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                <title>'tower of liberty' - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>टावर ऑफ लिबर्टी को रोशन रखना बना बड़ी चुनौती, लाइटें पिछले कई महीनों से बंद</title>
                                    <description><![CDATA[ऊपरी हिस्से तक पहुंच न होने से लाइट चालू करना मुश्किल है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/keeping-the--tower-of-liberty--illuminated-becomes-a-major-challenge/article-152631"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(7)3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से करोड़ों रुपए खर्च कर शहर के मध्य एरोड्राम चौराहे पर टावर ऑफ लिबर्टी को बनाया गया लेकिन इसे रोशन रखना अब विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। टावर की लाइटें पिछले कई महीनों से बंद हैं। जिससे यहां अंधेरा पसरा हुआ है। तत्कालीन नगर विकास न्यास(केडीए) की ओर से शहर में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के साथ ही चौराहों का विकास व सौन्दर्यीकरण कराया गया। इसी के तहत एरोड्राम चौराहे पर अंडरपास बनाया गया। इसके बीच में टावर ऑफ लिबर्टी का निर्माण किया गया। </p>
<p>कोरोना काल में हुए इस कार्य के तहत जहां करीब 50 करोड़ की लागत से तो चौराहे पर अंडरपास बनाया गया और 25 करोड़ की लागत से टावर ऑफ लिबर्टी का निर्माण कराया या। सुंदरता के साथ ही आकर्षक बनाने के लिए यहां तीन बड़े टावर जिनकी ऊंचाई 32 मीटर, 38 मीटर व 40 मीटर है। इन पर सात तरह ही इफेक्ट लाइटिंग लगाई गई थी। करीब दो कि.मी. दूसर से ही चौराहा और इसकी लाइटिंग नजर आती है। विशेष अवसरों पर तो यह तिरंगे रंग में और अलग-अलग रंग बदलते हुए लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र है। झालावाड़ रोड हाइवे होने से कोटा शहर ही नहीं बाहर से आने वाले लोग भी इसकी लाइटिंग को देखकर बिना फोटो खींचे नहीं रह पाते हैं।लेकिन हालत यह है कि शहर के बीच इस आकर्षक स्थल की लाइटें पिछले काफी समय से बंद हैं। जिससे इसकी सुंदरता पर ग्रहण लगा हुआ है।</p>
<p><strong>लाइटें बंद होने पर चालू करना मुश्किल</strong><br />टावर ऑफ लिबर्टी को बनाते समय इस पर लगाई गई लाइटों का सिस्टम इस तरह से किया गया है कि नीचे तो इसकी केबल व पैनल दिया गया। जबकि इसके अलग-अलग फ्लोर पर ऐसी व्यवस्था की गई कि लाइट बंद होने पर वहां से ही उसे सही कर चालू किया जा सकता है। लेकिन इसके ऊपरी हिस्से में जाने की कोई व्यवस्था नहीं की गई। जिससे हर बार लाइटें बंद होने पर उसे चालू करना काफी मुश्किल होता है।</p>
<p><strong>पेड़ा बांधने व खोलने पर 4 लाख का खर्चा</strong><br />जानकारों के अनुसार शुरुआत में इस चौराहे व टावर का ओएंडएम किया हुआ था। जिससे जितनी बार भी लाइटें बंद हुई संवेदक फर्म द्वारा उन्हें सही कराया गया। लेकिन हालत यह है कि एक बार लाइट चालू करने के लिए टावर के ऊपरी हिस्से तक पहुंचने के लिए लोहे व लकड़ी का पेड़ा बांधना पड़ता है। जिसे बांधने में 15 दिन व खोलने में 10 दिन का समय लगता है। साथ ही कई दिन तक लाइटों की ट्रायल की जाती है। ऐसे में एक बार पेडा बांधकर लाइटें चालू करने पर करीब 4 लाख रुपए खर्च होना बताया जा रहा है। इस कारण से संवेदक फर्म ने कुछ समय तो इन लाइटों को सही किया लेकिन अब संवेदक फर्म ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं। जिससे केडीए प्रशासन अभी तक इन लाइटों को चालू नहीं कर सका है।</p>
<p><strong>कई बार हो चुकी केबल चोरी</strong><br />सूत्रों के अनुसार टावर ऑफï लिबर्टी की लाइटों की नीबे लगी केबल व पैनल कई बार चोरी हो चुके हैं। जिनके संबंध में केडीए की ओर से पुलिस में कई बार शिकायत दी जा चुकी है। लेकिन न तो चोरों के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई और न ही लाइटें चालू। नतीजा शहर के बीच का यह आकर्षण अंधेरे में डूबा हुआ है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />एरोड्राम के टावर की लाइटें लम्बे समय से बंद हैं। मैने भी इन्हें देखा है। इन लाइटों को चालू करने के संबंध में अधिकारियों से चर्चा भी हो चुकी है। इन लाइटों को चालू करने के लिए अलग सिस्टम पर विचार किया जा रहा है। जिससे बार-बार ऊपर की तरफ नहीं जाना पड़े। नीचे से ही स्थायी समाधान हो सके। शीघ्र ही इन लाइटों को चालू करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं।<br /><strong>-बचनेश कुमार अग्रवाल, आयुक्त कोटा विकास प्राधिकरण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 May 2026 15:16:21 +0530</pubDate>
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                <title>अंधेरे में डूबा एरोड्राम का टावर ऑफ लिबर्टी, फुटपाथ पर बिखरी केबल से करंट का खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[बारां रोड पर भी लाइटें गायब, छाया अंधेरा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/aerodrome-s--tower-of-liberty--plunged-into-darkness/article-146817"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)26.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर को एक तरफ तो पर्यटन नगरी और स्मार्ट बनाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ शहर के प्रमुख स्थल व मुख्य मार्ग ही अंधेरे में डूबे हुए हैं। जिससे एक ओर जहां रात के समय अंधेरा छाया हुआ है वहीं राहगीरों के लिए करंट का खतरा भी बना हुआ है। शहर के बीच स्थित एरोड्राम चौराहा। जिस पर करोड़ों रुपए खर्च कर उसे विकसित किया गया। उसके सौन्दर्यीकरण के लिए चौराहे के बीच तीन बड़ी टावरों वाला टावर ऑफ लिबर्टी बनाया गया। उस टावर की हालत यह है कि पिछले कई दिन से यहां अंधेरा छाया हुआ है। कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से इसकी बंद लाइटों को कई बार चालू किया जा चुका है। लेकिन उसके बाद भी ये बार-बार बंद हो रही है। जनवरी में भी ये लाइटें कई दिन तक बंद रही थी। उसके बाद उनमें से कई लाइटों को कुछ समय पहले फिर से चालू कर दिया था। लेकिन वर्तमान में इसकी सभी लाइटें फिर से बंद हो गई है। जिससे यहां अंधेरा छाया हुआ है।</p>
<p><strong>पहले लेते थे सेल्फेी</strong><br />यहां से रात के समय निकलने वाले कई लोग विशेषकर बाहर से आने वाले व युवा टावर ऑफ लिबर्टी पर तंग बिरंगी रोशनी व रंग बदलती लाइटों के सेल्फद्दी लेते थे। वहीं अब ऐसा नहीं हो पा रहा है। वरन् अधिकतर लोग इसकी दुर्दशा देखकर निराश हो रहे हैं और इनक लाइटों के फिर से चालू होने का इंतजार कर रहे हैं।</p>
<p><strong>कई बार चोरी हो चुकी हैं लाइटें</strong><br />एरोड्राम चौराहे के टावर आॅफ लिबर्टी की लाइटें व बिजली का पैनल कई बार चोरी हो चुका है। जिससे केडीए द्वारा संवेदक के माध्यम से सही कराया जा चुका है। लेकिन उसके बाद भी यहां की स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। सूत्रों के अनुसार अब तो संवेदक ने भी इसे सही करने से हाथ खड़े कर लिए हैं। साथ ही ये लाइटें केडीए के लिए भी चुनौती बनी हुई है।</p>
<p><strong>अंटाघर से एसपी कार्यालय तक अंधेरा</strong><br />शहर में वैसे तो कई मुख्य मार्ग ऐसे हैं जहां रात के समय अक्सर अंधेरा रहता है। कई जगह पर रोड लाइटें खराब होने से बंद हैं। जबकि अंटाघर चौराहे से एसपी कार्यालय तक सड़क किनारे लगी रोड लाइटों में से अधिकतर गायब हो चुकी है। साथ ही उन लाइटों के तारों की केबल फुटपाथ पर ही खुली पड़ी हुई है। बारां रोड की कॉलोनियों में रहने वालों का कहना है कि यहां लाइटें नहीं होने से रात के समतय अंधेरा रहता है। जिससे कभी भी कोई हादसा होने का खतरा बना हुआ है। वहीं फुटपाथ पर केबल खुली व कटी पड़ी होने से करंट का भी खतरा बना हुआ है।लोगों का कहना है कि इसे तुरंत सही करवाया जाए। जिससे किसी तरह का कोई हादसा न हो।</p>
<p><strong>शीघ्र ही सही करवाया जाएगा</strong><br />केडीए सचिव मुकेश चौधरी का कहना है कि एरोड्राम चौराहे की लाइटों को कई बार सही कराया जा चुका है। लेकिन ये बार-बार बंद हो रही है। कई बार केबल चोरी होने से व कई बार तकनीकी कारणों से बंद हो रही है। इसे शीघ्र ही सही करवाकर चालू किया जाएगा। वहीं बारां रोड की गायब लाइटों को दिखवाकर उन्हें भी चालू करवा दिया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 15:04:46 +0530</pubDate>
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