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                <title>Energy Ministry - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Energy Ministry RSS Feed</description>
                
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                <title>केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल का लोकसभा में जवाब: बिजली के स्मार्ट मीटर वैकल्पिक हैं अनिवार्य नहीं, बिजली की चोरी रोकने की दिशा में ठोस कदम</title>
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                        <![CDATA[केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने लोकसभा में स्पष्ट किया कि देश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर अनिवार्य नहीं बल्कि पूर्णतः वैकल्पिक हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी उपभोक्ता पर इसे जबरन नहीं थोपा जाएगा। हालांकि, बिजली चोरी और घाटा रोकने के लिए डिफॉल्टरों पर सख्ती जारी रहेगी। उपभोक्ता अपनी सुविधानुसार कभी भी इस सेवा को चुन या हटा सकते हैं।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/union-energy-minister-manohar-lals-reply-in-lok-sabha-smart/article-148808"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/manoha-lal.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सरकार ने लोकसभा में कहा है कि देश में बिजली के प्रीपेड स्मार्ट मीटर अनिवार्य नहीं बल्कि वैकल्पिक हैं और जो उपभोक्ता स्मार्ट मीटर लगाना चाहते हैं उन्हें ही यह सुविधा दी जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कहीं जबरन स्मार्ट मीटर नहीं लगाये जा रहे हैं। केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने गुरुवार को लोकसभा में एक पूरक प्रश्न के जवाब में कहा कि प्रीपेड बिजली मीटर स्मार्ट व्यवस्था वैकल्पिक व्यवस्था है और इस सुविधा का फायदा जो उपभोक्ता लेना चाहता है यदि उसका लाभ उपभोक्ता लेना चाहता है तो उसको यह दिया जाएगा और इसके लिए उसे पहले सिक्योरिटी देनी पड़ेगी और यदि वह बाद में प्रीपेड वापस लेता है तो उसकी सिक्योरिटी भी वापस कर दी जाएगी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सिक्योरिटी का प्रावधान वैकल्पिक है आवश्यक नहीं है। उपभोक्ता जब चाहे उसे हटा सकता है और अपनी सुविधा अनुसार बिजली सुविधा का लाभ ले सकता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रीपेड मीटर से कई राज्यों को लाभ हुआ है। उन्होंने कहा कि कहीं भी कोई प्रीपेड मीटर जबरन नहीं लगाया जा रहा है और यदि कहीं ऐसी सूचना है तो उसे पर ध्यान दिया जाएगा। उनका कहना था कि कई राज्यों में डिफाल्टर उपभोक्ता लंबे समय से बिजली का बिल नहीं दे रहे हैं उनके लिए आवश्यक कर दिया गया है कि जब तक बिजली का बिल नहीं देंगे तब तक वहां बिजली सुविधा नहीं दी जाएगी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जहां प्रीपेड हुआ है वहां कंपनियों का घाटा कम हुआ है और हर उपभोक्ता बिजली का भुगतान कर रहा है जबकि पहले यह उल्टा था लोग बिजली का बिल न भरना स्वाभिमान की बात मानते थे। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि सरकार बिजली की चोरी रोकने के लिए कदम उठा रही है और इसमें जो भी जरूरी होगा उपाय किए जाएंगे।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 16:20:25 +0530</pubDate>
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                <title>ईंधन संकट: श्रीलंका में आपूर्ति बाधाओं के बीच अनिवार्य क्यूआर कोड व्यवस्था लागू, साप्ताहिक ईंधन कोटा भी निर्धारित</title>
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                        <![CDATA[पश्चिम एशिया युद्ध के कारण तेल आपूर्ति बाधित होने पर श्रीलंका ने अनिवार्य क्यूआर कोड प्रणाली फिर से शुरू की है। जमाखोरी रोकने के लिए कारों के लिए 15 लीटर और बाइक के लिए 5 लीटर जैसे साप्ताहिक कोटे तय किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य मौजूदा स्टॉक का कुशल प्रबंधन कर आर्थिक स्थिरता बनाए रखना है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/fuel-crisis-in-sri-lanka-amid-supply-constraints-mandatory-qr/article-146576"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/sri-lanka.png" alt=""></a><br /><p>कोलंबो। पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष के कारण तेल आपूर्ति मार्गों में आए व्यवधानों को देखते हुए श्रीलंका सरकार ने रविवार से देश भर में वाहनों के लिए अनिवार्य क्यूआर कोड प्रणाली के माध्यम से ईंधन वितरण शुरू कर दिया है। ऊर्जा मंत्रालय की एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह कदम देश के ईंधन भंडार का कुशल प्रबंधन करने और आर्थिक गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने के लिए उठाया गया है।</p>
<p>मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था आज सुबह से प्रभावी हो गई है। अब किसी भी पेट्रोल पंप पर बिना पंजीकृत क्यूआर कोड के वाहनों को ईंधन जारी नहीं किया जाएगा। सरकार ने इस प्रणाली के साथ-साथ वाहनों के लिए साप्ताहिक ईंधन कोटा भी निर्धारित किया है। इसके तहत बसों को 60 लीटर, कारों को 15 लीटर, मोटरसाइकिल को 5 लीटर, वैन को 40 लीटर और भारी वाहनों (लॉरी) को 200 लीटर ईंधन आवंटित किया गया है। इसके अलावा थ्री-व्हीलर्स के लिए 15 लीटर और विशेष प्रयोजन वाहनों के लिए 40 लीटर की सीमा तय की गई है।</p>
<p>ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला में बाधा और घरेलू मांग में अचानक आई तेजी के कारण मौजूदा स्टॉक का सावधानीपूर्वक प्रबंधन करना आवश्यक हो गया था। मंत्रालय ने यह भी बताया कि ईंधन की अवैध जमाखोरी और कालाबाजारी ने भी मांग में वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस क्यूआर प्रणाली का मुख्य उद्देश्य जमाखोरी पर लगाम लगाना और आम जनता के दैनिक कार्यों को बिना किसी व्यवधान के सुनिश्चित करना है।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि श्रीलंका ने इससे पहले वर्ष 2022 के भीषण आर्थिक संकट के दौरान भी इसी प्रकार की क्यूआर प्रणाली का सफल कार्यान्वयन किया था। आवश्यक सेवाओं और उत्पादन गतिविधियों में लगे वाहनों के लिए अलग से वितरण व्यवस्था लागू की जाएगी।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Mar 2026 15:27:53 +0530</pubDate>
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