<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/consumer-alert/tag-74778" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Consumer Alert - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/74778/rss</link>
                <description>Consumer Alert RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पश्चिम एशिया संकट के मद्देनज़र सरकार की अपील : ऑनलाइन ही बुक कराएं सिलेंडर, जरूरत पड़ने पर ही जाएं वितरक के पास</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पश्चिम एशिया संकट के बावजूद भारत में ईंधन की कोई कमी नहीं है। सरकार ने जमाखोरी रोकने के लिए 50,000 सिलेंडर जब्त किए और 36 वितरकों को निलंबित किया। 95% ऑनलाइन बुकिंग के साथ आपूर्ति सुचारू है। मंत्रालय ने नागरिकों से पैनिक बुकिंग न करने और डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने की अपील की है।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/in-view-of-the-west-asia-crisis-the-governments-appeal/article-149191"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/cyclender-book.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। ऑनलाइन बुकिंग के बढ़ने के बावजूद रसोई गैस वितरण एजेन्सियों के बाहर लंबी-लंबी लाइनों को देखते हुए सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे ऑनलाइन माध्यम से ही एलपीजी सिलेंडर बुक करायें और आवश्यक होने पर ही वितरकों के पास जायें। पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर सरकार ने रविवार को एक बार फिर दोहराया कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य के रास्ते ऊर्जा आपूर्ति के प्रभावित होने के घटनाक्रम को ध्यान में रखते हुए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय पूरे देश में पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की सुचारु और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए निरंतर आवश्यक कदम उठा रहा है और फिलहाल देश में इनका पर्याप्त भंडार है।</p>
<p>मंत्रालय ने कहा है कि एलपीजी वितरकों के पास गैस समाप्त होने की कोई सूचना नहीं है और ऑनलाइन एलपीजी सिलेंडर बुकिंग बढ़कर 95 प्रतिशत हो गई है। शनिवार को 51 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी की गई। डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) आधारित एलपीजी डिलीवरी फरवरी में 53 प्रतिशत से बढ़कर शनिवार को 90 प्रतिशत हो गई है ताकि हेराफेरी को रोका जा सके। प्रवासी श्रमिकों और छात्रों को शनिवार को 5 किलोग्राम के 90,000 से अधिक सिलेंडर बेचे गए।देश में पीएनजी विस्तार तेज़ी से बढ़ रहा है और  मार्च से 3.6 लाख कनेक्शन को गैस आपूर्ति शुरू की गयी है और 3.9 लाख से अधिक नए पंजीकरण हुए हैं।</p>
<p>पश्चिम एशिया में फंसे सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले जहाजों से जुड़ी कोई घटना रिपोर्ट नहीं हुई। विदेश मंत्रालय खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्र में विकसित हो रही स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए है और 28 फरवरी से अब तक 7 लाख दो हजार से अधिक भारतीय स्वदेश लौटे हैं। सरकार ने कहा है कि वह पेट्रोल, डीज़ल और एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और घबराहट में खरीदारी तथा अनावश्यक बुकिंग से बचें।</p>
<p>एलपीजी की जमाखोरी और काला बाज़ारी की जांच के लिए कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में छापेमारी जारी है। मार्च से अब तक राज्यों और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों की संयुक्त टीमों द्वारा 50,000 से अधिक सिलेंडर जब्त किए गए हैं। कंपनियों के अधिकारियों को अचानक निरीक्षण की प्रणाली को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जमाखोरी और काला बाज़ारी की किसी भी घटना को रोका जा सके। अब तक एलपीजी वितरकों को 1400 से अधिक कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इसके अलावा, अब तक 36 एलपीजी वितरकों को निलंबित किया जा चुका है। उपभोक्ताओं को डी-पीएनजी और सीएनजी-परिवहन के लिए 100 प्रतिशत आपूर्ति के साथ प्राथमिकता दी गई है।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/in-view-of-the-west-asia-crisis-the-governments-appeal/article-149191</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/in-view-of-the-west-asia-crisis-the-governments-appeal/article-149191</guid>
                <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 17:54:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/cyclender-book.png"                         length="585217"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'पीएनजी में शिफ्ट हों...', मिडिल ईस्ट तनाव के बीच एलपीजी की कमी, केंद्र सरकार ने दी पीएनजी अपनाने की सलाह</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[मिडिल ईस्ट तनाव के कारण भारत में एलपीजी आपूर्ति बाधित हुई है, जिससे सिलेंडर के लिए लंबी कतारें लग रही हैं। केंद्र सरकार ने राहत के लिए नागरिकों से पीएनजी (PNG) अपनाने का आग्रह किया है। सरकार का लक्ष्य 60 लाख नए परिवारों को पीएनजी से जोड़ना है ताकि गैस किल्लत का दबाव कम हो सके और वितरण सुगम बने।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/shift-to-png-amidst-the-middle-east-tension-there-is/article-146430"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/modib-22.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर अब भारत में रसोई गैस की आपूर्ति पर भी देखने को मिल रहा है। कई शहरों में एलपीजी सिलेंडर की कमी के कारण लोगों को लंबी कतारों में खड़ा होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। बढ़ती मांग और आपूर्ति में आई रुकावट के चलते कई इलाकों में गैस वितरण प्रभावित हुआ है, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p>स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने नागरिकों से वैकल्पिक व्यवस्था अपनाने की अपील की है। सरकार ने कहा है कि जहां संभव हो, लोग एलपीजी की जगह पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) का उपयोग करें। अधिकारियों के मुताबिक देश में फिलहाल करीब डेढ़ करोड़ पीएनजी उपभोक्ता हैं और लगभग 60 लाख परिवार ऐसे हैं जो आसानी से पीएनजी कनेक्शन ले सकते हैं। सरकार का मानना है कि इससे एलपीजी पर दबाव कम होगा और गैस की आपूर्ति बेहतर ढंग से संचालित की जा सकेगी।</p>
<p> </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/shift-to-png-amidst-the-middle-east-tension-there-is/article-146430</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/shift-to-png-amidst-the-middle-east-tension-there-is/article-146430</guid>
                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 18:18:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/modib-22.png"                         length="832532"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        