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                <title>Kerala Elections 2026 - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Kerala Elections 2026 RSS Feed</description>
                
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                <title>चुनाव के आंकड़ों में देरी से केरल में मचा विवाद : वी.डी. सतीशान ने लगाया मुख्य चुनाव आयुक्त पर गंभीर आरोप, आंकड़े तुरंत प्रकाशित करने की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशान ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर 9 अप्रैल को हुए मतदान के आंकड़ों में देरी पर चिंता जताई है। उन्होंने निर्वाचन क्षेत्रवार प्रतिशत और डाक मतपत्रों की जानकारी सार्वजनिक न होने को पारदर्शिता के खिलाफ बताया। सतीशान ने लोकतांत्रिक विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सटीक डेटा तत्काल जारी करने की मांग की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/controversy-created-in-kerala-due-to-delay-in-election-data/article-150154"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/vd-satishnan.png" alt=""></a><br /><p>तिरुवनंतपुरम। केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशान ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता पर गंभीर चिंता जताते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर 9 अप्रैल, 2026 को हुए केरल विधानसभा चुनावों से संबंधित आधिकारिक आंकड़ों के प्रकाशन में हो रही देरी को उजागर किया है। अपने पत्र में सतीशान ने इस तथ्य की ओर ध्यान दिलाया है कि मतदान समाप्त होने के तीन दिन बीत जाने के बावजूद, विस्तृत और प्रामाणिक चुनावी आंकड़े अभी तक भारतीय चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।</p>
<p>उन्होंने इस बात पर विशेष रूप से जोर दिया कि निर्वाचन क्षेत्रवार मतदान आंकड़े, निर्वाचन क्षेत्रवार मतदान प्रतिशत और डाक मतपत्रों के आंकड़े जैसी महत्वपूर्ण जानकारी अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है। पारदर्शिता के महत्व पर बल देते हुए सतीशान ने कहा कि इस तरह के व्यापक आंकड़ों का शीघ्र प्रकाशन लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनता का विश्वास सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सत्यापित जानकारी की समय पर उपलब्धता से जनता को जांच-पड़ताल करने में मदद मिलती है और चुनावों की विश्वसनीयता बढ़ती है।</p>
<p>तत्काल कार्रवाई का आग्रह करते हुए सतीशान ने चुनाव आयोग से बिना किसी देरी के संपूर्ण चुनाव आंकड़ों को प्रकाशित करने के लिए तत्काल कदम उठाने का आह्वान किया। उन्होंने रेखांकित किया कि आम जनता, शोधकर्ताओं और राजनीतिक प्रतिनिधियों सहित सभी हितधारकों के लिए सटीक और प्रामाणिक आंकड़ों तक पहुंच आवश्यक है। यह मुद्दा अब राजनीतिक महत्व का हो गया है, क्योंकि 2026 के केरल विधानसभा चुनावों के संचालन और पारदर्शिता पर चल रही चर्चाओं के बीच इस देरी ने सबका ध्यान आकर्षित किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 14:07:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>केरल चुनावों पर संकट के बादल : 9 अप्रैल गरज के साथ तूफान की चेतावनी; मतदान प्रतिशत को लेकर राजनीतिक दलों में बढ़ी चिंता, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट  </title>
                                    <description><![CDATA[केरल में 9 अप्रैल को होने वाले मतदान पर खराब मौसम का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग ने भारी बारिश, बिजली कड़कने और तेज हवाओं का 'येलो अलर्ट' जारी किया है। राजनीतिक दलों को चिंता है कि प्रतिकूल मौसम के कारण मतदान प्रतिशत गिर सकता है। प्रशासन ने मतदाताओं को सतर्क रहने और चुनावी प्रक्रिया में बाधा कम करने के निर्देश दिए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/clouds-of-crisis-over-kerala-elections-april-9-warning-of/article-149255"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/kerala-weather.png" alt=""></a><br /><p>तिरुवनंतपुरम। केरल में आगामी नौ अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव से कुछ ही दिन पहले प्रतिकूल मौसम के पूर्वानुमान ने मतदान की संभावनाओं पर असर डाला है। राजनीतिक दलों ने चिंता जताई है कि गरज के साथ और छिटपुट बारिश पूरे राज्य में मतदाता प्रतिशत प्रभावित कर सकता है। मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने एक विस्तृत चेतावनी जारी की है जिसमें बताया गया है कि पांच और छह अप्रैल को केरल में अलग-अलग स्थानों पर बिजली कड़कने और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाओं चलने की प्रबल अनुमान है। मौसम का यह अनिश्चित स्वरूप सात और आठ अप्रैल को भी जारी रहने की उम्मीद है, जिसमें 30-40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।</p>
<p>महत्वपूर्ण बात यह है कि मतदान के दिन नौ अप्रैल को भी मौसम विभाग ने एक या दो स्थानों पर बिजली कड़कने के साथ गरज के साथ बारिश का पूर्वानुमान जताया है। इससे संकेत मिलता है कि भले ही व्यापक रूप से भारी बारिश न हो लेकिन स्थानीय स्तर पर मौसम का व्यवधान कुछ क्षेत्रों में मतदाताओं की आवाजाही और मतदान प्रतिशत में बाधा डाल सकता है। मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की है, जिसमें पांच और छह अप्रैल को अलग-अलग स्थानों पर 24 घंटों के भीतर सात सेंटीमीटर से 11 सेंटीमीटर तक बारिश होने की पूर्वानुमान है। इन दोनों दिनों के लिए पतनमतिट्टा, इडुक्की, पलक्कड़ और मलप्पुरम जिलों में 'येलो अलर्ट' घोषित किया गया है, जो भारी बारिश के अनुमान के कारण सामान्य जीवन और चुनाव पूर्व की व्यवस्थाएं प्रभावित हो सकती हैं।</p>
<p>मौजूदा अनुमान के मुताबिक हालोकि नौ अप्रैल तक बारिश की तीव्रता कम हो सकती है, फिर भी राजनीतिक दल सतर्क हैं। मतदान के दिन हल्की-फुल्की बारिश, गरज-चमक या बिजली गिरने की चेतावनी भी मतदाताओं के उत्साह में खलल डाल सकती हे, खासकर ग्रामीण, तटीय और पहाड़ी इलाकों में, जहां पहले से ही पहुंच एक चुनौती है। विभिन्न दलों के चुनावी रणनीतिकार मौसम के ताजा विवरणों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं, क्योंकि केरल के इस कड़े मुकाबले वाले चुनाव में मतदान का प्रतिशत एक निर्णायक कारक माना जाता है। पिछले अनुभवों ने दिखाया है कि प्रतिकूल मौसम की स्थिति—भले ही वह स्थानीय स्तर पर हो-मतदाताओं की भागीदारी के रुझानों को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर सकती है।</p>
<p>इस बीच अधिकारियों ने जनता से गरज के साथ बारिश या तूफान आने के दौरान सावधानी बरतने का आग्रह किया है, विशेष रूप से बिजली गिरने और तेज हवाओं से बचने और आधिकारिक सूचनाओं के साथ अपडेट रहने को कहा है। चुनाव अधिकारियों से यह भी अपेक्षा की जाती है कि वे मौसम संबंधी किसी भी व्यवधान के बावजूद सुचारू मतदान सुनिश्चित करने के लिए तत्पर रहें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 13:27:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>खड़गे-राहुल ने किया केरलम में विधानसभा चुनाव प्रचार का शंखनाद: विपक्ष पर बोला हमला, इन मुद्दो को लेकर एलडीएफ सरकार को घेरा</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने कोझिकोड से चुनावी हुंकार भरी। उन्होंने एलडीएफ (LDF) और केंद्र के बीच 'कम्युनिस्ट-जनता पार्टी' गठबंधन का आरोप लगाया। राहुल ने बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और नशाखोरी पर राज्य सरकार को घेरते हुए सवाल किया कि आखिर मुख्यमंत्री के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियां जांच क्यों नहीं कर रही हैं?]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/kharge-rahul-sounded-the-assembly-election-campaign-in-kerala-attacked-the/article-147956"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/kerala-election-20261.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को केरलम में विधानसभा चुनाव प्रचार का शंखनाद करते हुए राज्य में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा( एलडीएफ) और केंद्र सरकार पर दोनों पार्टियों के बीच अंदरूनी मिलीभगत को लेकर हमला बोला। पार्टी नेताओं ने राज्य की आर्थिक तंगहाली, स्वास्थ्य बदहाली, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, नशे के बढ़ते मामलों को लेकर भी एलडीएफ सरकार को पुरजोर तरीके से घेरा।</p>
<p>खरगे और राहुल ने आज केरलम के कोझिकोड में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा(यूडीएफ) गठबंधन की जनसभा को संबोधित कर रहे थे। खरगे ने कहा कि केरलम में सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और केंद्र सरकार के बीच एक गुप्त समझौता है, जिसका नाम 'कम्युनिस्ट-जनता पार्टी' है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार विधानसभा चुनाव में जानबूझकर कमजोर उम्मीदवार उतार रही है, ताकि एलडीएफ गठबंधन की मदद की जा सके। उन्होंने जोर दिया कि एलडीएफ धर्मनिरपेक्ष होने का दावा करती है, लेकिन वह केंद सरकार की मदद कर रही है और केंद्र सरकार को दिया गया हर वोट सीधे तौर पर एलडीएफ को उपहार है।</p>
<p>राहुल गांधी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि कल उनकी माता सोनिया गांधी अस्पताल में भर्ती हुईं थीं, इसलिए उन्हें उनके पास ही रुकना पड़ा। एलडीएफ-केंद्र सरकार के बीच मिलीभगत पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि देशभर में विपक्षी नेताओं के खिलाफ मामले दर्ज किए जाते हैं। उनके खिलाफ भी लगभग 40 मामले हैं। ईडी ने उनसे लगातार पांच दिनों तक पूछताछ की। लेकिन केंद्र सरकार केरलम के मुख्यमंत्री पर हमला क्यों नहीं करती और मुख्यमंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों को आगे क्यों नहीं बढ़ा रही है। उन्होंने इसे केंद्र सरकार और एलडीएफ के बीच मिलीभगत का सबसे बड़ा सबूत बताया। </p>
<p>उन्होंने बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर हर वर्ष दो करोड़ नौकरियों का वादा किया था। उसी तर्ज पर केरलम के मुख्यमंत्री ने राज्य में 40 लाख नौकरियों का वादा किया था। लेकिन उन्होंने एक दशक में नौकरियां नहीं दी; बल्कि नौकरियां ही खत्म कर दीं। उन्होंने कहा कि राज्य में हर तीन में से एक युवा बेरोजगार है और ऐसे हालात में एलडीएफ शासन में पिछले दरवाजे से नियुक्तियां हो रही हैं। उन्होंने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और बढ़ती नशाखोरी का मुद्दा भी उठाया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 12:41:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>केरल चुनाव 2026:  कांग्रेस की सक्रियता बढ़ी; राहुल गांधी संभाल रहे कमान, सिर्फ 9 महिलाओं को ही टिकट दिया</title>
                                    <description><![CDATA[केरल विधानसभा चुनाव में राहुल गांधी ने यूडीएफ (UDF) के लिए मोर्चा संभाल लिया है। हालांकि, 92 में से केवल 9 महिलाओं को टिकट मिलने पर प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने नाराजगी जताई है। राहुल गांधी ने उम्मीदवारों के चयन में सर्वे रेटिंग और जातीय समीकरण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं, जबकि कई दिग्गज नेता टिकट न मिलने से बगावती तेवर अपना रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/the-challenge-for-rahul-gandhi-in-kerala-is-more-internal/article-147915"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/rahul.png" alt=""></a><br /><p>तिरूवंतपुरम। केरल विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस नेतृत्व की तत्परता में गंभीरता की भी झलक मिलती है। विधानसभा के लिए चुनाव तो पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केंद्र शासित प्रदेश पुड्डुचेरी में भी हो रहे हैं, लेकिन कांग्रेस का ज्यादा जोर केरल में ही नजर आ रहा है। राहुल गांधी खुद केरल चुनाव कैंपेन की शुरूआत करने जा रहे हैं। केरल के कोझिकोड बीच ग्राउंड पर राहुल गांधी कांग्रेस की रैली भी करेंगे। राहुल गांधी पिछली बार भी सबसे ज्यादा केरल में भी एक्टिव देखे गए थे। केरल के लोगों से कनेक्ट होने के चक्कर में राहुल गांधी ने उत्तर भारतीयों की राजनीतिक समझ पर ऐसी टिप्पणी कर डाली थी कि बवाल मच गया था। </p>
<p>हाल ही में, राहुल गांधी ने सोशल साइट पर लिखा था, यूडीएफ की टीम ही केरल की टीम है। केरल जीतेगा, यूडीएफ नेतृत्व करेगा। केरल के साथ अपना लगाव जताते हुए राहुल गांधी ने लिखा, मेरे लिए केरल मेरा घर है, और यहां के लोग मेरा परिवार हैं, लोगों ने मुझे जो सिखाया है, और जो प्यार और अपनापन दिया है, उसके लिए मैं उनका ऋणी हूं, मैं हमेशा आपके साथ खड़ा रहूंगा। और फिर दावा करते हैं, केरल से जो संदेश मिल रहा है, वह बिल्कुल साफ है, लोग बदलाव चाहते हैं। वे ऐसी सरकार चाहते हैं जो उनकी बात सुने, उन्हें समझे और ईमानदारी से काम करे। 2019 में राहुल गांधी केरल के वायनाड से ही संसद पहुंचे थे, चुनाव तो 2024 में भी जीते थे, लेकिन रायबरेली के लिए छोड़ दिए। अब उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा वायनाड का प्रतिनिधित्व करती हैं, लेकिन विधानसभा चुनाव में उनको असम भेज दिया गया है-और केरल की कमान राहुल गांधी स्वयं संभाल रहे हैं। साथ में, उनके सबसे भरोसेमंद कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल तो मोर्चे पर डटे <br />हुए हैं ही।</p>
<p><strong>केरल कांग्रेस की गुटबाजी और नेताओं की नाराजगी</strong></p>
<p>केरल में विपक्षी गठबंधन यूडीएफ की अगुवाई कर रही कांग्रेस 92 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ रही है। बाकी सहयोगी दलों के लिए हिस्से में गई हैं। केरल में विधानसभा की 140 सीटें हैं।  2021 के चुनाव में कांग्रेस 93 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस के 21 विधायक चुनकर आए थे। राहुल गांधी के टिकट बंटवारे को लेकर नाराजगी जाहिर करने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हाल ही में विशेष बैठक बुलाई थी। बैठक रात 10:30 बजे शुरू होकर आधी रात के बाद 2:30 बजे तक चली। देर रात तक चलने वाली कांग्रेस की यह हाई लेवल बैठक अक्सर होती, ऐसा नहीं देखा गया है। </p>
<p>मैराथन बैठक के बाद भी कांग्रेस नेताओं की नाराजगी ही सामने आई। कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने उम्मीदवारों की लिस्ट में महिलाओं के प्रतिनिधित्व पर सवाल भी उठाए। शमा मोहम्मद का कहना था कि 92 में से सिर्फ 9 महिलाओं को ही टिकट दिया गया। वैसे 2021 में भी करीब-करीब ऐसा ही देखने को मिला था। तब 93 उम्मीदवारों में 10 महिलाओं को टिकट मिला था। कांग्रेस नेता के. सुधाकरन ने कन्नूर से चुनाव लड़ने की मांग की थी, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला। बताते हैं कि शमा मोहम्मद भी कन्नूर से टिकट की चाहती थीं। पर राहुल गांधी को टैग करते हुए शमा मोहम्मद ने लिखा, इनकार हुआ है, लेकिन हौसला नहीं टूटा है, मैं अपने नेता राहुल गांधी जी से, जिनका मैं आदर और सम्मान करती हूं, विनम्र अपील करती हूं कि वे केरल में कांग्रेस की महिला कार्यकतार्ओं की मदद करें। 92 में से सिर्फ 9 टिकट ही महिलाओं को दिए गए, 2024 के लोकसभा चुनाव में 16 टिकटों में से केवल 1 महिला को मौका मिला, अगर कोई महिला प्रतिभाशाली भी हो, तो उसकी स्थिति और भी मुश्किल हो जाती है। यह बेहद दुखद है।</p>
<p><strong>केरल यूनिट की तरफ से बांटे गए टिकटों पर असंतोष जताया</strong></p>
<p>कांग्रेस नेता के. सुधाकरन ने तो टिकट नहीं मिलने पर कांग्रेस छोड़कर निर्दलीय चुनाव लड़ने की धमकी तक दे डाली है। कांग्रेस ने कन्नूर से टी ओ मोहनन को टिकट दिया है। असल में, रिपोर्ट के अनुसार, राहुल गांधी ने केरल यूनिट की तरफ से बांटे गए टिकटों पर असंतोष जताया था। राहुल गांधी का कहना था कि सिर्फ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की तरफ से नॉमिनेट किए गए नेताओं को ही टिकट न दे दिए जाएं, बल्कि उम्मीदवारों की सूची में जातीय समीकरण, चुनावी ट्रैक रिकॉर्ड, सर्वे रेटिंग और जिला कांग्रेस कमिटियों के फीडबैक को भी शुमार किया जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 09:46:08 +0530</pubDate>
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                <title>केरल विधानसभा चुनाव 2026: हिंदू विधायक वाले बयान के बाद भाजपा उम्मीदवार पर एफआईआर</title>
                                    <description><![CDATA[केरल की गुरुवायूर सीट से भाजपा प्रत्याशी बी. गोपालकृष्णन के 'हिंदू विधायक' वाले बयान पर एफआईआर दर्ज होने के बाद विवाद गहरा गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने उनका बचाव करते हुए मंदिर के मुद्दों को उठाया। वहीं, कांग्रेस ने चंद्रशेखर पर चुनावी हलफनामे में ₹200 करोड़ की संपत्ति छिपाने का आरोप लगाते हुए उनकी उम्मीदवारी रद्द करने की मांग की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/kerala-assembly-elections-2026-fir-against-bjp-candidate-after-hindu/article-147783"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(4)25.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केरल विधानसभा चुनाव 2026 की सरगर्मियों के बीच गुरुवायूर सीट से भाजपा प्रत्याशी बी. गोपालकृष्णन के हिंदू विधायक वाले बयान ने बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। पुलिस द्वारा मामला दर्ज करने के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर उनके बचाव में उतर आए हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि गोपालकृष्णन ने किसी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी नहीं की। उन्होंने सिर्फ यह पूछा कि गुरुवायूर जैसे क्षेत्र में एक हिंदू विधायक की जरूरत है या नहीं।</p>
<p>ऐसे सवाल उठाना गलत नहीं: चंद्रशेखर ने आगे कहा कि सबरीमाला में सोने के नुकसान और गुरुवायूर मंदिर से पैसे गायब होने की खबरों के बाद भक्तों की समस्याएं सामने आई हैं। ऐसे में यह सवाल उठाना गलत नहीं है। उन्होंने दावा किया कि गुरुवायूर ने पिछले पांच दशकों से किसी हिंदू विधायक को नहीं चुना। भाजपा प्रत्याशी बी. गोपालकृष्णन के बचाव में आए चंद्रशेखर खुद भी अपनी संपत्ति छिपाने के आरोपों और कांग्रेस की उम्मीदवारी रद्द करने की मांग का सामना कर रहे हैं। चंद्रशेखर ने चुनावी हलफनामे में 93 करोड़ रु. से अधिक की संपत्ति बताई है। जबकि कांग्रेस का आरोप है कि राजीव चंद्रशेखर ने हलफनामे में 200 करोड़ की संपत्ति छिपाई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Mar 2026 11:29:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>केरल विधानसभा चुनाव : 140 सीटों के लिए 9 अप्रैल को मतदान; बदल सकते हैं सियासी समीकरण, चंद्रशेखर-विजयन और सतीशन में होगा मुकाबला</title>
                                    <description><![CDATA[केरल की 140 सीटों पर 9 अप्रैल को मतदान होगा। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन जहां जीत की हैट्रिक लगाकर इतिहास रचना चाहते हैं, वहीं वी.डी. सतीशन के नेतृत्व में कांग्रेस और राजीव चंद्रशेखर के साथ भाजपा ने घेराबंदी तेज कर दी है। क्या एलडीएफ अपना किला बचा पाएगी या सत्ता का समीकरण फिर बदलेगा?]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/kerala-assembly-elections-voting-for-140-seats-can-change-on/article-147004"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/kerala-election-2026.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केरल में हर बार सत्ता का समीकरण बदलता है, लेकिन पिछले चुनाव में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) ने पारंपरिक प्रवृत्ति को तोड़ दिया और पिनाराई विजयन ने लगातार दूसरी बार केरल के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। भारत निर्वाचन आयोग ने बीते दिन रविवार को केरल विधानसभा चुनाव 2026 की तारीख का ऐलान कर दिया है। केरल में 140 सीटों के लिए 9 अप्रैल को मतदान होगा।</p>
<p><strong>केरल में किसकी बनेगी सत्ता?</strong></p>
<p>केरल में इस बार के विधानसभा चुनाव पर हर किसी की निगाहें टिकी हैं। इस बार के चुनाव में सीएम पिनाराई विजयन जीत की हैट्रिक लगा सकते हैं। भारतीय जनता पार्टी केरल विधानसभा चुनाव में कमल खिलाना चाहेगी। वहीं वी डी सतीशन की अगुवाई में कांग्रेस मजबूती के साथ चुनाव लड़ने वाली है।</p>
<p><strong>पिनाराई विजयन लगाएंगे जीत की हैट्रिक?</strong></p>
<p>केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन 81 वर्ष की उम्र में भी केरल में सबसे ताकतवर व्यक्ति बने हुए हैं। पिनाराई विजयन की छवि राजनीतिक लड़ाइयों में एक लड़ाके के तौर पर रही है। सीएम विजयन ने लंबे समय से एक ऐसे फैसले लेने वाले एडमिनिस्ट्रेटर की छवि बनाई है जो राजनीतिक लड़ाई में कामयाब साबित होता रहा है। विजयन की लीडरशिप में, एलडीएफ ने 2021 में सरकार बनाकर इतिहास रच दिया था। यह एक ऐसी कामयाबी थी, जिसने केरल में बारी-बारी से सरकार बदलने के लंबे समय से चले आ रहे पैटर्न को तोड़ दिया। कन्नूर से आने वाले विजयन 1980 के दशक में सीपीएम में तेजी से आगे बढ़े। </p>
<p>शुरूआत में उनकी मदद कम्युनिस्ट वी एस अच्युतानंदन ने की, हालांकि बाद में दोनों एक लंबे आइडियोलॉजिकल और पॉलिटिकल टकराव में कट्टर दुश्मन बन गए। सीएम विजयन को डेवलपमेंट और प्रैक्टिकल काम करने वाले के तौर पर देखा जाता है। विजयन को कई बार विवादों का भी सामना करना पड़ा है, जिसमें लंबे समय से चल रहा एसएनसी लवलिन केस भी शामिल है। यह एक ऐसा मामला है जो उनके शानदार पॉलिटिकल करियर पर छाया बना हुआ है।</p>
<p><strong>वी डी सतीशन खोलेंगे कांग्रेस की किस्मत?</strong></p>
<p>कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट की नजरें केरल विधानसभा चुनाव पर टिकी हैं। वी डी सतीशन विपक्ष के नेता हैं और सत्ताधारी एलडीएफ के खिलाफ पार्टी की सबसे मजबूत आवाज भी हैं। सतीशन ने 2001 में असेंबली में आने से पहले कांग्रेस के युवा और ऑगेर्नाइजेशनल रैंक से अपनी पॉलिटिकल यात्रा शुरू की। वी डी सतीशन दो दशकों में राज्य के सबसे साफ बोलने वाले विधायकों में से एक के तौर पर अपनी पहचान बनाई है। उनके भाषणों में पब्लिक फाइनेंस और गवर्नेंस से लेकर एनवायरनमेंटल पॉलिसी और इंस्टीट्यूशनल अकाउंटेबिलिटी जैसे मुद्दों पर बात होती है। सतीशन ने कांग्रेस के जमीनी नेटवर्क को मजबूत करने पर भी ध्यान दिया है।</p>
<p>साथ ही पार्टी के अंदर लंबे समय से चली आ रही गुटबाजी को संभालने की कोशिश भी की है। विपक्ष के नेता का पद संभालने के बाद से, सतीशन ने खुद को एलडीएफ सरकार का सबसे लगातार आलोचक बना लिया है। अब उनके सामने सबसे बड़ा टेस्ट है, विपक्ष की लड़ाकू राजनीति को जमी हुई लेफ्ट सरकार के खिलाफ एक मजबूत चुनावी चुनौती में बदलना।</p>
<p><strong>राजीव चंद्रशेखर ने बढ़ाई बीजेपी की उम्मीदें</strong></p>
<p>केरल में बीजेपी का चेहरा होने के नाते राजीव चंद्रशेखर ने राज्य में एलडीएफ और यूडीएफ के बीच मजबूत बाइपोलर मुकाबले के लिए पार्टी को एक भरोसेमंद विकल्प के तौर पर खड़ा करने का मुश्किल काम किया है। चंद्रशेखर की चुनौती अपने चुनाव क्षेत्र में चुनावी लड़ाई जीतने से कहीं ज्यादा है। पिछले लोकसभा चुनावों में एनडीए ने बेहतर प्रदर्शन किया था। बीजेपी लीडरशिप को उम्मीद है कि इस बार के विधानसभा चुनावों में भी पार्टी मजबूत प्रदर्शन करेगी। चंद्रशेखर का शुरूआती पॉलिटिकल करियर ज्यादातर राज्य के बाहर ही रहा। बीजेपी में उन्होंने राष्ट्रीय प्रवक्ता और केरल के जाने-माने स्ट्रेटजिस्ट के तौर पर काम किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 11:32:01 +0530</pubDate>
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