्डी एसएमएस मेडिकल कॉलेज</title>
                                    <description><![CDATA[ केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से मेडिकल शिक्षा में बेहतरीन सेवाओं, रिसर्च सहित अन्य मापदंडों के आधार पर हर साल देश के मेडिकल कॉलेज की नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क(एनआईआरएफ) रैंकिंग दी जाती है। सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज इस 2023 की रैंकिंग में 46 वें नंबर पर है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/sms-medical-college-lags-behind-in-research/article-81879"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/sms.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर के सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज में सालों पहले रिटायर हुए प्रोफेसर के भरोसे रिसर्च प्रोजेक्ट मंजूर करने का जिम्मा दे रखा है। ऐसे में उत्तर भारत के बड़े मेडिकल कॉलेजों में शुमार मेडिकल कॉलेज रिसर्च में फिसड्डी हो गया है। मेडिकल रिसर्च में देश के टॉप 10 तो छोड, शुरुआती तीन दर्जन मेडिकल कॉलेजों में भी इसका नाम शामिल नहीं है। यहीं नहीं देश के प्राइवेट मेडिकल कॉलेज भी एसएमएस से कई गुना ज्यादा रिसर्च प्रोजेक्ट लेकर काम कर रहे हैं। एसएमएस मेडिकल कॉलेज में रिसर्च प्रोजेक्ट्स को मंजूरी देने के लिए रिटायर प्रोफेसर डॉ. शशि सिंघवी को एथिकल कमेटी का चेयरमैन बना रखा है। कमेटी में अन्य अहम पदों पर भी रिटायर मेडिकल प्रोफेसरों को लगा रखा है। जिनमें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के रूप में डॉ. आरके सुरेखा भी हैं। दोनों ही 8-9 साल पहले मेडिकल कॉलेज से रिटायर हो चुके हैं। हर 2-3 सालों में एथिकल कमेटी के 33 फीसदी सदस्य बदले जाते हैं, लेकिन कमेटी में इनकी मौजूदगी बरकरार है। </p>
<p><strong>रिसर्च में देश के तीन दर्जन मेडिकल कॉलेजों में भी नाम शामिल नहीं</strong><br />बेरुखी के चलते एन आई आर एफ में 46 वीं रैंक पर<br />केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से मेडिकल शिक्षा में बेहतरीन सेवाओं, रिसर्च सहित अन्य मापदंडों के आधार पर हर साल देश के मेडिकल कॉलेज की नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क(एनआईआरएफ) रैंकिंग दी जाती है। सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज इस 2023 की रैंकिंग में 46 वें नंबर पर है। जबकि उनसे पहले सीमित संसाधनों के बावजूद आधा दर्जन से ज्यादा प्राइवेट मेडिकल कॉलेज रैंकिंग में इससे पहले हैं।  5 साल में कभी भी टॉप-25 में भी शामिल नहीं हुआ। 2018 में तो कॉलेज रैंकिंग की दौड़ में ही शामिल नहीं था।</p>
<p><strong>तीन साल में जितना काम, प्राइवेट में उससे कई गुना ज्यादा एक साल में हुआ</strong><br />सवाईमानसिंह मेडिकल कॉलेज में पिछले तीन साल 2019-20 में 12, 2020-21 में 19 और 2021-22 में 45 स्पोंसर्ड रिसर्च प्रोजेक्ट्स लिए। यानि कुल 76 रिसर्च प्रोजेक्ट्स पर काम हुआ। जबकि रैंकिंग में हमसे आगे चल रहे कर्नाटक के कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज (9 वीं रैंक) ने तीन साल में 678, पुणे के डॉ.डीवाई पाटिल विद्यापीठ(15 वीं रैंक) ने 99,  बंगलुरू के सेंट जॉन मेडिकल कॉलेज(19 वीं रैंक) ने 700 , दिल्ली के इंस्टीट्यूट आॅफ लीवर एंड बाइलेरी साइंस (23 वीं रैंक) ने 125, मैसूर के जेएसएस मेडिकल कॉलेज (37 वीं रैंक) ने 166 और बंगलुरू के एमएस रमाह मेडिकल कॉलेज (43 वीं रैंक) ने 122 प्रोजेक्ट्स हाथ में लेकर उन्हें पूरा किया। एसएमएस मेडिकल कॉलेज ने 5 साल में केवल 137 रिसर्च प्रोजेक्ट्स पर ही काम किया।  </p>
<p>सवाईमानसिंह मेडिकल कॉलेज में पिछले तीन साल 2019-20 में 12, 2020-21 में 19 और 2021-22 में 45 स्पोंसर्ड रिसर्च प्रोजेक्ट्स लिए। यानि कुल 76 रिसर्च प्रोजेक्ट्स पर काम हुआ। जबकि रैंकिंग में हमसे आगे चल रहे कर्नाटक के कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज (9 वीं रैंक) ने तीन साल में 678, पुणे के डॉ.डीवाई पाटिल विद्यापीठ(15 वीं रैंक) ने 99,  बंगलुरू के सेंट जॉन मेडिकल कॉलेज(19 वीं रैंक) ने 700 , दिल्ली के इंस्टीट्यूट आॅफ लीवर एंड बाइलेरी साइंस (23 वीं रैंक) ने 125, मैसूर के जेएसएस मेडिकल कॉलेज (37 वीं रैंक) ने 166 और बंगलुरू के एमएस रमाह मेडिकल कॉलेज (43 वीं रैंक) ने 122 प्रोजेक्ट्स हाथ में लेकर उन्हें पूरा किया। एसएमएस मेडिकल कॉलेज ने 5 साल में केवल 137 रिसर्च प्रोजेक्ट्स पर ही काम किया।  </p>
<p><strong>लाइलाज मरीजों के ठीक होने की उम्मीद भी टूटी है, करोड़ों का फंड भी नहीं आ सका</strong><br />केन्द्र के डीसीजीआई यानी ड्रग कंट्रोलर जनरल आॅफ इंडिया के जरिये नई दवाओं पर रिसर्च को बड़ी शोध कंपनियां प्रोजेक्ट्स को रिसर्च के लिए अप्रूवल कराती है। फिर प्रोजेक्ट्स पर काम के लिए मेडिकल कॉलेजों को इन्हें सामान्य दवाइयों से ठीक ना होने वाले मरीजों पर उपयोग के लिए पेशकश करती है। एथिकल कमेटी इसकी मंजूरी के लिए एथोरिटी होती है। मंजूरी पर दवाइयां लाइलाज मरीजों के इलाज में काम आती है। दवा कितनी कारगर रही, उसकी रिपोर्ट तैयार होती है। कंपनी एवज में करोड़ों की इन महंगी दवाइयों के साथ बड़ी राशि कॉलेज को फंडिंग भी करती है। प्रोजेक्ट्स नहीं लेने से  लाइलाज मरीजों के ठीक होने की उम्मीद और करोड़ों का फंड भी कॉलेज को नहीं आ सका है। </p>
<p>रिसर्च प्रोजेक्ट्स ज्यादा आएं, इसका प्रयास करेंगे। जल्द एथिकल कमेटी को भी पुर्नगठित करेंगे। एक सेंट्रल कमेटी भी गठित करने की योजना है ताकि रिसर्च वर्क की मोनिटरिंग भी हो सके। रिसर्च प्रोजेक्ट्स से आने वाले पैसे को कॉलेज के वैलफेयर में भी खर्च करेंगे।<br />- डॉ.दीपक माहेश्वरी, प्रिंसिपल, एसएमएस मेडिकल कॉलेज। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Jun 2024 10:07:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पहली बार जयपुर में खेलेगी हार्दिक पांड्या की टीम, एसएमएस पर रहा है रॉयल्स का दबदबा</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान रॉयल्स की टीम मुम्बई इंडियंस के खिलाफ यशस्वी जायसवाल की शतकीय पारी के दम पर बनाए 212 रनों के बड़े स्कोर का बचाव करने में भी नाकाम रही।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/hardik-pandyas-team-will-play-in-jaipur-for-the-first/article-44730"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/x-171.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान रॉयल्स और गुजरात टाइटंस की टीमें गुरुवार को जब आईपीएल 2023 के मुकाबले में यहां आमने- सामने होंगी, तो दोनों टीमों के बीच अंत तालिका में शीर्ष पर पहुंचने की होड़ होगी। हार्दिक पांड्या की गुजरात टाइटंस अभी 9 मैचों से 12 अंक लेकर तालिका में शीर्ष पर है, जबकि राजस्थान रॉयल्स इतने ही मैचों में 10 अंकों के साथ चौथे स्थान पर है। गुरुवार को होने वाले मुकाबले से पहले दोनों टीमें अपना आखिरी मुकाबला हारकर यहां पहुंची हैं। राजस्थान रॉयल्स की टीम मुम्बई इंडियंस के खिलाफ यशस्वी जायसवाल की शतकीय पारी के दम पर बनाए 212 रनों के बड़े स्कोर का बचाव करने में भी नाकाम रही।</p>
<p>मुम्बई ने आखिरी ओवर में टिम डेविड के लगातार तीन छक्कों से मुकाबला छह विकेट से जीता। इसी तरह गुजरात टाइटंस ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ लो स्कोरिंग मुकाबला पांच रनों से गंवा दिया।  राजस्थान रॉयल्स को अपनी सलामी जोड़ी यशस्वी जायसवाल और जोस बटलर से मजबूत शुरुआत के साथ बड़ी पारी की उम्मीद रहेगी। टीम के कप्तान संजू सैमसन का भी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन आना अभी बाकी है। <br />मध्यक्रम में कैरेबियन खिलाड़ी शिमरन हेटमायर फिनिशिर की भूमिका बखूबी निभा रहे हैं। यशस्बी जायसवाल अब तक 9 मैचों 428 रन बनाकर दूसरे स्थान पर चल रहे हैं, वहीं जोस बटलर इतने ही मैचों में 289 रन बना चुके हैं। गेंदबाजी में रविचन्द्रन अश्विन 13 और युजवेन्द्र चहल 12 विकेट चटका चुके हैं।</p>
<p>दो साल पहले ही बनी नई टीम गुजरात टाइटंस पहली बार जयपुर में खेलने आई है, वहीं गुलाबी नगर के सवाई मानसिंह स्टेडियम के विकेट पर राजस्थान रॉयल्स का दबदबा रहा है। राजस्थान रॉयल्स ने इस मैदान पर अब तक खेले 49 मैचों में 33 में जीत हासिल की है। </p>
<p><strong>गुजरात का पलड़ा रहा है भारी</strong><br />राजस्थान रॉयल्स और पहली बार जयपुर में खेलने पहुंची गुजरात टाइटंस के बीच मेहमान टीम का पलड़ा भारी रहा है। दोनों टीमों के बीच अब तक चार मुकाबले खेले गए हैं। इनमें तीन बार गुजरात की टीम विजयी रही, जबकि इसी सीजन के पहले मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स ने विपक्षी टीम को तीन विकेट से शिकस्त दी।  ओवरआॅल आईपीएल में अब तक राजस्थान रॉयल्स ने जहां 201 मैचों में 101 में जीत हासिल की और 98 मैच गंवाए वहीं गुजरात ने 25 मैचों में 18 जीते हैं और 7 मैच गंवाए हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 May 2023 10:37:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जनरल सर्जरी विभाग के चिकित्सकों ने की पहली बार रोबोटिक सर्जरी</title>
                                    <description><![CDATA[यह सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र मांडिया, डॉ. आरजी खंडेलवाल, डॉ. शालू गुप्ता और उनकी टीम ने की है। इससे पहले हाल ही में यूरोलॉजी विभाग में भी रोबोटिक सर्जरी की जा चुकी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/doctors-of-general-surgery-department-performed-robotic-surgery-for-the/article-39770"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/a-76.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। एसएमएस अस्पताल के इतिहास में सोमवार को एक और उपलब्धि जुड़ गई है। अस्पताल के जनरल सर्जरी विभाग के चिकित्सकों ने रोबोटिक सर्जरी कर नया कीर्तिमान रचा है। विभाग ने गॉल ब्लेडर और हर्निया की एक-एक सर्जरी रोबोटिक तकनीक से की है। यह सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र मांडिया, डॉ. आरजी खंडेलवाल, डॉ. शालू गुप्ता और उनकी टीम ने की है। इससे पहले हाल ही में यूरोलॉजी विभाग में भी रोबोटिक सर्जरी की जा चुकी है।</p>
<p>गौरतलब है कि अस्पताल में 25-25 करोड़ रुपए से दो रोबोटिक मशीनें लगाई गई है। इन मशीनों से सर्जरी करने के लिए पहले दोनों विभागों के मुखियाओं को ट्रेनिंग दी गई और अब ट्रेनिंग के बाद यहां सफल रोबोटिक सर्जरी की गई है। प्रदेश में सरकारी स्तर के किसी भी मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पताल में पहली बार रोबोटिक सर्जरी की गई है। वैसे इससे पहले यूरोलॉजी विभाग में ये रोबोटिक सर्जरी हो चुकी है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Mar 2023 10:05:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एसएमएस के पूर्व प्रिंसिपल ने मुझे दे दी हैवी डोज, आज तक भुगत रहा हूं</title>
                                    <description><![CDATA[अभिनेष महर्षि की टिप्पणी पर सत्तापक्ष के विधायकों ने कड़ी आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री के खिलाफ  किया कमेंट कार्रवाई से निकालने की मांग की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-ex-principal-of-sms-gave-me-a-heavy-dose-i/article-38918"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/a-51.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को भाजपा विधायक अभिनेष महर्षि के एक बयान से एक बारगी तो सभी सदस्य सकते में आ गए, लेकिन बाद में हंगामा हो गया। विधानसभा में चिकित्सा एंव स्वास्थ्य विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए भाजपा विधायक अभिनेष महर्षि ने एसएमएस मेडिकल कॉलेज जयपुर के पूर्व प्रिंसिपल सुधीर भंडारी पर खुद के इलाज में भारी लापरवाही के आरोप लगाए। इस मामले में मुख्यमंत्री का जिक्र आने के बाद सदन में जमकर हंगामा हुआ। महर्षि ने कहा कि मुझे कोरोना हो गया था। मैं आरयूएचएस में भर्ती था। कई लोग कहते थे कि डॉ. सुधीर भंडारी अच्छे डॉक्टर हैं। उन भंडारी साहब ने मेरे साथ क्या किया, वह आपबीती सुना रहा हूं। एक दिन अचानक सुबह डॉक्टर भंडारी टीम लेकर मेरे पास आए। मेरे घरवालों को भी बुला लिया। मैं समझ नहीं पा रहा था कि अचानक क्या हुआ जबकि मैं ठीक था। मैंने उनसे पूछा कि हुआ क्या। डॉ. भंडारी दूर खड़े हो गए। मुझे शांति से रहने को कहा। मुझे चार इंजेक्शन लगा दिए। कुछ दवाइयां भी दी गई। मेरी हालत खराब हो गई। अभिषेक नाम के गंभीर मरीज की रिपोर्ट पर मेरे इंजेक्शन लगाए, आज भी साइड इफेक्ट भुगत रहा हूं। अभिषेक ने कहा कि जब डॉक्टर चले गए तो मैंने नर्सिंगकर्मी से मेरी रिपोर्ट और फाइल मंगवाई। वह देखकर मेरे होश उड़ गए। कोई अभिषेक नाम का दूसरा मरीज था। उसकी हालत बहुत गंभीर थी। उसकी रिपोर्ट के आधार पर गफलत में मुझे चार-चार इंजेक्शन लगा दिए। उस हेवी डोज के साइड इफेक्ट आज भी भुगत रहा हूं। रिपोर्ट देखकर मैंने डॉ. भंडारी को फोन करके बुलाया और कहा कि मैं विपक्ष का विधायक हूं, इसलिए शायद मुख्यमंत्री ने मारने के लिए कहा होगा।</p>
<p>अभिनेष महर्षि की टिप्पणी पर सत्तापक्ष के विधायकों ने कड़ी आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री के खिलाफ  किया कमेंट कार्रवाई से निकालने की मांग की। इस पर पक्ष विपक्ष में जमकर नोकझोंक हुई। उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि विधायक का दर्द वाजिब है। विधायक के परिजनों ने मुझे फोन करके कहा था कि आपके साथी से आखिरी मुलाकात कर लीजिए, मेरे आंसू आ गए थे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Mar 2023 10:51:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब एसएमएस में नहीं, एक ही छत के नीचे स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में ही होगा कैंसर मरीजों का इलाज</title>
                                    <description><![CDATA[मीणा ने कहा कि कैंसर मरीजों के प्रति सरकार काफी गंभीर है और उपचार के लिए जरूरी मशीनों पर करोड़ों रुपए खर्च किए गए हैं। जिसका फायदा मरीजों को एक ही जगह मिलना चाहिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/now-not-in-sms-cancer-patients-will-be-treated-under/article-29756"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/q-88.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा ने को राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हैल्थ साइंसेज (आरयूएचएस) और स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट का मैराथन दौरा किया। इस दौरान मीणा ने यूनिवर्सिटी और इंस्टीट्यूट का करीब तीन घंटे तक निरीक्षण किया और मरीजों को मिल रहे इलाज और सुविधाओं की हकीकत को जाना। आरयूएचएस का निरीक्षण करने के बाद चिकित्सा मंत्री स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट पहुंचे और वहां कैंसर के ट्रीटमेंट के लिए अत्याधुनिक मशीनों के इंस्टॉलेशन को देखकर काफी प्रभावित हुए। इस दौरान चिकित्सा मंत्री ने मशीनों पर लाभांवित होने वाले मरीजों की संख्या पर सवाल पूछा तो अधिकांश चिकित्सक ये कहकर बचते नजर आए कि अभी मरीजों की शिफ्टिंग यहां पूरे तरीके से नहीं हुई है। ऐसे में चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा ने निर्देश दिए कि जल्द से जल्द कैंसर मरीजों को एक छत के नीचे ही ट्रीटमेंट देने की व्यवस्था की जाए।</p>
<p><strong>कैंसर मरीजों के प्रति सरकार गंभीर, करोड़ों खर्च किए, एक ही जगह मिले इलाज</strong><br />मीणा ने कहा कि कैंसर मरीजों के प्रति सरकार काफी गंभीर है और उपचार के लिए जरूरी मशीनों पर करोड़ों रुपए खर्च किए गए हैं। जिसका फायदा मरीजों को एक ही जगह मिलना चाहिए। उन्होंने साफ  कहा कि ऑन्कोलाजी की फैकल्टी को अब एसएमएस की मानसिकता बदलनी होगी। कैंसर इंस्टीट्यूट में सभी फैकल्टी को जल्द शिफ्ट किया जाएगा और इस काम में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। चिकित्सा मंत्री के दौरे के दौरान यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. सुधीर भंडारी, प्राचार्य डॉ. विनोद जोशी, अस्पताल अधीक्षक डॉ. अजीत सिंह, कैंसर इंस्टीट्यूट के अधीक्षक डॉ. संदीप जसूजा सहित अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 16 Nov 2022 10:42:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>मरीज के परिजनों के साथ सुबह से घूम रहा था, मौका मिलते ही चुरा लिया बच्चा</title>
                                    <description><![CDATA[दादा पोते के पास बैठकर खाना खा रहे थे। उस समय ऑरेंज कलर की शर्ट पहना वो आदमी नजर बचाकर बच्चे को चुरा ले गया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/was-roaming-with-the-relatives-of-the-patient-since-morning--stole-the-child-as-soon-as-he-got-the-chance/article-17682"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/whatsapp-image-2022-08-04-at-7.05.57-am.jpeg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। बांगड़ अस्पताल के बाहर से बुधवार शाम को 4 महीने का बच्चा चोरी हो गया। बच्चे का बड़ा भाई बांगड़ अस्पताल में भर्ती है। सूचना पर पहुंची एसएमएस थाना पुलिस ने हुलिए के आधार पर बच्चा चुराने वाले आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।</p>
<p>पुलिस के अनुसार दिव्यांश उर्फ लक्की जोगी पुत्र अंकुर निवासी चांदराना, दौसा का बड़ा भाई करीब 4 दिन से अस्पताल में भर्ती है। अंकुर दादी-दादा के पास था। वहीं अंकुर की मां अस्पताल में भर्ती बड़े बेटे के पास थी। शाम करीब साढ़े 4  बजे दादा-दादी अंकुर को सूर्या  अस्पताल दिखाने गए थे। उस समय एक आदमी भी उनके साथ था। यहां से शाम करीब 5 बजे दादा दादी बच्चे को लेकर बांगड़ परिसर पहुंचे थे। उस समय भी वह आदमी उनके साथ था। इसी बीच दादी खाना लेने परिसर के बाहर आ गई। वह पति को खाना देकर अस्पताल में भर्ती बड़े पोते और बहू को खाना देने चली गई। दादा पोते के पास बैठकर खाना खा रहे थे। उस समय ऑरेंज कलर की शर्ट पहना वो आदमी नजर बचाकर बच्चे को चुरा ले गया। थोड़ी देर बाद दादी खाना देकर पोते के पास आई तो वो गायब मिला। इस पर उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना पर डीसीपी ईस्ट डॉ राजीव पचार समेत आसपास के थानों का जाब्ता मौके पर पहुंचा। पुलिस ने बच्चे की तलाश के लिए सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगालने शुरु किए। जांच में यह भी सामने आया है कि बच्चा चुराने वाला आरोपी दोपहर करीब 12 बजे से उनके साथ था। वहीं पुलिस ने कुछ संदिग्ध लोगों को भी राउंडअप किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Aug 2022 11:49:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एसएमएस मेडिकल कॉलेज में होगी मंकीपॉक्स की जांच</title>
                                    <description><![CDATA[ जयपुर। देश में मंकीपॉक्स के मामले सामने आने और केन्द्र सरकार की जारी गाइडलाइन के बाद अब प्रदेश में भी चिकित्सा विभाग अलर्ट हो गया है। ऐसे में सबसे जरूरी है मंकीपॉक्स सैंपल्स की जांच। अब एसएमएस मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब में भी मंकीपॉक्स के सैंपल्स की जांच हो सकेगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-monkeypox-will-be-investigated-in-sms-medical-college/article-16865"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/monkey-pox.jpg5.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। देश में मंकीपॉक्स के मामले सामने आने और केन्द्र सरकार की जारी गाइडलाइन के बाद अब प्रदेश में भी चिकित्सा विभाग अलर्ट हो गया है। ऐसे में सबसे जरूरी है मंकीपॉक्स सैंपल्स की जांच। अब एसएमएस मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब में भी मंकीपॉक्स के सैंपल्स की जांच हो सकेगी। साथ ही अगर मंकीपॉक्स का कोई संदिग्ध या पॉजिटिव मरीज आता है तो उसे भर्ती के लिए आरयूएचएस अस्पताल में अलग से डेडिकेटेड वार्ड भी बनाया है। एसएमएस मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. राजीव बगरहट्टा के अनुसार जयपुर के अलावा अन्य दूसरे बड़े शहरों में भी सैंपल कलेक्शन सेंटर खोले जाएंगे। इसके लिए हेल्थ डिपार्टमेंट को पत्र लिखेंगे ताकि सैंपल जांच के लिए जयपुर भेजे जा सकें।<br /><br /><strong>24 घंटे में मिलेगी रिपोर्ट</strong><br />मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष और सीनियर प्रोफेसर डॉ. भारती मल्होत्रा ने बताया कि देश में अब 15 लैब में मंकीपॉक्स वायरस की जांच की जा रही है, जिसमें जयपुर भी शामिल है। आईसीएमआर की ओर से हमें जांच किट दिए गए थे और हमारे पास एडवांस मशीन पहले से मौजूद है। सैंपल मिलने के 24 घंटे के दौरान हम रिपोर्ट देने में सक्षम है। जागरूकता के लिए चलेगा अभियान: प्राचार्य डॉ. बगरहट्टा की अध्यक्षता में शुक्रवार को मंकीपॉक्स को लेकर कॉलेज में सभी विभागों के विशेषज्ञों की बैठक हुई। इसमें लोगों को इस बीमारी से अवेयर करने के लिए कैंपेन चलाने का निर्णय किया है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने मंकीपॉक्स के बारे में पहले ही गाइडलाइन जारी कर दी है। हम अपने स्तर पर अब लोगों को जागरूक करने का काम करेंगे।<br /><br />मंकीपॉक्स बीमारी के सैंपल्स की जांच अब एसएमएस मेडिकल कॉलेज लैब में भी शुरू कर दी है। आरयूएचएस में डेडिकेटेड वार्ड भी तैयार कर दिया है। साथ ही इस बीमारी के प्रति जागरुकता के लिए अभियान भी चलाया जाएगा। -<strong>डॉ. राजीव बगरहट्टा, प्राचार्य, एसएमएस मेडिकल कॉलेज।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 Jul 2022 10:50:31 +0530</pubDate>
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