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                <title>Vision 2047 - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>राजस्थान दिवस पर मुख्यमंत्री ने किया विकसित ग्राम-वार्ड अभियान का शुभारंभ: अभियान को जन भागीदारी से जोड़कर बनाएं व्यापक, गांवों-वार्डों का बनेगा विकास का मास्टर प्लान</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 'विकसित ग्राम-वार्ड अभियान' का शुभारंभ कर विकास को जनआंदोलन बनाया है। 19 मार्च से 15 मई तक चलने वाले इस अभियान के तहत हर गांव और वार्ड का 2047 तक का रोडमैप तैयार होगा। इसका लक्ष्य स्थानीय रोजगार बढ़ाना, पलायन रोकना और युवाओं-महिलाओं की भागीदारी से सवा लाख नौकरियां सुनिश्चित करना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/on-rajasthan-day-the-chief-minister-launched-the-vikas-gram-ward/article-147130"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/bhajan-lal-sharma04.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को राजस्थान दिवस के अवसर पर विकास को जनआंदोलन का रूप देने की बड़ी पहल करते हुए मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-वार्ड अभियान का विधिवत शुभारंभ किया। ये अभियान 19 मार्च से 15 मई तक चलेंगे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अभियान की वेबसाइट और वीडियो का लोकार्पण करते हुए कहा कि यह अभियान विकसित राजस्थान बनाने की दिशा में एक व्यापक जन आंदोलन की पहल है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के अंतर्गत राज्य की सभी ग्राम पंचायतों और नगरीय वार्डों के लिए स्थानीय आकांक्षाओं के अनुरूप विकास का रोडमैप तैयार किया जाएगा। गांव से लेकर शहर के वार्डों तक विकास की नई पहल को व्यापक जन भागीदारी से जोड़ा जाए। इसे आमजन के जीवन में सुधार का व्यापक माध्यम बनाया जाए। </p>
<p><strong>स्थानीय स्तर पर रोजगार के बढ़ाएं अवसर</strong></p>
<p>शर्मा ने कहा कि मास्टर प्लान में आधारभूत ढांचे के विकास के साथ-साथ स्थानीय संसाधनों, पारंपरिक कौशल और रोजगार के अवसरों को ध्यान में रखा जाए, ताकि गांवों में आबादी के संतुलन के साथ ही शहरों की ओर हो रहे पलायन को रोका जा सकेगा। हमारी सरकार ने अब तक सवा लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां देने, लखपति दीदी योजना में लगभग 16 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने एवं किसानों के लिए सम्मान निधि को बढ़ाने का काम किया है। प्रदेश में प्रतिव्यक्ति आय पहली बार 2 लाख रुपए से अधिक हुई है।</p>
<p><strong>युवा किसान एवं महिलाओं से करें संवाद </strong></p>
<p>सीएम ने कहा कि शिक्षा, चिकित्सा, सड़क, बिजली, पानी, रोजगार सहित सभी महत्वपूर्ण पहलुओं का समावेश करते हुए प्रत्येक गांव की सामाजिक-आर्थिक प्रोफाइल तैयार की जाए। इसके लिए जिला कलक्टर प्रत्येक गांव के किसान, युवा, महिलाओं से संवाद करें एवं सुझाव लें। हमारी सरकार ने विकसित राजस्थान 2047 के लिए विजन डॉक्यूमेंट जारी किया है। यह अभियान स्थानीय लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप विकास के रोडमैप को मूर्तरूप प्रदान करेगा। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि ग्राम एवं शहरी वार्ड के लिए तैयार किए जाने वाले मास्टर प्लान डायनामिक होगा, जिसमें अल्पावधि 2030, मध्यावधि 2035 एवं दीर्घावधि 2047 की आकांक्षाएं शामिल होंगी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। विभिन्न जिलों से मंत्री, अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी वीसी के माध्यम से जुड़े।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 12:00:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>रक्षा बल विजन-2047 में रासायनिक: जैविक और परमाणु खतरों को गंभीर चुनौती बताया; भविष्य के युद्धों के प्रति भारत बना रहा रणनीति, नए खतरों से निपटने के लिए एकीकृत सुरक्षा प्रणाली तैयार करने का खाका बनाया</title>
                                    <description><![CDATA[बदलते वैश्विक युद्ध तंत्र को देखते हुए भारत ने विज़न-2047 के तहत सीबीआरएन (CBRN) खतरों से निपटने की रणनीति बनाई है। इसके तहत परमाणु, रासायनिक और जैविक हमलों से बचाव के लिए एकीकृत सुरक्षा प्रणाली और आधुनिक डिटेक्शन सिस्टम तैनात किए जाएंगे। तीनों सेनाओं के बीच समन्वय और स्वदेशी तकनीक के माध्यम से सामूहिक विनाश के खतरों को विफल किया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/in-the-defense-force-vision-2047-chemical-biological-and-nuclear-threats/article-146547"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/rajnath-singh-3.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध ने दुनिया भर के रणनीतिक विशेषज्ञों को युद्ध के तौर तरीकों पर सोचने के लिए मजबूर कर दिया है। बदलते वैश्विक हालात और भविष्य के युद्ध के खतरों को देखते हुए भारत ने सुरक्षा रणनीति को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। हाल में पेश रक्षा बल विजन-2047 दस्तावेज में रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु यानी सीबीआरएन खतरों को गंभीर चुनौती बताया गया है। इस दस्तावेज में ऐसे हमलों से बचाव के लिए आधुनिक और एकीकृत सुरक्षा प्रणाली तैयार करने का खाका पेश किया गया है।</p>
<p>इसका उद्देश्य भविष्य में किसी भी बड़े हमले की स्थिति में सेना और सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया को तेज और प्रभावी बनाना है। विजन दस्तावेज के अनुसार अब युद्ध केवल पारंपरिक हथियारों तक सीमित नहीं रह गया है। आधुनिक समय में सामूहिक विनाश के हथियारों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। खासकर जैविक खतरों को बड़ी चुनौती माना गया है क्योंकि ये अक्सर अदृश्य तरीके से फैलते हैं और इन्हें पहचानना मुश्किल होता है। इसलिए इन खतरों की पहचान, रोकथाम और त्वरित प्रतिक्रिया के लिए नई तकनीकों और व्यवस्थाओं को विकसित करने की जरूरत बताई गई है।</p>
<p><strong>रासायनिक और जैविक खतरों से निपटने का फार्मूला</strong></p>
<p>इस समय सेना के पास कोर ऑफ इंजीनियर्स के तहत विशेष दस्ता है जो रासायनिक और जैविक खतरों से निपटने का काम करता है। इसके अलावा राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी एनडीआरएफ की टीमें नागरिक सुरक्षा के लिए तैनात रहती हैं। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन यानी डीआरडीओ भी इन खतरों से बचाव के लिए नई तकनीक और उपकरण विकसित कर रहा है। पिछले वर्ष सेना ने 223 आॅटोमैटिक केमिकल एजेंट डिटेक्शन एंड अलार्म सिस्टम खरीदे हैं। यह सिस्टम वास्तविक समय में खतरनाक रसायनों का पता लगाने में सक्षम है। इसके अलावा स्वदेशी मोबाइल डिकंटेमिनेशन सिस्टम भी तैयार किए गए हैं। इन उपकरणों का इस्तेमाल किसी रासायनिक या जैविक हमले के बाद प्रभावित इलाके को सुरक्षित बनाने के लिए किया जाएगा।</p>
<p><strong>सभी एजेंसियां मिलकर तेजी से कार्रवाई करेंगी</strong></p>
<p>रक्षा बल विजन-2047 का मुख्य उद्देश्य अलग-अलग एजेंसियों के बीच समन्वय को बेहतर बनाना है। फिलहाल कई एजेंसियां अलग-अलग उपकरण और प्रक्रियाओं के साथ काम करती हैं। इससे संकट के समय प्रतिक्रिया में देरी हो सकती है। नई योजना के तहत एकीकृत सुरक्षा प्रणाली तैयार की जाएगी ताकि हमले की स्थिति में सभी एजेंसियां मिलकर तेजी से कार्रवाई कर सकें।</p>
<p><strong>सुरक्षा उपकरणों की खरीद को मानकीकृत करेंगे</strong></p>
<p>नई नीति के तहत तीनों सेनाओं के लिए सुरक्षा उपकरणों की खरीद को मानकीकृत किया जाएगा। यानी एक ही तकनीकी मानकों वाले उपकरण खरीदे जाएंगे। इसके साथ ही प्रशिक्षण प्रक्रिया को भी एक समान बनाया जाएगा। इससे हमले की स्थिति में हर यूनिट की प्रतिक्रिया सटीक और समन्वित होगी।</p>
<p><strong>घायल सैनिकों के प्रबंधन के लिए क्या योजना है?</strong></p>
<p>विजन-2047 में हताहत प्रबंधन की नीति भी तैयार करने की बात कही गई है। इसके तहत हमले की स्थिति में घायल सैनिकों के उपचार और उनके शरीर से विकिरण या रासायनिक प्रभाव हटाने की प्रक्रिया को मानकीकृत किया जाएगा। इससे संकट के समय उपचार तेज और प्रभावी हो सकेगा और सैनिकों की सुरक्षा बेहतर होगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Sun, 15 Mar 2026 11:15:24 +0530</pubDate>
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