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                <title>संविधान निर्माण में डॉ. अम्बेडकर की भूमिका है अतुल्य : वासुदेव देवनानी</title>
                                    <description><![CDATA[विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए 'संविधान का मुख्य वास्तुकार' बताया। उन्होंने कहा कि हमारा संविधान न केवल लोकतांत्रिक नींव है, बल्कि इसमें भारतीय संस्कृति और महापुरुषों के स्वाभिमान की झलक भी समाहित है। देवनानी ने बाबा साहेब के सामाजिक न्याय और समानता के विचारों को आज भी प्रासंगिक बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/dr-ambedkars-role-in-the-making-of-the-constitution-is/article-150282"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/vasudev-devnani.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर को उनकी जयंती पर नमन किया है। देवनानी ने कहा कि डॉ. अम्बेडकर ने अपना सम्पूर्ण जीवन समाज के जरूरतमंद, पिछडे, उपेक्षित और निर्बल वर्गा को उन्नत करने में लगाया। डॉ. अम्बेडकर ने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। स्वतन्त्र भारत को एक लोकतांत्रिक राष्ट्र बनाने के लिए संविधान निर्माण में उन्होंने अतुल्य भूमिका निभाई। बाबा साहेब ने पिछड़े और कमजोर वर्ग के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। डॉ. अम्बेडकर के सामाजिक स‌द्भाव, समानता, सामाजिक न्याय के विचार आज भी प्रासंगिक</p>
<p>देवनानी ने कहा कि संविधान के बाईस भागों के मुख पृष्ठ पर भारत की संस्कृति और स्वाभिमान को दिखाती हुई तस्वीरें है। उन्होंने कहा कि इन तस्वीरों में भारत की प्राचीन सभ्यता मोहेंजोदडो से लेकर महाभारत में कुरुक्षेत्र और कृष्ण द्वारा दिए गए गीता के ज्ञान, भगवान श्री राम की लंका विजय, भगवान बुद्ध का जीवन चरित्र, महान सम्राट अशोक, उज्जैन के न्यायप्रिय महाराज विक्रमादित्य के राजदरबार, प्राचीन वैदिक गुरुकुल, नालंदा विश्ववि‌द्यालय, भगवान नटराज, रामभक्त हनुमान के साथ ही झांसी की रानी लक्ष्मी बाई, नेताजी सुभाषचन्द्र बोस, छत्रपति वीर शिवाजी और गुरु गोविन्द सिंह को प्रदर्शित किया गया है। देवनानी ने कहा कि भारत का संविधान विश्व का सबसे लम्बा और लिखित संविधान है। यह हमारे लोकतांत्रिक गणराज्य की नींव है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि भारत के संविधान का इतिहास उन लाखों भारतीयों के संघर्षों और स्वतंत्र होने की आशाओं में निहित है जो स्वतंत्रता, न्याय एवं समानता के लिए तरस रहे थे। महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस, सरदार पटेल, बाबा साहब अम्बेडकर, वीर सावरकर जैसे महापुरुषों के नेतृत्व में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम ने एक स्वतंत्र और लोकतांत्रिक भारत के लिए आशा की चिंगारी जलाई थी। कहा कि डॉ. बी. आर. अम्बेडकर, जिन्हें संविधान के मुख्य वास्तुकार के रूप में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान अ‌द्भुत तार्किकता, दूरदर्शिता, संवेदनशीलता से युक्त एक ऐसा दस्तावेज है जिसमें विश्व के विभिन्न संविधानों के सर्वोतम तत्वों को शामिल किया गया था, साथ ही यह भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और दार्शनिक परम्पराओं का प्रतिनिधित्व करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 18:11:28 +0530</pubDate>
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                <title>पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट के बीच जापानी पीएम सनाए ताकाइची का बड़ा फैसला, कहा-नौसैनिक सुरक्षा भेजने की कोई योजना नहीं, कानूनी संरचना के अंदर क्या क्या कदम उठाए जा सकते निर्णय विचाराधीन </title>
                                    <description><![CDATA[जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद अभी नौसैनिक पोत भेजने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। जापान अपनी कानूनी सीमाओं के भीतर स्वतंत्र विकल्पों की तलाश कर रहा है। ऊर्जा सुरक्षा के लिए 70% निर्भरता के बावजूद, जापान ने स्पष्ट किया कि अमेरिका से अब तक कोई औपचारिक अनुरोध नहीं मिला है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/amidst-the-growing-crisis-in-west-asia-japanese-pm-sanae/article-146647"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/japan-pm1.png" alt=""></a><br /><p>टोक्यो। जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने सोमवार को कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच जापान ने जहाजों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए नौसैनिक पोत भेजने का कोई निर्णय नहीं लिया है। संसद में बोलते हुए ताकाइची ने कहा कि सरकार अभी भी इस बात की जांच कर रही है कि जापान की कानूनी संरचना के अंदर क्या क्या कदम उठाए जा सकते हैं और वह स्वतंत्र रूप से क्या कार्रवाई कर सकती है।</p>
<p>प्रधामंत्री ने कहा, हमने सुरक्षा जहाजों को भेजने के संबंध में अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है। हम इस बात की जांच कर रहे हैं कि जापान स्वतंत्र रूप से क्या कर सकता है और कानूनी संरचना के अंदर क्या किया जा सकता है। ताकाइची ने यह भी उल्लेख किया कि अमेरिका ने इस क्षेत्र में जहाजों की सुरक्षा में सहायता के लिए जापान से कोई औपचारिक अनुरोध नहीं किया है।</p>
<p>इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने समाचार चैनलों से कहा था कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को टैंकर यातायात के लिए खुला रखने में सहायता के लिए सात देशों के साथ बातचीत कर रहे हैं। जापान ऊर्जा आयात के लिए पश्चिम एशिया पर बहुत ज्यादा निर्भर है इसके आयातित ऊर्जा संसाधनों का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा इसी क्षेत्र से आता है, जिससे देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए वहां के समुद्री मार्गों में स्थिरता महत्वपूर्ण हो जाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Mar 2026 12:54:14 +0530</pubDate>
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